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“यह दशक उत्तराखंड का होगा”, विकास के विजन पर सरकार का फोकस- डा. आर राजेश कुमार

Category Archives: राष्ट्रीय

“यह दशक उत्तराखंड का होगा”, विकास के विजन पर सरकार का फोकस- डा. आर राजेश कुमार

बोली-भाषा का संवर्द्धन और बच्चों को नैतिक संस्कार देने जरूरी- बंशीधर तिवारी

एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल दिलाने वाले अर्जुन अवार्डी आनरेरी कैप्टन पदम बहादुर मल्ल, प्रख्यात हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. जयंत नवानी को लाइफ टाइम एचीमेंट अवार्ड

20 विभूतियां ‘उत्तराखंड गौरव’ से सम्मानित, 35 लोगों को मिला विशेष सम्मान

संस्कृति और समाज निर्माण पर हुई व्यापक चर्चा

देहरादून। आवास एवं राज्य संपत्ति विभाग के सचिव डा. आर. राजेश कुमार ने कहा है कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता राज्य का चहुंमुखी विकास है। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य के विकास की योजनाओं पर तेजी से काम कर रही है। पिछले चार साल के दौरान राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं, संचार और संसाधनों में तेजी से सुधार हुआ है। प्रदेश के लोगों का जीवन स्तर सुधरा है और साथ ही आर्थिक विकास की गति भी तेज हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि विकास की किरणें सीमांत गांव के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक भी पहुंचे।

आवास एवं राज्य संपत्ति विभाग के सचिव डा. आर राजेश कुमार एक निजी होटल में मासिक पत्रिका उत्तरजन टुडे के 10 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित सम्मान समोराह और मंथन ‘उत्तराखंड का दशकः चुनौतियां और संभावनाएं‘ विषय पर सरकार की विकास योजनाओं का खाका पेश कर रहे थे।‘ उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता जनता को बुनियादी समस्याओं से निजात दिलाना है और उनके जीवन स्तर में सुधार लाना है। इस दौरान उन्होंने सरकार की स्वास्थ्य, शिक्षा, संचार, संसाधन और रोजगारपरक विकास योजनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि यह दशक उत्तराखंड का बने और प्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शुमार हो सके। इस मौके पर उन्होंने 1962 में बाक्सिंग में पहली बार देश को एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल दिलाने वाले अर्जुन अवार्डी आनरेरी कैप्टन पदम बहादुर मल्ल और प्रख्यात हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. जयंत नवानी को लाइफ टाइम एचीमेंट अवार्ड दिया।

वहीं, इस मौके पर अति विशिष्ट अतिथि और मुख्यमंत्री के अपर सचिव बंशीधर तिवारी ने कहा कि आज समाज में जीवन मूल्यों का पतन हो रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चों को नैतिक संस्कार जरूर दें। इस मौके पर उन्होंने आम जनता से अपील की कि अपने बच्चों को पंचतंत्र की कहानियां सुनाएं। बच्चे यदि नैतिक तौर पर संस्कारवान होंगे तो वह भविष्य में समाज के अच्छे नागरिक साबित होंगे। उन्होंने अपनी बोली-भाषा के संवर्द्धन के लिए आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बोली-भाषाओं का संरक्षण और संवर्द्धन के लिए भी जागरूकता की जरूरत है। प्रदेश सरकार इस दिशा में काम कर रही है और साथ ही स्थानीय उत्पादों को भी प्रोत्साहित कर रही है।

टिहरी गढ़वाल के अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी ने सरकार द्वारा जनहित में किये जा रहे कार्यों और योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विगत चार-पांच साल के दौरान बुनियादी सुविधाओं में सुधार हुआ है। सरकार आम जनता तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। जन जन की सरकार, जन-जन के द्वार जैसे कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं ताकि ग्रामीणों की समस्याओं का उनके दरवाजे पर समाधान मिल सके।

श्रीनगर मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. आशुतोष सयाना ने मेडिकल चिकित्सा के क्षेत्र में किये जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जल्द ही रुद्रपुर और पिथौरागढ़ मेडिकल कालेज भी शुरू होंगे। इससे रोजगार सृजन होगा और प्रदेश में और अधिक भावी डाक्टरों के लिए दरवाजे खुलेंगे। उन्होंने नर्सिंग और पैरामेडिकल के क्षेत्र में किये जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी।

इस मौके पर उत्तरजन की एक्सीक्यूटिव एडिटर रंजना रावत ने महिलाओं के सशक्तीकरण पर किये जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने लड़कियों की शिक्षा और उन्हें अधिक स्किल्ड बनाने पर जोर दिया। उत्तरजन के संपादक पीसी थपलियाल ने पत्रिका के विगत दस वर्षों की यात्रा और भविष्य का रोडमैप बताया। मंच संचालन योगाम्बर पॉली और मोनिका बिष्ट ने किया।

इस मौके पर समाज के विभिन्न वर्गों के 20 विभूतियों को उत्तराखंड गौरव पुरस्कार दिये गये और 35 अन्य लोगों को उल्लेखनीय कार्यों के लिए स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया। इस मौके पर पूर्व आईजी सत्यशरण कोठियाल, पूर्व सूचना आयुक्त जेपी ममगाई, ललित जोशी, पूर्व कर्नल यदुवीर रावत, पूर्व कर्नल उमेश रावत, कर्नल राकेश कुकरेती, शिक्षाविद कमला पंत, इरा कुकरेती, सुरेश डंडरियाल, उद्यमी सुशील सिंह, वैभव गोयल, आदि प्रमुख लोग मौजूद थे।

