Thursday, January 29th, 2026

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मुख्यमंत्री धामी ने 1035 सहायक अध्यापकों को सौंपे नियुक्ति पत्र

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मुख्यमंत्री धामी ने 1035 सहायक अध्यापकों को सौंपे नियुक्ति पत्र

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजकीय दून मेडिकल कॉलेज, पटेलनगर में 1035 सहायक अध्यापकों (प्राथमिक शिक्षा) को नियुक्ति पत्र प्रदान किए, जिनमें 17 विशेष शिक्षक भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने सभी अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि सभी युवा शिक्षक राज्य में शिक्षा का स्तर बेहतर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि आज से आपके कंधों पर उत्तराखंड के भविष्य को संवारने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी आ गई है। जब किसी बच्चे को गुणवत्तापूर्ण और संस्कारयुक्त शिक्षा मिलती है, तो वह केवल अपना जीवन ही नहीं संवारता, बल्कि समाज और राष्ट्र के निर्माण में भी अमूल्य योगदान देता है। शिक्षक देश के उज्ज्वल भविष्य के शिल्पकार हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को उत्कृष्ट शिक्षा देने के साथ-साथ उनमें समाज, संस्कृति और राष्ट्र के प्रति कर्तव्य की भावना भी विकसित करें, जिससे वे शिक्षा के साथ संस्कारवान और जिम्मेदार नागरिक भी बनें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विद्यालयों के आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने से लेकर डिजिटल शिक्षा, शिक्षक प्रशिक्षण और कौशल विकास तक हर स्तर पर व्यापक सुधार किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पिछले साढ़े चार वर्षों में 28 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। यह केवल आंकड़ा नहीं, बल्कि हमारे युवाओं के आत्मसम्मान की जीत है। इन साढ़े चार वर्षों में जितनी नौकरियां युवाओं को मिली हैं, वह राज्य गठन के बाद और पूर्ववर्ती सरकारों के समय से दो गुना से भी अधिक है। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य से किसी को खिलवाड़ नहीं करने देगी।

शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि पिछले साढ़े चार साल में शिक्षा विभाग में 11 हजार 500 से अधिक नियुक्तियां प्रदान की गई हैं। 3 हजार 500 से अधिक विभिन्न पदों पर भर्ती प्रक्रिया गतिमान है, जिसमें प्रवक्ता एवं चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों सहित समग्र शिक्षा के अंतर्गत विभिन्न पद शामिल है। उन्होंने कहा कि राज्य में शिक्षा में नवाचार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिसके तहत विद्यालयों में हाइब्रिड मोड़ में स्मार्ट क्लास का संचालन, कम्प्यूटर लैब, विभिन्न विषयों की आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित प्रयोगशालाएं शामिल है। इसके अलावा विद्यालयों में मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही है। डॉ रावत ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को निरंतर मजबूत किया जा रहा है ताकि प्रदेश के नौनिहालों को बेहतर व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। डॉ रावत ने नवनियुक्त शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सभी शिक्षक अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी ईमानदारी से करेंगे व शिक्षा के क्षेत्र में अनुपम उदाहरण पेश करेंगे।

इस अवसर पर शिक्षा महानिदेशक दीप्ति सिंह, निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ. मुकुल कुमार सती, निदेशक प्राथमिक शिक्षा अजय नौडियाल, निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण वंदना गर्ब्याल, अपर निदेशक कंचन देवराड़ी उपस्थित थे।


गणतंत्र दिवस परेड 2026- सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग दस्ता और झांकियों के विजेताओं की घोषणा

गणतंत्र दिवस परेड 2026 में महाराष्ट्र की झांकी बनी नंबर-1

तीनों सेनाओं में सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग दस्ता का पुरस्कार भारतीय नौसेना को मिला 

नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस परेड 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मार्चिंग दस्तों और झांकियों के विजेताओं की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है। तीनों सेनाओं, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ), राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों तथा केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों की भागीदारी वाली इस परेड के प्रदर्शन का मूल्यांकन जजों के तीन अलग-अलग पैनलों द्वारा किया गया।

जजों के आकलन के आधार पर तीनों सेनाओं में सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग दस्ता का पुरस्कार भारतीय नौसेना को दिया गया, जबकि सीएपीएफ/अन्य सहायक बलों में सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग दस्ता का सम्मान दिल्ली पुलिस को मिला।

राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियों में शीर्ष तीन स्थान इस प्रकार रहे—
पहला स्थान महाराष्ट्र को ‘गणेशोत्सव: आत्मनिर्भरता का प्रतीक’ थीम पर आधारित झांकी के लिए मिला।
दूसरे स्थान पर जम्मू और कश्मीर की झांकी रही, जिसमें राज्य के हस्तशिल्प और लोक नृत्यों की झलक दिखाई गई।
तीसरे स्थान पर केरल की झांकी रही, जिसने ‘वॉटर मेट्रो और शत-प्रतिशत डिजिटल साक्षरता’ के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत के लिए आत्मनिर्भर केरल का संदेश दिया।

केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों की श्रेणी में संस्कृति मंत्रालय की झांकी ‘वंदे मातरम — एक राष्ट्र की आत्मा की पुकार’ को सर्वश्रेष्ठ घोषित किया गया।

इसके अलावा, विशेष पुरस्कार भी प्रदान किए गए। इनमें केंद्रीय लोक निर्माण विभाग को ‘वंदे मातरम — 150 वर्षों का उत्सव’ के लिए सम्मानित किया गया, वहीं ‘वंदे मातरम: भारत की शाश्वत गूँज’ नृत्य समूह को भी विशेष पुरस्कार से नवाजा गया।

उधर, माईगॉव पोर्टल पर नागरिकों द्वारा किए गए ऑनलाइन मतदान के आधार पर पॉपुलर चॉइस श्रेणी के नतीजे भी घोषित किए गए। इस श्रेणी में तीनों सेनाओं में सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग दस्ता का खिताब असम रेजिमेंट को मिला, जबकि सीएपीएफ/अन्य सहायक बलों में सीआरपीएफ को सबसे अधिक समर्थन प्राप्त हुआ।

पॉपुलर चॉइस के तहत राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की शीर्ष तीन झांकियां—
गुजरात (स्वदेशी का मंत्र – आत्मनिर्भरता – स्वतंत्रता: वंदे मातरम),
उत्तर प्रदेश (बुंदेलखंड की संस्कृति) और
राजस्थान (रेगिस्तान का सुनहरा स्पर्श: बीकानेर की स्वर्ण कला – उस्ता कला) रहीं।

वहीं, केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों में पॉपुलर चॉइस के तहत स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग की झांकी को ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020: भारतीय स्कूली शिक्षा को विकसित भारत की राह पर अग्रसर करना’ विषय पर सर्वश्रेष्ठ चुना गया।


सूबे में गठित होंगी 643 नई पैक्स समितियां- डॉ धन सिंह रावत

हरिद्वार में अनाज भंडारण को भूमि चयन कर शीघ्र डीपीआर बनाने के निर्देश

कहा, सहकारी समितियों को सशक्त व पारदर्शी बनाने को नियमावली में होगा संशोधन

देहरादून। सूबे के सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज शासकीय आवास पर सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने प्रदेश में 643 नई बहुउद्देश्यीय पैक्स (PACS) समितियों का गठन, सहकारी क्षेत्र में अनाज भंडारण योजना, तीन नई राष्ट्रीय सहकारी समितियों, एनसीईआरटी की गतिविधियों में राज्य की भागीदारी, तथा फरवरी माह में गुजरात में प्रस्तावित सहकारिता सम्मेलन की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।

कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि गुजरात में प्रस्तावित सहकारिता सम्मेलन के सभी कार्य बिंदुओं पर समयबद्ध ढंग से तैयारियाँ पूर्ण की जाएँ। उन्होंने कहा कि सहकारिता क्षेत्र को पारदर्शी, सुदृढ़ एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में सचिव सहकारिता डॉ. इकबाल अहमद ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों के दृष्टिगत 643 नई पैक्स के गठन का प्रस्ताव है, जिसके सापेक्ष 621 पैक्स का गठन पूर्ण किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि निबंधक कार्यालय के निर्माण के संबंध में शीघ्र ही चिन्हित भूमि पर निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा। इसके अतिरिक्त जिला सहकारी बैंकों में वर्ग-एक, वर्ग-दो एवं वर्ग-तीन के कुल 177 रिक्त पदों पर आईबीपीएस के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया संपादित की जाएगी।

