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लंबित स्वास्थ्य उपकेंद्रों के 391 पदों को कैबिनेट में लाकर जल्द पुनर्जीवित करने की मांग

Category Archives: राष्ट्रीय

लंबित स्वास्थ्य उपकेंद्रों के 391 पदों को कैबिनेट में लाकर जल्द पुनर्जीवित करने की मांग

राजकीय मेडिकल कॉलेजों में नियुक्ति पाने वाले फार्मासिस्टों का सम्मान

ऋषिकेश। चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत राजकीय मेडिकल कॉलेजों में फार्मासिस्टों के रिक्त पदों पर हुई नियुक्तियों के उपलक्ष्य में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में नियुक्ति प्राप्त फार्मासिस्टों और डिप्लोमा फार्मासिस्ट बेरोजगार संघ ने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल का आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम में डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन उत्तराखंड के पदाधिकारियों ने स्वास्थ्य उपकेंद्रों में समाप्त किए गए फार्मासिस्ट पदों को पुनर्जीवित करने की मांग प्रमुखता से उठाई। प्रदेश अध्यक्ष सुधा कुकरेती ने कहा कि प्रदेश में फार्मासिस्ट स्वास्थ्य विभाग का महत्वपूर्ण संवर्ग है। चारधाम यात्रा, वीआईपी ओपीडी और डिस्पेंसिंग सहित अनेक जिम्मेदारियां फार्मासिस्ट निभाते हैं।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 में आईपीएचएस मानकों के नाम पर फार्मासिस्ट संवर्ग का ढांचा 1500 पदों से घटाकर 963 कर दिया गया, जिससे बड़ी संख्या में पद समाप्त हो गए। उन्होंने शासन स्तर पर लंबित स्वास्थ्य उपकेंद्रों के 391 पदों को कैबिनेट में लाकर जल्द पुनर्जीवित करने की मांग की।

डिप्लोमा फार्मासिस्ट बेरोजगार संघ ने भी स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष यह मांग जोरदार ढंग से रखी। साथ ही फार्मेसी अधिकारी से मुख्य फार्मेसी अधिकारी के पद पर लंबे समय से पदोन्नति नहीं होने पर नाराजगी जताई गई। वक्ताओं ने कहा कि कई फार्मासिस्ट 35 वर्षों की सेवा के बाद भी बिना पदोन्नति के सेवानिवृत्त हो रहे हैं।

इस पर स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने पदोन्नति प्रक्रिया शीघ्र पूरी कराने और पद पुनर्जीवित करने की मांग पर सकारात्मक निर्णय लेने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि चिकित्सा व्यवस्था में डॉक्टर, नर्स और फार्मासिस्ट की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।

कार्यक्रम में पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष रोशन रतूड़ी, डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन उत्तराखंड की प्रदेश अध्यक्ष सुधा कुकरेती, वरिष्ठ उपाध्यक्ष गिरीश भूषण, उपाध्यक्ष प्रवीण पांडे, राहुल लखेड़ा, बीपी भट्ट, नरेश सेमल्टी तथा बेरोजगार संघ के प्रदेश अध्यक्ष जयप्रकाश जोशी, महामंत्री जयप्रकाश गैरोला, सोनल, यमुना रावत, गौतम उनियाल और अरविंद समेत बड़ी संख्या में नियुक्ति प्राप्त और बेरोजगार फार्मासिस्ट मौजूद रहे।


मुख्यमंत्री ने समस्त जिलाधिकारियों के साथ की वर्चुअल बैठक

सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के अभियान में तेजी लाने के निर्देश

