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अवैध मादक पदार्थो के साथ पांच नशा तस्करों को दून पुलिस ने किया गिरफ्तार

Category Archives: क्राइम

अवैध मादक पदार्थो के साथ पांच नशा तस्करों को दून पुलिस ने किया गिरफ्तार

अभियुक्तों के कब्जे से 30 लाख ₹ से अधिक मूल्य की 100.73 ग्राम स्मैक तथा 500 ग्राम चरस हुई बरामद

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के “ड्रग्स फ्री देवभूमि” अभियान और दून पुलिस के ऑपरेशन प्रहार के तहत मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता मिली है। जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पांच तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 32 लाख रुपये से अधिक मूल्य की स्मैक और चरस बरामद की गई है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

रायपुर में 18 लाख की स्मैक के साथ तस्कर गिरफ्तार

रायपुर थाना पुलिस ने चेकिंग के दौरान पेरिस विहार के पास से आकाश कुमार कनौजिया को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से 57.80 ग्राम अवैध स्मैक बरामद हुई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 18 लाख रुपये आंकी गई है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह स्मैक बरेली से लाकर स्थानीय नशेड़ियों और शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों को ऊंचे दामों पर बेचने की तैयारी में था।

पटेलनगर में साढ़े आठ लाख की स्मैक बरामद

कोतवाली पटेलनगर पुलिस ने आईएसबीटी के समीप संडे मार्केट ग्राउंड के पास से दिलशाद नामक आरोपी को गिरफ्तार किया। उसके पास से 28.30 ग्राम स्मैक बरामद हुई, जिसकी कीमत करीब 8.5 लाख रुपये बताई गई है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह यह स्मैक सहारनपुर से खरीदकर देहरादून में बेचने के उद्देश्य से लाया था।

नेहरू कॉलोनी में स्मैक और 500 ग्राम चरस के साथ दो आरोपी दबोचे

नेहरू कॉलोनी पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। सैफ उर्फ मुन्ना के पास से 7.20 ग्राम स्मैक, जबकि रामचंदर के कब्जे से 500 ग्राम अवैध चरस बरामद की गई। दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

ऋषिकेश में युवक स्मैक के साथ गिरफ्तार

ऋषिकेश कोतवाली पुलिस ने आईडीपीएल गोलचक्कर के पास चेकिंग के दौरान आदि नामक युवक को गिरफ्तार किया। उसके पास से 7.43 ग्राम स्मैक बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब ढाई लाख रुपये है। आरोपी से पूछताछ कर पुलिस मादक पदार्थों की सप्लाई चेन की जानकारी जुटा रही है।

ड्रग्स नेटवर्क पर लगातार कार्रवाई जारी

दून पुलिस का कहना है कि जनपद में मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री में लिप्त लोगों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर नशे के कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि युवाओं को नशे से बचाने और प्रदेश को नशा मुक्त बनाने के लिए ऐसे अभियान आगे भी लगातार चलाए जाएंगे।


पैनेसिया अस्पताल में हुई चोरी की घटना का दून पुलिस ने किया खुलासा, पांच आरोपी गिरफ्तार

अभियुक्तों के कब्जे से करीब 3 लाख रूपए कीमत का चोरी का माल हुआ बरामद

देहरादून। नेहरू कॉलोनी थाना पुलिस ने पैनेसिया अस्पताल में हुई चोरी की घटना का सफल खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर अस्पताल से चोरी किया गया करीब तीन लाख रुपये मूल्य का सामान बरामद किया है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने नशे की लत पूरी करने के लिए वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की है।

पुलिस के अनुसार, 13 जुलाई को अस्पताल के प्रतिनिधि रणवीर सिंह ने नेहरू कॉलोनी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात चोरों ने अस्पताल में तोड़फोड़ कर एलईडी टीवी, विद्युत उपकरण, पाइप, वाल्व और अन्य सामान चोरी कर लिया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की।

