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मंत्री गणेश जोशी ने कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारियों के साथ की बैठक

Category Archives: राष्ट्रीय

मंत्री गणेश जोशी ने कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारियों के साथ की बैठक

किसानों की आय बढ़ाने, नई फसलों को प्रोत्साहन देने तथा आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर हुई चर्चा

देहरादून। प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अपने कैंप कार्यालय में कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर राज्य में कृषि एवं उद्यानिकी क्षेत्र में नवाचार आधारित कार्यों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। बैठक में प्रदेश में किसानों की आय बढ़ाने, नई फसलों को प्रोत्साहन देने तथा आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक के दौरान कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों को प्रदेश में मोरिंगा की संभावनाओं को तलाशने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मोरिंगा स्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यंत लाभकारी फसल है और इसकी मांग देश-विदेश में तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में उत्तराखंड के किसानों के लिए यह आय का एक बेहतर विकल्प बन सकता है। बैठक में मौजूद निजी संस्था के प्रतिनिधियों ने बताया कि उनकी संस्था असम, महाराष्ट्र, गुजरात और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में मोरिंगा उत्पादन एवं प्रसंस्करण पर कार्य कर रही है, जिससे किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बेहतर कार्य करने वाली संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित कर देहरादून में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में मोरिंगा की खेती एवं प्रसंस्करण पर कार्य शुरू किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि यह प्रयोग सफल रहता है तो इसे प्रदेश के अन्य जनपदों में भी विस्तार दिया जाएगा। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखंड की जलवायु औषधीय एवं बागवानी फसलों के लिए अनुकूल है। राज्य में ऐसी फसलों को बढ़ावा देकर किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत की जा सकती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को नई तकनीकों, प्रशिक्षण एवं बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में भी ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए।

बैठक के दौरान कृषि मंत्री गणेश जोशी ने 11 एवं 12 जून को आयोजित होने वाले सौगंध पौध केंद्र देहरादून द्वारा महाक्रांति नीति में चयनित सिनमन दालचीनी की खेती नर्सरी पोस्ट हार्वेस्ट टेक्नोलॉजी पर आधारित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी एवं कार्यशाला कार्यक्रम की सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूर्ण करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह कार्यशाला उत्तराखंड में दालचीनी उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने बताया कि कार्यशाला में श्रीलंका, इंडोनेशिया और वियतनाम जैसे देशों से दालचीनी विशेषज्ञ एवं वक्ता प्रतिभाग करेंगे, जो अपने देशों की आधुनिक तकनीकों और सफल मॉडल की जानकारी साझा करेंगे। इन बेस्ट प्रैक्टिस को उत्तराखंड में अपनाकर दालचीनी उत्पादन और गुणवत्ता को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

कृषि मंत्री ने 12 एवं 13 जून को देहरादून में आयोजित होने वाले हॉर्टीकल्चर बोर्ड द्वारा आयोजित होने वाले उत्तराखण्ड उद्यानिकी शिखर सम्मेलन एवं प्रदर्शनी 2026 की तैयारियों की भी समीक्षा कर कार्यक्रम भव्य एवं प्रभावी रूप से आयोजित किया जाए। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उद्यानिकी क्षेत्र उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से किसानों को नई तकनीक, बाजार, निवेश और विशेषज्ञों का मार्गदर्शन मिलेगा, जिससे प्रदेश में कृषि एवं उद्यानिकी क्षेत्र को नई दिशा प्राप्त होगी।

इस अवसर पर बागवानी मिशन निदेशक महेंद्र पाल, निदेशक कैप नृपेंद्र चौहान, औद्यानिकी बोर्ड सीईओ नरेंद्र यादव, निजी संस्था के पदाधिकारी सौरभ रतूड़ी आदि उपस्थित रहे।


