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पूर्व सीएम खंडूड़ी के निधन पर उपराष्ट्रपति ने जताया शोक, आवास पर पहुंच कर दी भावभीनी श्रद्धांजलि

Category Archives: राष्ट्रीय

पूर्व सीएम खंडूड़ी के निधन पर उपराष्ट्रपति ने जताया शोक, आवास पर पहुंच कर दी भावभीनी श्रद्धांजलि

देहरादून। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने पूर्व सीएम मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी (सेनि.) के निधन पर गहरा शोक प्रकट किया। उन्होंने कहा कि देश के विकास में उनका योगदान मील के पत्थर के रूप में बना रहेगा। उनके निधन से देश एक विशिष्ट सैनिक, सक्षम प्रशासक और असाधारण सत्यनिष्ठ वाले राजनेता को खो दिया है।


मुख्यमंत्री धामी ने पूर्व सीएम भुवन चंद्र खंडूरी को दी श्रद्धांजलि

सादगी और अनुशासन के प्रतीक थे बीसी खंडूरी- मुख्यमंत्री धामी

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भाजपा प्रदेश कार्यालय, देहरादून पहुंचकर उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी (सेवानिवृत्त) के पार्थिव शरीर पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दौरान उन्होंने दिवंगत नेता को भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए उनके योगदान को याद किया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि मेजर जनरल खंडूरी ने सेना में रहते हुए माँ भारती की सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके बाद उन्होंने सार्वजनिक जीवन में प्रवेश कर राष्ट्रहित और जनसेवा को अपना उद्देश्य बनाया। भारतीय जनता पार्टी के माध्यम से उन्होंने प्रदेश और देश की राजनीति में ईमानदारी, अनुशासन और सादगी की मिसाल पेश की।

उन्होंने कहा कि खंडूरी जी का सादगीपूर्ण व्यक्तित्व, जनकल्याण के प्रति समर्पण और सिद्धांतों के प्रति अटूट निष्ठा हमेशा प्रेरणास्रोत बनी रहेगी। मुख्यमंत्री ने उनके निधन को भाजपा परिवार और उत्तराखंड के लिए अपूरणीय क्षति बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन में उनकी निर्भीक कार्यशैली, प्रखर नेतृत्व क्षमता और पारदर्शी छवि को सदैव याद किया जाएगा।


तेज बारिश के बीच प्रशासन की तत्परता, रातभर चले रेस्क्यू अभियान से हजारों श्रद्धालुओं को निकाला सुरक्षित

6.94 लाख श्रद्धालुओं ने किए बाबा केदार के दर्शन

रुद्रप्रयाग। श्री केदारनाथ धाम यात्रा में श्रद्धालुओं की भारी आस्था देखने को मिल रही है। 19 मई तक 6 लाख 94 हजार से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। वहीं, देर रात हुई तेज बारिश के चलते सोनप्रयाग–गौरीकुंड पैदल मार्ग पर तीन स्थानों पर भूस्खलन होने से यात्रा मार्ग कुछ समय के लिए बाधित हो गया।

भूस्खलन की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और अन्य राहत एवं बचाव टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। प्रशासन ने तत्काल राहत कार्य शुरू करते हुए यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए घटनास्थल की स्थिति का जायजा लिया और मौके पर तैनात अधिकारियों से लगातार अपडेट लेते रहे।

अधिकारियों ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग को जल्द से जल्द सुचारु किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। कठिन परिस्थितियों के बावजूद राहत टीमों ने महज 30 मिनट के भीतर पैदल यात्रियों के लिए मार्ग खोल दिया और फंसे यात्रियों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया।

रातभर चले राहत एवं बचाव अभियान के दौरान जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का कार्य लगातार जारी रहा। जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों और त्वरित कार्रवाई के चलते यात्रा मार्ग को दोबारा सुचारु कर दिया गया है।


ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर जिलाधिकारी सख्त, अवैध डंपिंग पर प्रभावी निगरानी के निर्देश

