Saturday, August 8th, 2026

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मुख्यमंत्री ने पेंशन लाभार्थियों को कुल ₹ 146 करोड़ 32 लाख की पेंशन राशि का किया भुगतान

Daily Archives: 08/08/2026

मुख्यमंत्री ने पेंशन लाभार्थियों को कुल ₹ 146 करोड़ 32 लाख की पेंशन राशि का किया भुगतान

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में समाज कल्याण विभाग के अन्तर्गत 9लाख 87हजार 17 विभिन्न पेंशन लाभार्थियों को कुल ₹ 146 करोड़ 32 लाख 50 हज़ार की पेंशन राशि का डीबीटी के माध्यम से भुगतान किया। यह भुगतान जुलाई माह 2026 की पेंशन का किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार, समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पेंशन राशि का समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से सीधे लाभार्थियों के खातों में हस्तांतरण किया जा रहा है, जिससे पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का सीधे लाभ मिल रहा है। सरकार का उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज का कमजोर वर्ग, सरकार के परिवार का हिस्सा है। राज्य सरकार का प्रयास है कि पेंशन के लिए किसी बुजुर्ग माता-पिता, विधवा बहन या दिव्यांग भाई को कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। हमारा संकल्प प्रत्येक पात्र नागरिक को सम्मानपूर्वक, समय पर और बिना किसी परेशानी के उसका अधिकार पहुँचाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास की भावना के साथ उत्तराखंड को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। राज्य का विकास समाज के प्रत्येक वर्ग के विकास से ही संभव है।

समाज कल्याण मंत्री खजान दास ने कहा कि समाज कल्याण विभाग द्वारा माह जुलाई-2026 की पेंशन किश्त का भुगतान किया गया है। इस माह विभिन्न पेंशन योजनाओं के 9लाख 87 हजार 17 लाभार्थियों को पेंशन धनराशि का भुगतान किया गया। उक्त लाभार्थियों में ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार के राष्ट्रीय सामजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) के 2.15 लाख पेंशनर भी सम्मिलित हैं जिन्हें वर्तमान में SNA स्पर्श नामक नवीन प्रणाली से भुगतान किया जा रहा है।

गौरतलब है कि जुलाई 2026 में विभिन्न पेंशन योजनाओं के तहत कुल 9,87,017 लाभार्थियों को पेंशन का लाभ दिया गया। इसके लिए कुल 146.32 करोड़ रुपये की धनराशि वितरित की गई। इसके अंतर्गत वृद्धावस्था पेंशन के कुल 6,15,628 लाभार्थियों को 1,500 रुपये प्रतिमाह की दर से 92.34 करोड़ रुपये की पेंशन वितरित की गई। वहीं विधवा पेंशन के 2,36,983 लाभार्थियों को 1,500 रुपये प्रतिमाह की दर से 35.54 करोड़ रुपये की धनराशि दी गई।

दिव्यांग पेंशन के 89,128 लाभार्थियों को 1,500 रुपये की दर से 13.36 करोड़ रुपये, किसान पेंशन के 27,288 लाभार्थियों को 1,200 रुपये की दर से 3.2 करोड़ रुपये तथा परित्यक्ता पेंशन के 8,284 लाभार्थियों को 1,200 रुपये की दर से 99.408 लाख रुपये वितरित किए गए। इसके अलावा भरण-पोषण अनुदान के 7,383 लाभार्थियों को 700 रुपये की दर से 51.68 लाख रुपये, तीलू रौतेली पेंशन के 2,196 लाभार्थियों को 1,200 रुपये की दर से 26.35 लाख रुपये तथा बौना पेंशन के 127 लाभार्थियों को 1,200 रुपये की दर से 1.524 लाख रुपये की धनराशि वितरित की गई।

इस अवसर पर सचिव समाज कल्याण श्रीधर बाबू अद्दांकी, निदेशक जनजाति कल्याण संजय टोलिया, अपर सचिव सुन्दरलाल सेमवाल, निदेशक संजय कुमार, अपर निदेशक योगेंद्र रावत, संयुक्त निदेशक जी.आर नौटियाल, गोवर्धन सिंह एवं अन्य लोग मौजूद रहे।


देहरादून में पुल की एप्रोच रोड धंसने पर बड़ी कार्रवाई, PWD के तीन इंजीनियर निलंबित

देहरादून: नंदा की चौकी स्थित टोंस नदी पर बने पुल की एप्रोच रोड धंसने के मामले में शासन ने कड़ा रुख अपनाया है। प्राथमिक जांच में गंभीर लापरवाही और पर्यवेक्षण में ढिलाई पाए जाने पर लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) प्रांतीय खंड के तीन वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

