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मंत्री खजान दास ने विभागीय अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक

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मंत्री खजान दास ने विभागीय अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक

क्षेत्रीय बोलियों और भाषाओं के संरक्षण पर जोर, नवाचार बढ़ाने की अपील

देहरादून।  प्रदेश के भाषा विभाग के मंत्री खजान दास ने विधान सभा स्थित सभागार कक्ष में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में मंत्री ने भाषा विभाग के कार्यों की विस्तार से जानकारी प्राप्त की तथा संबंधित अधिकारियों को विभिन्न बिन्दुओं पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। मंत्री ने कहा कि भाषा विभाग राजभाषा हिन्दी, उत्तराखण्ड की क्षेत्रीय बोलियों को विकसित करने एवं उर्दू, पंजाबी भाषाओं को संवर्द्धित करने, प्राचीन साहित्य को संरक्षित रखते हुए विश्व स्तरीय सम्मानित एवं सर्वाधिक प्रचलित व प्रयोग में लाई जाने वाली भाषाओं के समकक्ष लाने के लिए अच्छा कार्य कर रहा है अधिकारियों को चाहिए कि वे और बेहतर कार्य करें। उन्होंने कहा कि भाषा विभाग प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सपनों के अनुसार नवाचार पर अधिक बल दें। प्रदेश के युवा एवं बाल साहित्यकारों को प्रोत्साहित करने हेतु विशेष प्रयास किये जाएं।

मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि भाषा विभाग के अंतर्गत किये जाने वाले कार्यों हेतु विभागीय बजट का बढ़ाया जाना अति आवश्यक है लिहाजा विभागीय अधिकारी उत्तराखण्ड भाषा विभाग के ढांचे, विभाग के अंतर्गत होने वाले प्रशिक्षण शिविरों के आयोजन, भाषा अध्ययन केन्द्रों की स्थापना, पुस्तक मेलों के आयोजन, साहित्य ग्राम की स्थापना, साहित्य कल्याण कोष एवं बुजुर्ग साहित्यकारों को पेंशन योजना से आच्छादित करने हेतु बजट प्रस्ताव तैयार करें।

मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि प्रदेश के गढ़वाल, कुमांऊ व जौनसार बावर क्षेत्र में विभिन्न अवसरों पर होने वाले पौराणिक गायनों का अभिलेखिकरण एवं दस्तावेजीकरण अति आवश्यक है लिहाजा अधिकारी जौनसार बावर क्षेत्र में पौराणिक काल से प्रचलित पंडवाणी गायन बाकणा जो विलुप्ति के कगार पर है सहित गढ़वाल व कुमांऊ के प्रचलित पौराणिक गायनों के अभिलेखिकरण एवं दस्तावेजीकरण हेतु संबंधित क्षेत्रों में आयोजित होने वाले मेलों व कार्यक्रमों में जाकर स्थलीय निरीक्षण करें।

मंत्री ने कहा कि दीर्घकालीन साहित्यिक योगदान एवं साहित्य सेवा के लिए साहित्यकारों को दिया जाने वाला दीर्घकालीन साहित्यसेवी सम्मान आगामी समय में प्रदेश के अधिक से अधिक पात्र साहित्यकारों को दिया जाए।

मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि भाषा संस्थान की साधारण सभा के गठन हेतु प्रदेश के जिन जनपदों से संबंधित जिलाधिकारियों द्वारा साहित्यकारों के नाम नहीं दिये गये हैं उनसे पुनः पत्राचार कर साहित्यकारों के नाम मांगे जाएं।

इस अवसर पर भाषा विभाग से सचिव उमेश नारायण पाण्डेय, अपर सचिव मायावती डकरियाल, निदेशक जसविन्दर कौर एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।


दायित्वों का बंटवारा जारी, फिर भी वन निगम बिना मुखिया—दो सूचियों के बाद भी इंतज़ार

प्रदेश में दायित्वधारियों की नियुक्तियों का सिलसिला तेज़ हो गया है। हाल ही में दो अलग-अलग सूचियाँ जारी की गईं, जिनमें पहले 14 और फिर 7 नेताओं को विभिन्न निगमों, बोर्डों और समितियों में जिम्मेदारियाँ सौंपी गईं। इसके बावजूद, वन निगम अब भी अपने मुखिया के इंतज़ार में है।

