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दो गुटों के बीच हिंसक झड़प में युवक की मौत, इलाके में तनाव

Category Archives: क्राइम

दो गुटों के बीच हिंसक झड़प में युवक की मौत, इलाके में तनाव

गम्हरिया : आदित्यपुर थाना क्षेत्र के गम्हरिया अंतर्गत शिवनारायणपुर स्थित एक मैदान में बीते रविवार की देर रात दो गुटों के बीच हुए हिंसक और खूनी संघर्ष में एक युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान स्थानीय शिवनारायणपुर निवासी गौतम मुंडा के रूप में हुई है। इस सनसनीखेज वारदात के बाद से पूरे इलाके में दहशत और तनाव का माहौल व्याप्त है।

मिली जानकारी के अनुसार, रविवार देर रात किसी बात को लेकर दो गुटों के लोग आपस में भिड़ गए। शुरुआत में उनके बीच कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते एक भीषण हिंसक झड़प में तब्दील हो गई। इसी दौरान विरोधी गुट के लोगों ने गौतम मुंडा को निशाना बनाते हुए उस पर धारदार हथियार और पत्थरों से सिर पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। सिर पर गंभीर चोटें लगने के कारण गौतम लहूलुहान होकर मौके पर ही गिर पड़ा।

हंगामे की आवाज सुनकर भारी संख्या में आसपास के ग्रामीण और स्थानीय लोग मैदान की तरफ दौड़े। लोगों ने तुरंत खून से लथपथ गौतम मुंडा को उठाया और नजदीकी गंगोत्री नर्सिंग होम लेकर पहुंचे। हालांकि, उसकी नाजुक हालत और गहरे जख्मों को देखते हुए डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए टाटा मुख्य अस्पताल (TMH) रेफर कर दिया। लेकिन घाव इतने गहरे थे कि टीएमएच ले जाने के दौरान रास्ते में ही गौतम ने दम तोड़ दिया।

घटना की सूचना मिलते ही आदित्यपुर पुलिस बल मौके पर पहुंचा और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस की एक टीम घटनास्थल से साक्ष्य (जैसे पत्थर और अन्य सबूत) जुटाने में लगी है। वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में मामला आपसी रंजिश और अचानक उपजे विवाद का लग रहा है। हमलावरों की पहचान कर उनकी जल्द से जल्द गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए प्रभावित इलाके में पुलिस बल की नजर बनी हुई है।


महिला को बंधक बनाकर हुई डकैती का खुलासा, सात आरोपी गिरफ्तार, सोना-नकदी बरामद

भागलपुर/नाथनगर: भागलपुर के मधुसूदनपुर थाना क्षेत्र के गणेशीबाग में एक घर में घुसकर महिला को गनप्वाइंट पर बंधक बनाने और डकैती डालने के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने चार दिनों के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने इस कार्रवाई के तहत घटना को अंजाम देने वाले तीन मुख्य डकैतों, उन्हें हथियार सप्लाई करने वाले एक आरोपी और लूटे गए सोने के जेवर खरीदने वाले दो स्वर्णकारों (सोनारों) समेत कुल सात अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है।

एसएसपी के मुताबिक, गिरफ्तार अपराधियों के पास से डकैती का 52 ग्राम सोना, 53 हजार रुपये नकद, वारदात में इस्तेमाल किया गया एक कट्टा, कारतूस और छह मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। वारदात को अंजाम देने वाले मुख्य आरोपी मधुसूदनपुर क्षेत्र के हैं, जबकि लूटा हुआ सोना खरीदने वाले नाथनगर के रहने वाले हैं। घटना को अंजाम देने के बाद पुलिस से बचने के लिए कुछ बदमाश दूसरे जिलों में और कुछ पश्चिम बंगाल के तारापीठ भाग गए थे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-02 (नाथनगर), अंचल निरीक्षक रंजीत कुमार, मधुसूदनपुर थाना प्रभारी संजय कुमार मंडल और डीआइयू (DIU) की एक विशेष टीम गठित की गई थी। सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी अनुसंधान और मानवीय इनपुट के जरिए पुलिस ने जाल बिछाया:

सबसे पहले सोनार गिरफ्तार: मथुरापुर से स्वर्णकार सूरज साह को 11 ग्राम सोने के साथ दबोचा गया। उसकी निशानदेही पर केबी लाल रोड से दूसरे स्वर्णकार संतोष कुमार साह को 41 ग्राम सोने के साथ पकड़ा गया।

