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खटीमा में सैनिक सम्मान समारोह की तैयारियां तेज, मंत्री गणेश जोशी ने किया निरीक्षण

Category Archives: राष्ट्रीय

खटीमा में सैनिक सम्मान समारोह की तैयारियां तेज, मंत्री गणेश जोशी ने किया निरीक्षण

खटीमा। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने आज खटीमा पहुंचकर सूबेदार स्व० शेर सिंह धामी की 6वीं पुण्यतिथि पर 09 अप्रैल को आयोजित होने वाले सैनिक सम्मान समारोह की तैयारियों के संबंध में कार्यक्रम स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने संबंधित अधिकारियों को सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यक्रम में आने वाले लोगों के बैठने, पेयजल एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।

इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा खटीमा स्थित सीएसडी कैंटीन का भी लोकार्पण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र के पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों को सीधा लाभ मिलेगा और उन्हें आवश्यक सामग्री सुलभता से उपलब्ध हो सकेगी। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि सैनिक सम्मान समारोह शहीदों और पूर्व सैनिकों के सम्मान का महत्वपूर्ण अवसर है, जिसे गरिमामय ढंग से आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा हमारी सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के कल्याण के लिए लगातार प्रयासरत है।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी संबंधित विभागीय अधिकारीगण एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।


उत्तराखंड STF का बड़ा खुलासा, म्यूल अकाउंट गिरोह का भंडाफोड़, तीन आरोपी गिरफ्तार

देहरादून। उत्तराखण्ड एसटीएफ और साइबर क्राइम पुलिस ने एक बड़े संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो साइबर अपराधियों को “म्यूल अकाउंट” उपलब्ध कराकर धोखाधड़ी को अंजाम देने में मदद करता था। इस गिरोह के सदस्य आम लोगों को झांसे में लेकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाते थे और बाद में इन्हीं खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी के लिए किया जाता था।

पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के निर्देशन और पुलिस महानिरीक्षक साइबर/एसटीएफ निलेश आनंद भरणे की निगरानी में चल रही कार्रवाई के तहत यह सफलता हासिल हुई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि साइबर पुलिस टीम ने गोपनीय सूचना और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर हरिद्वार से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में साइबर थाना देहरादून में विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

जांच में सामने आया कि आरोपी भोले-भाले लोगों को लालच देकर उनके नाम पर फर्जी फर्म तैयार करते थे और उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर बैंक में करंट अकाउंट खुलवाते थे। बाद में इन खातों को दिल्ली समेत अन्य स्थानों पर बेच दिया जाता था, जहां साइबर अपराधी इनका इस्तेमाल धोखाधड़ी से कमाए गए पैसों के लेन-देन में करते थे। इसके बदले गिरोह के सदस्य मोटा कमीशन लेते थे।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कई बैंक पासबुक, चेकबुक, डेबिट कार्ड, मोबाइल फोन, आधार कार्ड, पैन कार्ड और फर्जी फर्मों की मुहरें बरामद की हैं। साथ ही एक कार भी जब्त की गई है। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि इन खातों में देश के विभिन्न राज्यों के पीड़ितों से ठगे गए लाखों रुपये का लेन-देन हुआ है।

फिलहाल पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है और बैंक खातों व डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है।

एसटीएफ की जनता से अपील
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा है कि अंजान नंबरों से आने वाली वीडियो कॉल से बचें, किसी भी तरह की व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें और फर्जी निवेश योजनाओं या ऑनलाइन प्रलोभनों से दूर रहें। किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन या नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

उत्तराखण्ड एसटीएफ और साइबर क्राइम पुलिस ने एक बड़े संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो साइबर अपराधियों को “म्यूल अकाउंट” उपलब्ध कराकर धोखाधड़ी को अंजाम देने में मदद करता था। इस गिरोह के सदस्य आम लोगों को झांसे में लेकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाते थे और बाद में इन्हीं खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी के लिए किया जाता था।

पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के निर्देशन और पुलिस महानिरीक्षक साइबर/एसटीएफ निलेश आनंद भरणे की निगरानी में चल रही कार्रवाई के तहत यह सफलता हासिल हुई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि साइबर पुलिस टीम ने गोपनीय सूचना और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर हरिद्वार से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में साइबर थाना देहरादून में विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

जांच में सामने आया कि आरोपी भोले-भाले लोगों को लालच देकर उनके नाम पर फर्जी फर्म तैयार करते थे और उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर बैंक में करंट अकाउंट खुलवाते थे। बाद में इन खातों को दिल्ली समेत अन्य स्थानों पर बेच दिया जाता था, जहां साइबर अपराधी इनका इस्तेमाल धोखाधड़ी से कमाए गए पैसों के लेन-देन में करते थे। इसके बदले गिरोह के सदस्य मोटा कमीशन लेते थे।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कई बैंक पासबुक, चेकबुक, डेबिट कार्ड, मोबाइल फोन, आधार कार्ड, पैन कार्ड और फर्जी फर्मों की मुहरें बरामद की हैं। साथ ही एक कार भी जब्त की गई है। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि इन खातों में देश के विभिन्न राज्यों के पीड़ितों से ठगे गए लाखों रुपये का लेन-देन हुआ है।

