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छह साल की बच्ची से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की कैद और पीड़िता को 10.5 लाख मुआवजा

Category Archives: क्राइम

छह साल की बच्ची से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की कैद और पीड़िता को 10.5 लाख मुआवजा

नई दिल्ली: दिल्ली की रोहिणी अदालत ने बच्चों के खिलाफ बढ़ते यौन अपराधों पर कड़ा रुख अपनाते हुए एक बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने साल 2024 में एक छह वर्षीय मासूम बच्ची के साथ बलात्कार के मामले में 67 वर्षीय बुजुर्ग को 20 साल सश्रम कारावास (कठोर कैद) की सजा सुनाई है।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अजय नागर ने इस मामले पर फैसला सुनाते हुए समाज को एक कड़ा संदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि समाज में इस तरह के जघन्य मामले दिन-प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में अदालत की यह जिम्मेदारी है कि वह समाज को एक मजबूत संदेश दे कि बच्चों के खिलाफ होने वाले ऐसे अपराधों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यह घटना जब हुई थी, तब पीड़िता की उम्र महज 6 साल थी और दोषी की उम्र 65 वर्ष थी। अदालत ने आरोपी को पहले ही भारतीय दंड संहिता (IPC) की बलात्कार से जुड़ी धाराओं और पॉक्सो (POCSO) अधिनियम की धारा 5(M) के तहत दोषी करार दे दिया था, जो 12 वर्ष से कम उम्र की बच्ची पर आक्रामक यौन हमले से संबंधित है।

अब अदालत ने पॉक्सो कानून की धारा 6 के तहत दोषी को 20 साल की जेल के साथ-साथ 5,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। इसके अलावा, कोर्ट ने पीड़िता के पुनर्वास, सामाजिक एकीकरण और भविष्य को मानसिक तनाव व आघात से मुक्त बनाने के लिए 10.5 लाख रुपये का वित्तीय मुआवजा देने का भी आदेश जारी किया है।


प्रयागराज जंक्शन पर 50 लाख के जाली नोटों के साथ युवक गिरफ्तार, ट्रेन यात्रियों को बनाता था शिकार

प्रयागराज: राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) प्रयागराज को मंगलवार को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने प्रयागराज जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर एक पर घेराबंदी करके एक ऐसे अंतरराज्यीय शातिर ठग को दबोचा है, जो देश के सबसे व्यस्त रेलमार्गों पर सफर कर मासूम यात्रियों और व्यापारियों को नकली नोट थमाकर चूना लगाता था। पुलिस ने आरोपी के पास से 500-500 रुपये के कुल ₹50 लाख मूल्य के नकली नोट बरामद किए हैं।

 पकड़ा गया आरोपी रामनिवास (20 वर्ष) मूल रूप से राजस्थान के बीकानेर जिले के नापासिर थाना क्षेत्र (गजरूप देसर) का निवासी है। जीआरपी के मुताबिक, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस टीम प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर मुस्तैद थी। इसी दौरान दिल्ली साइड एंड की तरफ दोपहर करीब 1:15 बजे एक युवक संदिग्ध बैग के साथ बैठा दिखा, जिसने पुलिस को देखकर भागने की कोशिश की, लेकिन सतर्क जवानों ने उसे चारों तरफ से घेरकर पकड़ लिया। जब बैग की तलाशी ली गई, तो उसमें सफेद पारदर्शी प्लास्टिक में पैक 500-500 रुपये के जाली नोटों के 10 बड़े बंडल मिले।

 जीआरपी प्रयागराज के प्रभारी निरीक्षक अकलेश कुमार सिंह ने आरोपी के खौफनाक नेटवर्क और तौर-तरीकों का खुलासा किया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह दिल्ली के पहाड़गंज इलाके से यह नकली नोट लाता था और दिल्ली-प्रयागराज-कोलकाता रूट की ट्रेनों में सफर करता था। लोगों को शक न हो, इसलिए वह नोटों को इस तरह पारदर्शी प्लास्टिक में पैक करता था कि वे बिल्कुल बैंक की नई गड्डियां लगें। सफर के दौरान वह सीधे-साधे यात्रियों या लालची लोगों को अपनी चिकनी-चुपड़ी बातों में फंसाता था और किसी मजबूरी का बहाना बनाकर या सस्ते में नोट बदलने का झांसा देकर नकली नोट थमा देता था। बदले में वह उनसे असली नकदी लेकर रफूचक्कर हो जाता था।

