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मंत्री से वार्ता के बाद धरना खत्म करने पर राजी हुए पीआरडी स्वयं सेवक

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मंत्री से वार्ता के बाद धरना खत्म करने पर राजी हुए पीआरडी स्वयं सेवक

सचिवालय में आयोजित बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा

देहरादून। सचिवालय स्थित एफआरडीसी सभागार में आयोजित बैठक में पीआरडी स्वयंसेवकों के प्रतिनिधियों के साथ विभिन्न मांगों पर विस्तृत चर्चा की गई। विभागीय मंत्री रेखा आर्या से उचित कार्रवाई का आश्वासन मिलने पर पीआरडी स्वयं सेवक धरना प्रदर्शन खत्म करने पर राजी हुए।

बैठक में स्वयंसेवकों ने प्रमुख रूप से वर्षभर (365 दिन) रोजगार सुनिश्चित करने तथा होमगार्ड के समान मानदेय और डीए दिए जाने की मांग उठाई।

युवा कल्याण एवं पीआरडी मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि बैठक में संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि दोनों मांगों के संबंध में शीघ्र प्रस्ताव तैयार कर उसे कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत किया जाए, ताकि इन पर उचित निर्णय लिया जा सके। आश्वासन के बाद पीआरडी स्वयंसेवक प्रतिनिधियों ने अपना धरना-प्रदर्शन समाप्त करने की सहमति जताई।

इसके अलावा बैठक में खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न नौकरी दिए जाने के विषय पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि खिलाड़ियों को विभाग में आउट ऑफ टर्न जॉब देने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।

साथ ही प्रस्तावित स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी में इसी वर्ष से कक्षाएं शुरू करने की दिशा में आवश्यक प्रक्रिया तेज करने, 142 पदों के सृजन तथा भूमि संबंधी लंबित मामलों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में विशेष प्रमुख खेल सचिव अमित सिन्हा, खेल निदेशक आशीष चौहान, अपर निदेशक अजय अग्रवाल, राजेश मंमगाई सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


देश की मजबूती ही नागरिकों के बेहतर भविष्य की नींव होती है- RSS प्रमुख मोहन भागवत

राष्ट्र निर्माण और करियर एक-दूसरे के पूरक: मोहन भागवत का युवाओं को संदेश

कोच्चि। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने सोमवार को कहा कि किसी भी व्यक्ति की असली समृद्धि देश की समृद्धि और सुरक्षा से जुड़ी होती है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने व्यक्तिगत विकास के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण में भी सक्रिय भूमिका निभाएं।

देश की प्रगति से जुड़ी है व्यक्तिगत सफलता
कोच्चि में आयोजित बालागोकुलम के दो दिवसीय सम्मेलन के उद्घाटन अवसर पर मोहन भागवत ने कहा कि व्यक्ति और राष्ट्र की उन्नति एक-दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने कहा कि जब देश मजबूत और सुरक्षित होता है, तभी परिवार और समाज भी समृद्ध होते हैं।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि नागरिक राष्ट्र की उन्नति के लिए कार्य करते हैं, तो इसका सकारात्मक प्रभाव उनके व्यक्तिगत जीवन पर भी पड़ता है। इसलिए व्यक्तिगत लक्ष्य और राष्ट्रीय दायित्वों को साथ लेकर चलना आवश्यक है।

राष्ट्र निर्माण में हर व्यक्ति की भूमिका अहम
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि समृद्धि और सुरक्षा को अलग-अलग नहीं देखा जा सकता। देश की मजबूती ही नागरिकों के बेहतर भविष्य की नींव होती है।

उन्होंने लोगों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि समाज के हर वर्ग का योगदान देश को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण है।

युवाओं को दिया स्पष्ट संदेश
युवाओं को संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि करियर और राष्ट्र सेवा के बीच संतुलन बनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अक्सर युवा इस दुविधा में रहते हैं कि वे व्यक्तिगत सफलता को प्राथमिकता दें या देश के लिए काम करें, लेकिन दोनों एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि सही दिशा और सोच के साथ व्यक्ति अपने करियर में आगे बढ़ते हुए देश के विकास में भी योगदान दे सकता है।