निलंबित अधिकारियों में अधिशासी अभियंता राजेश कुमार, सहायक अभियंता अमित त्यागी और कनिष्ठ अभियंता नवीन गैरोला शामिल हैं। लोनिवि सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इन अधिकारियों पर तकनीकी निगरानी, गुणवत्ता नियंत्रण और अनुबंध की शर्तों के पालन में लापरवाही बरतने के लिए दीर्घ शास्ति (बड़ी कार्रवाई) की प्रक्रिया शुरू की गई है।

क्या थी हादसे की वजह? बीती 28 जुलाई को टोंस नदी पर बने इस पुल की एप्रोच रोड अचानक धंस गई थी, जिसके बाद लोनिवि की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए थे। मुख्य अभियंता द्वारा 3 अगस्त को सौंपी गई जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि नदी के बहाव को मोड़ने और ‘रिवर ट्रेनिंग वर्क’ के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए थे। इसके कारण नदी का सारा दबाव एक तरफ आ गया और कटाव होने से एप्रोच रोड धंस गई।

शासन ने लोनिवि विभागाध्यक्ष को मामले के डिजाइन कंसलटेंट के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पुल की सुरक्षा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर तुरंत काम शुरू करने के आदेश दिए गए हैं।


गढ़वाल आयुक्त 10 अगस्त को देहरादून में सुनेंगे जनसमस्याएं

जिला कार्यालय सभागार में सुबह 11 बजे होगा ‘समाधान दिवस’ कार्यक्रम

देहरादून। गढ़वाल मंडल आयुक्त आनंद स्वरूप आगामी 10 अगस्त (सोमवार) को जिला कार्यालय सभागार, देहरादून में आयोजित ‘समाधान दिवस’ कार्यक्रम में प्रतिभाग कर आमजन की समस्याएं सुनेंगे। कार्यक्रम का आयोजन पूर्वा 11:00 बजे किया जाएगा।

आयुक्त कार्यालय से प्राप्त निर्देशों के अनुपालन में जिलाधिकारी नेे जनपद के समस्त संबंधित विभागों, उप जिलाधिकारियों, तहसीलदारों तथा जनप्रतिनिधियों को कार्यक्रम में समय से उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही आमजन से भी अपील की गई है कि वे अपनी समस्याओं एवं सुझावों के साथ निर्धारित समय पर जिला कार्यालय सभागार पहुंचकर समाधान दिवस का लाभ उठाएं।


एसआईआर में तेजी के साथ पारदर्शिता एवं शुद्धता सुनिश्चित करें अधिकारी- सीडीओ अभिनव शाह

राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों एवं निर्वाचन अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक, अनोमलीज एवं नो-मैपिंग नोटिस की प्रगति की समीक्षा

अनोमलीज अथवा नो-मैपिंग की स्थिति में मतदाताओं को घबराने की आवश्यकता नहीं- मुख्य विकास अधिकारी

देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखण्ड के निर्देशानुसार जनपद में संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) कार्य की समीक्षा को लेकर मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह की अध्यक्षता में ऋषिपर्णा सभागार में समस्त मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ERO) के साथ बैठक आयोजित की गई।

बैठक में जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ0 आशीष चौहान के निर्देशों के क्रम में एसआईआर के अंतर्गत मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। विशेष रूप से मतदाता सूची में सामने आ रही अनोमलीज (Anomalies), नो-मैपिंग (No Mapping) नोटिस के वितरण, दावे एवं आपत्तियों तथा प्राप्त प्रपत्रों की स्थिति की जानकारी ली गई।

मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान जिन मतदाताओं के विवरण में अनोमलीज सामने आई हैं अथवा जिनका मैपिंग नहीं हो पाया है, उन्हें घबराने की आवश्यकता नहीं है। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया एवं अभिलेखों के आधार पर ऐसे मतदाताओं को अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर दिया जा रहा है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित अभिलेख प्रस्तुत किए जाने तथा नियमानुसार परीक्षण के उपरांत पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस संबंध में मतदाताओं को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराते हुए उनकी शंकाओं एवं भ्रांतियों का निराकरण किया जाए।

मुख्य विकास अधिकारी ने सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को निर्देशित किया कि एसआईआर के दौरान प्राप्त होने वाले दावों एवं आपत्तियों की सुनवाई पूरी गंभीरता, निष्पक्षता एवं नियमानुसार की जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र मतदाता को अपना पक्ष रखने का अवसर मिलना चाहिए तथा किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए।