सचिव सहकारिता ने यह भी बताया कि शीघ्र ही कैडर नियमावली में संशोधन करते हुए 350 प्रोफेशनल सचिवों की नियुक्ति की जाएगी। वहीं सहकारी समिति अधिनियम-2003 एवं नियमावली-2004 में आवश्यक संशोधन कर सहकारी समितियों को और अधिक पारदर्शी एवं सशक्त बनाया जाएगा।

निबंधक सहकारिता डॉ मेहरबान सिंह बिष्ट ने विभागीय प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि सहकारी संस्थाओं के डिजिटलीकरण, मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण एवं शासन स्तर पर सुधारात्मक कदमों से सहकारिता आंदोलन को नई दिशा मिल रही है और भंडारण योजना के अंतर्गत जनपद हरिद्वार की चार पैक्स में 1000 मेट्रिक टन के गोदाम हेतु भूमिका चयन व इसकी डीपीआर तैयार कर ली गई है राज्य की भौगोलिक स्थिति की दृष्टिगत राज्य में समस्त जनपदों में 95 विकास करो में रिक्त पड़ी भूमि पर न्यूनतम 50 से लेकर 500 मेट्रिक टन के कुल 95 गोदाम बनाए जाने की कार्यवाही गतिमान है तीन बहु राज्य सहकारी समितियां के गठन के तहत एन सी ओ एल नेशनल कोऑपरेटिव एक्सपोर्ट समिति भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड के साथ समझौता किया जाना है। राज्यों में सहकारिता कानून में वर्तमान समय अनुसार अपेक्षित बदलाव की आवश्यकता अनुसार विशेषज्ञ कमेटी का गठन किया गया है कमेटी द्वारा प्रेषित सुझाव संस्कृतियों का संकलन कर शासन को अनुमोदन हेतु पत्र प्रेषित किया गया है

कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि वे दो सप्ताह बाद पुनः सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक करेंगे, जिसमें गुजरात सम्मेलन से संबंधित सभी तैयारियाँ एवं आवश्यक पत्रावलियाँ पूर्ण कर ली जाएँ।

बैठक में सचिव सहकारिता डॉ इकबाल अहमद निबंधक सहकारिता डॉ मेहरबान सिंह बिष्ट अनु सचिव सुरेंद्र दत्त बेलवाल अपर निबंधक श्रीमती ईरा उप्रेती आनंद शुक्ल, संयुक्त निबंधक एमपी त्रिपाठी, उप निबंधक रमिंद्री मंदरवाल,सहायक निबंधक राजेश चौहान उपस्थित रहे।


जनपद में सुदृढ़ स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जिलाधिकारी ने की व्यापक समीक्षा

108 समेत सभी एंबुलेंस निःशुल्क होंगी, स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए 33.60 लाख की मंजूरी

पौड़ी। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में जनपद की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की समीक्षा बैठक ली। बैठक में जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य संसाधनों के युक्तिसंगत उपयोग पर विशेष बल देते हुए निर्देश दिए कि आमजन को उनके घर के निकटस्थ केंद्रों में अधिकतम स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएं।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि 108 एंबुलेंस सेवाओं के साथ साथ विभागीय एंबुलेंस निःशुल्क भेजी जाएं। उन्होंने स्वास्थ्य परिवहन व्यवस्था को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए निर्देश दिए कि एंबुलेंस की उपलब्धता हर स्थिति में सुनिश्चित हो। उन्होंने एम्बुलेंसों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया बनाने तथा लॉग बुक मेंटेन करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र में इस प्रकार की छोटी-छोटी आवश्यकताओं को पूर्ण करने के लिए 33.60 लाख रुपए की स्वीकृति दी।

बैठक में जिलाधिकारी ने टीबी जांच हेतु उपलब्ध मोबाइल एक्स-रे वाहन की स्थिति की जानकारी ली तथा पैथोलॉजी जांच व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में निर्धारित सभी आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण नियमित रूप से किए जाएं तथा उनकी सूची स्पष्ट रूप से केंद्रों पर चस्पा की जाय। जिलाधिकारी ने अल्ट्रासाउंड व्यवस्थाओं को सुचारु करने के लिए तकनीशियनों को युक्तिसंगत रूप से नियुक्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने ख़राब अल्ट्रासाउंड मशीनों की मरम्मत के लिए धनराशि भी स्वीकृत की। साथ ही उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं को घर के निकटस्थ स्वास्थ्य केंद्रों में अल्ट्रासाउंड सुविधा मिले तथा उन्हें लंबी दूरी तय न करना पड़े, इसके लिए साप्ताहिक रोस्टर बनाया गया है। उन्होंने बताया कि सतपुली तथा बीरोंखाल में यह सुविधा शुरू हो गयी है तथा पाबौ में शीघ्र प्रारंभ होने वाली है।