सम्मेलन में बच्चों से संवाद
कार्यक्रम के दौरान मोहन भागवत ने भगवान श्रीकृष्ण को पुष्पांजलि अर्पित की और बालागोकुलम से जुड़े बच्चों के साथ संवाद किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों को संस्कृति, संस्कार और राष्ट्रभक्ति के महत्व के बारे में प्रेरित किया।


भाजपा का 47वां स्थापना दिवस, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने किया ध्वजारोहण

भाजपा अंत्योदय और राष्ट्र निर्माण की भावना से कार्य करने वाली विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है- महेंद्र भट्ट 

देहरादून। भारतीय जनता पार्टी के 47वें स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेश कार्यालय, देहरादून में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने ध्वजारोहण कर कार्यक्रम की शुरुआत की और कार्यकर्ताओं को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं।

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भाजपा अंत्योदय और राष्ट्र निर्माण की भावना से कार्य करने वाली विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है। उन्होंने कहा कि एक विचार को जनआंदोलन में बदलने का श्रेय पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं को जाता है, जिन्होंने निरंतर परिश्रम से संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि राष्ट्र सर्वोपरि के सिद्धांत पर चलने वाला एक संस्कार है, जो विकास और सुशासन के प्रति प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि पार्टी के संस्थापकों, वरिष्ठ नेताओं, करोड़ों कार्यकर्ताओं और जनता के विश्वास ने भाजपा को आज इस मुकाम तक पहुंचाया है।

उन्होंने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में पार्टी निरंतर जनकल्याण के कार्यों में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है।

कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह, मंत्री खजान दास, संगठन महामंत्री अजय कुमार सहित पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।


कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने टिहरी प्रेस क्लब की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को दिलाई शपथ

पत्रकारिता लोकतंत्र का एक मजबूत स्तंभ है, जो समाज को जागरूक, सचेत और सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है- सुबोध उनियाल

टिहरी गढ़वाल। कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने न्यू टिहरी प्रेस क्लब में आयोजित नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने सभी नव-निर्वाचित पत्रकारों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई और उन्हें नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री उनियाल ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का एक मजबूत स्तंभ है, जो समाज को जागरूक, सचेत और सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि मीडिया न केवल जनभावनाओं को सही दिशा देता है, बल्कि शासन और जनता के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु का कार्य भी करता है।

उन्होंने विश्वास जताया कि नई कार्यकारिणी के नेतृत्व में टिहरी के पत्रकार निष्पक्षता, पारदर्शिता और जनहित को सर्वोपरि रखते हुए जन समस्याओं को प्रमुखता से उठाएंगे और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन करेंगे।

इस दौरान भाजपा जिला अध्यक्ष उदय सिंह रावत, टिहरी विधायक किशोर उपाध्याय, पूर्व कैबिनेट मंत्री दिनेश धनाई सहित अन्य जनप्रतिनिधि और पत्रकार उपस्थित रहे।


बालिका वर्ग बॉक्सिंग में पिथौरागढ़ बना चैंपियन

खेल मंत्री रेखा आर्या ने किया बॉक्सिंग प्रतियोगिता का समापन

यूथ महिला पुरुष मुक्केबाजी प्रतियोगिता में सभी 13 जिलों की टीमें हुई शामिल

हरिद्वार। उत्तराखंड यूथ महिला एवं पुरुष मुक्केबाजी प्रतियोगिता 2026 में बालिका वर्ग में पिथौरागढ़ की टीम ओवरऑल चैंपियन बनी है। योगस्थली खेल परिसर के मल्टीपरपज हॉल में प्रतियोगिता का भव्य समापन किया गया। इस अवसर पर रेखा आर्या ने विजेता खिलाड़ियों और टीमों को ट्रॉफी व मेडल देकर सम्मानित किया।

खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि उत्तराखंड तेजी से बॉक्सिंग का उभरता हुआ केंद्र बन रहा है और वह दिन दूर नहीं जब प्रदेश के खिलाड़ी ओलंपिक खेल तथा कॉमनवेल्थ गेम्स जैसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का झंडा लहराएंगे।

उन्होंने कहा कि खेल कौशल को विकसित करने के लिए मेहनत, समर्पण और अनुशासन आवश्यक है। साथ ही यह भी कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए सरकार आउट ऑफ टर्न नौकरी की व्यवस्था पहले से लागू कर चुकी है।

प्रतियोगिता में सभी 13 जनपदों की टीमों ने भाग लिया, जिसमें बालिका वर्ग में पिथौरागढ़ की टीम ओवरऑल चैंपियन बनी।

बालिका वर्ग में पिथौरागढ़ जनपद की टीम को विजेता घोषित किया गया जबकि पिथौरागढ़ स्पोर्ट्स हॉस्टल की टीम रनर अप रही।

बालिकाओं के 45 से 48 किलोग्राम वर्ग में पिथौरागढ़ की जया ने गोल्ड मेडल, सविता ने सिल्वर मेडल और नेहा व गुंजन ने ब्रोंज मेडल जीता।

48 से 51 किलोग्राम वर्ग में कोमल लोहिया ने गोल्ड, कृष्णा ने सिल्वर और ऋतु व वैष्णवी ने ब्रॉन्ज मेडल जीते। 54 से 57 किलोग्राम वर्ग में पिथौरागढ़ की बबीता ने गोल्ड मेडल जीता, जबकि इसी प्रतियोगिता में सलोनी ने सिल्वर मेडल अंशिका और रिया ने ब्रॉन्ज मेडल जीता।

इसके अतिरिक्त 51 से 54 किलोग्राम वर्ग में पिथौरागढ़ की चांदनी गोल्ड जीतकर अव्वल रही। कविता ने सिल्वर और अनुष्का व अलीशा ने ब्रॉन्ज मेडल जीते।

इस अवसर पर गोपाल खोलिया, निर्माण मुखर्जी, देवेंद्र चंद्र भट्ट, नवीन टम्टा, विशाल गर्ग, नवीन चौहान, विपिन चौधरी और सुधीर जोशी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में देहरादून मास्टर प्लान 2041 की कवायद तेज

मास्टर प्लान में प्राकृतिक विरासत को सहेजने की पहल, ग्रीन देहरादून की दिशा में कदम, नदी, जंगल और हरियाली बचाने की योजना

सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में मास्टर प्लान को अंतिम रूप देने की रणनीति तय

राजधानी देहरादून के सुनियोजित, संतुलित और दीर्घकालिक विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने मास्टर प्लान 2041 को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के अनुरूप इस मास्टर प्लान को जनभागीदारी आधारित, पर्यावरण संतुलित और आधुनिक शहरी जरूरतों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। शनिवार को प्राधिकरण कार्यालय में सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मास्टर प्लान के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई और इसे अंतिम स्वरूप देने के लिए ठोस रणनीति तय की गई। बैठक में मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, सचिव मोहन सिंह बर्निया, संयुक्त सचिव प्रत्यूष सिंह, गौरव चटवाल, चीफ टाउन प्लानर शशि मोहन श्रीवास्तव, अधिशाषी अभियंता सुनील कुमार, मास्टर प्लान की कार्यदायी संस्था की ओर से नीरव मखवाना सहित तमाम अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

जनभागीदारी बनेगी मास्टर प्लान की नींव
बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि इस बार मास्टर प्लान को पूरी तरह जनकेंद्रित बनाया जाएगा। सचिव आवास ने निर्देश दिए कि नगर निगम के प्रत्येक वार्ड में विशेष कैंप लगाकर नागरिकों की आपत्तियां और सुझाव लिए जाएं। यह पहल न केवल पारदर्शिता को बढ़ावा देगी बल्कि शहरवासियों को सीधे विकास प्रक्रिया से जोड़ने का अवसर भी देगी। अधिकारियों का मानना है कि स्थानीय स्तर पर प्राप्त सुझावों से मास्टर प्लान अधिक व्यावहारिक और प्रभावी बनेगा। मास्टर प्लान 2041 के तहत देहरादून को एक आधुनिक, निवेश अनुकूल और तकनीकी रूप से सशक्त शहर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। मास्टर प्लान के कार्य को जल्दी पूरा करने और नई आवासीय योजनाओं व तलपट मानचित्रों और शहरी क्षेत्र में हरित क्षेत्र को बढ़ाये जाने के निर्देश दिये गये।

