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अब आकाशवाणी बन रहा है, वाणिज्यिक प्रसारण

Category Archives: राष्ट्रीय

अब आकाशवाणी बन रहा है, वाणिज्यिक प्रसारण

देहरादून। आज के समय में जब मीडिया के बड़े घराने अपनी टीआरपी बढ़ाने के लिए ब्रेकिंग न्यूज़ बनाकर शहरी और बड़ी खबरों को चलाते हैँ, उन सब में दूरदर्शन और आकाशवाणी सटीक खबरें प्रस्तुत करते हैँ। आकाशवाणी जो की आम जनो की बात को राष्ट्रीय स्तर पर पहुँचाती हैँ, जो गाँव की झलक और वंहा की स्थलीय रिकॉर्डिंग कर वहां कि समस्याओ को पहुँचाया करती हैँ।

आज भी उत्तराखंड के दूरस्थ क्षेत्रों में आँचलिक कार्यक्रमो को सुनने के लिए इंतजार करते हैँ। लेकिन सूत्रों के हवाले मिली जानकारी के अनुसार अब ग्रामीण आँचल के कार्यक्रम और उनसे जुड़ी धरातलीय और स्थलीय मुद्दों और समस्याओ को सुनना कम हों सकता हैँ। आम जन मानस कि आकाशवाणी जिसके माध्यम से उत्तराखंड के लोक रंग जैसे स्थलीय पर्व, त्यौहार, कार्यक्रम, रीति रिवाज, परम्परा, लोक जात्राओं कि रिकॉर्डिंग के लिए अब आकाशवाणी निजी रेडिओ कि तरह व्यवसयिक बनने कि नीति पर काम कर रहा हैँ। कयास लगाये जा रहे हैँ कि आने वाले समय में आकाशवाणी से अब स्थलीय स्तर पर रिकॉर्डिंग किये गए आँचलिक कार्यक्रम सुनने को नहीं मिल पायेगे।
आकाशवाणी देहरादून से प्रस्तुत होने वाले लोक प्रिय कार्यक्रम जिनमें उत्तराखंड के दूरस्थ गाँव की रिकॉर्डिंग हों या उनकी स्थलीय समस्या यँहा कि लोक संस्कृति हों या ग्राम झांकी, किलकारी, या कोई मेले त्यौहार इन सबको श्रोता बहुत ध्यान से सुनता ही नहीं हैँ बल्कि इनको बहुत पसंद भी करता हैँ।

यदि आकाशवाणी भी निजी रेडिओ चैनलों कि तरह कार्यक्रम रिकॉर्डिंग करवाने कि प्रक्रिया शुरू करता हैँ या कोई नीति बनाता हैँ तों फिर ग्रामीण आँचल के कार्यक्रम रिकॉर्डिंग श्रोताओं को सुनने के लिए मिलना मुश्किल हो सकता हैँ।

यदि आम जनमानस का लोकप्रसारक आकाशवाणी यदि व्यावसायिक हो जाता है तों फिर ग्रामीण क्षेत्रों कि स्थलीय रिकॉर्डिंग सुनने से श्रोता वंचित हों जायेगे।


जब अफसर खुद बने मिसाल : साइकिल से दफ्तर पहुंचे बंशीधर तिवारी

सूचना महानिदेशक ने खुद से की “नो व्हीकल डे” की शुरुआत

देहरादून।  सिर्फ आदेश जारी करना आसान होता है, लेकिन खुद उस रास्ते पर चलकर उदाहरण पेश करना अलग बात है। उत्तराखंड शासन में अपर सचिव मुख्यमंत्री, महानिदेशक सूचना और एमडीडीए उपाध्यक्ष जैसे अहम दायित्व निभा रहे बंशीधर तिवारी ने आज वही कर दिखाया, जिसकी अपील वे लगातार अधिकारियों और कर्मचारियों से कर रहे हैं।

