Wednesday, January 28th, 2026

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प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शिता से भारत-यूरोप व्यापार संबंधों में नया अध्याय- डा. नरेश बंसल

Monthly Archives: January 2026

प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शिता से भारत-यूरोप व्यापार संबंधों में नया अध्याय- डा. नरेश बंसल

भारत–यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता ऐतिहासिक, भारतीय अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई गति- डॉ. नरेश बंसल

देहरादून/नई दिल्ली। भाजपा के राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद डॉ. नरेश बंसल ने भारत–यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह अब तक का भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक समझौता है। उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ के 27 सदस्य देशों के साथ हुआ यह करार भारतीय व्यवसायों के लिए दुनिया के सबसे बड़े बाजारों में से एक का द्वार खोलता है, जिससे भारत–यूरोप व्यापार को नई गति मिलेगी।

डॉ. बंसल ने कहा कि यूरोपीय संघ के देशों की संयुक्त अर्थव्यवस्था वैश्विक जीडीपी का लगभग एक चौथाई हिस्सा है। ऐसे में इस समझौते का प्रभाव न केवल भारत और यूरोप, बल्कि पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। भारतीय उत्पादों को नया और बड़ा बाजार मिलेगा, जिससे व्यापार और निवेश की अपार संभावनाएं पैदा होंगी। उन्होंने कहा कि 16वां भारत–यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन उस ऐतिहासिक आयोजन के रूप में याद किया जाएगा, जहां दुनिया की चौथी और दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं ने वैश्विक व्यापार में नया अध्याय शुरू किया।

डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि भारत वर्ष 2007 से इस समझौते के लिए प्रयास कर रहा था, लेकिन 2013 में यह प्रक्रिया ठंडे बस्ते में चली गई थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह समझौता न केवल साकार हुआ, बल्कि विश्व की आर्थिक और सामाजिक दिशा को प्रभावित करने वाला ऐतिहासिक कदम साबित होगा। बीते वर्षों में भारत द्वारा लगातार मुक्त व्यापार समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिससे वैश्विक बाजारों तक पहुंच बढ़ी है और निर्यात को मजबूती मिली है।

उन्होंने कहा कि जी-20 सम्मेलन 2022 के दौरान अफ्रीकी देशों को संगठित कर अफ्रीकन यूनियन को प्रमुखता देना और अब 27 यूरोपीय देशों की अध्यक्ष को भारत आमंत्रित कर यह व्यापार समझौता करना, प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शी सोच और सशक्त विदेश नीति का उदाहरण है।

डॉ. बंसल ने बताया कि यूरोपीय संघ की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भी इस समझौते को अब तक का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण व्यापारिक करार बताया है। उन्होंने कहा कि इससे भारत और यूरोप के बीच तकनीकी सहयोग और मजबूत होगा।

डॉ. नरेश बंसल के अनुसार, इस समझौते से 99 प्रतिशत से अधिक भारतीय वस्तुओं को तरजीही पहुंच मिलेगी, जिससे लगभग 6.41 लाख करोड़ रुपये के निर्यात अवसर सृजित होंगे। एमएसएमई, ऊर्जा, पेट्रो-गैस, समुद्री, रक्षा और निर्माण क्षेत्रों को विशेष लाभ मिलेगा। साथ ही वस्त्र, चमड़ा, समुद्री उत्पाद, रत्न एवं आभूषण जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के लिए भी नए बाजार खुलेंगे, जिससे किसानों की आय बढ़ेगी।

उन्होंने कहा कि यह समझौता भारत की सप्लाई चेन को और सशक्त करेगा और आत्मनिर्भर भारत से आगे बढ़ते हुए देश की आर्थिक प्रगति को नई गति देगा। अंत में डॉ. बंसल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस दूरगामी पहल के लिए बधाई देते हुए कहा कि इससे वैश्विक स्तर पर भारत की विश्वसनीयता और प्रतिष्ठा और मजबूत होगी।


एमडीडीए का बुलडोज़र अभियान जारी, 40 बीघा क्षेत्र में की जा रही अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त

देहरादून। मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के नेतृत्व में अब तक प्राधिकरण क्षेत्र में 10 हजार से अधिक अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा चुकी है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।

इसी क्रम में प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत विभिन्न स्थानों पर अवैध रूप से की जा रही प्लॉटिंग पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। एकता विहार, लेन संख्या–1, रतनपुर, बलूनी स्कूल के पीछे, देहरादून में मासूम अली एवं प्रकाश जोशी द्वारा लगभग 10 बीघा क्षेत्रफल में की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया।