यातायात और आधारभूत ढांचे पर विशेष फोकस
तेजी से बढ़ती आबादी और यातायात दबाव को देखते हुए मास्टर प्लान में सड़क नेटवर्क, सार्वजनिक परिवहन और पार्किंग सुविधाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया गया है। प्रस्तुतीकरण के दौरान शहर के विभिन्न हिस्सों में ट्रैफिक जाम की समस्या के समाधान के लिए नए कॉरिडोर, बाईपास और स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम प्रस्तावित किए गए।

पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास प्राथमिकता
देहरादून की पहचान उसके प्राकृतिक सौंदर्य और हरित क्षेत्र से है। इसे ध्यान में रखते हुए मास्टर प्लान में पर्यावरण संरक्षण को प्रमुख स्थान दिया गया है। नदी तटों के संरक्षण, बड़े स्तर पर वृक्षारोपण और ग्रीन जोन विकसित करने की योजना बनाई गई है। सचिव आवास ने निर्देश दिए कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

आपत्तियों के तेजी से निस्तारण के लिए एक अन्य समिति गठित
मास्टर प्लान से जुड़ी आपत्तियों और सुझावों के निस्तारण के लिए पूर्व गठित समिति के साथ-साथ एक अन्य समिति का गठन किया गया है। तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। इस समिति में उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव को शामिल किया गया है। यह समिति समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से सभी आपत्तियों की सुनवाई करेगी। साथ ही जटिल मामलों के समाधान के लिए उपाध्यक्ष को विशेष अधिकार दिए गए हैं, जिससे निर्णय प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।

मसूरी के लिए अलग विजन, पर्यटन और पर्यावरण का संतुलन
बैठक में मसूरी क्षेत्र के मास्टर प्लान पर भी विशेष चर्चा की गई। बैठक में अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि मसूरी मास्टर प्लान के लिए संबधित सभी विभागों से दस्तावेज इकत्र किये जाने की प्रक्रिया जारी है। सचिव आवास ने बैठक में निर्देश दिए गए कि मसूरी को एक मॉडल हिल स्टेशन के रूप में विकसित किया जाए, जहां पर्यटन विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन कायम रखा जा सके।

सभी विभागों के समन्वय से होगा क्रियान्वयन
मास्टर प्लान के सफल क्रियान्वयन के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि शहरी विकास, परिवहन, पर्यावरण और पर्यटन विभाग मिलकर इस योजना को लागू करेंगे, ताकि विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए।

योजना अधिक व्यवहारिक और जनोन्मुखी बनेगी- डॉ. आर. राजेश कुमार
सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मास्टर प्लान 2041 केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि देहरादून के भविष्य की रूपरेखा है। इसे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप जनभागीदारी और पारदर्शिता के साथ तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वार्ड स्तर पर आयोजित किए जाने वाले कैंपों के माध्यम से आम नागरिकों को अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा, जिससे योजना अधिक व्यवहारिक और जनोन्मुखी बनेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी आपत्तियों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और संतुलित विकास को प्राथमिकता देते हुए देहरादून को एक आदर्श और रहने योग्य शहर बनाया जाएगा।

मास्टर प्लान 2041 निवेश के नए अवसर खोलेगा – बंशीधर तिवारी
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि मास्टर प्लान 2041 देहरादून के विकास की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण दस्तावेज है। इस बार इसे पूरी तरह जनसहभागिता पर आधारित बनाया जा रहा है, जिससे हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण का लक्ष्य देहरादून को सुव्यवस्थित, आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल शहर के रूप में विकसित करना है।