भू कानून का उल्लंघन पाए जाने पर भूमि को राज्य सरकार में निहित किया जाए

उम्मीद पोर्टल पर दर्ज वक्फ संपत्तियों के ब्योरे की भी नियमित जांच हो

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को निजी आवास, खटीमा से समस्त जिलाधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सभी जिला अधिकारियों को सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा ग्राम सभाओं में स्थित सरकारी भूमि की भी जांच की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में भू कानून का उल्लंघन कर खरीदी गई जमीनों की जांच भी की जाए। उन्होंने कहा इस अभियान में तेजी लाते हुए त्वरित सुनवाई की जाए एवं भू कानून का उल्लंघन पाए जाने पर भूमि को राज्य सरकार में निहित किया जाए। मुख्यमंत्री ने राज्य में स्थित शत्रु संपत्तियों पर हुए अवैध कब्जे को हटाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा वक्फ संपत्तियों का ब्योरा, उम्मीद पोर्टल पर दर्ज किए जाने की नियमित समीक्षा हो। साथ ही इस ब्योरे की भी नियमित जांच की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा अन्य राज्यों से आए लोगों के शस्त्र लाइसेंस की जांच भी की जाए एवं आपराधिक पृष्ठभूमि के लोगों को चिन्हित भी किया जाए।जनसेवा केंद्रों की जांच एवं अवैध राशन कार्ड बनाकर सरकारी सुविधाओं का लाभ ले रहे अपात्र लोगों को चिन्हित करने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिए। मुख्यमंत्री ने संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखते हुए वेरिफिकेशन ड्राइव में तेजी लाने के भी निर्देश दिए।

आगामी मानसून को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी जनपदों को पूर्व तैयारियाँ समय रहते पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा प्रत्येक जिले में मानसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा बैठक आयोजित कर सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जाएँ। उन्होंने आंतरिक क्षेत्रों की क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कार्य समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने, ग्रीष्मकालीन समय को देखते हुए पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहाँ कहीं भी पानी की समस्या या तकनीकी दिक्कत हो, उसे तत्काल प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में अनावश्यक ऊर्जा कटौती किसी भी स्थिति में न हो।उन्होंने कहा कि यदि किसी कारणवश बिजली कटौती आवश्यक हो, तो इसकी पूर्व सूचना स्थानीय स्तर पर समय रहते आम जनता तक पहुँचाई जाए, जिससे लोगों को असुविधा का सामना न करना पड़े।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्गों पर आने वाले श्रद्धालुओं से निरंतर फीडबैक भी लिया जाए और प्राप्त सुझावों एवं शिकायतों के आधार पर व्यवस्थाओं में भी सुधार किया जाए। मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा रूट पर पीने के पानी की समुचित उपलब्धता बनाए रखने तथा ट्रैफिक की प्रभावी कार्ययोजना के भी निर्देश दिए।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मानसखंड यात्रा के अंतर्गत कैंची धाम बाईपास निर्माण कार्य को आगामी माह तक हर हाल में पूर्ण करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि एवं उद्यान विभाग के माध्यम से पॉली हाउस, एप्पल मिशन, कीवी मिशन जैसी संचालित अनेक योजनाओं को केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रखा जाए, बल्कि वास्तविक रूप से किसानों तक उनका लाभ पहुँचाने के लिए प्रभावी ढंग से कार्य किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि और बागवानी के क्षेत्र में परिणाम आधारित कार्य संस्कृति अपनाने की आवश्यकता है, जिससे किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का लक्ष्य पूरा हो सके।

मुख्यमंत्री ने पिछले वर्ष आपदा प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों को और अधिक तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से जोशीमठ में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों की प्रगति के बारे में विस्तृत जानकारी भी ली। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मानसून से पहले आपदा की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता एवं निगरानी बढ़ाई जाए।


शराब पीकर सड़क पर हंगामा करने वाला कार चालक गिरफ्तार, वाहन सीज

एसएसपी देहरादून के नेतृत्व में हुड़दंगियों पर नकेल कसती दून पुलिस

देहरादून। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून के निर्देश पर चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत दून पुलिस लगातार यातायात नियमों का उल्लंघन करने और सार्वजनिक स्थानों पर हुड़दंग मचाने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। इसी अभियान के तहत जाखन क्षेत्र में शराब के नशे में यातायात बाधित करने वाले एक कार चालक को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस के अनुसार 24 मई को ट्रैफिक कंट्रोल रूम से जाखन चौकी को सूचना मिली कि जोहड़ी तिराहे पर एक व्यक्ति कार खड़ी कर यातायात प्रभावित कर रहा है और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार कर रहा है। सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी जाखन पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।

