Sunday, January 11th, 2026

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सांस्कृतिक विरासत के वाहक हैं उत्तराखंड के मेले : रेखा आर्या

Monthly Archives: January 2026

सांस्कृतिक विरासत के वाहक हैं उत्तराखंड के मेले : रेखा आर्या

कटारमल सूर्य मंदिर में सूर्य पर्व मेले में शामिल हुई कैबिनेट मंत्री

कटारमल/अल्मोड़ा । कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने रविवार को अल्मोड़ा के कटारमल स्थित ऐतिहासिक सूर्य मंदिर में आयोजित सूर्य पर्व मेले में हिस्सा लिया। यह आयोजन पौष माह के अंतिम रविवार को प्रतिवर्ष किया जाता है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में लगने वाले सभी मेले हमारी संस्कृति और विरासत के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि सड़क व अन्य सुविधाएं बढ़ने के बाद से कटारमल सूर्य मंदिर धार्मिक पर्यटन का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि भारतीय पुरातत्व विभाग जल्द ही इस मंदिर के सुंदरीकरण का कार्य शुरू करने वाला है, इसके लिए बजट को मंजूरी मिल चुकी है।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार उत्तराखंड के सभी धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण और प्रचार प्रसार में जुटी है, जो विकास भी-विरासत भी की भावना के अनुरूप है। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने मंदिर में पूजन और हवन किया।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष हेमा गैड़ा, मंडल अध्यक्ष गणेश जलाल, जिला उपाध्यक्ष देवेंद्र दयाल, ब्लॉक प्रमुख हवालबाग हिमानी कुंडू, भाजपा महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष पूनम पालीवाल, अनुसूचित मोर्चा जिला अध्यक्ष कुंदन राम, स्याही देवी मंडल महामंत्री देवेंद्र मेहरा, नरेंद्र बिष्ट, मजखाली मंडल अध्यक्ष दीपक बोरा, ग्राम प्रधान उमा देवी, वीरेंद्र चिलवाल, विपिन पाठक, गोपाल खोलिया, हरीश रौतेला, महेंद्र बिष्ट, राजू रावत, दिनेश वर्मा, नवीन आर्य आदि उपस्थित रहे।


अंकिता भंडारी मामले में CBI जांच की संस्तुति पर विधायकों ने मुख्यमंत्री धामी का जताया आभार

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से रविवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद्र अग्रवाल, विधायक खजान दास, किशोर उपाध्याय, सहदेव पुंडीर, सविता कपूर, आशा नौटियाल, रेनू बिष्ट, बृजभूषण गैरोला, शक्तिलाल शाह ने मुलाकात कर अंकिता भंडारी प्रकरण में CBI जांच की संस्तुति प्रदान करने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।


खरसाली गांव में देर रात लगी आग, दुकानों और घरेलू सामान को भारी नुकसान

उत्तरकाशी। यमुनोत्री धाम से सटे मां यमुना के शीतकालीन प्रवास स्थल खरसाली गांव में देर रात आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। अचानक भड़की आग ने चार परिवारों की दुकानों और घरों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे लाखों रुपये की संपत्ति जलकर नष्ट हो गई।

घटना में एक कारपेंटर की मशीनें, रसोईघर, अनाज भंडारण के कोठार और एक स्कूटी पूरी तरह जल गई। आग की लपटें तेजी से फैलती देख ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए सामूहिक प्रयासों से आग पर काबू पाया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

ग्राम प्रधान नीतू उनियाल ने बताया कि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी तरह की जनहानि या पशुहानि नहीं हुई। हालांकि प्रभावित परिवारों को भारी आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ा है।

घटना की सूचना प्रशासन को दे दी गई है। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से अग्निकांड से प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने और नुकसान का आकलन कर मुआवजा देने की मांग की है।


सोमनाथ स्वाभिमान पर्व: प्रधानमंत्री मोदी शौर्य यात्रा में शामिल, आस्था और पराक्रम का संदेश

सोमनाथ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को सोमनाथ में आयोजित शौर्य यात्रा में सहभागिता कर आस्था, साहस और सांस्कृतिक विरासत के प्रति देश की प्रतिबद्धता का संदेश दिया। यह यात्रा सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत आयोजित चार दिवसीय कार्यक्रमों का प्रमुख आकर्षण रही, जिसका उद्देश्य सदियों से चले आ रहे संघर्ष और श्रद्धा की परंपरा को स्मरण करना है।

