Drop Us An Email Any Enquiry Drop Us An Emailshailesh.lekhwar2000@gmail.com
Call Us For Consultation Call Us For Consultation +91 9818666272

उधार के पैसों के विवाद में हिंसा, युवक को घायल करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार

Category Archives: क्राइम

उधार के पैसों के विवाद में हिंसा, युवक को घायल करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार

पैसों के लेन देन को लेकर चल रहे विवाद में अभियुक्तो द्वारा अपने अन्य साथियों के साथ दिया था घटना को अंजाम

देहरादून। पैसों के लेन-देन को लेकर हुए विवाद में युवक के साथ मारपीट कर उसे गंभीर रूप से घायल करने के मामले में दून पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार घटना में कई लोगों की संलिप्तता सामने आई थी और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को दबोचा गया है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 11 मई 2026 को ऋषिकेश-देहरादून रोड निवासी दिनेश कोठारी ने कोतवाली ऋषिकेश में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उन्होंने कुछ लोगों को कारोबार के लिए धन उधार दिया था। जब उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी तो संबंधित लोग लगातार टालमटोल करते रहे। आरोप है कि रुपये लौटाने का दबाव बनाने पर आरोपी अपने साथियों के साथ उनके होटल पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए उन्हें तथा उनके बेटे को जान से मारने की धमकी दी। इस दौरान मारपीट में उनके पुत्र सागर कोठारी गंभीर रूप से घायल हो गए।

शिकायत के आधार पर कोतवाली ऋषिकेश में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून ने जांच थानाध्यक्ष बसंत विहार को सौंपी और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए तथा इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल साक्ष्य एकत्र किए। प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने घटना में शामिल दो आरोपियों योगेश राठी और पार्थ सिंह को राजपुर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था भंग करने और हिंसक घटनाओं में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


दिल्ली में तीन हत्याओं से सनसनी, पुरानी रंजिश और मामूली विवाद बने जानलेवा

दिल्ली दिल्ली में अलग-अलग इलाकों में हुई तीन हत्या की घटनाओं ने कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। द्वारका के बिंदापुर, न्यू उस्मानपुर और भगत सिंह कॉलोनी में हुई इन वारदातों में तीन युवकों की जान चली गई, जबकि पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच तेज कर दी है।

द्वारका के बिंदापुर क्षेत्र में एक मामूली मजाक अचानक हिंसक संघर्ष में बदल गया। जानकारी के अनुसार, बातचीत के दौरान एक युवक द्वारा पिता के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी किए जाने से नाराज नाबालिग ने अपने साथियों के साथ मिलकर 24 वर्षीय सोनू कुमार पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल सोनू को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने एक नाबालिग सहित दो युवकों को हिरासत में लिया है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।

उधर, उत्तर-पूर्वी दिल्ली के न्यू उस्मानपुर स्थित भगत सिंह कॉलोनी में 26 वर्षीय ललित कुमार की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस को देर रात सूचना मिलने के बाद घटनास्थल से शव बरामद हुआ। शुरुआती जांच में आपसी रंजिश का मामला सामने आया है। मृतक के परिजनों ने उसके एक दोस्त पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।

इसी इलाके में एक अन्य सनसनीखेज वारदात में 17 वर्षीय अभिषेक की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। पुलिस जांच के अनुसार, करीब एक दर्जन से अधिक युवकों ने उसका पीछा कर उस पर कई बार चाकू से हमला किया। घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने दो नाबालिग समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में छह महीने पुरानी दुश्मनी हत्या की मुख्य वजह के रूप में सामने आई है।

तीनों मामलों में पुलिस आरोपियों के अन्य साथियों की तलाश कर रही है और घटनाओं के पीछे की पूरी साजिश का पता लगाने का प्रयास कर रही है।


सहरसा में जमीन विवाद ने लिया हिंसक मोड़, बदमाशों ने युवक को मारी गोली

बिहार। सहरसा जिले के नवहट्टा थाना क्षेत्र में भूमि विवाद ने एक बार फिर हिंसक रूप ले लिया। कथित कब्जे को लेकर हुए विवाद में एक युवक को गोली मार दी गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है, जबकि पुलिस ने मौके से साक्ष्य जुटाकर जांच तेज कर दी है।

सहरसा के नवहट्टा क्षेत्र में जमीन को लेकर चल रहे पुराने विवाद के बीच एक युवक पर देर रात फायरिंग कर दी गई। गोली लगने से घायल युवक को पहले स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र और बाद में बेहतर उपचार के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र भेजा गया। फिलहाल उसका इलाज निजी अस्पताल में जारी है।