उन्होंने समस्त बीएलओ को भी निर्देशित किया कि वे अपने क्षेत्र में मतदाताओं को एसआईआर प्रक्रिया, आवश्यक अभिलेखों, दावों एवं आपत्तियों से संबंधित प्रावधानों की जानकारी दें तथा मतदाताओं के साथ समुचित समन्वय बनाए रखें।

समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पूरा करें पुनरीक्षण कार्य
सीडीओ अभिनव शाह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एसआईआर कार्य में समयबद्धता, पारदर्शिता एवं शुद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए। प्राप्त दावों एवं आपत्तियों का निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार परीक्षण करते हुए उनका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का शुद्ध एवं त्रुटिरहित होना लोकतांत्रिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। इसलिए सभी अधिकारी एवं कार्मिक पूरी गंभीरता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखते हुए एसआईआर प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए।

राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को दी गई प्रक्रिया की जानकारी
बैठक में एसआईआर के दौरान प्राप्त होने वाले विभिन्न प्रपत्रों, दावों एवं आपत्तियों तथा उनके निस्तारण की प्रक्रिया के संबंध में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने अनोमलीज एवं नो-मैपिंग से संबंधित प्रकरणों में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया से भी अवगत कराया।

मुख्य विकास अधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से भी अपील की कि वे एसआईआर प्रक्रिया में निर्वाचन विभाग का सहयोग करें तथा मतदाताओं को सही एवं आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने में अपनी भूमिका निभाएं।

बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन स्मृता परमार, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नरेन्द्र देवली सहित समस्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी उपस्थित रहे
इस अवसर पर सीपीआईएम से अनंत आकाश, भाजपा से अरविन्द जैन एवं महेश गुप्ता, कांग्रेस से रितेश जोशी, आम आदमी पार्टी से कमल राना, बसपा से सतेन्द्र सिंह एवं सतेन्द्र चोपड़ा सहित विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों को लेकर डीएम डॉ0 आशीष चौहान ने की समीक्षा बैठक

आजादी के पर्व को गरिमा और भव्यता से मनाने की तैयारी, जिला प्रशासन ने कसी कमर

देहरादून-  जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों को लेकर परेड ग्राउंड में आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम में व्यवस्थाओं को लेकर संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में स्वतंत्रता दिवस समारोह को गरिमापूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए विभिन्न विभागों द्वारा की जा रही तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने समारोह स्थल पर सीटिंग प्लान, पेयजल व्यवस्था, साफ-सफाई, विद्युत व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, पार्किंग, सुरक्षा व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को समयबद्ध रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस राष्ट्रीय गौरव एवं सम्मान का पर्व है, इसलिए समारोह से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप एवं सुव्यवस्थित होनी चाहिए।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि समारोह स्थल पर अतिथियों एवं आमजन के बैठने की व्यवस्था के लिए स्पष्ट एवं व्यवस्थित सीटिंग प्लान तैयार किया जाए। पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही समारोह स्थल एवं आसपास के क्षेत्रों में विशेष साफ-सफाई अभियान चलाया जाए। उन्होंने विद्युत आपूर्ति एवं वैकल्पिक व्यवस्था की भी समुचित तैयारी रखने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने पुलिस एवं संबंधित विभागों को यातायात प्लान तैयार कर समारोह के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने पार्किंग स्थलों को चिन्हित करने, वाहनों के आवागमन के लिए आवश्यक रूट डायवर्जन एवं यातायात प्रबंधन की व्यवस्था समय से सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वतंत्रता दिवस समारोह से संबंधित सभी तैयारियां आपसी समन्वय से पूर्ण की जाएं तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। समारोह स्थल पर आवश्यक व्यवस्थाओं का पूर्व निरीक्षण करते हुए कमियों को समय रहते दूर करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन स्मृता परमार, पुलिस अधीक्षक नगर प्रमोद कुमार, नगर मजिस्ट्रेट राकेश तिवारी, उप जिलाधिकारी सदर अपूर्वा सिंह, उप जिलाधिकारी मुख्यालय रविंद्र जुआंठा, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, उप निदेशक सूचना बद्री चंद नेगी, जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड क्रीड़ा विश्वविद्यालय (Sports University ) गौलापार के निर्माण कार्यों की समीक्षा की

गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं, सभी कार्य तय समय में पूर्ण हों: मुख्यमंत्री