जिलाधिकारी ने संस्थागत प्रसवों की प्रगति की जानकारी लेते हुए सभी प्रसवों को प्रभावी रूप से ट्रैक करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की स्थिति पर सतत एवं गहन निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में संस्थागत प्रसवों की संख्या न्यूनतम है, वहां संबंधित स्वास्थ्य कर्मियों की जवाबदेही तय करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाय। चर्चा में पाया गया कि कुछ स्थानों पर खुशियों की सवारी सेवा कार्य उपलब्ध नहीं है। जिलाधिकारी ने असेवित स्वास्थ्य केंद्रों में ‘खुशियों की सवारी’ सेवा के आंतरिक वितरण के सुचारु रूप से संचालन पर जोर दिया, जिससे संस्थागत प्रसव सुनिश्चित हो सके।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि यदि रेफरल अति आवश्यक हो तो गंतव्य अस्पताल को सूचित गया जाय तथा यह सुनिश्चित किया जाय कि रेफर किया गया मरीज सुरक्षित रूप से निर्धारित उच्च स्तरीय चिकित्सालय तक पहुंचे।

इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य उपकरणों एवं अवसंरचना की स्थिति, जनपद में ओपीडी की प्रगति की समीक्षा की तथा टेलीमेडिसिन सेवाओं के अधिकतम उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए कि टेलीमेडिसिन के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आवश्यक प्रावधान शीघ्र सुनिश्चित किए जाएं।

इस अवसर पर एसीएमओ डॉ. पारुल गोयल, डॉ. विनय त्यागी, ग्रामोत्थान परियोजना प्रबंधक कुलदीप बिष्ट सहित अन्य उपस्थित रहे।


धामी कैबिनेट की बैठक में 8 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर लगी मुहर

देखें धामी कैबिनेट के फैसले 

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हो गई है। बैठक में कुल 8 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर सरकार की मुहर लगी है।

कैबिनेट बैठक में उत्तराखंड को शिक्षा-ऊर्जा और सामरिक रूप से मजबूत करने की पहल के तहत निजी विश्वविद्यालय, ग्रीन हाइड्रोजन नीति और हवाई पट्टियों पर भी निर्णय लिया गया है।

कैबिनेट के महत्वपूर्ण निर्णय-

1- चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, उत्तराखण्ड के ऐसे स्वास्थ्य कार्यकर्ता / स्वास्थ्य पर्यवेक्षक, जिन्होंने अपने मूल संवर्ग में न्यूनतम 05 वर्ष की सन्तोषजनक सेवा पूर्ण कर ली हो, को सम्पूर्ण सेवाकाल में एक बार म्यूचुअल अंडरस्टैंडिंग के आधार पर जनपद परिवर्तन करने की अनुमति प्रदान की जाएगी। जिसपर कैबिनेट ने अपनी स्वीकृति प्रदान की है।

2 – उत्तराखण्ड राज्य में आपसी समझौते के आधार पर भू-स्वामियों से लघु/मध्यम/ वृहद् परियोजनाओं हेतु भूमि की प्राप्ति किये जाने हेतु प्रक्रिया का निर्धारण” के सम्बन्ध में कैबिनेट ने लिया निर्णय।

भूमि अर्जन, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013″ की सुसंगत धाराओं की प्रक्रियान्तर्गत भूमि अर्जन हेतु लगने वाले अत्याधिक समय एवं सीधे भूमि कय करने की व्यवस्था को प्रोत्साहित किये के उद्देश्य से राज्य परियोजनाओं के लिए भू-स्वामियों से लघु/मध्यम/ वृहद् परियोजनाओं हेतु भूमि की प्राप्ति किये जाने हेतु प्रक्रिया प्रस्तावित की है। इस प्रक्रिया के अन्तर्गत आपसी समझौते के आधार पर भू-स्वामियों से भूमि प्राप्त किये जाने की दशा में मुकदमेबाजी जैसे मामलों में कमी आयेगी तथा लोक जनहित की परियोजनाओं की लागत भी कम होगी।