परिजनों के अनुसार, रात के समय सूचना मिली थी कि विवादित जमीन पर कुछ लोग निर्माण कार्य कर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। सूचना मिलते ही युवक मौके पर पहुंचा, जहां मौजूद लोगों से कहासुनी हो गई। इसी दौरान उस पर गोली चला दी गई, जो उसकी जांघ में लगी।

घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायल युवक को अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे रेफर कर दिया। परिवार के सदस्य लगातार उसकी निगरानी में जुटे हैं।

बताया जा रहा है कि संबंधित जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा था। परिजनों ने इसी रंजिश को हमले की वजह बताया है। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल से दो खाली कारतूस बरामद किए। मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक विशेषज्ञों की सहायता भी ली जा रही है ताकि वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जा सकें।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार करने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


वैशाली कोर्ट का बड़ा फैसला, 34 साल पुराने गोलीकांड मामले में पांच दोषियों को सजा

बिहार। वैशाली जिले में तीन दशक से अधिक पुराने आपराधिक मामले में अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए पांच आरोपियों को दोषी करार दिया है। वर्ष 1992 में हुई गोलीबारी की घटना से जुड़े इस मामले में करीब 34 साल बाद न्यायालय ने सजा का ऐलान किया। फैसले को न्याय प्रक्रिया में एक अहम पड़ाव माना जा रहा है।

वैशाली जिले के जुरवनपुर थाना क्षेत्र में वर्ष 1992 में हुई गोलीबारी की घटना के मामले में अदालत ने लंबी सुनवाई के बाद अपना निर्णय सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे-1) की अदालत ने पांच आरोपियों को दोषी पाते हुए उन्हें अलग-अलग अवधि की सजा सुनाई।

अभियोजन पक्ष के अनुसार घटना उस समय हुई थी जब एक व्यक्ति अपने घर पर मौजूद था। इसी दौरान उसे सूचना मिली कि कुछ लोग उसके घर आने-जाने वाले रास्ते पर अवरोध पैदा कर रहे हैं। विरोध करने पर विवाद बढ़ गया और आरोपियों ने कथित रूप से उस पर गोली चला दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, चिकित्सीय रिपोर्ट और अन्य दस्तावेजी साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए। जांच पूरी होने के बाद आरोप पत्र दाखिल किया गया और मुकदमा न्यायालय में चला।

बताया गया कि इस मामले में शुरुआत में कुल नौ लोगों को आरोपी बनाया गया था। हालांकि मुकदमे की लंबी अवधि के दौरान चार आरोपियों की मृत्यु हो गई, जबकि शेष पांच आरोपियों के खिलाफ सुनवाई जारी रही। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर सभी पांच आरोपियों को दोषी ठहराया।

सजा सुनाते हुए न्यायालय ने एक 84 वर्षीय दोषी को उनकी आयु को ध्यान में रखते हुए तीन वर्ष के कारावास की सजा दी तथा उन्हें कानूनी प्रावधानों के तहत राहत प्रदान की। वहीं अन्य चार दोषियों को 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास के साथ 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।

अभियोजन पक्ष का कहना है कि इस फैसले ने यह संदेश दिया है कि गंभीर अपराधों के मामलों में न्याय मिलने में समय भले लगे, लेकिन कानून की प्रक्रिया अंततः अपने निष्कर्ष तक पहुंचती है। न्यायालय के इस निर्णय का स्थानीय स्तर पर स्वागत किया गया है।


भू-माफियाओं पर दून पुलिस का शिकंजा, मुख्य आरोपी महिला गिरफ्तार

देहरादून। देहरादून में करोड़ों रुपये मूल्य की भूमि हड़पने की साजिश का पुलिस ने खुलासा किया है। फर्जी दस्तावेज तैयार कर मृत व्यक्ति के नाम पर पावर ऑफ अटॉर्नी बनवाने और जमीन पर स्टे लेने के मामले में पटेलनगर पुलिस ने मुख्य आरोपी महिला को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से गिरफ्तार किया है। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

भू-माफियाओं के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत देहरादून पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पटेलनगर थाना क्षेत्र में करोड़ों रुपये की भूमि पर अवैध कब्जे की कोशिश के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी महिला को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीन पर दावा ठोकने और न्यायालय से स्टे हासिल करने का आरोप है।