बाक्स

1- पदम बहादुर मल्ल, अर्जुन अवार्डी बाक्सिंग
2- डा. जयंत नवानी, आर्थोपेडिक सर्जन

उत्तराखंड गौरव से सम्मानित व्यक्ति
1- डा. हेमंत पांडे वेज्ञानिक
2- डा0 सन्तन बड़थ्वाल और शैलेष पांडे, वैज्ञानिक एफआरआई
3- डा. एमपीएस बिष्ट भू- वैज्ञानिक
4 – डा. महेश कुड़ियाल, न्यूरो सर्जन
ब्रेक संस्कृति विभाग की टीम की प्रस्तुुति
5 – श्रीमती डॉली डबराल, साहित्यकार
6- श्रीमती अभिलाषा भारद्वाज, शिक्षाविद्
7- श्रीमती शकुंतला इष्टवाल, साहित्यकार
8- जयदीप रावत, असिस्टेंट डायरेक्ट, वाणिज्य कर विभाग
9- कर्नल रि. यशपाल नेगी, रिवर्स माइग्रेशन
10- डा. उदय बलूनी, सर्जन, बलूनी अस्पताल..
11- डा. रमेश कुंवर, डिप्टी सीएमओ हरिद्वार
12- सौरभ मैठाणी, लोक गायक, गाने के लिए अनुरोध
13- एडवोकेट नलिन सौन, हाईकोर्ट
14 -सतीश धौलाखंडी, सोशल एक्टिविस्ट टीम के साथ एक जनगीत
15- डा. अजय ढौंडियाल, पत्रकार
16 – श्याम सिंह चौहान, गीतकार
17 – आशीष ध्यानी, पत्रकार
18 – दीपक पोखरियाल, कैप्टन मर्चेंट नेवी
19 -संजय पालीवाल, होटल व्यवसायी
20 – राकेश चौहान, एक्सीक्यूटिव शेफ


देहरादून में एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई, सिमलास ग्रांट में अवैध प्लॉटिंग पर चला बुलडोजर

बिना स्वीकृति विकसित की जा रही कॉलोनियों पर प्राधिकरण सख्त, कई बीघा भूमि पर ध्वस्तीकरण

देहरादून- देहरादून में अवैध प्लॉटिंग और बिना स्वीकृति विकसित की जा रही कॉलोनियों के खिलाफ मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई की। प्राधिकरण क्षेत्र के अंतर्गत सिमलास ग्रांट स्थित ग्राम झड़ौंद में विभिन्न लोगों द्वारा की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर संयुक्त सचिव प्रत्यूस सिंह के निर्देशों पर ध्वस्तीकरण अभियान चलाया गया। कार्रवाई के दौरान कई बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों के निर्माण कार्यों को ध्वस्त किया गया। एमडीडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध रूप से काटे जा रहे प्लॉट, बनाई जा रही सड़कें और अन्य निर्माण कार्यों को जेसीबी मशीनों की सहायता से ध्वस्त किया। संयुक्त सचिव प्रत्यूस सिंह ने स्पष्ट किया कि बिना स्वीकृत लेआउट और मानचित्र के किसी भी प्रकार की प्लॉटिंग या कॉलोनी विकसित करना नियमों का उल्लंघन है और ऐसे मामलों में आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

कई अवैध प्लॉटिंग स्थलों पर हुई कार्रवाई
संयुक्त सचिव प्रत्यूस सिंह द्वारा जारी जानकारी के अनुसार विजय थापा द्वारा ग्राम झड़ौंद, सिमलास ग्रांट में लगभग 8 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। वहीं सुन्दर पाल और राजेन्द्र पाल द्वारा लगभग 5 से 8 बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध कॉलोनी पर भी कार्रवाई करते हुए निर्माण कार्यों को ध्वस्त किया गया। इसके अतिरिक्त जागीर और सजवाण द्वारा लगभग 2 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर भी प्राधिकरण की टीम ने कार्रवाई की। राजेन्द्र सिंह बिष्ट द्वारा लगभग 3 से 4 बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध प्लॉटिंग को भी ध्वस्त किया गया। कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से विकसित की जा रही सड़कों, सीमांकन और अन्य निर्माण गतिविधियों को हटाया गया।

अवैध निर्माण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं : बंशीधर तिवारी
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिना स्वीकृति भूमि का व्यावसायिक उपयोग और कॉलोनियां विकसित करना कानून का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। उन्होंने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी भूखंड या प्लॉट को खरीदने से पहले उसकी वैधानिक स्थिति और प्राधिकरण से स्वीकृति अवश्य जांच लें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि एमडीडीए शहर के सुव्यवस्थित विकास और मास्टर प्लान के अनुरूप निर्माण कार्य सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

नियमों के उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई : मोहन सिंह बर्निया
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी जा रही है और जहां भी अवैध प्लॉटिंग या निर्माण की शिकायत मिल रही है, वहां तत्काल कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि अवैध कॉलोनियों के कारण भविष्य में आधारभूत सुविधाओं और यातायात व्यवस्था पर दबाव बढ़ता है, इसलिए ऐसी गतिविधियों को रोकना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान सहायक अभियंता निशांत कुकरेती, अवर अभियंता जयदीप राणा और सुपरवाइजर सहित प्राधिकरण की टीम मौके पर मौजूद रही। एमडीडीए ने स्पष्ट किया कि आगे भी इसी तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।