इसके अतिरिक्त परवल रोड, चांदनी चौक, शिमला बाईपास रोड, देहरादून में नफासत द्वारा लगभग 30 बीघा क्षेत्रफल में की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर भी प्राधिकरण की टीम ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। यह कार्रवाई सहायक अभियंता सासंक सक्सेना, अवर अभियंता ललित नेगी, सुपरवाइजर तथा पुलिस बल की मौजूदगी में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई गई।

एमडीडीए ने अवैध प्लॉटिंग करने वालों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि बिना स्वीकृति के किए जा रहे किसी भी निर्माण अथवा प्लॉटिंग को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। आमजन से अपील की गई है कि भूमि क्रय-विक्रय से पूर्व संबंधित प्राधिकरण से वैध स्वीकृति अवश्य जांच लें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।

उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान
बंशीधर तिवारी ने कहा कि मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। बिना स्वीकृति के की जा रही प्लॉटिंग और निर्माण पूरी तरह अवैध हैं और इनके खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और भविष्य में भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान
मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत चिन्हित क्षेत्रों में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि कार्रवाई के दौरान भवन उपविधियों और विकास नियंत्रण विनियमों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया गया है तथा पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया। उन्होंने आमजन से अपील की कि भूमि क्रय-विक्रय से पूर्व एमडीडीए से वैध स्वीकृति अवश्य जांच लें, ताकि किसी भी प्रकार की कानूनी परेशानी से बचा जा सके।


थानो भोगपुर में आयोजित हुआ आयुष्मान शिविर

150 से अधिक आयुष्मान कार्ड व आभा आईडी बनाए गए

लाभार्थियों को आयुष्मान योजना व ABDM की महत्वपूर्ण जानकारियों से कराया रूबरू

देहरादून। राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण की पहल पर देहरादून जनपद के भोगपुर में आयुष्मान/आभा जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर 150 से अधिक आयुष्मान कार्ड व आभा आईडी बनाए गए। शिविरार्थियों को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, अटल आयुष्मान, 70 साल व उससे अधिक आयु वर्ग के सीनियर सिटीजन हेतु वय वंदना कार्ड की जानकारियां दी गई। ग्राम पंचायत रखवाल गांव के प्रधान दीपक रावत की मांग पर शिविर का आयोजन किया गया।

विकासखंड डोईवाला के ग्राम पंचायत भवन भोगपुर में आयोजित शिविर में उपस्थित लोगों को आयुष्मान योजना के अंतर्गत प्रतिवर्ष प्रति परिवार पांच लाख रुपए तक निःशुल्क उपचार सुविधा, सत्तर साल या उससे अधिक उम्र के वरिष्ट नागरिकों को परिवार से पृथक 5 लाख रुपए तक निःशुल्क उपचार सुविधा हेतु वय वंदना कार्ड, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन मिशन के अंतर्गत आभा कार्ड, स्कैन एंड शेयर, स्कैन एंड पे आदि से संबंधित  जानकारियां दी गई। शिविर में 150 से अधिक आयुष्मान कार्ड व आभा आईडी बनाए गए।

इस अवसर पर ग्राम प्रधान रखवाल गांव दीपक रावत, ग्राम प्रधान भोगपुर चांदखान, स्वीटी रावत ग्राम प्रधान गडुल, क्षेत्र पंचायत सदस्य संजीव नेगी, रविंद्र रावत, सामाजिक कार्यकर्ता धर्मेद्र रावत, विवेक सिंह रावत आदि का सहयोग रहा। शिविर में आयुष्मान योजना की विभिन्न जानकारियों से युक्त पंपलेट, ब्राउसर आदि प्रचार सामाग्री वितरित की गई। शिविर में आईईसी टीम के नवीन शुक्ला, नवीन चमोली, प्रणव शर्मा, अरूण बिष्ट, बीआईएस के नितेश यादव, लव भंडारी आदि शामिल रहे।


यूसीसी दिवस पर पौड़ी में भव्य आयोजन, मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से दी शुभकामनाएँ

यूसीसी का सफल क्रियान्वयन प्रशासन और जनसहयोग का परिणाम- विधायक

यूसीसी के एक वर्ष पूर्ण होने पर पौड़ी में व्यापक कार्यक्रम, 43 हजार से अधिक पंजीकरण पूर्ण