 प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि आरोपी इस अवैध धंधे से कमाए गए पैसों को अपनी ऐशोआराम की जिंदगी और महंगे शौक पूरे करने में उड़ाता था। जीआरपी थाना प्रयागराज में आरोपी रामनिवास के खिलाफ संबंधित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब दिल्ली के पहाड़गंज वाले कनेक्शन और इस रैकेट के अन्य सहयोगियों की तलाश में जुट गई है।


बहन से मिलने पहुंचे युवक पर लाठी-डंडों से हमला, चार लोगों पर केस दर्ज

बांसी (सिद्धार्थनगर): उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले के शिवनगर डिडई थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम लेहड़ा उर्फ रामनगर में एक युवक पर जानलेवा हमले का मामला सामने आया है। यहाँ अपनी बहन से मिलने उसके ससुराल गए एक युवक को पुरानी रंजिश के चलते बेरहमी से पीटा गया। पीड़ित के पिता की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार नामजद आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, डुमरियागंज थाना क्षेत्र के ग्राम खरिगौला निवासी भगवान यादव का पुत्र मुकेश यादव सोमवार शाम को अपनी बहन से मिलने लेहड़ा गांव गया था। आरोप है कि जैसे ही वह वहां पहुँचा, पुरानी रंजिश को लेकर घात लगाए बैठे पूर्णवासी, गुड्डू, सुड्डू और सूरज ने उसे घेर लिया और विवाद करने लगे। जब मुकेश ने विरोध किया, तो चारों आरोपियों ने लाठी-डंडों से उस पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हमले में मुकेश गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे परिजनों ने तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि मारपीट के दौरान आरोपियों ने मुकेश को जान से मारने की धमकी भी दी। इलाज के बाद पीड़ित के पिता भगवान यादव ने शिवनगर डिडई थाने में चारों हमलावरों के खिलाफ लिखित तहरीर दी। थानाध्यक्ष बृजेश ने बताया कि पिता की तहरीर के आधार पर चारों नामजद आरोपियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस घटनास्थल के साक्ष्य जुटा रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विधिक कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।


ऑपरेशन प्रहार के तहत दून पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 13.80 लाख की स्मैक के साथ दो तस्कर गिरफ्तार

बरामद स्मैक को बिजनोर से खरीदकर लाये थे अभियुक्त

देहरादून। उत्तराखंड को नशा मुक्त बनाने के अभियान के तहत दून पुलिस लगातार मादक पदार्थों की तस्करी पर शिकंजा कस रही है। इसी क्रम में नेहरू कॉलोनी थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 46 ग्राम अवैध स्मैक बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 13.80 लाख रुपये बताई जा रही है। तस्करी में इस्तेमाल की जा रही स्कूटी को भी पुलिस ने सीज कर दिया है।

मुख्यमंत्री के ‘ड्रग्स फ्री देवभूमि’ विजन और देहरादून पुलिस के ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत चलाए जा रहे अभियान के दौरान थाना नेहरू कॉलोनी पुलिस को यह सफलता मिली। पुलिस टीम ने फव्वारा चौकी क्षेत्र में चेकिंग के दौरान दो संदिग्ध युवकों को रोककर तलाशी ली, जिसमें उनके पास से 46 ग्राम अवैध स्मैक बरामद हुई।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान तरुण उर्फ चीनू निवासी ब्रह्मपुरी, देहरादून और विकास निवासी मुजफ्फरनगर (हाल निवासी चंद्रबनी, देहरादून) के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे दोनों नशे के आदी हैं और स्मैक को उत्तर प्रदेश के नजीबाबाद से एक स्थानीय तस्कर से खरीदकर लाए थे। उनका इरादा कुछ स्मैक स्वयं इस्तेमाल करने और बाकी को स्थानीय नशे के आदी लोगों को ऊंचे दामों पर बेचकर मुनाफा कमाने का था, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने उन्हें धर दबोचा।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बरामद स्मैक के अलावा तस्करी में प्रयुक्त स्कूटी भी जब्त कर ली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जिलेभर में नशा तस्करों के खिलाफ अभियान लगातार जारी है और पुलिस ऐसे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है।