जांच के दौरान वाहन चालक का एल्कोमीटर टेस्ट कराया गया, जिसमें उसके शराब के नशे में होने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने चालक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसकी होंडा सिटी कार (HR 16AC 7177) को मोटर वाहन अधिनियम की धारा 185 के तहत सीज कर दिया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान विनय (31 वर्ष), पुत्र सूरज भान, निवासी सेक्टर-13, भिवानी (हरियाणा) के रूप में हुई है। पुलिस द्वारा परिजनों से संपर्क करने पर उसकी पत्नी ने बताया कि विनय पिछले कुछ वर्षों से मानसिक तनाव से जूझ रहा है और उसका उपचार दिल्ली के एक अस्पताल में चल रहा है। हाल ही में पत्नी के देहरादून स्थित मायके आने पर वह भी यहां पहुंचा था। बताया गया कि तनाव और नशे की हालत में उसने यह हरकत की।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए लोगों से यातायात नियमों का पालन करने और सार्वजनिक स्थानों पर अनुशासन बनाए रखने की अपील की है।


गंगा दशहरा पर हरकी पैड़ी में उमड़ा आस्था का सैलाब, श्रद्धालुओं ने मां गंगा में लगाई डुबकी

गंगोत्री धाम में गूंजे वैदिक मंत्र, गंगा दशहरा पर भक्तिमय हुआ माहौल

गंगा दशहरा के पावन अवसर पर सोमवार को धर्मनगरी हरिद्वार से लेकर गंगोत्री धाम तक श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। हरकी पैड़ी पर तड़के सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटनी शुरू हो गई, जहां हजारों लोगों ने मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर सुख-समृद्धि और पापों से मुक्ति की कामना की। वहीं गंगोत्री धाम में भी वैदिक मंत्रोच्चारण, शंखनाद और जय गंगे के उद्घोष से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।

गंगा अवतरण दिवस के रूप में मनाया जाता है पर्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ज्येष्ठ शुक्ल दशमी के दिन मां गंगा का पृथ्वी पर अवतरण हुआ था। कहा जाता है कि राजा भगीरथ की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर मां गंगा स्वर्ग से धरती पर आईं और भगवान शिव ने उनके वेग को अपनी जटाओं में धारण किया। इसी ऐतिहासिक और पौराणिक घटना की स्मृति में गंगा दशहरा मनाया जाता है। हरिद्वार में इस दिन विशेष महत्व माना जाता है क्योंकि मान्यता है कि इसी दिन मां गंगा पहली बार पर्वतीय क्षेत्र से निकलकर मैदानों में पहुंचीं।

स्नान, दान और पूजा का विशेष महत्व

गंगा दशहरा पर गंगा स्नान, दान-पुण्य, जप और पूजा-अर्चना का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इस दिन मां गंगा में स्नान करने से व्यक्ति के दस प्रकार के पापों का नाश होता है। यही कारण है कि हरिद्वार, प्रयागराज, वाराणसी और गंगासागर सहित विभिन्न तीर्थ स्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। श्रद्धालु गंगा तटों पर दीपदान कर मां गंगा का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।

गंगोत्री धाम में विशेष धार्मिक आयोजन

गंगोत्री धाम में भी गंगा दशहरा के अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। भक्तों ने मां गंगा के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और देश-दुनिया के कल्याण की प्रार्थना की। मंदिर क्षेत्र में पूरे दिन धार्मिक कार्यक्रमों और भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया।

भारतीय संस्कृति में गंगा का विशेष स्थान

भारतीय संस्कृति में गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि आस्था, जीवन और सभ्यता का प्रतीक मानी जाती है। सदियों से करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाएं गंगा से जुड़ी रही हैं। गंगा दशहरा का पर्व इसी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को सहेजने और मां गंगा के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का अवसर माना जाता है। इस दिन देशभर के गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर मां गंगा के प्रति अपनी आस्था प्रकट की।


पेट्रोल-डीजल के दामों में फिर बढ़ोतरी, 10 दिनों में चौथी बार बढ़े रेट

ईंधन महंगा होने से बढ़ी आम जनता की चिंता

नई दिल्ली। देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर वृद्धि दर्ज की गई है। तेल विपणन कंपनियों ने सोमवार को पेट्रोल और डीजल के नए रेट जारी करते हुए दोनों ईंधनों के दाम बढ़ा दिए हैं। पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बढ़ोतरी के चलते वाहन चालकों और आम उपभोक्ताओं की चिंताएं बढ़ गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन की कीमतों में लगातार इजाफा आने वाले समय में महंगाई को भी प्रभावित कर सकता है।