3- जनपद उधमसिंहनगर स्थित प्राग फार्म की 1354.14 एकड़ भूमि को औद्योगिक आस्थान विकसित किये जाने हेतु सिडकुल (औद्योगिक विकास विभाग) को हस्तान्तरित किये जाने के सम्बन्ध में निर्गत शासनादेश संख्याः-670/ दिनांकः 25 मार्च, 2025 में संशोधन करने के सम्बन्ध में कैबिनेट ने लिया निर्णय।

जनपद उधमसिंहनगर स्थित प्राग फार्म की 1354.14 एकड़ भूमि को औद्योगिक आस्थान विकसित किये जाने हेतु सिडकुल (औद्योगिक विकास विभाग) को हस्तान्तरित की गयी है, शासनादेश की शर्त संख्या-च में “प्रश्नगत भूमि को किसी व्यक्ति एवं संस्थान या संगठन को बेचने/ पट्टे पर देने अथवा किसी अन्य प्रकार से हस्तान्तरित करने का अधिकार प‌ट्टेदार को नहीं होगा। भूमि का उपयोग आवंटन के दिनांक से 03 वर्ष की अवधि में पूर्ण कर लेना अनिवार्य होगा अन्यथा आवंटन स्वतः निरस्त समझा जायेगा।

परन्तु औद्योगिक विकास विभाग के माध्यम से राजस्व विभाग की सहमति से पट्टे पर आवंटित भूमि को समान प्रयोजन हेतु उप पट्टा (Sub-lease) करने का अधिकार पट्टेदार को होगा। पर कैबिनेट ने अपनी मंजूरी प्रदान की है।

4 – जनजाति कल्याण विभाग की योजनाओं का संचालन किये जाने के उद्देश्य से अनुसूचित जनजाति बाहुल्य जनपद क्रमशः देहरादून, चमोली, ऊधमसिंहनगर एवं पिथौरागढ़ में विभागीय योजनाओं के संचालन / प्रभावी क्रियान्वयन हेतु पदों की आवश्यकता के दृष्टिगत विभागीय ढांचें को पुर्नगठित करते हुए उक्त जनपदों में 4 जिला जनजाति कल्याण अधिकारियों के पद शासनादेश सख्या-120, दिनांक 28.02.2025 के माध्यम से सृजित किये गये है। ढांचे में स्वीकृत पदों का प्राविधान सेवा नियमावली में किये जाने के उद्देश्य से उत्तराखण्ड जनजाति कल्याण राजपत्रित अधिकारी सेवा (संशोधन) नियमावली, 2025 प्रख्यापित किये जाने के संबंध में कैबिनेट ने लिया निर्णय।

5 – उत्तराखंड राज्य में गैर कृषिकारी (कृषि एवं कृषि संबंधित कार्यों तथा राजकीय पेयजल व्यवस्था को छोड़कर) उपयोग हेतु भू-जल के निकास पर जल मूल्य/प्रभार की दरें (जो तत्काल से लागू होगी) लागू किये जाने के सम्बन्ध में कैबिनेट ने लिया निर्णय।

राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने, भू- जल विकास एवं प्रबन्धन को विनियमित किये जाने तथा भू-जल के अनियन्त्रित दोहन को सीमित करने के उद्देश्य से औद्योगिक इकाईयों एवं अन्य व्यवसायिक उपयोग यथा रेजीडेंशियल अपार्टमेंट / ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी, होटल, वॉटर एमयूजमेंट पार्क, वाहन धुलाई सैन्टर, स्वीमिंग पूल इत्यादि हेतु सुरक्षित क्षेत्र, अर्ध गम्भीर क्षेत्र, गम्भीर क्षेत्र एवं अतिदोहित क्षेत्र की जल मूल्य/प्रभार की दरों लागू किए जाने के सम्बन्ध में कैबिनेट ने अपनी स्वीकृति प्रदान की है। वाणिज्यक, औद्यौगिक, अवसंरचनात्मक और रेजीडेंशियल अपार्टमेन्ट्स/ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी हेतु पंजीकरण शुल्क ₹ 5000/- देय होगा।

