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कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने चयनित 44 कनिष्ठ सहायकों को सौंपे नियुक्ति पत्र

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कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने चयनित 44 कनिष्ठ सहायकों को सौंपे नियुक्ति पत्र

शिक्षा केवल एक विभाग नहीं, बल्कि समाज के भविष्य निर्माण की आधारशिला है- डॉ. धन सिंह रावत

श्रीनगर। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षा उत्तीर्ण करने के उपरांत गढ़वाल मंडल हेतु चयनित 44 कनिष्ठ सहायकों के नियुक्ति पत्र वितरण का भव्य समारोह श्रीनगर स्थित पी.एम. श्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत (विद्यालयी शिक्षा, सहकारिता, उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा, उत्तराखंड सरकार) द्वारा चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए।

इस अवसर पर मंत्री ने सभी नव-नियुक्त कनिष्ठ सहायकों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा केवल एक विभाग नहीं, बल्कि समाज के भविष्य निर्माण की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि एक कर्मचारी के रूप में आपका दायित्व केवल प्रशासनिक कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि आप शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं। उन्होंने सभी को पूर्ण समर्पण, सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता और कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

उन्होंने आगे कहा कि समर्पण का अर्थ है,अपने कार्य के प्रति पूर्ण निष्ठा और जिम्मेदारी का भाव रखना, जबकि सत्यनिष्ठा का अर्थ है,हर परिस्थिति में ईमानदारी और निष्पक्षता बनाए रखना। यदि कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी और लगन से करेंगे, तो निश्चित ही शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन आएगा और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण वातावरण प्राप्त होगा।

कार्यक्रम में निदेशक, प्रारंभिक शिक्षा उत्तराखंड एवं मंडलीय अपर निदेशक प्रारंभिक शिक्षा कंचन देवराड़ी द्वारा भी अपने विचार व्यक्त किए गए। उन्होंने विभाग में संचालित विभिन्न नवाचारों एवं फ्लैगशिप योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि इन योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में प्रत्येक अधिकारी, शिक्षक एवं कर्मचारी की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने सभी से इन योजनाओं को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए दृढ़ संकल्प के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में पूर्व राज्य मंत्री अतर सिंह असवाल, ब्लॉक प्रमुख खिर्सू अनिल भंडारी, विनय घिल्डियाल, शुभम प्रभाकर, दिनेश पटवाल, नगमा तौफीक, संजय गुप्ता, देवेंद्र मनी मिश्रा, गुड्डी रावत, गणेश भट्ट, संदीप रावत, झाबर सिंह सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी अश्वनी रावत एवं विद्यालय की प्रधानाचार्य मीना गैरोला द्वारा माननीय कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत एवं उपस्थित सभी अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं अतिथियों का आभार एवं धन्यवाद ज्ञापित किया गया।


देहरादून के विकास का नया ब्लूप्रिंट, 968 करोड़ के बजट से शहर को मिलेगा आधुनिक स्वरूप

एमडीडीए की 113वीं बोर्ड बैठक में जनहित, हरियाली और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा फोकस

देहरादून।  देहरादून शहर के सुनियोजित विकास, पर्यावरण संतुलन और आधुनिक सुविधाओं को नई रफ्तार देने के लिए मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की 113वीं बोर्ड बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। आयुक्त गढ़वाल मंडल एवं प्राधिकरण अध्यक्ष विनय शंकर पांडेय की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए करीब 968 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही आम जनता से जुड़े आवासीय, व्यावसायिक और पर्यटन संबंधी प्रस्तावों को भी स्वीकृति प्रदान की गई, जिससे शहर के विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। बैठक की शुरुआत उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी द्वारा अध्यक्ष और सदस्यों के स्वागत से हुई। इसके बाद पिछली 112वीं बोर्ड बैठक की अनुपालन आख्या प्रस्तुत की गई, जिसे बोर्ड ने अवलोकन के बाद पुष्टि करते हुए आगे की कार्यवाही के लिए अनुमति प्रदान की। इस दौरान कुल 48 प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा के बाद नियमानुसार स्वीकृति दी गई।

विकास को मिलेगी रफ्तार
बैठक में प्रस्तुत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 968 करोड़ रुपये का बजट शहर के व्यापक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर, सौंदर्यीकरण, पर्यावरण संरक्षण और जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी गई है। इस बजट के माध्यम से न केवल शहरी ढांचे को मजबूत किया जाएगा, बल्कि देहरादून को एक स्मार्ट और पर्यावरण अनुकूल शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में भी काम होगा।

