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जिला प्रशासन सख्त- अल्ट्रासाउंड व समस्त रेडियो डायग्नोस्टिक सेंटर संचालन के कडे मानक तय

Category Archives: राष्ट्रीय

जिला प्रशासन सख्त- अल्ट्रासाउंड व समस्त रेडियो डायग्नोस्टिक सेंटर संचालन के कडे मानक तय

पंजीकरण और नवीनीकरण के लिए प्रशासन ने तय किए कड़े नियम

देहरादून। जिला प्रशासन ने जनपद में संचालित और प्रस्तावित अल्ट्रासाउंड व रेडियो डायग्नोस्टिक सेंटरों के पंजीकरण और नवीनीकरण को लेकर सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निर्धारित मानकों का पालन किए बिना किसी भी डायग्नोस्टिक सेंटर को संचालित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

प्रशासन की ओर से पिछले छह माह से लगातार कार्रवाई करते हुए नए केंद्रों का पंजीकरण और पुराने केंद्रों का नवीनीकरण केवल तय मानकों के अनुरूप ही किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और आमजन की सुरक्षा को प्राथमिकता देना है।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि सभी अस्पतालों, अल्ट्रासाउंड और रेडियो डायग्नोस्टिक सेंटरों को क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट 2010 के प्रावधानों का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा। साथ ही बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट नियमों के तहत कचरे के सुरक्षित निस्तारण की व्यवस्था भी सुनिश्चित करनी होगी। अल्ट्रासाउंड सेवाएं देने वाले केंद्रों के लिए पीसीपीएनडीटी अधिनियम का पालन करना भी जरूरी किया गया है।

पंजीकरण और नवीनीकरण प्रक्रिया के दौरान स्वच्छता, भवन सुरक्षा, अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र, बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण की वैध व्यवस्था, सीवेज ट्रीटमेंट सिस्टम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एनओसी जैसे सभी मानकों की गहन जांच की जाएगी।

प्रशासन ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि केवल उन्हीं केंद्रों को अनुमति दी जाए जो सभी मानकों पर खरे उतरते हों। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने दोहराया है कि जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।


पूर्व सैनिकों को मिला तोहफा, सीएम ने किया सीएसडी कैंटीन व सैनिक मिलन केन्द्र का लोकार्पण

मुख्यमंत्री का रोड शो में जनता व जनप्रतिनिधियों ने पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया

खटीमा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को खटीमा के खेतलसंडा स्थित सीएसडी कैंटीन में सेवा संकल्प धारिणी फाउंडेशन द्वारा स्व. सूबेदार शेर सिंह धामी की छठी पुण्यतिथि पर आयोजित गौरव सैनिक सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने 715.51 लाख रुपये की लागत से निर्मित सीएसडी कैंटीन एवं 162.26 लाख रुपये से निर्मित सैनिक मिलन केन्द्र का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान अपने पिता स्व. सूबेदार शेर सिंह धामी के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए तथा शहीदों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। उन्होंने शहीदों के परिजनों एवं वीर नारियों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित भी किया। इस अवसर पर उन्होंने 60 वीर नारियों एवं 80 वीर योद्धाओं को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह उनके लिए अत्यंत भावुक क्षण है, क्योंकि यह आयोजन उनके पिताजी की पुण्य स्मृति में आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि 6 वर्ष पूर्व का यह दिन उनके जीवन का सबसे दुखद दिन था, जब उन्होंने अपने पिता को खो दिया। उन्होंने बताया कि उनके पिताजी के विचार, सिद्धांत और संघर्षपूर्ण जीवन आज भी उन्हें प्रेरित करते हैं और हर कदम पर मार्गदर्शन देते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके पिताजी अपनी वर्दी को अत्यंत सम्मान और सलीके से रखते थे। उनसे उन्हें यह सीख मिली कि एक सैनिक के लिए उसकी वर्दी ही उसका सम्मान और जिम्मेदारी होती है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पिताजी ने उन्हें सिखाया कि राजनीति पद प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि जनसेवा का मार्ग है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके पिताजी ने 28 वर्षों तक महार रेजिमेंट में सेवा देते हुए 1962 के भारत-चीन युद्ध, 1965 व 1971 के भारत-पाक युद्ध तथा ऑपरेशन ब्लूस्टार और ऑपरेशन रक्षक जैसे महत्वपूर्ण अभियानों में योगदान दिया। उन्होंने कहा कि बचपन में वे अपने पिताजी से वीर सैनिकों की कहानियां सुनते थे, जिनसे उन्हें देशभक्ति और बलिदान की प्रेरणा मिली। उन्होंने कहा कि भले ही वे स्वयं सेना में नहीं हैं, लेकिन सैनिकों को अपना आदर्श मानते हुए राष्ट्र सेवा के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के रक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। आज भारत रक्षा उत्पादन और निर्यात के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014-15 में देश का रक्षा उत्पादन लगभग 46 हजार करोड़ रुपये था, जो बढ़कर 2024-25 में 1.54 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। वहीं रक्षा निर्यात भी बढ़कर 38 हजार करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने कहा कि आज भारत 80 से अधिक देशों को रक्षा सामग्री उपलब्ध करा रहा है, जो देश की बढ़ती सामरिक शक्ति का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों, शहीदों और उनके परिजनों के कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। शहीदों के परिजनों को मिलने वाली अनुग्रह राशि में वृद्धि की गई है तथा आश्रितों को सरकारी नौकरी दी जा रही है। इसके साथ ही वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता में भी उल्लेखनीय वृद्धि की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि परमवीर चक्र से सम्मानित सैनिकों को दी जाने वाली राशि को 50 लाख रुपये से बढ़ाकर डेढ़ करोड़ रुपये किया गया है। इसके अतिरिक्त देहरादून में भव्य सैन्य धाम का निर्माण किया जा रहा है, जिससे आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति की प्रेरणा मिलेगी। राज्य सरकार द्वारा बलिदानियों के परिवारों को सरकारी नौकरी के लिए आवेदन अवधि 2 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष कर दी गई है।

