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पेंशन योजनाओं में पारदर्शिता की पहल, 15 जून तक होगा लाभार्थियों का शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन

Category Archives: राष्ट्रीय

पेंशन योजनाओं में पारदर्शिता की पहल, 15 जून तक होगा लाभार्थियों का शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन

शहरी क्षेत्रों में उप जिलाधिकारी व ग्रामीण क्षेत्रों में खंड विकास अधिकारी की निगरानी में होगा सत्यापन

15 जून तक हर हाल में पूरा हो सत्यापन, सीडीओ का सख्त निर्देश

देहरादून। समाज कल्याण एवं महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न पेंशन योजनाओं में पारदर्शिता एवं शुद्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए लाभार्थियों का शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन अनिवार्य किया गया है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों के क्रम में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि जनपद में सभी पेंशन प्राप्तकर्ताओं का समयबद्ध सत्यापन कर अपात्र एवं मृत पेंशनरों को सूची से हटाया जाए।

विभाग द्वारा संचालित वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग, किसान, तीलू रौतेली, बौना पेंशन तथा 0 से 18 वर्ष तक के दिव्यांग बच्चों हेतु पेंशन योजनाओं के अंतर्गत लाभान्वित सभी व्यक्तियों का सत्यापन किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजनाओं का लाभ केवल पात्र व्यक्तियों तक ही पहुंचे और किसी भी अपात्र को भुगतान न हो।

मुख्य विकास अधिकारी ने सत्यापन कार्य हेतु शहरी क्षेत्रों में उपजिलाधिकारी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में खण्ड विकास अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित किया है। अधिकारियों को अपने अधीनस्थ पटवारी/लेखपाल तथा ग्राम विकास अधिकारी/ग्राम पंचायत विकास अधिकारी के माध्यम से सत्यापन कार्य पूर्ण कराने के निर्देश जारी किए गए है। सत्यापन के दौरान यदि कोई पेंशनर मृत पाया जाता है तो उसकी मृत्यु तिथि तथा अपात्र पाए जाने पर उसका कारण स्पष्ट रूप से दर्ज किया जाएगा।

सीडीओ ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सत्यापन कार्य पूर्ण कर उसकी रिपोर्ट 15 जून 2026 तक अनिवार्य रूप से संबंधित सहायक समाज कल्याण अधिकारी को उपलब्ध कराएं। इसके पश्चात जिला समाज कल्याण अधिकारी एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी द्वारा प्राप्त सूचनाओं के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

देहरादून जनपद में समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत वृद्धावस्था पेंशन के 76,128, दिव्यांग पेंशन के 11,596, 0-18 वर्ष आयु वर्ग के दिव्यांग पेंशन के 1,121 तथा किसान पेंशन के 672 लाभार्थी शामिल हैं। इसी प्रकार, महिला कल्याण विभाग के अंतर्गत विधवा पेंशन के 32,011 तथा परित्यक्ता पेंशन के 8,140 लाभार्थी सम्मिलित हैं।

पेंशनरों की ग्रामवार एवं वार्डवार सूची विभागीय वेबसाइट ssp.uk.gov.in पर उपलब्ध कराई गई है। साथ ही आवश्यक जानकारी के लिए विभाग के नामित कम्प्यूटर ऑपरेटर के मोबाइल नंबर 7906905177 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

मुख्य विकास अधिकारी ने इस कार्य को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता न बरती जाए। समयबद्ध सत्यापन से जहां अपात्र लाभार्थियों को बाहर किया जाएगा, वहीं पात्र पेंशनरों को समय पर और सुचारू रूप से पेंशन का लाभ मिल सकेगा।


महाराज ने आदमखोर गुलदार को शीघ्र मारने के दिए निर्देश

कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने दृष्टि की मृत्यु पर गहरी संवेदना व्यक्त कर उनके पिता को ढांढस बंधाया

