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नालंदा के शीतलाष्टमी मंदिर में भगदड़, आठ की मौत, कई घायल

Category Archives: राष्ट्रीय

नालंदा के शीतलाष्टमी मंदिर में भगदड़, आठ की मौत, कई घायल

घायलों का अस्पताल में इलाज जारी, कुछ की हालत गंभीर

नालंदा। बिहार के नालंदा जिले के बिहारशरीफ क्षेत्र स्थित मघड़ा गांव में बड़ा हादसा हो गया। माता शीतलाष्टमी मंदिर में उमड़ी भारी भीड़ के बीच अचानक भगदड़ मचने से आठ श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि आधा दर्जन से अधिक श्रद्धालु घायल हो गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चैत्र माह के आखिरी मंगलवार के अवसर पर सुबह से ही मंदिर परिसर में हजारों की संख्या में श्रद्धालु जुटे थे। मेला होने के कारण भीड़ और बढ़ गई थी। इसी दौरान अचानक अफरा-तफरी मच गई और लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे, जिससे भगदड़ की स्थिति बन गई।

घायलों को तुरंत बिहारशरीफ के मॉडल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे के बाद मंदिर परिसर और अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल रहा। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर मेला और मंदिर को अस्थायी रूप से बंद करा दिया है और स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास जारी हैं।

मृतकों में अब तक दो महिलाओं की पहचान हो सकी है, जिनमें सकुन्त बिहार निवासी रीता देवी (50) और नूरसराय के मथुरापुर निवासी रेखा देवी (45) शामिल हैं। अन्य मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। परिजनों के मुताबिक, वे मेला देखने गई थीं, लेकिन भीड़ के बीच हादसे का शिकार हो गईं।

स्थानीय लोगों ने घटना के बाद प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के बावजूद पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण के इंतजाम नहीं किए गए थे। बताया जा रहा है कि जिले में अन्य बड़े कार्यक्रमों के चलते पुलिस बल की तैनाती सीमित थी।

प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि हादसे के कारणों की विस्तृत जांच कराई जा रही है और लापरवाही पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने शांति प्रपन्न शर्मा राजकीय चिकित्सालय का किया औचक निरीक्षण

मरीजों से मिले स्वास्थ्य मंत्री, व्यवस्थाओं का लिया जायजा

ऋषिकेश। ऋषिकेश स्थित शांति प्रपन्न शर्मा राजकीय चिकित्सालय में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं का जायज़ा लिया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और उपचार की गुणवत्ता के बारे में जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान मंत्री ने अस्पताल प्रशासन को परिसर में स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मरीजों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिलना बेहद आवश्यक है, इसलिए सफाई में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अस्पताल में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद मरीजों को अनावश्यक रूप से अन्यत्र रेफर किया जाता है, तो इसे गंभीर लापरवाही माना जाएगा। ऐसे मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता प्रत्येक नागरिक को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण और संवेदनशील स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसी दिशा में प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है।


चैती मेला पर्यटन और रोजगार को देगा नई दिशा- सीएम धामी

मुख्यमंत्री धामी ने मां बाल सुंदरी मंदिर में की पूजा-अर्चना 

काशीपुर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने काशीपुर में मां बाल सुंदरी मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और राज्य की निरंतर प्रगति की कामना की। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर में आयोजित भजन संध्या का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री ने चैती मेले को प्रदेश की लोक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं का जीवंत प्रतीक बताते हुए कहा कि यह आयोजन श्रद्धालुओं के साथ-साथ व्यापार, पर्यटन और स्थानीय रोजगार को भी नई दिशा देगा। उन्होंने चैती मेला कोष से मंदिर के सौंदर्यीकरण और परिसर विकास के लिए विशेष घोषणा भी की।

सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार उत्तराखंड के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर, सड़क और पेयजल परियोजनाओं, औद्योगिक हब और आधारभूत संरचना विकास को इसके प्रमुख उदाहरण बताया। उन्होंने दोहराया कि सरकार का संकल्प उत्तराखंड को विकास, आस्था और सांस्कृतिक गौरव का आदर्श राज्य बनाना है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, विधायक शिव अरोड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य और मेयर दीपक बाली सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।


विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने किया “आसरा गौशाला” का उद्घाटन

गौ संरक्षण को बताया सामाजिक दायित्व

कोटद्वार। विधानसभा अध्यक्ष उत्तराखंड एवं कोटद्वार विधायक ऋतु खण्डूडी भूषण ने संकल्प फाउंडेशन द्वारा स्थापित “आसरा गौशाला” का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों एवं स्थानीय नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का शुभारंभ विधि-विधान एवं पूजा-अर्चना के साथ किया गया। इसके उपरांत अतिथियों ने गौशाला परिसर का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं की सराहना की।

मुख्य अतिथि ऋतु खण्डूडी भूषण ने अपने संबोधन में कहा कि गौशालाएं केवल पशुओं के संरक्षण का केंद्र नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था और सेवा भावना का जीवंत प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि “आसरा गौशाला” जैसे प्रयास समाज में संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करते हैं। बेसहारा एवं निराश्रित गौवंश को सुरक्षित आश्रय प्रदान करना हम सभी का सामूहिक दायित्व है।

उन्होंने आगे कहा कि उत्तराखंड सरकार गौ संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रयासरत है और इस दिशा में समाज की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस प्रकार की पहल न केवल गौवंश की रक्षा करती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और जैविक संतुलन में भी महत्वपूर्ण योगदान देती है। कार्यक्रम के अंत में संकल्प फाउंडेशन के पदाधिकारियों द्वारा सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनसमूह का आभार व्यक्त किया गया तथा भविष्य में भी गौ सेवा एवं सामाजिक कार्यों को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया गया।

इस अवसर पर संकल्प फाउंडेशन के अध्यक्ष इंद्रजीत रावत, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष पंडित राजेंद्र अंथवाल, मंडल अध्यक्ष आशीष रावत, आकांक्षा रावत, स्वामी ईश्वर दास, पार्षद राजेंद्र बिष्ट, पार्षद रजनीश बेबनी, पार्षद जे.पी. बहुखंडी, पार्षद सुखपाल शाह, पूर्व प्रधान मंगत राम, धर्मवीर गुसाईं, विनोद धूलिया, आनंद घिल्डियाल, कांता सैलवाल, गणेश धूलिया, सुषमा जखमोला एवं स्वामी अनन्ता नन्द।


बीकेटीसी में ‘कामचलाऊ’ नहीं, ‘फुलटाइम अफसर’ की नियुक्ति करे सरकार- विकेश नेगी

रुद्रप्रयाग के डीएम जिला संभालेंगे या बीकेटीसी

समिति में कई रिक्त पद, सीईओ तय नहीं कर पा रही सरकार

देहरादून। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति का मामला अभी अधर में लटका है। चारधाम यात्रा को देखते हुए सरकार ने इस पद की अतिरिक्त जिम्मेदारी रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा को सौंपी है। सवाल उठ रहे हैं कि जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग को संभालेंगे या बीकेटीसी का कार्यभार। इसके बावजूद समिति में कई अहम पद अब भी रिक्त है। सोशल एक्टिविस्ट एडवोकेट विकेश नेगी का कहना है कि राज्य सरकार के पास अफसरों की फौज है। ऐसे में बीकेटीसी में ‘कामचलाऊ’ व्यवस्था करना समझ से परे है। उन्होंने कहा मेरी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मांग है कि बीकेटीसी जैसी महत्वपूर्ण संस्था में सरकार को सीईओ पद पर किसी राजपत्रित अधिकारी (वरिष्ठ पीसीएस या कनिष्ठ आईएएस) की पूर्णकालिक नियुक्ति करनी चाहिए।