कारा होटल्स का उत्तराखंड में बड़ा निवेश, बद्रीपुर में बनेगा 100 कमरों वाला लग्जरी होटल ‘कारा देहरादून’

नई दिल्ली/देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को नई पहचान देने की दिशा में कारा होटल्स ने बद्रीपुर क्षेत्र में अपने नए प्रीमियम प्रोजेक्ट “कारा देहरादून” के लॉन्च की घोषणा की है। कंपनी ने इसे उत्तर भारत के तेजी से उभरते पर्यटन और लीजर बाजार में एक बड़ी उपलब्धि बताया है। जॉली ग्रांट एयरपोर्ट से लगभग 18 किलोमीटर और देहरादून रेलवे स्टेशन से करीब 6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह होटल पर्यटन, कॉर्पोरेट ट्रैवल, डेस्टिनेशन वेडिंग और वीकेंड स्टे के लिए प्रमुख केंद्र बनने की तैयारी में है।

कंपनी के अनुसार कारा देहरादून को 100 कमरों के साथ विकसित किया जा रहा है। यह प्रॉपर्टी आधुनिक हॉस्पिटैलिटी सुविधाओं से सुसज्जित होगी और यहां मेहमानों को प्रीमियम स्टे का अनुभव मिलेगा। होटल की लोकेशन को विशेष रूप से इस तरह चुना गया है कि यहां आने वाले पर्यटक शहर की सुविधाओं के साथ प्राकृतिक पर्यटन स्थलों का आनंद भी ले सकें। होटल दिल्ली-देहरादून हाईवे और मॉल ऑफ देहरादून के करीब स्थित है। इसके अलावा मसूरी, राजाजी नेशनल पार्क, सहस्त्रधारा, रॉबर्स केव, माइंड्रोलिंग मोनेस्ट्री, मालसी डियर पार्क और लच्छीवाला नेचर पार्क जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल भी होटल से नजदीक हैं।

कारा देहरादून को 4-स्टार कैटेगरी के प्रीमियम होटल के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां आधुनिक सुविधाओं से लैस कमरे, एयर कंडीशनिंग, प्राइवेट बाथरूम, चाय-कॉफी मेकर, प्रीमियम टॉयलेटरीज और कुछ कमरों में बालकनी की सुविधा भी उपलब्ध होगी। इसके साथ ही होटल में मल्टी-कुज़ीन रेस्टोरेंट भी बनाया गया है, जहां मेहमानों को बुफे ब्रेकफास्ट और ऑल-डे डाइनिंग की सुविधा मिलेगी।

कंपनी ने बताया कि यह प्रॉपर्टी केवल होटल तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे इवेंट और वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी विकसित किया जाएगा। यहां इनडोर बैंक्वेट, बड़े आउटडोर लॉन, पर्याप्त पार्किंग और सामाजिक समारोहों के लिए आधुनिक व्यवस्थाएं तैयार की गई हैं। बिजनेस ट्रैवलर्स और ग्रुप स्टे के लिए भी अलग सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। खास बात यह है कि होटल में पालतू जानवरों के लिए भी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

कारा होटल्स के प्रबंध निदेशक पुनीत सेठी ने कहा कि देहरादून तेजी से उत्तर भारत के सबसे महत्वपूर्ण हॉस्पिटैलिटी बाजारों में शामिल हो रहा है। उन्होंने कहा कि शहर में लीजर ट्रैवल, डेस्टिनेशन वेडिंग, धार्मिक पर्यटन और कॉर्पोरेट ट्रैवल तेजी से बढ़ रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए कारा देहरादून को तैयार किया जा रहा है, जहां मेहमानों को व्यक्तिगत आतिथ्य और विश्वस्तरीय सुविधाओं का अनुभव मिलेगा।

उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट के दूसरे चरण में 56 अतिरिक्त कमरे, स्विमिंग पूल, जिम और विस्तारित मल्टी-कुज़ीन रेस्टोरेंट विकसित किए जाएंगे। कंपनी आने वाले वर्षों में जयपुर, उदयपुर,


धर्मपुर में मतदाता सूची शुद्धिकरण का महाअभियान, 8 जून से घर-घर पहुंचेंगे बीएलओ

एसआईआर प्रशिक्षण में राजनीतिक दलों, बीएलओ और प्रशासन को दी गई जिम्मेदारी, लोकतंत्र की मजबूती से जोड़ा गया अभियान

देहरादून।  विधानसभा क्षेत्र-18 धर्मपुर में आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। सोमवार को आयोजित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में निर्वाचन विभाग ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों,  बीएलए-1, बीएलए-2, बीएलओ, पार्षदों और सुपरवाइजरों को अभियान की विस्तृत जानकारी देते हुए इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण अभियान बताया। अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि मतदाता सूची को त्रुटिरहित, पारदर्शी और पूरी तरह अद्यतन बनाना निर्वाचन आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए फील्ड स्तर पर हर कार्मिक को जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में विधानसभा क्षेत्र के भाग संख्या 01 से 118 तक नियुक्त विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी की ओर से बीएलए-1 सुशील कुमार गुप्ता तथा कांग्रेस की ओर से बीएलए-1 आशीष कुमार मौजूद रहे। इसके अलावा विधानसभा-18 धर्मपुर की एईआरओ अभिलाषा भट्ट एवं शिखा कंडवाल सहित बड़ी संख्या में पार्षद, बीएलए-2 और सुपरवाइजर उपस्थित रहे। अधिकारियों ने कहा कि एसआईआर कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रशासन और राजनीतिक दलों के बीच समन्वय बेहद अहम रहेगा।