शहर के संतुलित विकास पर विशेष ध्यान- मोहन सिंह बर्निया
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि मास्टर प्लान 2041 को पारदर्शी और जनहितकारी बनाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। वार्ड स्तर पर कैंपों के जरिए नागरिकों को अपनी आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि नई समिति के माध्यम से सभी मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा और शहर के संतुलित विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।


मानव-वन्यजीव संघर्ष पर कड़ा कदम: गुलदार को पकड़ने के साथ ही नष्ट करने के आदेश

बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम, वन-राजस्व टीमें रहेंगी तैनात

पौड़ी। विकासखंड पोखड़ा क्षेत्र में बढ़ती मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग ने त्वरित एवं कड़े कदम उठाए हैं। मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक द्वारा जनसुरक्षा, विशेष रूप से स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संबंधित क्षेत्र में सक्रिय गुलदार को पकड़ने के साथ ही आवश्यक होने और उसे नष्ट करने की अनुमति भी प्रदान की गयी है।

डीएफओ गढ़वाल महातिम यादव ने बताया कि क्षेत्र की संवेदनशील परिस्थितियों को देखते हुए आवश्यक अनुमति का अनुरोध किया गया था। वन संरक्षक, गढ़वाल वृत्त द्वारा दी गयी संस्तुति के आधार पर मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक द्वारा वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 (संशोधित 2022) की धारा 11(1)(क) के अंतर्गत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए गुलदार को पिंजरे में कैद करने, ट्रैंक्युलाईज कर पकड़ने की अनुमति दी गयी है। साथ ही सभी प्रयासों के बावजूद गुलदार के पकड़ में न आने की स्थिति में अंतिम विकल्प के रूप में उसे नष्ट करने की भी अनुमति प्रदान की गयी है।

डीएफओ ने स्पष्ट किया कि यह अनुमति केवल चिन्हित गुलदार के लिए ही मान्य होगी तथा आदेश जारी होने की तिथि से एक माह तक प्रभावी रहेगा। उन्होंने बताया कि गुलदार की गतिविधियों पर सतत निगरानी के लिए क्षेत्र में तीन पिंजरे और बीस ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं। साथ ही दो लाइसेंसधारी शिकारियों की तैनाती की गयी है तथा आधुनिक तकनीक जैसे ड्रोन और अन्य निगरानी साधनों का उपयोग किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम हेतु व्यापक जन-जागरुकता अभियान भी संचालित किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि प्रभावित क्षेत्र में 6 अप्रैल तक विद्यालयों में अवकाश घोषित किया गया है। विद्यालय खुलने के बाद बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वन और राजस्व विभाग के संयुक्त दल द्वारा उन्हें घर से विद्यालय तक लाने और वापस छोड़ने की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए वन विभाग द्वारा पालतू मवेशियों के लिए चारा-पत्ती की व्यवस्था भी की जा रही है। यह व्यवस्थाएं तब तक जारी रहेंगी जब तक गुलदार को पकड़ा या मार गिराया नहीं जाता, ताकि क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल हो सके।


मुख्यमंत्री धामी ने पुलिस लाइन देहरादून में प्रशिक्षण ले रहे पुलिस कांस्टेबलों को किया संबोधित

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को पुलिस लाइन देहरादून में प्रशिक्षण ले रहे पुलिस कांस्टेबलों को संबोधित किया। उन्होंने युवा कांस्टेबलों का उत्साहवर्धन करते हुए राज्य की कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने, आपदा प्रबंधन में सक्रिय भूमिका निभाने तथा ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड पहाड़ी राज्य होने के कारण प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ता है, इसलिए पुलिसकर्मियों को आपदा प्रबंधन में निपुण बनना आवश्यक है। उन्होंने कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए जनता के साथ समन्वय बनाए रखने तथा अपराध नियंत्रण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। ट्रैफिक व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग करने तथा यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने कांस्टेबलों को आधुनिक प्रशिक्षण ग्रहण कर जनसेवा के प्रति समर्पित रहने का आह्वान किया।