फिलहाल पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है और बैंक खातों व डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है।

एसटीएफ की जनता से अपील
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा है कि अंजान नंबरों से आने वाली वीडियो कॉल से बचें, किसी भी तरह की व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें और फर्जी निवेश योजनाओं या ऑनलाइन प्रलोभनों से दूर रहें। किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन या नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।


मुख्यमंत्री धामी ने 25वीं ऑल इंडिया पुलिस वाटर स्पोर्ट्स क्लस्टर चैंपियनशिप का किया शुभारंभ

टिहरी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को वाटर स्पोर्ट्स एंड एडवेंचर इंस्टीट्यूट, टिहरी गढ़वाल में आयोजित 25वीं ऑल इंडिया पुलिस वाटर स्पोर्ट्स क्लस्टर चैंपियनशिप का वर्चुअल शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से आए पुलिस बलों के खिलाड़ियों, अधिकारियों एवं खेल प्रेमियों का देवभूमि उत्तराखंड में स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि यह उत्तराखंड के लिए अत्यंत गौरव का विषय है कि राज्य को पहली बार इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी का अवसर प्राप्त हुआ है।

मुख्यमंत्री ने अखिल भारतीय पुलिस स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन न केवल खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच प्रदान करते हैं, बल्कि राज्य को साहसिक खेलों और पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता में देशभर की 19 टीमों के 440 से अधिक महिला एवं पुरुष खिलाड़ी प्रतिभाग कर रहे हैं, जो कैनोइंग, रोइंग एवं कयाकिंग की विभिन्न स्पर्धाओं में अपनी क्षमता का प्रदर्शन करेंगे।

मुख्यमंत्री ने प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पुलिस एवं अर्धसैनिक बलों के जवान देश की सुरक्षा, कानून व्यवस्था और जनविश्वास को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनका शारीरिक और मानसिक रूप से फिट रहना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि खेल न केवल फिटनेस को बढ़ाते हैं, बल्कि अनुशासन, टीम भावना और कठिन परिस्थितियों में कार्य करने की क्षमता भी विकसित करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वाटर स्पोर्ट्स जैसे खेल आपदा प्रबंधन, बाढ़ राहत, नदी बचाव और तटीय सुरक्षा जैसे कार्यों में भी अत्यंत उपयोगी सिद्ध होते हैं। इन खेलों में दक्षता कई बार जीवन रक्षक साबित होती है और आपात परिस्थितियों में लोगों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खेलो इंडिया और फिट इंडिया मूवमेंट जैसे अभियानों ने देश में खेल संस्कृति को मजबूत किया है और युवाओं में खेलों के प्रति नया उत्साह पैदा किया है। राज्य सरकार भी खेलों को बढ़ावा देने तथा खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है।उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ने हाल ही में 38वें राष्ट्रीय खेलों का सफल आयोजन कर अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया है और राज्य देवभूमि के साथ-साथ खेलभूमि के रूप में भी उभर रहा है। राज्य में आधुनिक खेल अवसंरचना का तेजी से विकास हो रहा है तथा भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के आयोजन राज्य के विकास, पर्यटन संवर्धन और खेल प्रतिभाओं के उन्नयन में सहायक सिद्ध होंगे।

इस अवसर पर विधायक किशोर उपाध्याय, जिला पंचायत अध्यक्ष टिहरी सुश्री इशिता सजवान, अध्यक्ष नगर पालिका टिहरी गढ़वाल मोहन सिंह रावत, विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, एडीजी आईटीबीपी संजय गुंज्याल, आईजी नॉर्दन फ्रंटियर आईटीबीपी मनु महाराज, आईजी सीआरपीएफ दिनेश उनियाल, आईजी आईटीबीपी एकेडमी गिरीश चंद्र उपाध्याय, जिलाधिकारी टिहरी श्रीमती नीतिका खण्डेलवाल और एसएसपी श्रीमती श्वेता चौबे मौजूद थे।


14 अप्रैल को पीएम मोदी के उत्तराखंड दौरे की तैयारियां तेज, सीएम धामी ने की उच्चस्तरीय बैठक