वन निगम का अध्यक्ष पद करीब दो वर्षों से खाली पड़ा है। वर्ष 2024 में तत्कालीन अध्यक्ष कैलास गहतोड़ी के निधन के बाद से यह जिम्मेदारी किसी को नहीं सौंपी जा सकी है। उम्मीद जताई जा रही थी कि नई दायित्वधारी सूची में इस पद पर भी नियुक्ति हो जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया।

सिर्फ अध्यक्ष पद ही नहीं, बल्कि वन विकास निगम का पूरा ढांचा ही अधिकारियों की कमी से जूझ रहा है। जीएम, आरएम और डीएलएम जैसे कई महत्वपूर्ण पद लंबे समय से रिक्त हैं, जिन पर फिलहाल प्रभारी व्यवस्था के सहारे काम चलाया जा रहा है।

इसी तरह कुमाऊं मंडल विकास निगम और गढ़वाल मंडल विकास निगम में भी अध्यक्ष पद खाली हैं। मंडियों की समितियों में भी अब तक अध्यक्षों की नियुक्ति नहीं हो सकी है। वहीं, बीस सूत्रीय कार्यक्रम में भी उपाध्यक्षों के पद खाली पड़े हैं।

इन परिस्थितियों के बीच पार्टी कार्यकर्ताओं और संबंधित लोगों को उम्मीद है कि आने वाले समय में इन सभी पदों पर नियुक्तियाँ की जाएंगी और लंबित दायित्वों का बंटवारा पूरा होगा।


असहाय विधवा को डीएम का सहारा, बैंक ऋण कराया समाप्त

‘नंदा-सुनंदा योजना’ और RTE से बच्चों का भविष्य सुरक्षित

देहरादून। जिला प्रशासन की संवेदनशील कार्यशैली एक बार फिर सामने आई है। गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रही विधवा क्षमा परवीन को जिलाधिकारी के हस्तक्षेप से बड़ी राहत मिली है। वर्षों पुराने बैंक ऋण से मुक्ति दिलाने के साथ ही प्रशासन ने उनके बच्चों की शिक्षा और भविष्य को भी सुरक्षित करने की पहल की, जिससे एक असहाय परिवार को नई उम्मीद मिली है।

क्षमा परवीन ने वर्ष 2014 में अपनी बड़ी बेटी के विवाह के लिए डीसीबी बैंक से करीब सवा लाख रुपये का ऋण लिया था। उसी वर्ष उनके पति का निधन हो गया, जिससे परिवार आर्थिक संकट में घिर गया। इसके बाद वर्ष 2020 में कोविड के दौरान उनकी विवाहित बेटी की भी मृत्यु हो गई। लगातार विपरीत परिस्थितियों और पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते वह ऋण चुकाने में असमर्थ रहीं।

जिलाधिकारी के निर्देश पर बैंक से समन्वय स्थापित कर ऋण को वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) के माध्यम से समाप्त कराया गया। साथ ही बैंक से नो ड्यूज और एनओसी जारी कराई गई। सेटलमेंट के बाद शेष 33 हजार रुपये की राशि भी जिला प्रशासन द्वारा जमा कराई गई।

प्रशासन ने परिवार के पुनर्वास की दिशा में भी पहल की। छोटी बेटी फैजा की शिक्षा “नंदा-सुनंदा योजना” के तहत दोबारा शुरू कराते हुए 27 हजार रुपये की फीस जमा कराई गई। वहीं, 5 वर्षीय नातिन आयरा का आरटीई के तहत नजदीकी निजी स्कूल में दाखिला दिलाया गया। दाखिले में आ रही आय प्रमाण पत्र की बाधा को मौके पर ही दूर कर प्रमाण पत्र जारी कराया गया।