पुलिस के अनुसार पटेलनगर निवासी राहुल देव ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके ममेरे दादा केवल कृष्ण ने वर्ष 2009 में वसीयत के माध्यम से अपनी संपत्ति उनके नाम कर दी थी। वर्ष 2016 में केवल कृष्ण के निधन के बाद संबंधित संपत्ति का नामांतरण वर्ष 2024 में राहुल देव के नाम दर्ज हो गया था।

शिकायतकर्ता को वर्ष 2026 में भूमि अभिलेखों की जांच के दौरान पता चला कि एक महिला ने कथित तौर पर फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी के आधार पर जमीन पर आपत्ति दर्ज कराते हुए स्टे प्राप्त कर लिया है। मामले की जांच शुरू होने पर कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने करीब एक दशक पहले दिवंगत हो चुके व्यक्ति के नाम पर फर्जी आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज तैयार किए। इसके बाद मृतक के स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति को प्रस्तुत कर मुख्तारनामा तैयार कराया गया और उसी आधार पर भूमि पर स्वामित्व का दावा किया गया।

साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर रजिस्ट्री कार्यालय, राजस्व विभाग और विभिन्न वित्तीय संस्थानों से संबंधित दस्तावेजों की जांच की। जांच पूरी होने के बाद गठित टीम ने मुख्य आरोपी बबीता देवी, निवासी गंगोह क्षेत्र, जिला सहारनपुर को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस का कहना है कि आरोपी ने सुनियोजित तरीके से करोड़ों रुपये की संपत्ति पर कब्जा करने की योजना बनाई थी। मामले में शामिल अन्य नामजद आरोपियों की तलाश की जा रही है और जल्द ही उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।


नारनौल में रेडीमेड कपड़ों के व्यापारी पर हमला, फिरौती नहीं देने पर दुकान में की तोड़फोड़

 नारनौल- हरियाणा के नारनौल शहर में मंगलवार को एक व्यापारी पर कथित रूप से फिरौती की मांग को लेकर हमला किए जाने का मामला सामने आया है। नया बाजार स्थित एक रेडीमेड कपड़ों की दुकान में घुसे युवकों ने दुकानदार के साथ मारपीट की और दुकान में जमकर तोड़फोड़ कर दी। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया।

पीड़ित व्यापारी नंद किशोर, जो श्याम कॉलोनी के निवासी हैं, नया बाजार में रेडीमेड कपड़ों का कारोबार करते हैं। उनके अनुसार कुछ लोग पिछले कुछ समय से उनसे पांच लाख रुपये की मांग कर रहे थे। आरोप है कि रकम नहीं देने पर मंगलवार सुबह कई युवक लाठी-डंडों के साथ उनकी दुकान में पहुंचे और हमला कर दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आरोपियों ने दुकान के सामान को नुकसान पहुंचाया और व्यापारी के साथ मारपीट की। हमले में घायल हुए दुकानदार को स्थानीय लोगों की मदद से नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। अधिकारियों का कहना है कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही बाजार क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।


पानीपत में पशु चिकित्सक रिश्वत लेते गिरफ्तार, एंटी करप्शन टीम ने किया ट्रैप

पानीपत- हरियाणा के पानीपत जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने एक पशु चिकित्सक को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी चिकित्सक पर पशुओं से संबंधित लोन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के बदले पैसे मांगने का आरोप है।

जानकारी के अनुसार, बडौली गांव स्थित पशु अस्पताल में तैनात चिकित्सक ने एक व्यक्ति से लोन स्वीकृत कराने के एवज में 7,500 रुपये की मांग की थी। शिकायतकर्ता ने इसकी सूचना एंटी करप्शन ब्यूरो को दी, जिसके बाद अधिकारियों ने पूरी योजना बनाकर ट्रैप लगाया।

निर्धारित योजना के तहत शिकायतकर्ता को आरोपी के पास भेजा गया। जैसे ही चिकित्सक ने रिश्वत की रकम स्वीकार की, एसीबी की टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे रंगेहाथ पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान आरोपी के कब्जे से रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली गई।

गिरफ्तारी के बाद एंटी करप्शन टीम आरोपी को अपने कार्यालय ले गई, जहां उससे पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है और जांच जारी है।


सुबह सैर पर निकला युवक नहीं लौटा घर, खेत में मिला शव, जांच में जुटी पुलिस

झज्जर – हरियाणा के झज्जर जिले के कोयलपुर गांव में मर्चेंट नेवी के एक युवा कर्मचारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से इलाके में शोक और चिंता का माहौल है। 21 वर्षीय विवेक का शव गांव के पास खेतों में मिलने से सनसनी फैल गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है।