पौड़ी। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री एवं चौबट्टाखाल विधायक सतपाल महाराज ने अपने विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कुंजखाल/भतकोट में गुलदार के हमले मारी गई भतकोट गाँव निवासी 4 वर्षीय बच्ची दृष्टि की मृत्यु पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उनके पिता हरेंद्र सिंह को ढांढस बंधाया। उन्होंने प्रभागीय वनाधिकारी पौड़ी को निर्देश दिए हैं कि आदमखोर गुलदार को पकड़ने के लिए पर्याप्त पिंजरे लगाने के साथ-साथ शीघ्र उसे मार कर स्थानीय लोगों की सुरक्षा की जाये।

प्रदेश के कैबिनेट मंत्री एवं चौबट्टाखाल विधायक सतपाल महाराज ने अपने विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कुंजखाल/भतकोट में गुलदार के हमले मारी गई भतकोट गाँव निवासी 4 वर्षीय बच्ची दृष्टि पुत्री हरेंद्र सिंह की मृत्यु पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उनके परिवार को ढांढस बंधाया और प्रभागीय वनाधिकारी पौड़ी को निर्देश दिए कि वह आदमखोर गुलदार को पकड़ने के लिए अपनी टीम को मुस्तैद रखने के साथ-साथ पिंजरों की संख्या बढाने के अलावा आदमखोर गुलदार को शीघ्र मार कर स्थानीय लोगों की सुरक्षा की जाये। प्रभागीय वनाधिकारी पौड़ी ने महाराज के निर्देशों का संज्ञान लेते हुए पिंजरों की संख्या बढ़ाने के अलावा आदमखोर गुलदार को मारने की विधिवत् स्वीकृति ले ली गई है। स्थानीय लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शीघ्र ही उसको ढूंढ कर शूट कर दिया जाएगा।


‘मुस्लिम-विरोधी’ आरोपों पर ई. के. पलानीस्वामी का पलटवार, डीएमके की नीतियों पर उठाए सवाल

महिला योजना से लेकर पेंशन तक, ई. के. पलानीस्वामी ने गिनाईं सरकार की कमियां

वेल्लोर। तमिलनाडु की सियासत में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। ई. के. पलानीस्वामी ने एम. के. स्टालिन पर तीखा हमला बोलते हुए उनकी सरकार और नीतियों पर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। खासतौर पर अल्पसंख्यकों और शासन व्यवस्था को लेकर दोनों नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।

अन्नाद्रमुक के महासचिव ई. के. पलानीस्वामी ने द्रमुक प्रमुख और मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी पार्टी को भाजपा से गठबंधन के आधार पर ‘मुस्लिम-विरोधी’ बताना पूरी तरह राजनीतिक रणनीति है। उन्होंने आरोप लगाया कि द्रमुक ने अल्पसंख्यकों के भरोसे को तोड़कर सत्ता हासिल की है।

पलानीस्वामी ने तिरुनेलवेली की एक घटना का जिक्र करते हुए कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक पुलिस उप-निरीक्षक ने अपनी सुरक्षा को लेकर शिकायत की थी, लेकिन समय पर कार्रवाई नहीं हुई और बाद में उसकी हत्या कर दी गई। उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या यही अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का मॉडल है।

अपने कार्यकाल का हवाला देते हुए ई. के. पलानीस्वामी ने कहा कि अन्नाद्रमुक सरकार ने मुसलमानों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं लागू की थीं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि द्रमुक ने भी पहले भाजपा के साथ गठबंधन किया था, ऐसे में अब उनके आरोप राजनीतिक द्वंद्व का हिस्सा हैं।

चुनावी रैली के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन के बयानों को अहंकारपूर्ण बताते हुए कहा कि द्रमुक को अपने पिछले चुनावी प्रदर्शन पर नजर डालनी चाहिए। उन्होंने 2011 से 2021 के बीच अन्नाद्रमुक की चुनावी सफलताओं का जिक्र करते हुए अपनी पार्टी की मजबूती पर जोर दिया।