6 – राज्य को शिक्षा हब के रूप में विकसित करने और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में निजी क्षेत्रों की भागीदारी को प्रोत्साहित करने हेतु राज्य सरकार द्वारा यह विनिश्चय किया गया है कि जनपद देहरादून में “जी.आर.डी. उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय” नाम से निजी विश्वविद्यालय स्थापित किए जाने की स्वीकृति कैबिनेट ने प्रदान की है।
उक्त विश्वविद्यालय का लक्ष्य शिक्षा का अभिनवीकरण, अध्यापन और ज्ञानोपार्जन की नवीन पद्धति के लिए और व्यक्तित्व के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त करना, सामाजिक व आर्थिक रूप से वंचित वर्ग को शिक्षा प्रदान करना, राज्य विषयक शोध कार्यों को प्रोत्साहित करना तथा रोजगार के संसाधन उपलब्ध कराना है।

7- उत्तराखण्ड राज्य के जनपद उत्तरकाशी स्थित चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी एवं चमोली स्थित गौचर हवाई पट्टी को भारतीय वायु सेना, रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार व उत्तराखण्ड सरकार के मध्य उच्च स्तरीय बैठकों में सहमति के आधार पर सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हवाई पट्टियों को संयुक्त रूप से नागरिक व सैन्य संचालन के उद्देश्य से एडवांस लैंडिंग ग्राउण्ड (ए०एल०जी०) लीज के आधार पर रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार को हस्तान्तरित किये जाने पर कैबिनेट ने प्रदान की सहमति।

8 – राज्य में हरित हाइड्रोजन उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए “उत्तराखण्ड ग्रीन हाइड्रोजन नीति, 2026” के प्रख्यापन को कैबिनेट ने दी मंजूरी।

भारत सरकार द्वारा घोषित राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन नीति, 2022 एवं राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन 2023, आगामी दशक में भारत को ग्रीन हाइड्रोजन का वैश्विक केंद्र बनाने के दृष्टिकोण से अत्यंत उपयोगी होने के परिप्रेक्ष्य में उत्तराखण्ड सरकार भी ग्लोबल वार्मिंग एवं जलवायु परिवर्तन के दृष्टिगत प्रदेश में स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा उत्पादन स्रोतों को प्रोत्साहित करने हेतु संकल्पित है। ग्रीन हाइड्रोजन एक स्वच्छ ऊर्जा एवं औद्योगिक ईंधन होने के कारण नेट जीरों के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक सिद्ध होगा।

उत्तराखण्ड राज्य में जल विद्युत जैसे प्राकृतिक संसाधन प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं, जिनका उपयोग हरित हाइड्रोजन के उत्पादन के लिए किया जा सकता है। इससे राज्य में विकास एवं रोजगार को बढ़ावा देने के साथ-साथ कार्बन उत्सर्जन रहित एवं जलवायु परिवर्तन लक्ष्यों के सापेक्ष राज्य के योगदान को पूर्ण करने के साथ ही ग्रीन हाइड्रोजन, बाजार निर्माण और मांग एकत्रीकरण को बढ़ावा मिलेगा। राज्य में हरित हाइड्रोजन उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखण्ड सरकार द्वारा “उत्तराखण्ड हरित हाइड्रोजन नीति, 2026” को लागू किये जाने पर कैबिनेट ने स्वीकृति प्रदान की है।


रामपुर में बड़ा हादसा- चाय की दुकान में फटा गैस सिलिंडर, दो लोग गंभीर रूप से घायल

घायलों को हायर सेंटर रेफर किया गया

रामपुर (गंगनहर)। बुधवार सुबह रामपुर चुंगी स्थित एक चाय की दुकान में गैस सिलिंडर फटने से आग लग गई, जिसमें दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद घायलों को तुरंत प्राथमिक इलाज के लिए सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी हालत नाजुक होने के कारण उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया।

सुबह-सवेरे हुआ धमाका

घटना सुबह लगभग पांच बजे की बताई जा रही है। दुकान पर मौजूद लोग अचानक हुए विस्फोट की चपेट में आ गए। सिलिंडर फटने के बाद आग की तेज लपटें उठने लगीं और दुकान का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को बाहर निकाला।

