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फॉर्म 6,7 और 8 का दैनिक रुप से रिव्यू करें ईआरओ- सीईओ

Category Archives: राष्ट्रीय

फॉर्म 6,7 और 8 का दैनिक रुप से रिव्यू करें ईआरओ- सीईओ

SIR की तैयारियों की दैनिक समीक्षा पर जोर

जिलाधिकारियों की समीक्षा बैठक में सीईओ ने दिए विस्तृत निर्देश

देहरादून। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दृष्टिगत सचिवालय में सभी जनपदों जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से तैयारियों के सम्बंध में समीक्षा बैठक की।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बैठक में निर्देश दिए कि सभी जनपद अपनी तैयारियों को अन्तिम रुप देते हुए, मैपिंग में तेजी लाएं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए कि फॉर्म 6,7 और 8 का दैनिक रुप से अनिवार्य रिव्यू कर उनका निष्पादन करें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बूथ पर तैयार ASD (ऐबसेंट, शिफ्टेड, डेथ) लिस्ट को राजनैतिक दलों के बीएलए को भी अनिवार्य रुप से साझा किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि आगामी एक सप्ताह में ASD सूची सभी बूथ लेवल एजेंट्स को उपलब्ध करा दी जाए।

बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जनपदों के गणना प्रपत्र के प्रिंटिंग, लॉजिस्टिक एवं डिस्ट्रिव्यूशन प्लान की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए कि आगामी एक सप्ताह में सभी जिलाधिकारी सम्बंधित नगर निगम क्षेत्रों के नगर आयुक्तों के साथ बैठक कर SIR के प्लान को और प्रभावी बनाए। इसके साथ ही बीएलओ के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और भी प्रभावी रुप से चलाया जाए।

बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चन्द्र दुम्का, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास सहित सभी जनपदों के जिलाधिकारी वर्चुअल रुप से जुड़े रहे।


पैठाणी महाविद्यालय बनेगा व्यावसायिक शिक्षा का केंद्र, शुरू होंगे बीटेक-एमबीए जैसे कोर्स

डाॅ. धन सिंह रावत ने महाविद्यालय की वार्षिक पत्रिका ‘बनास’ एवं रसायन विज्ञान पुस्तक का किया विमोचन

पैठाणी(पौड़ी)। राजकीय व्यावसायिक महाविद्यालय पैठाणी को व्यावसायिक शिक्षा का केन्द्र बनाया जायेगा। इसके लिये महाविद्यालय में चरणबद्ध तरीके से आधुनिक एवं उद्योगों की आवश्यकता आधारित रोजगारपरक पाठ्यक्रम संचालित किये जायेंगे, ताकि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ रोजगार के बेहतर अवसर मिल सके।

यह बात प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने राजकीय व्यावसायिक महाविद्यालय पैठाणी में आयोजित वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में कही। बतौर मुख्य अतिथि डाॅ. रावत ने कहा कि राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को आधुनिक तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा उपलब्ध कराने की मंशा से पैठणी में राज्य का पहला व्यावसायिक महाविद्यालय खोला। इस महाविद्यालय को सरकार व्यावसायिक शिक्षा का बड़ा केन्द्र बनाने जा रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यहां उद्योगों एवं बाजार की मांग के अनुरूप नए पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे, जिससे युवा आत्मनिर्भर बन सकेंगे और प्रदेश के विकास में सहभागी होंगे। उन्होंने कहा कि अगले शैक्षिक सत्र से महाविद्यालय में बीटेक, बीएड, एमबीए एवं एमसीए जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रम प्रारम्भ किये जायेंगे, इसके लिये विभगागीय अधिकारियों को निर्देश दे दिये गये हैं। डाॅ. रावत ने कहा कि व्यावसायिक महाविद्यालय पैठाणी को अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। महाविद्यालय में विभिन्न प्रयोगशालाओं के साथ ही छात्र-छात्राओं के लिए अत्याधुनिक छात्रावास की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, इसके अलावा आधुनिक ऑडिटोरियम एवं प्राचार्य आवास का निर्माण भी पूरा हो चुका है। उन्होंने छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिये महाविद्यालय में विभिन्न वाद्य यंत्र उपलब्ध कराने, काॅलेज परिसर में ओपन जिम एवं प्रतीक्षालय का निर्माण करने की बात कही।

