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केदारनाथ धाम यात्रा 2026 – प्रभारी मंत्री गणेश जोशी ने की तैयारियों की समीक्षा

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केदारनाथ धाम यात्रा 2026 – प्रभारी मंत्री गणेश जोशी ने की तैयारियों की समीक्षा

प्रभारी मंत्री के सख्त निर्देश—यात्रा सुरक्षा व व्यवस्थाओं में लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई

सड़क, स्वास्थ्य, सुरक्षा व स्वच्छता व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा, समन्वय से सफल होगी यात्रा

रुद्रप्रयाग। प्रदेश के कृषि एवं जनपद रुद्रप्रयाग प्रभारी के मंत्री गणेश जोशी रुद्रप्रयाग पहुंचकर आगामी चार धाम यात्रा के दृष्टिगत 22 अप्रैल से प्रारंभ होने जा रही केदारनाथ धाम यात्रा की तैयारियों की समीक्षा बैठक की। प्रभारी मंत्री गणेश जोशी ने जिला कार्यालय सभागार में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि 20 अप्रैल तक सभी कार्य पूर्ण कर लिए जाएं।

बैठक में विभिन्न विभागों ने अपनी तैयारियों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। प्रभारी मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें। प्रभारी मंत्री गणेश जोशी ने यात्रा मार्ग पर भूस्खलन एवं भू-धंसाव संभावित क्षेत्रों में चल रहे कार्यों की समीक्षा की। नरकोटा, जवाड़ी बाईपास, तिलवाड़ा, गंगानगर, चंद्रापुरी, सौड़ी, बांसवाड़ा, काकड़ागाड़, गुप्तकाशी, गंगाधाम, खुमेरा, देवीदार, व्योगाड़, डोलियादेवी, तरसाली, रामपुर एवं मुनकटिया आदि क्षेत्रों में कार्य प्रगति की जानकारी ली गई, उन्होंने समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि पैचवर्क, डामरीकरण, क्रैश बैरियर, रोड मार्किंग और साइनेज जैसे कार्य जल्द पूरे किए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि कार्य में लापरवाही करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने गौरीकुंड से केदारनाथ तक पैदल मार्ग पर पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, रैन शेल्टर, नेटवर्क कनेक्टिविटी और इमरजेंसी सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा की गई। घोड़ा-खच्चर संचालन के लिए पंजीकरण, बीमा और पशु चिकित्सा सुविधाओं की भी जानकारी ली गई। स्वास्थ्य विभाग ने केदारनाथ अस्पताल, डॉक्टरों की तैनाती और एक्स-रे, ईसीजी जैसी सुविधाओं की उपलब्धता से अवगत कराया।

प्रभारी मंत्री गणेश जोशी ने यात्रा मार्ग पर स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश देते हुए शौचालयों की उपलब्धता, कूड़ा प्रबंधन और पर्यावरण मित्रों की तैनाती आदि की जानकारी ली। महिला शौचालयों में सेनेटरी पैड डिस्पोजल, चेंजिंग रूम और जल टंकियों की नियमित सफाई पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ चालान की कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए। बैठक में पार्किंग, पेयजल, बिजली, सोलर लाइट, संचार व्यवस्था, आपदा प्रबंधन, होटल किराया नियंत्रण और एलपीजी आपूर्ति जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई। संवेदनशील क्षेत्रों में अनिवार्य रूप से साइनेज लगाने के निर्देश दिए गए।