शनिवार को बंशीधर तिवारी सहस्त्रधारा रोड स्थित अपने आवास से रिंग रोड स्थित सूचना निदेशालय तक साइकिल से पहुंचे। यह सिर्फ दफ्तर पहुंचने का तरीका नहीं था, बल्कि ऊर्जा संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और जिम्मेदार प्रशासन का एक मजबूत संदेश भी था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ऊर्जा बचत आह्वान और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में सूचना विभाग में प्रत्येक शनिवार “नो व्हीकल डे” मनाने का निर्णय लिया गया है।

सूचना महानिदेश बंशीधर तिवारी ने अधिकारियों और कर्मचारियों से सार्वजनिक परिवहन, कार पूलिंग और साइकिल जैसे विकल्प अपनाने की अपील की है। एमडीडीए में भी उनके नेतृत्व में “तेल बचाओ मुहिम” शुरू की गई है, जिसके तहत ईंधन बचत, सीमित बिजली उपयोग और पर्यावरण संरक्षण को लेकर ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने इस पहल को केवल बैठकों और फाइलों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि खुद साइकिल चलाकर यह साबित किया कि बदलाव की शुरुआत हमेशा खुद से होती है।

देहरादून जैसे तेजी से बढ़ते शहर में, जहां ट्रैफिक और प्रदूषण बड़ी चुनौती बन चुके हैं, वहां एक वरिष्ठ अधिकारी का यह कदम केवल प्रशासनिक पहल नहीं बल्कि समाज के लिए प्रेरणा भी है। छोटे प्रयास ही बड़े बदलाव की नींव बनते हैं… और बंशीधर तिवारी की यह पहल उसी सोच की एक मजबूत तस्वीर है।


देहरादून में स्कॉर्पियो से 1.55 करोड़ रुपये की नगदी बरामद, सीक्रेट केबिन में छिपाई थी रकम

चेकिंग के दौरान खुला राज, आयकर विभाग ने शुरू की जांच

देहरादून। कैंट थाना पुलिस ने चेकिंग अभियान के दौरान राजेंद्र नगर कौलागढ़ क्षेत्र में सिरमौर मार्ग पर एक संदिग्ध स्कॉर्पियो वाहन से करीब 1 करोड़ 55 लाख रुपये की नगदी बरामद की है। पुलिस ने वाहन को सीज कर मामले की सूचना आयकर विभाग को दे दी है। बरामद रकम के संबंध में वाहन सवार कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाए।

जानकारी के अनुसार, 15 मई को कैंट पुलिस द्वारा क्षेत्र में सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान MH12XT 3245 नंबर की महिंद्रा स्कॉर्पियो को रोककर जांच की गई। वाहन चालक ने अपना नाम सतीश भाई निवासी मेहसाणा, गुजरात बताया। उसके साथ वाहन में जसवंत संघ बनाजी निवासी पाटन और सचिन पटेल निवासी विसनगर, गुजरात सवार थे।

पुलिस ने जब वाहन के दस्तावेज मांगे तो चालक संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। संदेह होने पर सख्ती से पूछताछ की गई, जिसमें चालक ने वाहन में भारी मात्रा में नकदी होने की बात स्वीकार की। उसने बताया कि रकम को वाहन की बीच और पिछली सीट के बीच बने सीक्रेट केबिन में छिपाकर रखा गया है।

सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों ने आयकर विभाग को अवगत कराया। मौके पर क्षेत्राधिकारी नगर और आयकर विभाग की टीम पहुंची। उनकी मौजूदगी में वाहन की तलाशी लेने पर सीक्रेट केबिन से करीब 1 करोड़ 55 लाख रुपये नकद बरामद हुए।

पूछताछ में वाहन चालक ने बताया कि वह उक्त रकम बनारस से लेकर आया था और इसे अपने साथ बैठे जसवंत को सौंपना था। हालांकि, रकम के स्रोत से जुड़े कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके।