वर्तमान में क्षमा परवीन पर तीन अविवाहित बेटियों, एक पुत्र और नातिन के भरण-पोषण व शिक्षा की पूरी जिम्मेदारी है। ऐसे में जिला प्रशासन की यह मदद उनके लिए बड़ी राहत साबित हुई है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जरूरतमंदों की सहायता के लिए वह निरंतर तत्पर रहेगा।


मुख्यमंत्री धामी ने समस्त प्रदेशवासियों को दी ‘विश्व स्वास्थ्य दिवस’ की हार्दिक शुभकामनाएं

स्वस्थ जीवन के लिए संतुलित एवं पौष्टिक आहार, नियमित व्यायाम और अनुशासित दिनचर्या बेहद आवश्यक है- मुख्यमंत्री

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भारतीय जीवन दृष्टि के मूल में निहित “आरोग्यं परमं भाग्यं” का आदर्श आज भी प्रासंगिक है और सभी को इसे अपने जीवन में अपनाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रेरक आह्वान का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए संतुलित एवं पौष्टिक आहार, नियमित व्यायाम और अनुशासित दिनचर्या बेहद आवश्यक है। उन्होंने विशेष रूप से भोजन में तेल की मात्रा को सीमित रखने और मोटापे जैसी समस्याओं के प्रति सतर्क रहने की अपील की।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में स्वस्थ रहने के लिए छोटे-छोटे सकारात्मक बदलाव अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। यदि हर व्यक्ति अपने जीवन में इन आदतों को शामिल करे, तो न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य बेहतर होगा, बल्कि एक सशक्त, सक्षम और विकसित भारत के निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर अपने और समाज के बेहतर भविष्य के लिए संकल्प लें।


उत्तराखंड राज्य महिला आयोग प्रदेश की प्रत्येक पीड़ित महिला का सशक्त कवच है- कुसुम कंडवाल

आयोग का प्राथमिक ध्येय पीड़ित महिला को न्याय दिलाने के साथ-साथ परिवार की निजता और मर्यादा को सुरक्षित रखना- कुसुम कंडवाल

महिला आयोग किसी भी पारिवारिक या निजी विवाद को स्वयं सोशल मीडिया या सार्वजनिक मंचों पर प्रसारित नहीं करता- कुसुम कंडवाल

देहरादून। बीते 2 दिनों से विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक पारिवारिक विवाद से संबंधित प्रकरण और उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कुछ अत्यंत भ्रामक और असत्य टिप्पणियां प्रसारित की जा रही हैं। इन टिप्पणियों में यह निराधार दावा किया गया है कि आयोग ने शिकायत प्राप्त होने के बाद भी कोई ठोस कार्यवाही नहीं की है। इस विषय पर कड़ा रुख अपनाते हुए उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने वस्तुस्थिति स्पष्ट की है और आयोग द्वारा अब तक की गई विस्तृत वैधानिक कार्यवाही का विवरण प्रस्तुत किया है।

अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि ऋषिकेश में घटित एक पारिवारिक प्रकरण में आयोग द्वारा शिकायत प्राप्त होते ही तत्काल संज्ञान लिया गया था। जिसमें पीड़िता द्वारा परिवार पर मारपीट व प्रापर्टी डीलिंग सहित जबरन देहव्यापार कराने सहित अन्य के आरोप लगाए थे। यह मामला 06 फरवरी 2026 को पंजीकृत किया गया, जिसके उपरांत 24 फरवरी 2026 को दोनों पक्षों को काउंसलिंग हेतु कार्यालय में आहूत किया गया था। नियत तिथि पर जहाँ शिकायतकर्ता उपस्थित रहीं, वहीं विपक्षी पक्ष की अनुपस्थिति के कारण काउंसलिंग की प्रक्रिया पूर्ण नहीं हो सकी। शिकायतकर्ता द्वारा रखे गए तथ्यों की गंभीरता और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, आयोग ने शिकायतकर्ता की सहमति से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, देहरादून को पत्र प्रेषित कर मामले की निष्पक्ष एवं गहन जांच के कड़े निर्देश दिए। आयोग ने पुलिस प्रशासन को निर्देशित किया है कि आगामी 16 अप्रैल 2026 तक विस्तृत जांच रिपोर्ट अनिवार्य रूप से प्रस्तुत की जाए। वर्तमान में पुलिस द्वारा जांच प्रक्रिया गतिमान है और रिपोर्ट प्राप्त होते ही साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के विरुद्ध कठोरतम विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी परंतु यदि प्रकरण किसी भी न्यायालय के विचाराधीन होगा तो आयोग द्वारा प्रकरण में हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा। तब शिकायतकर्ता आयोग से जांच की प्रति अनुरोध के आधार पर ले सकती है।