महिलाओं को न्याय और समान अवसर देने की दिशा में यूसीसी निर्णायक कदम- जिलाधिकारी

पौड़ी। यूसीसी के एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जनपद पौड़ी में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग करते हुए जनपदवासियों को यूसीसी दिवस की शुभकामनाएँ दीं।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह गर्व का विषय है कि समान नागरिक संहिता का यह कानून केवल घोषणा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रभावी रूप से धरातल पर लागू होकर जनकल्याण का माध्यम बना है। इसके माध्यम से सरकारी सेवाओं तक जनता की पहुँच को अधिक सरल, पारदर्शी और न्यायसंगत बनाया गया है। भारतीय संस्कृति के मूल में निहित समानता, सामाजिक न्याय और बंधुत्व के मूल्यों को यह कानून सशक्त करता है, क्योंकि एक सशक्त और समरस समाज के लिए सभी नागरिकों हेतु समान कानून आवश्यक है। समान नागरिक संहिता महिलाओं को न्याय, सम्मान और आगे बढ़ने के समान अवसर प्रदान कर समाज को नई दिशा देने का कार्य करेगी।

संस्कृति विभाग के प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि विधायक पौड़ी राजकुमार पोरी तथा जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ भेंट कर किया गया। संस्कृति विभाग की ओर से स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया, जबकि जिला पंचायतीराज अधिकारी जितेंद्र कुमार ने स्वागत उद्बोधन देते हुए अवगत कराया कि यूसीसी दिवस के अवसर पर जनपद के समस्त विकासखंडों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

खंड विकास अधिकारी दृष्टि आनंद ने यूसीसी को अधिकार के रूप में जन-जन तक पहुँचाने के लिए सभी की सहभागिता की अपील की। कार्यक्रम के दौरान यूसीसी पर आधारित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया, जिसमें इसके उद्देश्य, महत्व एवं प्रावधानों की संक्षिप्त जानकारी दी गई।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों की कड़ी में हेमंती सिंह द्वारा “हम उत्तराखंडी छा” गीत की प्रस्तुति दी गई। इसके साथ ही विद्यालय स्तर पर आयोजित निबंध, चित्रकला एवं वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान किए गए। जिला स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों एवं कर्मचारियों को भी सम्मानित किया गया। साथ ही जनपद के प्रथम यूसीसी पंजीकरणकर्ता दंपत्ति अंकित एवं रिंकी तड़ियाल को विशेष रूप से सम्मान प्रदान किया गया।

विधायक राजकुमार पोरी ने अपने संबोधन में कहा कि समान नागरिक संहिता समाज में समानता, न्याय और पारदर्शिता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि यह कानून किसी वर्ग विशेष के लिए नहीं, बल्कि सभी नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए है। विधायक ने जनपद स्तर पर इसे सफलतापूर्वक लागू करने के लिए प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड ने देश को एक नई दिशा और प्रेरणा देने का कार्य किया है।

जिलाधिकारी ने उपस्थित जनसमूह का स्वागत करते हुए कहा कि कभी समान नागरिक संहिता केवल एक आदर्श कल्पना प्रतीत होती थी, जिसे भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में लागू करना कठिन माना जाता था। उन्होंने बताया कि उत्तराखण्ड में यह कार्य मात्र तीन वर्षों में दृढ़ इच्छाशक्ति और सामूहिक प्रयास से पूर्ण किया गया। उन्होंने कहा कि जनपद पौड़ी की 1166 ग्राम पंचायतों में से 835 पंचायतों में कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण होना एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि इच्छाशक्ति और टीमवर्क से असंभव भी संभव हो जाता है, और आज उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य बनकर इतिहास रच चुका है। उन्होंने बताया कि पौड़ी जनपद में वर्तमान तक यूसीसी में 43784 पंजीकरण पूर्ण हो चुके हैं।

अपर जिलाधिकारी अनिल गर्ब्याल ने कार्यक्रम के समापन अवसर पर सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों तथा प्रतिभागियों का हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में विभिन्न विभागों, सांस्कृतिक दलों, विद्यार्थियों एवं आयोजन से जुड़े सभी कार्मिकों के सहयोग की सराहना की।

कार्यक्रम का संचालन जयदीप रावत ने किया। इस अवसर पर संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शिव मोहन शुक्ला, जिला शिक्षाधिकारी माध्यमिक रणजीत सिंह नेगी, जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र थपलियाल, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. शैलेन्द्र पाण्डेय, एडीपीआरओ प्रदीप सुंदरियाल, डीआईओ एनआईसी मयंक शर्मा, तहसीलदार दीवान सिंह राणा, जिला खेल समन्वयक योगंबर नेगी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, स्कूली बच्चे तथा आम नागरिक उपस्थित रहे।