कार्यक्रम में सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने भी अपने संबोधन में कहा कि सैनिकों का सम्मान करना हम सभी के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है और भविष्य में भी इस दिशा में और प्रयास किए जाएंगे।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की माताजी श्रीमती विशना देवी, एवं मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती गीता पुष्कर धामी भी मौजूद थे।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, राम सिंह कैड़ा, अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी उपस्थित थे।


विवाह समारोहों में गैस सिलेंडर आपूर्ति के लिए एसओपी लागू, अधिकतम दो सिलेंडर की अनुमति

पौड़ी।  विवाह समारोहों में गैस सिलेंडरों के सुचारु, पारदर्शी एवं नियंत्रित वितरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू की गयी है। इसके अंतर्गत यह निर्धारित किया गया है कि किसी भी विवाह समारोह के लिए अधिकतम 02 व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति ही अनुमन्य होगी।

जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि इच्छुक आवेदनकर्ता को संबंधित क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी/पूर्ति निरीक्षक कार्यालय, उपजिलाधिकारी कार्यालय अथवा गोदाम में आवेदन प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। आवेदन के साथ 10 रुपये के स्टाम्प पर शपथ पत्र, विवाह कार्ड एवं आधार कार्ड की प्रति संलग्न करनी होगी। शपथ पत्र उपलब्ध न होने की स्थिति में संबंधित अधिकारी द्वारा आवेदन स्वीकार कर सत्यापन किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि प्राप्त आवेदन के आधार पर क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी/पूर्ति निरीक्षक द्वारा अस्थायी कनेक्शन जारी करने हेतु संबंधित गैस एजेंसी को संस्तुति प्रेषित की जाएगी। इसके पश्चात गैस एजेंसी द्वारा आवश्यक अभिलेख प्राप्त कर आवेदनकर्ता को अस्थायी कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा तथा एसओपी के अनुरूप व्यावसायिक गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे। इस संबंध में संबंधित अधिकारी को अवगत कराना एवं अभिलेखों का पृथक एवं विस्तृत विवरण संधारित करना भी अनिवार्य होगा।

उन्होंने यह भी बताया कि विवाह समारोह के अगले दिन आवेदक द्वारा उपलब्ध कराए गए गैस सिलेंडरों को संबंधित गैस एजेंसी में वापस जमा कराना अनिवार्य होगा, जिसकी सूचना गैस एजेंसी द्वारा संबंधित क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी/पूर्ति निरीक्षक को उपलब्ध कराई जाएगी।

उन्होंने समस्त क्षेत्रीय खाद्य अधिकारियों, पूर्ति निरीक्षकों एवं गैस एजेंसियों के प्रबंधकों को निर्देशित किया है कि शासन द्वारा जारी एसओपी एवं कार्यालय आदेशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें, ताकि आमजन को पारदर्शी एवं व्यवस्थित ढंग से सेवाएं उपलब्ध करायी जा सकें।


विजिलेंस की भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, दो रिश्वतखोर कर्मचारी गिरफ्तार

अल्मोड़ा/किच्छा। उत्तराखंड में सतर्कता अधिष्ठान की टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों में सरकारी कर्मचारियों को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। अल्मोड़ा और किच्छा में हुई इन ट्रैप कार्रवाइयों से सरकारी विभागों में हड़कंप मच गया है।

लमगड़ा ब्लॉक में लेखाकार 15 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार

अल्मोड़ा के विकास खंड लमगड़ा में तैनात लेखाकार हर सिंह बिष्ट उर्फ हरीश सिंह बिष्ट को सतर्कता अधिष्ठान हल्द्वानी की ट्रैप टीम ने 8 अप्रैल 2026 को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। अभियुक्त द्वारा शिकायतकर्ता से 3 लाख रुपये के शौचालय निर्माण कार्य की एफडीआर रिलीज कराने के एवज में 15 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी। टीम ने ब्लॉक कार्यालय लमगड़ा में कार्रवाई करते हुए उसे रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया।

किच्छा में उद्यान निरीक्षक 12 हजार लेते दबोचा

दूसरे मामले में उद्यान विभाग के ज्येष्ठ उद्यान निरीक्षक बादल पाण्डे को 9 अप्रैल 2026 को किच्छा स्थित उद्यान सचल दल केंद्र से ट्रैप टीम ने गिरफ्तार किया।
आरोप है कि आम के 16 पेड़ों को काटने की अनुमति देने के बदले 12 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी। शिकायत सत्य पाए जाने पर सतर्कता टीम ने जाल बिछाकर आरोपी को रंगे हाथों पकड़ लिया।


चारधाम यात्रा से पहले आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर टेबल टॉप एक्सरसाइज आयोजित

चारधाम यात्रा केवल उत्तराखण्ड राज्य ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण आयोजन है– कृष्णा एस वत्स

देहरादून। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण तथा उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में चारधाम यात्रा के दौरान संभावित आकस्मिकताओं एवं आपदा की स्थिति में प्रभावी रूप से निपटने हेतु एक विस्तृत टेबल टाॅप एक्सरसाइज का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर एनडीएमए के सदस्य एवं विभागाध्यक्ष कृष्णा एस वत्स ने टेबल टाॅप एक्सरसाइज की अध्यक्षता करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा केवल उत्तराखण्ड राज्य ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण आयोजन है। गृह मंत्रालय एवं भारत सरकार का विशेष फोकस इस यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं निर्विघ्न रूप से संपन्न कराना है, जिसके लिए एनडीएमए द्वारा राज्य को हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।

उन्होंने चारधाम यात्रा के सफल संचालन हेतु राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यात्रा मार्गों पर जोखिम आकलन को और अधिक बहुआयामी बनाया जाना चाहिए। इसके अंतर्गत रूट स्पेसिफिक रिस्क मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए तथा संभावित खतरों के दृष्टिगत एंटीसिपेटरी एक्शन (पूर्वानुमान आधारित कार्यवाही) को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सभी धामों की कैरिंग कैपेसिटी का समुचित ध्यान रखा जाए तथा माइक्रो लेवल पर विस्तृत रिस्क असेसमेंट किया जाए। संवेदनशील एवं जोखिमयुक्त स्थानों (हॉटस्पॉट्स) की पहचान कर वहां के लिए विशेष एवं ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। साथ ही यात्रियों तक समयबद्ध एवं प्रभावी एलर्ट पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए, ताकि वे स्वयं भी आवश्यक सुरक्षात्मक कदम उठा सकें।