एसएसपी देहरादून के निर्देश पर गठित पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास साक्ष्य जुटाने के साथ-साथ संदिग्धों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने विधानसभा मार्ग स्थित एक खंडहर भवन में छापेमारी कर चोरी में शामिल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ और आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने खंडहर भवन से चोरी किया गया सामान बरामद किया। बरामदगी में दो एलईडी टीवी, 17 स्टील की पानी की टोटियां, 13 स्टील एंगल कॉक/वाल्व, दो पीतल की टोटियां, 10 फायर सप्लाई नॉन-रिटर्न वाल्व, विद्युत तार, तांबे की वायर तथा एसी सप्लाई के तांबे के पाइप शामिल हैं। अस्पताल प्रबंधन ने बरामद सामान की पहचान अपने अस्पताल की संपत्ति के रूप में की है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शुभम उर्फ शिबू, सोहेल, कुलदीप, सरीक उर्फ बोना और सलमान के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, सभी आरोपी नशे के आदी हैं। इनमें से एक फेरी लगाने और दूसरा ठेली लगाने का काम करता है। आरोपियों ने बताया कि चोरी किए गए सामान को कबाड़ी के हाथ बेचने की तैयारी थी, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उन्हें दबोच लिया।

पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ अग्रिम कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही उनके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।


मोबाइल स्नैचिंग की घटना को अंजाम देने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

अभियुक्तों के कब्जे से घटना में छीना गया मोबाइल तथा घटना में प्रयुक्त वाहन हुआ बरामद

देहरादून। प्रेमनगर थाना पुलिस ने मोबाइल स्नैचिंग की घटना का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से छीना गया मोबाइल फोन और वारदात में प्रयुक्त बिना नंबर की स्कूटी भी बरामद की है। पूछताछ में आरोपियों ने नशे की लत पूरी करने के लिए वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की है।

पुलिस के अनुसार, ठाकुरपुर निवासी संतोषी जोशी ने कोतवाली प्रेमनगर में शिकायत दर्ज कराई थी कि केहरी गांव फ्लाईओवर के नीचे से घर लौटते समय पीछे से स्कूटी पर आए दो अज्ञात युवकों ने उनके हाथ से मोबाइल फोन छीन लिया और फरार हो गए। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की।

एसएसपी देहरादून के निर्देश पर गठित पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। साथ ही संदिग्धों की पहचान कर संभावित मार्गों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया। इसी दौरान झाझरा पुलिस चौकी के सामने वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस ने घटना में शामिल दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान फरमान (19 वर्ष) निवासी लालपुल, पटेलनगर (मूल निवासी बिजनौर, उत्तर प्रदेश) और सुहेल (23 वर्ष) निवासी ब्रह्मपुरी, पटेलनगर के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान पुलिस ने उनके पास से छीना गया मोटरोला कंपनी का स्मार्टफोन और घटना में प्रयुक्त बिना नंबर की स्कूटी बरामद की।

पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि वे नशे के आदी हैं और नशे के लिए पैसे जुटाने की नीयत से मोबाइल स्नैचिंग जैसी वारदातों को अंजाम देते थे। पुलिस आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है और उन्हें न्यायालय में पेश करने की तैयारी की जा रही है।


ऑपरेशन प्रहार के तहत बड़ी कार्रवाई, तीन नशा तस्कर गिरफ्तार, 20 ग्राम से अधिक स्मैक बरामद

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ‘ड्रग्स फ्री देवभूमि’ विजन को साकार करने के लिए दून पुलिस का ऑपरेशन प्रहार लगातार जारी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून के निर्देश पर जिलेभर में मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री में लिप्त अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत विकासनगर और डोईवाला थाना पुलिस ने अलग-अलग कार्रवाई करते हुए तीन नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से कुल 20.06 ग्राम अवैध स्मैक और एक कार बरामद की गई है।

विकासनगर में दो तस्कर दबोचे

कोतवाली विकासनगर पुलिस ने चेकिंग अभियान के दौरान उदियाबाग स्थित चाय बागान रोड से ऑल्टो कार में सवार दिलशाद उर्फ शानू को 7.69 ग्राम स्मैक के साथ गिरफ्तार किया। वहीं, त्यागी फार्म हाउस के पास से जावेद को 5.96 ग्राम स्मैक के साथ पकड़ा गया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए हैं।

जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी पहले भी मादक पदार्थों की तस्करी के मामलों में जेल जा चुके हैं। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान तस्करी में प्रयुक्त ऑल्टो कार भी कब्जे में ले ली है।

डोईवाला में भी एक आरोपी गिरफ्तार

उधर, कोतवाली डोईवाला पुलिस ने तेलीवाला रोड पर वाहन और संदिग्ध व्यक्तियों की जांच के दौरान फरीद नामक युवक को 6.41 ग्राम अवैध स्मैक के साथ गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार फरीद का आपराधिक इतिहास भी रहा है और वह पूर्व में चोरी के मामले में जेल जा चुका है।