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित की और उन वीर योद्धाओं को नमन किया, जिन्होंने विभिन्न कालखंडों में सोमनाथ मंदिर की रक्षा करते हुए बलिदान दिया। उन्होंने मंदिर परिसर में विधिवत पूजा-अर्चना कर देशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।

फूलों से सजे खुले वाहन में सवार प्रधानमंत्री यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं का अभिवादन स्वीकार करते नजर आए। इस दौरान गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी उनके साथ मौजूद रहे। यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री ने डमरू बजाकर उत्साह और सांस्कृतिक ऊर्जा का प्रतीकात्मक संदेश दिया।

शौर्य यात्रा में गुजरात पुलिस की माउंटेड यूनिट विशेष आकर्षण रही। काठियावाड़ी और मारवाड़ी नस्ल के 108 प्रशिक्षित घोड़ों ने यात्रा को भव्य स्वरूप दिया। अधिकारियों के अनुसार, इन घोड़ों को आठ माह तक विशेष प्रशिक्षण दिया गया था ताकि वे इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बन सकें।

यात्रा के मार्ग में साधु-संतों, श्रद्धालुओं और स्कूली बच्चों ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया। खेड़ा जिले के ब्रह्मर्षि संस्कृत महाविद्यालय के लगभग 350 विद्यार्थियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। छात्रों ने शंख और डमरू बजाते हुए यात्रा का नेतृत्व किया, जिससे वातावरण भक्तिमय और उत्साहपूर्ण हो गया।

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत आयोजित यह शौर्य यात्रा इतिहास, संस्कृति और राष्ट्रीय आत्मगौरव का प्रतीक बनकर उभरी, जिसमें परंपरा और वर्तमान का अनूठा संगम देखने को मिला।


हल्द्वानी होटल में दर्दनाक घटना, युवक ने की खुदकुशी, पत्नी और बेटा घायल

हल्द्वानी। ऊधमसिंह नगर जिले के काशीपुर निवासी एक व्यक्ति ने हल्द्वानी के एक होटल में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। इस घटना में कमरे में मौजूद उसकी पत्नी और बेटा भी घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार पैगा गांव निवासी सुखवंत सिंह (40) परिवार के साथ गौलापार क्षेत्र स्थित एक होटल में ठहरा हुआ था। शनिवार देर रात करीब ढाई बजे अचानक उसने अपनी कनपटी पर गोली चला ली। गोली चलने के दौरान निकले छर्रों से उसकी पत्नी परदीप कौर और बेटा गुरसेज सिंह घायल हो गए। मौके पर ही सुखवंत सिंह की मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को उपचार के लिए सुशीला तिवारी अस्पताल भेजा गया। वहीं मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया गया है।

काठगोदाम थाना प्रभारी विमल मिश्रा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। पूछताछ में सामने आया है कि मृतक पिछले कुछ समय से संपत्ति से जुड़े विवाद को लेकर मानसिक तनाव में था। परिजनों का आरोप है कि सुखवंत सिंह से करोड़ों रुपये लेकर गलत तरीके से जमीन का बैनामा किया गया था।

फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से पड़ताल की जा रही है।


वीकएंड पर बॉक्स ऑफिस की जंग, नई रिलीज और पुरानी हिट के बीच दिलचस्प मुकाबला

सिनेमाघरों में इस वक्त तीन फिल्मों के बीच दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है। एक ओर रणवीर सिंह की सुपरहिट फिल्म धुरंधर लंबे समय से बॉक्स ऑफिस पर मजबूत पकड़ बनाए हुए है, वहीं प्रभास की नई फिल्म द राजा साब ने रिलीज के साथ ही तगड़ी शुरुआत की है। दूसरी ओर, फिल्म इक्कीस की रफ्तार अब धीमी पड़ती नजर आ रही है।

प्रभास स्टारर द राजा साब ने पहले दिन शानदार ओपनिंग दर्ज की थी। फिल्म ने रिलीज के साथ ही दर्शकों का ध्यान खींचा और शुरुआती कलेक्शन ने इसे बड़ी फिल्मों की कतार में खड़ा कर दिया। हालांकि, तीसरे दिन आते-आते इसकी कमाई में गिरावट दर्ज की गई, लेकिन इसके बावजूद कुल बॉक्स ऑफिस आंकड़े मजबूत बने हुए हैं। अगर रविवार को फिल्म को दर्शकों का अच्छा समर्थन मिलता है, तो यह जल्द ही 100 करोड़ क्लब में जगह बना सकती है।