उत्तराखंड को खेल उत्कृष्टता का केंद्र बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही उत्तराखंड स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी परियोजना

खेल विजन, नई खेल नीति और लिगेसी प्लान के अनुरूप आधुनिक खेल अवसंरचना विकसित करने के निर्देश

देहरादून- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के समक्ष मुख्यमंत्री आवास में खेल विभाग द्वारा उत्तराखंड क्रीड़ा विश्वविद्यालय, गौलापार (नैनीताल) के निर्माण कार्यों की विस्तृत प्रगति प्रस्तुति दी गई। प्रस्तुतीकरण के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में विकसित की जा रही खेल अवसंरचना, शैक्षणिक भवनों, प्रशिक्षण सुविधाओं, छात्रावासों, खेल विज्ञान केंद्र, अनुसंधान सुविधाओं तथा अन्य निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति की जानकारी दी गई।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विश्वविद्यालय के सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किए जाएँ तथा गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं, बल्कि उत्तराखंड के खेल भविष्य को नई दिशा देने वाला एक महत्वपूर्ण संस्थान है, इसलिए प्रत्येक निर्माण कार्य उच्च मानकों के अनुरूप और दीर्घकालिक उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार राज्य को खेल उत्कृष्टता के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए एक व्यापक और दूरदर्शी रणनीति पर कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उत्तराखंड स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का विकास राज्य की नई खेल नीति, खेल विजन और लिगेसी प्लान के अनुरूप किया जाए, ताकि यह संस्थान खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, खेल वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के लिए विश्वस्तरीय अवसर उपलब्ध करा सके।

उन्होंने कहा कि स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी में आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएँ, अंतरराष्ट्रीय मानकों के खेल मैदान, इनडोर एवं आउटडोर खेल परिसरों, स्पोर्ट्स साइंस एवं स्पोर्ट्स मेडिसिन सुविधाओं, उच्च प्रदर्शन प्रशिक्षण केंद्रों तथा खेल प्रबंधन और खेल अनुसंधान से संबंधित उन्नत व्यवस्थाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उनका कहना था कि यह विश्वविद्यालय उत्तराखंड के युवाओं को खेल शिक्षा, प्रशिक्षण, अनुसंधान और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को पहचानने, उन्हें प्रशिक्षित करने और राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने हेतु निरंतर कार्य कर रही है। राज्य में आधुनिक खेल अवसंरचना के विकास, जिला और ब्लॉक स्तर तक खेल सुविधाओं के विस्तार, प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, उपकरण, पोषण और प्रतियोगिताओं में भागीदारी के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में अनेक पहलें की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार की खेल नीति का उद्देश्य केवल पदक जीतना नहीं, बल्कि खेल संस्कृति को जन-जन तक पहुँचाना, युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली की ओर प्रेरित करना तथा खेलों को शिक्षा, कौशल और रोजगार से जोड़ना है। इसी दृष्टिकोण के अंतर्गत खेल विजन और लिगेसी प्लान के माध्यम से दीर्घकालिक खेल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया जा रहा है, जिससे उत्तराखंड आने वाले वर्षों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर अपनी मजबूत पहचान स्थापित कर सके।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विश्वविद्यालय परियोजना की नियमित समीक्षा करने, निर्माण कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, तकनीकी मानकों का कठोर अनुपालन करने तथा समयबद्ध प्रगति के लिए प्रभावी समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या , विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा तथा खेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


जन सेवा केंद्रों पर विकासनगर पुलिस का औचक निरीक्षण, साइबर अपराध रोकथाम को लेकर दिए सख्त निर्देश

विकासनगर:  कोतवाली विकासनगर पुलिस ने शुक्रवार को थाना क्षेत्र के विभिन्न जन सेवा केंद्रों (CSC) का औचक निरीक्षण कर वहां उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं, अभिलेखों के रखरखाव तथा ऑनलाइन सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान केंद्र संचालकों को आमजन को पारदर्शी एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

पुलिस ने सभी जन सेवा केंद्र संचालकों को हिदायत दी कि शासन द्वारा निर्धारित सेवाएं नियमानुसार उपलब्ध कराई जाएं तथा किसी भी व्यक्ति से निर्धारित शुल्क से अधिक धनराशि न ली जाए। प्रत्येक सेवा के लिए अनिवार्य रूप से रसीद उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए।