इस दौरान जनपद प्रभारी मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि इस वर्ष केदारनाथ धाम यात्रा के लिए 4.50 लाख से अधिक श्रद्धालु अपना पंजीकरण करा चुके हैं। उन्होंने देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को सुगम और सुखद यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए स्थानीय लोगों, प्रशासन एवं पुलिस को ‘अतिथि देवो भव’ की भावना से व्यवहार करने के निर्देश दिए, ताकि यात्री यहां से एक अच्छी छवि लेकर लौटें। उन्होंने बताया कि यात्रा को व्यवस्थित और सुगम बनाने के लिए सभी अधिकारी एवं कर्मचारी दिन-रात कार्य कर रहे हैं और आगामी 20 अप्रैल तक सभी व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली जाएंगी। साथ ही उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी सराहनीय कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को सरकार द्वारा सम्मानित किया जाएगा, जिससे उनका मनोबल बढ़ेगा। प्रभारी मंत्री गणेश जोशी ने उम्मीद जताई कि इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ सकती है। उन्होंने होटल संचालकों, घोड़ा-खच्चर संचालकों एवं ढाबा संचालकों से अपील की कि श्रद्धालुओं को निर्धारित दरों पर ही सेवाएं और उत्पाद उपलब्ध कराएं। इसके अतिरिक्त उन्होंने निर्देश दिए कि यात्रा के लिए तैयार किया जा रहा समस्त इंफ्रास्ट्रक्चर, जैसे सड़कें आदि, केवल यात्रा अवधि तक ही नहीं बल्कि दीर्घकाल तक सुचारू रूप से उपयोगी बने रहें, इस दृष्टि से कार्य किया जाए।

पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग नीहारिका तोमर ने बताया कि यात्रा क्षेत्र को 3 सुपर जोन, 17 जोन और 47 सेक्टर में विभाजित किया गया है, जबकि ट्रैफिक प्रबंधन के लिए 2 सुपर जोन और 4 ट्रैफिक जोन बनाए गए हैं। आपात स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ की 8 और फायर सर्विस की 7 टीमें तैनात रहेंगी। इसके अलावा एनडीआरएफ, सीएपीएफ, बम निरोधक दस्ता और एंटी टेरर स्क्वॉड भी सक्रिय रहेंगे।

बैठक में विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल, प्रमुख अगस्त्यमुनि भुवनेश्वरी देवी, प्रमुख ऊखीमठ पंकज शुक्ला, बीकेटीसी उपाध्यक्ष विजय कप्रवान, जिला पंचायत सदस्य गंभीर सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट, जिलाधिकारी विशाल मिश्रा, पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, उपजिलाधिकारी रुद्रप्रयाग सोहन सिंह सैनी, उपजिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल रावत, सीएमओ डॉ. राम प्रकाश सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


पीएम के उत्तराखंड दौरे से पहले शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने लिया कार्यक्रम स्थल का जायजा

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ एवं शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उत्तराखण्ड दौरे की तैयारियों को लेकर कार्यक्रम स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया।

मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक ने डाट काली मंदिर से महिंद्रा ग्राउंड, गढ़ी कैंट तक तैयारियों को परखा। मुख्य सचिव ने सुरक्षा व्यवस्था चाकचौबंद किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने शहर की यातायात व्यवस्था को पीएम दौरे के दौरान सुचारू रूप से संचालित किए जाने हेतु ठोस कार्ययोजना तैयार किए जाने की बात कही।

मीडिया से अनौपचारिक वार्ता के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे के बनने से एक ओर दिल्ली – एनसीआर से देहरादून पहुँचने का समय कम होगा। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, चारधाम यात्रा के लिए कनेक्टिविटी में सुधार होगा, वहीं दूसरी ओर इससे आर्थिक गतिविधियों को भी बूस्ट मिलेगा।

इस अवसर पर मुख्य सचिव डाट काली मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की।

इस अवसर पर सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र सिंह डोभाल एवं नगर आयुक्त श्रीमती नमामी बंसल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


युवा केवल देश का भविष्य ही नहीं, बल्कि वर्तमान भी है- मुख्यमंत्री धामी

डीएवी पीजी कॉलेज छात्र संघ समारोह

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जैसे संगठनों से जुड़कर युवाओं में राष्ट्र सेवा, चरित्र निर्माण और सामाजिक चेतना का विकास होता है- मुख्यमंत्री