​सोशल मीडिया पर हो रही आधारहीन चर्चाओं का उत्तर देते हुए अध्यक्ष ने आयोग की कार्यशैली और सिद्धांतों को भी रेखांकित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड राज्य महिला आयोग किसी भी पारिवारिक या निजी विवाद को स्वयं सोशल मीडिया या सार्वजनिक मंचों पर प्रसारित नहीं करता है। आयोग का प्राथमिक ध्येय पीड़ित महिला को न्याय दिलाने के साथ-साथ परिवार की निजता और मर्यादा को सुरक्षित रखना है, ताकि सुलह और सुधार की संभावनाएं बाधित न हों। आयोग केवल उन्हीं विशिष्ट प्रकरणों में आधिकारिक जानकारी साझा करता है जो पूर्व में ही मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक हो चुके होते हैं, ताकि वहां स्वतः संज्ञान की विधिक स्थिति स्पष्ट की जा सके। इसके अतिरिक्त, जब तक शिकायतकर्ता स्वयं या संबंधित पक्ष मीडिया के समक्ष अपनी बात सार्वजनिक नहीं करते, तब तक आयोग अपनी ओर से कोई आधिकारिक वक्तव्य जारी नहीं करता है। किसी पक्ष द्वारा जानकारी सार्वजनिक किए जाने की स्थिति में ही आयोग अपनी प्रतिक्रिया और की गई कार्यवाही का विवरण आधिकारिक तौर पर प्रस्तुत करता है।

​अंत में आयोग अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि उत्तराखंड राज्य महिला आयोग प्रदेश की प्रत्येक पीड़ित महिला का सशक्त कवच है और हम सदैव विधिक प्रक्रिया एवं साक्ष्यों के आधार पर कार्य करते हैं। किसी भी गंभीर प्रकरण में बिना पूर्ण जांच रिपोर्ट के एकपक्षीय कार्यवाही करना न्यायसंगत नहीं है। जो तत्व बिना तथ्यों की जानकारी के सोशल मीडिया पर आयोग की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं, वे वास्तव में विधिक प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। आयोग समस्त नागरिकों से अपील करता है कि अर्ध-सत्यों और भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास न करें।


दून का भविष्य लिखेगा मास्टर प्लान 2041, हर वार्ड से जुटेंगे सुझाव

देहरादून। तेजी से फैलते शहर, बढ़ते ट्रैफिक दबाव और सिकुड़ते हरित क्षेत्र के बीच राजधानी के अगले डेढ़ दशक की दिशा तय करने वाला मास्टर प्लान-2041 अब निर्णायक चरण में पहुंच गया है।

मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने शनिवार को उच्चस्तरीय बैठक में स्पष्ट किया कि इस बार मास्टर प्लान केवल नक्शों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि नागरिकों की भागीदारी, पर्यावरण संरक्षण और भविष्य की शहरी जरूरतों को केंद्र में रखकर तैयार किया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता सचिव आवास डा. आर. राजेश कुमार ने की, जबकि प्राधिकरण उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी भी इसमें उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुरूप तैयार किए जा रहे इस मास्टर प्लान में शहर की प्राकृतिक पहचान को बचाने को प्राथमिकता दी गई है। अधिकारियों ने साफ किया कि देहरादून की नदियां, जंगल, हरित क्षेत्र और खुले भूभाग विकास के दबाव में प्रभावित न हों, इसके लिए अलग संरक्षण ढांचा तैयार किया जाएगा।
नदी किनारों की सुरक्षा, बड़े पैमाने पर पौधारोपण और ग्रीन जोन विस्तार को योजना में प्रमुख स्थान दिया गया है। बैठक में एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया, संयुक्त सचिव प्रत्यूष सिंह, गौरव चटवाल, चीफ टाउन प्लानर शशि मोहन श्रीवास्तव, अधिशासी अभियंता सुनील कुमार और कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि नीरव मखवाना सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। देहरादून के भविष्य की रूपरेखा तय करने वाला यह दस्तावेज आने वाले वर्षों में शहर के विकास का आधार बनेगा।
हर वार्ड में कैंप लगेंगे, लोग सीधे दर्ज कराएंगे आपत्तियां
इस बार मास्टर प्लान को जनभागीदारी आधारित बनाने के लिए नगर निगम के प्रत्येक वार्ड में विशेष कैंप लगाए जाएंगे। इन कैंपों में नागरिक अपनी आपत्तियां और सुझाव सीधे दर्ज करा सकेंगे। अधिकारियों का मानना है कि स्थानीय स्तर से मिले सुझाव योजना को अधिक व्यवहारिक बनाएंगे और बाद में विवाद की स्थिति कम होगी। सचिव आवास ने निर्देश दिए कि आपत्तियों के निस्तारण में अनावश्यक देरी न हो और प्रक्रिया पारदर्शी रखी जाए।
ट्रैफिक जाम से राहत के लिए नये कारिडोर और बाईपास
शहर की सबसे बड़ी समस्या बन चुके ट्रैफिक दबाव को देखते हुए मास्टर प्लान में सड़क नेटवर्क विस्तार, सार्वजनिक परिवहन सुधार, पार्किंग व्यवस्था, नये बाईपास और वैकल्पिक कारिडोर शामिल किए जा रहे हैं। स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम पर भी काम होगा, ताकि बढ़ती आबादी के साथ यातायात व्यवस्था नियंत्रित रह सके। प्रस्तुतीकरण में शहर के भीड़भाड़ वाले हिस्सों के लिए अलग समाधान प्रस्तावित किए गए।

नई समिति करेगी सुनवाई, उपाध्यक्ष को विशेष अधिकार
मास्टर प्लान से जुड़ी आपत्तियों के त्वरित निस्तारण के लिए तीन सदस्यीय नई समिति बनाई गई है। इसमें उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, सचिव मोहन सिंह बर्निया और संयुक्त सचिव प्रत्यूष कुमार को शामिल किया गया है। जटिल मामलों में उपाध्यक्ष को विशेष अधिकार दिए गए हैं, ताकि निर्णय प्रक्रिया तेज हो सके।

मसूरी के लिए अलग माडल, पर्यटन और पर्यावरण साथ-साथ
बैठक में मसूरी के लिए अलग विकास दृष्टि पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि मसूरी को माडल हिल स्टेशन के रूप में विकसित किया जाए, जहां पर्यटन विस्तार और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ चलें।

निवेश और आवासीय योजनाओं को भी मिलेगी दिशा
नई आवासीय योजनाओं, तलपट मानचित्रों और निवेश-अनुकूल शहरी ढांचे को भी मास्टर प्लान का हिस्सा बनाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इससे शहर में योजनाबद्ध विस्तार संभव होगा और अनियंत्रित निर्माण पर नियंत्रण लगेगा।


टीएमसी की सरकार एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि एक “सिंडिकेट” के रूप में कर रही काम- सीएम धामी

पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री धामी ने भाजपा के लिए मांगा समर्थन

धामी को सुनने के लिए बनगांव में उमड़ा जनसैलाब

देहरादून/बनगांव। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पश्चिम बंगाल के बनगांव पहुंचे, जहां उन्होंने बनगांव दक्षिण सीट से स्वप्न मजूमदार, बनगांव उत्तर सीट से अशोक कीर्तनिया, बगदा सीट से सोमा ठाकुर और गैघाटा सीट से सुब्रत ठाकुर के नामांकन कार्यक्रम में भाग लिया।