दमकल और पुलिस ने किया काबू

सूचना पाकर गंगनहर कोतवाली पुलिस और दमकल विभाग मौके पर पहुंचे। दमकलकर्मियों की मदद से आग पर काबू पा लिया गया, लेकिन तब तक दुकान पूरी तरह जल चुकी थी। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि गैस सिलिंडर में रिसाव हादसे का कारण हो सकता है।

घायलों की नाजुक स्थिति

सिविल अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि दोनों घायलों की हालत गंभीर है। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर उपचार के लिए हायर सेंटर भेजा गया। पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और आगे की कार्रवाई जारी है।


मशहूर गायक अरिजीत सिंह का बड़ा फैसला, प्लेबैक सिंगिंग को कहा अलविदा

Arijit Singh Retires: बॉलीवुड म्यूज़िक इंडस्ट्री से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। अपनी भावुक आवाज़ और यादगार गीतों से करोड़ों दिलों पर राज करने वाले मशहूर गायक अरिजीत सिंह ने प्लेबैक सिंगिंग से दूरी बनाने का फैसला किया है। साल 2026 की शुरुआत में आए इस ऐलान ने म्यूज़िक लवर्स को चौंका दिया है। सोशल मीडिया पर अरिजीत की पोस्ट के बाद से ही फैंस के बीच हलचल तेज हो गई है।

अरिजीत सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक भावनात्मक पोस्ट साझा करते हुए अपने फैसले की जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि वर्षों तक मिले प्यार और समर्थन के लिए वह अपने श्रोताओं के सदैव आभारी रहेंगे, लेकिन अब उन्होंने फिल्मी गानों के लिए प्लेबैक सिंगर के रूप में काम न करने का निर्णय लिया है। अरिजीत के मुताबिक, यह फैसला सोच-समझकर लिया गया है और वह इस सफर को बेहद संतोषजनक मानते हैं।

हालांकि, अरिजीत सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका संगीत से रिश्ता खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि वह आगे भी एक साधारण कलाकार की तरह संगीत को सीखते और समझते रहेंगे। उनका फोकस अब आत्मिक संतुष्टि और नए प्रयोगों पर रहेगा। ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि अरिजीत आने वाले समय में इंडिपेंडेंट म्यूजिक और निजी प्रोजेक्ट्स पर अधिक ध्यान देंगे।

हाल ही में रिलीज हुए फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ के गीत ‘मातृभूमि’ को लेकर जब उनसे सवाल किया गया कि क्या यह उनका आखिरी गाना है, तो अरिजीत ने साफ किया कि कुछ पुराने अनुबंध अभी बाकी हैं। इन प्रोजेक्ट्स को वह पूरा करेंगे, जिसके चलते इस साल उनके कुछ नए गाने श्रोताओं को सुनने को मिल सकते हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि संगीत बनाना वह कभी नहीं छोड़ेंगे।

सोशल मीडिया पर भावुक हुए फैंस

पिछले करीब डेढ़ दशक में अरिजीत सिंह ने ‘तुम ही हो’, ‘चन्ना मेरेया’, ‘अगर तुम साथ हो’ जैसे कई सुपरहिट गाने दिए हैं। उनकी आवाज़ हर उम्र के लोगों की प्लेलिस्ट का अहम हिस्सा रही है। जैसे ही रिटायरमेंट की खबर सामने आई, सोशल मीडिया पर फैंस की भावनाएं उमड़ पड़ीं। किसी ने इसे “एक युग का अंत” बताया तो किसी ने “हम तुम्हें हमेशा मिस करेंगे” लिखते हुए #ArijitSingh को ट्रेंड करा दिया।

(साभार)


मुख्यमंत्री धामी ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन पर जताया दुःख

समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के हितों के लिए उन्होंने सदैव करुणा और प्रतिबद्धता के साथ किया कार्य – मुख्यमंत्री

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे में निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने इस घटना को अत्यंत दुःखद बताते हुए कहा कि जनसेवा के प्रति आजीवन समर्पित एक लोकप्रिय जननेता का यूं असमय चले जाना देश के लिए अपूरणीय क्षति है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि अजित पवार ने समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के हितों के लिए सदैव करुणा और प्रतिबद्धता के साथ किया कार्य किया। उनके नेतृत्व और जनकल्याणकारी सोच को सदैव याद रखा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने हादसे में दिवंगत सभी पुण्यात्माओं को ईश्वर के श्रीचरणों में स्थान देने की प्रार्थना की। साथ ही उन्होंने शोकाकुल परिजनों एवं समर्थकों को यह असीम दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की है।