वहीं रणवीर सिंह की धुरंधर रिलीज के कई हफ्तों बाद भी बॉक्स ऑफिस पर टिके रहने में सफल रही है। फिल्म ने अपने 37वें दिन भी करोड़ों की कमाई कर यह साबित कर दिया कि दर्शकों की पसंद अब भी इसके साथ है। घरेलू बॉक्स ऑफिस के साथ-साथ विदेशों में भी फिल्म का प्रदर्शन शानदार रहा है और यह वैश्विक स्तर पर बड़ी कमाई करने वाली फिल्मों में शामिल हो चुकी है।

इसके उलट, इक्कीस की बॉक्स ऑफिस यात्रा अब सुस्त पड़ती दिखाई दे रही है। शुरुआती दिनों में ठीक-ठाक प्रदर्शन करने के बाद फिल्म की कमाई में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। अमिताभ बच्चन के नाती अगस्त्य नंदा की इस फिल्म में दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र की आखिरी ऑन-स्क्रीन मौजूदगी भी दर्शकों को लंबे समय तक सिनेमाघरों तक नहीं खींच पा रही है।

रविवार का दिन तीनों फिल्मों के लिए अहम माना जा रहा है। वीकएंड का आखिरी दिन बॉक्स ऑफिस आंकड़ों में उछाल ला सकता है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या द राजा साब अपनी रफ्तार दोबारा पकड़ पाएगी, धुरंधर अपना दबदबा बनाए रखेगी या फिर इक्कीस को राहत की सांस मिलेगी।


भारत–न्यूजीलैंड वनडे सीरीज से पहले टीम इंडिया की तैयारी पर नजर, पंत की चोट ने बढ़ाई चिंता

बड़ोदा। भारत और न्यूजीलैंड के बीच शुरू होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज से पहले टीम इंडिया के अभ्यास सत्र में हलचल देखने को मिली। सीरीज की शुरुआत से ठीक पहले विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को नेट अभ्यास के दौरान गेंद लग गई, जिससे टीम प्रबंधन की चिंता बढ़ गई है। चोट के बाद पंत को अभ्यास बीच में ही रोकना पड़ा और उन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ा।

बीसीए स्टेडियम में आयोजित वैकल्पिक ट्रेनिंग सेशन के दौरान पंत थ्रोडाउन गेंदबाजों के खिलाफ बल्लेबाजी कर रहे थे। इसी दौरान तेज गेंद उनके शरीर के ऊपरी हिस्से में लगी। दर्द के कारण वह असहज नजर आए, जिसके बाद सपोर्ट स्टाफ और मुख्य कोच गौतम गंभीर ने तुरंत स्थिति का जायजा लिया और प्राथमिक उपचार दिया। फिलहाल उनकी चोट की गंभीरता को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।

यदि पंत सीरीज के शुरुआती मैचों से बाहर होते हैं, तो यह टीम इंडिया के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। पंत हाल के वर्षों में लगातार चोटों से जूझते रहे हैं और लंबे समय तक मैदान से दूर भी रहे हैं, ऐसे में उनकी फिटनेस को लेकर सतर्कता बरती जा रही है।

अभ्यास सत्र के दौरान कप्तान शुभमन गिल और मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर के बीच लंबी चर्चा भी देखी गई। माना जा रहा है कि यह बातचीत न्यूजीलैंड के खिलाफ टीम संयोजन और रणनीति को लेकर हुई। वहीं नेट्स के बाहर एक दिलचस्प दृश्य तब देखने को मिला, जब पूर्व कप्तान रोहित शर्मा तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज को बल्लेबाजी की बारीकियां समझाते नजर आए।

उप-कप्तान श्रेयस अय्यर ने केएल राहुल के साथ नेट्स में लंबा अभ्यास किया। रवींद्र जडेजा भी बल्लेबाजी में पूरी तरह सहज दिखाई दिए। खास बात यह रही कि पंत, अय्यर और सिराज हाल ही में विजय हजारे ट्रॉफी खेलकर आए हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि अधिकांश खिलाड़ी मैच फिटनेस में हैं।