वत्स ने इम्पैक्ट बेस्ड फोरकास्टिंग को अपनाने पर विशेष बल दिया तथा कहा कि इससे संभावित आपदाओं के प्रभाव का बेहतर पूर्वानुमान लगाया जा सकेगा। उन्होंने क्राउड एवं ट्रैफिक मैनेजमेंट को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए इसके लिए रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर बल देते हुए उन्होंने मोबाइल हेल्थ यूनिट्स की संख्या बढ़ाने को कहा। साथ ही हेली सेवाओं की सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी बरतने तथा सभी हेलीकॉप्टर सेवा प्रदाताओं द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जिससे किसी भी प्रकार की हेली दुर्घटना को रोका जा सके।

इस अवसर पर सचिव, एनडीएमए एवं वरिष्ठ आईएएस अधिकारी भारत सरकार मनीष भारद्वाज ने कहा कि चारधाम यात्रा के प्रबंधन एवं संचालन में उत्तराखण्ड राज्य ने एक बैंचमार्क स्थापित किया है। उन्होंने यात्रा को लेकर राज्य सरकार द्वारा अपनाए जा रहे दृष्टिकोण की सराहना करते हुए कहा कि विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों से ही इस प्रकार की बड़ी व्यवस्थाएं सफलतापूर्वक संचालित की जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान आपदा प्रबंधन के दृष्टिकोण से शून्य मृत्यु के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सभी व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि यात्रियों के मोबाइल फोन में सचेत एप को अनिवार्य रूप से डाउनलोड कराया जाए, ताकि समय पर चेतावनी एवं अलर्ट संदेश प्राप्त हो सकें और किसी भी संभावित जोखिम से बचाव सुनिश्चित किया जा सके।

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए राज्य सरकार तथा यूएसडीएमए द्वारा चारधाम यात्रा को लेकर की गई तैयारियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने एनडीएमए का माॅक अभ्यास कराने के लिए आभार भी जताया। इस अवसर पर एडवाइजर आपरेशन, एनडीएमए, कर्नल कीर्ति प्रताप सिंह, ज्वाइंट एडवाइजर आपरेशंस, ले. कर्नल एसके शाही, लीड कंसलटेंट मेजर जनरल सुधीर कुमार बहल, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन महावीर सिंह चैहान, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओबैदुल्लाह अंसारी, कमाण्डेंट एनडीआरएफ संतोष कुमार आदि मौजूद रहे।

आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में स्टार्टअप्स को मौका दें

कृष्णा वत्स ने छोटे शहरों एवं प्रमुख पड़ाव स्थलों पर भी इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया, जिससे आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके। साथ ही उन्होंने आपदा प्रबंधन में आधुनिक तकनीकों, विशेषकर एआई/एमएल के अधिकाधिक उपयोग को प्रोत्साहित करने की बात कही तथा इस क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए स्टार्टअप्स को अवसर देने का सुझाव दिया। संचार व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने हेतु उन्होंने कम्युनिकेशन ऑन व्हील्स जैसी मोबाइल संचार तकनीकों के उपयोग पर विशेष जोर दिया, जिससे दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों में भी निर्बाध संचार सुनिश्चित किया जा सके।

तैयारियों को परखने का माध्यम है माॅक अभ्यास

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने कहा कि चारधाम यात्रा के दृष्टिगत आयोजित यह माॅक अभ्यास हमारी तैयारियों को परखने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। निरंतर माॅक ड्रिल्स एवं टेबल टाॅप एक्सरसाइज के माध्यम से हम अपनी संस्थागत एवं फील्ड स्तर की क्षमताओं को सुदृढ़ कर रहे हैं। विगत वर्षों में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मार्गदर्शन में आयोजित इन अभ्यासों से हमें वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप अपनी रणनीतियों को बेहतर बनाने का अवसर मिला है। इनसे विभिन्न विभागों के बीच समन्वयए त्वरित निर्णय क्षमता एवं संसाधनों के प्रभावी उपयोग में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। हमारा प्रयास है कि चारधाम यात्रा को पूर्णतः सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं निर्विघ्न बनाया जाए। इसके लिए माइक्रो लेवल पर तैयारी, जोखिमों की पूर्व पहचान एवं समयबद्ध प्रतिक्रिया अत्यंत आवश्यक है, जिसमें ऐसे अभ्यास महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

काल्पनिक परिदृश्यों से परखी तैयारियां

टेबल टाॅप एक्सरसाइज के दौरान लीड कंसलटेंट मेजर जनरल सुधीर बहल एवं अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (क्रियान्वयन) डीआईजी राजकुमार नेगी द्वारा जनपदों की चारधाम यात्रा को लेकर तैयारियों को काल्पनिक आपदा परिदृश्यों के आधार पर परखा गया। इस दौरान यह आकलन किया गया कि सूचना प्राप्त होते ही प्रथम प्रतिक्रिया कितनी शीघ्र एवं प्रभावी ढंग से दी गई तथा उपलब्ध संसाधनों का प्रबंधन किस प्रकार किया गया। अभ्यास के दौरान विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय, कमांड एवं कंट्रोल सिस्टम की प्रभावशीलता, संचार तंत्र की सक्रियता तथा सूचना के आदान-प्रदान की गति पर विशेष ध्यान दिया गया। यह भी परखा गया कि आपदा की स्थिति में जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य, परिवहन एवं अन्य रेखीय विभाग किस प्रकार एकीकृत रूप से कार्य करते हैं और आपसी तालमेल के माध्यम से राहत एवं बचाव कार्यों को किस स्तर तक प्रभावी बनाते हैं।


मिशन मोड में मातृ मृत्यु दर घटाने की पहल, संस्थागत प्रसव और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष जोर

सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सचिन कुर्वे का फोकस- हर गर्भवती महिला तक समय पर पहुंचे स्वास्थ्य सेवाएं

देहरादून। उत्तराखंड सरकार मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार के लिए मिशन मोड में कार्य कर रही है। इसी क्रम में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा राज्य में मातृ मृत्यु दर (MMR) को कम करने के उद्देश्य से व्यापक रणनीति के तहत लगातार समीक्षा और सख्त मॉनिटरिंग की जा रही है। सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सचिन कुर्वे द्वारा बीते एक सप्ताह से राज्य के सभी जनपदों की गहन समीक्षा की जा रही है ताकि जमीनी स्तर तक स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित की जा सके।

जमीनी स्तर की समीक्षा से तैयार हो रही रणनीति

सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सचिन कुर्वे की अध्यक्षता में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में पहली बार फील्ड स्तर की वास्तविक स्थिति जानने के लिए एएनएम को भी जोड़ा गया। बैठक में विशेष रूप से हरिद्वार और पौड़ी जनपद की एएनएम ने सहभागिता कर जमीनी अनुभव साझा किए और ग्रामीण क्षेत्रों में आने वाली चुनौतियों की जानकारी दी।

बैठक के दौरान सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सचिन कुर्वे ने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार सतत विकास लक्ष्यों (SDG) के अनुरूप मातृ मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी लाने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। इसके लिए संस्थागत प्रसव को मजबूत बनाना, गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण एएनसी सेवाएं उपलब्ध कराना तथा प्रत्येक गर्भवती महिला तक समय पर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

शून्य होम डिलीवरी का लक्ष्य

समीक्षा बैठक में मातृ स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ टीबी उन्मूलन कार्यक्रम और PCPNDT अधिनियम के क्रियान्वयन की भी विस्तृत समीक्षा की गई। सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सचिन कुर्वे ने स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य में शून्य होम डिलीवरी और शून्य रोकी जा सकने वाली मातृ मृत्यु सुनिश्चित करने के लिए सभी जिलों को मिशन मोड में कार्य करना होगा। उन्होंने निर्देशित किया कि जिन क्षेत्रों में घरों पर प्रसव की घटनाएं अधिक हैं, वहां जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और उप जिलाधिकारी स्तर पर विशेष अभियान चलाया जाए। साथ ही मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को स्वयं फील्ड विजिट कर एएनएम, आशा कार्यकर्ताओं, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वित बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए गए।

गर्भवती महिलाओं की सटीक ट्रैकिंग पर जोर

बैठक में निर्देश दिए गए कि प्रत्येक गर्भवती महिला की सटीक लाइन लिस्टिंग और EDD आधारित ट्रैकिंग अनिवार्य रूप से की जाए। इसके साथ ही समयबद्ध कॉलिंग और फॉलो-अप के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी महिला स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रह जाए। सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सचिन कुर्वे ने 102 और 108 एम्बुलेंस सेवाओं के साथ विभागीय वाहनों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं के लिए निःशुल्क और समयबद्ध पिकअप एवं ड्रॉप सुविधा को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए।

ANC जांच और आवश्यक परीक्षण अनिवार्य

समीक्षा के दौरान सभी गर्भवती महिलाओं का शीघ्र पंजीकरण सुनिश्चित करने और कम से कम चार एएनसी जांच कराने पर विशेष जोर दिया गया। इसके साथ ही आवश्यक लैब परीक्षण और अल्ट्रासाउंड अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश दिए गए।

सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सचिन कुर्वे ने कहा कि गर्भवती महिलाओं की 100 प्रतिशत HBsAg जांच सुनिश्चित की जाए तथा पॉजिटिव मामलों में HBIG की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाए। उच्च जोखिम गर्भावस्थाओं की पहचान कर विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा उनकी नियमित निगरानी की व्यवस्था की जाएगी।

एनीमिया नियंत्रण के लिए विशेष अभियान

बैठक में एनीमिया नियंत्रण को भी मातृ स्वास्थ्य सुधार का महत्वपूर्ण घटक बताया गया। सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सचिन कुर्वे ने निर्देश दिए कि गर्भवती महिलाओं की नियमित ट्रैकिंग, समयबद्ध फॉलो-अप और आवश्यक उपचार सुनिश्चित किया जाए।

मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि गंभीर एनीमिया के मामलों की विशेष निगरानी करते हुए तत्काल चिकित्सकीय हस्तक्षेप किया जाए, ताकि मातृ मृत्यु के जोखिम को कम किया जा सके।

जन-जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी पर बल

सामुदायिक स्तर पर व्यवहार परिवर्तन को बढ़ावा देने के लिए व्यापक IEC और IPC गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए। आशा कार्यकर्ताओं को प्रत्येक माह प्रजनन आयु वर्ग की महिलाओं के साथ संवाद स्थापित करने और संस्थागत प्रसव के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए कहा गया।

टीबी उन्मूलन अभियान की समीक्षा

बैठक में टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की भी समीक्षा की गई। सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सचिन कुर्वे ने निर्देश दिए कि 100 दिवसीय अभियान के अंतर्गत राज्य के सभी हाई-रिस्क 4216 ग्रामों को अनिवार्य रूप से कवर किया जाए। उन्होंने कहा कि आयुष्मान आरोग्य शिविरों में जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करते हुए अधिकतम टीबी स्क्रीनिंग की जाए तथा प्रत्येक चिकित्सालय की कुल ओपीडी का कम से कम 10 प्रतिशत टीबी स्क्रीनिंग के लिए रेफर किया जाए।

PCPNDT अधिनियम के सख्त अनुपालन के निर्देश

सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सचिन कुर्वे ने PCPNDT अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए भी सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जनपद में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में न्यूनतम छह अनिवार्य बैठकें आयोजित की जाएं तथा प्रत्येक 90 दिनों में सरकारी और निजी स्वास्थ्य संस्थानों का नियमित निरीक्षण किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि लिंग निर्धारण से संबंधित अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए डिकॉय ऑपरेशन चलाए जाएं और सूचना देने वाले व्यक्तियों को प्रोत्साहित तथा सम्मानित किया जाए।