कूड़ा निस्तारण, पृथक्करण और स्वच्छता व्यवस्था को लेकर जिला स्तरीय समिति बनेगी
लीगेसी वेस्ट, स्वच्छता कार्मिकों, वाहनों और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र की प्रगति की विस्तृत समीक्षा
पौड़ी। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया की अध्यक्षता में जनपद में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं नमामि गंगे कार्यक्रम से संबंधित समीक्षा बैठक आयोजित की गयी। बैठक में नगर निकायों, जिला पंचायत तथा संबंधित विभागों द्वारा संचालित स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन कार्यों की गहन समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी, वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनपद में किसी भी स्थान पर अनधिकृत रूप से कूड़ा डंप नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए तथा अवैध निस्तारण पर प्रभावी निगरानी रखी जाए। इसके लिए जिला स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा, जिसमें प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा। यह समिति विभिन्न क्षेत्रों में अपशिष्ट प्रबंधन कार्यों की नियमित निगरानी करेगी तथा यह सुनिश्चित करेगी कि कहीं भी अवैध अपशिष्ट निस्तारण स्थल विकसित न हो।
उन्होंने कूड़ा संग्रहण में लगाए गए वाहनों का सत्यापन एवं पंजीकरण अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि जिन वाहनों को स्वच्छता कार्यों हेतु दर्शाया गया है, उनकी वास्तविक उपलब्धता एवं संचालन की स्थिति का भौतिक सत्यापन भी सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में कूड़ा पृथक्करण व्यवस्था पर विशेष जोर देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि शासन के नए नियमों के अनुसार, केवल गीले एवं सूखे कचरे का पृथक्करण पर्याप्त नहीं है, बल्कि खतरनाक अपशिष्ट तथा सैनिटरी वेस्ट का भी अलग-अलग श्रेणियों में वैज्ञानिक तरीके से संग्रहण एवं निस्तारण किया जाए। उन्होंने सभी नगर निकायों एवं ग्राम पंचायतों को स्रोत स्तर पर कूड़ा पृथक्करण की व्यवस्था प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि ग्राम पंचायतों एवं नगर निकायों की मासिक प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से प्राप्त की जाएगी, ताकि स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन कार्यों की सतत निगरानी सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने बल्क वेस्ट जनरेटरों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रतिदिन 100 किलोग्राम या उससे अधिक कचरा उत्पन्न करने वाले संस्थानों, प्रतिष्ठानों एवं इकाइयों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा।
बैठक में लीगेसी वेस्ट मैनेजमेंट, स्वच्छता कार्मिकों की उपलब्धता, अपशिष्ट संग्रहण वाहनों की स्थिति, स्मार्ट शौचालयों की कार्यशीलता, स्वच्छता क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों तथा जमीनी स्तर पर आने वाली समस्याओं एवं चुनौतियों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की कार्ययोजना, समस्याओं तथा उनके समाधान के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
इसके अतिरिक्त नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत भी समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें सभी नगर निकायों के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र की प्रगति एवं संचालन व्यवस्था की समीक्षा की गयी। जिलाधिकारी ने नगर पालिका पौड़ी को लीगेसी वेस्ट का कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। नगर पंचायत थलीसैंण को कूड़ा डंपिंग स्थल से संबंधित निर्माण कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने को कहा गया। वहीं नगर पालिका दुगड्डा को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन हेतु वैकल्पिक भूमि ढूंढकर उसका चिन्हीकरण करने के निर्देश दिए गए।
कोटद्वार में निर्माणाधीन ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि केवल भौतिक प्रगति ही नहीं, बल्कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने संयंत्र तक पहुंच मार्गों की स्थिति सुधारने, उखड़ी हुई सड़कों के पुनर्स्थापन कार्य शीघ्र पूर्ण करने तथा संबंधित व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला पंचायत को भी स्वच्छता एजेंसियों की कार्यप्रणाली एवं संसाधनों की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए। अपर मुख्य अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि विकासखंडों में स्वच्छता कार्यों हेतु लगभग 80 कार्मिक कार्यरत हैं। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि स्वच्छता कार्यों में लगाए गए वाहनों एवं संसाधनों का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित किया जाए, जिससे व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
बैठक में डीएफओ महातिम यादव, नगर आयुक्त श्रीनगर नूपुर वर्मा, डीपीआरओ जितेंद्र कुमार, एएमए भावना रावत, ईओ नगर पालिका पौड़ी संजय कुमार, एसडीओ वन आयशा बिष्ट, पीएम स्वजल दीपक रावत सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