इससे पहले उन्होंने भव्य रोड शो और जनसभा के माध्यम से भाजपा के पक्ष में मतदान की अपील की। रोड शो और जनसभा में उमड़ी भारी भीड़ और लोगों का उत्साह इस बात का संकेत दे रहा था कि धामी की लोकप्रियता अब उत्तराखंड की सीमाओं से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुकी है। लोग उन्हें एक निर्णायक और जननेता के रूप में देख रहे हैं।

बनगांव की जनसभा में मुख्यमंत्री धामी ने टीएमसी और ममता सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी की सरकार एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि एक “सिंडिकेट” के रूप में काम कर रही है। कट और कमीशन इस सरकार की पहचान बन चुके हैं। लोगों को डराना, धमकाना और लूटना इनकी राजनीति का हिस्सा बन गया है।

उन्होंने कहा कि देशभर में डबल इंजन सरकार विकास के नए आयाम स्थापित कर रही है और पश्चिम बंगाल में भी डबल इंजन सरकार बनने के बाद विकास, समृद्धि और सुशासन का नया दौर शुरू होगा।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि बनगांव की सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब इस बात का संकेत है कि इस बार पश्चिम बंगाल में परिवर्तन की लहर है और भारी बहुमत से कमल खिलने जा रहा है। उन्होंने जनता से भाजपा प्रत्याशियों को विजयी बनाने की अपील करते हुए कहा कि कमल खिलेगा तो समृद्धि आएगी, विकास आएगा और कानून का राज स्थापित होगा।


भाजपा के 47वें स्थापना दिवस पर तीन दर्जन से अधिक लोगों ने ग्रहण की पार्टी की सदस्यता

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी रहे उपस्थित

देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने भारतीय जनता पार्टी के 47वें स्थापना दिवस के अवसर पर जैंतनवाला में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी की उपस्थिति में भाजपा की रीति नीति से प्रभावित होकर तीन दर्जन से अधिक पूर्व सैनिकों एवं स्थानीय लोगों ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने पटका पहनाकर नए सदस्यों का भाजपा जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराते हुए उनका स्वागत किया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने सदैव अंत्योदय के सिद्धांत को आत्मसात करते हुए एक भारत, श्रेष्ठ भारत और सेवा ही संगठन के मूल मंत्र के साथ कार्य किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी के करोड़ों कार्यकर्ताओं की निष्ठा, समर्पण और सेवा भावना के कारण ही आज भाजपा देश के शिखर पर पहुंची है। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने पार्टी के स्थापना दिवस पर उन सभी महान विभूतियों को नमन किया, जिनके अथक प्रयास और निस्वार्थ सेवा से पार्टी को यह मुकाम प्राप्त हुआ है। उन्होंने सभी पार्टी कार्यकर्ताओं को स्थापना दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। काबीना मंत्री ने क्षेत्र में हुए विकास कार्यो के बारे में भी स्थानीय लोगों से जानकारी ली और सभा में उपस्थित लोगों ने अपनी समस्याऐं भी कैबिनेट मंत्री को बतायी।

इन लोगों ने ली भाजपा की सदस्यता – राधा देवी, दुर्गा मल्ल, कविता देवी, मीना शर्मा, आशा चरनजीत, सीता घिमरे, इन्दु थापा, संजय कुमार, सुनील कुमार, राजेश खत्री, नेहा कालिया, संजना रावत, अनिता भट्ट, कैप्टन (सेनि) प्रकाश चन्द्र घिल्डियाल, परशुराम व्यास, महिपाल सिंह नेगी, नीतू राणा, सूरत सिंह भंडारी, राजेश कुमार, गंगा लामे छाने, चन्द्रकला तिवारी, रीता तिवारी, मथुरा देवी, शोभा अधिकारी अमृता देवी, अन्नू देवी, हवलदार (सेनि) जीबी भण्डारी, सूरज कुमार क्षेत्री, लोक बहादुर क्षेत्री, कल्पना क्षेत्री, प्रमिला सिंह आदि ने भाजपा की सदस्यता ली।