8 जून से शुरू होगा एसआईआर अभियान
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि उत्तराखंड में 8 जून 2026 से विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम औपचारिक रूप से शुरू होगा। अभियान के तहत सभी बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं तक पहुंचेंगे और गणना प्रपत्र वितरित करेंगे। निर्वाचन विभाग के अनुसार 8 जून से 17 जून तक गणना प्रपत्र वितरण का कार्य किया जाएगा, जबकि 18 जून से 7 जुलाई तक भरे हुए प्रपत्रों को वापस प्राप्त करने की प्रक्रिया संचालित होगी। अधिकारियों ने कहा कि यह अभियान समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा और प्रत्येक बूथ स्तर पर लगातार निगरानी रखी जाएगी।

बीएलओ और बीएलए-2 को समन्वय बनाकर काम करने के निर्देश
प्रशिक्षण कार्यक्रम में सभी बीएलए-2 को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के बीएलओ के साथ समन्वय स्थापित कर पहले से कार्ययोजना तैयार करें। अधिकारियों ने कहा कि घर-घर संपर्क अभियान के दौरान किसी भी पात्र मतदाता का नाम छूटना नहीं चाहिए। अधिकारियों ने कहा कि निर्वाचन आयोग की मंशा के अनुरूप प्रत्येक पात्र नागरिक तक पहुंच सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता है। इसके लिए बीएलओ, बीएलए-2, सुपरवाइजर और जनप्रतिनिधियों को मिलकर कार्य करना होगा।

मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध बनाने पर जोर
प्रशिक्षण के दौरान निर्वाचन आयोग द्वारा उपलब्ध कराई गई पीपीटी के माध्यम से प्रतिभागियों को एसआईआर कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने गणना प्रपत्र भरने की प्रक्रिया, मतदाता अथवा परिवार के सदस्य के हस्ताक्षर संबंधी दिशा-निर्देशों और प्रपत्रों में सही जानकारी दर्ज करने के महत्व को विस्तार से समझाया। अधिकारियों ने कहा कि मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की त्रुटि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है। इसलिए अभियान के दौरान प्रत्येक जानकारी का सावधानीपूर्वक सत्यापन किया जाएगा।

लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी और अनमैप मतदाताओं पर विशेष चर्चा
बैठक में लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी से जुड़े विषयों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि जिन मतदाताओं के रिकॉर्ड में किसी प्रकार की विसंगति या त्रुटि पाई जाएगी, उन्हें नियमानुसार नोटिस जारी किए जाएंगे। इसके अलावा अनमैप मतदाताओं के संबंध में भी जानकारी साझा की गई। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे मतदाताओं को अलग से नोटिस उपलब्ध कराए जाएंगे और उनकी स्थिति का सत्यापन किया जाएगा, ताकि मतदाता सूची पूरी तरह व्यवस्थित और प्रमाणिक बन सके।

फार्म-6, 7 और 8 की प्रक्रिया समझाई
प्रशिक्षण के दौरान बीएलए-2 को यह भी बताया गया कि वे प्रतिदिन निर्धारित संख्या में ही फार्म-6, फार्म-7, फार्म-8 और गणना प्रपत्र बीएलओ को उपलब्ध करा सकेंगे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि निर्वाचन आयोग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जाएगा और किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं होगी। अधिकारियों ने कहा कि सभी प्रपत्रों की मॉनिटरिंग नियमित रूप से की जाएगी और फील्ड स्तर पर आने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाएगा।

राजनीतिक दलों से मांगा गया सहयोग
बैठक में मौजूद राजनीतिक दलों के बीएलए-1 से यह भी अनुरोध किया गया कि एसआईआर कार्यक्रम शुरू होने से पहले रिक्त बीएलए-2 पदों पर जल्द नियुक्तियां सुनिश्चित की जाएं, ताकि बीएलओ को क्षेत्रीय स्तर पर पर्याप्त सहयोग मिल सके। अधिकारियों ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने में राजनीतिक दलों की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण है। यदि सभी पक्ष समन्वय बनाकर कार्य करेंगे तो मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान अधिक प्रभावी तरीके से पूरा किया जा सकेगा।

प्रतिभागियों की शंकाओं का समाधान
प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंत में उपस्थित पार्षदों, बीएलए-2 और सुपरवाइजरों द्वारा पूछे गए सवालों का विस्तार से समाधान किया गया। क्षेत्र विशेष में आने वाली समस्याओं और व्यावहारिक चुनौतियों पर चर्चा करते हुए अधिकारियों ने आवश्यक सुझाव भी दिए। अधिकारियों ने सभी प्रतिभागियों से अपील की कि वे मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य को गंभीरता से लेते हुए घर-घर संपर्क अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि एसआईआर कार्यक्रम केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि लोकतंत्र को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