कार्यक्रम को भव्य और जनभागीदारी से सफल बनाने के निर्देश

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में आगामी 14 अप्रैल को प्रस्तावित प्रधानमंत्री के उत्तराखण्ड आगमन एवं दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर (दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे) के शुभारम्भ कार्यक्रम की तैयारियों के संबंध में एक उच्चस्तरीय बैठक ली। मुख्यमंत्री ने इस अवसर को राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक बताते हुए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस भव्य आयोजन में समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि यह कार्यक्रम जन-उत्सव का रूप ले सके।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम की रूपरेखा को अत्यंत आकर्षक एवं सुव्यवस्थित बनाया जाए। उन्होंने विशेष रूप से सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भव्यता के साथ आयोजित करने पर बल देते हुए कहा कि उत्तराखण्ड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत—गढ़वाली, कुमाऊनी एवं जौनसारी लोकनृत्यों और संगीत की झलक इस आयोजन में भव्य रूप से दिखाई देनी चाहिए। कार्यक्रम स्थल को पारंपरिक एवं आधुनिक साज-सज्जा के समन्वय से सजाया जाए तथा कलाकारों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल एक सरकारी कार्यक्रम न होकर उत्तराखण्ड की संस्कृति, परंपरा और गौरव का प्रतीक बने।

मुख्यमंत्री धामी ने जनमानस से भी इस ऐतिहासिक अवसर में बढ़-चढ़कर सहभागिता करने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोग अपने घरों से निकलकर राष्ट्रीय ध्वज के साथ प्रधानमंत्री के रोड शो के दौरान कार्यक्रम में शामिल हों और पूरे राज्य में उत्सव जैसा माहौल बनाया जाए। साथ ही, कार्यक्रम से पूर्व प्रदेशभर में स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश देते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि, प्रशासन और आम नागरिक मिलकर इस आयोजन को स्वच्छ, सुंदर और यादगार बनाएं।

दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह परियोजना उत्तराखण्ड के विकास को नई दिशा देने वाली सिद्ध होगी। इस कॉरिडोर के माध्यम से दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी, जिससे पर्यटन को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही, प्रदेश में औद्योगिक और व्यवसायिक गतिविधियों का विस्तार होगा, जिससे युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह कॉरिडोर लॉजिस्टिक्स, परिवहन और निवेश के क्षेत्र में भी क्रांतिकारी परिवर्तन लाएगा, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय से प्रतीक्षित इस परियोजना का शुभारम्भ उत्तराखण्ड के विकास के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होगा और प्रदेश को राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा में और अधिक सशक्त बनाएगा।

बैठक में राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे, जिनमें सचिव शैलेश बगौली, कमिश्नर विनय शंकर पांडे, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून, अपर सचिव बंशीधर तिवारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी शामिल थे।


प्रधानमंत्री का दौरा “विकसित उत्तराखंड” के लक्ष्य को धरातल पर उतारेगा- महाराज

देहरादून। प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व संस्कृति, लोक निर्माण सिंचाई एवं ग्रामीण निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 14 अप्रैल के दौरे से उत्तराखंड को कई तरह के प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष लाभ होंगे। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के लोकार्पण से जहां एक ओर दिल्ली-दून की यात्रा सुगम होने के साथ-साथ मात्र 2.5 घंटे में यात्री अपने गंतव्य तक पहुंच जायेंगे वहीं दूसरी ओर राज्य के पर्यटन, व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव आएगा।

पर्यटन, धर्मस्व संस्कृति, लोक निर्माण सिंचाई एवं ग्रामीण निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आगमन उत्तराखंड के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा और उत्तराखंड “विकास मॉडल” के रूप में प्रोजेक्ट होगा। टिहरी पंप स्टोरेज प्लांट से ऊर्जा सुरक्षा, पंतनगर एयरपोर्ट विस्तार से हवाई कनेक्टिविटी और बनबसा लैंड पोर्ट से नेपाल-भारत व्यापार ये सभी परियोजनाएं “विकसित उत्तराखंड 2035” के लक्ष्य को धरातल पर उतारेंगी। देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे से चारधाम यात्रा, मसूरी, ऋषिकेश आने वाले पर्यटकों की संख्या में भी भारी इजाफा होगा।

कैबिनेट मंत्री महाराज ने कहा कि एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, पर्यटन से होटल, ट्रांसपोर्ट, लोकल व्यापार में नए अवसर बढ़ेंगे। बेहतर सड़क-हवाई संपर्क से IT, वेलनेस टूरिज्म, फिल्म शूटिंग, और सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम (MSME) सेक्टर में निवेश आएगा। हर जिले तक पर्यटक और उद्योग पहुंचेंगे तो पहाड़ से पलायन रुकेगा, स्थानीय युवाओं को यहीं रोजगार मिलेगा।

महाराज ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह दौरा सिर्फ एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि “विकसित उत्तराखंड के दशक” का शुभारंभ है। एक्सप्रेसवे से जो रफ्तार मिलेगी, वो 2026-2036 तक प्रदेश की अर्थव्यवस्था, पर्यटन और जीवन-स्तर को नई ऊंचाई देगी।