वार रूम से हो रही रियल टाइम मॉनिटरिंग

राज्य स्तर पर स्थापित मातृ स्वास्थ्य वार रूम के माध्यम से प्रत्येक गर्भवती महिला विशेषकर उच्च जोखिम मामलों की रियल टाइम निगरानी की जा रही है। इस व्यवस्था के माध्यम से केस आधारित ट्रैकिंग, त्वरित निर्णय और समयबद्ध हस्तक्षेप सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे मातृ मृत्यु दर में कमी लाने की दिशा में प्रभावी प्रगति हो रही है।

समयबद्ध और परिणामोन्मुख कार्ययोजना पर जोर

बैठक के अंत में सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सचिन कुर्वे ने स्पष्ट कहा कि राज्य में कोई भी गर्भवती महिला एएनसी सेवाओं, आवश्यक परीक्षणों और संस्थागत प्रसव से वंचित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अनावश्यक होम डिलीवरी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी और सभी जनपदों को समयबद्ध तथा परिणामोन्मुख कार्ययोजना बनाकर तत्काल प्रभाव से क्रियान्वयन सुनिश्चित करना होगा।

सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सचिन कुर्वे ने कहा कि उत्तराखंड सरकार मातृ स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गर्भवती महिला तक समय पर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना और सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लिए संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने, समय पर जांच और उच्च जोखिम मामलों की पहचान कर विशेषज्ञ निगरानी सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो उसके प्रति शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

बैठक में निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. रश्मि पंत, सहायक निदेशक डॉ. अमलेश, सहायक निदेशक डॉ. उमा रावत, संबंधित जनपदों के मुख्य चिकित्सा अधिकारी सहित डॉ. नितिन अरोड़ा (सीनियर कंसल्टेंट) भी उपस्थित रहे।


मंत्री रेखा आर्या ने जन मिलन कार्यक्रम में सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं

सड़क, राशन कार्ड और आर्थिक सहायता की मांगों पर मंत्री ने दिया त्वरित समाधान का आश्वासन

अल्मोड़ा। सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र के गांव कंडोलिया मनान स्थित देवी मंदिर में आयोजित जन मिलन कार्यक्रम में प्रदेश की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने प्रतिभाग कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं।

इस दौरान ग्रामीणों ने सड़क निर्माण, राशन कार्ड में नाम जोड़ने और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को सहायता दिलाने जैसी प्रमुख मांगें मंत्री के समक्ष रखीं। मंत्री रेखा आर्या ने कई समस्याओं का मौके पर ही समाधान करते हुए शेष लंबित मामलों को शीघ्र निस्तारित करने का आश्वासन दिया।

कार्यक्रम में मंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि ग्रामवासियों की भावना के अनुरूप सड़क निर्माण एवं अन्य विकास कार्यों के लिए विधायक निधि से 13.50 लाख रुपये प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के समग्र विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान प्राथमिकता है।

इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष सुंदर राणा, विधायक प्रतिनिधि भुवन जोशी, ग्राम प्रधान मनोज कुमार, क्षेत्र पंचायत सदस्य संजय राम, मंडल महामंत्री कृष्णा भंडारी, पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख गोपाल खोलिया, महेश पांडे, प्रकाश पांडे, दीपक कुमार, अशोक कुमार, पंकज बरेली, दीवान, भूपाल मेहरा, कुंदन गिरी, श्याम सिंह रौतेला, प्रकाश नेगी, हिमांशु कोहली, प्रकाश बिष्ट, नवीन उप्रेती, भागवत राम, रमेश पांडे सहित अनेक लोग मौजूद रहे।


श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के 100 करोड़ से अधिक बकाया का भुगतान जल्द: समाज कल्याण मंत्री

कैबिनेट मंत्री खजान दास ने श्री दरबार साहिब में टेका मत्था

मंत्री ने दिया भरोसा, श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के सहयोग की सराहना, सरकार ने हरसंभव मदद का दिया आश्वासन

 श्री दरबार साहिब द्वारा राजपुर स्थित माँ अम्बिका देवी मंदिर के भव्य जीर्णोद्धार कार्य की खुलकर सराहना की

श्री दरबार साहिब के सज्जादे गद्दी नशीन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज से लिया आशीर्वाद, शिष्टाचार भेंट की

देहरादून। राज्य सरकार जल्द ही विभिन्न अनुबंधित स्वास्थ्य योजनाओं की 100 करोड़ रुपये से अधिक की बकाया राशि का भुगतान श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल को करेगी। समाज कल्याण मंत्री खजान दास ने श्री दरबार साहिब में दर्शन के दौरान कहा कि जहां अन्य अस्पतालों ने आयुष्मान, गोल्डन कार्ड और ईएसआई योजनाएं बंद कर दीं, वहीं श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल ने निरंतर सेवाएं जारी रखकर सरकार का हमेशा सहयोग किया, जिसके चलते सरकार भी श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल को हरसंभव सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने श्री दरबार साहिब द्वारा राजपुर स्थित माँ अम्बिका देवी मंदिर के भव्य जीर्णोद्धार कार्य की खुलकर सराहना करते हुए इसकी प्रशंसा की।

समाज कल्याण मंत्री खजान दास ने बुधवार को श्री दरबार साहिब पहुंचकर मत्था टेका और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान उन्होंने श्री दरबार साहिब के सज्जादे गद्दी नशीन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज से शिष्टाचार भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया। भेंट के दौरान दोनों के बीच प्रदेश के समसामयिक विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई, जिसमें विशेष रूप से पर्यावरण संरक्षण, जनस्वास्थ्य सेवाएं और सामाजिक कल्याण से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।

श्री दरबार साहिब की परंपरा के अनुसार कैबिनेट मंत्री का भव्य स्वागत किया गया। खजान दास ने श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल द्वारा प्रदान की जा रही उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान आमजन को सुलभ और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। वहीं, श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय द्वारा उच्च शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों की जानकारी साझा की। कैबिनेट मंत्री बनने के बाद यह खजान दास का श्री दरबार साहिब का पहला दौरा रहा।