तीन मैचों की यह वनडे सीरीज वडोदरा के बड़ौदा क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम से शुरू होगी, जो पहली बार किसी पुरुष अंतरराष्ट्रीय मुकाबले की मेजबानी करेगा। इसके बाद दूसरा मैच राजकोट और तीसरा मुकाबला इंदौर में खेला जाएगा। न्यूजीलैंड की टीम नए संयोजन के साथ भारत पहुंची है, जिससे सीरीज के कड़े और रोमांचक होने की उम्मीद है।


अंकिता भंडारी हत्याकांड: न्याय की मांग तेज, उत्तराखंड बंद को लेकर सियासी और सामाजिक संगठनों में मतभेद

देहरादून/रुड़की। अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर प्रदेश में एक बार फिर सियासी और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। विभिन्न उत्तराखंड आंदोलनकारी और पर्वतीय मूल के संगठनों ने मामले में निष्पक्ष न्याय की मांग करते हुए निर्णायक आंदोलन का ऐलान किया है। संगठनों का कहना है कि केवल सीबीआई जांच से वे संतुष्ट नहीं हैं, बल्कि जांच की निगरानी सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के सिटिंग जज के नेतृत्व में होनी चाहिए। इसी मांग को लेकर रविवार को उत्तराखंड बंद का आह्वान किया गया है।

रुड़की के टॉकीज चौक स्थित एक होटल में आयोजित प्रेस वार्ता में अशोक नगर क्षेत्रीय विकास समिति, चिह्नित आंदोलनकारी संघर्ष समिति, उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी समिति, युवा मंच, उत्तराखंड एकता मंच और गढ़वाल सभा के प्रतिनिधियों ने सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए। वक्ताओं ने कहा कि अब तक मामले से जुड़े कई अहम तथ्य सार्वजनिक नहीं हो पाए हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि वीआईपी की पहचान, उनकी संख्या, रिसॉर्ट पर बुलडोजर चलाने के आदेश और भाजपा के पूर्व विधायक व उनकी पत्नी के बयानों की निष्पक्ष जांच नहीं हुई है। संगठनों ने सरकार पर मामले में केवल औपचारिक कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि यदि सच्चाई सामने नहीं आई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

संगठनों ने बताया कि 11 जनवरी को सुबह 10:30 बजे बूचड़ी फाटक ढंढेरा से रैली निकाली जाएगी, जो चंद्रशेखर चौक सिविल लाइंस पहुंचेगी। इसके बाद बाजारों में जाकर बंद को सफल बनाने की अपील की जाएगी। प्रेस वार्ता में हर्ष प्रकाश काला, कमला बमौला, राजेंद्र रावत, पूर्ण सिंह विष्ट सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। इससे पहले शनिवार देर शाम शिव चौक, आदर्श शिवाजी नगर और अन्य इलाकों में मशाल जुलूस निकालकर अंकिता को न्याय दिलाने की मांग की गई।

वहीं, कांग्रेस ने उत्तराखंड बंद को अपना यादगार समर्थन देने की घोषणा की है। महानगर कांग्रेस रुड़की के जिलाध्यक्ष राजेंद्र चौधरी एडवोकेट ने कहा कि कांग्रेस शुरू से ही अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की लड़ाई लड़ रही है और आगे भी संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग कर रही है। बंद के दौरान कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री का पुतला दहन भी किया जाएगा।

दूसरी ओर, व्यापारिक संगठनों ने बंद से दूरी बना ली है। प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल उत्तराखंड के पदाधिकारियों ने कहा कि अंकिता भंडारी के परिजनों की मांग पर पहले ही सीबीआई जांच के आदेश जारी हो चुके हैं, ऐसे में बंद का कोई औचित्य नहीं बचता। संगठन ने स्पष्ट किया कि उनके सभी प्रतिष्ठान खुले रहेंगे। इसी तरह, प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल, संगठनात्मक जिला रुड़की ने भी 11 जनवरी के बंद से खुद को अलग कर लिया है।

उत्तराखंड बंद के आह्वान को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। गढ़वाल रेंज के आईजी राजीव स्वरूप ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध सभी का अधिकार है, लेकिन कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रदेशभर में संवेदनशील इलाकों और बाजारों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