जनसेवा के मूल मंत्र पर चलने वाली पार्टी है भाजपा- महाराज

कैबिनेट मंत्री महाराज और धन सिंह ने संयुक्त रूप से किया भाजपा के नव निर्मित जिला कार्यालय भवन का उद्घाटन

पौड़ी। प्रदेश के लोक निर्माण, सिंचाई, पर्यटन, ग्रामीण निर्माण, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज और कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत ने भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में संयुक्त रुप से भाजपा के नव निर्मित जिला कार्यालय भवन का उद्घाटन किया।

भाजपा नेता और प्रदेश के लोक निर्माण, सिंचाई, पर्यटन, ग्रामीण निर्माण, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने भारतीय जनता पार्टी के नव निर्मित जनपद स्तरीय कार्यालय का रिबन काटकर और पूजा अर्चना कर उद्घाटन किया इस अवसर पर उन्होंने अपने संबोधन में पार्टी कार्यकर्ताओं को नव निर्मित भवन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हम सभी के लिए अत्यंत गौरव और खुशी का क्षण है कि भारतीय जनता पार्टी के नए जिला कार्यालय भवन का उद्घाटन किया गया है। यह मात्र कार्यालय उद्घाटन ही नहीं बल्कि भाजपा संगठन की शक्ति, कार्यकर्ताओं की ऊर्जा और जनसेवा के नए संकल्प केन्द्र का भी शुभारंभ हैं।

महाराज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में और देवतुल्य कार्यकर्ताओं की मेहनत की बदौलत आज लगातार भारतीय जनता पार्टी का विस्तार हो रहा है। 2014 के बाद भाजपा का विस्तार सिर्फ चुनावी जीत नहीं, बल्कि विचारधारा, संगठन और जनविश्वास की जीत है। असम, त्रिपुरा, मणिपुर, अरुणाचल, मेघालय, नागालैंड, सिक्किम के बाद अब पश्चिम बंगाल में भी पहली बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद गंगोत्री से गंगासागर तक भगवा ही भगवा लहरा रहा है।

उन्होंने कहा कि आज भाजपा विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है। जिसके 18 करोड़ से ज्यादा सदस्य हैं और देश के 22 राज्यों में उसकी सरकार है। “पन्ना प्रमुख”, “शक्ति केंद्र” मॉडल के अलावा हर बूथ पर भाजपा के कम से कम 10 कार्यकर्ता मौजूद हैं। भारतीय जनता पार्टी हमेशा से राष्ट्र प्रथम, संगठन सर्वोपरि और जनसेवा के मूल मंत्र पर चलने वाली पार्टी रही है। जनपद का जिला कार्यालय हमारे कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा, संवाद और सेवा का केंद्र बनेगा। यहां से समाज के हर वर्ग तक सरकार की योजनाओं और संगठन की विचारधारा को पहुंचाने का कार्य और अधिक प्रभावी ढंग से किया जाएगा।

महाराज ने भाजपा के नव निर्मित भवन के निर्माण में योगदान देने वाले सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए उन पार्टी कार्यकर्ताओं का भी अभिनंदन किया जिन्होंने दिन-रात मेहनत करके संगठन को गांव-गांव तक मजबूत किया।

भाजपा जिला कार्यालय के नव निर्मित भवन के उद्‌घाटन के अवसर भाजपा पर जिलाध्यक्ष कमल किशोर, पौड़ी विधायक राजकुमार फौरी, जिला महामंत्री गणेश भट्ट, महिपालसिंह नेगी, महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष परमिला भन्डारी, अनुसूचित जाति जिलाध्यक्ष नरेंद्र टम्टा, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष गणेश राठी, पूर्व विधायक यशपाल बेनाम, मुकेश कोहली विश्व हिन्दू परिषद के जिला राकेश गौड़, पूर्व जिलाध्यक्ष सुषमा रावत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रचना बुटोला, नगरपालिका अध्यक्ष हिमानी ने


