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उत्तराखंड के प्रत्येक विकासखण्ड में बनेगा एक आदर्श कृषि गांव, सीएम धामी ने दिये निर्देश

Category Archives: राष्ट्रीय

उत्तराखंड के प्रत्येक विकासखण्ड में बनेगा एक आदर्श कृषि गांव, सीएम धामी ने दिये निर्देश

मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड को आगामी तीन वर्षों की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिये

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में आयोजित उत्तराखण्ड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड की बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिये कि राज्य के प्रत्येक विकासखण्ड से एक-एक गांव का चयन कर उसे कृषि एवं उद्यान के क्षेत्र में आदर्श गांव के रूप में विकसित किया जाए, ताकि स्थानीय संसाधनों, पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक कृषि पद्धतियों के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाया जा सके।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों, जलवायु, भूमि की गुणवत्ता और स्थानीय आवश्यकताओं का अध्ययन करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि किस क्षेत्र में कौन-से फल, सब्जियां अथवा अन्य कृषि उत्पाद अधिक बेहतर ढंग से विकसित किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र विशेष की विशेषताओं के अनुरूप योजनाबद्ध कार्य कर राज्य को कृषि और बागवानी के क्षेत्र में नई पहचान दिलाई जा सकती है। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड को आगामी तीन वर्षों की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी योजनाओं में किसानों के हित सर्वोपरि होने चाहिए। उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादन बढ़ाने, खेती की लागत कम करने और किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गोविन्द बल्लभ पन्त, कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर तथा अन्य संस्थानों के सहयोग से प्रदेशभर में किसानों के लिए बड़े स्तर पर कृषि गोष्ठियों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए। इन कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को उन्नत कृषि तकनीक, बेहतर खेती के तरीकों तथा उच्च गुणवत्ता वाले पौध, बीज और खाद उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से तिलहनी फसलों जैसे सरसों, तिल, सूरजमुखी, सोयाबीन के उत्पादन को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसानों को इन फसलों के प्रति जागरूक किया जाए, जिससे कृषि विविधीकरण को बढ़ावा मिले और किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ प्राप्त हो।

मुख्यमंत्री ने बायो गैस संयंत्र और सौर ऊर्जा संचालित पंपों के उपयोग को प्रोत्साहित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज के विपणन में हर संभव सहयोग प्रदान किया जाए। साथ ही डिजिटल माध्यमों से बिक्री के लिए आवश्यक सुविधाएं और प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शोध और तकनीकी नवाचारों का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचाने के उद्देश्य से अधिक से अधिक किसानों को लैब टू लैंड से जोड़ा जाए।

बैठक में उत्तराखण्ड मंडी परिषद के अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार डब्बू, सचिव डॉ. एस.एन. पाण्डेय, अपर सचिव श्री बंशीधर तिवारी तथा संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।


सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में डीएम का औचक निरीक्षण, स्टांप चोरी और अवैध रजिस्ट्रियों का हुआ खुलासा

उप निबंधक विकासनगर अपूर्वा सिंह के निलंबन एवं विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की शासन को संस्तुति

देहरादून। विकासनगर स्थित उप निबंधक कार्यालय में जिलाधिकारी सविन बंसल के औचक निरीक्षण में स्टांप चोरी, अवैध रजिस्ट्रियों और रिकॉर्ड प्रबंधन में गंभीर अनियमितताओं का बड़ा मामला सामने आया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने उप निबंधक अपूर्वा सिंह के निलंबन और विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति शासन को भेज दी है। जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार और राजस्व हानि के खिलाफ बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, जिलाधिकारी ने 4 मई को उप निबंधक कार्यालय विकासनगर में छापेमारी कर निरीक्षण किया था। इस दौरान कई महत्वपूर्ण अभिलेख जब्त किए गए। जांच में वर्ष 2018, 2024 और 2025 के मूल विलेख पत्र संदिग्ध परिस्थितियों में कार्यालय में पड़े मिले। कई पंजीकृत दस्तावेज महीनों और वर्षों तक बिना कारण रोके जाने के तथ्य भी सामने आए। वहीं 25 रजिस्ट्रियां बिना अभिलेखन और सूचना के वर्षों से लंबित पाई गईं, जिसका संतोषजनक जवाब अधिकारियों द्वारा नहीं दिया जा सका।