इसके साथ ही पलानीस्वामी ने द्रमुक सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि किसानों, कर्मचारियों और अन्य वर्गों से किए गए कई वादे अब तक पूरे नहीं हुए हैं। पुरानी पेंशन योजना और अन्य घोषणाओं को लेकर भी उन्होंने सरकार को घेरा।

महिलाओं को दी जाने वाली मासिक सहायता योजना का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि यह फैसला भी अन्नाद्रमुक के दबाव के कारण लागू किया गया। कुल मिलाकर, तमिलनाडु की राजनीति में दोनों दलों के बीच टकराव और बयानबाजी आने वाले चुनावों से पहले और तेज होने के संकेत दे रही है।


कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अरुणाचल प्रदेश के कृषि मंत्री गेब्रियल डी. वांगसू से की शिष्टाचार भेंट

चाय उत्पादन, प्राकृतिक खेती और उद्यानिकी पर हुई विस्तृत चर्चा

देहरादून/ईटानगर। उत्तराखंड के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर में राज्य के कृषि मंत्री गेब्रियल डी. वांगसू से शिष्टाचार भेंट की।

इस दौरान दोनों नेताओं के बीच चाय उत्पादन, प्राकृतिक खेती, एरोमेटिक पौधों और उद्यानिकी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में विशेष रूप से पहाड़ी राज्यों की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप कृषि तकनीकों के आदान-प्रदान पर जोर दिया गया।

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने विश्वास जताया कि उत्तराखंड और अरुणाचल प्रदेश के बीच आपसी समन्वय और आधुनिक तकनीकों के साझा उपयोग से किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। साथ ही, इस सहयोग से दोनों राज्यों के बीच संबंध और अधिक मजबूत होंगे।


“विकास भी और विरासत भी” को ध्यान में रखते हुए कार्य कर रही राज्य सरकार- मुख्यमंत्री धामी

मुख्यमंत्री ने जुगमन्दर हॉल के नवीनीकरण कार्य का किया लोकार्पण

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नगर निगम देहरादून में निगम द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण एवं संवर्धन के अंतर्गत 02 करोड़ 32 लाख 50 हजार रुपये की लागत से जुगमन्दर हॉल के जीर्णोद्धार एवं नवीनीकरण कार्य का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने केदारपुरम स्थित ए.बी.सी. सेंटर में कैनालों के निर्माण एवं नगर निगम क्षेत्रांतर्गत 06 स्थानों पर पार्कों के विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्यों का शिलान्यास भी किया।

मुख्यमंत्री ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार “विकास भी और विरासत भी” को ध्यान में रखते हुए कार्य कर रही है। आज हमारा देहरादून अपनी समृद्ध पहचान और सांस्कृतिक धरोहर को संजोते हुए आगे बढ़ रहा है। तेज विकास के साथ-साथ अपनी संस्कृति और पहचान को सहेजने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के शहरी क्षेत्रों को सुव्यवस्थित और आधुनिक बनाने के लिए व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं। स्वच्छ भारत मिशन के माध्यम से देश के शहरों, कस्बों और नगरों में स्वच्छता की एक नई संस्कृति विकसित हुई है।

अमृत योजना के माध्यम से शहरों में जल आपूर्ति, सीवरेज व्यवस्था और हरित क्षेत्रों के विकास की दिशा में भी अनेक कार्य किए जा रहे हैं। स्मार्ट सिटी मिशन के माध्यम से देशभर के शहरों को आधुनिक, सुविधायुक्त और भविष्य के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से लाखों गरीब परिवारों का स्वयं का घर होने का सपना साकार हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने, युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने तथा अन्य क्षेत्रों में भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य किए जा रहे हैं। देहरादून को स्वच्छ, सुंदर और विकसित शहर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। स्वच्छ भारत मिशन के माध्यम से शहरों में ठोस कचरा प्रबंधन और सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाया जा रहा है।