वार्षिकोत्सव के अवसर पर डॉ. रावत ने महाविद्यालय परिसर में निर्मित “शौर्य दीवार” का अनावरण तथा पेयजल टंकी का लोकार्पण किया। उन्होंने महाविद्यालय की वार्षिक पत्रिका ‘बनास’ एवं रसायन विज्ञान पुस्तक का विमोचन भी किया। साथ ही मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति देकर सबका मनमोहा।

इस अवसर पर संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा डाॅ. ए.एस उनियाल, प्राचार्य राजकीय व्यावसायिक महाविद्यालय डाॅ. विजय अग्रवाल, यूसीएफ के अध्यक्ष मातवर सिंह रावत, भाजपा नेता राजेन्द्र टम्टा, जिला पंचायत सदस्य डाॅ. शिवचरण नौडियाल सहित महाविद्यालय के शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अपने विधानसभा क्षेत्र श्रीनगर के भ्रमण के दौरान पैठाणी एवं आसपास के विभिन्न गांवों में व्यापक जनसम्पर्क कर आमजन की समस्याओं को सुना। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों, व्यापारियों, युवाओं एवं स्थानीय नागरिकों से संवाद स्थापित करते हुए क्षेत्र के विकास को लेकर सुझाव मांगे।

भ्रमण कार्यक्रम के दौरान डाॅ. रावत ने पैठाणी में ग्राम प्रहरियों के साथ बैठक कर विभिन्न सामाजिक एवं सुरक्षा संबंधी विषयों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने ग्राम प्रहरियों से अपने-अपने गांवों में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान करते हुए नशा एवं अपराध मुक्त समाज निर्माण में सहयोग देने को कहा। उन्होंने युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने, गांवों में जागरूकता अभियान चलाने तथा सामाजिक सद्भाव एवं सुरक्षा की भावना को मजबूत करने पर विशेष बल दिया।

इसके अलावा कैबिनेट मंत्री डाॅ. रावत ने पैठाणी स्थित राहु मंदिर परिसर में चल रहे सौन्दर्यीकरण एवं निर्माण कार्यों का निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधियों को निर्माण कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने तथा समयबद्ध ढंग से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिये। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


खेल विश्वविद्यालय को मिली वन भूमि डायवर्जन की अंतिम स्वीकृति

देहरादून। उत्तराखंड के पहले खेल विश्वविद्यालय के निर्माण को बड़ी प्रशासनिक सफलता मिली है। भारत सरकार के वन मंत्रालय द्वारा खेल विश्वविद्यालय के लिए 12.317 हेक्टेयर वन भूमि डायवर्जन को अंतिम स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।

इस संबंध में जारी आदेश के अनुसार, नैनीताल जनपद के हल्द्वानी वन प्रभाग अंतर्गत गोलापार क्षेत्र में प्रस्तावित खेल विश्वविद्यालय परियोजना के लिए वन भूमि हस्तांतरण को मंजूरी दी गई है।

प्रदेश की खेल मंत्री रेखा आर्या ने इस स्वीकृति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह उत्तराखंड के खेल भविष्य के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार खेल अवस्थापना को मजबूत करने और युवाओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य कर रही है।

खेल मंत्री ने कहा कि खेल विश्वविद्यालय केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं होगा, बल्कि यह प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए आधुनिक प्रशिक्षण, खेल विज्ञान, अनुसंधान और उच्च स्तरीय प्रशिक्षक व्यवस्था का प्रमुख केंद्र बनेगा। इससे उत्तराखंड के युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को “खेलभूमि” के रूप में स्थापित करना है और यह विश्वविद्यालय इस दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