हथियार सप्लायर और डकैत दबोचे गए: इसके बाद हथियार देने वाले मिथुन कुमार मंडल और फिर कट्टे-कारतूस के साथ बिट्टू कुमार को गिरफ्तार किया गया।

तारापीठ और बांका से हुई गिरफ्तारी: मुख्य आरोपी सज्जन कुमार को बांका के नवादा से ₹6,000 के साथ, जबकि अजय कुमार उर्फ छोटू (₹31,500 के साथ) और अमित कुमार (₹15,500 के साथ) को पश्चिम बंगाल के तारापीठ से गिरफ्तार किया गया।

क्या था पूरा मामला?
बीती 9 जुलाई की सुबह गणेशीबाग में रहने वाले एक सेना के जवान की पत्नी नीलू देवी अपने घर के बाहर मोबाइल देख रही थीं। इसी दौरान हथियारबंद बदमाशों ने उन्हें बंधक बना लिया और घर में रखे जेवर, नकदी व मोबाइल लूटकर फरार हो गए थे। घटना से पीड़ित महिला इस कदर डर गई थीं कि वारदात के अगले दिन मामला दर्ज कराया गया था।


देश के 16 राज्यों में ₹110 करोड़ की ठगी, प्रयागराज पुलिस ने 114 बैंक खाताधारकों को दबोचा

प्रयागराज: देश के 16 राज्यों में हुई 110 करोड़ रुपये की विशाल साइबर ठगी के मामले में प्रयागराज की साइबर क्राइम पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने साइबर अपराधों में इस्तेमाल होने वाले 114 मोबाइल और संदिग्ध बैंक खाताधारकों (म्यूल अकाउंट होल्डर्स) को धर-दबोचा है। जिले के विभिन्न इलाकों से हिरासत में लिए गए इन सभी आरोपियों से गहन पूछताछ की गई। हालांकि, सात साल से कम की सजा का प्रावधान होने के कारण पुलिस इनका रिमांड नहीं बनवा सकी और इन्हें कानूनी नोटिस देकर छोड़ दिया गया।

साइबर अपराधों पर नकेल कसने के लिए पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर ‘ऑपरेशन साइबर वज्र’ चलाया जा रहा है। इसके तहत केंद्रीय गृह मंत्रालय के एनसीआरपी, समन्वय, प्रतिबिंब पोर्टल और डिजिटल इंटेलिजेंस के जरिए ठगी में इस्तेमाल होने वाले संदिग्ध बैंक खातों को ट्रैक किया गया था। जांच में सामने आया कि 16 राज्यों में हुई 110 करोड़ की ठगी की रकम को ठिकाने लगाने के लिए प्रयागराज के इन खातों का इस्तेमाल हुआ था। इस संबंध में विभिन्न थानों में 18 मुकदमे दर्ज किए गए थे, जिन पर उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों से 182 शिकायतें मिली थीं।

साइबर सेल प्रभारी घनश्याम यादव और साइबर क्राइम थाना प्रभारी ओमनारायण गौतम की अगुवाई में कुल 15 पुलिस टीमों का गठन किया गया था। रविवार को साइबर सेल, सर्विलांस और एसओजी (SOG) की संयुक्त टीमों ने छापेमारी कर इन 114 आरोपियों को दबोचा और इनके खिलाफ विधिक कार्यवाही की।

साइबर पुलिस की जनता से अपील और जरूरी गाइडलाइंस:
साइबर क्राइम पुलिस ने आम नागरिकों को जागरूक करने के लिए कुछ बेहद महत्वपूर्ण बातें साझा की हैं:

बैंक खाता किराए पर न दें: कमीशन, नौकरी या किसी भी प्रलोभन में आकर अनजान व्यक्ति को अपना बैंक खाता न दें। ऐसा करने पर आपका खाता फ्रीज हो सकता है और आपको जेल जाना पड़ सकता है।

सिम कार्ड का दुरुपयोग रोकें: अपने नाम का मोबाइल नंबर किसी अनजान को इस्तेमाल न करने दें। आपके नाम पर कितने सिम एक्टिव हैं, इसकी जांच भारत सरकार के ‘संचार साथी’ पोर्टल (https://tafcop.sancharsaathi.gov.in/) पर जाकर जरूर करें।

सोशल मीडिया फ्रॉड से बचें: टेलीग्राम या इंस्टाग्राम पर दिखने वाले पार्ट-टाइम जॉब, इन्वेस्टमेंट या ट्रेडिंग के लुभावने ऑफर्स से दूर रहें। ऑनलाइन गेमिंग ऐप्स के जरिए आने वाले पैसों का संबंध भी अक्सर साइबर अपराध से होता है।