कानपुर में फर्जी मैट्रिमोनियल कॉल सेंटर का भंडाफोड़, AI फोटो दिखाकर करते थे लाखों की ठगी

कल्याणपुर (कानपुर): उत्तर प्रदेश के कानपुर में क्राइम ब्रांच और कल्याणपुर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए शादी कराने के नाम पर मासूम लोगों को ठगने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय फर्जी मैट्रिमोनियल कॉल सेंटर (Fake Matrimonial Call Center) का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मौके से ‘ऑनलाइन मैच प्वाइंट’ नाम से चल रहे इस सेंटर से दो युवतियों समेत तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह सोशल मीडिया से डेटा चुराकर एआई (AI Generated) यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बनी फर्जी तस्वीरें भेजकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था।

 डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि नेपाली मंदिर के पास चल रहे इस कॉल सेंटर से पुलिस ने 7 एंड्रॉइड फोन, 16 कीपैड मोबाइल, 9 डेस्कटॉप, 104 इस्तेमाल किए जा चुके सिम कार्ड और 2 नए सिम बरामद किए हैं। पकड़े गए आरोपियों की पहचान अनुराधा द्विवेदी (आवास विकास-3), विक्रम खूंटे (छत्तीसगढ़/बर्रा-3) और प्रियंका (बिल्हौर/शिवली रोड) के रूप में हुई है। ये तीनों सोशल मीडिया के जरिए मिले थे और करीब एक साल से इस संगठित साइबर अपराध को अंजाम दे रहे थे। ठगी की पूरी रकम मुख्य आरोपी अनुराधा के बैंक खातों में मंगवाई जाती थी, जिन्हें पुलिस अब फ्रीज कराने की कार्रवाई कर रही है।

 पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि यह गिरोह विशेष रूप से 40 वर्ष से अधिक उम्र के अविवाहित या विधुर पुरुषों को निशाना बनाता था। गिरोह में लड़कियों को ₹6,000 प्रति माह के वेतन पर टेलीकॉलर रखा जाता था, जो अलग-अलग नकली नामों से बात कर पीड़ितों को जाल में फंसाती थीं। पहले कीपैड फोन से बात कराकर विश्वास जीता जाता था, फिर रजिस्ट्रेशन, प्रोफाइल एक्टिवेशन, टॉकिंग और मीटिंग फिक्स करने के नाम पर ₹4,000 से ₹10,000 के बीच की रकम क्यूआर (QR) कोड भेजकर ऐंठ ली जाती थी। पैसे मिलने के बाद आरोपी नंबर ब्लॉक कर देते थे। कम रकम होने और लोक-लाज के डर से अमूमन पीड़ित पुलिस में शिकायत नहीं करते थे।

 इस गिरोह के तार एक बड़े नेटवर्क से जुड़े हैं। जून महीने में भी पुलिस ने ऐसे ही तीन कॉल सेंटरों पर छापा मारकर छत्तीसगढ़ के सरगना रंजीत कुमार गौड़ को गिरफ्तार किया था। इस गिरोह में कानपुर की जागृति, बिलासपुर के साइबर अधिवक्ता अमित और करन पटेल भी शामिल हैं। मुख्य आरोपी जागृति का उन्नाव में भी कॉल सेंटर है और उसकी वर्तमान लोकेशन गोवा में मिली है, जबकि वकील अमित की लोकेशन आगरा में ट्रैक हुई है। पुलिस की टीमें फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही हैं।


दहेज प्रताड़ना का आरोप: विवाहिता ने पति समेत छह ससुरालियों पर दर्ज कराया केस

यमुनानगर: हरियाणा के यमुनानगर से महिलाओं के खिलाफ बढ़ते घरेलू अपराधों को उजागर करने वाला एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ एक विवाहिता ने अपनी शादी के 10 साल बाद पति समेत ससुराल के 6 सदस्यों पर दहेज उत्पीड़न, बेरहमी से मारपीट और अप्राकृतिक यौन शोषण जैसे बेहद संगीन आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी है।