तहसील दिवस में 95 शिकायतें दर्ज, अधिकांश का मौके पर ही समाधान

जल संस्थान के जेई को सप्ताह में तीन दिन कल्जीखाल में बैठने के निर्देश

पेयजल से लेकर सड़क तक हर मुद्दे पर तुरंत कार्रवाई, त्वरित रूप से सोलर लाइट लगाने के निर्देश

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घंडियाल में सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण तथा रेबीज के टीके की उपलब्धता के निर्देश, एक्सरे सेवा होगी शुरू

दिव्यांग बालक के आधार कार्ड में आ रही दिक्कतों को लेकर ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर, स्वास्थ्य विभाग तथा समाज कल्याण विभाग को समन्वय कर पेंशन उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश

तहसील दिवस में 95 शिकायतें दर्ज, स्थायी समाधान पर फोकस, आवश्यकता होने पर जिला योजना से समस्याओं के निराकरण की तैयारी

पौड़ी। तहसील पौड़ी के ग्राम घण्डियाल में आयोजित तहसील दिवस में जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने जनसमस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के लिए सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। कुल 95 शिकायतों में से अधिकांश का मौके पर ही समाधान करते हुए उन्होंने पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य, आजीविका, वन्यजीव नियंत्रण एवं आधारभूत सुविधाओं से जुड़े मामलों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा। जिलाधिकारी ने योजनाओं की जमीनी पड़ताल के साथ आमजन से सीधा संवाद स्थापित करते हुए विभागीय समन्वय, क्षेत्रीय निरीक्षण, जवाबदेही एवं स्थायी समाधान पर विशेष बल दिया, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों तक प्रशासनिक सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित हो और आमजन को त्वरित राहत मिल सके।

जिलाधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि जनपद की सबसे बड़ी तहसील होने के कारण तहसील पौड़ी के अंतर्गत दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को प्रशासनिक सेवाओं का लाभ उनके नजदीक ही उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तहसील दिवस का आयोजन घंडियाल में किया गया। उन्होंने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य आमजन की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है, ताकि लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए तहसील मुख्यालय तक लंबी दूरी तय न करनी पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित होता है, जिससे शिकायतों का मौके पर ही समाधान संभव हो पाता है।

जिलाधिकारी द्वारा विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण करते हुए सहकारिता, परिवीक्षा, बाल विकास, उद्यान, कृषि, पशुपालन, शिक्षा, राजस्व, आयुर्वेदिक, समाज कल्याण एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी प्राप्त की गई। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों से लाभार्थियों को प्रदान की जा रही सुविधाओं के बारे में विस्तार से चर्चा करते हुए आमजन से भी संवाद स्थापित किया। कार्यक्रम के दौरान वंदना को महालक्ष्मी किट प्रदान की गई, जबकि शिवांश, इशिका एवं जयश्री को नेमप्लेट वितरित कर प्रोत्साहित किया गया।

तहसील दिवस के दौरान पेयजल से जुड़ी समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने अनीता रावत की शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करते हुए जेई को मौके जाने के निर्देश दिए। देवल गांव में क्षतिग्रस्त पेयजल पाइपलाइन एवं नलों के सुधार के लिए दीर्घकालिक समाधान हेतु इसे जिला योजना में शामिल करने तथा तब तक वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। भेडुली गांव में पेयजल आपूर्ति को सुचारु बनाने के लिए तकनीकी समस्याओं के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए गए। वहीं धारी गांव में सड़क निर्माण से प्रभावित पाइपलाइन के संबंध में संबंधित विभागों को तत्काल स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने को कहा गया।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन पाइपजल योजनाओं को जल जीवन मिशन के अंतर्गत आच्छादित नहीं किया गया है, उनका शीघ्र आकलन तैयार कर प्राथमिकता के आधार पर उन्हें उपलब्ध कराया जाए। पेयजल समस्याओं के समग्र समाधान के लिए उन्होंने अधीक्षण अभियंता जल संस्थान को अगले तीन दिन क्षेत्र का भ्रमण कर सभी समस्याओं का निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही संयुक्त मजिस्ट्रेट पौड़ी को आगामी 20 अप्रैल तक क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित कर समन्वित कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा। जिलाधिकारी ने जल संस्थान के जेई तथा एई को निर्देश दिए कि वे फोन पर प्राप्त होने वाली प्रत्येक शिकायत की गंभीरता से सुनें तथा मौके पर जाकर उसका त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति की सतत निगरानी बनाए रखने के लिए जेई को सप्ताह में तीन दिन (सोमवार, बुधवार एवं शुक्रवार) कल्जीखाल कार्यालय में अनिवार्य रूप से बैठने तथा कार्यालय के बाहर अपना संपर्क नंबर चस्पा करने के निर्देश भी दिए। ग्रामीण क्षेत्रों में पेजयल लाईनों को दुरुस्थ रखने के लिए तैनात प्लम्बरों को जिला योजना से दिए जाने वाले मानदेय में देरी की शिकायतों पर जिलाधिकारी ने जल संस्थान के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्लम्बरों को उनके कार्य का भुगतान वार्षिक के स्थान पर त्रैमासिक आधार पर किया जाए, ताकि उन्हें समय पर पारिश्रमिक मिल सके और वे बेहतर तरीके से पेयजल व्यवस्थाओं के रखरखाव एवं त्वरित मरम्मत कार्यों को सुनिश्चित कर सकें।