सामाजिक कार्यकर्ता व अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने कहा कि विशाल मिश्रा के पास अब दोहरी जिम्मेदारी है, रुद्रप्रयाग की कलेक्टरी और बीकेटीसी का सीईओ। केदारनाथ धाम रुद्रप्रयाग में स्थित है, जहां इस समय सबसे अधिक यात्री पहुंच रहे हैं। सवाल उठ रहा है कि क्या एक अधिकारी दोनों पदों को प्रभावी ढंग से संभाल पाएंगे, खासकर जब बदरीनाथ चमोली जिले में है। कई अधिकारी इस पद पर तैनाती से कतराते दिख रहे हैं। बीकेटीसी में केवल सीईओ पद ही नहीं, एडिशनल सीईओ, डिप्टी सीईओ, कार्याधिकारी (केदारनाथ) जैसे कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक पद भी रिक्त हैं। वहीं, मंदिर एक्ट में संशोधन कर उपाध्यक्ष के दो पद सृजित किए और पार्टी नेताओं को नियुक्त किया, लेकिन प्रशासनिक रिक्तियों को भरने में गंभीरता नहीं दिख रही।

सामाजिक कार्यकर्ता व अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने सूचना अधिकार के तहत बीकेटीसी बोर्ड की 9 जुलाई 2025 की बैठक के प्रस्तावों की जानकारी ली। बोर्ड ने सीईओ की अर्हताओं में संशोधन का प्रस्ताव पारित किया, जिसमें 2023 की सेवा नियमावली में निर्धारित प्रथम श्रेणी राजपत्रित अधिकारी की अनिवार्यता को “एकांगी” और “अनुकूल नहीं” बताते हुए हटाने की बात कही गई। बोर्ड ने तर्क दिया कि पहले 1985 की नियमावली में केवल स्नातक डिग्री पर्याप्त थी।

सामाजिक कार्यकर्ता व अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने कहा कि देश के अन्य प्रमुख श्राइन बोर्डों में आईएएस अधिकारियों को सीईओ बनाया जाता है ताकि प्रबंधन चुस्त-दुरुस्त रहे। उन्होंने बीकेटीसी बोर्ड पर आरोप लगाया कि वह इन धामों में मात्र स्नातक डिग्रीधारी को सीईओ बनाना चाहता है, जो प्रशासनिक गड़बड़ी पैदा कर सकता है। उन्होंने विरोध की चेतावनी भी दी। बोर्ड ने एक अन्य प्रस्ताव में विशेष पूजाओं के लिए न्यूनतम 11 लाख रुपये की दर निर्धारित करने की बात कही, जिसे नेगी ने धार्मिक स्थलों में व्यावसायिकता बढ़ावा देने वाला बताया।

सामाजिक कार्यकर्ता व अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में बीकेटीसी जैसे महत्वपूर्ण संस्थान में पूर्णकालिक, योग्य और अनुभवी प्रशासनिक नेतृत्व की कमी चिंताजनक है। शासन सूत्रों के अनुसार नए सीईओ की नियुक्ति की कवायद चल रही है, जिसमें इस बार पीसीएस अधिकारी को तैनात किए जाने की संभावना है। धामों की पवित्रता, श्रद्धालुओं की सुविधा और कुशल प्रबंधन को बनाए रखने के लिए शासन को जल्द स्थायी और योग्य समाधान निकालना होगा, ताकि आस्था के इन केंद्रों की व्यवस्था पर कोई आंच न आए।

गौरतलब है कि चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू हो रही है। इसके बावजूद बीकेटीसी में सीईओ पद को लेकर उठे विवाद और प्रशासनिक रिक्तियों ने सुविधाओं और व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। वर्ष 2024 में शासन ने मंडी समिति के सचिव विजय प्रसाद थपलियाल को बीकेटीसी का सीईओ बनाकर कई को चौंका दिया था। सेवा नियमावली 2023 के अनुसार सीईओ पद के लिए प्रथम श्रेणी राजपत्रित अधिकारी (वरिष्ठ पीसीएस या कनिष्ठ आईएएस) की अर्हता अनिवार्य थी, लेकिन थपलियाल द्वितीय श्रेणी के अधिकारी भी नहीं थे। उनके कार्यकाल में केदारनाथ रूप छड़ी को बिना समिति की पूर्ण स्वीकृति के महाराष्ट्र के नांदेड़ ले जाने, पुजारियों की अनधिकृत नियुक्ति, हेली सेवा भुगतान और अन्य मुद्दों पर आरोप लगे।सरकार ने मार्च 2026 में थपलियाल की प्रतिनियुक्ति समाप्त कर उन्हें मूल विभाग कृषि उत्पादन मंडी समिति, देहरादून वापस भेज दिया।