नशा तस्करों पर लगातार जारी रहेगी कार्रवाई

दून पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऑपरेशन प्रहार के तहत जिलेभर में नशा तस्करों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। पुलिस का कहना है कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और प्रदेश को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।


फरीदाबाद में पुलिस का 3 दिवसीय महा-अभियान, 227 भगोड़ों समेत 417 अपराधी गिरफ्तार

फरीदाबाद: फरीदाबाद पुलिस ने जिले में अपराध और असामाजिक गतिविधियों पर पूरी तरह से नकेल कसने के लिए एक बड़ा अभियान चलाया है। पुलिस कमिश्नर सतेंद्र कुमार गुप्ता के दिशा-निर्देशों पर अमल करते हुए 10 जुलाई से 12 जुलाई तक तीन दिवसीय विशेष अभियान चलाया गया। इस मेगा ड्राइव के दौरान पुलिस ने अलग-अलग अपराधों में शामिल कुल 417 आरोपियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। गिरफ्तार किए गए लोगों में 227 ऐसे ‘घोषित अपराधी’ (Proclaimed Offenders) और बेल जंपर शामिल हैं जो जमानत मिलने के बाद से फरार चल रहे थे। इसके अलावा पुलिस ने 47 लापता लोगों को भी ढूंढ निकाला है।

इस तीन दिवसीय अभियान के दौरान जिला पुलिस, क्राइम ब्रांच और विशेष यूनिट्स ने मिलकर ताबड़तोड़ छापेमारी की। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में अवैध सामान बरामद किया है, जिसमें शामिल हैं:

3 किलोग्राम से अधिक गांजा, 25 प्रतिबंधित इंजेक्शन और 1.3 ग्राम एमडीएमए (MDMA)।

अवैध रूप से रखी गई 17 पिस्तौल।

लगभग 2,000 बोतल देसी व अंग्रेजी (IMFL) शराब और 4 लीटर अवैध शराब।

जुआ अधिनियम के तहत ₹1.47 लाख से अधिक की नकदी।

पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, इस अभियान में नशा तस्करों से निपटने पर विशेष ध्यान दिया गया। एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत 9 मामले दर्ज कर ड्रग्स जब्त किए गए। वहीं, जुआ खेलने और सट्टा आयोजित करने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 54 मामलों में 64 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और उनके पास से ₹1,47,590 नकद बरामद किए गए। इसके अतिरिक्त, सार्वजनिक स्थानों पर उपद्रव करने और शांति भंग करने के आरोप में 57 लोगों को हिरासत में लिया गया।

पुलिस कमिश्नर सतेंद्र कुमार गुप्ता ने कहा कि इस स्पेशल अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले की कानून-व्यवस्था को और मजबूत करना, गंभीर मामलों में वांछित अपराधियों और लंबित वारंटियों को जेल भेजना तथा आम नागरिकों को एक सुरक्षित माहौल प्रदान करना था। उन्होंने साफ किया कि अपराधियों, ड्रग तस्करों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ पुलिस की यह सख्त कार्रवाई आगे भी इसी तरह जारी रहेगी।

जनता से अपील: फरीदाबाद पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी आपराधिक या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम के नंबर 9999150000, 0129-2227200 या आपातकालीन नंबर 112 पर दें। सूचना देने वाले नागरिक की पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी।


फरीदकोट में दिनदहाड़े घर में घुसकर दिव्यांग महिला की बेरहमी से हत्या, इलाके में फैली सनसनी

फरीदकोट: पंजाब के फरीदकोट शहर के भीड़भाड़ वाले मोहल्ला जानियां से एक बेहद हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहाँ सोमवार दोपहर को एक 43 वर्षीय दिव्यांग (Physical Challenged) महिला की उनके ही घर के भीतर धारदार हथियार से वार कर बेरहमी से हत्या कर दी गई। मृतका की पहचान नीतू के रूप में हुई है। वारदात के वक्त वह घर पर पूरी तरह अकेली थीं। इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।

मिली जानकारी के अनुसार, नीतू के पति प्रदीप कालड़ा एक सरकारी शिक्षक हैं। सोमवार सुबह वह हर रोज की तरह ड्यूटी पर चले गए थे, जबकि उनकी 17 वर्षीय बेटी और 10 वर्षीय बेटा भी स्कूल गए हुए थे। दोपहर करीब दो बजे जब प्रदीप कालड़ा घर लौटे, तो उन्होंने कई बार घंटी बजाई। आमतौर पर दिव्यांग होने के बावजूद नीतू पति के आने पर दरवाजे तक आ जाती थीं, लेकिन सोमवार को अंदर से कोई हलचल नहीं हुई।