समाज कल्याण मंत्री खजान दास ने इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि समाज कल्याण विभाग द्वारा वृद्धजन, दिव्यांगजन, महिलाओं एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए चलाई जा रही योजनाएं दीर्घकालिक लाभ प्रदान कर रही हैं और आमजन के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।


मसूरी को मिलेगी ‘हरित’ सौगात, 15.5 एकड़ में बनेगा प्रकृति उद्यान

पर्यटन विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा नया आयाम- बंशीधर तिवारी

देहरादून- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में पर्यटन नगरी मसूरी को पर्यावरणीय दृष्टि से और अधिक समृद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई है। मसूरी- देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा मसूरी के हुसैनगंज क्षेत्र में लगभग 15.5 एकड़ भूमि पर अत्याधुनिक प्रकृति उद्यान (ईको पार्क) का निर्माण किया जाएगा। यह परियोजना पर्यटन विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता देने वाली एक महत्वपूर्ण योजना मानी जा रही है।

मसूरी लंबे समय से उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल रही है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में पर्यटन के बढ़ते दबाव के बीच प्राकृतिक संतुलन बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए एमडीडीए ने यह पहल की है, ताकि मसूरी को एक पर्यावरण-अनुकूल और संतुलित पर्यटन मॉडल के रूप में विकसित किया जा सके।

प्रकृति के बीच आधुनिक सुविधाओं वाला उद्यान

प्रस्तावित प्रकृति उद्यान को पूरी तरह पर्यावरण-अनुकूल अवधारणा पर विकसित किया जाएगा। इसकी रूपरेखा इस प्रकार तैयार की गई है कि पहाड़ी क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और हरियाली को किसी प्रकार की क्षति न पहुंचे। उद्यान में कृत्रिम पहाड़ी जलाशय, घने पेड़ों के बीच से गुजरने वाले वन पथ, बच्चों के लिए आकर्षक बाल उद्यान तथा युवाओं के लिए साहसिक गतिविधियों वाला क्षेत्र विकसित किया जाएगा। इससे यह स्थान परिवारों, बच्चों और युवाओं के लिए एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र बनेगा।
इस परियोजना का उद्देश्य केवल मनोरंजन स्थल तैयार करना नहीं है, बल्कि लोगों को प्रकृति के करीब लाने और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का भी है। ऐसे प्रकृति उद्यान पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के महत्व को समझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

जैव विविधता को मिलेगा बढ़ावा

प्रकृति उद्यान में विभिन्न प्रजातियों के स्थानीय पेड़ों और पौधों का व्यापक रोपण किया जाएगा। इससे क्षेत्र में हरियाली बढ़ेगी और जैव विविधता को भी मजबूती मिलेगी। पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के हरित क्षेत्र न केवल प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में सहायक होते हैं, बल्कि स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण भी प्रदान करते हैं। इसके अलावा उद्यान में आगंतुकों के लिए आरामदायक बैठने की व्यवस्था, आकर्षक मंडप (गज़ीबो), योग पथ और भोजनालय जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इन व्यवस्थाओं से पर्यटक प्राकृतिक वातावरण में समय बिताने के साथ-साथ स्वास्थ्य और मनोरंजन से जुड़ी गतिविधियों का आनंद ले सकेंगे।

संस्कृति और प्रकृति से परिचित कराएगा संग्रहालय

परियोजना के अंतर्गत एक छोटा संग्रहालय भी स्थापित किया जाएगा। इसमें मसूरी और आसपास के क्षेत्रों की सांस्कृतिक विरासत, स्थानीय परंपराओं और जैव विविधता से जुड़ी जानकारियां प्रदर्शित की जाएंगी। इससे आने वाले पर्यटक न केवल प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेंगे, बल्कि इस क्षेत्र के इतिहास और पर्यावरणीय महत्व को भी समझ सकेंगे। यह पहल मसूरी को पर्यटन मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाने में भी सहायक साबित हो सकती है।

निर्माण में रखा जाएगा पर्यावरण संतुलन का ध्यान

प्रकृति उद्यान के निर्माण के दौरान पर्यावरण संतुलन बनाए रखने पर विशेष जोर दिया जाएगा। परियोजना में न्यूनतम कंक्रीट का उपयोग किया जाएगा तथा अधिकतम स्थानीय सामग्री को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे एक ओर पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को कम किया जा सकेगा, वहीं स्थानीय संसाधनों के उपयोग से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। यह उद्यान न केवल पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा, बल्कि स्थानीय निवासियों के लिए भी एक सुंदर सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित होगा, जहां वे प्रकृति के बीच सुकून के क्षण बिता सकेंगे।

मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में आगे बढ़ रही योजना: बंशीधर तिवारी

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में मसूरी को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हुसैनगंज में बनने वाला यह प्रकृति उद्यान मसूरी के पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। इस परियोजना में प्रकृति के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और स्थानीय वनस्पतियों तथा प्राकृतिक ढलानों को सुरक्षित रखते हुए सुविधाएं विकसित की जाएंगी। उनका कहना है कि यह उद्यान आने वाले समय में मसूरी के पर्यटकों के लिए एक नया आकर्षण बनेगा और स्थानीय लोगों को भी प्रकृति के बीच समय बिताने के लिए एक सुंदर एवं स्वच्छ सार्वजनिक स्थल उपलब्ध कराएगा।

विकास और संरक्षण के बीच संतुलन: मोहन सिंह बर्निया

एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि प्रकृति उद्यान की पूरी योजना पर्यावरणीय मानकों को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि परियोजना का उद्देश्य विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करना है। उद्यान के डिजाइन में प्राकृतिक ढलानों, हरियाली और स्थानीय संसाधनों को सुरक्षित रखने का विशेष ध्यान रखा गया है। उनका कहना है कि इस परियोजना के पूरा होने से मसूरी में पर्यावरण- अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और यह स्थान भविष्य में पर्यटकों के लिए एक महत्वपूर्ण आकर्षण का केंद्र बनेगा।