पटेलनगर में मोबाइल चोरी की घटना का दून पुलिस ने किया खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार

महंगे फोन का शौक ले पहुंचा सलाखों के पीछे

अभियुक्तों के कब्जे से घटना में चोरी किये गये 02 मोबाइल फोन हुए बरामद

देहरादून। पटेलनगर क्षेत्र में मोबाइल फोन चोरी की घटना का दून पुलिस ने खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो महंगे मोबाइल फोन बरामद किए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 27 जनवरी 2026 को सौरभ गोयल पुत्र अशोक गोयल, निवासी प्रिय लोक कॉलोनी, पटेलनगर, देहरादून ने कोतवाली पटेलनगर में लिखित तहरीर देकर शिकायत दर्ज कराई थी कि आशु नामक युवक व उसके साथियों ने उनकी दुकान से मोबाइल फोन चोरी कर लिए हैं। तहरीर के आधार पर कोतवाली पटेलनगर में मु0अ0सं0–35/2026, धारा 303(2)/351(2)/352 बीएनएस के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया।

घटना के अनावरण और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने सुरागरसी-पतारसी करते हुए मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। इसी क्रम में 27 जनवरी 2026 को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने हरभजवाला क्षेत्र स्थित एक खाली प्लॉट से चोरी की घटना को अंजाम देने वाले तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आशु कुमार, केशव डबराल और सुधांशु बडोनी के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से वादी की दुकान से चोरी किए गए विभिन्न कंपनियों के दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं।

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्हें महंगे मोबाइल फोन रखने का शौक था, जिसे पूरा करने के लिए उन्होंने चोरी की वारदात को अंजाम दिया।

गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण:

आशु कुमार पुत्र महिपाल सिंह, निवासी ग्राम कादपुर, तहसील बेहट, थाना बेहट, जिला सहारनपुर (उ.प्र.), हाल निवासी सरस्वती विहार, माता मंदिर रोड, देहरादून, उम्र 22 वर्ष

केशव डबराल पुत्र रमेश डबराल, निवासी अजबपुर, माता मंदिर रोड, देहरादून, उम्र 21 वर्ष

सुधांशु बडोनी पुत्र स्व. अजय बडोनी, निवासी आमवाला तरला, नालापानी, देहरादून, उम्र 21 वर्ष

बरामदगी:

आईफोन 15 प्रो मैक्स (सिल्वर रंग)

आईफोन 16 प्रो (गोल्डन रंग)


घुटनों का दर्द और अकड़न? जानिए गठिया के कारण और घरेलू इलाज

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, गलत खान-पान और शारीरिक निष्क्रियता ने जोड़ों से जुड़ी बीमारियों को तेजी से बढ़ा दिया है। कभी केवल उम्र बढ़ने से जुड़ी मानी जाने वाली गठिया (Arthritis) की समस्या अब युवाओं को भी तेजी से अपनी चपेट में ले रही है। जोड़ों के बीच मौजूद कार्टिलेज जब धीरे-धीरे कमजोर होने लगता है, तो हड्डियां आपस में टकराने लगती हैं, जिससे घुटनों में दर्द, सूजन और अकड़न की शिकायत शुरू हो जाती है। सुबह उठते समय, लंबे समय तक बैठने के बाद या सीढ़ियां चढ़ते-उतरते समय यह दर्द और अधिक परेशान करता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, शरीर में यूरिक एसिड का बढ़ना, ऑटोइम्यून डिसऑर्डर, मोटापा और पोषक तत्वों की कमी भी गठिया को बढ़ावा देने वाले प्रमुख कारण हैं। यदि शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज किया जाए, तो स्थिति धीरे-धीरे गंभीर हो सकती है और चलना-फिरना भी मुश्किल हो जाता है। हालांकि, समय रहते जीवनशैली में सुधार, संतुलित आहार और कुछ प्राकृतिक उपाय अपनाकर जोड़ों के दर्द को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

गठिया में राहत देने वाले असरदार घरेलू मसाले

रसोई में मौजूद कुछ सामान्य मसाले गठिया के दर्द में रामबाण की तरह काम कर सकते हैं। हल्दी में पाया जाने वाला करक्यूमिन सूजन को कम करने वाला शक्तिशाली तत्व है, जो जोड़ों की अकड़न और दर्द को घटाने में मदद करता है। रोजाना गुनगुने दूध में हल्दी मिलाकर पीने से सूजन कम होती है। वहीं, अदरक का सेवन शरीर में सूजन पैदा करने वाले तत्वों को कम करता है और जोड़ों की कार्यक्षमता को बेहतर बनाता है। अदरक का काढ़ा या चाय नियमित रूप से लेने से आराम महसूस होता है।

मालिश और तेल से कैसे बढ़ेगा जोड़ों का लचीलापन?