अनहोनी की आशंका होने पर प्रदीप ने पड़ोस की एक महिला को बुलाया। जब किसी तरह दरवाजा खोलकर अंदर देखा गया, तो कमरे का दृश्य देखकर सबके होश उड़ गए। कमरे में नीतू का शव खून से लथपथ हालत में पड़ा हुआ था। परिजनों के मुताबिक, उनके शरीर पर किसी तेजधार हथियार से ताबड़तोड़ वार किए गए थे।

मृतका के परिवार का कहना है कि उनकी किसी से कोई रंजिश या दुश्मनी नहीं थी। शुरुआती तौर पर घर से किसी भी कीमती सामान या नकदी के चोरी होने की बात भी सामने नहीं आई है। ऐसे में सुरक्षित माने जाने वाले इस मोहल्ले में अकेली दिव्यांग महिला की हत्या क्यों की गई, इसकी वजह अभी पूरी तरह रहस्य बनी हुई है।

वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस बल और फोरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल का बारीकी से मुआयना करने के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। फरीदकोट के डीएसपी तरलोचन सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच के आधार पर हत्या की यह वारदात दोपहर 12 बजे से 2 बजे के बीच अंजाम दी गई है। आरोपी की पहचान करने के लिए मोहल्ले में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि मामले की हर संभावित पहलू से जांच की जा रही है और जल्द ही हत्यारे को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।


1.47 करोड़ के डिजिटल अरेस्ट घोटाले में बड़ी कार्रवाई, 50 लाख का लाभार्थी खाताधारक हरियाणा से गिरफ्तार

1.47 करोड रूपये के डिजिटल अरेस्ट केस में एसटीएफ. की साईबर टीम कुमाऊं की एक ओर बडी कार्यवाही

माननीय न्यायालय से अभियुक्त के विरूद्ध जारी किया गया था गैर जमानती वारण्ट 

वर्ष 2025 में अभियुक्तगणों द्वारा रूहेलखण्ड विश्वविद्यालय की सेवानिवृत्त कुलपति को डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर की गयी थी साईबर धोखाधडी 

पीडिता (वरिष्ठ नागरिक) को 12 दिनों तक व्हाटसप कॉल के माध्यम से किया था डिजिटल अरेस्ट 

देहरादून- राज्य एसटीएफ की साइबर टीम ने एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त करते हुए डिजिटल अरेस्ट से संबंधित साइबर धोखाधड़ी के प्रकरण में FIR NO 21/2025 से सम्बन्धित अभियोग में 50 लाख रूपये के लाभार्थी खाताधारक वांछित अभियुक्त को हरियाणा राज्य से गिरफ्तार किया है। उक्त अभियोग में पूर्व में ही 03 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ उत्तराखण्ड द्वारा जानकारी देते हुए बताया कि माह अगस्त 2025 में नैनीताल निवासी पीडिता द्वारा डिजिटल अरेस्ट से सम्बन्धित अभियोग साईबर क्राईम रूद्रपुर में दर्ज कराया गया था, जिसमें साईबर अपराधियों द्वारा स्वयं को महाराष्ट्र साईबर क्राईम से बताते हुए पीडिता के नाम पर खुले बैंक खाते में मनी लाण्ड्रिंग के तहत 60 करोड रूपये की लेन-देन होने की बात कही गयी, जिसके लिये साईबर अपराधियों द्वारा पीडिता के खातों का ऑनलाईन वैरिफिकेशन किये जाने के नाम पर व्हाटसप कॉल पर ही 12 दिनों तक पीडित को “डिजिटली अरेस्ट” करते हुए विभिन्न खातों में कुल 1.47 करोड़ रूपये की धनराशि धोखाधडीपूर्वक जमा करायी गयी थी । गिरफ्तार अभियुक्त के बैंक खाते में साइबर ठगी से प्राप्त 50 लाख रूपये की धनराशि स्थानांतरित हुई थी। लगातार फरार चल रहे उक्त अभियुक्त को एसटीएफ की साइबर टीम ने तकनीकी विश्लेषण, डिजिटल साक्ष्यों एवं लगातार की जा रही निगरानी के आधार पर उसे गिरफ्तार करने मे सफलता प्राप्त की है।