राज्यपाल से मिले मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पांडेय

राज्यपाल ने जनपद में पीरूल प्रबंधन के माध्यम से वनाग्नि रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की

देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) से आज लोक भवन में मुख्य विकास अधिकारी, नैनीताल अरविंद कुमार पांडेय ने शिष्टाचार भेंट कर जनपद में संचालित विकास कार्यों, नवाचारों तथा पर्यटन संबंधी गतिविधियों की जानकारी दी।

मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि नैनीताल की पहचान यहां की झीलें (ताल) हैं, जिनके सौंदर्यीकरण एवं स्वच्छता पर विशेष कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए स्थानीय होटल व्यवसायियों के साथ समन्वय स्थापित कर मार्केट लिंकेज की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त युवाओं को स्वरोजगार एवं कौशल विकास से जोड़ने के लिए विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। जनपद में होम स्टे को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ मानकों के विपरीत संचालित होम स्टे के विरुद्ध कार्रवाई भी की जा रही है।

राज्यपाल ने निर्देश दिए कि नैनीताल में नए पर्यटन स्थलों का विकास किया जाए तथा पर्यटकों को अधिक समय तक आकर्षित और व्यस्त रखने के लिए विभिन्न गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के उत्पादों की बेहतर पैकेजिंग, ब्रांडिंग और डिजिटल मार्केटिंग पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए, ताकि स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार मिल सके।

इस दौरान राज्यपाल ने डीएफओ नैनीताल आकाश गंगवार से वन विभाग की गतिविधियों, विशेष रूप से वनाग्नि की घटनाओं और उनकी रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली। प्रभागीय वनाधिकारी ने बताया कि मानव-वन्यजीव संघर्ष जनपद की प्रमुख चुनौतियों में शामिल है। इससे बचाव के लिए प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सोलर फेंसिंग एवं अन्य सुरक्षा उपाय उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि वनाग्नि नियंत्रण के लिए पीरूल संग्रहण अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत स्थानीय लोगों को पीरूल एकत्र करने पर ₹10 प्रति किलोग्राम प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। साथ ही, जनपद में इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।

राज्यपाल ने जनपद में पीरूल प्रबंधन के माध्यम से वनाग्नि रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने वनाग्नि नियंत्रण तथा मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को कम करने के लिए जनजागरूकता बढ़ाने पर बल दिया। साथ ही वन क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय सहभागिता को बढ़ावा देने की आवश्यकता भी बताई।


आपदा प्रभावित क्षेत्र कार्लीगाड़ में मलवे के चैनेलाइजेशन का कार्य प्रारंभ

देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के निर्देशों के बाद देहरादून के आपदा प्रभावित क्षेत्र कार्लीगाड़ में मलवे के चैनेलाइजेशन का कार्य प्रारंभ हो गया है। जिला खान विभाग द्वारा मशीनों के माध्यम से कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि विगत दिनों कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कार्लीगाड़ क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया था। इस दौरान उन्होंने मौके पर उपस्थित संबंधित विभागीय अधिकारियों को आपदा के मलवे को शीघ्र हटाने एवं प्रभावित क्षेत्र में राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रदेश सरकार आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं पुनर्वास कार्यों को लेकर पूरी गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा इस बाबत निविदाऐं जारी कर दी गयी है।

कार्लीगाड़ के ग्राम प्रधान राकेश जवाड़ी ने बताया कि कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के निरीक्षण एवं निर्देशों के बाद आज से मलवे के चैनेलाइजेशन का कार्य शुरू कर दिया गया है, जिससे क्षेत्रवासियों को राहत मिलने की उम्मीद है। ग्रामवासियों ने त्वरित कार्रवाई के लिए कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी का आभार व्यक्त किया है।