ऋषिकेश में एमडीडीए का बड़ा अभियान, आठ अवैध बहुमंजिला भवन सील

देहरादून संस्कृति लोक कॉलोनी से ऋषिकेश निर्मल बाग तक चली कार्रवाई, पुलिस बल रहा तैनात

देहरादून/ऋषिकेश। शहर की नियोजित व्यवस्था को बनाए रखने के लिए मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने ऋषिकेश क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ व्यापक सीलिंग अभियान चलाया। संयुक्त टीम ने पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में विभिन्न क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए आठ अवैध बहुमंजिला भवनों को सील कर दिया। बिना मानचित्र स्वीकृति और नियमों के विपरीत किए जा रहे निर्माणों को पहले नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने पर एमडीडीए ने सख्त कदम उठाते हुए सीलिंग की कार्रवाई अमल में लाई।

संस्कृति लोक से शुरुआत
सीलिंग अभियान की शुरुआत संस्कृति लोक कॉलोनी लेन नंबर-6बी, देहरादून से हुई, जहां हसन द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण को संयुक्त सचिव प्रत्यूष सिंह के आदेश पर सील किया गया। कार्रवाई के दौरान अवर अभियंता निशांत कुकरेती, जयदीप राणा और सुपरवाइजर की टीम मौके पर मौजूद रही।

मानविय नगर में कार्रवाई
इसके बाद एमडीडीए की टीम मानविय नगर लेन नंबर-10, ऋषिकेश पहुंची, जहां कृष्णा द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण को सील किया गया। अधिकारियों ने निर्माण कार्य को नियमों के विरुद्ध पाया, जिसके बाद मौके पर कार्रवाई की गई।

लकड़घाट में भी सीलिंग
लकड़घाट रोड, श्यामपुर ऋषिकेश में रतूड़ी जी द्वारा किए जा रहे अवैध बहुमंजिला निर्माण पर भी प्राधिकरण ने कार्रवाई करते हुए भवन को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान पुलिस बल तैनात रहा।

निर्मल बाग में सबसे बड़ी कार्रवाई
निर्मल बाग ब्लॉक-बी गली नंबर-11 विस्थापित क्षेत्र में एमडीडीए ने लगातार कई अवैध बहुमंजिला निर्माणों पर सख्त कार्रवाई की। यहां अनुज, विपिन चौधरी और सूरवीर सिंह बिष्ट द्वारा किए जा रहे निर्माणों को सील किया गया।

दो भवनों पर अलग कार्रवाई
इसी क्षेत्र में सगुन शर्मा द्वारा दो अलग-अलग स्थानों पर किए जा रहे अवैध बहुमंजिला निर्माणों को अलग-अलग कार्रवाई करते हुए सील किया गया। इसके अलावा संदीप चौधरी के निर्माण पर भी प्राधिकरण ने कार्रवाई की। यह पूरी कार्रवाई एसडीएम ऋषिकेश के आदेशों पर संपन्न हुई। अभियान में क्षेत्रीय सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, अवर अभियंताओं और प्राधिकरण की संयुक्त टीम शामिल रही।

अवैध निर्माण नहीं होंगे बर्दाश्त : बंशीधर तिवारी
मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि एमडीडीए क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि बिना स्वीकृत मानचित्र और मानकों के विपरीत निर्माण भविष्य में सुरक्षा, यातायात और शहरी व्यवस्था के लिए गंभीर समस्या बनते हैं। उन्होंने लोगों से निर्माण कार्य शुरू करने से पहले प्राधिकरण से आवश्यक अनुमति लेने की अपील की।

लगातार हो रही मॉनिटरिंग : मोहन सिंह बर्निया
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और अवैध निर्माणों को चिन्हित कर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि नोटिस के बावजूद संतोषजनक जवाब न देने वालों के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।


मुख्यमंत्री धामी ने CBSE 12वीं की परीक्षा में सफल हुए सभी विद्यार्थियों को दी बधाई