जनहित के प्रस्तावों को हरी झंडी
बोर्ड बैठक में आम जनमानस से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। इनमें ईको-रिजॉर्ट, होटल, व्यावसायिक निर्माण और आवासीय मानचित्र से जुड़े मामलों को स्वीकृति दी गई है। इन फैसलों से पर्यटन और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होने के साथ-साथ शहर की आर्थिक गतिविधियों को भी बल मिलेगा। इसके अलावा, भवन निर्माण एवं विकास उपविधि 2011 (संशोधित) को राज्य सरकार की अधिसूचना के अनुरूप अंगीकृत किया गया, जिससे निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और सुव्यवस्था सुनिश्चित होगी।

हरित देहरादून की दिशा और बढ़ते तापमान के न्यूनीकरण के लिए बड़ा कदम
शहर में लगातार बढ़ते तापमान के न्यूनीकरण और पर्यावरणीय दबाव को देखते हुए प्राकृतिक संतुलन बनाए रखना अब प्राथमिकता बन गया है। इसी दिशा में प्राधिकरण ने वृक्षारोपण, जल संरक्षण और नए पार्कों के निर्माण जैसे कार्यों को युद्धस्तर पर लागू करने के निर्देश दिए हैं। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में हरियाली बढ़ाने, जल स्रोतों को संरक्षित करने और सार्वजनिक स्थलों को विकसित करने पर विशेष जोर रहेगा। इन प्रयासों का उद्देश्य न केवल तापमान में कमी लाना है, बल्कि शहर की प्राकृतिक सुंदरता को सहेजते हुए आम जनमानस को स्वच्छ, हरित और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराना भी है।

हरियाली और सौंदर्यीकरण पर विशेष जोर
शहर को सुंदर और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। डिवाइडरों पर पौधारोपण, गमलों की व्यवस्था, खाद-मिट्टी और पानी की आपूर्ति के लिए विशेष उपकरणों की खरीद को मंजूरी दी गई। इसके तहत एक ट्रैक्टर, EICHER 333 (प्रेशर पंप सहित) और हाइड्रोलिक ट्रॉली खरीदने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही बढ़ते तापमान को नियंत्रित करने के लिए वृक्षारोपण, जल संरक्षण और पार्कों के निर्माण जैसे कार्यों को युद्धस्तर पर करने के निर्देश दिए गए। यह पहल शहर की प्राकृतिक सुंदरता को बनाए रखने के साथ ही नागरिकों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने में मददगार होगी।

शहर के भविष्य की मजबूत नींव
113वीं बोर्ड बैठक के फैसले देहरादून के भविष्य की दिशा तय करने वाले साबित हो सकते हैं। जहां एक ओर बजट और विकास योजनाएं शहर को आधुनिक बनाएंगी, वहीं हरियाली और पर्यावरण संरक्षण पर जोर इसे रहने योग्य और संतुलित शहर बनाए रखने में अहम भूमिका निभाएगा। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और सदस्य मौजूद रहे, जिन्होंने शहर के समग्र विकास के लिए अपने सुझाव भी दिए। अंत में अध्यक्ष द्वारा सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए बैठक समाप्ति की घोषणा की गई। स्पष्ट है कि एमडीडीए की यह बैठक केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि देहरादून के विकास की नई पटकथा लिखने की दिशा में एक ठोस कदम है।

आयुक्त विनय शंकर पांडेय का बयान
आयुक्त गढ़वाल मंडल एवं प्राधिकरण अध्यक्ष विनय शंकर पांडेय ने कहा कि प्राधिकरण का लक्ष्य केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि देहरादून को एक संतुलित, हरित और व्यवस्थित शहर के रूप में विकसित करना है। उन्होंने कहा कि बजट और स्वीकृत योजनाओं के माध्यम से शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जाएगा और आम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सभी परियोजनाओं को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरा किया जाएगा, ताकि लोगों को इसका सीधा लाभ मिल सके।

उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि एमडीडीए लगातार जनहित के कार्यों को प्राथमिकता दे रहा है। उन्होंने बताया कि बोर्ड बैठक में स्वीकृत प्रस्तावों से न केवल शहर का भौतिक विकास होगा, बल्कि रोजगार और निवेश के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण का फोकस संतुलित विकास पर है, जिसमें पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक सुविधाओं का समावेश हो। तिवारी ने भरोसा जताया कि आने वाले समय में देहरादून एक आदर्श शहर के रूप में स्थापित होगा।

सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान
प्राधिकरण के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि बैठक में कुल 48 प्रस्तावों पर विचार किया गया, जिनमें अधिकांश जनहित और विकास से जुड़े थे। उन्होंने कहा कि सभी प्रस्तावों को नियमानुसार स्वीकृति दी गई है और अब इनके क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि भवन निर्माण उपविधियों में संशोधन से निर्माण कार्यों में पारदर्शिता आएगी और अवैध निर्माण पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।


मुख्यमंत्री धामी ने प्रसिद्ध अभिनेत्री एवं लोकसभा सांसद हेमा मालिनी से की शिष्टाचार भेंट

मुख्यमंत्री धामी ने ‘हाउस ऑफ हिमालयाज़’ के उत्पाद किए हेमा मालिनी को भेंट

देहरादून/नई दिल्ली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली स्थित उत्तराखंड निवास में प्रसिद्ध अभिनेत्री एवं मथुरा से लोकसभा सांसद हेमा मालिनी से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उन्हें उत्तराखंड के पारंपरिक और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने वाले अम्ब्रेला ब्रांड ‘हाउस ऑफ हिमालयाज़’ के उत्पाद उपहार स्वरूप भेंट किए।


“पौड़ी प्रगति पोर्टल” का विधिवत शुभारंभ, विकास कार्यों की निगरानी होगी अब डिजिटल

जिला योजना 2026-27 के परिव्यय पर विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित, विकास कार्यों में नवाचार व स्वरोजगार पर विशेष जोर

जिला योजना बैठक में नवाचारी पहलों का विस्तृत प्रस्तुतिकरण, प्रभारी मंत्री ने जिलाधिकारी के नेतृत्व को सराहा

प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित, जिला योजना में रोजगार व नवाचार को बढ़ावा

पौड़ी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में जनपद पौड़ी गढ़वाल में जिला योजना वर्ष 2026-27 के प्रस्तावित परिव्यय पर चर्चा एवं समग्र समीक्षा के लिए विकास भवन सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गयी। बैठक की अध्यक्षता जनपद के प्रभारी मंत्री (पंचायती राज, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास, आयुष एवं आयुष शिक्षा, पुनर्गठन एवं जनगणना) मदन कौशिक ने की। जनपद आगमन पर जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया, मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत तथा अन्य अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर प्रभारी मंत्री, कैबिनेट मंत्री डॉ धन सिंह रावत तथ अन्य अतिथियों का स्वागत किया।

बैठक के दौरान प्रभारी मंत्री द्वारा “पौड़ी प्रगति पोर्टल” का विधिवत शुभारंभ किया गया। जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी राम सलोने ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशन में इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से जिला योजना, राज्य सरकार, केंद्र पोषित एवं बाह्य सहायतित योजनाओं के अंतर्गत संचालित विकास कार्यों की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की पारदर्शी एवं प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जा सकेगी।

जिलाधिकारी ने विगत वित्तीय वर्ष 2025-26 की जिला योजना का विस्तृत प्रस्तुतीकरण देते हुए प्रमुख परियोजनाओं की जानकारी दी। इनमें राजकीय जिला पुस्तकालय, राहु मंदिर, प्रेरणा कोचिंग, धारी देवी मंदिर परिसर में वॉल वॉशर लाइटिंग, विज्ञान संग्रहालय, पालकोट में प्रस्तावित ईको एडवेंचर पार्क तथा कंडोलिया इंडोर स्टेडियम, कंडोलिया मैदान सुदृढ़ीकरण, प्रोजेक्ट बचपन, बर्ड फेस्टिवल, नयार घाटी फेस्टिवल, मोहन चट्टी स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल रहे। साथ ही उन्होंने प्रस्तावित अन्य कार्यों जैसे जेल संग्रहालय की भी जानकारी दी। प्रभारी मंत्री ने विकास कार्यों के प्रस्तुतिकरण एवं नेतृत्व क्षमता के लिए जिलाधिकारी तथा जिला प्रशासन की सराहना की। उन्होंने सभी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन एवं शत-प्रतिशत व्यय पर प्रसन्नता जताते हुए निर्देश दिए कि पुस्तकालय के लिए नवीन पुस्तकों की आवश्यकता संबंधी प्रस्ताव शीघ्र प्रस्तुत किया जाए। साथ ही उन्होंने आश्वस्त किया कि अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं के लिए भी आवश्यकतानुसार धनराशि उपलब्ध करायी जाएगी।