निरीक्षण के दौरान केंद्रों पर साफ-सफाई, अभिलेखों के सुव्यवस्थित रखरखाव, सूचना-पट्ट, आवश्यक दस्तावेजों तथा ऑनलाइन सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ आमजन के प्रति शालीन व्यवहार बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।

बढ़ते साइबर अपराधों के मद्देनजर पुलिस ने सभी संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी जन सेवा केंद्र पर किसी प्रकार का कूटरचित (फर्जी) दस्तावेज तैयार न किया जाए। आवेदकों द्वारा उपलब्ध कराए गए सभी दस्तावेजों का भली-भांति सत्यापन करने के बाद ही संबंधित ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी की जाए।

निरीक्षण के दौरान जहां भी कमियां पाई गईं, वहां संचालकों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए उन्हें शीघ्र दूर करने के निर्देश दिए गए। पुलिस ने कहा कि जन सेवा केंद्रों की कार्यप्रणाली पर भविष्य में भी नियमित निगरानी रखी जाएगी, ताकि आमजन को पारदर्शी, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिल सकें।


विकासनगर में सार्वजनिक स्थान पर जुआ खेल रहे पांच आरोपी गिरफ्तार, 8,150 रुपये और ताश की गड्डी बरामद

देहरादून:  वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर जिले में आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत विकासनगर पुलिस ने सार्वजनिक स्थान पर जुआ खेल रहे पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से जुए में लगाई जा रही 8,150 रुपये की नकदी और 52 ताश के पत्ते बरामद किए हैं।

पुलिस के अनुसार, 7 अगस्त को मुखबिर से सूचना मिली थी कि शिव मंदिर, पृथ्वीपुर, विकासनगर स्थित एक बगीचे में कुछ लोग जुआ खेल रहे हैं। सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और जुआ खेल रहे पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान असरफ (52), गालिब (40), सुनील (38), जीशान (39) और सोयेब (28) के रूप में हुई है। सभी आरोपी विकासनगर क्षेत्र के अलग-अलग स्थानों के निवासी बताए गए हैं।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोतवाली विकासनगर में मु0अ0सं0 236/2026, धारा 13G एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

बरामदगी:

8,150 रुपये नकद

52 ताश के पत्ते


उत्तराखंड में पुरानी बसों को इलेक्ट्रिक बसों में बदलने की तैयारी, परिवहन मंत्री ने की समीक्षा

आउटडेटेड बसों में रेट्रोफिट टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर जोर, प्रदेश में चार्जिंग स्टेशन विकसित करने का प्रस्ताव

देहरादून: उत्तराखंड में परिवहन निगम की पुरानी और आउटडेटेड बसों को दोबारा उपयोग में लाने की दिशा में सरकार ने कदम बढ़ाए हैं। प्रदेश के परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने विधानसभा स्थित सभागार में विभागीय अधिकारियों और विभिन्न ऑटोमोबाइल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की।

बैठक में परिवहन निगम की पुरानी बसों को इलेक्ट्रिक बसों में परिवर्तित करने और रेट्रोफिट टेक्नोलॉजी के माध्यम से दोबारा उपयोग में लाने पर विस्तार से चर्चा हुई। परिवहन मंत्री ने कहा कि इस पहल से पुरानी बसों का उपयोग किया जा सकेगा और प्रदेश में इलेक्ट्रिक परिवहन को भी बढ़ावा मिलेगा।

बैठक में सन मोबिलिटी कंपनी की ओर से पुरानी बसों को इलेक्ट्रिक बसों में परिवर्तित करने संबंधी प्रस्तुतीकरण दिया गया। मंत्री ने कहा कि इस तरह की तकनीक इलेक्ट्रिक वाहनों के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकती है।

वहीं मेगा निर्माणन इंडस्ट्रीज की ओर से प्रदेश के विभिन्न मार्गों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने का प्रस्ताव भी रखा गया। परिवहन मंत्री ने कंपनी को विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर विभागीय अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

बैठक में इलेक्ट्रिक बसों में आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल पर भी चर्चा हुई। इनमें बसों की लाइव लोकेशन, ऑनलाइन टिकट बुकिंग और अन्य डिजिटल सुविधाओं को शामिल कर यात्रियों को बेहतर एवं सुविधाजनक परिवहन सेवा उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।

परिवहन मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश में परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, पर्यावरण अनुकूल और तकनीक आधारित बनाना है। पुरानी बसों को नई तकनीक के साथ उपयोग में लाने की पहल इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