विद्यार्थियों की यह सफलता उनके कठिन परिश्रम, अनुशासन और आत्मविश्वास का परिणाम है- मुख्यमंत्री

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की कक्षा 12वीं परीक्षा में सफल हुए सभी छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों की यह सफलता उनके कठिन परिश्रम, अनुशासन और आत्मविश्वास का परिणाम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्र-छात्राएं अपने ज्ञान, प्रतिभा और दृढ़ संकल्प के बल पर जीवन में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेंगे और देश व समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं की सफलता प्रदेश और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है।

सीएम धामी ने उन विद्यार्थियों का भी उत्साहवर्धन किया जिनका परीक्षा परिणाम उनकी अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं रहा। उन्होंने कहा कि जीवन की हर चुनौती हमें कुछ नया सीखने और आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। निरंतर प्रयास, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास के साथ विद्यार्थी भविष्य में बेहतर सफलता हासिल कर सकते हैं।


बैंकर्स और विभागीय अधिकारी समन्वय के साथ करें कार्य- मुख्य विकास अधिकारी

मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी ने ली जिला स्तरीय सलाहकार एवं समीक्षा समिति की बैठक

साइबर अपराध एवं डिजिटल बैंकिंग की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाने के निर्देश

पौड़ी।  कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को आयोजित जिला स्तरीय सलाहकार एवं समीक्षा समिति (डीएलआरसी/डीसीसी) की बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी ने विभिन्न बैंकर्स एवं विभागीय अधिकारियों के साथ वित्तीय समावेशन, स्वरोजगार एवं ऋण संबंधी योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने लंबित ऋण प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण तथा योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक समयबद्ध ढंग से पहुंचाने के निर्देश दिए।

मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, किसान क्रेडिट कार्ड योजना तथा पर्यटन विभाग से संचालित स्वरोजगार योजनाओं में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने बैंक शाखा प्रबंधकों को निर्देशित किया कि लंबित आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करें तथा जिन प्रकरणों में अभिलेख अधूरे हैं, उन्हें शीघ्र पूर्ण कराया जाए।

उन्होंने सभी बैंक शाखाओं को वित्तीय साक्षरता शिविर नियमित रूप से आयोजित करने के निर्देश देते हुए कहा कि साइबर अपराध से बचाव, डिजिटल बैंकिंग, यूपीआई लेनदेन, ऑनलाइन धोखाधड़ी से सुरक्षा तथा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी ग्रामीण क्षेत्रों तक प्रभावी रूप से पहुंचायी जाए, ताकि आमजन डिजिटल सेवाओं का सुरक्षित एवं अधिकाधिक उपयोग कर सकें।

किसान क्रेडिट कार्ड योजना (केसीसी) की समीक्षा के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने लक्ष्य के अनुरूप कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 के लिए जनपद में 25 हजार किसान क्रेडिट कार्ड जारी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों को प्राथमिकता के आधार पर केसीसी से जोड़ने के निर्देश भी दिए।

पर्यटन विभाग की योजनाओं की समीक्षा के दौरान उन्होंने स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने वाहन मद एवं गैर वाहन मद के लंबित आवेदनों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं होम स्टे योजना एवं मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति पर संतोष व्यक्त किया।

बैठक में एलडीएम किशन सिंह रावत ने बताया कि जनवरी से मार्च 2026 के बीच जनपद के 15 विकासखंडों में कुल 213 वित्तीय साक्षरता शिविर आयोजित किए गए। उन्होंने जानकारी दी कि मार्च 2026 तिमाही के दौरान 1558 किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए गए, जबकि अब तक जनपद में कुल 12101 किसान योजना से लाभान्वित हो चुके हैं। उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अंतर्गत जनपद को प्राप्त 725 लाभार्थियों के लक्ष्य को शत-प्रतिशत पूर्ण कर लिया गया है।