खेल मंत्री रेखा आर्या ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि इस पूरे प्रकरण को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूरी तत्परता और गंभीरता से अग्रसारित किया जिसके चलते यह सफलता मिल पाई।

रेखा आर्या ने केंद्र सरकार एवं पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस स्वीकृति से परियोजना के निर्माण कार्य को गति मिलेगी और शीघ्र ही प्रदेशवासियों को एक विश्वस्तरीय खेल विश्वविद्यालय की सौगात मिलेगी।


मुख्यमंत्री धामी ने कामाख्या देवी मंदिर में की पूजा-अर्चना

देहरादून/गुवाहाटी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज गुवाहाटी (असम) में स्थित प्रसिद्ध श्री कामाख्या देवी मंदिर में दर्शन एवं विधिवत पूजा-अर्चना की।

मुख्यमंत्री ने माँ कामाख्या से समस्त प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि एवं उत्तम स्वास्थ्य के साथ-साथ देवभूमि उत्तराखंड की निरंतर प्रगति, विकास और खुशहाली के लिए प्रार्थना की।


विशेष लोक अदालत में होगा लंबित मामलों का सौहार्दपूर्ण निस्तारण

21 से 23 अगस्त तक उच्चतम न्यायालय में आयोजित होगा ‘समाधान समारोह’

देहरादून। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून की सचिव एवं सिविल जज (वरिष्ठ प्रभाग) सीमा डुंगरकोटी ने जानकारी देते हुए बताया कि माननीय उच्चतम न्यायालय, नई दिल्ली में 21, 22 एवं 23 अगस्त 2026 को “समाधान समारोह” के अंतर्गत विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि इस विशेष लोक अदालत में उच्चतम न्यायालय में लंबित विभिन्न प्रकार के वादों का आपसी सुलह एवं राजीनामे के आधार पर निस्तारण किया जाएगा। इनमें फौजदारी मामले, मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद, चेक बाउंस मामले, बैंक ऋण एवं वसूली संबंधी मामले, दीवानी एवं वैवाहिक वाद, बीमा दावे, सरकारी एवं सार्वजनिक उपक्रमों से संबंधित प्रकरण, शैक्षणिक एवं सेवा संबंधी मामले सहित अन्य प्रकृति के वाद शामिल हैं।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव ने बताया कि जिन वादकारियों के मामले माननीय उच्चतम न्यायालय में लंबित हैं तथा जो अपने मामलों का शीघ्र एवं सौहार्दपूर्ण समाधान चाहते हैं, वे 20 अगस्त 2026 तक अपने मामलों को आवश्यक रूप से उच्चतम न्यायालय में सूचीबद्ध करा लें।

उन्होंने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत देहरादून जनपद से संबंधित उच्चतम न्यायालय में लंबित मामलों के पक्षकारों को नोटिस भेजकर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय में प्री-मीटिंग एवं सुलह वार्ता हेतु आमंत्रित किया जा रहा है। वार्ता सफल होने पर संबंधित मामलों को विशेष लोक अदालत में निस्तारित कराने के लिए आवश्यक कार्यवाही प्राधिकरण के सहयोग से की जाएगी।

सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने समस्त वादकारियों से अपील की है कि वे अपने लंबित मामलों के त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए न्यायालय अथवा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय से संपर्क करें।

अधिक जानकारी हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून के दूरभाष नंबर 0135-2520873 एवं ई-मेल dehradundlsa13@gmail-com पर संपर्क किया जा सकता है।


धाम की सुरक्षा सर्वोपरि- बद्रीनाथ में पुलिस व एटीएस द्वारा चलाया गया सघन चैकिंग अभियान

चमोली। विश्व प्रसिद्ध श्री बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने हेतु चमोली पुलिस, एटीएस एवं 7 असम एटीएस द्वारा संयुक्त सुरक्षा अभियान चलाया गया। सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल, त्वरित रिस्पॉन्स एवं किसी भी संभावित खतरे से निपटने की तैयारी को लेकर पूरे धाम क्षेत्र में गहन निरीक्षण एवं चैकिंग अभियान संचालित किया गया।