निरीक्षण के दौरान गोल्डन फॉरेस्ट की प्रतिबंधित भूमि से जुड़ी करीब 150 अवैध रजिस्ट्रियां भी पकड़ी गईं। प्रारंभिक जांच में सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के बावजूद प्रतिबंधित भूमि की खरीद-फरोख्त और रजिस्ट्री किए जाने का मामला सामने आया है। प्रशासन को आशंका है कि ऐसी सैकड़ों रजिस्ट्रियां की गईं, जिनमें तत्कालीन कर्मचारियों और अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। प्रशासन के अनुसार इन अवैध रजिस्ट्रियों से न केवल सरकारी राजस्व को भारी नुकसान हुआ, बल्कि कई भूमि खरीदारों के साथ धोखाधड़ी जैसी स्थिति भी उत्पन्न हुई।

जांच में धारा 47-ए के तहत स्टांप शुल्क चोरी से जुड़े 47 मामले भी चिन्हित किए गए हैं। जिला प्रशासन का मानना है कि यह मामला करोड़ों रुपये के राजस्व नुकसान से जुड़ा हो सकता है। साथ ही कार्यालय में पारदर्शिता की कमी, रिकॉर्ड रखरखाव में लापरवाही और प्रक्रियात्मक नियमों के उल्लंघन जैसी गंभीर खामियां भी सामने आई हैं।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट शासन को भेजने के निर्देश दिए हैं। वर्तमान और पूर्व में तैनात सभी सब-रजिस्ट्रारों के कार्यकाल की भी जांच की जा रही है। प्रशासन ने साफ किया है कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार राजस्व और भूमि संबंधी मामलों में भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत आगे भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।

विकासनगर स्थित उप निबंधक कार्यालय में जिलाधिकारी सविन बंसल के औचक निरीक्षण में स्टांप चोरी, अवैध रजिस्ट्रियों और रिकॉर्ड प्रबंधन में गंभीर अनियमितताओं का बड़ा मामला सामने आया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने उप निबंधक अपूर्वा सिंह के निलंबन और विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति शासन को भेज दी है। जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार और राजस्व हानि के खिलाफ बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, जिलाधिकारी ने 4 मई को उप निबंधक कार्यालय विकासनगर में छापेमारी कर निरीक्षण किया था। इस दौरान कई महत्वपूर्ण अभिलेख जब्त किए गए। जांच में वर्ष 2018, 2024 और 2025 के मूल विलेख पत्र संदिग्ध परिस्थितियों में कार्यालय में पड़े मिले। कई पंजीकृत दस्तावेज महीनों और वर्षों तक बिना कारण रोके जाने के तथ्य भी सामने आए। वहीं 25 रजिस्ट्रियां बिना अभिलेखन और सूचना के वर्षों से लंबित पाई गईं, जिसका संतोषजनक जवाब अधिकारियों द्वारा नहीं दिया जा सका।

निरीक्षण के दौरान गोल्डन फॉरेस्ट की प्रतिबंधित भूमि से जुड़ी करीब 150 अवैध रजिस्ट्रियां भी पकड़ी गईं। प्रारंभिक जांच में सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के बावजूद प्रतिबंधित भूमि की खरीद-फरोख्त और रजिस्ट्री किए जाने का मामला सामने आया है। प्रशासन को आशंका है कि ऐसी सैकड़ों रजिस्ट्रियां की गईं, जिनमें तत्कालीन कर्मचारियों और अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। प्रशासन के अनुसार इन अवैध रजिस्ट्रियों से न केवल सरकारी राजस्व को भारी नुकसान हुआ, बल्कि कई भूमि खरीदारों के साथ धोखाधड़ी जैसी स्थिति भी उत्पन्न हुई।