नियमित तेल मालिश गठिया के मरीजों के लिए बेहद लाभकारी मानी जाती है। मालिश से प्रभावित हिस्से में रक्त संचार बेहतर होता है, जिससे जकड़न और दर्द में राहत मिलती है। लहसुन को सरसों के तेल में पकाकर उससे घुटनों की मालिश करना एक पुराना और असरदार घरेलू उपाय है। इसके अलावा जैतून का तेल और अरंडी का तेल भी सूजन कम करने में सहायक होते हैं। तेल की गर्माहट मांसपेशियों को आराम देती है और जोड़ों को लचीला बनाए रखने में मदद करती है।

खान-पान और व्यायाम में जरूरी बदलाव

गठिया से पीड़ित लोगों को अपने आहार पर विशेष ध्यान देना चाहिए। ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे अखरोट, अलसी और मछली सूजन को कम करने में मदद करते हैं। इसके साथ ही हल्का और नियमित व्यायाम बेहद जरूरी है। तैराकी, योग और साइकिलिंग जैसे लो-इम्पैक्ट एक्सरसाइज जोड़ों पर अधिक दबाव डाले बिना उन्हें मजबूत बनाते हैं। वजन नियंत्रित रखना भी आवश्यक है, क्योंकि अतिरिक्त वजन सीधे घुटनों पर दबाव डालता है। रातभर भिगोए हुए मेथी दानों का पानी पीना यूरिक एसिड को संतुलित रखने में सहायक माना जाता है।

क्या रखें सावधानी?

यदि घुटनों में लगातार दर्द, अत्यधिक सूजन या जोड़ों से आवाज आने लगे, तो इसे नजरअंदाज न करें। घरेलू उपायों के साथ-साथ समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना बेहद जरूरी है। योग, संतुलित आहार और अनुशासित दिनचर्या अपनाकर लंबे समय तक जोड़ों को स्वस्थ रखा जा सकता है।

नोट: यह लेख विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा दी गई जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी उपचार को अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।

(साभार)


कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने 14 प्रयोगशाला सहायकों को सौंपे नियुक्ति पत्र

डॉ. धन सिंह रावत ने नवचयनित अभ्यर्थियों को दी उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं

देहरादून। कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने यमुना कॉलोनी स्थित अपने शासकीय आवास पर आयोजित एक कार्यक्रम में उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत चयनित प्रयोगशाला सहायक पद के 14 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए।

इस अवसर पर मंत्री डॉ. रावत ने सभी नवचयनित अभ्यर्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि चयनित अभ्यर्थी अपने दायित्वों का ईमानदारी, निष्ठा और पूर्ण समर्पण के साथ निर्वहन करेंगे तथा उच्च शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।


यूसीसी की घोषणा से लेकर प्रभावी क्रियान्वयन तक गौरव की अनुभूति – सीएम धामी

प्रथम “समान नागरिक संहिता दिवस”

अधिकारियों और रजिस्ट्रेशन में सराहनीय कार्य करने वालों का सम्मान

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को हिमालयन कल्चरल सेंटर गढ़ी कैंट में आयोजित प्रथम “समान नागरिक संहिता दिवस” को संबोधित किया। इस मौके पर उन्होंने समान नागरिक संहिता को तैयार करने वाले कमेटी के सदस्यों, कुशल क्रियान्वयन करने वाले प्रशासनिक अधिकारियों और पंजीकरण में योगदान देने वाले वीएलसी को भी सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने यूसीसी पर आधारित फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज का दिन उत्तराखंड राज्य के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय के रूप में अंकित रहेगा, इसी दिन राज्य में समान नागरिक संहिता लागू हुई है, जिससे समाज में सामाजिक न्याय, समानता और संवैधानिक मूल्यों की स्थापना सुनिश्चित हो सकी। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति और परंपरा सदैव समरसता और समानता की संवाहक रही है। भगवान श्रीकृष्ण ने भी गीता में “समोहम सर्वभूतेषु न मे द्वेष्योस्ति न प्रियः” का उपदेश दिया है, जिसका अर्थ है कि मैं सभी प्राणियों के प्रति समान भाव रखता हूँ, न किसी का शत्रु हूँ और न ही किसी के प्रति पक्षपात करता हूँ। सनातन संस्कृति की यही महानता है, जिसने सदियों से दुनिया को समानता, न्याय और मानवता का मार्ग दिखाया है।