संयुक्त टीमों ने बद्रीनाथ मंदिर परिसर के इनर एवं आउटर कार्डन क्षेत्रों का बारीकी से निरीक्षण करते हुए सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके साथ ही अस्पताल परिसर, होटल, पार्किंग स्थल, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों तथा वाहनों की सघन चैकिंग की गई। धाम के मुख्य प्रवेश बिंदु देवदर्शिनी बैरियर पर प्रत्येक वाहन एवं संदिग्ध व्यक्ति पर विशेष निगरानी रखी गई।

वहीं सीमांत क्षेत्र माणा गांव के अंतिम छोर तक सुरक्षा बलों द्वारा गश्त एवं निरीक्षण कर संदिग्ध व्यक्तियों एवं गतिविधियों पर पैनी नजर बनाए रखी गई।

संयुक्त टीमों द्वारा यात्रियों से संवाद स्थापित कर सुरक्षा संबंधी आवश्यक जानकारी भी साझा की गई तथा स्थानीय लोगों व व्यापारियों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की गई।

चमोली पुलिस पवित्र बद्रीनाथ धाम की सुरक्षा, शांति एवं श्रद्धालुओं की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने हेतु सभी सुरक्षा एजेंसियां पूर्ण सतर्कता एवं समन्वय के साथ निरंतर कार्य कर रही हैं।


आपदा की स्थिति में तत्काल रिस्पांस सुनिश्चित करना सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए- मदन कौशिक

चारधाम यात्रा और मानसून को लेकर सरकार अलर्ट, विभागों को 24×7 तैयार रहने के निर्देश

देहरादून। आगामी मानसून और चारधाम यात्रा को देखते हुए राज्य सरकार ने आपदा प्रबंधन तैयारियों को लेकर सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। यूएसडीएमए में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि आपदा की स्थिति में तत्काल रिस्पांस सुनिश्चित करना सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने सभी विभागों, जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ को 24×7 सतर्क रहकर समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए।

मंत्री ने कहा कि मानसून शुरू होने से पहले प्रदेशभर में कम से कम दो बार नालों और नालियों की सफाई हर हाल में पूरी की जाए, ताकि जलभराव और शहरी बाढ़ जैसी स्थितियों को रोका जा सके। उन्होंने हाई कैपेसिटी पम्प, मोटर बोट, लाइफ जैकेट, रेस्क्यू उपकरण और संचार संसाधनों को पूरी तरह तैयार रखने के निर्देश दिए। संवेदनशील क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दलों की पूर्व तैनाती करने पर भी जोर दिया गया।

बैठक में स्वास्थ्य विभाग को चारधाम मार्गों और आपदा संभावित क्षेत्रों में मेडिकल पोस्ट स्थापित करने, पर्याप्त दवाइयों और चिकित्सकीय स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही मानसून के दौरान जलजनित और संक्रामक रोगों से निपटने के लिए विशेष तैयारी रखने को कहा गया। गर्भवती महिलाओं का पूर्व डेटा संकलित कर उनके लिए चिन्हित स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

पशुपालन विभाग को आपदा के दौरान पशुओं के उपचार और बचाव के लिए विशेष क्विक रिस्पांस टीम गठित करने को कहा गया। वहीं बढ़ती ट्रेकिंग गतिविधियों को देखते हुए ट्रेकिंग पॉलिसी और ट्रेकर्स की सुरक्षा के लिए विस्तृत एसओपी तैयार करने के निर्देश दिए गए। मंत्री ने कहा कि ट्रेकर्स के पास जीपीएस और संचार उपकरण उपलब्ध होने चाहिए ताकि आपात स्थिति में तत्काल सहायता पहुंचाई जा सके।

बैठक में नदियों के चैनलाइजेशन और ड्रेजिंग कार्य मानसून से पहले पूरा करने पर भी जोर दिया गया। मंत्री ने कहा कि नदियों में सिल्ट जमा होने से बाढ़ और जलभराव की समस्या बढ़ती है, इसलिए सभी विभाग समन्वय के साथ डिसिल्टिंग कार्य सुनिश्चित करें।