स्मार्ट सिटी मिशन, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन, ओडीएफ अभियान और लीगेसी वेस्ट प्रबंधन जैसी योजनाओं के माध्यम से नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए अर्बन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर भी स्थापित किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून को आधुनिक शहर के रूप में विकसित करने के लिए 1400 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं पर व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं।

कचरा प्रबंधन के लिए आधुनिक मैकेनाइज्ड ट्रांसफर स्टेशन का निर्माण किया गया है। कूड़ा वाहनों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की स्थापना भी की गई है। हरित और स्वस्थ देहरादून के निर्माण के लिए शहर में 35 पार्कों का निर्माण कराया गया है। केदारपुरम में योगा थीम पर आधारित शहर का सबसे बड़ा पार्क विकसित किया गया है। वीर बलिदानियों की स्मृति में विशेष स्मृति पार्कों के माध्यम से 50 हजार वर्ग मीटर से अधिक हरित क्षेत्र विकसित किया गया है। जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए जलभराव वाले चिन्हित स्थानों पर रिचार्ज पिट बनाए जा रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए शहर में 30 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है। निजी इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए 11 स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन भी स्थापित किए गए हैं।
नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के अंतर्गत स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में देहरादून ने देशभर में 19वां स्थान प्राप्त किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का शुभारंभ करेंगे। इससे आवागमन और तेज होगा। इन संभावित चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए पार्किंग, पेयजल एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास पर सरकार विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में देहरादून को देश के शीर्ष स्वच्छ शहरों की श्रेणी में शामिल करने के लिए और अधिक मेहनत करनी होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून में ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए रिस्पना और बिंदाल नदियों के ऊपर एलिवेटेड रोड निर्माण की योजना भी तैयार की जा रही है।
पिछले एक वर्ष में नगर निगम देहरादून द्वारा किए गए कार्यों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर निगम ने राजस्व संग्रहण को लगभग 52 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 73 करोड़ रुपये तक पहुंचाया है, जिससे राजस्व में 40 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पहले जहां लगभग 190 से 200 वाहन डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण में लगे थे, आज उनकी संख्या बढ़कर लगभग 300 हो गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण न हो, यह राज्य सरकार का स्पष्ट संकल्प है। सरकारी और निगम की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त करना नगर निगम की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

उन्होंने नगर निगम के सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से इस पर सक्रिय कार्रवाई की अपेक्षा की। उन्होंने जनता से देहरादून को स्वच्छ, सुंदर और आधुनिक शहर बनाने के लिए एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, रामसिंह कैड़ा, खजान दास, मेयर सौरभ थपलियाल, विधायक उमेश शर्मा काऊ, श्रीमती सविता कपूर, सहदेव सिंह पुंडीर, नगर आयुक्त देहरादून श्रीमती नमामि बंसल एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।


आमजन को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता- महेंद्र भट्ट

रुड़की में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन, महेंद्र भट्ट ने किया शुभारंभ

हरिद्वार। रुड़की में आमजन को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया, जिसका शुभारंभ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों से संवाद कर उनकी समस्याएं भी सुनीं।

रुड़की में आयोजित इस स्वास्थ्य शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर स्वास्थ्य जांच और विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श का लाभ उठाया। शिविर का उद्देश्य क्षेत्र के लोगों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना रहा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि आमजन को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के शिविर समाज के कमजोर वर्ग तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इस अवसर पर उन्होंने सहयोग देने वाले चिकित्सकों और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्वस्थ समाज ही मजबूत राष्ट्र की नींव होता है और इसी सोच के साथ जनसेवा के कार्य लगातार किए जा रहे हैं।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, श्याम वीर सैनी, जिला अध्यक्ष डॉ. मधु सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी और पूर्वी मंडल अध्यक्ष अमरीश शर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।