श्रीनगर में गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी पर शिकंजा, वितरण वाहन में मिले 9 भरे सिलेंडर

सिलेंडरों को अवैध रूप से बेचने की आशंका पर गैस प्रबंधक ने खाद्य पूर्ति विभाग से की शिकायत

खाद्य पूर्ति विभाग ने वाहन से सिलेंडरों को जब्त कर प्रबंधक को किया सुपुर्द

पौड़ी। जनपद में घरेलू गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी पर लगाम लगाने के लिए जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देशन पर खाद्य पूर्ति विभाग लगातार सख़्ती बरत रहा है। इसी के तहत श्रीनगर स्थित गैस गोदाम में की गई कार्रवाई के दौरान वितरण के लिए ले जाए गए सिलेंडरों में से 9 भरे सिलेंडर वाहन में ही पाए गए, जिनके अवैध रूप से बेचे जाने की आशंका जतायी गयी है।

खाद्य निरीक्षक विजय कुमार कैंत्यूरा ने जानकारी देते हुए बताया कि श्रीनगर इंडेन गैस के प्रबंधक द्वारा विभाग को शिकायत दी गई थी। शिकायत में उन्होंने बताया कि गैस गोदाम में कार्यरत कुछ मजदूर वितरण प्रक्रिया में गड़बड़ी कर सिलेंडरों की कालाबाजारी कर रहे हैं। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए खाद्य पूर्ति विभाग की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। जांच के दौरान यह सामने आया कि वितरण के लिए कुल 202 गैस सिलेंडर वाहन में लोड किए गए थे। हालांकि, निर्धारित स्थानों पर आपूर्ति के बाद भी 9 भरे सिलेंडर वाहन में ही मौजूद पाए गए। विभागीय टीम ने इन सिलेंडरों को कब्जे में लेकर गैस गोदाम प्रबंधन को सुपुर्द कर दिया।

प्राथमिक जांच में यह आशंका जतायी जा रही है कि उक्त सिलेंडरों को अवैध रूप से बेचने की मंशा थी। इस संबंध में गैस प्रबंधक द्वारा संबंधित मजदूरों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वहीं खाद्य पूर्ति निरीक्षक ने स्पष्ट किया कि यदि जांच में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि आम उपभोक्ताओं के हितों के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग की ओर से गैस वितरण प्रणाली पर लगातार नजर रखी जा रही है।

जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार वर्मा ने बताया कि गैस गोदामों, वितरण वाहनों, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों और एजेंसियों की नियमित जांच की जा रही है, ताकि कालाबाजारी और अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके। उन्होंने आमजन से भी अपील की है कि यदि उन्हें गैस वितरण में किसी प्रकार की गड़बड़ी या कालाबाजारी की जानकारी मिलती है, तो तत्काल इसकी सूचना विभाग को दें, जिससे समय रहते कार्रवाई की जा सके।


प्रदेश के नारी निकेतनों में होगी मनोचिकित्सकों की नियुक्ति- रेखा आर्या

विभागीय सचिव को प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट में रखने के निर्देश दिए

नारी निकेतन में संवासिनी की आत्महत्या की घटना के बाद मंत्री ने किया निरीक्षण

देहरादून। उत्तराखंड सरकार में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने देहरादून के केदारपुर स्थित नारी निकेतन में एक संवासिनी की आत्महत्या की घटना की गंभीरता से पूछताछ की। इस दौरान उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और नारी निकेतन की अधीक्षिका, अन्य कर्मचारियों तथा शव बरामद करने वाली चौकीदार से विस्तृत पूछताछ की।

निरीक्षण के दौरान मंत्री ने नारी निकेतन प्रशासन को परिसर के सभी हिस्सों को सीसीटीवी कैमरों से आच्छादित करने, उनकी नियमित लाइव मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने और रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त व्यवस्था लागू की जाएगी।