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को डीएवी पीजी कॉलेज में आयोजित छात्रसंघ समारोह में युवाओं को राष्ट्र निर्माण की मुख्य शक्ति बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा केवल देश का भविष्य ही नहीं, बल्कि वर्तमान भी हैं। उनकी ऊर्जा, संकल्प और नवाचार की सोच ही भारत के विकास की दिशा निर्धारित करती है। उन्होंने छात्र राजनीति को नेतृत्व विकास, संगठन क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व के निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जैसे संगठनों से जुड़कर युवाओं में राष्ट्र सेवा, चरित्र निर्माण और सामाजिक चेतना का विकास होता है। उन्होंने कहा कि परिषद के कार्यकर्ता, शिक्षा संस्थानों से लेकर देश की सीमाओं तक राष्ट्रहित में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने महान समाज सुधारक स्वामी दयानंद सरस्वती के आदर्शों का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और राष्ट्र निर्माण करना भी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में युवाओं को केंद्र में रखकर अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनमें ‘मेक इन इंडिया’, डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और स्किल इंडिया जैसी पहलें शामिल हैं, जिन्होंने युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। नई शिक्षा नीति के तहत उच्च शिक्षण संस्थानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, जैसे आधुनिक पाठ्यक्रमों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। साथ ही, साइंस सिटी और एस्ट्रो पार्क जैसे परियोजनाओं के माध्यम से वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आधारभूत संरचना को सुदृढ़ किया जा रहा है। 9 नए महाविद्यालयों की स्थापना, 20 मॉडल कॉलेजों का निर्माण, महिला छात्रावास, आईटी लैब एवं परीक्षा भवनों का निर्माण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए नई भर्तियां भी की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के हितों की रक्षा के लिए राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में 30 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्राप्त हुई हैं।

मुख्यमंत्री ने डीएवी पीजी कॉलेज के अटल बिहारी वाजपेयी स्मृति शैक्षणिक ब्लॉक की छत पर दो अतिरिक्त तल (प्रथम एवं द्वितीय) के निर्माण की घोषणा भी की।

इस अवसर पर प्राचार्य डी.ए.वी पीजी कॉलेज प्रो. कौशल कुमार, छात्र संघ अध्यक्ष ऋषभ मल्होत्रा, महामंत्री करन नेगी एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण मौजूद थे।


पत्रकारों की समस्याओं के समाधान को सरकार प्रतिबद्ध- आशीष त्रिपाठी

हल्द्वानी। सूचना एवं लोक संपर्क विभाग के अपर निदेशक आशीष कुमार त्रिपाठी ने कहा कि प्रदेश सरकार और विभाग पत्रकारों की हर समस्या के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पत्रकारों के हित सर्वोच्च प्राथमिकता में हैं और उनकी समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए विभाग गंभीरता से कार्य कर रहा है।

हल्द्वानी स्थित मीडिया सेंटर में आयोजित बैठक में अपर निदेशक ने मीडिया कर्मियों से संवाद कर उनकी समस्याओं को विस्तार से सुना। उन्होंने कहा कि मान्यता नवीनीकरण में आ रही दिक्कतों को विभाग ने गंभीरता से लिया है और इसके समाधान की दिशा में कार्य किया जा रहा है। वहीं, मृतक आश्रित परिवारों को आर्थिक सहायता से जुड़े सभी प्रकरणों का निस्तारण किया जा चुका है।

उन्होंने यह भी बताया कि यदि किसी पत्रकार को पत्रकार कल्याण कोष से सहायता प्राप्त नहीं हो पा रही है, तो ऐसे मामलों में मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से सहायता दिलाने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए संबंधित पत्रकार को जिला सूचना अधिकारी के माध्यम से नियमानुसार प्रस्ताव प्रस्तुत करना होगा।

अपर निदेशक ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार पत्रकारों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इसी क्रम में आयोजित इस बैठक में पत्रकारों द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों का शीघ्र समाधान विभागीय एवं शासन स्तर पर किया जाएगा।

बैठक के दौरान पत्रकारों ने चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार, पत्रकार मान्यता प्रक्रिया में स्थिरता, मान्यता प्राप्त पत्रकारों को कम ब्याज दर पर ऋण सुविधा, राज्य अतिथि गृहों में तत्काल आरक्षण व्यवस्था, पत्रकारों के बच्चों को उच्च शिक्षा में आरक्षण, पूर्व में लागू रेलवे आरक्षण की पुनः बहाली, टोल प्लाजा में छूट तथा जिला पत्रकार स्थायी समिति में सभी क्षेत्रों के प्रतिनिधित्व जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे प्रमुखता से उठाए।

