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“पौड़ी प्रगति पोर्टल” का विधिवत शुभारंभ, विकास कार्यों की निगरानी होगी अब डिजिटल

“पौड़ी प्रगति पोर्टल” का विधिवत शुभारंभ, विकास कार्यों की निगरानी होगी अब डिजिटल

“पौड़ी प्रगति पोर्टल” का विधिवत शुभारंभ, विकास कार्यों की निगरानी होगी अब डिजिटल

जिला योजना 2026-27 के परिव्यय पर विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित, विकास कार्यों में नवाचार व स्वरोजगार पर विशेष जोर

जिला योजना बैठक में नवाचारी पहलों का विस्तृत प्रस्तुतिकरण, प्रभारी मंत्री ने जिलाधिकारी के नेतृत्व को सराहा

प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित, जिला योजना में रोजगार व नवाचार को बढ़ावा

पौड़ी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में जनपद पौड़ी गढ़वाल में जिला योजना वर्ष 2026-27 के प्रस्तावित परिव्यय पर चर्चा एवं समग्र समीक्षा के लिए विकास भवन सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गयी। बैठक की अध्यक्षता जनपद के प्रभारी मंत्री (पंचायती राज, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास, आयुष एवं आयुष शिक्षा, पुनर्गठन एवं जनगणना) मदन कौशिक ने की। जनपद आगमन पर जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया, मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत तथा अन्य अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर प्रभारी मंत्री, कैबिनेट मंत्री डॉ धन सिंह रावत तथ अन्य अतिथियों का स्वागत किया।

बैठक के दौरान प्रभारी मंत्री द्वारा “पौड़ी प्रगति पोर्टल” का विधिवत शुभारंभ किया गया। जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी राम सलोने ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशन में इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से जिला योजना, राज्य सरकार, केंद्र पोषित एवं बाह्य सहायतित योजनाओं के अंतर्गत संचालित विकास कार्यों की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की पारदर्शी एवं प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जा सकेगी।

जिलाधिकारी ने विगत वित्तीय वर्ष 2025-26 की जिला योजना का विस्तृत प्रस्तुतीकरण देते हुए प्रमुख परियोजनाओं की जानकारी दी। इनमें राजकीय जिला पुस्तकालय, राहु मंदिर, प्रेरणा कोचिंग, धारी देवी मंदिर परिसर में वॉल वॉशर लाइटिंग, विज्ञान संग्रहालय, पालकोट में प्रस्तावित ईको एडवेंचर पार्क तथा कंडोलिया इंडोर स्टेडियम, कंडोलिया मैदान सुदृढ़ीकरण, प्रोजेक्ट बचपन, बर्ड फेस्टिवल, नयार घाटी फेस्टिवल, मोहन चट्टी स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल रहे। साथ ही उन्होंने प्रस्तावित अन्य कार्यों जैसे जेल संग्रहालय की भी जानकारी दी। प्रभारी मंत्री ने विकास कार्यों के प्रस्तुतिकरण एवं नेतृत्व क्षमता के लिए जिलाधिकारी तथा जिला प्रशासन की सराहना की। उन्होंने सभी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन एवं शत-प्रतिशत व्यय पर प्रसन्नता जताते हुए निर्देश दिए कि पुस्तकालय के लिए नवीन पुस्तकों की आवश्यकता संबंधी प्रस्ताव शीघ्र प्रस्तुत किया जाए। साथ ही उन्होंने आश्वस्त किया कि अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं के लिए भी आवश्यकतानुसार धनराशि उपलब्ध करायी जाएगी।

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित 11,997.70 लाख रुपये के जिला योजना परिव्यय पर विस्तृत चर्चा के दौरान प्रभारी मंत्री ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि वे योजनाओं के प्रस्ताव तैयार करते समय जनप्रतिनिधियों से समन्वय स्थापित करें, ताकि योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक प्रभावी रूप से पहुंच सके। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि जमीनी स्तर के सशक्त माध्यम होते हैं, जिन्हें क्षेत्र की वास्तविक आवश्यकताओं का गहन ज्ञान होता है। प्रभारी मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पूर्व से लंबित एवं अधूरी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर जिला योजना में शामिल किया जाए तथा सभी विधानसभा क्षेत्रों को समान रूप से वरीयता दी जाए।

प्रभारी मंत्री ने यह भी घोषणा की कि वर्ष 2026-27 की जिला योजना में कुल बजट का 15 प्रतिशत हिस्सा स्वरोजगार आधारित विभागों को आवंटित किया जाएगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने क्लस्टर आधारित कार्य योजनाओं को प्राथमिकता देने, नवाचार को बढ़ावा देने तथा योजनाओं के क्रियान्वयन से पूर्व कार्यस्थलों के चयन एवं भूमि विवादों के निस्तारण को सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। प्रभारी मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि बजट का उपयोग अधिक उपयोगी, स्थायी एवं परिणामोन्मुखी विकास कार्यों में किया जाएगा।

प्रभारी मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक विभाग अपने कार्यों के लिए स्पष्ट कार्ययोजना एवं समयसीमा निर्धारित करे तथा उसकी नियमित समीक्षा सुनिश्चित करे। योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए और कार्यों की निगरानी फील्ड स्तर पर नियमित रूप से की जाए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग योजनाओं में नवाचार अपनाते हुए स्थानीय संसाधनों का अधिकतम उपयोग करें तथा प्रत्येक योजना के परिणामों को मापने योग्य बनाया जाए। साथ ही सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित करते हुए कार्य करें, ताकि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी न हो।

बैठक में प्रभारी मंत्री ने नए ब्लॉक प्रमुखों को इस संवादात्मक सत्र में शामिल होने के लिए उनके उज्जवल भविष्य की बधाई दी। बैठक में कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत सहित विभिन्न विधायकों एवं जनप्रतिनिधियों ने भी जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए, जिन पर गंभीरता से विचार करने के निर्देश दिए गए।

इस अवसर पर स्थानीय विधायक राजकुमार पोरी, विधायक लैंसडाउन महंत दिलीप रावत, जिला पंचायत अध्यक्ष रचना बुटोला, उपाध्यक्ष आरती नेगी, नगर पालिका अध्यक्ष हिमानी नेगी, ब्लॉक प्रमुख अस्मिता नेगी, मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवन्त, पीडी डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, अधीक्षण अभियंता जल संस्थान प्रवीण सैनी, जल निगम मो. मीशम, लोनिवि निर्भय सिंह, विवेक कुमार, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी राम सलोने, डीपीआरओ जितेंद्र कुमार, अपर मुख्य अधिकारी भावना रावत, जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी शैलेंद्र पाण्डे, मत्स्य अधिकारी अभिषेक मिश्रा, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी दीपेश चंद्र काला सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।


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