अंतरराष्ट्रीय कारणों से बढ़ रहा दबाव

जानकारों के अनुसार वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, रुपये की कमजोरी और आयात लागत में वृद्धि का सीधा असर घरेलू ईंधन कीमतों पर पड़ रहा है। लंबे समय तक दरों में स्थिरता बनाए रखने के बाद तेल कंपनियां अब बढ़ी हुई लागत की भरपाई के लिए चरणबद्ध तरीके से कीमतों में संशोधन कर रही हैं। इसी कारण हाल के दिनों में पेट्रोल और डीजल दोनों के दाम लगातार बढ़े हैं।

प्रमुख महानगरों में पेट्रोल के नए रेट

नई दरों के अनुसार दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर हो गई है। कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में भी पेट्रोल के दाम में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। महानगरों में रहने वाले वाहन मालिकों को अब ईंधन पर पहले की तुलना में अधिक खर्च करना पड़ेगा।

शहर पेट्रोल की कीमत (प्रति लीटर) बढ़ोतरी
दिल्ली 102.12 रुपये 2.61 रुपये
कोलकाता 113.51 रुपये 2.87 रुपये
मुंबई 111.21 रुपये 2.72 रुपये
चेन्नई 107.77 रुपये 2.46 रुपये

डीजल की कीमतों में भी उछाल

पेट्रोल के साथ-साथ डीजल की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। परिवहन और माल ढुलाई में डीजल की महत्वपूर्ण भूमिका होने के कारण इसके महंगा होने का असर कई अन्य क्षेत्रों पर भी पड़ सकता है। ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ने से रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर दबाव बनने की संभावना जताई जा रही है।

शहर डीजल की कीमत (प्रति लीटर) बढ़ोतरी
दिल्ली 95.20 रुपये 2.71 रुपये
कोलकाता 99.82 रुपये 2.80 रुपये
मुंबई 97.83 रुपये 2.81 रुपये

महंगाई पर पड़ सकता है असर

विशेषज्ञों का कहना है कि ईंधन की कीमतों में वृद्धि का प्रभाव केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता। परिवहन लागत बढ़ने से खाद्य सामग्री, कृषि उत्पाद, दूध, फल-सब्जियों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। डीजल महंगा होने से किसानों और ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों की लागत भी बढ़ सकती है, जिसका असर अंततः उपभोक्ताओं पर पड़ता है।

सरकार पर विपक्ष का हमला

ईंधन कीमतों में लगातार बढ़ोतरी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले कुछ दिनों में पेट्रोल और डीजल के दामों में कई चरणों में वृद्धि की गई है, जिससे आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार बढ़ती कीमतों के कारण आम लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है और महंगाई की समस्या और गंभीर हो सकती है।


फर्जी और अवैध शस्त्र लाइसेंसों पर सख्ती, डीएम स्वाति भदौरिया ने दिए कड़े निर्देश

शस्त्रागारों में फायर सेफ्टी, सीसीटीवी और ऑनलाइन डाटा प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश

अवैध शस्त्र मामलों पर जिलाधिकारी ने दिए संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश

एक से अधिक लाइसेंस धारकों, अवैध हथियार एवं गोला-बारूद विक्रेताओं की होगी गहन जांच

पौड़ी। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया की अध्यक्षता में जिला कार्यालय स्थित एनआईसी कक्ष में फर्जी एवं अवैध शस्त्र लाइसेंसों की रोकथाम तथा शस्त्र नियंत्रण व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में शस्त्र लाइसेंसों की निगरानी, अवैध हथियारों एवं गोला-बारूद की बिक्री पर नियंत्रण, शस्त्रागारों की सुरक्षा व्यवस्था तथा ऑनलाइन डाटा प्रबंधन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि जनपद के शस्त्रागारों, विशेष रूप से पौड़ी एवं कोटद्वार स्थित शस्त्रागारों में फायर सेफ्टी, स्टॉक रजिस्टर, प्रकाश व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरे एवं सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शासनादेशों के अनुसार शस्त्रागारों में लगे सीसीटीवी कैमरों का कम से कम एक वर्ष का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाना आवश्यक है।