उत्तराखण्ड STF साइबर क्राइम का शिकंजा अब जम्मू-कश्मीर तक

श्रीनगर (बडगाम) से साइबर ठगी करने वाले दो शातिर अभियुक्त गिरफ्तार डिजिटल अरेस्ट और बैंक खातों के जरिए देशभर में ठगी करने वाला संगठित गिरोह बेनकाब, कई राज्यों में दर्ज शिकायतों के बाद पुलिस ने चलाया विशेष ऑपरेशन ।

  • उत्तराखण्ड STF की बड़ी कार्रवाई, श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर) से साइबर ठगी गिरोह के दो शातिर गिरफ्तार ।
  • गिरफ्तारी के दौरान स्थानीय भीड़ द्वारा थाना से न्यायालय तक दबाव बनाने का प्रयास, चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में टीम ने सफल कार्रवाई की।
  • संवेदनशील क्षेत्र व पूर्व ग्रेनेड हमलों के बावजूद उत्तराखण्ड STF साइबर क्राइम ने प्रभावी पैरवी कर अभियुक्तों का रिमांड प्राप्त किया।
  • बडगाम से 03 मोबाइल फोन, कई एटीएम कार्ड, आधार-पैन सहित महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद संदिग्ध ट्रांजेक्शन, कई राज्यों में फैली ठगी का खुलासा ।
  • देश के 07 राज्यों में दर्ज शिकायतों से संगठित साइबर ठगी नेटवर्क का हुआ पर्दाफाश ।
  • डिजिटल अरेस्ट व बैंक खातों के जरिए देशभर में ठगी करने वाले गिरोह पर उत्तराखण्ड पुलिस का बड़ा प्रहार ।

 पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड, दीपम सेठ के मार्गदर्शन में, साइबर पुलिस निरंतर लोगों के पैसे बचाने, जागरूकता अभियान चलाने और देश भर से गिरफ्तारियां करने में सक्रिय है। साथ ही, साइबर अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई कर साइबर पीड़ितों को न्याय दिलाने का काम भी प्रभावी रूप से किया जा रहा है। अभियोगों की समीक्षा ADG लॉ एवं आर्डर डॉ. वी. मुरुगेसन तथा IG एस0टी0एफ/साइबर डॉ. नीलेश आनंद भरने द्वारा समय-समय पर दिए जाने वाले दिशा-निर्देशों के अनुरूप की जाती है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ, श्री अजय सिंह द्वारा जानकारी दी गई कि एक प्रकरण देहरादून निवासी 71 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक द्वारा साइबर ठगी के संबंध में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, देहरादून में शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायतकर्ता ने बताया कि दिनांक 21 नवम्बर 2025 को अज्ञात व्यक्तियों द्वारा उनके मोबाइल पर कॉल कर स्वयं को टेलीकम्युनिकेशन विभाग का अधिकारी बताया गया तथा उनके विरुद्ध दिल्ली पुलिस में धोखाधड़ी का मामला दर्ज होने की जानकारी देकर भयभीत किया गया।अभियुक्तों द्वारा शिकायतकर्ता को अन्य मोबाइल नंबर पर संपर्क करने हेतु कहा गया, जहां स्वयं को सीबीआई/दिल्ली पुलिस अधिकारी बताते हुए उनके नाम से दिल्ली स्थित बैंक खाते के माध्यम से मनी लॉन्ड्रिंग होने की झूठी जानकारी दी गई। इसके बाद व्हाट्सएप वीडियो कॉल के माध्यम से पुलिस अधिकारी की वर्दी में फर्जी दस्तावेज एवं गैर-जमानती वारंट दिखाकर शिकायतकर्ता को डराया गया तथा बैंक खातों के सत्यापन के नाम पर धनराशि विभिन्न खातों करीब 65,00,000/- की धनराशि में स्थानांतरित कराई गई।कुछ समय पश्चात शिकायतकर्ता को स्वयं के साथ साइबर ठगी होने का आभास हुआ, जिस पर शिकायतकर्ता द्वारा शिकायत दर्ज करायी गयी।

प्रकरण की गम्भीरता के दृष्टिगत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एस0टी0एफ0 उत्तराखण्ड के दिशा निर्देशन में मामले का प्रवेक्षण अपर पुलिस अधीक्षक श्री विवेक कुमार, पुलिस उपाधीक्षक, श्री आर0बी चमोला एवं विवेचना श्री देवेंद्र नबियाल निरीक्षक , साईबर क्राईम पुलिस स्टेशन, देहरादून के सुपुर्द कर अभियोग के शीघ्र अनावरण हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये । साईबर क्राईम पुलिस द्वारा घटना में प्रयुक्त बैंक खातों/ रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बरों / व्हाट्सअप की जानकारी हेतु सम्बन्धित बैंकों, सर्विस प्रदाता कम्पनियों, मेटा कम्पनी से पत्राचार कर डेटा प्राप्त किया गया। प्राप्त डेटा के विश्लेषण से जानकारी मे आया कि साईबर अपराध अभियुक्त को चिन्ह्ति करते हुये अभियुक्त की तलाश जारी की । साईबर टीम द्वारा विधिक प्रावधानों के अन्तर्गत प्रकाश में आये अभियुक्तो 1- शौकत हुसैन मलिक पुत्र अली मोहम्मद मलिक निवासी पारिसाबाद थाना बड़गाम, जिला बड़गाम, थाना- बड़गाम, जम्बूकश्मीर, 2- बिलाल अहमद पुत्र अली मौहम्मद मल्ला निवासी ग्राम करीपोरा, थाना बड़गाम, जिला बडगाम, जम्मू एण्ड कश्मीर के रूप में की गई जो फर्जी व्हाट्सएप प्रोफाइल षड्यंत्रपूर्वक बैंक खाते उपलब्ध कराकर संगठित तरीके से साइबर धोखाधड़ी को अंजाम दिया जा रहा था। इसी क्रम में गिरफ्तारी के दौरान साइबर क्राइम पुलिस टीम को स्थानीय स्तर पर विषम परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। गिरफ्तारी के उपरांत स्थानीय व्यक्तियों द्वारा बड़ी संख्या में थाना परिसर से लेकर न्यायालय परिसर तक एकत्र होकर पुलिस टीम पर दबाव बनाने का प्रयास किया गया। इसके बावजूद पुलिस टीम द्वारा धैर्य एवं संयम बनाए रखते हुए आरोपी अभियुक्तो शौकत हुसैन मलिक पुत्र अली मोहम्मद मलिक व बिलाल अहमद पुत्र अली मौहम्मद,को थाना बड़गाम, जिला बडगाम, जम्मू एण्ड कश्मीर से गिरफ्तार किया गया व माननीय न्यायालय में भी विवेचक द्वारा प्रभावी ढंग से पक्ष प्रस्तुत किया गया, जिसके परिणामस्वरूप अभियुक्तों का पुलिस रिमांड प्राप्त किया गया। उल्लेखनीय है कि पूर्व में भी उक्त क्षेत्र के स्थानीय थाने पर ग्रेनेड से हमले की घटनाएं हो चुकी हैं, जिसके दृष्टिगत अभियान अत्यंत संवेदनशील परिस्थितियों में सफलतापूर्वक संपन्न किया गया ।