जांच में धारा 47-ए के तहत स्टांप शुल्क चोरी से जुड़े 47 मामले भी चिन्हित किए गए हैं। जिला प्रशासन का मानना है कि यह मामला करोड़ों रुपये के राजस्व नुकसान से जुड़ा हो सकता है। साथ ही कार्यालय में पारदर्शिता की कमी, रिकॉर्ड रखरखाव में लापरवाही और प्रक्रियात्मक नियमों के उल्लंघन जैसी गंभीर खामियां भी सामने आई हैं।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट शासन को भेजने के निर्देश दिए हैं। वर्तमान और पूर्व में तैनात सभी सब-रजिस्ट्रारों के कार्यकाल की भी जांच की जा रही है। प्रशासन ने साफ किया है कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार राजस्व और भूमि संबंधी मामलों में भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत आगे भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।


​शिक्षा के मंदिर में अनैतिक गतिविधियां अक्षम्य, दोषियों पर होगी कठोरतम कार्रवाई: कुसुम कंडवाल

आयोग ने लिया स्वतः संज्ञान; स्कूलों के पास मदिरा की दुकानों और संदिग्ध केंद्रों की जांच के निर्देश

​अभिभावकों से अपील: नई पीढ़ी को अपराध की गर्त से बचाने के लिए रखें बच्चों पर कड़ी नजर

​देहरादून-  देहरादून के एक प्रतिष्ठित स्कूल परिसर में अनैतिक देह व्यापार (सेक्स रैकेट) के संचालन का मामला सामने आने के बाद उत्तराखंड राज्य महिला आयोग ने इसे अत्यंत गंभीरता से लिया है। आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी देहरादून को पत्र लिखते हुए निर्देशित किया कि यह घटना न केवल निंदनीय है, बल्कि समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी भी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस “शिक्षा के मंदिर” को समाज में सबसे पवित्र स्थान माना जाता है, वहां इस प्रकार की घृणित गतिविधियों का होना दुर्भाग्यपूर्ण है। आयोग ने सख्त लहजे में कहा है कि शिक्षा के क्षेत्र को कलंकित करने वाले किसी भी दोषी या गिरोह के सदस्यों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और उनके विरुद्ध संवैधानिक प्रावधानों के तहत कड़ी से कड़ी दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

​मामले की गंभीरता को देखते हुए अध्यक्ष ने जिलाधिकारी को निर्देश दिए हैं कि प्रकरण की निष्पक्ष और हर संभावित पहलू से गहन जांच की जाए, ताकि इस रैकेट के मुख्य सरगनाओं और इसमें संलिप्त सभी चेहरों को बेनकाब किया जा सके। इसी क्रम में, उन्होंने जनपद के समस्त सरकारी, गैर-सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों के आसपास व्यापक चेकिंग अभियान चलाने के आदेश दिए हैं। आयोग ने मांग की है कि स्कूलों के पास संचालित होने वाली मदिरा की दुकानों, नशे की सामग्री बेचने वाले केंद्रों और ऐसे अन्य संदिग्ध ठिकानों की कड़ाई से जांच हो, जो युवा पीढ़ी को अनैतिकता की ओर आकर्षित करने का माध्यम बनते हैं। प्रशासन को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि भविष्य में किसी भी शैक्षणिक संस्थान के परिसर या उसके निकट ऐसी संदिग्ध गतिविधियों के लिए कोई स्थान शेष न रहे।

​अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को रेखांकित किया और अभिभावकों के लिए एक मार्मिक संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास और उन्हें सही मार्ग पर रखने के लिए माता-पिता की भूमिका सर्वोपरि है। यह अभिभावकों की एक अनिवार्य जिम्मेदारी है कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों की निरंतर मॉनिटरिंग करें, वे किस प्रकार के लोगों के संपर्क में हैं और अपना समय कहां व्यतीत कर रहे हैं, इसकी पूरी जानकारी रखें। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रशासन की सख्ती और अभिभावकों की सतर्कता के समन्वय से ही हम अपनी युवा पीढ़ी को सुरक्षित रख पाएंगे और शिक्षा के मंदिरों की गरिमा को पुनः स्थापित कर सकेंगे।


सीएम धामी के निर्देशों के बाद एमडीडीए ने शुरू की ‘तेल बचाओ मुहिम’