लोकतंत्र की मजबूती के लिए शुद्ध मतदाता सूची जरूरी : गौरव चटवाल
निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, विधानसभा-18 धर्मपुर गौरव चटवाल ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में सुनिश्चित करना तथा सूची को पूरी तरह शुद्ध और अद्यतन बनाना है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा तय समयसीमा के भीतर सभी कार्य पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से पूरे किए जाएंगे। गौरव चटवाल ने बीएलओ, बीएलए-2, सुपरवाइजरों और जनप्रतिनिधियों से समन्वय बनाकर कार्य करने की अपील करते हुए कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए शत-प्रतिशत शुद्ध मतदाता सूची अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि फील्ड स्तर पर किसी भी मतदाता को असुविधा न हो, इसके लिए विशेष निगरानी रखी जाएगी और सभी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।


SIR एवं जनगणना कार्यों को लेकर जिलाधिकारी ने समयबद्ध और पारदर्शी क्रियान्वयन के दिए निर्देश

बीएलओ प्रशिक्षण, हेल्प डेस्क, डेटा गुणवत्ता और जनजागरुकता पर विशेष जोर, लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी

जनगणना कार्यों में गुणवत्ता और शुद्धता पर जिलाधिकारी का जोर, भवन गणना समयबद्ध पूर्ण करने के निर्देश

फील्ड सत्यापन, दैनिक निगरानी और डेटा गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सुपरवाइजरों को कड़े निर्देश

पौड़ी। जिला सभागार स्थित एनआईसी कक्ष में जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों के संपादन को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुनरीक्षण कार्यक्रम की तैयारियों, प्रशिक्षण, डेटा संकलन तथा व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि 8 जून से 7 जुलाई तक बीएलओ घर घर जाकर मतदाताओं से जानकारी एकत्र करेंगे। इससे पहले विशेष गहन पुनरीक्षण के संबंधित प्रशिक्षण, तैयारियां एवं प्रिंटिंग संबंधी सभी कार्य 7 जून तक पूरे कर लिए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यों के निष्पादन में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए तथा प्रत्येक चरण की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में नेटवर्क कनेक्टिविटी की समस्या है, वहां संबंधित ईआरओ पूर्व से कार्ययोजना तैयार कर वैकल्पिक व्यवस्थाओं के साथ कार्यों को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करें, ताकि पुनरीक्षण कार्य प्रभावित न हो। साथ ही विधानसभा स्तर पर डेटा संग्रहण के लिए अधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

जिलाधिकारी ने बताया कि प्रत्येक मतदेय स्थल पर बीएलओ की सहायता के लिए आईटी स्वयं सेवकों की तैनाती की जाएगी, जिससे डिजिटल कार्यों और डेटा अपलोडिंग में सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग कार्मिकों की तैनाती की जाएगी, ताकि कार्यों का संचालन व्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से किया जा सके।

बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार मीडिया, राजनीतिक दलों एवं सामाजिक संगठनों के माध्यम से किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक इसकी जानकारी पहुंच सके। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के ड्राफ्ट प्रकाशन से पूर्व मतदाताओं एवं आमजन को पुनरीक्षण प्रक्रिया की पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाए, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और जनसहभागिता बढ़े।

उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि ईआरओ स्तर पर प्राप्त दावों एवं आपत्तियों की सूची प्रत्येक सप्ताह राजनीतिक दलों के साथ साझा की जाए, ताकि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनी रहे।

जिलाधिकारी ने बैठक में नोडल अधिकारियों के दायित्वों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य को पूरी गंभीरता और पारदर्शिता के साथ संपादित किया जाए। उन्होंने कहा कि हेल्प डेस्क पर तैनात कार्मिकों को अलग से प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि वे शिकायतों एवं जानकारियों का प्रभावी ढंग से निस्तारण कर सकें।

उन्होंने बताया कि बीएलओ का प्रशिक्षण 27 मई तक आयोजित किया जाना है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी विकासखंडों में प्रशिक्षण कार्यक्रम सुनिश्चित किए जाएं, ताकि प्रत्येक बीएलओ को प्रक्रिया की पूरी जानकारी मिल सके। साथ ही दूसरे चरण के प्रशिक्षण में राजनीतिक दलों के बीएलए को भी आमंत्रित किया जाए, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे और किसी प्रकार का भ्रम न उत्पन्न हो। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो बीएलओ प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहेंगे, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि जिन कार्मिकों की ड्यूटी विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों में लगाई गई है, वे अवकाश संबंधित अनुमति ईआरओ स्तर से ही प्राप्त करेंगे। उन्होंने निर्देश दिए कि कार्य की निरंतरता और जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के लिए इस व्यवस्था का कड़ाई से पालन किया जाए।

बैठक में बताया गया कि आमजन की सहायता के लिए एक हेल्प डेस्क बनाई गई है, जिसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी भ्रामक खबर पर कार्रवाई से पूर्व तथ्यात्मक जांच और फैक्ट चेक अवश्य किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि हेल्प डेस्क पर प्राप्त शिकायतों का संबंधित ईआरओ से समन्वय कर त्वरित निस्तारण किया जाए तथा शिकायतकर्ता को इसकी सूचना भी उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने ईआरओ को निर्देशित किया कि राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी समय-समय पर बैठक एवं प्रशिक्षण प्रक्रिया में शामिल किया जाए, ताकि पूरी प्रक्रिया पर किसी प्रकार का प्रश्नचिह्न न उठे और पारदर्शिता बनी रहे।