अपराध का तरीका – अज्ञात साइबर ठगों द्वारा बैंक खाते उपलब्ध कराकर संगठित तरीके से साइबर धोखाधड़ी को अंजाम दिया जा रहा था। विवेचना के दौरान बैंक खाते संख्या एवं उससे लिंक मोबाइल नंबर के माध्यम से संदिग्ध लेन-देन की जानकारी प्राप्त हुई। तकनीकी विश्लेषण में पाया गया कि अभियुक्त फर्जी बैंक खातों, मोबाइल सिम एवं एटीएम कार्ड का उपयोग कर साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि को विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर निकालते थे।अभियुक्तों द्वारा अलग-अलग राज्यों में साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि को उक्त खातों में जमा कर एटीएम कार्ड एवं मोबाइल फोन के माध्यम से निकासी की जाती थी। जांच में यह भी पाया गया कि संबंधित बैंक खाते के विरुद्ध उत्तराखण्ड सहित देश के 07 राज्यों में शिकायतें दर्ज हैं।इस प्रकार अभियुक्त संगठित गिरोह बनाकर डिजिटल अरेस्ट एवं अन्य साइबर अपराधों के माध्यम से देशभर में लोगों को ठगी का शिकार बना रहे थे। प्रारम्भिक पूछताछ में अभियुक्त ने साईबर अपराध हेतु जिस बैंक खातों का प्रयोग किया गया है उसमें मात्र कुछ माह में ही लाखों रूपयों का लेन-देन होना प्रकाश में आया है ।जांच में यह भी पाया गया कि संबंधित बैंक खाते के विरुद्ध उत्तराखण्ड सहित देश के 07 राज्यों में शिकायतें दर्ज हैं । जिसके सम्बन्ध में जानकारी हेतु अन्य राज्यों की पुलिस के साथ संपर्क किया जा रहा है ।

गिरफ्तार अभियुक्ता का नाम पता – 1-शौकत हुसैन मलिक पुत्र अली मोहम्मद मलिक निवासी पारिसाबाद थाना बड़गाम, जिला बड़गाम, थाना- बड़गाम, जम्बूकश्मीर, 2- बिलाल अहमद पुत्र अली मौहम्मद मल्ला निवासी ग्राम करीपोरा, थाना बड़गाम, जिला बडगाम, जम्मू एण्ड कश्मीर

गिरफ्तारी का स्थान – जिला बडगाम, जम्मू एण्ड कश्मीर

गिरफ्तारी पुलिस टीम- 1-निरी0 श्री देवेंद्र नबियाल 2-निरी0 श्री राजेश सिंह 3-अपर उ0नि0 श्री मुकेश चंद्र 4- कानि0 श्री शादाब अली 5- कानि0 श्री नितिन रमोला

विशेष टेक्निकल सपोर्ट – हे0कानि0 श्री दिनेश पालीवाल

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एस0टी0एफ0 उत्तराखण्ड अजय सिंह द्वारा जनता से अपील की है कि डिजिटल अरेस्ट एक स्कैम है जो वर्तमान में पूरे भारत वर्ष में चल रहा है, कोई भी सी0बी0आई0 अफसर, मुम्बई क्राईम ब्रान्च, साइबर क्राइम, IT या ED अफसर या कोई भी एजेंसी आपको व्हाट्सएप के माध्यम से डिजिटल अरेस्ट करने हेतु नोटिस प्रेषित नहीं करती है। साथ ही कोई व्यक्ति आपको फर्जी दस्तावेज, अवैध सामग्री आदि के नाम पर आपको डरा धमका रहा है या पैसों की मांग कर रहा है तो इस सम्बन्ध में STF/साइबर थानों में अतिशीघ्र अपनी शिकायत दर्ज करायें। उक्त सम्बन्ध में ज्यादा से ज्यादा जागरुक हों। इसके अतिरिक्त किसी भी प्रकार के लोक लुभावने अवसरों/फर्जी साइट/धनराशि दोगुना करने व टिकट बुक करने वाले अंनजान अवसरो के प्रलोभन में न आयें । किसी भी प्रकार के ऑनलाईन कम्पनी की फ्रैन्चाईजी लेने, यात्रा टिकट आदि को बुक कराने से पूर्व उक्त साईट का स्थानीय बैंक, सम्बन्धित कम्पनी आदि से पूर्ण वैरीफिकेशन व भली-भाँति जांच पड़ताल अवश्य करा लें तथा गूगल से किसी भी कस्टमर केयर का नम्बर सर्च न करें व शक होने पर तत्काल निकटतम पुलिस स्टेशन या साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन से सम्पर्क करें । अगर आपको ऐसी ही कोई कॉल या मैसेज आए तो इसकी शिकायत जरूर करें। सरकार ने साइबर और ऑनलाइन धोखाधड़ी को रोकने के लिए संचार साथी वेबसाइट पर चाक्षु पोर्टल लॉन्च किया है। आप इस तरह की घटना की शिकायत 1930 साइबरक्राइम हेल्पलाइन पर या http://www.cybercrime.gov.in पर भी दर्ज करा सकते हैं।


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