मुख्यमंत्री धामी ने किया “दून बुक फेस्टिवल-2026” का शुभारंभ

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को देहरादून में आयोजित “दून बुक फेस्टिवल-2026” का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर विभिन्न प्रकाशकों द्वारा लगाये गये स्टॉल का अवलोकन और गढ़वाली एवं कुमांऊनी पुस्तकों का विमोचन भी किया। शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार और उत्तराखण्ड सरकार के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने देशभर से आए साहित्यकारों, कलाकारों एवं साहित्य प्रेमियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह महोत्सव साहित्य, संस्कृति और कला का अद्भुत संगम है, जो समाज में ज्ञान और विचारों के आदान-प्रदान को नई दिशा प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस 9 दिवसीय महोत्सव में विभिन्न सत्रों, संवाद कार्यक्रमों, पुस्तक परिचर्चाओं तथा “लेखक से मिलिए” जैसे आयोजनों के माध्यम से साहित्यिक विमर्श को समृद्ध किया जाएगा। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों के लिए स्थापित “चिल्ड्रेन पवेलियन” को सराहनीय पहल बताते हुए कहा कि इससे नई पीढ़ी में पठन-पाठन की रुचि विकसित होगी।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की समृद्ध साहित्यिक परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि देवभूमि की इस पावन भूमि ने अनेक महान साहित्यकारों को जन्म दिया है और यह प्रदेश सदैव ज्ञान, संस्कृति एवं सृजन का केंद्र रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार साहित्य एवं संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

“उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान”, “साहित्य भूषण” तथा अन्य पुरस्कारों के माध्यम से साहित्यकारों को सम्मानित किया जा रहा है, साथ ही विभिन्न भाषाओं में ग्रंथ प्रकाशन हेतु अनुदान भी प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में साहित्य ग्रामों की स्थापना की जा रही है, जिससे साहित्यकारों को सृजन के लिए अनुकूल वातावरण मिल सकेगा तथा उत्तराखंड को साहित्यिक पर्यटन के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में पुस्तकों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पुस्तकें केवल शब्दों का संग्रह नहीं, बल्कि ज्ञान का स्थायी स्रोत हैं, जो पीढ़ी दर पीढ़ी समाज को दिशा प्रदान करती हैं। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे विभिन्न अवसरों पर उपहार स्वरूप पुस्तकों एवं पौधों को प्रोत्साहित करें, जिससे समाज में ज्ञान और पर्यावरण दोनों के प्रति जागरूकता बढ़े।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश अपनी सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत को पुनः प्रतिष्ठित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार भी उत्तराखंड की साहित्यिक धरोहर के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने महोत्सव के सफल आयोजन के लिए सभी आयोजकों को शुभकामनाएं दीं और विश्वास व्यक्त किया कि यह आयोजन प्रदेश की साहित्यिक चेतना को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, आचार्य बालकृष्ण, राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के अध्यक्ष प्रो. मिलिन्द मराठी, राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के निदेशक युवराज मलिक, देवभूमि उत्तराखण्ड युनवर्सिटी के उपाध्यक्ष अमन बंसल मौजूद थे।


जिला सहकारी बैंकों की 290 शाखाओं ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में कमाया 269.72 करोड़ का मुनाफा

कुशल वित्तीय प्रबंधन से 39.88 करोड़ कम हुआ बैंकों का एनपीए

देहरादून। सूबे के राज्य सरकारी एवं जिला सहकारी बैंकों की 290 शाखाओं ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में उल्लेखनीय प्रदर्शन कर अपनी वित्तीय मजबूत कर 269.72 करोड़ का लाभ अर्जित किया है। एनपीए नियंत्रण के मोर्च पर भी बैकों ने सख्त वित्तीय अनुशासन दिखाते हुये 39.88 करोड़ का एनपीए कम किया है, जोकि विगत वित्तीय वर्ष की तुलना में 6 फीसदी से अधिक कम हुआ है।