इसके पश्चात जनगणना कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी चार्ज अधिकारियों को निर्देशित किया कि भवन गणना का कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराया जाए। उन्होंने कहा कि सभी प्रगणक अपने आवंटित क्षेत्रों में तेजी से कार्य करते हुए भवन गणना के लक्ष्यों को शीघ्र पूर्ण करें, ताकि जनगणना प्रक्रिया समयबद्ध रूप से आगे बढ़ सके।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सुपरवाइजर नियमित रूप से फील्ड में जाकर कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करें तथा प्रगणकों द्वारा संकलित आंकड़ों का सावधानीपूर्वक सत्यापन भी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि डेटा संकलन में शुद्धता और गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, इसलिए प्रत्येक स्तर पर डेटा की जांच कराई जाए, ताकि किसी प्रकार की त्रुटि या अपूर्ण जानकारी की संभावना न रहे और जनगणना कार्य पूरी विश्वसनीयता एवं गुणवत्ता के साथ संपादित हो सके।

जिलाधिकारी ने कहा कि प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों के साथ नियमित बैठकें आयोजित की जाएं, जिनमें कार्य प्रगति की विस्तार से समीक्षा हो तथा क्षेत्रवार आने वाली समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि सुपरवाइजर फील्ड स्तर पर लगातार निगरानी बनाए रखें और कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें।

उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि प्रत्येक दिन की प्रगति रिपोर्ट अनिवार्य रूप से संकलित कर संबंधित अधिकारियों के माध्यम से उपलब्ध कराई जाए, ताकि कार्यों की सतत मॉनिटरिंग की जा सके। जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा सभी अधिकारी एवं कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी और गंभीरता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

बैठक में सीडीओ अशोक जोशी, संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, सहायक निर्वाचन अधिकारी शांति लाल शाह, मुख्य शिक्षाधिकारी अत्रेश सयाना सहित विभिन्न नोडल अधिकारी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


अस्पतालों में लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी- सुबोध उनियाल

स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने चैनराय जिला महिला चिकित्सालय का किया औचक निरीक्षण

हरिद्वार। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने आज हरिद्वार दौरे के दौरान अचानक चैनराय जिला महिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में साफ-सफाई एवं व्यवस्थाओं की स्थिति संतोषजनक न मिलने पर मंत्री ने गहरी नाराज़गी व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई।

बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य मंत्री एक निजी कार्यक्रम के सिलसिले में हरिद्वार पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने बिना पूर्व सूचना के अस्पताल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में स्वच्छता व्यवस्था, रखरखाव एवं अन्य व्यवस्थाओं में कई कमियां सामने आईं, जिस पर मंत्री ने अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए।

स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि राज्य के सभी सरकारी एवं गैरसरकारी अस्पतालों में स्वच्छता और मरीजों की सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाएगी।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि अस्पताल परिसरों में साफ-सफाई, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं एवं मरीजों के लिए सुचारु व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।


सीएम धामी ने सरकारी सेवा में चयनित हुए कार्मिकों को दी शुभकामनाएं

चार साल में 30 हजार युवाओं को मिली सरकारी नौकरी

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बीते चार साल में सरकारी सेवा में चयनित हुए कार्मिकों को डिजिटल माध्यम से पत्र लिखकर, उन्हें उज्जवल भविष्य के लिए शुभकानाएं प्रेषित की है।

मुख्यमंत्री धामी ने पत्र में कहा है कि उत्तराखण्ड की जनता द्वारा उन्हें वर्ष 2022 में दूसरी बार मुख्य मुख्य सेवक का दायित्व सौंपा गया था। इस जनादेश की भावना के अनुसार कार्यभार ग्रहण करने के दिन से ही प्रदेश में बेरोजगारी की समस्या को समाप्त करने के लिए, सरकारी विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती का व्यापक अभियान शुरु किया गया। इसके बाद बीते चार साल में राज्य सरकार द्वारा लगभग 30 हजार से अधिक युवाओं को राजकीय सेवक के रूप में नियुक्ति प्रदान की जा चुकी है, यह अभियान आगे भी जारी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पत्र में कहा है कि अब युवा अपनी शानदार प्रतिभा और कठोर मेहनत के आधार पर राजकीय सेवा में चयनित हो रहे हैं। इस योग्यतम चयन में जहाँ एक ओर युवाओं की मेहनत और प्रतिभा का योगदान है, वहीं राज्य सरकार के कठोर नकल विरोधी कानून के साथ ही निष्पक्ष, ईमानदार और पारदर्शी चयन प्रक्रिया ने भी युवा प्रतिभा को उचित सम्मान मिलना सुनिश्चित किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि उत्तराखण्ड राज्य के राजकीय सेवक के रूप में चयन होना सभी कार्मिकों के परिवार के साथ ही राज्य सरकार के लिए भी अत्यन्त महत्वपूर्ण है। उन्होंने चयनित कार्मिकों से निष्पक्ष एवं ईमानदार रहकर अपने राजकीय दायित्वों का निर्वहन करने की अपील करते हुए कहा है कि राजकीय सेवक के रूप में वो मानवीय मूल्यों के साथ आमजन की सेवा में हमेशा तत्पर रहें। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कई चयनित युवाओं से दूरभाष पर बात कर, उन्हें उत्साह पूर्वक जनसेवा में योगदान देने की भी अपील की है।


इलेक्ट्रिक स्कूटर से सैनिक कल्याण निदेशालय पहुंचे मंत्री गणेश जोशी, किया औचक निरीक्षण

देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ईंधन बचत एवं पर्यावरण संरक्षण के आह्वान को आत्मसात करते हुए सोमवार को अपने आसपास के दैनिक कार्यक्रमों के लिए दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहन का उपयोग किया। इसी क्रम में वह अचानक कालीदास रोड स्थित सैनिक कल्याण निदेशालय पहुंचे, जहां विभागीय मंत्री को अचानक अपने बीच देखकर अधिकारियों एवं कर्मचारियों में हलचल मच गई।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने निदेशालय का औचक निरीक्षण कर विभागीय कार्यों की जानकारी ली तथा अधिकारियों को व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी एवं जनहितकारी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा आज समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है तथा सभी को इस दिशा में अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।

इस दौरान मंत्री गणेश जोशी ने सैनिक कल्याण विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सप्ताह में एक दिन शनिवार को “नो व्हीकल डे” अपनाने की अपील करते हुए सार्वजनिक परिवहन एवं इलेक्ट्रिक वाहनों का अधिकाधिक उपयोग करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने ऊर्जा संरक्षण की दिशा में सप्ताह में एक दिन आंशिक “वर्क फ्रॉम होम” प्रणाली के माध्यम से कार्य करने पर भी जोर दिया।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चलाए जा रहे “मेरा भारत, मेरा योगदान” अभियान के तहत छोटे-छोटे प्रयास भी देशहित एवं पर्यावरण संरक्षण में बड़ा योगदान साबित हो सकते हैं।


मुख्यमंत्री धामी ने जनहित के लिए प्रदान की गई 4 अत्याधुनिक एम्बुलेंस का किया फ्लैग ऑफ

दूरस्थ इलाकों तक पहुंचेगी त्वरित चिकित्सा सुविधा

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एचडीएफसी बैंक की कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) पहल के अंतर्गत जनहित के लिए प्रदान की गई 4 अत्याधुनिक एम्बुलेंस का फ्लैग ऑफ किया। यह पहल राज्य के दूरस्थ एवं पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। निजी संस्थाओं द्वारा जनहित में किया जा रहा सहयोग सामाजिक उत्तरदायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के पर्वतीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों में समय पर स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है। एचडीएफसी बैंक द्वारा CSR के माध्यम से उपलब्ध कराई गईं ये एम्बुलेंस जरूरतमंद लोगों तक त्वरित चिकित्सा सहायता पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। राज्य सरकार जनभागीदारी एवं संस्थागत सहयोग के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने एचडीएफसी बैंक की इस जनकल्याणकारी पहल की सराहना करते हुए कहा कि बड़े धार्मिक आयोजनों, आपदा की स्थितियों तथा दूरस्थ क्षेत्रों में ऐसी सेवाएं अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगी। मुख्यमंत्री ने राज्य के अन्य पर्वतीय जनपदों और आगामी हरिद्वार कुंभ के लिए भी एचडीएफसी बैंक से CSR के माध्यम से और एम्बुलेंस उपलब्ध कराने की अपेक्षा की है।

बैंक अधिकारियों ने अवगत कराया कि इन एम्बुलेंस में आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं एवं आवश्यक आपातकालीन उपकरण उपलब्ध हैं, जिससे जरूरतमंद मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा। साथ ही आगामी तीन वर्षों तक प्रत्येक एम्बुलेंस में चिकित्सक, नर्स, अटेंडेंट एवं चालक की व्यवस्था भी बैंक द्वारा सुनिश्चित की जाएगी। प्रारंभिक चरण में ये एम्बुलेंस चमोली, चंपावत, पिथौरागढ़ एवं रुद्रप्रयाग जनपदों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेंगी तथा भविष्य में राज्य के प्रमुख धार्मिक आयोजनों एवं आपदा प्रबंधन कार्यों में भी इनका उपयोग किया जाएगा।

इस अवसर पर विधायक राजकुमार पोरी, विनोद कंडारी,अपर सचिव मनमोहन मैनाली, एचडीएफसी बैंक के से मुस्कान सिंह (ब्रांच बैंकिंग हेड- नॉर्थ 3), संजीव कौशिक (रीजनल हेड- नॉर्थ 3), जोनल हेड उत्तराखंड बकुल सिक्का, स्टेट हेड उत्तराखंड गौरव जैन एवं आयुष सिंघल मौजूद थे।


सेवा भारती के सेवा कार्यों से बदल रहा समाज का दृष्टिकोण : डॉ. शैलेन्द्र

भारतीय समाज में सेवा और सामूहिक चेतना हमारी पहचान : प्रो. सुरेखा डंगवाल

देहरादून । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उत्तराखंड के प्रांत प्रचारक डॉ. शैलेन्द्र ने कहा कि समाज के उपेक्षित, वंचित और अभावग्रस्त वर्गों के उत्थान के बिना विकसित भारत की कल्पना अधूरी है। उन्होंने कहा कि जब तक समाज का अंतिम व्यक्ति मुख्यधारा से नहीं जुड़ता, तब तक वास्तविक विकास संभव नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि सेवा भारती इसी उद्देश्य को लेकर वर्षों से समाज के बीच सेवा कार्यों का विस्तार कर रही है।

रविवार को सर्वे चौक स्थित आईआरडी सभागार में सेवा भारती देहरादून महानगर के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए डॉ. शैलेन्द्र ने यह बातें कही। उत्तरी महानगर अध्यक्ष सतीश डंगवाल ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।