कार पूलिंग और ऊर्जा संरक्षण पर जोर

एमडीडीए का ‘ग्रीन मिशन’, कम होंगे वाहन और बिजली खर्च, उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी बोले- छोटी पहल से होगा बड़ा बदलाव

देहरादून। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देशवासियों से पेट्रोल-डीजल की बचत और ऊर्जा संरक्षण को लेकर किए गए आह्वान के बाद अब उत्तराखंड में भी सरकारी विभाग सक्रिय होते दिखाई दे रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित राज्य कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में ऊर्जा संरक्षण और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए। वैश्विक परिस्थितियों और बढ़ते ऊर्जा संकट को देखते हुए प्रधानमंत्री द्वारा नागरिकों से छोटे-छोटे व्यवहारिक बदलावों के माध्यम से राष्ट्रीय प्रयासों में सहयोग की अपील की गई है, जिसका सकारात्मक प्रभाव जनसामान्य पर पड़ने की उम्मीद जताई जा रही है। राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री और मंत्रियों के वाहन फ्लीट में वाहनों की संख्या आधी करने, सप्ताह में एक दिन “नो व्हीकल डे” लागू करने और आवश्यकता पड़ने पर “वर्क फ्रॉम होम” व्यवस्था अपनाने जैसे कदम उठाने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही सरकारी एवं निजी भवनों में एसी के सीमित उपयोग और अनावश्यक बिजली खपत रोकने पर भी जोर दिया गया है।

“एक अधिकारी, एक वाहन” का संदेश
राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप सरकारी कर्मचारियों को सार्वजनिक परिवहन के उपयोग के लिए प्रेरित किया जाएगा। जिन अधिकारियों के पास एक से अधिक विभागों की जिम्मेदारी है, वे एक दिन में अधिकतम एक ही वाहन का उपयोग करेंगे। सरकार का मानना है कि यदि प्रशासनिक स्तर पर इस तरह की पहल शुरू होती है तो इसका सकारात्मक संदेश समाज तक पहुंचेगा और आम लोग भी ऊर्जा बचत को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएंगे।

एमडीडीए ने शुरू की “तेल बचाओ मुहिम”
मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशों पर मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने भी तत्काल प्रभाव से ऊर्जा संरक्षण और तेल बचत को लेकर कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने प्राधिकरण के अधिकारियों और कर्मचारियों तेल बचत और ऊर्जा संरक्षण पर विशेष कार्ययोजना लागू करने के निर्देश दिए। अधिकारियों-कर्मचारियों से कार्यालय आने-जाने के दौरान “कार पूलिंग” अपनाने की अपील की गई, ताकि अनावश्यक ईंधन खपत को कम किया जा सके। जो कर्मचारी कार्यालय के आसपास रहते हैं, उन्हें साइकिल या पैदल कार्यालय आने के लिए भी प्रेरित किया गया। इसके साथ ही अनावश्यक विदेश दौरों से बचने और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग पर जोर दिया गया।

एसी और बिजली उपयोग पर भी सख्ती
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री के ऊर्जा संरक्षण और ईंधन बचत के आह्वान तथा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण द्वारा कई स्तरों पर कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि कार्यालयीय कार्यों में वाहनों के उपयोग को कम करने के लिए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। वाहनों की संख्या में कटौती और संसाधनों के बेहतर उपयोग को लेकर जल्द ही ठोस निर्णय लिया जाएगा। एमडीडीए मुख्यालय में सेंट्रलाइज्ड एसी और अन्य एयर कंडीशनर के सीमित उपयोग के निर्देश जारी किए गए हैं। कार्यालयों में कम उपयोग में आने वाली लाइटें, कंप्यूटर और अन्य विद्युत उपकरण बंद रखने के लिए भी कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है। प्राधिकरण ने ऊर्जा संरक्षण को लेकर कई महत्वपूर्ण आंतरिक दिशा-निर्देश लागू किए हैं, जिनका उद्देश्य बिजली और ईंधन दोनों की बचत करना है। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे प्रयासों से न केवल ईंधन की बचत होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सरकारी खर्चों में कमी लाने में भी मदद मिलेगी।