अपर निदेशक आशीष त्रिपाठी ने आश्वासन दिया कि सूचना विभाग से संबंधित समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाएगा, जबकि अन्य विभागों से जुड़े मामलों के निस्तारण के लिए संबंधित विभागों से पत्राचार किया जाएगा।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि मुख्यमंत्री की घोषणा के क्रम में कुमाऊं द्वार, हल्द्वानी में आधुनिक मीडिया सेंटर की स्थापना का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है और शीघ्र ही इसका निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा।

बैठक का संचालन जिला सूचना अधिकारी गिरिजा शंकर जोशी ने किया। इस अवसर पर सूचना अधिकारी अहमद नदीम सहित बड़ी संख्या में पत्रकार एवं सूचना विभाग के कार्मिक उपस्थित रहे।


बैसाखी स्नान पर्व पर हरिद्वार में सख्त ट्रैफिक प्लान लागू, 12 अप्रैल रात से भारी वाहनों पर रोक

बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों के लिए विशेष रूट और पार्किंग व्यवस्था लागू

हरिद्वार।  बैसाखी स्नान पर्व और सद्भावना सम्मेलन के मद्देनज़र हरिद्वार में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन ने व्यापक तैयारियां कर ली हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए 13 से 15 अप्रैल तक विशेष ट्रैफिक प्लान लागू रहेगा, जिसमें शहर में वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए कई अहम बदलाव किए गए हैं। अधिकारियों ने साफ किया है कि व्यवस्था बनाए रखने के लिए नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।

यातायात व्यवस्था में बड़े बदलाव
पर्व के दौरान शहर में ट्रैफिक दबाव को देखते हुए 12 अप्रैल की मध्यरात्रि से ही भारी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी जाएगी। जरूरत पड़ने पर इन वाहनों को शहर की सीमाओं पर ही रोक दिया जाएगा। अलग-अलग मार्गों पर वाहनों को डायवर्ट कर निर्धारित पार्किंग स्थलों तक पहुंचाया जाएगा, ताकि मुख्य स्नान घाटों और शहर के प्रमुख मार्गों पर जाम की स्थिति न बने।

नगलाइमरती से आने वाले वाहनों को बैरागी कैंप पार्किंग में रोका जाएगा, जबकि चीला मार्ग को केवल निकासी के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। गुरुकुल कांगड़ी क्षेत्र से आने वाले वाहनों को सर्विस लेन के जरिए शंकराचार्य चौक की ओर भेजा जाएगा। टोल प्लाजा पर दबाव बढ़ने की स्थिति में नहर पटरी मार्ग से ट्रैफिक को बाहर निकाला जाएगा।

बाहरी राज्यों के वाहनों के लिए विशेष योजना
दिल्ली, मेरठ, मुजफ्फरनगर और पंजाब जैसे राज्यों से आने वाले वाहनों के लिए अलग रूट और पार्किंग व्यवस्था तय की गई है। इन वाहनों को अलकनंदा, दीनदयाल, पंतद्वीप और चमकादड़ टापू पार्किंग में भेजा जाएगा। यदि भीड़ अधिक बढ़ती है, तो वैकल्पिक रूट के जरिए वाहनों को बैरागी कैंप की ओर डायवर्ट किया जाएगा। साथ ही, जरूरत पड़ने पर कुछ वाहनों को सहारनपुर, भगवानपुर और मोहंड होते हुए देहरादून-ऋषिकेश की ओर भेजा जाएगा।

स्थानीय और छोटे वाहनों के लिए निर्देश
छोटे वाहनों को चिड़ियापुर, श्यामपुर और चंडीचौकी के रास्ते शहर में प्रवेश दिया जाएगा, जबकि बड़े वाहनों को डायवर्ट कर गौरीशंकर और नीलधारा पार्किंग में रोका जाएगा। देहरादून और ऋषिकेश से आने वाले वाहनों को नेपाली फार्म और रायवाला के रास्ते हरिद्वार लाया जाएगा।