शहर के विभिन्न सार्वजनिक स्थानों और पार्कों में चला दून पुलिस का चेकिंग अभियान

मार्निंग वॉक पर जाने वाले बुजुर्गों, महिलाओं व बच्चों तथा अपने काम पर जाने वाली महिलाओं को सुरक्षा का अहसास दिलाने गौरा पुलिस तथा यातायात पुलिस द्वारा की गई सघन चेकिंग

देहरादून। देहरादून में आमजन की सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जनपदभर में दिन-रात सघन चेकिंग और सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है, जिससे संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।

देहरादून पुलिस द्वारा सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से सभी थाना क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर चेकिंग अभियान जारी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशों के तहत पुलिस टीमें लगातार रात्रि और दिन में सक्रिय रहते हुए संदिग्ध व्यक्तियों की जांच कर रही हैं और आवश्यकतानुसार वैधानिक कार्रवाई भी की जा रही है।

इसी क्रम में शुक्रवार सुबह पुलिस अधीक्षक यातायात के नेतृत्व में थाना पुलिस और यातायात पुलिस की अलग-अलग टीमों ने शहर के विभिन्न सार्वजनिक स्थानों और पार्कों के आसपास सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों और अपने कार्यस्थलों की ओर जा रहे नागरिकों से पुलिसकर्मियों ने संवाद स्थापित कर उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाया।

चेकिंग के दौरान अनावश्यक रूप से घूम रहे और संदिग्ध प्रतीत होने वाले व्यक्तियों से पूछताछ की गई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह अभियान आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने और आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से लगातार जारी रहेगा।

पुलिस प्रशासन का कहना है कि जनपद में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस तरह के सघन चेकिंग अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेंगे।


पोखड़ा में गुलदार का कहर, घर के बाहर बैठी चार वर्षीय मासूम को बनाया शिकार

दो किमी दूर जंगल में मिला बच्ची का शव

पौड़ी। उत्तराखंड के पौड़ी जिले के पोखड़ा क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक गुलदार ने घर के बाहर बैठी चार वर्षीय मासूम को अपना शिकार बना लिया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।

जानकारी के अनुसार, पोखड़ा क्षेत्र के भतकोट गांव में एक चार साल की बच्ची अपने घर की चौखट पर बैठकर खाना खा रही थी। इसी दौरान घात लगाए बैठे गुलदार ने अचानक हमला कर उसे उठाकर जंगल की ओर ले गया। घटना के समय बच्ची की बड़ी बहन और दादी भी पास ही मौजूद थीं, लेकिन सब कुछ इतना अचानक हुआ कि वे कुछ समझ नहीं पाए।

बच्ची के चीखने की आवाज सुनकर परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तत्काल उसकी तलाश शुरू की गई। काफी देर तक खोजबीन के बाद देर शाम घर से करीब दो किलोमीटर दूर जंगल में बच्ची का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ, जिससे पूरे गांव में मातम पसर गया।

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। आक्रोशित ग्रामीणों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया और उच्च अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग की।

शुक्रवार सुबह प्रशासनिक अधिकारियों के पहुंचने के बाद मौके पर ही आवश्यक कार्रवाई पूरी की गई और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।


उत्तराखंड में व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर वितरण के लिए नई एसओपी लागू

कोटा बढ़कर 66% हुआ

देहरादून। राज्य में व्यावसायिक एलपीजी सिलेण्डरों की बढ़ती मांग और आपूर्ति संतुलन को ध्यान में रखते हुए पूर्व में निर्धारित एसओपी को अतिक्रमित करते हुए नई संशोधित एसओपी लागू कर दी गई है। सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति आनंद स्वरूप ने बताया कि राज्य द्वारा पीएनजी को बढ़ावा देने की दिशा में किए गए प्रयासों के फलस्वरूप उत्तराखण्ड को व्यवसायिक एलपीजी हेतु अतिरिक्त 6 प्रतिशत कोटा प्राप्त हुआ है, जबकि 20 प्रतिशत कोटा केंद्र सरकार द्वारा पूर्व में प्रदान किया गया था। इस प्रकार पूर्व निर्धारित 40 प्रतिशत के कोटे में वृद्धि करते हुए अब कुल 66 प्रतिशत कोटे के आधार पर नई व्यवस्था लागू की गई है। बता दें कि पूर्व में 40 प्रतिशत कोटे के अनुसार एसओपी निर्धारित की गई थी।