महिला ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि उसकी शादी वर्ष 2015 में कुलवंत नाम के युवक के साथ हुई थी। आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही पति, सास-ससुर, देवर, ननद और ननदोई ने दहेज कम मिलने का ताना देना शुरू कर दिया। ससुरालियों द्वारा लगातार मोटरसाइकिल और एक लाख रुपये की मांग की गई, जो बाद में बढ़कर 10 लाख रुपये तक पहुंच गई। मांग पूरी न होने पर महिला के साथ आए दिन गाली-गलौज और मारपीट की जाने लगी। बीच में रिश्तेदारों ने पंचायत कर मामला सुलझाने की कोशिश भी की, लेकिन ससुराल वालों का रवैया नहीं बदला।

पीड़िता ने अपने पति पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उसका पति नशे की हालत में उसकी मर्जी के खिलाफ उसके साथ अप्राकृतिक शारीरिक संबंध बनाता था। प्रताड़ना की हदें तब पार हो गईं जब मार्च 2025 में रसोई का सामान मांगने पर पति और अन्य परिजनों ने उसे बेरहमी से पीटा और उसके छोटे बेटे के साथ उसे घर से धक्के देकर निकाल दिया। ससुराल वालों ने उसे दोबारा लौटने पर जान से मारने की धमकी भी दी है। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर विभिन्न कानूनी धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।


ऑनलाइन गेम के बहाने बच्चों को निशाना बना रहे साइबर ठग, फिशिंग लिंक से रहें सावधान

मुजफ्फरपुर: डिजिटल युग में जहां मोबाइल गेम्स बच्चों के मनोरंजन का मुख्य साधन बन चुके हैं, वहीं अब ये साइबर अपराधियों का एक खतरनाक हथियार भी बनते जा रहे हैं। बच्चों को ऑनलाइन गेमिंग के जरिए फिशिंग (Phishing) के जाल में फंसाने के बढ़ते मामलों को देखते हुए गृह मंत्रालय के ट्विटर हैंडल ‘साइबर दोस्त’ ने एक विशेष कॉमिक शृंखला जारी की है। इसके माध्यम से बच्चों और अभिभावकों को गेमिंग के पीछे छिपे इस बड़े खतरे के प्रति सचेत किया गया है।इस जागरूकता अभियान में 13 वर्षीय आरव नाम के एक काल्पनिक पात्र की कहानी दिखाई गई है। आरव अपनी मां के मोबाइल पर ऑनलाइन गेम खेल रहा था। गेम के आखिरी लेवल पर पहुंचते ही स्क्रीन पर एक लुभावना मैसेज आया, जिसमें कुछ कॉइन्स खरीदकर अगला लेवल तुरंत अनलॉक करने का दावा किया गया था। आरव ने जैसे ही उस लिंक पर क्लिक किया, फोन की स्क्रीन फ्रीज हो गई और बैकग्राउंड में उसका निजी डेटा चोरी होने लगा। इसके तुरंत बाद मोबाइल अपने आप रीस्टार्ट होने लगा।

डर के मारे आरव ने यह बात अपनी मां से छुपाई, लेकिन उसके जागरूक दोस्तों ने, जो एक साइबर सेफ्टी क्लब चलाते हैं, फोन चेक करके बताया कि यह एक फर्जी यूआरएल (URL) और नकली डोमेन वाला फिशिंग लिंक था, जिससे हैकर्स ने फोन का पूरा कंट्रोल ले लिया था। आरव ने बाद में माता-पिता को सच बताया और बिना गुस्सा किए परिवार ने तुरंत ‘राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल’ पर इसकी शिकायत दर्ज कराई।

ऑनलाइन गेम में हारना बेहतर, परिवार का डेटा खोना नहीं: विशेषज्ञ
इस घटनाक्रम के बाद साइबर विशेषज्ञों ने बच्चों और अभिभावकों के लिए जरूरी गाइडलाइंस जारी की हैं:

अज्ञात लिंक से बचें: गेम के दौरान चैट या मैसेज में आए किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें, खासकर तब जब वह पैसे या पासवर्ड मांग रहे हों। असली गेमिंग कंपनियां इस तरह रैंडम लिंक भेजकर पेमेंट नहीं मांगतीं।

गलती न छुपाएं: विशेषज्ञों का साफ कहना है कि ऑनलाइन गेम में हार जाना मंजूर है, लेकिन परिवार का डेटा खोना खतरनाक है। अगर अनजाने में कोई गलती हो भी जाए, तो बच्चे डरने के बजाय तुरंत अपने माता-पिता या शिक्षकों को बताएं।