मंत्री ने कहा कि फिलहाल मामले की जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। यदि जांच में नारी निकेतन का कोई अधिकारी या कर्मचारी लापरवाही का दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने मौके से ही एसएसपी देहरादून से फोन पर वार्ता कर पुलिस जांच की प्रगति की जानकारी ली और जांच को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए।

इस पूरे प्रकरण के बीच मंत्री रेखा आर्या ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए विभागीय सचिव और निदेशक को निर्देशित किया कि प्रदेश के सभी नारी निकेतनों में महिलाओं के बेहतर उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग को सक्रिय रूप से जोड़ा जाए। साथ ही मानसिक रूप से अस्वस्थ संवासिनियों की समुचित देखभाल के लिए मनोचिकित्सकों की नियुक्ति संबंधी प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट में प्रस्तुत किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।


मुख्यमंत्री धामी ने डॉ. जितेन ठाकुर को “उत्तराखंड साहित्य भूषण सम्मान” से किया सम्मानित

साहित्यकार समाज के मार्गदर्शक और प्रेरक होते हैं- मुख्यमंत्री

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सेवक सदन, मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखंड भाषा संस्थान द्वारा आयोजित उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान समारोह-2025 में उत्तराखंड के सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान “उत्तराखंड साहित्य भूषण सम्मान” से डॉ. जितेन ठाकुर को सम्मानित किया। इसके साथ मुख्यमंत्री ने डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र, श्याम सिंह कुटौला, डॉ. प्रीतम सिंह, केसर सिंह राय एवं अता ए साबिर अफजल मंगलौरी को “उत्तराखंड दीर्घकालीन उत्कृष्ट साहित्य सृजन पुरस्कार” से सम्मानित किया गया।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न विधाओं में उत्कृष्ट साहित्यकारों एवं “युवा कलमकार प्रतियोगिता” के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने साहित्य नारी वंदन सम्मान के अंतर्गत प्रो. दिवा भट्ट, उत्कृष्ट बाल साहित्य हेतु प्रो. दिनेश चमोला, उत्तराखंड मौलिक रचना पुरस्कार के अंतर्गत डॉ भूपेंद्र बिष्ट, डॉ सुधा जुगरान, शीशपाल गुसाई, उत्कृष्ट कुमाऊनी एवं गढ़वाली साहित्य हेतु तारा पाठक, हेमंत सिंह बिष्ट एवं गजेंद्र नौटियाल आदि को सम्मानित किया |

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उनके लिए यह अत्यंत गर्व का विषय है कि उन्हें प्रदेश के महान साहित्यकारों को सम्मानित करने का अवसर प्राप्त हुआ। उन्होंने बताया कि “उत्तराखंड साहित्य भूषण सम्मान” से सम्मानित डॉ. जितेन ठाकुर न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे हिंदी साहित्य जगत के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उन्होंने सभी सम्मानित साहित्यकारों को बधाई देते हुए कहा कि वे अपनी रचनात्मकता के माध्यम से राज्य की सांस्कृतिक एवं साहित्यिक विरासत को समृद्ध करने के साथ नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि “उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान” समारोह प्रदेश की साहित्यिक परंपरा, रचनात्मक चेतना और साहित्यकारों के प्रति सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की पावन भूमि सदियों से ज्ञान, संस्कृति और सृजन का केंद्र रही है, जहां हिमालय, गंगा और प्राकृतिक सौंदर्य ने अनेक लेखकों और कवियों को प्रेरित किया है। सुमित्रानंदन पंत, गौरा पंत “शिवानी”, मोहन उप्रेती और शैलेश मटियानी जैसे साहित्यकारों ने इस धरा को गौरवान्वित किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होता है और लेखक केवल शब्दों के निर्माता नहीं, बल्कि समाज के मार्गदर्शक और प्रेरक भी होते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन और उत्तराखंड राज्य निर्माण में साहित्यकारों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