ऑटो और विक्रम संचालन पर भी नियंत्रण
ऑटो और विक्रम वाहनों के संचालन पर भी विशेष पाबंदियां लगाई गई हैं। देहरादून-ऋषिकेश की ओर से आने वाले ये वाहन जयराम मोड़ तक ही सीमित रहेंगे और यहीं सवारियों को उतारना होगा। ज्वालापुर, रानीपुर और बीएचईएल क्षेत्रों के लिए अलग डायवर्जन प्लान लागू रहेगा। वहीं, ललतारा पुल से शिवमूर्ति तक सभी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद रहेगी।

प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित रूट और पार्किंग व्यवस्था का पालन करें, ताकि यात्रा सुगम और सुरक्षित बनी रहे।


मुख्यमंत्री धामी ने विभिन्न विधानसभाओं से संबंधित मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा की

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को नैनीताल एवं ऊधमसिंहनगर जनपद की विभिन्न विधानसभाओं से संबंधित मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाई गई समस्याओं को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए उनका त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायकगण अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को शासन तक पहुंचाते हैं, इसलिए उन पर गंभीरता से कार्यवाही करना शासन व प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देश दिए कि अल्पकालिक प्रकृति के कार्यों को शीघ्र पूर्ण किया जाए, जबकि दीर्घकालिक योजनाओं को निर्धारित समयसीमा के अंतर्गत चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। कार्यों की प्रगति में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि ऐसी योजनायें, जिनमें एक से अधिक विभागों की सहभागिता है, उनके प्रभावी क्रियान्वयन हेतु विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए। उन्होंने कहा कि इन कार्यों की मुख्य सचिव स्तर पर नियमित समीक्षा की जाए, ताकि परियोजनाओं में अनावश्यक विलंब न हो और समय पर उनका क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जन समस्याओं के समाधान हेतु अधिकारी विधायकगणों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखें। इससे न केवल समस्याओं की सही जानकारी प्राप्त होगी, बल्कि उनके समाधान में भी तेजी आएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर तालमेल से विकास कार्यों में गुणवत्ता और प्रगति दोनों सुनिश्चित हो सकेंगी। बैठक में मुख्यमंत्री ने आगामी वर्षाकाल को ध्यान में रखते हुए आवश्यक तैयारियों पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि बरसात से पूर्व सभी बरसाती नालों की सफाई, सिल्ट हटाने तथा जल निकासी से संबंधित अन्य आवश्यक कार्य समय रहते पूर्ण कर लिए जाएं, ताकि जलभराव और बाढ़ जैसी समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके। मुख्यमंत्री ने ग्रीष्मकाल में संभावित वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वनाग्नि की रोकथाम के लिए विभागों के बीच समन्वय के साथ-साथ जनजागरूकता पर भी ध्यान दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने पेयजल एवं विद्युत आपूर्ति को लेकर भी अधिकारियों को निर्देश दिए कि गर्मी के मौसम में किसी भी प्रकार की कठिनाई न हो इसका ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में निर्बाध जल और बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

बैठक के दौरान विधायकगणों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित विभिन्न समस्याएं रखी गईं, जिनमें सड़क निर्माण एवं मरम्मत, स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण, मिनी खेल मैदानों का निर्माण, जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा, बाढ़ सुरक्षा कार्य, जलभराव की समस्या सहित अन्य स्थानीय मुद्दे शामिल थे। मुख्यमंत्री ने इन सभी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक समस्या का समयबद्ध एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी विभाग उत्तरदायित्व के साथ कार्य करें।

बैठक में कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, राम सिंह कैड़ा, बंशीधर भगत, दीवान सिंह बिष्ट, त्रिलोक सिंह चीमा, शिव अरोड़ा, श्रीमती सरिता आर्य, डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिवगण, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, वर्चुअल माध्यम से कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत एवं संबंधित जिलाधिकारी उपस्थित थे।


स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने ‘आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन’ को बताया डिजिटल हेल्थ क्रांति का आधार