बेडगांव में वन्यजीवों से सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु जिलाधिकारी ने उरेडा विभाग को गांव में सोलर लाइट स्थापित करने के निर्देश दिए। कुक्कुट पालन से संबंधित प्राप्त आवेदनों पर उन्होंने मुख्य पशुचिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि इन्हें आगामी जिला योजना में शामिल कर पात्र आवेदकों को लाभान्वित किया जाए। सुतार गांव में काश्तकारों की फसलों को वन्यजीवों से बचाने के लिए खेतों की घेराबंदी हेतु सामूहिक प्रस्ताव प्राप्त कर उसे जिला योजना में सम्मिलित करने को कहा।

घंडियाल बाजार में पार्किंग की समस्या को देखते हुए जिलाधिकारी ने बाजार के आसपास विभिन्न स्थानों पर पॉकेट पार्किंग विकसित करने के लिए राजस्व कर्मियों को उपयुक्त भूमि का चिन्हीकरण करने के निर्देश दिए, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारु हो सके और आमजन को बेहतर सुविधा मिल सके। जिलाधिकारी ने सुतारगांव-ढबढेकरी मोटर मार्ग के प्रस्ताव पर शासन स्तर पर अनुश्रवण जारी रखने को कहा। साथ ही दिउसा में डामरीकरण योग्य सड़कों को जिला योजना में प्राथमिकता से शामिल करने, कल्जीखाल-ढाढूखाल मार्ग की शीघ्र मरम्मत और सूला-सुबडा मार्ग के क्षतिग्रस्त पुश्तों के सुधार हेतु त्वरित कार्रवाई पर जोर दिया गया, ताकि आवागमन सुरक्षित व सुगम हो सके।

न्याय पंचायत घंडियाल, पंचाली एवं बिलखेत में जंगली जानवरों की बढ़ती समस्या को लेकर ग्रामीणों द्वारा पिंजरे लगाए जाने की मांग पर जिलाधिकारी ने वन विभाग को तत्काल टीम भेजकर क्षेत्र में गश्त बढ़ाने तथा नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उद्यान विभाग द्वारा पौध वितरण को लेकर प्राप्त शिकायतों पर जिलाधिकारी ने संज्ञान लेते हुए निर्देश दिए कि यदि वितरित पौधे जीवित नहीं रह पा रहे हैं, तो उनकी गुणवत्ता की तत्काल जांच करायी जायेगी तथा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई अमल में लायी जायेगी। साथ ही उन्होंने उद्यान विभाग के अधिकारियों को संबंधित न्याय पंचायत में स्थलीय निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का आकलन करने के भी निर्देश दिए। साथ ही घंडियाल क्षेत्र में घेरबाड़ एवं सोलर लाइट स्थापना की मांग पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि आवश्यक परीक्षण करते हुए प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, ताकि क्षेत्र में सुरक्षा एवं सुविधाओं को मजबूत किया जा सके।

घण्डियाल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रेबीज के टीके की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु जिलाधिकारी ने एसीएमओ को निर्देश दिए कि आवश्यक दवाओं की शीघ्र आपूर्ति कराते हुए आमजन को समय पर उपचार उपलब्ध कराया जाए। सीएचसी घण्डियाल में सोलर स्ट्रीट लाइट, चिकित्सालय तक मोटर मार्ग की मरम्मत एवं भवन सुदृढ़ीकरण से संबंधित शिकायतों पर जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि सीएचसी घंडियाल सहित जनपद के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में मूलभूत सुविधिओं व भवन सुदृढ़ीकरण की आवश्यकता को लेकर यथाशीघ्र परीक्षण करवाते हुए प्रस्ताव शीघ्र उपलब्ध कराए जाएं, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाया जा सके। जिलाधिकारी ने घंडियाल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं जायजा लेते हुए चिकित्सकों से आवश्यक जानकारी प्राप्त करते हुए अवगत कराया कि एक्स-रे तकनीशियन की व्यवस्था तथा मोबाइल एक्स-रे सेवा आगामी दो दिनों में प्रारंभ कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि अस्पताल में रक्त जांच की सुविधा निरंतर संचालित है, जिससे मरीजों को समय पर जांच उपलब्ध हो रही है।