बैठक में चोरी-छिपे एवं गलत तरीके से शस्त्र बेचने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि ऐसे मामलों में नियमों के अनुसार सभी थाना क्षेत्रों में कड़ी कार्रवाई की जाय। जिलाधिकारी ने थाना एवं तहसीलवार शस्त्र लाइसेंस धारकों के यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर (यूआईएन) का सत्यापन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन व्यक्तियों के पास एक से अधिक शस्त्र लाइसेंस हैं, उनके मामलों की विशेष जांच की जाए तथा सभी अभिलेखों का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित किया जाए।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी थाने अवैध शस्त्रों के संबंध में नियमित निरीक्षण करेंगे तथा इसकी रिपोर्ट प्रशासन को उपलब्ध कराएंगे। उन्होंने अवैध शस्त्रों एवं अवैध गोला-बारूद की बिक्री रोकने के लिए पुलिस, प्रशासन एवं संबंधित विभागों द्वारा संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश भी दिए।

जिलाधिकारी ने वन विभाग को भी निर्देशित किया कि अपने अधीन क्षेत्रों में निरीक्षण कर शस्त्र एवं विस्फोटक सामग्री से संबंधित गतिविधियों की रिपोर्ट प्रशासन को उपलब्ध कराएं। बैठक में सड़क निर्माण कार्यों में उपयोग की जाने वाली विस्फोटक सामग्री के भंडारण एवं बिक्री की संयुक्त जांच करने के भी निर्देश दिए गए, ताकि किसी प्रकार की अनियमितता न हो।

जिलाधिकारी ने शस्त्रागारों का ऑनलाइन डाटा समयबद्ध रूप से अपडेट करने, नवीनीकरण हेतु प्राप्त शस्त्र लाइसेंस आवेदनों का पूर्ण विवरण उपलब्ध कराने तथा सभी रिकॉर्ड को पारदर्शी एवं व्यवस्थित रखने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

बैठक में संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, सीओ तपेश कुमार चंद, मुख्य अग्निशमन अधिकारी अधिकारी राजेंद्र खाती, उपप्रभागीय वनाधिकारी आयशा बिष्ट सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


श्रीनगर क्षेत्र को मिली विकास योजनाओं की सौगात

कैबिनेट मंत्री ने आधुनिक शिक्षा लैब का किया शुभारंभ, सिंथेटिक ट्रैक का निरीक्षण एवं मोटर मार्ग निर्माण कार्य का शिलान्यास

पौड़ी- कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने  श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा, खेल एवं सड़क विकास से जुड़ी विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है तथा शिक्षा, खेल और आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करना सरकार की प्राथमिकता है।

कैबिनेट मंत्री ने राजकीय इंटर कॉलेज श्रीनगर में पर्सनलाइज्ड एडैप्टिव लर्निंग लैब एवं अटल लैब का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा से जोड़ना आवश्यक है। इन लैब्स के माध्यम से छात्र-छात्राओं को विज्ञान, तकनीक, रोबोटिक्स एवं डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त होगा, जिससे वे भविष्य की चुनौतियों का बेहतर ढंग से सामना कर सकेंगे।

इसके उपरांत उन्होंने सीडीएस बिपिन सिंह रावत स्टेडियम, श्रीकोट-गंगानाली में निर्माणाधीन एथलेटिक्स सिंथेटिक ट्रैक का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को खेलों से जोड़ने तथा खिलाड़ियों को आधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें।

कैबिनेट मंत्री ने पौड़ी-खिर्सू-श्रीनगर मोटर मार्ग से कोल्ठा गांव तक 79.51 लाख रुपये की लागत से बनने वाले दो किलोमीटर मोटर मार्ग निर्माण कार्य (द्वितीय चरण स्टेज-1) का शिलान्यास भी किया। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा तथा लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार सेवाओं तक पहुंच में सुविधा मिलेगी।

इसके अलावा उन्होंने मुख्य सड़क से राजकीय इंटर कॉलेज मरखोड़ा तक इंटरलॉकिंग टाइल्स मार्ग निर्माण, विद्यालय भवन के अनुरक्षण एवं सौंदर्याकरण, बालक-बालिका शौचालय निर्माण तथा भवन एवं छत मरम्मत कार्यों का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख अनिल भंडारी, उपजिलाधिकारी श्रीनगर नूपुर वर्मा, तहसीलदार दीपक भंडारी, जिला क्रीड़ा अधिकारी जयबीर सिंह रावत, सहायक अभियंता ग्रामीण निर्माण विभाग राजीव गर्ग सहित अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।


मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने की चारधाम यात्रा की समीक्षा

सम्बन्धित जिलाधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा निर्देश

मानसून सीजन को देखते हुए यात्रा को सुचारू रखने के लिए पहले से की जाएं तैयारियां: मुख्य सचिव

सभी होल्डिंग एरिया को किया जाए एक्टिवेट

होल्डिंग एरिया में हों सभी बुनियादी सुविधाएं

आपातकालीन परिस्थितियों के लिए निकासी योजना रहे पहले से तैयार

देहरादून।  मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने शनिवार को आपदा नियंत्रण कक्ष, आईटी पार्क जाकर चारधाम यात्रा की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने चारधाम यात्रा को लेकर व्यवस्था चाकचौबन्द किए जाने हेतु जिलाधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि चारों धामों में श्रद्धालुओं को दर्शन सुगमता एवं सरलता से हों एवं श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए जिला प्रशासन, बीकेटीसी एवं हितधारकों को आपसी सामंजस्य से सभी आवश्यक सुविधाएं एवं सेवाएं उपलब्ध करानी होंगी। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने पर पिछले वर्षों की भांति रात्रिकालीन दर्शन की व्यवस्था को सुचारू किया जा सकता है। साथ ही उन्होंने यात्रा के विभिन्न पड़ावों में निचले क्षेत्रों में होल्डिंग एरिया में श्रद्धालुओं को रखे जाने के निर्देश देते हुए होल्डिंग एरिया में सभी आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने के भी निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने आने वाले मानसून सीजन को लेकर भी जिलाधिकारियों को अपने जनपदों में सभी आवश्यक कदम उठाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी होल्डिंग एरिया को अभी से एक्टिवेट कर लिया जाए। साथ ही, सभी सम्बन्धित जनपद भारी वर्षा और भूस्खलन आदि के दृष्टिगत होल्डिंग एरिया एवं निकासी योजना तैयार रखें। उन्होंने युकाडा को भी अपनी निकासी योजना तैयार रखे जाने के निर्देश दिए, ताकि एयरलिफ्ट कराए जाने की परिस्थिति में पहले से व्यवस्थाएं उपलब्ध रहें । उन्होंने सम्बन्धित सभी जनपदों को राशन सहित अन्य आवश्यक सामग्री का भी समुचित स्टॉक रखे जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण के साथ ही स्वास्थ्य जांच पर विशेष ध्यान दिये जाने के निर्देश दिए। कहा कि 60 वर्ष से अधिक एवं बहुत छोटे बच्चों को लेकर जाने वाले श्रद्धालुओं एवं बीमार लोगों को यात्रा न करने के लिए प्रेरित किया जाए। इसके लिए लगातार प्रचार प्रसार भी किया जाए।

इस अवसर पर सचिव शैलेश बगौली, सचिन कुर्वे, आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, सचिव विनोद कुमार सुमन, धीराज गर्ब्याल एवं एडीजी डॉ. वी. मुरूगेशन सहित सम्बन्धित जनपदों के जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक उपस्थित थे।


डीडीआरसी और नारी निकेतन को मिली निःशुल्क ईवी वाहन सेवा, डीएम ने दिखाई हरी झंडी

दिव्यांगों, वृद्धजनों और बेसहारा महिलाओं-बच्चों के लिए डीएम सविन बंसल की संवेदनशील पहल

ईवी वाहन सेवाः पर्यावरण संरक्षण के साथ जरूरतमंदों को मिला सुरक्षा और सम्मान का सहारा

बेसहारा एवं दिव्यांगजनों का जीवन आसान बनाना प्रशासन का दायित्व-डीएम

देहरादून। जनपद देहरादून में दिव्यांगजनों, वृद्धजनों तथा बेसहारा महिलाओं और बच्चों की सुविधा एवं सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील पहल की है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने शनिवार को जिला दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र (डीडीआरसी) एवं केदारपुरम स्थित राजकीय नारी निकेतन के लिए अलग-अलग निःशुल्क ईवी वाहनों को हरी झंडी दिखाकर सेवा का विधिवत शुभारंभ किया।