भवाली-कैंची मार्ग पर दर्दनाक हादसा, गहरी खाई में गिरने से युवक की मौत

SDRF ने किया शव बरामद 

नैनीताल। नैनीताल जिले के भवाली-कैंची मार्ग पर एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहां निगलाट के पास एक व्यक्ति गहरी खाई में गिर गया। हादसे की सूचना मिलते ही राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) की टीम तत्काल मौके के लिए रवाना हुई और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया

जानकारी के अनुसार, आपदा कंट्रोल रूम, नैनीताल से सूचना मिली कि भवाली-कैंची रोड पर एक व्यक्ति करीब 120 मीटर गहरी खाई में गिर गया है। सूचना पर SDRF की रेस्क्यू टीम उपनिरीक्षक मनीष भाकुनी के नेतृत्व में आवश्यक उपकरणों के साथ घटनास्थल पहुंची।

मौके पर स्थानीय पुलिस से मिली जानकारी में पता चला कि कृष्ण कुमार नामक व्यक्ति, जिसकी उम्र लगभग 35 वर्ष बताई जा रही है और जिसकी पहचान पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी है, संतुलन बिगड़ने के कारण गहरी खाई में जा गिरा।

SDRF टीम ने रोप रेस्क्यू तकनीक का इस्तेमाल करते हुए खाई में उतरकर व्यक्ति तक पहुंच बनाई। हालांकि, जांच के दौरान पता चला कि व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। इसके बाद टीम ने शव को सुरक्षित बाहर निकालकर एंबुलेंस के जरिए अस्पताल भेज दिया।


महिला आयोग अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने सखी वन स्टॉप सेंटर का किया औचक निरीक्षण

 व्यवस्थाओं का जायजा लेकर पीड़ित महिलाओं का जाना हाल

वन स्टॉप सेंटर केवल एक आश्रय स्थल नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में महिलाओं के लिए भरोसे और न्याय का केंद्र : कुसुम कण्डवाल

​मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में महिला सुरक्षा सर्वोपरि, हमारा संकल्प है कि देवभूमि की किसी भी पीड़ित महिला को जानकारी के अभाव में न्याय के लिए भटकना न पड़े : कुसुम कण्डवाल

​देहरादून – उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने सर्वे चौक स्थित ‘सखी वन स्टॉप सेंटर’ का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सेंटर की कार्यप्रणाली, बुनियादी ढांचे और वहां आश्रय ले रही महिलाओं को दी जा रही सुविधाओं की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान अध्यक्ष ने सेंटर में महिलाओं के रहने की व्यवस्था, भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने सेंटर के आश्रय में रह रही चार महिलाओं से व्यक्तिगत रूप से भेंट कर उनका कुशलक्षेम जाना और उनसे सीधे संवाद कर मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। अध्यक्ष ने सेंटर में आने वाले कॉल रिकॉर्ड्स, काउंसलिंग विवरण और रजिस्टर का अवलोकन किया तथा काउंसलर एवं स्टाफ से लंबित प्रकरणों पर विस्तार से चर्चा की।

अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार महिलाओं को स्वावलंबी और सशक्त बनाने के लिए पूरी तरह समर्पित है। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि स्वयं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी महिला सुरक्षा और उनके अधिकारों के संरक्षण को लेकर अत्यंत संवेदनशील हैं। सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र महिला तक पहुंचना सुनिश्चित किया जा रहा है।

​”‘सखी’ वन स्टॉप सेंटर केवल एक आश्रय स्थल नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में महिलाओं के लिए भरोसे और न्याय का केंद्र है। हमारा संकल्प है कि देवभूमि की किसी भी पीड़ित महिला को जानकारी के अभाव में न्याय के लिए भटकना न पड़े। प्रशासन और सेंटर के स्टाफ को एक परिवार की भांति पीड़ितों की सहायता के लिए तत्पर रहना होगा। जब हम संवेदनशीलता के साथ न्याय सुनिश्चित करेंगे, तभी ‘सशक्त महिला-सशक्त प्रदेश’ का सपना पूर्ण होगा। : कुसुम कण्डवाल”