उन्होंने जानकारी दी कि राज्य सरकार साहित्य और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार द्वारा विभिन्न पुरस्कारों के माध्यम से साहित्यकारों को सम्मानित करने के साथ-साथ ग्रंथ प्रकाशन हेतु अनुदान भी प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड को साहित्यिक पर्यटन के केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए राज्य में दो “साहित्य ग्राम” स्थापित किए जा रहे हैं, जहां साहित्यकारों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश अपनी सांस्कृतिक जड़ों की ओर लौट रहा है और साहित्यिक धरोहर को पुनर्स्थापित करने का कार्य किया जा रहा है। इसी प्रेरणा से राज्य सरकार भी उत्तराखंड की बिखरी साहित्यिक धरोहर को संकलित एवं संरक्षित करने के लिए प्रयासरत है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के साहित्यकारों से आह्वान किया कि वे अपनी रचनाओं के माध्यम से उत्तराखंड की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को देश-विदेश तक पहुंचाएं तथा समाज को दिशा देने का कार्य निरंतर करते रहेंगे।

इस दौरान कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, खजान दास, विधायक सविता कपूर सहित बड़ी संख्या में विद्वान, लेखक, साहित्यकार, पत्रकार एवं साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे।


रिटायर्ड ब्रिगेडियर मृतक मुकेश जोशी के परिजनों से मिले कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी

रिटायर्ड ब्रिगेडियर की मौत पर जताया शोक, आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई के आदेश

देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने मसूरी रोड स्थित मालसी क्षेत्र में हुई फायरिंग की घटना में रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मंत्री गणेश जोशी घटना के बाद मैक्स अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। इस दौरान उन्होंने पुलिस अधिकारियों को आरोपियों के खिलाफ शीघ्र और कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मालसी जोहड़ी गांव जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए और आवश्यक स्थानों पर पिकेट भी लगाए जाएं, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

गौरतलब है कि आज सुबह मालसी के पास दो कार सवारों के बीच वाहन को पास देने को लेकर विवाद हो गया था। इस दौरान एक कार सवार द्वारा दूसरी कार को रोकने के उद्देश्य से टायर पर फायरिंग की गई, लेकिन गोली दुर्घटनावश मॉर्निंग वॉक कर रहे रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी को लग गई, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।


नीतीश कुमार का बड़ा फैसला, एमएलसी पद से दिया इस्तीफा

पटना। बिहार की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। नीतीश कुमार ने विधान परिषद (एमएलसी) की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद संवैधानिक प्रावधानों के तहत उन्हें 14 दिनों के भीतर एक सदन की सदस्यता छोड़ना अनिवार्य था, जिसकी समयसीमा आज समाप्त हो रही थी।

मुख्यमंत्री का इस्तीफा स्वीकार करते हुए विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने बताया कि त्यागपत्र मात्र 29 शब्दों में लिखा गया था। मंत्री विजय कुमार चौधरी और एमएलसी संजय गांधी इस्तीफा लेकर पहुंचे थे।

हालांकि, नीतीश कुमार फिलहाल बिहार के मुख्यमंत्री बने रहेंगे। उनके मुख्यमंत्री पद छोड़ने को लेकर अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन सियासी हलकों में अटकलें तेज हैं कि राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के बाद वे यह पद भी छोड़ सकते हैं। उनका राज्यसभा कार्यकाल 10 अप्रैल से शुरू होगा।

इस घटनाक्रम के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि बिहार में जल्द नेतृत्व परिवर्तन हो सकता है। 2005 से सत्ता में सहयोगी रही भाजपा को इस बार मुख्यमंत्री पद मिलने की संभावना जताई जा रही है।

सीएम रेस में आगे सम्राट चौधरी
डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे माना जा रहा है। पार्टी में उनका तेजी से उभार और कुशवाहा समुदाय में उनकी मजबूत पकड़ उनके पक्ष में मानी जा रही है।

नित्यानंद राय भी दावेदार
केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय का नाम भी संभावित उम्मीदवारों में शामिल है। हालांकि उनका यादव समुदाय से होना, जो पारंपरिक रूप से राष्ट्रीय जनता दल के साथ जुड़ा रहा है, उनके लिए चुनौती बन सकता है।

फिलहाल भाजपा और जदयू की ओर से मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में हलचल और तेज होने की संभावना है।


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