घंडियाल निवासी राजपाल सिंह द्वारा आर्थिक सहायता हेतु दिए गए आवेदन पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रकरण का परीक्षण करते हुए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से आर्थिक सहायता प्रदान किए जाने हेतु प्रस्ताव प्रेषित किया जाए। ग्राम बिलखेत के अरविंद कुमार के दिव्यांग प्रमाणपत्र बनाए जाने हेतु जिलाधिकारी ने एसीएमओ को निर्देशित किया कि लाभार्थी को अगले बुधवार को एंबुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल पौड़ी लाया जाए तथा प्राथमिकता के आधार पर दिव्यांग प्रमाणपत्र बनाकर उन्हें आवश्यक लाभ उपलब्ध कराया जाए। दिव्यांग बालक के आधार कार्ड बनाने में आ रही अड़चनों को संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने ई-डिस्ट्रक्ट मैनेजर व जिला समाज कल्याण अधिकारी को निर्देश दिये कि आपसी समन्वय से शीघ्र हीं बालक का आधार कार्ड बनाया जाए, ताकि बालक सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ ले सके। साथ ही उन्होंने कहा कि जिन लोगों के आधार कार्ड अब तक नहीं बन पाए हैं, उनके लिए इस माह सुपरवाइजर स्तर पर विशेष शिविर आयोजित किया जाए, जिसमें 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी पात्र व्यक्ति आसानी से अपना आधार कार्ड बनवा सकेंगे, जिससे उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा मिलेगी।

हॉट मिक्स प्लांट से संबंधित शिकायत पर जिलाधिकारी ने तहसीलदार को निर्देशित किया कि स्थल का निरीक्षण कर स्थिति का आकलन करें तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

तहसील दिवस में ब्लॉक प्रमुख गीता देवी, संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, पुलिस उपाधीक्षक तुषार बोरा, जिला पंचायतराज अधिकारी जितेन्द्र कुमार, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ. विशाल शर्मा, जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित दुबड़िया, जिला पूर्ति अधिकारी अरुण वर्मा, जिला आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी डॉ शैलेन्द्र पाण्डेय, जिला मत्स्य अधिकारी अभिषेक मिश्रा, एसडीओ फॉरेस्ट आईशा बिष्ट, अधिशासी अभियंता विद्युत अभिनव रावत, ग्रामीण निर्माण विभाग विनोद जोशी, सहायक अभियंता लोनिवि अंकिता सक्सेना, अर्चना कोली, पीएम स्वजल दीपक रावत, खण्ड विकास अधिकारी चन्द्रप्रकाश बलूनी सीडीपीओ आशा रावत, सामाजिक कार्यकर्ता जगमोहन डांगी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


सोमेश्वर में देव पूजन वैशी कार्यक्रम में शामिल हुईं मंत्री रेखा आर्या

अल्मोड़ा। सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम जीतब स्थित श्री हरज्यू मंदिर में आयोजित देव पूजन वैशी कार्यक्रम में प्रदेश की खेल मंत्री रेखा आर्या ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर क्षेत्रवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।

कार्यक्रम के दौरान मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रदेश सरकार विकास कार्यों के साथ-साथ धार्मिक आस्था से जुड़े स्थलों के संरक्षण और संवर्धन के लिए भी निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि मानसखंड माला योजना के अंतर्गत विभिन्न तीर्थ स्थलों का जीर्णोद्धार एवं विकास किया जा रहा है, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय लोगों को भी रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संजोना सरकार की प्राथमिकता है और इस दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

 

इस मौके पर ग्राम प्रधान विनोद बोरा, क्षेत्र पंचायत सदस्य विनोद मेहरा, मंदिर कमेटी संरक्षक नवीन चंद्र सिंह बोरा, उपाध्यक्ष मोहन नाथ, कोषाध्यक्ष हीरा सिंह बोरा, क्षेत्र पंचायत सदस्य दीवान राम, पूर्व ग्राम प्रधान दीवान राम, बृजेश जोशी, कैलाश चंद्र जोशी, प्रकाश सिंह बोरा, सहकारिता बैंक अध्यक्ष सुरेश बोरा, ललित सिंह बोरा, कमल सिंह बोरा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।


आयुष एवं आयुष शिक्षा मंत्री मदन कौशिक ने विभागीय अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक

आयुष विभाग को मजबूत बनाने पर सरकार का फोकस

देहरादून। प्रदेश के आयुष एवं आयुष शिक्षा मंत्री मदन कौशिक ने विधान सभा स्थित सभागार कक्ष में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। मंत्री ने कहा कि आयुष एवं आयुष शिक्षा विभाग राज्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण विभाग है जिसके अंतर्गत राज्य में 3 राजकीय परिषर 13 जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी सेवा कार्यालय, 21 निजी महाविद्यालय, 13 जिला होम्योपैथिक कार्यालय के साथ अन्य अनेक संस्थाएं संचालित हैं। उन्होंने कहा कि आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय को लेकर कुछ समस्याओं पर आज समीक्षा की गयी है जिसको लेकर महानिदेशक की अध्यक्षता में कमेटी का गठन कर समस्याओं का तत्काल प्रभाव से निवारण हेतु निर्देशित किया गया है। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि अन्य विभागों के साथ बैठक कर जल्द ही समस्याओं का समाधान किया जायेगा।

मंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से भी अत्यधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों में स्थित धर्मशालाओं तथा बड़े होटलों को आयुर्वेद से जोड़ने को लेकर अधिकारियों से योजना बनाने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि विभाग ऐसी नीति बनाये जिससे जनमानस को प्रभावित किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में आयुर्वेद को बड़े संसाधन के तौर पर स्थापित करना हमारा संकल्प है। मंत्री ने कहा कि आयुष विभाग ब्लॉक स्तर तथा न्याय पंचायत स्तर पर वैलनेस तथा योग एवं पंचकर्म जैसी सुविधाओं को जोड़ने हेतु अवधारणा लागू करने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं।

आयुष मंत्री ने आयुर्वेद विश्वविद्यालय द्वारा किये जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की जिसमें शिक्षा तथा शोध के कार्यों पर चर्चा की गई। मंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालय से जुड़े हुए सभी प्रकरणों की बिन्दुवार समीक्षा की जाए तथा उचित समाधान निकाला जाए। आयुर्वेद एवं यूनानी सेवा के अंतर्गत प्रदेश में लगभग 852 चिकित्सालय तथा 5491 आयुर्वेदिक डॉक्टर, 1226 होम्योपैथिक डॉक्टर, 201 यूनानी डॉक्टर, 10 सिद्ध डॉक्टर तथा 18 प्राकृतिक चिकित्सा डॉक्टर उपलब्ध हैं इसके साथ ही फार्मासिस्ट, नर्स एवं सहायक उपलब्ध हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि रिक्त पदों पर अधियाचन भेजें तथा रिक्तियों को पूर्ण करने का कार्य किया जाए।

इस अवसर पर सचिव आयुष रंजना राजगुरू, अपर सचिव/निदेशक विजय कुमार जोगदंडे तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।


बंगाल के चुनावी रण में उत्तराखंड के ‘धाकड़’ धामी की एंट्री, बनगांव में दिखा जनसैलाब

बनगांव में धुरंधर धामी का दमदार रोड शो

धामी को सुनने के लिए बनगांव में उमड़ा जनसैलाब

ममता सरकार पर साधा तीखा निशाना

सिंडिकेट के रूप में काम कर रही TMC – धामी

भाजपा आई तो भय और भ्रष्टाचार पर लगेगी लगाम!

देहरादून/बनगांव (पश्चिम बंगाल): पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मियां तेज हो चुकी हैं और इसी के साथ भाजपा ने अपने धाकड़ और धुरंधर स्टार प्रचारक, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को चुनावी मैदान में उतार दिया है। सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बनगांव पहुंचे, जहां उन्होंने बनगांव दक्षिण सीट से स्वप्न मजूमदार, बनगांव उत्तर सीट से अशोक कीर्तनिया, बगदा सीट से सोमा ठाकुर और गैघाटा सीट से सुब्रत ठाकुर के नामांकन कार्यक्रम में भाग लिया।

इससे पहले उन्होंने भव्य रोड शो और जनसभा के माध्यम से भाजपा के पक्ष में मतदान की अपील की। रोड शो और जनसभा में उमड़ी भारी भीड़ और लोगों का उत्साह इस बात का संकेत दे रहा था कि धामी की लोकप्रियता अब उत्तराखंड की सीमाओं से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुकी है। लोग उन्हें एक निर्णायक और जननेता के रूप में देख रहे हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहचान आज एक धाकड़, निर्णायक और सख्त फैसले लेने वाले नेता के रूप में स्थापित हो चुकी है। समान नागरिक संहिता लागू करने का निर्णय हो, अतिक्रमण के खिलाफ सख्त अभियान, नकल विरोधी कानून या भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई—इन फैसलों ने उन्हें एक मजबूत प्रशासक के रूप में स्थापित किया है। उत्तराखंड में लिए गए इन साहसिक निर्णयों के चलते कई लोग उन्हें एक ऐसे नेता के रूप में देखते हैं जो राज्य की सांस्कृतिक पहचान और मूल स्वरूप को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