उन्होंने सेंटर प्रशासक और काउंसलर्स को निर्देशित किया कि पीड़ित महिलाओं के साथ व्यवहार अत्यंत मृदु और सहानुभूतिपूर्ण होना चाहिए। काउंसलिंग की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि विधिक सहायता की जानकारी हर पीड़िता को स्पष्ट रूप से दी जाए।

वन स्टॉप सेंटर के केंद्र प्रशासिका ने बताया कि पिछ्ले महीने कुल 78 केस पंजीकृत किए गए थे जिसमें से कुछ का निस्तारण हो चुका है कुछ अभी विचाराधीन है और इस माह 1 मई से वर्तमान तक 29 केस पंजीकृत किए गए हैं जिम की काउंसलिंग की जा रही है।

​इस निरीक्षण के दौरान OSC केन्द्र प्रशासक माया नेगी, काउंसलर मीनाक्षी पुंडीर, आईटी वर्कर कोमल भट्ट सहित अन्य विभागीय कर्मचारी उपस्थित रहे।


एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई, यमुना विहार क्षेत्र में अवैध व्यवसायिक निर्माण सील

देहरादून- मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा अवैध निर्माणों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत विकासनगर क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अवैध व्यवसायिक निर्माण को सील किया गया। प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत कैनाल बाईपास रोड, यमुना विहार, निकट गुरु नानक मिशन पब्लिक स्कूल, विकासनगर में गुलशन द्वारा बिना स्वीकृति कराए किए जा रहे व्यवसायिक निर्माण पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए सीलिंग की कार्यवाही की गई।

निर्धारित मानकों के विपरीत पाया गया निर्माण
प्राधिकरण की टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर निर्माण का निरीक्षण किया गया, जिसमें निर्माण कार्य निर्धारित मानकों एवं स्वीकृत मानचित्र के विपरीत पाया गया। इसके बाद उत्तराखण्ड नगर एवं ग्राम नियोजन तथा विकास अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए भवन को सील कर दिया गया।

अवैध निर्माण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं- बंशीधर तिवारी
मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि एमडीडीए क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त अभियान लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि बिना मानचित्र स्वीकृति के किए जा रहे व्यवसायिक एवं आवासीय निर्माण न केवल नियमों का उल्लंघन हैं, बल्कि शहर की सुनियोजित विकास व्यवस्था को भी प्रभावित करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्राधिकरण द्वारा ऐसे सभी निर्माणों को चिन्हित कर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि भवन निर्माण प्रारम्भ करने से पहले प्राधिकरण से आवश्यक स्वीकृतियां अवश्य प्राप्त करें। श्री तिवारी ने कहा कि एमडीडीए का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि व्यवस्थित एवं सुरक्षित शहरी विकास सुनिश्चित करना है। आने वाले समय में भी अवैध निर्माणों के विरुद्ध अभियान और अधिक प्रभावी ढंग से जारी रहेगा।

एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने दी सख्त चेतावनी
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। विकासनगर क्षेत्र में की गई सीलिंग कार्रवाई नियमानुसार की गई है तथा आगे भी बिना अनुमति निर्माण करने वालों के विरुद्ध सख्त कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण की टीम नियमित रूप से क्षेत्रों का निरीक्षण कर रही है और जहां भी मानचित्र स्वीकृति के बिना निर्माण कार्य पाए जा रहे हैं, वहां तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने नागरिकों से नियमों का पालन करने और वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने की अपील की।

कार्रवाई के दौरान पुलिस बल सहित पूरी टीम रही मौजूद
उक्त कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता शशांक सक्सेना, अवर अभियंता अमर पाल, सुपरवाइजर तथा पुलिस बल मौके पर उपस्थित रहे। प्राधिकरण की ओर से बताया गया कि आगे भी अवैध निर्माणों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा।


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