स्वरूप ने बताया कि नई एसओपी का उद्देश्य विभिन्न उपभोक्ता वर्गों के बीच संतुलित, प्राथमिकता आधारित एवं पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करना है, ताकि चारधाम यात्रा, पर्यटन, औद्योगिक गतिविधियों एवं आवश्यक सेवाओं पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। यह व्यवस्था अग्रिम आदेशों तक प्रभावी रहेगी। स्वरूप ने बताया कि राज्य में कार्यरत तेल एवं गैस विपणन कंपनियों द्वारा उनकी बाजार हिस्सेदारी के अनुसार एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, सभी जिलाधिकारियों को आपूर्ति की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी और भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।

रेस्टारेंट और ढाबों के लिए 2000 सिलेण्डर

सचिव स्वरूप ने बताया कि संशोधित एसओपी में विभिन्न उपभोक्ता श्रेणियों की दैनिक आवश्यकता को निर्धारित किया गया है। होटल एवं रिजॉर्ट जैसे पर्यटन आधारित प्रतिष्ठानों के लिए 1500 सिलेण्डर (24 प्रतिशत) तथा रेस्टोरेंट एवं ढाबों के लिए 2000 सिलेण्डर (32 प्रतिशत) निर्धारित किए गए हैं, जिससे पर्यटन सीजन के दौरान निर्बाध सेवाएं सुनिश्चित की जा सकें। सरकारी एवं सरकार द्वारा नियंत्रित गेस्टहाउसों के लिए 300 सिलेण्डर (5 प्रतिशत) आवंटित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त डेयरी एवं खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों, पेइंग गेस्ट सुविधा वाले छात्रावासों तथा होम-स्टे एवं स्वयं सहायता समूहों के प्रतिष्ठानों के लिए 200-200 सिलेण्डर (प्रत्येक 3 प्रतिशत) निर्धारित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि विवाह समारोहों के लिए 660 सिलेण्डर (10 प्रतिशत) तथा फार्मास्यूटिकल, अस्पताल, ऑटोमोबाइल, कपड़ा, रसायन एवं अन्य प्राथमिकता वाले औद्योगिक क्षेत्रों के लिए 1250 सिलेण्डर (20 प्रतिशत) का प्रावधान किया गया है। इस प्रकार कुल 6310 सिलेण्डरों का दैनिक वितरण सुनिश्चित किया गया है।

देहरादून को सर्वाधिक 31 प्रतिशत आवंटन

सचिव आनंद स्वरूप ने बताया कि जनपदवार कोटा भी गैस कनेक्शनों की संख्या के अनुरूप निर्धारित कर दिया गया। देहरादून को 31 प्रतिशत के साथ सर्वाधिक आवंटन दिया गया है, जबकि हरिद्वार एवं नैनीताल को 13-13 प्रतिशत आवंटन निर्धारित किया गया है। उधमसिंह नगर को 9 प्रतिशत, चमोली को 6 प्रतिशत तथा रुद्रप्रयाग को 5 प्रतिशत आवंटन दिया गया है। टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी एवं अल्मोड़ा को 4-4 प्रतिशत, पिथौरागढ़ को 3 प्रतिशत तथा बागेश्वर एवं चम्पावत को 2-2 प्रतिशत आवंटन दिया गया है। यह व्यवस्था स्थानीय मांग और उपभोक्ता घनत्व को ध्यान में रखते हुए तय की गई है।