यहाँ करें शिकायत: यदि आप किसी साइबर धोखाधड़ी का शिकार होते हैं, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 डायल करें या आधिकारिक वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।


शाजापुर पुलिस ने डकैती की तैयारी विफल की

लूट का सोना-चांदी, कार सहित लगभग 16 लाख 50 हजार रूपये से अधिक की संपत्ति जब्त
5 आरोपी गिरफ्तार

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अपराधियों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में शाजापुर जिले की मक्सी थाना पुलिस ने डकैती की एक बड़ी वारदात होने से पहले ही विफल करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। आरोपियों के कब्जे से पूर्व में हुई लूट का लगभग 4 लाख 50 हजार मूल्य का सोना-चांदी, डकैती की तैयारी में प्रयुक्त  कार, गैस कटर सहित  लगभग 16 लाख 50 हजार रुपए की संपत्ति  जब्त की है।

पुलिस अधीक्षक शाजापुर श्रीमती प्रियंका शुक्ला के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई में थाना मक्सी पुलिस को सूचना मिली थी कि मक्सी बायपास स्थित एबी रोड ब्रिज के नीचे कुछ बदमाश पेट्रोल पंप पर डकैती डालने की योजना बना रहे हैं। सूचना पर गठित पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी की। पुलिस को देखकर आरोपी भागने लगे तथा गिलोल से पत्थर चलाकर पुलिस दल पर हमला किया। आरोपियों को पकड़ने के दौरान एक आरोपी ने स्क्रू-ड्राइवर से आरक्षक श्री चन्द्रशेखर जाट पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। इसके बावजूद पुलिस टीम ने साहस एवं तत्परता का परिचय देते हुए पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने 20 जून को हुई एक लूट की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की तथा लूटा गया सोना-चांदी सिरोलिया के जंगल में छिपाकर रखने की जानकारी दी। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने लगभग 4 लाख 50 हजार रूपये मूल्य के आभूषण बरामद किए। साथ ही डकैती की तैयारी में उपयोग किए जाने वाले गैस कटर सहित अन्य उपकरण एवं  कार भी जब्त की।

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा आरोपियों से अन्य आपराधिक घटनाओं के संबंध में भी विस्तृत पूछताछ की जा रही है। प्रदेशभर में संगठित अपराध, लूट, डकैती एवं अन्य गंभीर अपराधों के विरुद्ध इसी प्रकार सतत एवं सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


बिजली मीटर को लेकर विवाद में युवक की गोली मारकर हत्या, पति-पत्नी गिरफ्तार

बटाला: पंजाब के बटाला जिला अंतर्गत आते गांव सीड़ा से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है। यहां महज बिजली के मीटर से छेड़छाड़ करने से रोकने पर एक युवक की लाइसेंसी पिस्टल से छह गोलियां मारकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। घटना के बाद थाना घणीए के बांगर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी और उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है।

 चश्मदीद नरिंदर सिंह के अनुसार, यह पूरी घटना उस समय शुरू हुई जब वह गुरुद्वारा साहिब जा रहा था। रास्ते में गांव का ही रहने वाला आरोपी गगनदीप सिंह बिजली के मीटर के साथ छेड़खानी कर रहा था। नरिंदर के भाई मनप्रीत सिंह ने जब गगनदीप को ऐसा करने से मना किया, तो दोनों के बीच मामूली कहासुनी हो गई। इसके बाद आरोपी गगनदीप सिंह गुस्से में अपने घर लौट गया।

आरोप है कि घर पहुंचने के बाद गगनदीप सिंह की पत्नी जसवीर कौर ने अपने पति को उकसाते हुए उसकी लाइसेंसी पिस्टल उसके हाथ में थमा दी। पिस्टल लेकर लौटे गगनदीप सिंह ने बिना कुछ सोचे-समझे मनप्रीत सिंह पर एक के बाद एक छह गोलियां दाग दीं। गोलियां लगने से मनप्रीत लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा। परिजन उसे तुरंत इलाज के लिए अमृतसर के एक निजी अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।

 मामले की जानकारी देते हुए डीएसपी फतेहगढ़ चूड़ियां ललित कुमार ने बताया कि सुबह करीब आठ बजे बिजली के मीटर को लेकर हुए विवाद के बाद गगनदीप सिंह ने मनप्रीत पर सीधे फायर किए थे। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी गगनदीप सिंह और उसकी पत्नी जसवीर कौर के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।


वाराणसी में किशोरी के अपहरण और सौदेबाजी का खुलासा, महिला समेत पांच आरोपी गिरफ्तार

वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के चौबेपुर क्षेत्र से मानव तस्करी और अपहरण का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 17 वर्षीय किशोरी का अपहरण कर उसे एक लाख रुपये में बेचने की साजिश रची गई थी। परिजनों की शिकायत पर चौबेपुर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक महिला समेत पांच शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

 मिली जानकारी के अनुसार, बीती 5 जुलाई को पीड़िता के परिजनों ने चौबेपुर थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि आरोपियों ने उनकी 17 साल की भतीजी का अपहरण कर लिया है और उसे एक लाख रुपये में किसी अन्य को बेचने की पूरी योजना बना ली है। इस गंभीर मामले को देखते हुए पुलिस ने तत्काल केस दर्ज किया और उप निरीक्षक महेश मिश्रा द्वारा मामले की विवेचना शुरू की गई।

 पुलिस की सक्रियता के कारण इस गिरोह का भंडाफोड़ हो गया। 11 जुलाई 2026 को पुलिस टीम ने चौबेपुर क्षेत्र के ग्राम गोपालपुर से तीन मुख्य आरोपियों- शिवधनी (34), राहुल भारद्वाज (31) और मैना देवी (42) को गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही, इस सौदेबाजी में शामिल दो खरीदारों/अन्य आरोपियों मोहित (निवासी ग्राम धराऊ, जनपद बुलंदशहर) और नेम सिंह (निवासी ग्राम बदनपुर, जनपद मथुरा) को भी चौबेपुर इलाके से ही धर-दबोचा गया।

 चौबेपुर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या वे पहले भी ऐसी वारदातों में शामिल रहे हैं। पुलिस ने साफ तौर पर कहा है कि महिलाओं और नाबालिगों के खिलाफ होने वाले ऐसे जघन्य अपराधों में शामिल किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।


मसूरी होमस्टे में महिला की संदिग्ध मौत मामले में पति गिरफ्तार

देहरादून। मसूरी के टिपरीधार स्थित एक होमस्टे में महिला की संदिग्ध मौत के मामले में देहरादून पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मृतका के पति को नई दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के अनुसार, 15 जून 2026 को मसूरी-धनौल्टी रोड स्थित कियाना होमस्टे में अपने पति के साथ रुकी पारुपुडी राधा गायत्री की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इस मामले में मृतका के परिजनों की तहरीर पर कोतवाली मसूरी में पति सोमयाजुला चरण के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।

जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर पुलिस ने न्यायालय से अभियुक्त के गैर-जमानती वारंट (NBW) प्राप्त किए। इसके बाद पुलिस टीम ने आरोपी सोमयाजुला चरण, निवासी मधु विहार, पूर्वी दिल्ली को नई दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार सुद्धोवाला भेज दिया गया।

 


दिल्ली पुलिस के कॉन्स्टेबल की मौत मामले में दो आरोपी गिरफ्तार

महेंद्रगढ़ (निजामपुर): हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के निजामपुर थाना क्षेत्र से एक बेहद दुखद और सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां दिल्ली पुलिस में तैनात एक कॉन्स्टेबल की उनके ही दोस्तों द्वारा बंधक बनाकर बेरहमी से मारपीट की गई, जिसके बाद इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। जवान की मौत के बाद पुलिस ने मामले को हत्या की धाराओं में तब्दील कर दिया है और त्वरित कार्रवाई करते हुए दो नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

 मिली जानकारी के अनुसार, धौलेड़ा गांव के रहने वाले सुनील कुमार दिल्ली पुलिस में कॉन्स्टेबल के पद पर कार्यरत थे और 14 जून को छुट्टी लेकर अपने घर आए हुए थे। 15 जून को उनके दोस्त उन्हें किसी बहाने से बुलाकर अपने साथ ले गए, जहां किसी बात को लेकर उनके बीच विवाद हो गया। उसी दिन दोपहर में सुनील की पत्नी के पास एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया कि उनके पति कालिया नांगल क्षेत्र में नहर के किनारे बेहोशी की हालत में पड़े हैं।

 परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे और गंभीर रूप से घायल सुनील को अस्पताल में भर्ती कराया। होश में आने पर सुनील कुमार ने परिजनों और पुलिस को बताया कि उनके साथ गए दो व्यक्तियों ने उन्हें बंधक बना लिया था और उनके साथ बेरहमी से मारपीट की। सुनील की पत्नी की शिकायत पर पुलिस ने शुरुआत में मारपीट की धाराओं में केस दर्ज किया था, लेकिन इलाज के दौरान हालत बिगड़ने से कॉन्स्टेबल सुनील कुमार की मौत हो गई।