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी बड़ा कदम
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए संदेश को गंभीरता से लेते हुए प्राधिकरण ने यह अभियान शुरू किया है। देहरादून लगातार बढ़ते ट्रैफिक और प्रदूषण की समस्या से जूझ रहा है। ऐसे में सरकारी विभागों द्वारा कार पूलिंग और साइकिल उपयोग को बढ़ावा देने से न केवल ईंधन की बचत होगी बल्कि कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी। उन्होंने कहा कि ऊर्जा संरक्षण केवल सरकारी आदेश नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है। यदि अधिकारी-कर्मचारी साझा वाहन, साइकिल या पैदल कार्यालय आने की आदत विकसित करें तो इससे पेट्रोल-डीजल की बचत के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी बड़ा योगदान मिलेगा।


सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने चयनित लोगों को सौंपे नियुक्त पत्र

देहरादून। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने आज आईआरडीटी ऑडिटोरियम, सर्वे चौक, देहरादून में सैनिक कल्याण विभाग एवं आईटीडीए के माध्यम से प्रायोजित पूर्व सैनिक आश्रितों के लिए आयोजित रोजगार मेले में प्रतिभाग किया। यह रोजगार मेला कम्प्यूटर एवं तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके पूर्व सैनिक आश्रितों के लिए आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने चयनित लोगों को नियुक्त पत्र भी वितरित किए और निजी कंपनियों के प्रतिनिधियों को भी सम्मानित किया। रोज़गार मेले में 21 निजी कंपनियों द्वारा प्रतिभाग किया गया है।

इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि सैनिक कल्याण विभाग एवं आईटीडीए विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह रोजगार मेला केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक सशक्त पहल है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड केवल देवभूमि ही नहीं, बल्कि वीरभूमि भी है, जहाँ प्रत्येक परिवार देशभक्ति, अनुशासन और त्याग की भावना से जुड़ा हुआ है। मंत्री जोशी ने कहा कि पूर्व सैनिकों और वीर नारियों ने राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अपना अमूल्य योगदान दिया है और अब सरकार की जिम्मेदारी है कि उनके परिवारों एवं आश्रितों को शिक्षा, कौशल और रोजगार के माध्यम से सशक्त बनाया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएँ संचालित की जा रही हैं, जिनके अंतर्गत शिक्षा अनुदान, छात्रवृत्ति, चिकित्सा सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण एवं पुनर्वास योजनाओं के माध्यम से निरंतर सहयोग प्रदान किया जा रहा है।

मंत्री जोशी ने कहा कि पिछले दो वर्षों में सैनिक कल्याण विभाग एवं आईटीडीए विभाग के संयुक्त प्रयासों से 628 पूर्व सैनिक आश्रितों को कम्प्यूटर एवं तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया गया है, जबकि वर्तमान में 227 प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जनवरी 2024 में आयोजित रोजगार मेले में 22 पूर्व सैनिक आश्रितों को रोजगार उपलब्ध कराया गया था।सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने विश्वास जताया कि यह रोजगार मेला केवल नौकरी प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी के “स्किल इंडिया” और “आत्मनिर्भर भारत” के संकल्प तथा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के युवा-सशक्त एवं आत्मनिर्भर उत्तराखंड के विज़न को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राष्ट्र के निर्माण में हमें अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने पश्चिम एशिया संकट और उससे उत्पन्न वैश्विक ऊर्जा संकट को देखते हुए ईंधन पेट्रोल-डीजल की बचत और ऊर्जा संरक्षण की अपील की।

इस अवसर पर सैनिक कल्याण निदेशक श्याम सिंह, उप निदेशक कर्नल वीपी भट्ट, विंग कमांडर निधि बधानी, अपर निदेशक आईटीडीए तीरथ पाल आदि उपस्थित रहे।