गिरफ्तार अभियुक्त
भूपिन्दर सिंह पुत्र गुरचरन सिंह निवासी ग्राम पिलखनी, रविदास मन्दिर के पास, थाना शाह, जनपद अम्बाला, हरियाणा उम्र- 41 वर्ष
साईबर थाना पुलिस टीम-
1- प्रभारी निरीक्षक श्री अरूण कुमार
2- उ0नि0 श्री शंकर सिंह रावत
3- अ0उ0नि0 श्री सत्येन्द्र गंगोला
4- हे0कानि0 श्री सुरेन्द्र सिंह सामन्त
5- हे0कानि0 श्री मनोज कुमार


पोक्सो मामले में 25 हजार का इनामी आरोपी हरिद्वार से गिरफ्तार, 6 महीने से था फरार

एसएसपी देहरादून की लीडरशीप में अपराधियों पर सख्त दून पुलिस

अभियुक्त पोक्सो एक्ट में चल रहा था वांछित

पुलिस से बचने के लिये अभियुक्त लगातार बदल रहा था अपने ठिकाने

अभियुक्त के लगातार फरार चलने पर एसएसपी देहरादून द्वारा अभियुक्त पर 25 हज़ार का ईनाम किया था घोषित

 देहरादून- अपराधियों के विरूद्व प्रभावी कार्यवाही हेतु वर्तमान में प्रचलित ऑपरेशन प्रहार के तहत एसएसपी देहरादून द्वारा सभी अधीनस्थों को अपने-अपने क्षेत्रों में आपराधिक गतिविधियों में लिप्त अभियुक्तों के साथ-साथ वांछित/ईनामी अपराधियों की गिरफ्तारी हेतु प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये है।

उक्त निर्देशो के क्रम में कोतवाली डोईवाला पर गंभीर धाराओं में पंजीकृत अभियोग मु0अ0सं0- 326/2025, धारा 137(2), 65(1) बीएनएस और धारा 5 पोक्सो एक्ट (बाल यौन अपराध संरक्षण अधिनियम), जिसमें डोईवाला निवासी एक व्यक्ति द्वारा दिनांक 15-12-2026 को कोतवाली डोईवाला पर तहरीर दी गई थी कि उनके पडोस में किराये पर रहने वाले कैलाश नाम के व्यक्ति द्वारा उनकी नाबालिक पुत्री, जिसकी मानसिक स्थिति ठीक नही है, को बहला-फुसलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया।

प्रकरण की गंभीरता के दृष्टिगत एसएसपी देहरादून द्वारा अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया गया, गठित टीमों द्वारा अभियुक्त के सम्बंध में सुरागरसी/पतारसी करते हुए अभियुक्त के संभावित ठिकानो पर लगातार दबिशें दी गई, परन्तु अभियुक्त पुलिस से बचने के लिये लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। अभियुक्त के लगातार फरार चलने पर एसएसपी देहरादून द्वारा उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रू0 का ईनाम घोषित किया गया था।

पुलिस टीम द्वारा लगातार सुरागरसी/पतारसी तथा तकनीकी विशलेषण की सहायता से अभियुक्त के अलीपुर इब्राहिमपुर हरिद्वार में होने की जानकारी प्राप्त हुई, जिस पर कोतवाली डोईवाला व एसओजी देहात की संयुक्त टीम द्वारा आज दिनांक 12-07-2026 को वांछित अभियुक्त कैलाश को ओम पैकिजिंग फैक्ट्री के पास, अलीपुर हरिद्वार से गिरफ्तार किया गया।

नाम/पता गिरफ्तार अभियुक्त

कैलाश चंद्र पुत्र जसराज, निवासी बुराखन बैयवार, थाना लाडगढ, जिया बैयवार, राजस्थान, हाल पता ओम पैकेजिंग फैक्ट्री, बहादराबाद, हरिद्वार, उम्र 32 वर्ष,

पुलिस टीम :-

01- निरी0 खुशी राम पाण्डेय, प्रभारी एस0ओ0जी0 ग्रामीण
02- व0उ0नि0 मनोहर सिंह रावत, कोतवाली डोईवाला
03- उ0नि0 विनोद राणा, एस0ओ0जी0
04- कानि0 अजय रावत
05- हे0का0 विपिन सैनी, एस0ओ0जी0
06- का0 सोनी कुमार, एस0ओ0जी0
07- का0 मनोज कुमार, एस0ओ0जी0
08- का0 विपिन राणा, एस0ओ0जी0
09- म0का0 जमुना नेगी, एस0ओ0जी0