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित 11,997.70 लाख रुपये के जिला योजना परिव्यय पर विस्तृत चर्चा के दौरान प्रभारी मंत्री ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि वे योजनाओं के प्रस्ताव तैयार करते समय जनप्रतिनिधियों से समन्वय स्थापित करें, ताकि योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक प्रभावी रूप से पहुंच सके। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि जमीनी स्तर के सशक्त माध्यम होते हैं, जिन्हें क्षेत्र की वास्तविक आवश्यकताओं का गहन ज्ञान होता है। प्रभारी मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पूर्व से लंबित एवं अधूरी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर जिला योजना में शामिल किया जाए तथा सभी विधानसभा क्षेत्रों को समान रूप से वरीयता दी जाए।

प्रभारी मंत्री ने यह भी घोषणा की कि वर्ष 2026-27 की जिला योजना में कुल बजट का 15 प्रतिशत हिस्सा स्वरोजगार आधारित विभागों को आवंटित किया जाएगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने क्लस्टर आधारित कार्य योजनाओं को प्राथमिकता देने, नवाचार को बढ़ावा देने तथा योजनाओं के क्रियान्वयन से पूर्व कार्यस्थलों के चयन एवं भूमि विवादों के निस्तारण को सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। प्रभारी मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि बजट का उपयोग अधिक उपयोगी, स्थायी एवं परिणामोन्मुखी विकास कार्यों में किया जाएगा।

प्रभारी मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक विभाग अपने कार्यों के लिए स्पष्ट कार्ययोजना एवं समयसीमा निर्धारित करे तथा उसकी नियमित समीक्षा सुनिश्चित करे। योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए और कार्यों की निगरानी फील्ड स्तर पर नियमित रूप से की जाए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग योजनाओं में नवाचार अपनाते हुए स्थानीय संसाधनों का अधिकतम उपयोग करें तथा प्रत्येक योजना के परिणामों को मापने योग्य बनाया जाए। साथ ही सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित करते हुए कार्य करें, ताकि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी न हो।

बैठक में प्रभारी मंत्री ने नए ब्लॉक प्रमुखों को इस संवादात्मक सत्र में शामिल होने के लिए उनके उज्जवल भविष्य की बधाई दी। बैठक में कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत सहित विभिन्न विधायकों एवं जनप्रतिनिधियों ने भी जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए, जिन पर गंभीरता से विचार करने के निर्देश दिए गए।

इस अवसर पर स्थानीय विधायक राजकुमार पोरी, विधायक लैंसडाउन महंत दिलीप रावत, जिला पंचायत अध्यक्ष रचना बुटोला, उपाध्यक्ष आरती नेगी, नगर पालिका अध्यक्ष हिमानी नेगी, ब्लॉक प्रमुख अस्मिता नेगी, मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवन्त, पीडी डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, अधीक्षण अभियंता जल संस्थान प्रवीण सैनी, जल निगम मो. मीशम, लोनिवि निर्भय सिंह, विवेक कुमार, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी राम सलोने, डीपीआरओ जितेंद्र कुमार, अपर मुख्य अधिकारी भावना रावत, जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी शैलेंद्र पाण्डे, मत्स्य अधिकारी अभिषेक मिश्रा, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी दीपेश चंद्र काला सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।


मुख्यमंत्री धामी ने केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी से की मुलाकात

सीएम ने एलपीजी आपूर्ति बनाए रखने का किया अनुरोध

देहरादून/नई दिल्ली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी से नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में भेंट कर उत्तराखण्ड की भौगोलिक परिस्थितियों एवं आपदाजन्य संवेदनशीलता के दृष्टिगत विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा के निर्बाध, सुरक्षित एवं सुचारू संचालन हेतु व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति को पूर्ववत् 100 प्रतिशत बनाए रखने का अनुरोध किया। उन्होंने अवगत कराया कि राज्य में अप्रैल से नवम्बर तक संचालित होने वाली चारधाम यात्रा के दौरान देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं का आगमन होता है, जिससे व्यावसायिक एलपीजी की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। इस अवधि में राज्य को लगभग 9,67,949 व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की आवश्यकता होती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जून से सितम्बर के मध्य मानसून अवधि में राज्य को प्रतिवर्ष प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ता है। पर्वतीय भू-भाग एवं दुर्गम परिस्थितियों के कारण आपदा प्रबंधन एवं राहत कार्यों में एलपीजी गैस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। इस परिप्रेक्ष्य में उन्होंने व्यावसायिक सिलेंडरों का अतिरिक्त 5 प्रतिशत (लगभग 48,397 सिलेंडर) आवंटन सुनिश्चित किए जाने का अनुरोध किया, ताकि राहत एवं बचाव कार्यों का प्रभावी एवं त्वरित क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की अर्थव्यवस्था मुख्यतः पर्यटन आधारित है, जिसमें धार्मिक पर्यटन, तीर्थाटन एवं साहसिक पर्यटन का महत्वपूर्ण योगदान है। चारधाम यात्रा राज्य की आस्था, सांस्कृतिक पहचान एवं आर्थिक गतिविधियों का प्रमुख आधार है।

केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक विचार करते हुए आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन प्रदान किया तथा राज्य के हितों के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया।


महिलाएं लेकर रहेगी अपना अधिकार- रेखा आर्या

देहरादून। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने विपक्षी दलों पर महिलाओं को आरक्षण के उनके अधिकार से वंचित करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि महिलाएं अपना अधिकार लेकर रहेगी और जिन दलों ने सदन में विधेयक का विरोध किया है उन्हें आधी आबादी सबक सिखाएगी।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने सोमवार को विधानसभा स्थित सभागार में पत्रकार वार्ता में कहा कि कांग्रेस समेत इंडी गठबंधन के नेता लंबे समय से महिला आरक्षण में अड़ंगा लगाने का काम कर रहे हैं। इस बार भी जब केंद्र सरकार ने गंभीरता पूर्वक महिलाओं को आरक्षण देने की कोशिश की तो विपक्ष ने बहाने बाजी करके इस बिल को पारित नहीं होने दिया।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि 28 अप्रैल को देहरादून में होने वाली आक्रोश मशाल रैली में आम महिलाओं का गुस्सा देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा आधी आबादी को लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं में एक तिहाई आरक्षण देने पर अडिग है और आज नहीं तो कल इस कार्य का श्रेय भी मोदी सरकार को ही मिलेगा।

एक सवाल के जवाब में कैबिनेट मंत्री ने कहा कि कांग्रेस समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल जैसे परिवारवादी दलों में एक खास परिवार की महिलाओं को तो एक तरह से अघोषित आरक्षण दिया जा रहा है। लेकिन यही पार्टियां आम महिलाओं के सशक्तिकरण में बाधा बन रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अब महिलाएं राजनीतिक रूप से बेहद सजग हैं और विपक्षी दलों की इस ऐतिहासिक गलती की सजा जनता चुनाव में देगी।


कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने हाईस्कूल परीक्षा में 15वीं रैंक हासिल करने पर साक्षी को किया सम्मानित

देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने अपने कैंप कार्यालय में मालदेवता सरखेत निवासी मेधावी छात्रा साक्षी को उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा में 94.60 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश में 15वीं रैंक हासिल करने पर शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। काबीना मंत्री ने मेधावी छात्रा साक्षी को लैपटाप देने की घोषणा की।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने साक्षी की इस उपलब्धि को गौरवपूर्ण बताते हुए कहा कि उनकी मेहनत, लगन और अनुशासन अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि इस तरह की उपलब्धियां न केवल परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र और प्रदेश का नाम रोशन करती हैं। उन्होंने साक्षी के पिता को भी बधाई देते हुए कहा कि बच्चों की सफलता में अभिभावकों का महत्वपूर्ण योगदान होता है। उन्होंने साक्षी के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आगे भी इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित किया।

इस अवसर पर महावीर सिंह, अनुज कौशल, घनश्याम सिंह नेगी आदि उपस्थित रहे।


देहरादून में भीषण गर्मी का कहर, तापमान 38 डिग्री के पार

देहरादून। देहरादून की ठंडी और सुहानी जलवायु के लिए मशहूर दून घाटी इन दिनों तेज गर्मी से झुलस रही है। तापमान में लगातार इजाफे ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर दिया है, हालात ऐसे हैं कि दोपहर के समय बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी राहत की उम्मीद कम जताई है और लू को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है।

दून में गर्मी ने इस बार अपने पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने के संकेत दे दिए हैं। रविवार को अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से काफी ज्यादा रहा। वहीं न्यूनतम तापमान भी औसत से ऊपर दर्ज किया गया, जिससे रात में भी गर्मी का असर बना रहा।