देहरादून। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन उत्तराखंड द्वारा आयोजित ABDM-Uttarakhand कार्यशाला में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल बतौर मुख्य अतिथि सम्मिलित हुए और कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त किए।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा “नए भारत की नई उड़ान” के तहत शुरू किया गया ‘आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन’ आज देश में डिजिटल हेल्थ क्रांति का आधार बन चुका है। यह मिशन स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

उन्होंने कहा कि देशभर में ABDM के अंतर्गत अब तक 50 करोड़ से अधिक आभा आईडी बनाई जा चुकी हैं तथा लाखों स्वास्थ्य रिकॉर्ड डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़े जा चुके हैं। कर्नाटक, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश और गुजरात जैसे राज्य इस मिशन के सफल क्रियान्वयन में अग्रणी हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में भी इस दिशा में तेजी से प्रगति हो रही है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) एवं ABDM डैशबोर्ड के अनुसार राज्य में लाखों नागरिकों की आभा आईडी बनाई जा चुकी है तथा बड़ी संख्या में सरकारी एवं निजी स्वास्थ्य संस्थान डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़े जा चुके हैं। विशेष रूप से पर्वतीय एवं दुर्गम क्षेत्रों में टेलीमेडिसिन सेवाओं के माध्यम से मरीजों को घर बैठे विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श मिल रहा है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

उन्होंने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन से जुड़कर अपनी आभा आईडी अवश्य बनाएं और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को अपनाएं। इसके माध्यम से नागरिक अपनी स्वास्थ्य जानकारी को सुरक्षित रूप से संग्रहीत कर सकते हैं, ऑनलाइन परामर्श प्राप्त कर सकते हैं तथा देशभर के अस्पतालों और चिकित्सकों से कहीं भी, कभी भी जुड़ सकते हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह पहल उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य के लिए विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध हो रही है, जहाँ अब दूरी और संसाधनों की सीमाएं स्वास्थ्य सेवाओं में बाधा नहीं बनेंगी। डिजिटल माध्यम से स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यापक पहुँच सुनिश्चित करते हुए यह मिशन एक सशक्त, समावेशी एवं आधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जो “विकसित भारत” के संकल्प को नई गति प्रदान करता है।


शिक्षा सभी के लिए जरूरी है, लेकिन बेटियों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिए- रेखा आर्या

पीएम श्री शहीद कैप्टन बहादुर कैड़ा अटल उत्कर्ष गवर्नमेंट इंटर कॉलेज में आयोजित वार्षिकोत्सव में शामिल हुईं कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या, छात्र-छात्राओं को किया प्रेरित

सलौज/अल्मोड़ा। अल्मोड़ा के सलौंज स्थित पीएम श्री शहीद कैप्टन बहादुर कैड़ा अटल उत्कर्ष गवर्नमेंट इंटर कॉलेज में आयोजित वार्षिकोत्सव एवं पुरातन छात्र सम्मेलन कार्यक्रम में प्रदेश की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें दर्शकों ने सराहा।

इस मौके पर मंत्री ने कहा कि शिक्षा सभी के लिए जरूरी है, लेकिन बेटियों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि विद्यालय से शिक्षित होकर निकलने के बाद समाज सेवा का भाव बनाए रखें।

उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में सरकार ने नारी शक्ति वंदन बिल पारित कर महत्वपूर्ण कदम उठाया है और इसे लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।

कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने विद्यालय में 10,000 लीटर क्षमता के पेयजल टैंक निर्माण के लिए ₹3 लाख और 100 कुर्सियों व अन्य फर्नीचर के लिए ₹2 लाख विधायक निधि से देने की घोषणा की।

इस अवसर पर सुंदर सिंह राणा, राजेंद्र कैड़ा, भुवन जोशी, कृष्णा भंडारी, सुनील कुमार, कृष्ण कुमार, भीमराम, उमा वर्मा, हेमा पांडे, कमल कैड़ा, अनिल राणा, विवेक, हिमांशु मैनाली, खड़क सिंह नेगी, दिलीप रौतेला, मोहन सिंह, बहादुर सिंह बिष्ट, पंकज बजेली, वंदना आर्या सहित अन्य लोग मौजूद रहे।