विवाह समारोह हेतु विशेष प्रावधान, 02 सिलेडर निर्धारित

सचिव आनंद स्वरूप् ने बताया कि विवाह समारोहों के लिए विशेष प्रावधान करते हुए अधिकतम 2 व्यवसायिक सिलेण्डरों की सीमा निर्धारित की गई है। इसके लिए आवेदक को संबंधित जिलाधिकारी या नामित अधिकारी के समक्ष आवेदन करना होगा, जिसके बाद दस्तावेजों के परीक्षण उपरांत अनुमति प्रदान की जाएगी। अनुमोदन के बाद संबंधित गैस वितरक द्वारा अस्थायी कनेक्शन जारी कर आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी तथा इसकी सूचना जिलाधिकारी को भी दी जाएगी। निर्धारित अवधि पूर्ण होने के बाद यह कोटा पुनः सामान्य श्रेणियों में समायोजित कर लिया जाएगा, जिससे किसी प्रकार का दुरुपयोग न हो।

विवाह समारोह हेतु निर्धारित 660 सिलेण्डरों में देहरादून एवं नैनीताल को सर्वाधिक 176-176 सिलेण्डर आवंटित किए गए हैं, जबकि हरिद्वार एवं उधमसिंह नगर को 64-64 सिलेण्डर दिए गए हैं। अन्य जनपदों को उनकी आवश्यकतानुसार 18 से 24 सिलेण्डर तक आवंटित किए गए हैं। इसी प्रकार औद्योगिक क्षेत्रों के लिए निर्धारित 1250 सिलेण्डरों में देहरादून, हरिद्वार एवं उधमसिंह नगर को 380-380 सिलेण्डर आवंटित किए गए हैं, नैनीताल व टिहरी को बीस-बीस तथा पौड़ी को 70 सिलेण्डर आवंटित किए गए हैं।


बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर डीएम सख्त, होमस्टे, होटल एवं वेडिंग प्वाइंट्स पर सघन सत्यापन के निर्देश

अवैध गतिविधियों में लिप्त प्रतिष्ठानों पर होगी कड़ी कार्रवाई, डीएम के निर्देश

देहरादून। जनपद के नगरीय क्षेत्रों में बढ़ती आपराधिक घटनाओं और नशे से जुड़ी गतिविधियों पर सख्त रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने व्यापक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में आयोजित बैठक में उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी सहित संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद में संचालित होमस्टे, होटल, वेडिंग प्वाइंट्स और अन्य आवासीय एवं व्यावसायिक इकाइयों का व्यापक सत्यापन अभियान चलाया जाए। इसके लिए टीम गठित कर प्राथमिकता के आधार पर सभी इकाइयों की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है। वर्तमान में जनपद में 1057 होमस्टे पंजीकृत हैं, जिनमें से लगभग 350 नगरीय क्षेत्रों में संचालित हो रहे हैं।

उन्होंने निर्देश दिए कि राज्य सरकार की होमस्टे गाइडलाइन के अनुरूप चेकलिस्ट तैयार कर सघन निरीक्षण किया जाए और सभी मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए। किसी भी प्रकार की गैरकानूनी गतिविधि में संलिप्त पाए जाने वाले होमस्टे, होटल या अन्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ कड़ी विधिक कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि होमस्टे, होटल और वेडिंग प्वाइंट्स में ओकेजनल बार लाइसेंस जारी करने से पहले सभी शर्तों की गहन जांच की जाएगी। बिना लाइसेंस या निर्धारित समय के बाद मदिरा परोसने की शिकायत मिलने पर संबंधित संपत्ति स्वामी, लीजधारक या किरायेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी ने आबकारी विभाग को निर्देश दिए कि नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए न्यूनतम एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाए। साथ ही आवश्यकतानुसार अन्य कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए।

प्रशासन ने आमजन से भी अपील की है कि यदि कहीं अवैध गतिविधियों या बिना लाइसेंस मदिरा परोसने की जानकारी मिले तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।


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