सच किया संविधान निर्माताओं का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर सहित सभी संविधान निर्माताओं ने ‘‘समान नागरिक संहिता’’ को संविधान के अनुच्छेद 44 के अंतर्गत राज्य के नीति निदेशक सिद्धांतों में सम्मिलित किया था। उनका मत था कि देश के सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून होना चाहिए। यही कारण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उन्होंने वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव से पूर्व, अपने दृष्टिपत्र में राज्य में “समान नागरिक संहिता” को लागू करने का संकल्प लिया। देवभूमि की जनता ने भी इस “देवकार्य” के लिए भाजपा को अपार समर्थन और आशीर्वाद प्रदान किया। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उन्होंने दुबारा सत्ता संभालते ही पहले दिन से ही उत्तराखंड में यूसीसी लागू करने के लिए कार्य प्रारंभ किया। इसी क्रम में 7 फरवरी 2024 को समान नागरिक संहिता विधेयक को राज्य विधानसभा में पारित कर राष्ट्रपति को भेजा गया। जिसे 11 मार्च 2024 को राष्ट्रपति की स्वीकृति मिली। इसके बाद सभी आवश्यक नियमावली एवं प्रक्रियाओं को पूर्ण करते हुए, राज्य सरकार ने 27 जनवरी, 2025 को उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता को विधिवत रूप से लागू कर दिया।

महिला सशक्तिकरण के नए युग की शुरुआत
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि समाज में कुछ समुदायों के लिए अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों के कारण भेदभाव, असमानता और अन्याय की स्थिति बनी हुई थी। यूसीसी लागू होने से न केवल राज्य से सभी नागरिकों को समान अधिकार प्राप्त हुए हैं बल्कि प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के एक नए युग की शुरुआत भी हुई है। अब उत्तराखंड की मुस्लिम बहन-बेटियों को हलाला, इद्दत, बहुविवाह, बाल विवाह और तीन तलाक जैसी कुरीतियों से मुक्ति मिली है। यूसीसी लागू होने के बाद उत्तराखंड में एक भी हलाला या बहुविवाह का मामला सामने नहीं आया। यही कारण है कि मुस्लिम महिलाओं ने इस कानून का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के पश्चात कई दशकों तक वोट बैंक की राजनीति के कारण, यूसीसी को लागू करने का साहस नहीं दिखाया गया। जबकि दुनिया के सभी विकसित और सभ्य देशों सहित प्रमुख मुस्लिम राष्ट्रों में समान नागरिक संहिता पहले से ही लागू है।

समानता से समरसता का प्रयास
मुख्यमंत्री ने कहा कि समान नागरिक संहिता किसी धर्म या पंथ के खिलाफ नहीं है बल्कि ये तो समाज की कुप्रथाओं को मिटाकर सभी नागरिकों में “समानता से समरसता’’ स्थापित करने का एक कानूनी प्रयास है। इस कानून के माध्यम से किसी भी धर्म की मूल मान्यताओं और प्रथाओं को नहीं बदला गया है, केवल कुप्रथाओं को दूर किया गया है। यूसीसी में सभी धर्मों के लोगों के लिए विवाह, विवाह-विच्छेद एवं उत्तराधिकार आदि से संबंधित नियमों को एक समान किया गया है। साथ ही संपत्ति के बंटवारे और बाल अधिकारों के विषय में भी स्पष्ट कानून बनाए गए हैं। संपत्ति के अधिकार में बच्चों में किसी भी प्रकार का भेद नहीं किया गया है, किसी भी व्यक्ति की मृत्यु होने के पश्चात उसकी संपत्ति को लेकर परिवार के सदस्यों के बीच किसी प्रकार के मतभेद की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए मृतक की सम्पत्ति पर उसकी पत्नी, बच्चों एवं माता पिता को समान अधिकार प्रदान किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय को देखते हुए युवक-युवतियों की सुरक्षा सुनिश्चित के उद्देश्य से इस कानून में लिव-इन रिलेशनशिप के लिए पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। पंजीकरण कराने वाले युगल की सूचना रजिस्ट्रार उनके माता-पिता या अभिभावक को देगा, ये जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जा रही है। लिव-इन के दौरान जन्में बच्चों को उस युगल का बच्चा ही मानते हुए, उसे जैविक संतान के समान समस्त अधिकार प्रदान किए गए हैं।