फिलहाल आयकर विभाग की टीम तीनों व्यक्तियों से पूछताछ कर रही है और बरामद धनराशि का आकलन किया जा रहा है। मामले में आगे की कार्रवाई आयकर विभाग द्वारा की जाएगी। वहीं पुलिस ने संदिग्ध स्कॉर्पियो वाहन को सीज कर लिया है।


एमडीडीए की सख्त कार्रवाई, तीन बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त

देहरादून।  एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के दिशा निर्देशों के क्रम में मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण एवं अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध लगातार सख्त अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में देहरादून क्षेत्र में की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर बड़ी कार्रवाई करते हुए ध्वस्तीकरण अभियान चलाया गया। एमडीडीए की टीम ने हरभजवाला, निकट फॉरेस्ट चौकी, डीएसपी चौक, शिमला बाईपास क्षेत्र में ताहिर अंसारी द्वारा लगभग तीन बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध प्लॉटिंग को चिन्हित किया। जांच में पाया गया कि संबंधित व्यक्ति द्वारा बिना प्राधिकरण की स्वीकृति एवं मानचित्र अनुमति के प्लॉटिंग का कार्य किया जा रहा था, जो प्राधिकरण अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन है।

संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के आदेशों के अनुपालन में प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी मशीनों की सहायता से अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से बनाई गई सड़क, सीमांकन एवं अन्य निर्माण कार्यों को हटाया गया। स्पष्ट किया कि प्राधिकरण क्षेत्र में बिना अनुमति किसी भी प्रकार की प्लॉटिंग, निर्माण अथवा भूमि विकास कार्य को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

प्राधिकरण ने आमजन से भी अपील की है कि किसी भी भूखंड अथवा संपत्ति की खरीद-फरोख्त से पूर्व उसकी वैधता एवं प्राधिकरण से स्वीकृति की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उक्त कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता विजय सिंह रावत, अवर अभियंता मुनेश राणा सहित प्राधिकरण का सुपरवाइजरी स्टाफ मौके पर उपस्थित रहा।


इलेक्ट्रिक स्कूटर से उपनल मुख्यालय पहुंचे मंत्री गणेश जोशी, किया औचक निरीक्षण

देहरादून। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने शुक्रवार को दुपहिया इलेक्ट्रिक वाहन से अचानक उपनल मुख्यालय पहुंचकर औचक निरीक्षण किया। मंत्री गणेश जोशी को अचानक अपने बीच देखकर अधिकारियों और कर्मचारियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया तथा पूरे कार्यालय में हड़कंप मच गया।

निरीक्षण के दौरान मंत्री गणेश जोशी ने मुख्यालय के विभिन्न अनुभागों का दौरा कर कर्मचारियों की उपस्थिति, कार्यप्रणाली, कार्यालय संचालन एवं प्रबंधन व्यवस्था का गहनता से निरीक्षण किया तथा अधिकारियों से विभिन्न व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों, ईंधन संरक्षण के दृष्टिगत उपनल मुख्यालय के 50 प्रतिशत कार्य “वर्क फ्रॉम होम” प्रणाली के अंतर्गत संचालित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने सप्ताह में एक दिन “नो व्हीकल डे” अभियान के तहत प्रत्येक शनिवार को अधिकतम कार्य ऑनलाइन माध्यम से संचालित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि डिजिटल कार्यप्रणाली को बढ़ावा देने से न केवल ईंधन की बचत होगी बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा। मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अनावश्यक वाहन उपयोग कम करने तथा इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की अपील की। मंत्री गणेश जोशी ने उपनल मुख्यालय में डाक एवं अन्य कार्यों के लिए उपयोग में लाए जा रहे दुपहिया इलेक्ट्रिक वाहन की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की पहल अन्य विभागों के लिए भी प्रेरणादायक बताया।उन्होंने कहा कि ऊर्जा संरक्षण एवं ईंधन की बचत वर्तमान समय की आवश्यकता है और इसके लिए सभी को सामूहिक प्रयास करने होंगे।