इसके उपरांत कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने जैंतनवाला में भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता महाराज सिंह नेगी के आवास पर पहुंचकर उन्हें शॉल एवं पार्टी का पटका पहनाकर सम्मानित किया और उनके आवास में पार्टी का झण्डा लगाकर उन्हें स्थापना दिवस की बधाई दी। इस दौरान पूर्व ग्राम प्रधान नैन सिंह पवांर भी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश मंत्री नेहा जोशी, सविता गुरुंग, सेवानिवृत्त सूबेदार मेजर (सेनि) विजेंद्र शाही, प्रदेश महिला मोर्चा कोषाध्यक्ष वंदना बिष्ट, मण्डल प्रभारी ज्योति कोटिया, मण्डल महामंत्री किरन, लीला प्रधान, ज्योति ढकाल, लक्ष्मण रावत, ग्राम प्रधान आशू थापा, ग्राम प्रधान विनोद अवस्थी, विक्रम कण्डारी, धीरेन्द्र ठाकुर, आशीष शर्मा, सचिन कुमार, बूथ अध्यक्ष पूर्णिमा थापा, चित्रलेखा राय, सपना मल्ल, मंजू देउपा, मेजर (सेनि) महावीर सिंह रावत सहित कई लोग उपस्थित रहे।


रिटायर्ड ब्रिगेडियर की हत्या के प्रकरण में एक और आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार

घटना में शामिल सभी 10 अभियुक्तों को पुलिस द्वारा किया जा चुका है गिरफ्तार

देहरादून। राजपुर क्षेत्र के जोहड़ी गांव में 30 मार्च की सुबह हुई फायरिंग की घटना में मॉर्निंग वॉक पर निकले मुकेश कुमार जोशी की गोली लगने से मृत्यु हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने एक और फरार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही इस हत्याकांड में शामिल सभी 10 आरोपियों की गिरफ्तारी पूरी हो चुकी है।

घटना के संबंध में मृतक के परिजनों की तहरीर के आधार पर थाना राजपुर में मुकदमा अपराध संख्या 60/26, धारा 103(1) बीएनएस के तहत दर्ज किया गया था।
मामले की विवेचना वर्तमान में धारा 103(1), 3, 5, 125 बीएनएस तथा 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत की जा रही है।

पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए पहले ही 9 आरोपियों रोहित कुमार, मोहम्मद अखलाक उर्फ साबिर, संदीप कुमार, आदित्य चौधरी, आदेश गिरी, समीर चौधरी, मोहित अरोड़ा, शान्तनु त्यागी और काविश हुसैन त्यागी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

घटना के बाद से फरार चल रहे दसवें आरोपी वैभव कुमार (पुत्र दीपक कुमार, निवासी ग्राम देवधर, थाना खिजराबाद, जिला यमुनानगर, हरियाणा) को पुलिस टीम ने लगातार सुरागरसी और पतारसी के बाद 5 अप्रैल 2026 को राजपुर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के अनुसार, मामले में शामिल सभी 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। सभी का हत्या की धाराओं में न्यायालय से रिमांड प्राप्त किया जा चुका है।


फिजूल खर्ची पर रोक लगाकर मितव्ययिता से काम करें- महाराज

देहरादून। प्रदेश के पर्यटन धर्मस्व, संस्कृति, लोक निर्माण, सिंचाई एवं ग्रामीण निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि मध्यपूर्व में चल रहे युद्ध का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर स्पष्ट रूप से दिख रहा है। कीमतों में उतार-चढ़ाव, आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान और मुद्रास्फीति का दबाव बढ़ रहा है। ऐसे समय में हमें अपने व्यक्तिगत, पारिवारिक और संस्थागत स्तर पर मितव्ययिता को प्राथमिकता देनी चाहिए।

महाराज ने अपने अधिनस्थ विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यदि कहीं भी कोई फिजूलखर्ची हो रही है तो उस पर तुरंत अंकुश लगाने के साथ-साथ आवश्यक खर्चों को ही प्राथमिकता देते हुए मितव्ययिता पर ध्यान दिया जाये। उन्होंने कहा कि इस चुनौतीपूर्ण समय में सादगी और समझदारी से काम लें। संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग और सोच-समझकर किया गया खर्च सामूहिक रूप से देश की आर्थिक स्थिरता को मज़बूत बनाएगा।


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