यहाँ करें शिकायत: किसी भी प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी या साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत नेशनल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या आधिकारिक पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।


देहरादून में सड़क हादसे के बाद विवाद बना मारपीट का कारण, मुख्य आरोपी अंकुर वाल्मीकि गिरफ्तार

देहरादून- आजाद रावत पुत्र मुरली धर रावत निवासी जाखन कैनाल रोड राजपुर ने  थाना पटेल नगर पर तहरीर दिनांक 03/07/2026 की रात्रि समय करीब 08:00 बजे लालपुल के पास स्कूटी चालक अंकुर वाल्मीकि द्वारा उन्हें टक्कर मारने व घटना में अंकुर का मोबाइल सड़क पर गिरने से क्षतिग्रस्त होने तथा मोबाइल टूटने को लेकर हुए विवाद में स्कूटी चालक अंकुर व उसके साथियों द्वारा उन्हें बंधक बनाकर उनके साथ मारपीट कर अमानवीय व्यवहार करने के संबंध में लिखित तहरीर दी गयी। वादी द्वारा दी गयी तहरीर के आधार पर स्कूटी चालक व उसके अन्य साथियों के विरुद्ध मु०अ०सं०- 420/26 धारा 115(2)/125(b)/127(2)/281/352/351(2) bns का अभियोग पंजीकृत किया गया।

घटना की विवेचना के दौरान तथ्य प्रकाश में आए हैं कि दिनांक 03 जून 2026 को सायं के समय विशाल मेगा मार्ट की बगल वाली रोड से आने के दौरान अंकुर द्वारा वादी आजाद सिंह को टक्कर मारी गई, घटना में वादी आजाद के पैर पर चोट आई तथा अंकुर का मोबाइल फोन नीचे गिरने से टूट गया, जिस कारण दोनों का आपस में विवाद हो गया तथा अभियुक्त अंकुर द्वारा अपने साथियों को मौके पर बुलाते हुए अपने टूटे हुए फोन को सही करने की बात कहते हुए वादी आजाद सिंह को अपने साथ मंडी ले जाया गया, जहाँ अंकुर और उसके साथियों द्वारा वादी के साथ मारपीट की गई।

अब तक की विवेचना में वादी, अन्य गवाहों, डॉक्टरों के बयानों व घटनास्थल की सीसीटीवी फूटजो के अवलोकन के आधार पर अभियोग में धारा 109 बीएनएस की वृद्धि करते हुए घटना में नामजद अभियुक्त अंकुर वाल्मिकी पुत्र श्री प्रीतम वाल्मिकी निवासी न्यू बस्ती पटेल नगर देहरादून को पुलिस द्वारा गिरफतार किया गया है।

विवेचना में डॉक्टरों के बयानों व प्राप्त अन्य साक्ष्यों के आधार पर वादी को बिजली का करंट लगाने, गर्म लोहे की रोड व गुप्तांग पर पेंचकश से चोट पहुंचने के संबंध में न ही कोई साक्ष्य मिले है और न ही इसकी पुष्टि हो पाई है। घटना में शामिल अन्य अभियुक्तों के संबंध में विवेचना की जा रही है, विवेचना के दौरान यह भी तथ्य प्रकाश में आए हैं कि वादी आजाद व अभियुक्त अंकुर पूर्व से एक दूसरे के परिचित थे।

नाम पता गिरफ्तार अभियुक्त :-

अंकुर वाल्मिकी पुत्र  प्रीतम वाल्मिकी निवासी न्यू बस्ती पटेल नगर देहरादून


हलवारा की अनाज मंडी में अर्धनग्न हालत में मिला युवक का शव, सिर पर चोटों के निशान; हत्या की आशंका”

लुधियाना (हलवारा): पंजाब के लुधियाना जिले के अधीन आते हलवारा गांव में मंगलवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब एक 26 वर्षीय युवक का लहूलुहान शव गांव से करीब तीन किलोमीटर दूर पक्के फड़ वाली अनाज मंडी से बरामद हुआ। मृतक की पहचान करनजोत सिंह (पुत्र अजीतपाल सिंह) के रूप में हुई है, जो लुधियाना की एक निजी कंपनी में काम करता था। शव की स्थिति और उस पर मिले गंभीर चोटों के निशान को देखते हुए परिजनों और ग्रामीणों ने हत्या कर शव को मंडी में फेंकने का अंदेशा जताया है।