मुख्यमंत्री धामी ने 307 नव नियुक्त अभ्यर्थियों को सौंपे नियुक्ति पत्र

नियुक्ति पत्र नहीं, यह है जनसेवा का संकल्प पत्र – मुख्यमंत्री धामी

साढ़े चार वर्षों में राज्य में 32 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में कुल 307 नव नियुक्त अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। जिसमें 243 चिकित्सा अधिकारियों, 42 फार्मासिस्ट, उद्यान विभाग के अन्तर्गत 22 प्रयोगशाला सहायकों एवं मशरूम पर्यवेक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह नियुक्ति पत्र केवल रोजगार का दस्तावेज नहीं, बल्कि प्रदेश की सवा करोड़ जनता की सेवा का संकल्प पत्र है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड जैसे भौगोलिक दृष्टि से चुनौतीपूर्ण राज्य में स्वास्थ्य कर्मियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों में संकट की घड़ी में जनता की पहली उम्मीद स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कार्मिक ही होते हैं। उन्होंने नव नियुक्त चिकित्सा अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों से कहा कि वे संवेदनशीलता, समर्पण और सेवा भावना के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। आयुष्मान योजना के माध्यम से लाखों परिवारों को उपचार का लाभ मिल रहा है। प्रदेश में अब तक 62 लाख से अधिक आयुष्मान कार्ड वितरित किए जा चुके हैं तथा लगभग 12 लाख मरीजों का 2200 करोड़ रुपये से अधिक का कैशलेस उपचार किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए मेडिकल कॉलेजों का निर्माण और संचालन तेजी से किया जा रहा है। वर्तमान में प्रदेश में 5 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं, जबकि 2 निर्माणाधीन हैं। इसके साथ ही 9 नर्सिंग कॉलेज और 3 नर्सिंग स्कूल संचालित किए जा रहे हैं। देहरादून, हल्द्वानी और श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है तथा हल्द्वानी में आधुनिक कैंसर संस्थान का निर्माण प्रगति पर है। दूरस्थ क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए टेलीमेडिसिन एवं हेली एंबुलेंस सेवाएं भी संचालित की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कृषि एवं उद्यानिकी को नई दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध है। कीवी, ड्रैगन फ्रूट, हाई डेंसिटी एप्पल, मशरूम उत्पादन तथा मधुमक्खी पालन जैसी उच्च मूल्य फसलों को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि नव नियुक्त युवा प्रदेश को कृषि नवाचार और आधुनिक उद्यानिकी के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सभी भर्ती प्रक्रियाएं पूर्ण पारदर्शिता से हो रही है। प्रदेश में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। इसका परिणाम है कि पिछले साढ़े चार वर्षों में 32 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं।
कृषि एवं उद्यान मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उद्यान विभाग द्वारा अतिसघन सेब बागवानी, कीवी मिशन, ड्रैगन फ्रूट मिशन, मधुमक्खी पालन नीति तथा जाइका परियोजना जैसी विभिन्न योजनाओं का सफल संचालन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में मशरूम उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि मशरूम उत्पादन किसानों के लिए आय के अतिरिक्त स्रोत के रूप में उभर सकता है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और उनके सामाजिक एवं आर्थिक स्तर में गुणात्मक सुधार आएगा।

स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि नये चिकित्सकों और फार्मासिस्ट की नियुक्ति होने से राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों तक चिकित्सकों की पर्याप्त उपलब्धता हो और लोगों को अपने निकटतम क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं का पूरा लाभ मिल सके। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सभी चिकित्सक पूरी कर्तव्यनिष्ठा के साथ जन सेवा के प्रति समर्पित रहेंगे।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, विधायक उमेश शर्मा काऊ, श्रीमती सविता कपूर, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, सचिव सचिन कुर्वे, डाॅ. एस. एन. पाण्डेय एवं संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।


आम लोगों की मेहनत की कमाई लूटने वालों को नहीं बख्शा जायेगा- डाॅ. धन सिंह रावत

एलयूसीसी घोटाले में सीबीआई की कार्रवाई से निवेशकों ने ली राहत की सांस

कहा, सरकार आम जनता के साथ, आरोपियों के ख़िलाफ़ होगी ठोस कार्रवाई

देहरादून। सूबे के कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बहुचर्चित एलयूसीसी चिटफंड घोटाले में सीबीआई द्वारा की गई बड़ी कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि गरीब व मेहनतकश जनता की गाढ़ी कमाई लूटने वालों की अब खैर नहीं है। उन्होंने कहा कि चिटफंड योजनाओं के नाम पर लोगों को ठगने वाले घोटालेबाजों पर अब कानून का शिकंजा कस चुका है और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