भीषण गर्मी का असर शहर की रफ्तार पर साफ दिखाई दे रहा है। दोपहर के समय सड़कों पर आवाजाही कम हो गई है और बाजारों में भी सन्नाटा नजर आ रहा है। जरूरी काम से निकलने वाले लोग भी धूप और गर्म हवाओं से बचने के लिए पूरी सावधानी बरतते दिखे।

मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को भी गर्मी से राहत मिलने की संभावना नहीं है। दिन के समय तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है, जिससे लू का असर और तेज होने की आशंका है। ऐसे में खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को दोपहर के समय घर के अंदर रहने की सलाह दी गई है।

दून घाटी, जो कभी अपनी ठंडी हवाओं और सुखद मौसम के लिए जानी जाती थी, अब बदलते मौसम के कारण तपिश झेल रही है। लोगों को अब बारिश या ठंडी हवाओं का इंतजार है, ताकि इस भीषण गर्मी से कुछ राहत मिल सके।

पिछले 24 घंटों में राज्य के मैदानी इलाकों में तापमान सामान्य से काफी अधिक दर्ज किया गया।
अगले 1–2 दिनों तक तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।
इसके बाद 3–4 दिनों में तापमान में 3 से 5 डिग्री तक गिरावट आ सकती है, जिससे कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।


28 अप्रैल को मशाल जुलूस निकालेगी भाजपा

देहरादून। महिला सशक्तिकरण मंत्री रेखा आर्या ने कहा है कि महिला आरक्षण के विरोध में विपक्षी दलों के रुख से महिलाओं में व्यापक आक्रोश है। इस आक्रोश को अभिव्यक्ति देने के लिए 28 अप्रैल को एक दिन के विधानसभा सत्र के अलावा उस दिन शाम को देहरादून में विशाल मशाल जुलूस निकाला जाएगा।

प्रदेश पार्टी कार्यालय पर आयोजित कार्यकर्ताओं की बैठक में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि विपक्षी दलों के विरोध के कारण महिलाओं को उनका लोकतांत्रिक अधिकार नहीं मिल पाया।

मंत्री ने बताया कि इन जनभावनाओं को अभिव्यक्ति देने और राज्य की आवाज को स्पष्ट रूप से सामने रखने के उद्देश्य से 28 अप्रैल को विधानसभा का एक दिन का विशेष सत्र आहूत किया गया है।

इसके अलावा, उसी दिन शाम 6 बजे महिलाओं और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा मशाल जुलूस निकाला जाएगा। यह जुलूस विपक्षी दलों की महिला विरोधी मानसिकता के खिलाफ आयोजित किया जाएगा।

रेखा आर्य ने पार्टी प्रदेश कार्यालय में आयोजित बैठक में कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ मशाल रैली की तैयारियों की समीक्षा की।

उन्होंने कहा कि इस विशेष सत्र और मशाल रैली में उत्तराखंड की महिलाओं की आवाज को प्रभावी ढंग से उठाया जाना चाहिए, ताकि महिला आरक्षण का विरोध करने वाले राजनीतिक दलों को स्पष्ट संदेश दिया जा सके।


127 इन्फैंट्री बटालियन (इकोलॉजिकल), गढ़वाल राइफल्स को मिला मुख्यमंत्री प्रशंसा सम्मान

देहरादून| 127 इन्फैंट्री बटालियन टेरिटोरियल आर्मी (इकोलॉजिकल), गढ़वाल राइफल्स को वर्ष 2025–26 हेतु उत्तराखंड सरकार द्वारा मुख्यमंत्री प्रशंसा पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

बटालियन ने बीते वर्ष अपने निर्धारित लक्ष्य के अंतर्गत 8 लाख पौधरोपण करने के साथ-साथ “भागीदारी और जिम्मेदारी” अभियान के तहत व्यापक स्तर पर वनीकरण कार्यक्रम संचालित किए। इन पहलों के माध्यम से न केवल पौधरोपण के लक्ष्यों को सुदृढ़ किया गया, बल्कि आमजन में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता एवं उत्तरदायित्व की भावना को भी बढ़ावा मिला।

उत्तराखंड सरकार द्वारा प्रदान किया गया यह सम्मान बटालियन की प्रतिबद्धता, अनुकरणीय कार्यशैली और पर्यावरण संरक्षण के प्रति उसके सतत प्रयासों का प्रमाण है।


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