सिर्फ घोषणा नहीं सफल क्रियान्वयन भी किया
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये उनके लिए निजी तौर पर अत्यंत गर्व का विषय है कि उन्होंने समान नागरिक संहिता को घोषणा से लेकर धरातल पर प्रभावी रूप से क्रियान्वित करके दिखाया है। उन्होंने कहा कि बीते एक वर्ष में राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता के माध्यम से नागरिकों के लिए सरकारी सेवाओं की पहुँच को और अधिक सरल, सुलभ और पारदर्शी बनाया है। जहां यूसीसी लागू होने से पहले हमारे राज्य में औसतन केवल 67 विवाह पंजीकरण हुआ करते थे वो संख्या आज बढ़कर प्रतिदिन 1400 से अधिक हो गई है। राज्य की 30 प्रतिशत से अधिक ग्राम पंचायतों में शत-प्रतिशत विवाहित दंपतियों का पंजीकरण सफलतापूर्वक पूर्ण किया जा चुका है। बीते एक वर्ष में यूसीसी के अंतर्गत लगभग 5 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 95 प्रतिशत से अधिक का निस्तारण भी किया जा चुका है। राज्य में ऑनलाइन पोर्टल व्यवस्था तथा 7,500 से अधिक सक्रिय कॉमन सर्विस सेंटरों के माध्यम से शासन को वास्तव में सीधे जनता के द्वार तक पहुँचा दिया है।

विवाह में धोखाधड़ी करने पर सख्ती का प्रावधान
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में राज्य सरकार ने यूसीसी में आवश्यक संशोधनों से संबंधित विधेयक पारित किया था, जिसे एक दिन पहले ही राज्यपाल की स्वीकृति प्राप्त हुई है। जिसके अंतर्गत विवाह के समय यदि अपनी पहचान छिपाने या गलत तथ्य बताने पर ऐसे विवाहों को निरस्त करने का प्रावधान है। इसके साथ ही, विवाह एवं लिव-इन संबंधों में किसी भी प्रकार के बल, दबाव, धोखाधड़ी अथवा विधि-विरुद्ध कृत्यों के लिए कठोर दंडात्मक प्रावधान सुनिश्चित किए गए हैं।

देश को जोड़ते हैं मजबूत फैसले
मुख्यमंत्री ने कहा कि डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने जनसंघ की स्थापना के समय से ही कश्मीर से धारा 370 की समाप्ति और समान नागरिक संहिता को लागू करने का संकल्प लिया था, अब ये संकल्प सिद्धि बन चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह साबित हुआ है कि मजबूत फैसले देश को तोड़ते नहीं, बल्कि जोड़ते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर समान नागरिक संहिता को लेकर भ्रांतियाँ फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। राजनीतिक उद्देश्यों से प्रेरित होकर कभी इसे मूल निवासी तो कभी लिव-इन पंजीकरण को लेकर भ्रम फैलाया गया। उन्होंने जोर देकर कहा कि इसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति राज्य का ‘मूल निवासी’ नहीं बन सकता। इसी तरह लिव-इन संबंध पंजीकरण का प्रावधान बहनों-बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार से मां गंगा देवभूमि उत्तराखंड से निकलकर पूरे भारत को अभिसिंचित करती है, उसी प्रकार उत्तराखंड से निकलने वाली ये “समान नागरिक संहिता’’ की धारा भी देश के दूसरे राज्यों को इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए अवश्य प्रेरित करेगी।

बहु विवाह पर होगी सख्ती
मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी कुछ मामले बहु विवाह और विवाह विच्छेद से भी संबंधित सामने आए हैं, ऐसे मामलों में अलग से प्रावधान करते हुए, सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अभी अमेरिका के एक एनजीओ ने उन्हें हेट स्पीच का जिम्मेदार ठहराया है, लेकिन यदि धर्मांतरण, सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के खिलाफ बोलना हेट स्पीच है तो फिर वो फिर अच्छा ही है।

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, डॉ धन सिंह रावत, सांसद नरेश बंसल, विधायक खजान दास, श्रीमती सविता कपूर, सुरेश गड़िया, बृज भूषण गैरोला, सचिव गृह शैलेश बगोली, डीजीपी दीपम सेठ, यूसीसी समिति के सदस्य पूर्व मुख्य सचिव शत्रुघन सिंह, दून विवि की वीसी प्रो सुरेखा डंगवाल, मनु गौड़, अजय मिश्रा , विशेष सचिव गृह निवेदिता कुकरेती एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।