डॉ. रावत ने कहा कि एलयूसीसी ने पहाड़ के भोले-भाले एवं मेहनतकश लोगों को अनियमित जमा योजनाओं में अधिक लाभ का लालच देकर अवैध तरीके से करोड़ों रुपये की ठगी की है। उक्त प्रकरण में सीबीआई ने ठोस कार्रवाई करते हुये पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिससे लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हजारों निवेशकों ने राहत की सांस ली है। डॉ. रावत ने विश्वास जताया कि जांच एजेंसियां निष्पक्ष एवं प्रभावी ढंग से जांच कर सभी दोषियों को कानून के तहत कठोर दंड दिलाएंगी।

डाॅ. रावत ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार आर्थिक अपराधों और भ्रष्टाचार के खिलाफ पूरी गंभीरता, पारदर्शिता और प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पीड़ित निवेशकों के साथ खड़ी है और उनके हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। भविष्य में इस प्रकार के चिटफंड घोटालों और वित्तीय अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए सरकार द्वारा प्रभावी कदम उठाये जा रहे हैं ।

कैबिनेट मंत्री डाॅ. रावत ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ विपक्षी नेता पीड़ित लोगों को गुमराह कर उनके जख्मों पर नमक छिड़कने का काम कर रहे हैं, जबकि सरकार का उद्देश्य शुरू से ही पीड़ितों को न्याय दिलाना रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार इस पूरे मामले में संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ लगातार मॉनिटरिंग कर रही है ताकि किसी भी दोषी को बचने का अवसर न मिले।


महिला स्पोर्ट्स कॉलेज में एडमिशन का एक और मौका मिलेगा- रेखा आर्या

आवेदन का समय आज खत्म, स्पाट ट्रायल के जरिए अवसर देने के निर्देश

खेल विश्वविद्यालय की कक्षाएं भी इसी सत्र से होगी शुरू

खेल मंत्री ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देश

देहरादून। महिला स्पोर्ट्स कॉलेज लोहाघाट में एडमिशन के लिए प्रतिभाशाली छात्राओं को एक अवसर और दिया जाएगा। समीक्षा बैठक में खेल मंत्री ने अधिकारियों को इसके निर्देश दिए हैं।

सचिवालय के एफआरडीसी सभागार में आयोजित बैठक के बाद खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि अभी तक महिला स्पोर्ट्स कॉलेज लोहाघाट में एडमिशन के लिए 1000 से ज्यादा आवेदन आ चुके हैं। लेकिन जानकारी का अभाव होने के चलते अगर कुछ मेधावी बालिकाएं आवेदन नहीं कर सकी है तो उनका स्पाट ट्रायल के जरिए एडमिशन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि स्पोर्ट्स कॉलेज के लिए 16 पद सृजित कर दिए गए हैं और इन्हें जल्द से जल्द भरा जाएगा। 1 जुलाई से पहला सत्र शुरू किया जाएगा।

बैठक में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने निर्देश दिया कि हल्द्वानी में खेल विश्वविद्यालय की कक्षाएं भी इसी सत्र से शुरू होनी है और इसकी सभी तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं।

समीक्षा बैठक में अधिकारियों को 38 वें राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न जॉब देने की प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि इसी साल इसकी विज्ञप्ति जारी करनी है और इस प्रक्रिया को गति देने के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री से बैठक का समय मांगने के लिए पत्र भेजा है।

बैठक में कैबिनेट मंत्री ने कहा कि आगामी राष्ट्रीय खेलों की तैयारी के लिए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के चयन, उनके प्रशिक्षण शिविर, बेहतर डाइट, रहने व आने जाने की सुविधा सुनिश्चित की जाए। जिससे उत्तराखंड की परफॉर्मेंस और बेहतर हो सके। इसके लिए शासन से अतिरिक्त बजट मांगा गया है।