धर्मनगरी में जाली नोटों के नेटवर्क का भंडाफोड़, 14 दिन में 12 आरोपी गिरफ्तार

हरिद्वार: धर्मनगरी हरिद्वार में रोजाना आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और बाजारों में होने वाले नकदी के बड़े कारोबार की आड़ में नकली नोटों का साम्राज्य खड़ा करने की कोशिश कर रहे एक बड़े नेटवर्क का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने पिछले 14 दिनों के भीतर लगातार तीन बड़ी कार्रवाइयां करते हुए इस शातिर गिरोह को तगड़ा झटका दिया है।

पुलिस ने अलग-अलग मामलों में अब तक कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 2.92 लाख रुपये की जाली करेंसी (नकली नोट), नोट छापने में इस्तेमाल होने वाला प्रिंटर, लैपटॉप, मोबाइल और तस्करी में इस्तेमाल होने वाली कार समेत अन्य उपकरण बरामद किए गए हैं। पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक, यह गिरोह मुख्य रूप से भीड़भाड़ वाले धार्मिक स्थलों और छोटे दुकानदारों को अपना निशाना बनाता था, जो जल्दबाजी में नोटों की पहचान नहीं कर पाते थे।

14 दिनों में ऐसे सिलसिलेवार हुई कार्रवाई:

  • 28 जून: श्यामपुर थाना पुलिस ने चेकिंग के दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 52,500 रुपये की नकली करेंसी बरामद की।

  • 30 जून: पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के बाद गिरोह के तीन और सदस्यों को दबोचा गया। इनके पास से 50 हजार रुपये के नकली नोट, प्रिंटर, लैपटॉप और मोबाइल बरामद हुए।

  • 6 जुलाई: नगर कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनके पास से 84,500 रुपये के जाली नोट मिले।

  • 11 जुलाई: पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान आरोपियों से मिले इनपुट के आधार पर एक विशेष टीम ने पंजाब में छापेमारी की। वहां से दो और आरोपियों को 1.05 लाख रुपये के नकली नोटों, एक प्रिंटर और कार के साथ गिरफ्तार किया गया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हरिद्वार जैसे प्रमुख धार्मिक शहरों में नकद भुगतान का चलन बहुत अधिक है। शातिर अपराधी इसी भीड़भाड़ और अस्थायी दुकानों की बहुलता का फायदा उठाकर नकली नोट खपाने की फिराक में रहते थे। पुलिस की इस बैक-टू-बैक कार्रवाई से जाली नोटों के इस नेटवर्क की कमर टूट गई है। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों के अन्य संपर्कों और इस पूरे नेक्सस की गहनता से जांच कर रही है ताकि इस रैकेट को पूरी तरह से जड़ से खत्म किया जा सके।


सहारनपुर में सिर्फ ₹30 के किराए के विवाद में ई-रिक्शा चालक की चाकू गोदकर हत्या, इलाके में सनसनी

सहारनपुर: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के नगर कोतवाली क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ महज 30 रुपये के किराए के विवाद को लेकर एक सवारी ने ई-रिक्शा चालक की चाकू मारकर बेरहमी से हत्या कर दी। यह खूनी वारदात जोगियान पुल स्थित एसबीआई (SBI) बैंक के सामने हुई। गंभीर रूप से घायल चालक ने जिला अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, रसूलपुर की दानिश कॉलोनी का रहने वाला शाहिद सोमवार रात करीब 12 बजे अपने ई-रिक्शा में एक युवक को बैठाकर जा रहा था। रास्ते में दोनों के बीच किराए की रकम को लेकर बहस शुरू हो गई। पुलिस ने बताया कि रिक्शा चालक शाहिद सफर के लिए 50 रुपये की मांग कर रहा था, जबकि रिक्शे में बैठी सवारी सिर्फ 20 रुपये देने पर अड़ी थी।

महज 30 रुपये का यह विवाद देखते ही देखते इतना बढ़ गया कि रिक्शे में बैठे युवक ने आव देखा न ताव, अचानक अपने पास रखा चाकू निकाला और शाहिद पर ताबड़तोड़ कई वार कर दिए। शाहिद को लहूलुहान करने के बाद आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया।

घटना की सूचना मिलते ही नगर कोतवाली पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और खून से लथपथ शाहिद को जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया, लेकिन अत्यधिक खून बह जाने के कारण शाहिद की जान नहीं बचाई जा सकी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मर्चरी भेज दिया है।

सहारनपुर के एसपी सिटी व्योम बिंदल ने बताया कि पुलिस घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य जुटा रही है। आरोपी की पहचान के लिए आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं और जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।


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