लोकगायक सौरव मैठाणी टोक्यो (जापान) में बिखेरेंगे लोकसंस्कृति के रंग

1 फरवरी को टोक्यो में प्रवासी उत्तराखंडियों के सहयोग से भव्य ‘उत्तराखंड मात्सुरी’ का आयोजन किया जाएगा

देहरादून। उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति एक बार फिर देश की सीमाओं से बाहर अपनी अलग पहचान बनाने जा रही है। 1 फरवरी 2026 को जापान की राजधानी टोक्यो में प्रवासी उत्तराखंडियों के सहयोग से भव्य ‘उत्तराखंड मात्सुरी’ का आयोजन किया जाएगा। इस विशेष सांस्कृतिक उत्सव में उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध लोकगायक सौरव मैठाणी अपनी सशक्त और भावनात्मक प्रस्तुति से लोकसंस्कृति के रंग बिखेरेंगे।

यह आयोजन प्रवासी उत्तराखंडियों के लिए अपनी जड़ों से जुड़ने का एक महत्वपूर्ण अवसर होगा। साथ ही, यह जापान में पहली बार आयोजित हो रहा उत्तराखंडी सांस्कृतिक उत्सव है, जो अपनी विशिष्टता के कारण विशेष महत्व रखता है।

कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड की संस्कृति, सभ्यता और परंपराओं की जीवंत झलक देखने को मिलेगी। पहाड़ी लोकगीतों, लोकनृत्यों, ढोल-दमाऊ की थाप और पारंपरिक वेशभूषा के माध्यम से उत्तराखंड की आत्मा को टोक्यो की धरती पर प्रस्तुत किया जाएगा। इसके साथ ही पारंपरिक पहाड़ी व्यंजनों का स्वाद भी दर्शकों को आकर्षित करेगा।

इस ऐतिहासिक आयोजन के मुख्य आयोजक मनमलंग उत्तराखंड फिल्म्स, देसी वॉर्डरोब, मयंक डबराल, बिपिन सैमवाल, मनोज भारद्वाज एवं कुलदीप बिष्ट हैं, जिनके प्रयासों से यह कार्यक्रम साकार हो रहा है।

लोकगायक सौरव मैठाणी इससे पहले कनाडा, लंदन, दुबई, ओमान और सिंगापुर सहित कई देशों में उत्तराखंड की लोकसंस्कृति को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत कर चुके हैं। उनकी गायकी में पहाड़ का दर्द, खुशी, संघर्ष और संस्कृति की आत्मा स्पष्ट रूप से झलकती है, जो श्रोताओं को भावनात्मक रूप से जोड़ देती है।

टोक्यो में आयोजित होने जा रहा ‘उत्तराखंड मात्सुरी’ केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उत्तराखंड की पहचान, परंपरा और लोकधरोहर को वैश्विक मंच पर स्थापित करने का एक ऐतिहासिक प्रयास भी है। यह आयोजन प्रवासी उत्तराखंडियों को अपनापन और स्मृतियों से जोड़ेगा, वहीं जापान में उत्तराखंड की संस्कृति की एक नई पहचान कायम करेगा।


महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार का विमान हादसे में निधन

पीएम मोदी ने जताया दुख

मुंबई। महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार का विमान बारामती (पुणे, महाराष्ट्र) में लैंडिंग के दौरान हादसे का शिकार हो गया । दुर्घटना में अजित पवार की मौत हो गयी।

आज सुबह मुंबई से बारामती जा रहा उनका चार्टर्ड प्लेन लैंडिंग के दौरान रनवे से फिसल गया और आग लग गयी। विमान में डिप्टी सीएम अजित पवार सहित कुल 5-6 लोग थे। कोई भी बच नहीं पाया।

पीएम मोदी ने जताया दुख

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने ट्वीट किया, ‘अजित पवार जी लोगों के नेता थे, जिनका जमीनी स्तर पर मजबूत जुड़ाव था। उनका असमय निधन बहुत चौंकाने वाला और दुखद है। उनके परिवार और अनगिनत प्रशंसकों के प्रति संवेदनाएं। ओम शांति।’


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