इस अवसर पर जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि दिव्यांग एवं वृद्धजनों का जीवन सरल बनाना तथा उन्हें आवश्यक सुविधाएं सहज रूप से उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को एक ही स्थान पर समस्त सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सितंबर 2025 में गांधी शताब्दी जिला चिकित्सालय में राज्य का पहला जिला दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र (डीडीआरसी) स्थापित किया गया था। यहां फिजियोथेरेपी, मनोवैज्ञानिक परामर्श, दिव्यांग प्रमाण पत्र, कृत्रिम अंग वितरण सहित अनेक सेवाएं एकीकृत रूप में उपलब्ध कराई जा रही हैं।

जिलाधिकारी ने बताया कि डीडीआरसी से जुड़े दिव्यांग एवं वृद्धजनों को उपचार एवं अन्य कार्यों के लिए कई बार राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांग संस्थान (एनआईबीएच), समाज कल्याण विभाग तथा विभिन्न अस्पतालों में आना-जाना पड़ता है, जिससे उन्हें परिवहन संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इसी समस्या के समाधान हेतु अब उनके लिए समर्पित निःशुल्क ईवी वाहन सेवा उपलब्ध कराई गई है।

वहीं केदारपुरम स्थित राजकीय नारी निकेतन, बालिका निकेतन, बाल गृह एवं शिशु सदन में वर्तमान में 180 से अधिक महिलाएं, बालिकाएं एवं बच्चे निवासरत हैं। ये सभी बेसहारा, परित्यक्त, शोषित एवं विशेष देखभाल की आवश्यकता वाले बच्चे और महिलाएं हैं। इन्हें समय-समय पर चिकित्सा उपचार एवं अन्य आवश्यक कार्यों के लिए अस्पताल ले जाना पड़ता है। निःशुल्क ईवी वाहन सेवा शुरू होने से अब संस्थान में रहने वाली महिलाओं एवं बच्चों को अधिक सुरक्षित, सुगम और सम्मानजनक परिवहन सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि यह पहल केवल सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक संवेदनशीलता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक सार्थक कदम है। ईवी वाहन सेवा से जहां प्रदूषण नियंत्रण एवं पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, वहीं जरूरतमंद वर्ग को सुरक्षित एवं सम्मानजनक आवागमन की सुविधा भी सुनिश्चित होगी।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेन्द्र कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।


पेट्रोल-डीजल के दामों में फिर बढ़ोतरी, आम लोगों की जेब पर पड़ेगा असर

10 दिनों में करीब 5 रुपये महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल

देहरादून। ईंधन की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी तेल कंपनियों ने शनिवार को पेट्रोल और डीजल के दामों में एक बार फिर इजाफा किया है। नई दरों के लागू होने के बाद वाहन चालकों को अब ईंधन के लिए पहले से अधिक खर्च करना पड़ेगा।

शनिवार को पेट्रोल की कीमत में 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 91 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि की गई। पिछले दस दिनों के दौरान पेट्रोल और डीजल के दामों में कुल मिलाकर करीब पांच रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ताजा संशोधन के बाद देहरादून में पेट्रोल 97.85 रुपये प्रति लीटर और डीजल 93.18 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रहा है।

ईंधन के साथ-साथ सीएनजी उपभोक्ताओं को भी झटका लगा है। देहरादून में सीएनजी के दाम तीन रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ा दिए गए हैं, जिसके बाद इसकी कीमत 97 रुपये प्रति किलो पहुंच गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन महंगा होने का सीधा असर परिवहन लागत पर पड़ता है। निजी वाहन चालकों का मासिक खर्च बढ़ने के साथ-साथ माल ढुलाई और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं की लागत में भी वृद्धि हो सकती है। इसका असर फल, सब्जी, दूध और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर भी दिखाई देने की संभावना है।

बाजार से जुड़े जानकारों के अनुसार यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में नरमी नहीं आती है, तो आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। लगातार बढ़ती कीमतों ने आम जनता, व्यापारियों और मध्यम वर्ग के बजट पर अतिरिक्त दबाव बना दिया है।


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