जनपद चंपावत: सुखीढांग क्षेत्रांतर्गत खाई में गिरा वाहन, एसडीआरएफ ने रेस्क्यू कर घायलों को पहुंचाया अस्पताल

 चंपावत – जिला नियंत्रण कक्ष चंपावत के माध्यम से समय लगभग 12.30 बजे एसडीआरएफ टीम को सूचना प्राप्त हुई कि सुखीढांग क्षेत्र के पास एक वाहन खाई में गिर गया है।

उक्त सूचना पर SDRF पोस्ट टनकपुर से उप निरीक्षक दीपक जोशी के नेतृत्व में टीम रेस्क्यू उपकरणों के साथ तत्काल घटनास्थल हेतु रवाना हुई।

एसडीआरएफ टीम को घटनास्थल पर पहुँचकर ज्ञात हुआ कि सुखीढांग क्षेत्र के पास एक वाहन महिंद्रा XUV 700 अनियंत्रित होकर खाई में गिर गया। वाहन में कुल 07 व्यक्ति सवार थे, जिनमें से 05 व्यक्ति स्वयं खाई से बाहर निकलकर सड़क तक पहुँच गए थे और सभी सुरक्षित थे। शेष 02 व्यक्तियों (1महिला, 1पुरुष) को हल्की चोटें आई थीं, जिन्हें SDRF एवं जिला पुलिस टीम द्वारा संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर रात्रि के घनघोर अंधेरे व अन्य विषम परिस्थितियों के चलते कड़ी मशक्कत कर खाई से सुरक्षित बाहर निकालकर मुख्य मार्ग तक लाया गया तथा 108 एम्बुलेंस के माध्यम से उपचार हेतु अस्पताल भेजा गया।

घायलों का विवरण:-
1-अभिषेक वर्मा पुत्र श्री कृष्ण वर्मा उम्र 24 वर्ष, निवासी सीतापुर उतर प्रदेश।
2-दर्शिका वर्मा पुत्री श्री देश दीपक भार्गव उम्र 17 वर्ष, निवासी सीतापुर उतर प्रदेश।


मुनाफावसूली से सोना-चांदी में बड़ी गिरावट

रिकॉर्ड स्तर छूने के बाद चांदी 7% से ज्यादा टूटी, सोना भी फिसला

नई दिल्ली- अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं पर दबाव देखने को मिला है। ऊंचे स्तरों पर पहुंचने के बाद निवेशकों द्वारा लाभ सुरक्षित करने की रणनीति अपनाए जाने से सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। खास तौर पर चांदी के दामों में तेज टूट देखने को मिली, जबकि सोना भी कमजोरी के साथ कारोबार करता नजर आया।

वैश्विक वायदा बाजार में सोने के भाव में मामूली गिरावट दर्ज की गई, हालांकि यह अब भी मनोवैज्ञानिक रूप से अहम स्तर से ऊपर बना हुआ है। वहीं चांदी, जो हाल ही में ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंची थी, वहां से फिसलकर नीचे आ गई। जानकारों के मुताबिक, रिकॉर्ड स्तरों पर पहुंचने के बाद भारी बिकवाली ने चांदी की चाल को अचानक पलट दिया।

घरेलू बाजार की बात करें तो अंतरराष्ट्रीय उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत में सोने और चांदी के दाम ऊंचे बने हुए हैं। 24 कैरेट सोने की कीमत नए स्तर पर पहुंच गई है, जबकि चांदी भी प्रति किलो रिकॉर्ड भाव पर कारोबार कर रही है। दिल्ली, मुंबई और पटना जैसे प्रमुख शहरों में सोने के अलग-अलग कैरेट और चांदी के दाम ऊंचे स्तर पर दर्ज किए गए हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि साल की शुरुआत से अब तक सोने की कीमतों में मजबूत तेजी देखने को मिली है। कमजोर डॉलर, सरकारी बॉन्ड से घटता रुझान और वैश्विक भू-राजनीतिक हालात इसके प्रमुख कारण माने जा रहे हैं। निवेशक मुद्रा की घटती क्रय शक्ति के डर से सोने-चांदी जैसी वास्तविक संपत्तियों को सुरक्षित विकल्प के रूप में अपना रहे हैं।

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा गिरावट के बावजूद लंबी अवधि में कीमती धातुओं का रुझान सकारात्मक बना रह सकता है। वैश्विक अस्थिरता, राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता के माहौल में सोना और चांदी निवेशकों के लिए सुरक्षा कवच की भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि, ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली के चलते कीमतों में बीच-बीच में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।


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