खेल मंत्री ने बताया कि प्रदेश के स्पोर्ट्स हॉस्टलों को खेल नर्सरी के रूप में विकसित करने की योजना है और इसका एक पायलट प्रोजेक्ट इसी साल शुरू कर दिया जाएगा।

वन डिस्ट्रिक्ट वन स्पोर्ट की पॉलिसी तय

बैठक के बाद खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशानुसार उत्तराखंड में विभिन्न खेलों को बढ़ावा देने के लिए वन डिस्ट्रिक्ट वन स्पोर्ट की नीति तय कर दी गई है। इसके तहत सभी 13 जनपदों के लिए एक-एक खेल का चयन किया गया है।


चारधाम यात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब, 25 दिनों में 12.60 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

22 दिनों में 5 लाख से ज्यादा भक्त पहुंचे बाबा केदार के द्वार

देहरादून। चारधाम यात्रा के शुरू होने के महज 25 दिनों के भीतर ही श्रद्धालुओं की संख्या 12.60 लाख के पार पहुंच गई है। बुधवार को अकेले एक दिन में करीब 80 हजार श्रद्धालुओं ने चारों धामों में दर्शन किए। केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में भक्तों की लगातार बढ़ती संख्या से यात्रा मार्गों पर खासा उत्साह दिखाई दे रहा है। विशेष रूप से केदारनाथ धाम को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त आस्था देखने को मिल रही है, जहां 22 दिनों में ही 5.23 लाख से अधिक यात्री बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं।

उच्च हिमालयी क्षेत्रों में संचालित इस यात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाए रखने के लिए राज्य सरकार लगातार निगरानी बनाए हुए है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मौसम खराब होने की स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं में किसी प्रकार की कमी न रहे। उन्होंने कहा कि चारधाम आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और हर स्तर पर व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया है।

यात्रा को सुगम बनाने के लिए प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण और स्लॉट प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी किया है। श्रद्धालुओं की आवाजाही पर नजर रखने के लिए रियल टाइम डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत केदारनाथ धाम में हुए पुनर्निर्माण कार्यों के बाद धाम का स्वरूप और अधिक दिव्य व भव्य दिखाई दे रहा है।

सरकार द्वारा पैदल यात्रा मार्गों में किए गए सुधारों से श्रद्धालुओं को काफी राहत मिल रही है। यात्रा मार्ग पर सुरक्षा, स्वास्थ्य और मौसम निगरानी के लिए विशेष तंत्र सक्रिय किया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।


जवाड़ी पुल के पास गहरी खाई में गिरी कार, SDRF ने समय रहते बचाई दो जिंदगियां

दुर्गम खाई में चला रेस्क्यू ऑपरेशन

रुद्रप्रयाग। जनपद के जवाड़ी पुल के समीप एक कार गहरी खाई में गिर गयी, जिसमे सवार दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ पोस्ट रतूड़ा की टीम को तत्काल मौके पर रवाना किया गया। उप निरीक्षक संतोष परिहार के नेतृत्व में टीम आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ घटनास्थल पर पहुंची और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।

मौके पर पहुंचकर एसडीआरएफ ने स्थानीय पुलिस और डीडीआरएफ के साथ समन्वय स्थापित करते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि बलेनो कार संख्या DL8CAL-5335 सड़क से करीब 150 मीटर गहरी खाई में नदी किनारे दुर्घटनाग्रस्त हालत में पड़ी हुई थी। वाहन में दो लोग फंसे हुए थे। दुर्घटनास्थल बेहद दुर्गम और जोखिमपूर्ण होने के कारण बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण बना रहा।

एसडीआरएफ टीम ने तत्परता दिखाते हुए कठिन परिस्थितियों के बीच दोनों घायलों तक पहुंच बनाई और सावधानीपूर्वक उन्हें बाहर निकाला। इसके बाद दोनों घायलों को स्ट्रेचर के जरिए सड़क तक लाया गया और प्राथमिक उपचार देने के बाद एम्बुलेंस से नजदीकी अस्पताल भेजा गया।

दुर्गम भूभाग, सीमित दृश्यता और प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद एसडीआरएफ टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई करते हुए सफलतापूर्वक रेस्क्यू अभियान पूरा किया।


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