यही कारण है कि कर्नाटक, ओडिशा, बिहार, पंजाब और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में भी चुनावों के दौरान भाजपा के स्टार प्रचारकों की सूची में मुख्यमंत्री धामी का नाम प्रमुखता से शामिल रहा है। अब पश्चिम बंगाल में भी भाजपा ने अपने इस धुरंधर प्रचारक को चुनावी रण में उतारा है, जहां उनके कार्यक्रमों में उमड़ रही भीड़ उनकी बढ़ती लोकप्रियता का संकेत मानी जा रही है।

बनगांव की जनसभा में मुख्यमंत्री धामी ने टीएमसी और ममता सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी की सरकार एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि एक “सिंडिकेट” के रूप में काम कर रही है। कट और कमीशन इस सरकार की पहचान बन चुके हैं। लोगों को डराना, धमकाना और लूटना इनकी राजनीति का हिस्सा बन गया है।

उन्होंने कहा कि देशभर में डबल इंजन सरकार विकास के नए आयाम स्थापित कर रही है और पश्चिम बंगाल में भी डबल इंजन सरकार बनने के बाद विकास, समृद्धि और सुशासन का नया दौर शुरू होगा।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि बनगांव की सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब इस बात का संकेत है कि इस बार पश्चिम बंगाल में परिवर्तन की लहर है और भारी बहुमत से कमल खिलने जा रहा है। उन्होंने जनता से भाजपा प्रत्याशियों को विजयी बनाने की अपील करते हुए कहा कि कमल खिलेगा तो समृद्धि आएगी, विकास आएगा और कानून का राज स्थापित होगा।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की छवि एक ऐसे धाकड़ और निर्णायक नेता की बन चुकी है, जो सख्त फैसले लेने से पीछे नहीं हटते—और यही उनकी सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बनकर उभर रही है। पश्चिम बंगाल में उनका यह दौरा भाजपा के चुनाव अभियान को और धार देने वाला माना जा रहा है।


जन समस्याओं का समाधान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता- मुख्यमंत्री

स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर फोकस करें- मुख्यमंत्री

विकास कार्यों में देरी पर अधिकारियों की तय होगी जिम्मेदारी

चारधाम यात्रा से पहले सभी तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश

देहरादून। राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाए। विधायकगणों द्वारा अपने क्षेत्र की जिन समस्याओं को उठाया जा रहा है, अधिकारी उन्हें गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकता के आधार पर समाधान करें। जिन योजनाओं का समाधान शीघ्र हो सकता है, यह सुनिश्चित किया जाए कि उनमें अनावश्यक विलंब न हो। कार्यों में अनावश्यक देरी करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए। विकास कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए। सभी विभाग आपसी समन्वय से जन समस्याओं का समाधान करें। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री घोषणाओं के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र थराली, कर्णप्रयाग, केदारनाथ, रुद्रप्रयाग और देवप्रयाग की समीक्षा के दौरान ये निर्देश अधिकारियों को दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जन समस्याओं का समाधान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनप्रतिनिधियों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखते हुए अधिकारी आमजन की समस्याओं का समाधान करें। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य और शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए। हेली एंबुलेंस की समय पर उपलब्धता और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किए जाएं। निर्माण से संबंधित कार्यों में यदि किसी विभाग द्वारा प्रस्ताव किसी अन्य विभाग को हस्तांतरित किया जाना है, तो उसे शीघ्र भेजा जाए। विलंब करने पर संबंधित विभागों की जिम्मेदारी तय की जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विधायकगणों द्वारा बैठक में उठाई गई समस्याओं का संबंधित विभागीय सचिव प्राथमिकता के आधार पर समाधान करें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाओं से संबंधित वन विभाग के स्तर पर लंबित प्रकरणों की अलग से समीक्षा की जाए। उन्होंने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि मानसून से पहले वर्षाकाल की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित की जाए। बाढ़ नियंत्रण से संबंधित कार्य समय पर पूर्ण किए जाएं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी चारधाम यात्रा के दृष्टिगत सभी तैयारियां समय पर पूर्ण कर ली जाएं। वाणिज्यिक सिलेंडरों के संबंध में होटल एसोसिएशन के साथ समय-समय पर बैठक कर उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए। यात्रा के लिए सभी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाया जाए।

बैठक में कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी, विधायक कर्णप्रयाग अनिल नौटियाल, विधायक थराली भूपाल राम टम्टा, केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल, देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, नितेश झा, दिलीप जावलकर, सचिन कुर्वे, रविनाथ रमन, एस.एन. पांडेय, डॉ. पंकज कुमार पांडेय, डॉ. आर. राजेश कुमार, धीराज गर्ब्याल, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं वर्चुअल माध्यम से संबंधित जिलाधिकारी उपस्थित थे।


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