बैठक में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विशाल शर्मा, जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन भंडारी, मुख्य कृषि अधिकारी ऋतु कुकरेती, एसबीआई के मुख्य प्रबंधक अवतार सिंह कंडारी, आरबीआई से भारत आनंद, एचडीएफसी बैंक प्रबंधक प्रदीप राणा, सहायक लीड बैंक अधिकारी भूपेश नौटियाल, वित्त समन्वयक एनआरएलएम धनंजय भट्ट सहित विभिन्न विभागों एवं बैंकों के अधिकारी उपस्थित रहे।


ईंधन बचत पर धामी सरकार सख्त, सरकारी वाहनों में 50% EV अनिवार्य

वर्क फ्रॉम होम और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देगी सरकार

सप्ताह में एक दिन ‘नो व्हीकल डे’ घोषित किया जाएगा

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की बैठक में ऊर्जा और ईंधन बचत के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड महामारी के बाद, रूस – यूक्रेन संघर्ष और वर्तमान में जारी पश्चिम एशिया के संकट के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला विशेष तौर पर ईंधन, खाद्य पदार्थ और उर्वरकों पर दबाव बढ़ा है। इस वैश्विक संकट के कारण भारत भी बढती ईंधन लागत, आयात निर्भरता और आर्थिक दबाव का सामना कर रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्तमान हालात में नागरिकों से छोटे-छोटे व्यवहारिक बदलावों के माध्यम से राष्ट्रीय प्रयासों में सहयोग की अपील की है। जिसका जनसामान्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। इसी क्रम में उत्तराखंड में भी कई अल्पकालिक और दीर्घकालिक सुधार तत्काल प्रभाव से लागू किए जा रहे हैं।

वर्क फ्रॉम होम

सरकारी विभागों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आधारित बैठकों को बढावा दिया जाएगा। निजी क्षेत्रों में भी वर्क फ्रॉम होम को प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही लोगों को सार्वजनिक परिवहन के अधिकतम उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

नो व्हीकल डे

मुख्यमंत्री एवं मंत्रीगणों के वाहन फ्लीट में वाहनों की संख्या आधी की जाएगी। सप्ताह में एक दिन नो व्हीकल डे घोषित किया जाएगा। वर्क फ्रॉम होम के तहत घर से ही कार्य करेंगे। जन सामान्य को भी सप्ताह में एक दिन “No Vehicle Day” के लिए प्रेरित किया जाएगा।
सरकारी एवं निजी भवनों में AC के प्रयोग को सीमित करने के प्रयास किए जाएंगे।

एक अधिकारी, एक वाहन

परिवहन विभाग को सार्वजनिक बसों की सेवा और क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए गए। सरकारी कर्मचारियों को सार्वजनिक परिवहन के उपयोग हेतु प्रेरित किया जाएगा। जिन अधिकारियों के पास एक से अधिक विभाग हैं, उनके द्वारा एक दिन में अधिकतम एक वाहन का इस्तेमाल किया जाएगा।

ईवी पॉलिसी

इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के लिए जल्द ही प्रभावी ईवी पॉलिसी लाई जाएगी, नए सरकारी वाहनों के क्रय में 50 प्रतिशत अनिवार्य तौर पर EV होंगे। इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के लिए चार्जिंग स्टेशन / नेटवर्क का प्राथमिकता के आधार पर विस्तार किया जाएगा।

सरकारी विदेश यात्राएं सीमित होंगी

सरकारी विदेशी यात्राओं को सीमित किया जाएगा। “Visit My State अभियान के माध्यम से घरेलू पर्यटन को बढावा दिया जाएगा। राज्य में विरासत, धार्मिक, वेलनेस, ग्रामीण और इको-टूरिज्म सर्किटों के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। राज्य में Destination Weddings को प्रोत्साहन और Single Window Clearance की व्यवस्था की जाएगी। उत्तराखंड इस दिशा में पहले ही पहल कर चुका है। प्रवासी भारतीयों को उत्तराखंड में छुट्टियां बिताने हेतु प्रेरित किया जाएगा।