UPCL की अतिरिक्त वसूली लौटेगी, अगले बिजली बिल में मिलेगा फायदा

उत्तराखंड में बिजली उपभोक्ताओं को जल्द राहत मिलने जा रही है। [उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड](Uttarakhand Power Corporation Limited) (UPCL) ने दिसंबर माह में एफपीपीसीए के तहत उपभोक्ताओं से करीब ₹1.39 करोड़ अधिक वसूल लिए थे। अब नियामक आयोग के आदेश के बाद यह अतिरिक्त राशि उपभोक्ताओं को अगले बिजली बिल में समायोजित कर वापस की जाएगी।

एफपीपीसीए यानी फ्यूल एंड पावर परचेज कॉस्ट एडजस्टमेंट के तहत समय-समय पर बिजली दरों में बदलाव किया जाता है। हालांकि इस बार गणना में हुई त्रुटि के कारण उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त भार पड़ गया था। मामला सामने आने के बाद आयोग ने इसकी जांच कराई और उपभोक्ताओं को राहत देने का निर्देश जारी किया।

राज्य के घरेलू, व्यावसायिक और अन्य बिजली उपभोक्ताओं को इस फैसले का सीधा लाभ मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे उपभोक्ताओं को महंगाई के दौर में कुछ आर्थिक राहत जरूर मिलेगी। साथ ही यह फैसला बिजली वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में भी अहम माना जा रहा है।


महाराज ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता खंडूड़ी के निधन पर दुःख व्यक्त किया

देहरादून। प्रदेश के पर्यटन, लोक निर्माण, सिंचाई, ग्रामीण निर्माण, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी (सेवानिवृत्त) के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है।

महाराज ने अपने शोक संदेश में कहा कि “खंडूरी जी एक अनुशासित सैनिक, कुशल प्रशासक और उत्तराखंड के विकास के प्रति समर्पित नेता थे। उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में पारदर्शी शासन और इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर विशेष बल दिया। उनका निधन उत्तराखंड के लिए अपूरणीय क्षति है।

उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवारजनों को दुख की इस घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति देने की ईश्वर से कामना की।


उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी का निधन, प्रदेश में शोक की लहर

मुख्यमंत्री धामी ने जताया दुःख 

देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता भुवन चंद्र खंडूरी का मंगलवार को निधन हो गया। वह लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे और देहरादून स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती थे, जहां उन्होंने सुबह 11:15 बजे अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से पूरे उत्तराखंड में शोक की लहर दौड़ गई है। पिछले कई दिनों से उनके स्वास्थ्य को लेकर राजनीतिक एवं सामाजिक जगत के लोग लगातार उनके आवास और अस्पताल पहुंच रहे थे।

मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी भारतीय सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद राजनीति में सक्रिय हुए थे। उन्हें पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी राजनीति में लेकर आए थे। अपनी सादगी, अनुशासन और ईमानदार छवि के लिए पहचाने जाने वाले खंडूरी उत्तराखंड के चौथे मुख्यमंत्री रहे। उन्होंने वर्ष 2007 से 2009 और 2011 से 2012 तक दो बार प्रदेश की कमान संभाली। इसके अलावा वह गढ़वाल संसदीय सीट से लोकसभा सांसद भी रहे।

राजनीतिक जीवन में भुवन चंद्र खंडूरी ने सुशासन, पारदर्शिता और विकास को प्राथमिकता दी। उनके कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिनकी आज भी चर्चा होती है। सेना की पृष्ठभूमि से आने वाले खंडूरी को एक सख्त लेकिन जनहितैषी नेता के रूप में जाना जाता था। उनकी बेटी ऋतु भूषण खंडूरी वर्तमान में उत्तराखंड विधानसभा की अध्यक्ष हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने जताया दुःख 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व मुख्यमंत्री खंडूरी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि खंडूरी ने भारतीय सेना में रहते हुए राष्ट्र सेवा, अनुशासन और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। सार्वजनिक जीवन में भी उन्होंने प्रदेश के विकास और जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका निधन उत्तराखंड ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के लिए भी अपूरणीय क्षति है।