इस दौरान पर उपनल के निदेशक मेजर जनरल शम्मी सभरवाल (सेनि), प्रबंध निदेशक ब्रिगेडियर जेएनएस बिष्ट (सेनि) तथा उपमहाप्रबंधक मेजर हिमांशु रौतेला (सेनि) उपस्थित रहे।


गांव, गरीब और युवाओं का विकास सरकार की प्राथमिकता- कैबिनेट मंत्री भरत सिंह

कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने ली जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक,योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन के दिए निर्देश

महिलाओं के आर्थिक विकास और सशक्तिकरण पर जोर

उत्तरकाशी।  प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं,नीतियों को धरातल पर उतारने और विकास योजनाओं की वास्तविक प्रगति का आकलन करने के उद्देश्य से कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने विकास भवन सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ जिले में चल रहे विकासात्मक कार्यों की समीक्षा बैठक ली। बैठक के दौरान ग्राम्य विकास, स्वरोजगार, लघु एवं सूक्ष्म उद्योग, खादी एवं ग्रामोद्योग, मनरेगा, आजीविका संवर्धन, ग्रामीण अवस्थापना विकास, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, उद्यान, पशुपालन सहित विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही के साथ समय सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए।

समीक्षा के दौरान कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य गांव, गरीब, किसान, महिला एवं युवाओं को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाना है। जिले के दूरस्थ क्षेत्रों तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित की जाए, ताकि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को भी शासन की नीतियों का लाभ मिल सके।

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कैबिनेट मंत्री ने विशेष निर्देश देते हुए कहा कि महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों और एनआरएलएम के माध्यम से स्वरोजगार के साधनों से जोड़ा जाए। उन्होंने अधिकारियों से महिलाओं को एक सशक्त ‘वर्क फोर्स’ के रूप में प्रोत्साहित करने का आवाहन किया जिससे वे आर्थिक रूप से स्वतंत्र होकर परिवार और समाज की उन्नति में सक्रिय योगदान दे सकें।

स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार से जोड़ने के लिए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। जिसके लिए सूक्ष्म, लघु एवं खादी ग्रामोद्योग सहित सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिये।प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क मार्ग की समीक्षा करते हुए कैबिनेट मंत्री ने सड़क मार्ग को गड्डा मुक्त करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने पीएमजीएसवाई के तहत संगमचट्टी-अगोड़ा सड़क मार्ग के कार्यों में 15 दिन के भीतर संतोषजनक प्रगति लाने के निर्देश दिए। इस दौरान संबंधित अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और भविष्य के लक्ष्यों को साझा किया।

बैठक में जिलाधिकारी प्रशांत आर्य, विधायक गंगोत्री सुरेश चौहान,भाजपा जिलाध्यक्ष नागेन्द्र सिंह चौहान,पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा सतेंद्र चौहान,ब्लॉक प्रमुख भटवाड़ी ममता पंवार,डुंडा राजदीप परमार,पुरोला निशिता शाह,पूर्व प्रमुख भटवाड़ी विनीता रावत सहित मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह, अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्रा, परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास अजय सिंह एवं जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।


उच्च शिक्षा विभाग में किताबों का संकट दूर करेगी ई-लाइब्रेरी- डाॅ. धन सिंह रावत

स्वामी विवेकानंद ई-पुस्तकालय योजना के तहत छात्रों को मिलेगी डिजिटल पुस्तकें

देहरादून। उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित राज्य विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों एवं अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों में ‘स्वामी विवेकानंद उत्तराखण्ड ई-पुस्तकालय योजना’ लागू कर दी गई है। योजना के तहत शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को ऑनलाइन एकीकृत प्लेटफार्म पर सभी पाठ्यक्रमों की ई-बुक सहित अन्य डिजिटल कंटेन्ट उपलब्ध कराया जायेगा, ताकि छात्र-छात्राओं को किताबों को लेकर कोई दिक्कत न हो। योजना के ठोस क्रियान्वयन के लिये शासन स्तर से सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों एवं निदेशक उच्च शिक्षा को निर्देश जारी कर दिये गये हैं।