मेरा भारत, मेरा योगदान

“मेरा भारत, मेरा योगदान” जैसे जन-जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। “Made in State” अभियान के तहत स्थानीय उत्पादों की बिक्री बढ़ाई जाएगी। सरकारी खरीद में “Make in India” नियमों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। नागरिकों को एक वर्ष तक सोने की खरीद को सीमित करने के लिए जागरुक किया जाएगा।

खाद्य तेल की खपत घटाना

आम जनमानस को कम तेल वाले भोजन से होने वाले स्वास्थ्य लाभों पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। स्कूलों, अस्पतालों और सरकारी कैंटीनों में तेल उपयोग की समीक्षा करते हुए उसके उपयोग में कमी लाए जाने के प्रयास किए जाएंगे। होटल, ढाबा और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को Low-Oil Menu” अपनाने हेतु प्रेरित किया जाएगा।

प्राकृतिक खेती को बढ़ावा

किसानों को Natural Farming, Zero Budget Farming और Bio-inputs का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। उर्वरकों के संतुलित उपयोग और मृदा स्वास्थ्य पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा

PNG (Piped Natural Gas) कनेक्शनों के संयोजनों को मिशन मोड में चलाया जाएगा। होटल, रेस्टोरेंट और सरकारी आवासों में PNG उपयोग को प्राथमिकता दी जाएगी। PM Surya Ghar Yojana के अंतर्गत Rooftop Solar को बढ़ावा दिया जाएगा। गोबर गैस को बढ़ावा देने के लिए पंचायती राज विभाग और ग्राम्य विकास विभाग को निर्देशित किया गया। Mining, Solar और Power Projects की मंजूरी प्रदान करने में तेजी लायी जाएगी। मुख्यसचिव की अध्यक्षता में गठित एचपीसी 60 दिन में प्रस्ताव को अनुमोदन प्रदान करेगी।


सीबीएसई 12वीं का रिजल्ट जारी, 85.20% स्टूडेंट्स हुए सफल

सीबीएसई 12वीं में छात्राओं का दबदबा, लड़कों से 6.73% आगे रहीं

देहरादून। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 का परिणाम बुधवार को जारी कर दिया है। रिजल्ट जारी होते ही देशभर के लाखों विद्यार्थियों का इंतजार खत्म हो गया। छात्र अब अपना परिणाम आधिकारिक वेबसाइट, डिजीलॉकर, उमंग ऐप, एसएमएस और आईवीआरएस के माध्यम से देख सकते हैं। इस वर्ष सीबीएसई 12वीं की परीक्षाएं 17 फरवरी से 10 अप्रैल के बीच आयोजित की गई थीं।

इस बार सीबीएसई 12वीं का कुल पास प्रतिशत 85.20 दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष के 88.39 प्रतिशत की तुलना में 3.19 प्रतिशत कम है। बोर्ड के अनुसार 15,07,109 विद्यार्थियों ने परीक्षा में सफलता प्राप्त की। वहीं, लगभग 17 लाख से अधिक छात्रों ने परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया था। सीबीएसई ने इस वर्ष पहली बार मूल्यांकन प्रक्रिया में ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली को अनिवार्य रूप से लागू किया।

परिणामों में एक बार फिर छात्राओं ने बेहतर प्रदर्शन किया। छात्राओं का पास प्रतिशत 88.86 रहा, जबकि 82.13 प्रतिशत छात्र सफल हुए। इस तरह लड़कियों ने लड़कों से 6.73 प्रतिशत अधिक सफलता हासिल की।