जन दर्शन में उमड़ी फरियादियों की भीड़, डीएम सविन बंसल ने सुनीं 300 से ज्यादा शिकायतें

राशन कार्ड, भूमि विवाद और आर्थिक सहायता के मामलों पर डीएम ने दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश

देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित जन मिलन/जन दर्शन कार्यक्रम में आमजन की समस्याओं की सुनवाई की गई। कार्यक्रम में भूमि विवाद, सीमांकन, अवैध कब्जा, मुआवजा, पेयजल, विद्युत, राशन कार्ड, आर्थिक सहायता सहित विभिन्न विभागों से जुड़ी 300 से अधिक शिकायतें जिलाधिकारी के समक्ष रखी गईं। डीएम ने सभी मामलों का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए।

जन सुनवाई के दौरान कई संवेदनशील मामले भी सामने आए। प्रेमनगर निवासी सुरेश कुमार ने बेटे और बहू द्वारा घर से निकालने और धमकाने की शिकायत की, जिस पर जिलाधिकारी ने भरण-पोषण अधिनियम के तहत वाद दर्ज कर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं वरिष्ठ नागरिक कमल नयन भुटानी की संपत्ति पर अवैध कब्जे की शिकायत पर जिला शासकीय अधिवक्ता (सिविल) को जांच के आदेश दिए गए।

सभांवाला निवासी शिवानी ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत लिए गए ऋण पर सब्सिडी न मिलने और आर्थिक तंगी के चलते ऋण अदायगी में असमर्थता की बात रखी। तहसील से कुर्की नोटिस मिलने की जानकारी पर डीएम ने मामले की जांच कर राहत प्रदान करने के निर्देश दिए। तलाकशुदा महिला ममता रानी के राशन कार्ड न बनने के मामले में जिला पूर्ति अधिकारी को दो दिन के भीतर रिपोर्ट देने को कहा गया।

डालनवाला क्षेत्र के अभिभावकों ने सैसमै पब्लिक स्कूल पर बच्चों के उत्पीड़न, पुरानी फीस एकमुश्त वसूलने और टीसी जारी न करने का आरोप लगाया। जिलाधिकारी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

जन दर्शन में कई विधवाओं एवं जरूरतमंदों ने इलाज, शिक्षा और आर्थिक सहायता की गुहार लगाई। डीएम ने संबंधित मामलों में नंदा-सुनंदा एवं रायफल क्लब के माध्यम से सहायता दिलाने के निर्देश दिए। फतेहपुर ग्रांट में सिंचाई गूल पर अवैध कब्जे, हिमज्योति एन्कलेव में अवैध डेयरी संचालन और ग्राम पंचायत लिस्ट्राबाद ग्रांट में कूड़ा वाहन की समस्या पर भी संबंधित विभागों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

तहसील कालसी के ग्राम गडोग सकरोल में भूमि अभिलेखों की विसंगतियों के कारण जाति और स्थायी निवास प्रमाण पत्र न बनने के मामले में एसडीएम कालसी को 25 मई तक रिपोर्ट देने को कहा गया। वहीं चकराता ब्लॉक की क्षतिग्रस्त पैदल पुलिया, श्यामपुर क्षेत्र में ग्राम पंचायत अधिकारियों के बार-बार तबादलों और एमडीडीए से जुड़े मामलों पर भी जिलाधिकारी ने अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

जनता मिलन कार्यक्रम में नेशनल हाईवे भूमि अधिग्रहण मुआवजा, सार्वजनिक परिवहन सुविधा बहाली तथा सीमांकन से जुड़े मामलों की भी सुनवाई की गई। इस दौरान अपर जिलाधिकारी केके मिश्रा, नगर निगम के अपर आयुक्त प्रवीण कुमार, विभिन्न एसडीएम और जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।


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