बैठक में राज्य स्तरीय परिवहन प्राधिकरण के अध्यक्ष संजय अरोड़ा, एमडी परिवहन रीना जोशी, अपर आयुक्त एस.के. सिंह सहित विभागीय अधिकारी और विभिन्न ऑटोमोबाइल कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।


हरिद्वार-ऋषिकेश में लीसा इकाइयों पर वन विभाग की छापेमारी, एक डिपो सीज

अभिलेख नहीं मिलने पर भगवानपुर स्थित लीसा डिपो में रखे विरोजा और तारपीन तेल का स्टॉक किया गया सीज, दूसरे प्रतिष्ठान में नहीं मिली अनियमितता

हरिद्वार/ऋषिकेश। वन उपज के अवैध भंडारण और व्यापार पर अंकुश लगाने के लिए वन विभाग ने हरिद्वार और ऋषिकेश क्षेत्र में पंजीकृत लीसा इकाइयों का औचक निरीक्षण किया। मुख्य वन संरक्षक, गढ़वाल एवं वन संरक्षक, शिवालिक के निर्देश पर देहरादून और हरिद्वार वन प्रभाग की संयुक्त टीमों ने अलग-अलग प्रतिष्ठानों में सघन निरीक्षण और तलाशी अभियान चलाया।

यह कार्रवाई उ.प्र. लीसा तथा अन्य वन उपज (विनियमन) अधिनियम, 1976 की संबंधित धाराओं के तहत की गई।

भगवानपुर में अभिलेख नहीं मिले, डिपो सीज

उप प्रभागीय वनाधिकारी देहरादून डॉ. उदय नन्द गौड़ के नेतृत्व में 22 सदस्यीय संयुक्त टीम ने भगवानपुर, हरिद्वार स्थित एक पंजीकृत लीसा डिपो का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान में स्वामी अथवा अधिकृत प्रतिनिधि मौजूद नहीं मिला।

परिसर में रखे ड्रमों में विरोजा एवं तारपीन तेल पाया गया, लेकिन स्टॉक रजिस्टर, क्रय-विक्रय अभिलेख, परिवहन प्रपत्र समेत आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जा सके। अभिलेखों के अभाव में मौके पर सामग्री का सत्यापन संभव नहीं हो पाया।

इसके चलते वन विभाग ने सामग्री को अग्रिम आदेशों तक विधिवत सीज कर दिया और मामले में अग्रिम जांच शुरू कर दी है। इकाई स्वामी को आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने के लिए भी अवगत कराया गया है।

कार्रवाई में रेंज अधिकारी दीक्षा, रेंज अधिकारी मोहन सिंह रावत, रेंज अधिकारी महेन्द्र गिरी, उपराजिक गजेन्द्र सहित वन दरोगा और बीट अधिकारी शामिल रहे।

ऋषिकेश की इकाई में नहीं मिली अनियमितता

इसी क्रम में उप प्रभागीय वनाधिकारी रुड़की ज्वाला प्रसाद के नेतृत्व में दूसरी संयुक्त टीम ने लालतप्पड़, ऋषिकेश स्थित जय भारत रोजिन एंड केमिकल्स प्रोडक्ट्स का निरीक्षण एवं तलाशी अभियान चलाया। टीम ने प्रतिष्ठान में उपलब्ध वन उपज और संबंधित अभिलेखों की जांच की। निरीक्षण के दौरान किसी प्रकार की अनियमितता नहीं पाई गई।

टीम में रेंज अधिकारी खानपुर प्रियांशु पाण्डेय, रेंज अधिकारी गणेश उनियाल सहित वन दरोगा एवं संबंधित बीट अधिकारी शामिल रहे।

नियमों का उल्लंघन करने वालों पर होगी कार्रवाई

प्रभागीय वनाधिकारी देहरादून नीरज शर्मा और प्रभागीय वनाधिकारी हरिद्वार स्वपनिल अनिरुद्ध ने स्पष्ट किया कि वन उपज के भंडारण, परिवहन और व्यापार से जुड़े प्रत्येक प्रतिष्ठान के लिए नियमानुसार अभिलेखों का संधारण करना और निरीक्षण के दौरान उन्हें प्रस्तुत करना अनिवार्य है।

उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की अनियमितता, अवैध भंडारण अथवा नियमों के उल्लंघन पर कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग की ओर से ऐसे प्रतिष्ठानों के विरुद्ध आगामी दिनों में भी आकस्मिक एवं संयुक्त निरीक्षण अभियान जारी रहेंगे, ताकि वन उपज के अवैध व्यापार पर प्रभावी नियंत्रण के साथ वैध व्यापार व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।


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