देहरादून रीजन का प्रदर्शन भी इस बार चर्चा में रहा। उत्तराखंड के 13 और उत्तर प्रदेश के 8 जिलों को शामिल करने वाले देहरादून रीजन में कुल 81.42 प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए। देशभर के 22 रीजन में देहरादून को 17वां स्थान मिला है। इस रीजन में 1285 विद्यालयों के 97 हजार से अधिक विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए थे। छात्राओं का पास प्रतिशत 85.84 और छात्रों का 77.92 दर्ज किया गया।

सीबीएसई ने छात्रों को सलाह दी है कि वे अपना स्कोरकार्ड डाउनलोड करने के लिए रोल नंबर, स्कूल नंबर और एडमिट कार्ड आईडी तैयार रखें। छात्र cbse.gov.in, results.cbse.nic.in, DigiLocker और UMANG प्लेटफॉर्म पर जाकर परिणाम देख सकते हैं।

बोर्ड के अनुसार 12वीं में उत्तीर्ण होने के लिए प्रत्येक विषय में कम से कम 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य है। यदि कोई छात्र एक या दो विषयों में असफल होता है तो वह कंपार्टमेंट परीक्षा में शामिल होकर इसी वर्ष परीक्षा पास कर सकता है। कंपार्टमेंट परीक्षाओं का आयोजन जून में किया जाएगा, जबकि आवेदन प्रक्रिया रिजल्ट जारी होने के बाद शुरू होगी।


कृषि विभाग की पहल से 70 हेक्टेयर क्षेत्र में शुरू हुई हाइब्रिड धान की खेती

45 से 62 कुंतल तक पहुंची धान उपज, किसानों की आय में 39 प्रतिशत वृद्धि

राष्ट्रीय कृषि विकास योजना से सहसपुर और विकास नगर के किसानों को मिली नई पहचान

देहरादून। देहरादून जनपद के ब्लाक सहसपुर और विकास नगर में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना किसानों के लिए समृद्धि का नया द्वार खोल रही है। परम्परागत खेती में सीमित उत्पादन और कम आय से जूझ रहे किसानों को अब हाईब्रिड धान बीजों के प्रयोग से बेहतर उत्पादन और अधिक आय का लाभ मिल रहा है। कृषि विभाग की इस अभिनव पहल ने किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के साथ-साथ आधुनिक खेती के प्रति उनका विश्वास भी बढ़ाया है।

वर्ष 2025-26 में कृषि विभाग द्वारा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत सहसपुर एवं विकास नगर की 20 ग्राम पंचायतों के 70 किसानों को 28 कुंतल हाइब्रिड धान बीज वितरित किए गए। योजना के तहत 70 हेक्टेयर कृषि भूमि को परंपरागत खेती से हाइब्रिड धान उत्पादन क्षेत्र में परिवर्तित किया गया, जिसके परिणाम बेहद उत्साहजनक रहे।

पहले किसान एक हेक्टेयर भूमि से लगभग 45 कुंतल धान उत्पादन प्राप्त करते थे और उनकी औसत आय करीब 81 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर थी। हाईब्रिड बीजों के उपयोग के बाद धान की उपज बढ़कर 62 कुंतल प्रति हेक्टेयर तक पहुंच गई। इसके साथ ही किसानों की आय बढ़कर लगभग 1.13 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर हो गई। इस प्रकार किसानों की आय में करीब 32 हजार रुपये तथा लगभग 39 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

कम क्षेत्रफल में अधिक उत्पादन मिलने से किसानों का उत्साह बढ़ा है और आसपास के अन्य कृषक भी हाईब्रिड धान बीज अपनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। कृषि विभाग की यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण साबित हो रही है।