इस मौके पर प्रांत प्रचारक डॉ शैलेंद्र ने कहा कि सेवा भारती के विभिन्न सेवा प्रकल्पों और संस्मरणों का उल्लेख करते हुए कहा कि संगठन शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कार और स्वावलंबन के माध्यम से सेवा भारती जरूरतमंद लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य कर रहा है।

उन्होंने कहा कि संगठन अब विवाह संस्कार जैसे सामाजिक नवाचारों पर भी कार्य कर रहा है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सहायता मिल सके। उन्होंने कहा कि जब समाज के सामने सेवा कार्यों के वास्तविक परिणाम दिखाई देते हैं तो लोग स्वयं आगे आकर सहयोग करने लगते हैं। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं और बहनें सेवा भारती सहित समाज के हर क्षेत्र में उल्लेखनीय भूमिका निभा रही हैं। सेवा कार्यों में उनकी सहभागिता समाज को नई दिशा देने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सेवा और संवेदना के कार्यों से लोगों की सोच बदलती है और समाज में सकारात्मक वातावरण तैयार होता है।

डॉ. शैलेन्द्र ने कहा कि घुमंतू समाज, झुग्गी-बस्तियों में रहने वाले परिवारों और अभावग्रस्त लोगों तक पहुंचना आज समय की आवश्यकता है। सेवा कार्य के लिए कोई सीमा या स्थान तय नहीं होता, जहां आवश्यकता होती है वहीं सेवा का दायित्व शुरू हो जाता है। उन्होंने कहा कि सेवा भारती का पूरा कार्य समाज के सहयोग और सहभागिता से संचालित हो रहा है। समाज के सहयोग से ही संगठन निरंतर नए सेवा प्रकल्पों को आगे बढ़ा रहा है और जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचा रहा है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों से उन्होंने सेवा कार्यों से जुड़ने और समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान में योगदान देने का आह्वान भी किया।

दून विश्वविद्यालय की कुलपति सुरेखा डंगवाल ने बतौर मुख्य अतिथि कहा कि भारतीय समाज की सबसे बड़ी विशेषता सामूहिक चेतना और सेवा भाव है। हमारी संस्कृति केवल अपने तक सीमित नहीं रही, बल्कि पड़ोसी देशों के सहयोग की भावना भी भारतीय परंपरा का हिस्सा रही है।

उन्होंने कहा कि पश्चिमी देशों में व्यक्तिगत सोच अधिक देखने को मिलती है, जबकि भारतीय समाज परिवार और सामाजिक रिश्तों को महत्व देता है। उन्होंने कहा कि आज समाज में बढ़ते असंतोष को समझने और परिवार व समाज के रिश्तों को मजबूत करने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि आज पूरा विश्व भारत की ओर आशा भरी नजरों से देख रहा है। सेवा का भाव भारतीय संस्कृति के डीएनए में शामिल है और सेवा भारती इसी मुहिम के तहत अंतिम व्यक्ति तक सेवा कार्य पहुंचाने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हमें अपने बुजुर्गों के अनुभवों और बातों को भी महत्व देना चाहिए।

प्रो. डंगवाल ने कहा कि सेवा का भाव भीतर से जागृत होना चाहिए। कोई भी बच्चा केवल फीस के अभाव में शिक्षा से वंचित न रहे, इसके लिए समाज को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि भारतीय समाज में बलहीन व्यक्ति का भी सम्मान और पूजा की जाती है। समाज के कमजोर वर्ग के उत्थान के लिए कार्य करना ही वास्तविक सेवा है।

उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत स्वार्थ और भूख समाज को कमजोर कर रही है। स्वामी विवेकानंद के विचारों का स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि आज बस्तियों और जरूरतमंद लोगों के बीच सेवा कार्य की सबसे अधिक आवश्यकता है। साथ ही उन्होंने महर्षि दधीचि को सेवा और दान की प्रेरणा का प्रतीक बताया।

उन्होंने कहा कि आज युवाओं और बच्चों को केवल पैकेज आधारित तनाव में उलझे है। उन्होंने उनको इस
सोच से बाहर निकलकर सेवा और संस्कार आधारित जीवन अपनाने का संदेश दिया।

कार्यक्रम में सेवा भारती केंद्र की शिक्षिकाओं ने प्रेरणादायी गीत प्रस्तुत कर वातावरण को भावपूर्ण बना दिया। इस दौरान बताया गया कि सेवा भारती की ओर से वर्तमान में 84 बस्तियों में शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन एवं सामाजिक समरसता के उद्देश्य को लेकर कुल 109 सेवा केंद्रों का संचालन किया जा रहा है। इन केंद्रों के माध्यम से जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा, महिलाओं को आत्मनिर्भरता तथा समाज के वंचित वर्गों को सहयोग प्रदान किया जा रहा है।

इस अवसर पर बाल संस्कार केंद्र के बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया। बच्चों ने देशभक्ति गीत, समूह नृत्य और संस्कारपरक प्रस्तुतियों से खूब तालियां बटोरीं। कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे संस्कार केंद्र समाज में सकारात्मक परिवर्तन की मजबूत नींव तैयार कर रहे हैं।

मंच संचालन सुनीता पाण्डेय और ऋतु सिंघल ने संयुक्त रूप किया। इस मौके पर विभाग प्रचारक धनंजय, सेवा भारती के प्रांत मंत्री विमल, सेवा प्रमुख उतरी सुधीर, दक्षिण विजय, आनंद प्रकाश सहित बड़ी संख्या में अन्य लोग उपस्थित रहे।


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