मुख्यमंत्री धामी ने वरिष्ठ पत्रकार भास्कर पोखरियाल के निधन पर जताया शोक

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वरिष्ठ पत्रकार भास्कर पोखरियाल के निधन पर शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय पोखरियाल का सरल स्वभाव और पत्रकारिता के प्रति समर्पण सदैव स्मरणीय रहेगा।

मुख्यमंत्री व पूर्व सीएम निशंक ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिजनों को यह असीम दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है।

महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी ने भी वरिष्ठ पत्रकार भास्कर पोखरियाल के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की है।


मुख्यमंत्री धामी ने किया श्रमिक सेवा मोबाइल एप का लोकार्पण

पलायन रोकने के लिए श्रमिकों को मिले कौशल प्रशिक्षण

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा विकसित श्रमिक सेवा मोबाइल एप का लोकापर्ण करने के साथ ही 8005 श्रमिकों के खाते में 17 करोड़ से अधिक राशि का डीबीटी के माध्यम से हस्तातंरण किया।

मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बोर्ड को अधिक से अधिक श्रमिकों तक पहुंचने के निर्देश दिए। उन्होने कहा कि, अनुदान वितरण में पारदर्शिता बरते जाने के क्रम में ऑफलाईन अनुदान वितरण बन्द कर ऑनलाईन निस्तारण एवं डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के खातों में धनराशि का हस्तांतरण किया जा रहा है। इस प्रक्रिया के जरिए अब तक 11828 लाभार्थियों को कुल 29.89 करोड़ की धनराशि वितरित की जा चुकी है। आज 8005 लाभार्थियों को कुल 17.25 करोड़ की धनराशि वितरित की जा रही है। इस प्रकार विगत 06 माह में अब तक कुल 19833 लाभार्थियों को 47.14 करोड़ की धनराशि वितरित की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री ने बोर्ड के अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रमिकों एवं उनके आश्रितों के कौशल प्रशिक्षण पर ध्यान दिया जाए, खासकर पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन रोकने के लिए स्थानीय श्रमिकों को पलम्बर, इलैक्ट्रिशियन, मिस्त्री, कारपेन्टर आदि क्षेत्रों में कौशल प्रदान किया जाए। इसी तरह योगा एंव वेलनेस में रोजगार की सम्भावना को देखते हुए आगामी सत्र में श्रमिकों के बच्चों को योग एवं वेलनेस में निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बोर्ड निर्माण श्रमिकों एवं उनके आश्रितों को कौशल प्रशिक्षण उपरान्त विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए भी प्रयास करे। इसके लिए विदेश मंत्रालय भारत सरकार में पंजीकृत एजेन्सी के माध्यम कार्यवाही की जाए। साथ ही श्रमिकों को पीएम स्वनिधि योजना से जोड़ने और उनका समय- समय पर स्वास्थ्य परीक्षण पर भी ध्यान दिया जाए। इस हेतू श्रमिकों के कार्य स्थल पर ही चिकित्सा परीक्षण की व्यवस्था की जाए, ताकि उनके रोजगार में व्यवधान उपलब्ध न हो।

इस मौके पर श्रमायुक्त पीसी दुम्का ने बताया कि UKLCCMS Portal पोर्टल के माध्यम से अब तक 16000 अधिष्ठानों का पंजीकरण हो चुका है, जिसके जरिए शुल्क के रूप में 80,00000.00 (रूपये अस्सी लाख मात्र) धनराशि जमा हो चुकी है, साथ ही बोर्ड के पास अब तक कुल 324 करोड़ की धनराशि सेस के रूप में जमा हो चुकी है। जिसे श्रमिकों के कल्याण में उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि निर्माण श्रमिकों के बीच सामग्री वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था की जा रही है। जिससे लाभार्थियों का लाईव फोटो एवं जियो ट्रेकिंग द्वारा सामग्री वितरण सुनिश्चित किया जायेगा। इस मौके पर उपायुक्त विपिन कुमार सहित बोर्ड के अन्य अधिकारी उपस्थित हुए।


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