घटना की सूचना मिलते ही थाना सुधार के प्रभारी साहिबमीत सिंह के निर्देश पर एएसआई जॉन मसीह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। शुरुआती जांच में घटनास्थल की परिस्थितियां बेहद संदिग्ध पाई गईं। मृतक का शव केवल अंडरगारमेंट्स में था, जबकि उसके कपड़े मंडी परिसर में अलग-अलग जगहों पर बिखरे पड़े मिले। करनजोत के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर गहरे जख्म थे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा करने के बाद पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल लुधियाना भेज दिया है।

पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, सोमवार रात करीब आठ बजे करनजोत घर से निकला था, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटा। परिजनों ने यह भी स्वीकार किया कि करनजोत पिछले कुछ समय से हेरोइन की लत से जूझ रहा था और उसका इलाज भी चल रहा था।

इस घटना ने हलवारा और आसपास के इलाकों में पैर पसार चुके ड्रग्स नेटवर्क को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले दो वर्षों के भीतर गांव के 10 से अधिक युवाओं की संदिग्ध परिस्थितियों में जान जा चुकी है।

 सरपंच सुखविंदर सिंह हलवारा और स्थानीय पंचायत ने पुलिस प्रशासन से इस मामले में तुरंत हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक पुलिस नशा तस्करों के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त नहीं करेगी, तब तक युवाओं की जिंदगी सुरक्षित नहीं की जा सकती। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा।


मोदीनगर में तंज कसने पर युवक की बेरहमी से हत्या, आरोपी गिरफ्तार

गाजियाबाद: दिल्ली से सटे गाजियाबाद के मोदीनगर (पूठरी गांव) में मामूली विवाद में क्रूरता की सारी हदें पार करने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहाँ सिर्फ ‘भंगजी बाबा’ कहकर मजाक उड़ाने से नाराज एक सनकी युवक ने 22 वर्षीय तरुण उर्फ नमित की दरांती से गोदकर निर्मम हत्या कर दी। आरोपी ने क्रूरता की सीमा लांघते हुए मृतक की आंखें तक फोड़ दीं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को आलाकत्ल (दरांती) और मृतक के मोबाइल के साथ गिरफ्तार कर लिया है।

 डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि मूल रूप से मुजफ्फरनगर के रहने वाले तरुण का शव सोमवार को गांव से 500 मीटर दूर एक गन्ने के खेत में वीभत्स हालत में मिला। तरुण रविवार शाम को टहलने निकला था और जब वापस नहीं लौटा, तो परिजनों ने रात में पुलिस को सूचना दी थी। सोमवार सुबह ग्रामीणों ने रामवीर नाम के किसान के खेत में खून से लथपथ शव देखा, जिसके बाद हड़कंप मच गया।

पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी निरांचल उर्फ मंत्री (33 वर्ष) ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने बताया कि शुक्रवार को तरुण और उसके दोस्तों ने उसे ‘भंगजी बाबा’ कहकर चिढ़ाया था। रविवार को जब तरुण दोबारा मिला और उसने वही शब्द दोहराया, तो आरोपी ने दरांती से उसके चेहरे, पेट, गर्दन और अंगों पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। हत्या के बाद वह शव को बोरे में छिपाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन नाकाम रहने पर भाग गया। जाने से पहले उसने शव के पास संस्कृत के श्लोक भी पढ़े। पुलिस के अनुसार, आरोपी सनकी और नशेड़ी प्रवृत्ति का है जो तांत्रिक क्रियाएं भी करता है। वह उन अन्य युवकों को भी मारने की फिराक में था जिन्होंने उसका मजाक उड़ाया था।

तरुण परतापुर की एक गद्दा फैक्ट्री में काम करता था और अपने परिवार में सबसे बड़ा था। उसके पिता निर्दोष सैन मजदूरी करके घर चलाते हैं। तरुण की मौत से मां मधुबाला, भाई और दो बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में इस क्रूर हत्याकांड के बाद से दहशत और आक्रोश का माहौल है। परिवार ने हत्यारे को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है।


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