परिजनों के अनुसार विवेक सुबह रोजाना की तरह टहलने के लिए घर से निकला था, लेकिन काफी समय तक वापस नहीं लौटा। इसके बाद परिवार और ग्रामीणों ने उसकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान उसका शव खेतों में पड़ा मिला। शव का रंग नीला पड़ चुका था, जिसके चलते मौत के कारणों को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

बताया जा रहा है कि विवेक मर्चेंट नेवी में कार्यरत था और करीब दो वर्ष पहले उसने नौकरी जॉइन की थी। वह पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ था और इलाज के लिए छुट्टी लेकर घर आया हुआ था। एक सप्ताह बाद उसे दोबारा ड्यूटी पर लौटना था, लेकिन उससे पहले ही उसकी मौत हो गई।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती जांच शुरू कर दी गई है और मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। इकलौते बेटे की असमय मौत से परिवार गहरे सदमे में है, वहीं पूरे गांव में शोक का माहौल बना हुआ है।


लुधियाना डबल मर्डर केस का खुलासा, पैसों के लालच में भतीजे ने की बुजुर्ग बुआ-फूफा की हत्या

लुधियाना- लुधियाना के शिमलापुरी क्षेत्र में हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया कि बुजुर्ग दंपती की हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उनके ही रिश्तेदार ने पैसों की लालच में की थी।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी प्रदीप सिंह (34) आर्थिक तंगी और कर्ज के बोझ से परेशान था। वह अक्सर अपनी दूर की बुआ हरमीत कौर के घर आता-जाता था और उनसे आर्थिक मदद लिया करता था। घटना वाले दिन भी वह पैसे मांगने उनके घर पहुंचा था। इसी दौरान उसकी नजर घर में रखी नकदी पर पड़ गई, जिसके बाद उसने वारदात को अंजाम देने की योजना बना ली।

जांच में पता चला कि आरोपी ने लोहे के बैरिंग से बुजुर्ग दंपती कुलदीप सिंह और हरमीत कौर पर हमला कर दिया। सिर पर किए गए लगातार वारों के कारण दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी घर से नकदी और सोने के आभूषण लेकर फरार हो गया।

पुलिस का कहना है कि वारदात को लूट की घटना दिखाने के लिए आरोपी ने कुछ सबूतों को भटकाने की भी कोशिश की। हालांकि तकनीकी साक्ष्यों और गहन पूछताछ के आधार पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। वारदात में इस्तेमाल हथियार भी बरामद कर लिया गया है। फिलहाल पुलिस लूटे गए रुपये और आभूषणों की बरामदगी के प्रयास में जुटी है।


50 लाख की बीमा राशि के लिए रची गई थी बहन की हत्या, 9 साल बाद फरार आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली- दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने वर्ष 2017 में हुई एक महिला की हत्या के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी चंदन कुमार (46) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को बिहार के लखीसराय जिले से पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार वह करीब नौ वर्षों से कानून की पकड़ से बचता फिर रहा था और अदालत द्वारा भगोड़ा घोषित किया जा चुका था।

जांच में सामने आया कि अगस्त 2017 में बुराड़ी के अजीत विहार इलाके में रहने वाली 43 वर्षीय अनीता देवी की हत्या सुनियोजित साजिश के तहत की गई थी। आरोप है कि हत्या के पीछे 50 लाख रुपये की जीवन बीमा पॉलिसी और संपत्ति पर कब्जा करने की मंशा थी। पुलिस के मुताबिक मृतका ने अपनी बीमा पॉलिसी में भाई कमल कुमार को नामित किया था और संपत्ति से जुड़ी वसीयत भी उसके परिवार के पक्ष में की थी।

मामले की जांच के दौरान खुलासा हुआ कि अनीता देवी के भाई कमल कुमार ने अपने साले चंदन कुमार और कुंदन कुमार के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई थी। वारदात के बाद आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए मृतका के पति पर शक जताने की कोशिश की, लेकिन जांच में जुटे अधिकारियों ने साक्ष्यों के आधार पर साजिश का पर्दाफाश कर दिया।

पुलिस के अनुसार कमल कुमार आर्थिक तंगी और कर्ज के दबाव में था। इसी वजह से उसने बीमा राशि और संपत्ति हासिल करने के लिए हत्या की साजिश रची। मामले में कमल कुमार को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था, जबकि चंदन और कुंदन घटना के बाद फरार हो गए थे। बाद में कुंदन की मौत हो गई। अब चंदन की गिरफ्तारी के साथ इस चर्चित मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।


Latest News in hindi

Call Us On  Whatsapp