सूबे के उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने बताया कि नई शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप प्रदेश की उच्च शिक्षा में डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा दिया जा रहा है। जिसके तहत सभी राज्य विश्वविद्यालयों, सम्बद्ध महाविद्यालयों एवं अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों में ‘स्वामी विवेकानंद उत्तराखंड ई-पुस्तकालय योजन’ को लागू कर दिया गया है। इस योजना के तहत अध्ययनरत छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को एकीकृत ऑनलाइन प्लेटफार्म पर पाठ्यपुस्तकें, उत्कृष्ट लेखकों की किताबें, शोध पत्र एवं अन्य डिजिटल कंटेंट न्यूजपेपर, मैगजीन एवं रिपोर्ट्स एक क्लिक पर मिलेगी। डाॅ. रावत ने कहा कि ई-लाइब्रेरी का उद्देश्य प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक गुणवत्तपूर्ण शिक्षा पहुंचाना है ताकि आर्थिक एवं भौगोलिक कारणों से कोई भी छात्र किताबों से वंचित न रहे।

उन्होंने कहा कि ई-लाइब्रेरी योजना का लाभ ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के विद्यार्थियों को समान रूप से मिल सकेगा और छात्र अपनी सुविधानुसार आसानी से विषयवार पुस्तकों की पढ़ाई कर सकेंगे। इसके अलावा उक्त योजना का लाभ तकनीकी शिक्षा, आयुष एवं चिकित्सा शिक्षा सहित अन्य विभाग व निजी विश्वविद्यालय व महाविद्यालय भी ले सकेंगे इसके लिये उन्हें निर्धारित शुल्क का वहन करना पड़ेगा। डाॅ. रावत ने बताया कि ई-पुस्तकालय की सुविधा के लिये प्रत्येक विश्वविद्यालय द्वारा न्यूनतम रु0 5 लाख वार्षिक शुल्क देना होगा जबकि निजी व अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों सहित अन्य विभागों एवं शोध संस्थानों के लिये प्रति वर्ष रु0 1 लाख अथवा प्रत्येक हितधारकों को रु0 500 की दर से शुल्क देय होगा। डाॅ. रावत ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि ई-लाइब्रेरी को सरल, उपयोगी एवं विद्यार्थियों के अनुकूल बनाया जाय।


कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ की बैठक

मसूरी क्षेत्र में चल रहे सभी विकास एवं निर्माण कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए- जोशी

देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने अपने कैंप कार्यालय में सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर मसूरी विधानसभा क्षेत्र में संचालित विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने विभिन्न निर्माण कार्यों की विस्तृत जानकारी लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि मसूरी विधानसभा क्षेत्र में चल रहे सभी विकास एवं निर्माण कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने मुख्यमंत्री घोषणाओं के अंतर्गत प्रस्तावित विकास कार्यों के शीघ्र इस्टीमेट तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने ब्रजलोक कॉलोनी, दून विहार, गल्जवाड़ी इंद्रानगर, जैंतनवाला, चंद्रोटी, गुनियाल गांव, गजियावाला सहित विभिन्न क्षेत्रों में जल निकासी, सुरक्षा दीवारों, आरसीसी पाइप एवं बाढ़ सुरक्षा से संबंधित कार्यों को शीघ्र शासन से स्वीकृति दिलाकर समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जिन विकास कार्यों को शासन स्तर से स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है, उनका कार्य तत्काल प्रारंभ किया जाए।