जवान की मौत के बाद पुलिस ने मुकदमे में हत्या की धाराएं जोड़ दीं। निजामपुर थाना पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए वारदात में नामजद दोनों आरोपियों- प्रवीण और सनी (निवासी धौलेड़ा) को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक भी बरामद कर ली है और दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत (जेल) भेज दिया गया है।

मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए महेंद्रगढ़ के पुलिस अधीक्षक (SP) दीपक ने कहा कि जिले में किसी भी प्रकार की गंभीर आपराधिक घटना को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कानून के तहत दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


अमृतसर में खूनी रंजिश: तड़के सुबह घर से बाहर बुलाकर इकलौते बेटे की गोली मारकर हत्या, गांव में दहशत

अमृतसर: पंजाब के अमृतसर जिले के शहूरा गांव से एक सनसनीखेज और दुखद वारदात सामने आई है। यहां शनिवार तड़के पुरानी रंजिश के चलते बाइक सवार हमलावरों ने एक युवक की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी। मृतक अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। इस खूनी वारदात के बाद से पूरे गांव में शोक और भारी दहशत का माहौल है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है।

मृतक के पिता लाहौरा सिंह ने पुलिस को बताया कि उनके बेटे गुरअवतार सिंह की गांव के ही कुछ युवकों के साथ काफी समय से दुश्मनी चल रही थी। शुक्रवार देर रात गांव के ही रहने वाले गुरजंट सिंह, हनी डंडे और उनके कुछ अन्य साथी मोटरसाइकिलों पर सवार होकर उनके डेरे (घर) पर पहुंचे। उन्होंने बाहर से आवाज देकर गुरअवतार सिंह को घर से बाहर बुलाया।

पिता के अनुसार, जैसे ही गुरअवतार बाहर आया, आरोपियों के साथ उसकी तीखी कहासुनी होने लगी। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि गुरजंट सिंह और हनी ने अपनी पिस्तौल निकाल ली और गुरअवतार पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोलियों की आवाज से इलाका दहल उठा और गुरअवतार गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। परिजन और स्थानीय लोग उसे तुरंत अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इकलौते बेटे की मौत से परिवार में कोहराम मच गया है।

 घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की एक टीम तुरंत मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मृतक के परिजनों के बयान के आधार पर नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया जा रहा है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों की मदद ले रही है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उनके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा और जल्द ही सभी आरोपी सलाखों के पीछे होंगे।


सेना अधिकारी की पत्नी की फोटो एडिट कर ब्लैकमेल का आरोप, कैफे संचालक पर केस दर्ज

बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के इज्जतनगर थाना क्षेत्र से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां सेना के एक अधिकारी की पत्नी की फोटो एडिट कर रंगदारी मांगने का मामला प्रकाश में आया है। आरोप है कि आवासीय परिसर में कैफे चलाने वाले पूर्व किराएदार ने रंगदारी न देने पर पूरे परिवार को इंटरनेट मीडिया (सोशल मीडिया) पर बदनाम करने की धमकी दी है। इस मामले में एसएसपी के कड़े आदेश के बाद इज्जतनगर थाने में आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है।

 पीड़ित सेना के अधिकारी ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि उनकी पत्नी घर पर ही रहती हैं। उन्होंने बीते 2 अप्रैल को अपने आवासीय परिसर का एक हिस्सा रोहित सक्सेना नाम के व्यक्ति को कैफे चलाने के लिए किराए पर दिया था। आरोप है कि आरोपी रोहित ने शुरुआत में पुलिस वेरिफिकेशन (सत्यापन) की केवल रसीद दिखाई थी, लेकिन बार-बार मांगने के बावजूद उसने कभी भी अंतिम सत्यापन प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं कराया।

संदेह होने और नियमों का पालन न करने पर अधिकारी ने रोहित से वह परिसर खाली करवा लिया। दुकान हाथ से जाने के बाद आरोपी रोहित बौखला गया और उसने अधिकारी की पत्नी को मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। आरोपी ने अफसर की पत्नी की तस्वीरों को एडिट (मॉर्फ) कर लिया और उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर पैसों (रंगदारी) की मांग करने लगा।

 अधिकारी का आरोप है कि आरोपी रोहित लगातार उनकी पत्नी के मोबाइल फोन पर बेहद अश्लील और आपत्तिजनक संदेश भेज रहा है। वह बार-बार पूरे परिवार को समाज में बदनाम करने की धमकी दे रहा है। सेना के अधिकारी की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी ने तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की तलाश और मामले की जांच में जुट गई है।


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