मुख्य कृषि अधिकारी देवेन्द्र राणा ने बताया कि योजना के सकारात्मक परिणामों को देखते हुए खरीफ 2025 में हाईब्रिड धान उत्पादन क्षेत्र का विस्तार बढ़ाकर 186 हेक्टेयर कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि हाईब्रिड बीजों के प्रयोग से किसानों की आय में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है और यह योजना किसानों को आत्मनिर्भर एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में प्रभावी सिद्ध हो रही है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत संचालित हाईब्रिड धान बीज वितरण कार्यक्रम अब किसानों के लिए सफलता की मिसाल बन चुका है। यह योजना न केवल कृषि उत्पादन बढ़ाने में सहायक सिद्ध हुई है, बल्कि किसानों के जीवन स्तर में सुधार और खेती को अधिक लाभकारी बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

क्या होते हैं हाइब्रिड बीज:
हाइब्रिड अथवा संकर बीज दो अलग-अलग किस्मों के पौधों के नियंत्रित परागण से विकसित उन्नत बीज होते हैं। ये सामान्य बीजों की तुलना में अधिक उत्पादन देने के साथ-साथ कीट एवं रोगों के प्रति अधिक प्रतिरोधी होते हैं। कम पानी और अनियमित वर्षा की परिस्थितियों में भी बेहतर उपज देने वाले ये बीज किसानों की आय बढ़ाने में सहायक साबित हो रहे हैं।


भविष्य में फसलों को होने वाली किसी भी प्रकार की क्षति की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए- गणेश जोशी

कृषि मंत्री ने विभागीय अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक

देहरादून। कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने देहरादून में उद्यान विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर प्रदेश में असमय हुई बारिश से फसलों को हुए नुकसान और किसानों को दिए जाने वाले मुआवजे की प्रक्रिया की जानकारी ली। बैठक में प्रभावित क्षेत्रों का आकलन, क्षति का सर्वे और राहत वितरण की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केंद्र सरकार के निर्धारित मानकों के अनुसार सभी आवश्यक कार्रवाई जल्द पूरी की जाए, ताकि प्रभावित किसानों को समय पर मुआवजा उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने कहा कि भविष्य में फसलों को होने वाली किसी भी प्रकार की क्षति की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए और किसानों को त्वरित राहत पहुंचाने के लिए प्रशासन सतर्क रहे।

गणेश जोशी ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों को राहत पहुंचाने में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


नानकमत्ता में दर्दनाक सड़क हादसा, शिक्षक समेत दो लोगों की मौत

हल्द्वानी से लौटते समय हुआ हादसा

ऊधम सिंह नगर। ऊधम सिंह नगर के नानकमत्ता क्षेत्र में देर रात एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसमें चंपावत के एक शिक्षक समेत दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई, जबकि घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

जानकारी के मुताबिक, चंपावत जिले के माडली निवासी 41 वर्षीय संजय पांडे पुत्र भुवन पांडे राजकीय इंटर कॉलेज बालातड़ी में शिक्षक के पद पर तैनात थे। बताया जा रहा है कि वह अपने साथी शिक्षक चंद्रप्रकाश जोशी के साथ नई कार खरीदने के लिए हल्द्वानी गए थे। देर रात दोनों नई कार से वापस लौट रहे थे, तभी नानकमत्ता के पास सामने से आ रही तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर से उनकी कार की जोरदार भिड़ंत हो गई।

टक्कर इतनी भीषण थी कि संजय पांडे ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि उनके साथ मौजूद चंद्रप्रकाश जोशी को मामूली चोटें आईं और वह सुरक्षित बच गए। वहीं फॉर्च्यूनर सवार कई लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना है। हादसे में फॉर्च्यूनर में सवार एक अन्य व्यक्ति की भी मौत हो गयी है।

पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए खटीमा भेज दिया है। घटना के बाद मृतक शिक्षक के घर में मातम पसरा हुआ है। संजय पांडे अपने पीछे पत्नी, तीन बच्चों, माता-पिता और दादी को छोड़ गए हैं। वह शिक्षा के साथ-साथ भजन गायकी के लिए भी क्षेत्र में खास पहचान रखते थे। उनके निधन से शिक्षा जगत और स्थानीय लोगों में गहरा दुख व्याप्त है।


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