बैठक में प्रस्तावित विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई, जिस पर मंत्री जोशी ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने संतला देवी क्षेत्र में प्रस्तावित झील निर्माण परियोजना से संबंधित कागजी कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करने तथा समय पर निर्माण कार्य प्रारंभ करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि शासन स्तर पर लंबित प्रस्तावों की स्वीकृति हेतु लगातार फॉलोअप किया जाए, ताकि विकास कार्य बिना किसी बाधा के तय समय सीमा के भीतर पूर्ण किए जा सकें।

इस अवसर पर बैठक में पार्षद भूपेंद्र कठैत, प्रमुख अभियंता सिंचाई सुभाष चंद्र, मुख्य अभियंता शंकर कुमार साहा, अधीक्षण अभियंता संजय राज, अधिशासी अभियंता दीक्षांत, अधिशासी अभियंता पुरुषोत्तम सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।


मानकों के विपरीत संचालित 96 होमस्टे के पंजीकरण निरस्त

जिला प्रशासन का ऑपरेशन सफाई; प्रथम चरण में 17 व द्वितीय चरण में 79 अवैध होमस्टे का पंजीकरण निरस्त; एक्शन निरंतर जारी

होमस्टे में रात भर नियम विस्द्ध बार संचालन व लाउड डीेजे; गैर कानूनी गतिविधि के अड्डे बन रहे होमस्टे

देहरादून। जनपद में कानून व्यवस्था सुदृढ़ बनाए रखने तथा आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशानुसार होमस्टे संचालन की गहन जांच कराई जा रही है। जांच में मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर जिला प्रशासन द्वारा बड़ी कार्रवाई करते हुए अब तक 96 होमस्टे का पंजीकरण निरस्त कर दिया गया है। जिसमें प्रथम चरण में 17 तथा द्वितीय चरण में 79 होमस्टे के पंजीकरण निरस्त कर दिए गए हैं। संबंधित होमस्टे को विभागीय वेबसाइट से भी विलोपित करने की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी है।

जिले में होटल रूप में शहरी धनाडय अमीरों के होमस्टे पर डीएम ने कार्रवाई का डंडा चला दिया है। इसी क्रम में जिला प्रशासन की मजिस्ट्रेट टीमों ने अब तक जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 136 निरीक्षण करते हुए मानक विपरीत संचालित मिले 96 होमस्टे का पंजीकरण निरस्त करते हुए पर्यटन वेबसाइट से विलोपित की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिला प्रशासन ने ऑपरेशन सफाई शुरू करते हुए प्रथम चरण में 17 तथा द्वितीय चरण में 79 अवैध होमस्टे का पंजीकरण निरसत कर दिया है तथा आगे भी कार्रवाई गतिमान रहेगी। विगत कई माह से शहर में बढती आपराधिक घटना नशे एवं ओवर स्पीड में वाहन चलाना अदि घटनाएं बढी है। जिसका एक बडे़ कारण में से एक होमस्टे में रात भर नियम विस्द्ध बार संचालन आदि निकल कर सामने आए है, जहां लाउड डीेजे नशे गैर कानूनी गतिविधि के अड्डे बन रहे होमस्टे में उपद्रवी प्रवृत्ति के व्यक्तियों के ठहरने से आमजन की जान का खतरा बना हुआ है। इसी के मद्देनजर जिला प्रशासन ने सख्त रूख अख्तियार करते हुए होमस्टे का सत्यापन एवं निरीक्षण किया जा रहा है। होमस्टे होटल में निर्धारित प्रक्रिया पालन किए बिना पर्यटक एवं उपद्रवी प्रवृत्ति के लोग ठहराए जा रहे है। होमस्टे भी लीज पर संचालित हो रहे है जो जिले की कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बन रहे है। उपद्रवी प्रवृत्ति के व्यक्तियों द्वारा शहर में हुड़दंग मचाने तथा नशे की हालत में ओवर स्पीड, पिस्टल तमचों से फायरिंग की घटनाएं भी सामने आ रही है।