सूबे के सहकारिता मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी एक बयान में बताया कि राज्य सरकार की पारदर्शी नीतियों के चलते प्रदेश में सहकारी बैंकों का वित्तीय प्रदर्शन लगातार बेहतर हो रहा है। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में दस जनपदों के जिला सहकारी बैंकों व राज्य सहकारी बैंकों की 290 शाखाएं लाभ की स्थिति में पहुंच गई है जबकि पिछले वित्तीय वर्ष यह संख्या 280 थी। डाॅ. रावत ने बताया कि इस अवधि में सहकारी बैंकों ने 269.72 करोड़ का लाभ अर्जित कर 150.82 करोड़ का शुद्ध मुनाफा कमाया है, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 28.96 करोड़ अधिक है। विभागीय मंत्री ने बताया कि सहकारी बैंकों की बैंकिंग प्रणाली में पारदर्शिता, ऋण वितरण में सुधार तथा डिजिटल बैंकिंग सेवाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया गया। एनपीए की समयबद्ध वसूली के परिणामस्वरूप बैंकों की वित्तीय स्थिति लगातार सुदृढ़ हो रही है साथ ही एनपीए में भी उल्लेखनीय कमी आई है। उन्होंने कहा कि विगत वर्ष बैंकों का सकल एनपीए जहां 690.11 करोड़ था वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह कम होकर 650.23 करोड़ रहा गया है यानी विगत वर्ष के मुकाबले 6.22 फीसदी सकल एनपीए में कमी दर्ज की गई है। जिसके चलते बैंकों का शुद्ध एनपीए जहां विगत वर्ष 183.87 करोड़ था वह घटकर अब 173.65 करोड़ रह गया है। डाॅ. रावत ने बताया कि सहकारी बैंकों का वित्तीय प्रदर्शन प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिये बेहद सकारात्मक संकेत हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की सख्त एनपीए वसूली नीति और पारदर्शी व्यवस्था का लाभ आम लोगों को मिल रहा है। डाॅ. रावत ने कहा कि प्रदेश में सहकारी क्षेत्र को और मजबूत बनाने के लिये डिजिटल बैंकिंग, आधुनिक तकनीक और वित्तीय प्रबंधन पर और बेहतर ढंग से काम किया जायेगा, ताकि सहकारी बैंक ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत रीढ़ बन सके।

लाभ की स्थिति में 290 बैंक शाखाएं

सहकारिता मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने बताया कि सहकारी बैकों में बेहतर वित्तीय प्रबंधन के चलते वित्तीय वर्ष 2025-26 में 290 बैंक शाखाएं लाभ की स्थिति में आ गई है। जिसमें जनपद देहरादून की 21, कोटद्वार 29, चमोली 30, उत्तरकाशी 17, हरिद्वार 22, ऊधमसिंह नगर 32, नैनीताल 36, टिहरी 37, पिथौरागढ़ 26 तथा अल्मोड़ा की 28 बैंक शाखाओं सहित राज्य सहकारी बैंक की 12 शाखाएं शामिल है। जबकि प्रदेश भी की 41 सहकारी बैंक शाखाएं घाटे में रही। डाॅ. रावत ने कहा कि इन बैंक शाखाओं को घाटे से उभारने के लिये पृथक से और प्रयास करने पड़ेंगे इसके लिये उन्होंने विभागीय अधिकारियों को ठोस रणनीति बनाने के भी निर्देश दिये।

मजबूत वित्तीय प्रबंधन से सहकारी बैंकों ने कमाया मुनाफा

वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य एवं जिला सहकारी बैंकों ने बेहतर वित्तीय प्रदर्शन कर अच्छा 269.28 करोड़ का लाभ अर्जित किया है। जिसमें देहरादून जनपद में जिला सहकारी बैंकों ने 29.11 करोड़ का सकल लाभ उठाया। इसी प्रकार कोटद्वार में 30 करोड़, चमोली 31.79, उत्तरकाशी 25.12, हरिद्वार 9.32, ऊधमसिंह नगर 25.24, नैनीताल 22.65, टिहरी 31.12, पिथौरागढ़ 21.65 तथा अल्मोड़ा में 16.91 करोड़ जबकि राज्य सहकारी बैंकों ने 26.37 करोड़ का सकल लाभ अर्जित किया।


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