जिलाधिकारी ने कहा कि होमस्टे योजना का मूल उद्देश्य स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक व्यंजनों के प्रचार-प्रसार तथा स्थानीय निवासियों की आय में वृद्धि करना है, किंतु निरीक्षण के दौरान कई होमस्टे का उपयोग होटल अथवा व्यावसायिक प्रतिष्ठान की भांति किया जाना पाया गया, जिससे अव्यवस्था एवं कानून-व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था।

जिलाधिकारी के निर्देशानुसार सहसपुर एवं रायपुर विकासखंड के नगरीय क्षेत्रों में पंजीकृत होमस्टे की जांच हेतु क्षेत्रवार समितियों का गठन किया गया। समितियों द्वारा निरीक्षण उपरांत 96 होमस्टे ऐसे पाए गए जो उत्तराखण्ड गृह आवास (होमस्टे) नियमावली के प्रावधानों के अनुरूप संचालित नहीं हो रहे थे। इन सभी के पंजीकरण निरस्त करने की संस्तुति की गई, जिसे स्वीकार करते हुए प्रशासन द्वारा कार्रवाई की गई।

निरीक्षण के दौरान कई होमस्टे में रसोई की व्यवस्था नहीं पाई गई। अग्निशमन उपकरण अनुपलब्ध या उनकी वैधता समाप्त पाई गई। होमस्टे का उपयोग बारात घर एवं व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। कई स्थानों पर स्वामी का निवास नहीं पाया गया तथा इकाइयों को लीज/किराये पर संचालित किया जा रहा था। निर्धारित क्षमता से अधिक कमरों का संचालन किया जा रहा था। विगत निरीक्षण में विदेशी नागरिकों के ठहराव की सूचना (सी-फॉर्म) उपलब्ध नहीं कराने सम्बन्धी घटनाएं प्रकाश में आई थी। कुछ होमस्टे पंजीकृत होने के बावजूद संचालित नहीं पाए गए।


NEET-UG 2026 री-एग्जाम की तारीख घोषित, 21 जून को होगी परीक्षा

छात्रों की मेहनत से समझौता नहीं, NTA ने NEET री-एग्जाम पर दिया भरोसा

नई दिल्ली। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG 2026) को लेकर जारी विवाद के बीच राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने परीक्षा की नई तारीख घोषित कर दी है। अब देशभर में यह परीक्षा 21 जून 2026 को आयोजित की जाएगी। इससे पहले 3 मई को हुई परीक्षा पेपर लीक के आरोपों के बाद विवादों में घिर गई थी, जिसके चलते मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई है। एनटीए ने स्पष्ट किया है कि दोबारा परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा।

एनटीए ने जारी बयान में कहा कि केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने के बाद NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा 21 जून, रविवार को कराने का फैसला लिया गया है। एजेंसी ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे केवल एनटीए के आधिकारिक प्लेटफॉर्म से ही जानकारी प्राप्त करें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।

इससे पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने NEET परीक्षा को दोबारा आयोजित कराने को लेकर उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की थी। बैठक में शिक्षा मंत्रालय और एनटीए के वरिष्ठ अधिकारियों ने परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने पर चर्चा की। सरकार ने संकेत दिए हैं कि इस बार परीक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा ताकि किसी प्रकार की गड़बड़ी की पुनरावृत्ति न हो सके।

एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने भी भरोसा दिलाया कि छात्रों की मेहनत के साथ कोई अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं से ईमानदारी से तैयारी कर रहे लाखों छात्रों का नुकसान हुआ है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त इंतजाम किए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी छात्र या अभिभावक के पास पेपर लीक से जुड़ी कोई जानकारी है तो वे उसे ईमेल के जरिए साझा कर सकते हैं, उनकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

इधर, NEET विवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर 2026-27 सत्र के लिए NEET परीक्षा से छूट देने की मांग की है। उन्होंने राज्यों को 12वीं कक्षा के अंकों के आधार पर मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में दाखिला देने की अनुमति देने की बात कही है।


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