एसएसपी अजय सिंह ने स्पष्ट किया कि किसी को भी जबरन बाजार बंद कराने या सार्वजनिक परिवहन बाधित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने बताया कि कई व्यापार मंडल, टैक्सी और बस यूनियन पहले ही बंद का समर्थन न करने का फैसला कर चुके हैं और अपने प्रतिष्ठान व वाहन सामान्य रूप से संचालित करेंगे। किसी भी तरह की अव्यवस्था फैलाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


मुख्यमंत्री धामी ने राजस्व विभाग के 6 वेब पोर्टल का किया शुभारंभ

ई-भूलेख, भू-नक्शा और एग्रीलोन पोर्टल से भूमि अभिलेख और ऋण प्रक्रिया अब ऑनलाइन

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास, देहरादून में राजस्व परिषद द्वारा राजस्व विभाग के विभागीय कार्यों से सम्बन्धित 6 वेब पोर्टल का शुभारंभ किया। इसमें ई-भूलेख ( अपडेटेड वर्जन), भू-नक्शा, भूलेख अंश, भू-अनुमति, एग्री लोन एवं ई-वसूली पोर्टल ( ई – आरसीएस पोर्टल) शामिल हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना के अनुरूप विज्ञान, आईटी और एआई के माध्यम से आमजन को अधिक से अधिक सहूलियत प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा इन वेब पोर्टलों के शुभारंभ से नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी, उनका जीवन सरल होगा एवं उन्हें दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, जिससे समय की भी बचत होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार – सरलीकरण, समाधान और निस्तारण के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। डिजिटल इंडिया के अंतर्गत राजस्व से जुड़ी नई सेवाओं का ऑनलाइन उपलब्ध होना महत्वपूर्ण कदम है। इससे प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता आएगी एवं नागरिक घर बैठे ही खतौनी सहित अन्य राजस्व संबंधी सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमि अभिलेखों से संबंधित सेवाओं में विशेष रूप से खतौनी अब तहसील कार्यालय आने के बजाय घर बैठे मोबाइल या इंटरनेट के माध्यम से सत्यापित प्रति के रूप में, ऑनलाइन भुगतान कर प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने कहा प्रदेश में उद्योग एवं कृषि प्रयोजनों हेतु भूमि उपयोग/भूमि कार्य की अनुमति प्राप्त करने की प्रक्रिया को पूर्णतः ऑनलाइन की गई है। साथ ही भूमि मानचित्र (कैडस्ट्रल मैप) को सार्वजनिक डोमेन में निःशुल्क देखने की सुविधा प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 6 वेब एप्लीकेशन का नवीन संस्करण डिजिटल इंडिया की भावना, विकसित भारत एवं विकसित उत्तराखण्ड के लक्ष्यों तथा समय की मांग के अनुरूप आधुनिक तकनीकों के माध्यम से उन्नत किया गया है। इस पहल से प्रशासनिक पारदर्शिता एवं नागरिक सुविधा में वृद्धि होगी। जिससे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के साथ ईज ऑफ लिविंग को भी बढ़ावा मिलेगा।

गौरतलब है कि ई-भूलेख पोर्टल के तहत भूमि अभिलेखों से संबंधित सेवाओं में विशेष रूप से खतौनी अब तहसील कार्यालय आने के बजाय घर बैठे मोबाइल या इंटरनेट के माध्यम से सत्यापित प्रति के रूप में, ऑनलाइन नियत शुल्क का भुगतान पेमेंट गेटवे के माध्यम से कर, प्राप्त की जा सकती है। पूर्व में खतौनी की प्रमाणित प्रति प्राप्त करने हेतु आमजन को तहसील आना पड़ता था, जिससे समय एवं संसाधनों की अतिरिक्त खपत होती थी, जबकि अब यह सुविधा पूर्णतः ऑनलाइन उपलब्ध है।

भूलेख अंश पोर्टल के तहत प्रदेश के भू-अभिलेखों में संयुक्त खातेदारी एवं गोलखातों में दर्ज खातेदारों एवं सहखातेदारों का पृथक-पृथक अंश निर्धारित डाटाबेस तैयार किया जा रहा है, जिससे प्रदेश के किसानों की फार्मर रजिस्ट्री तैयार किये जाने का मार्ग प्रशस्त होगा। इस कार्यवाही में भू-अभिलेखों में खातेदारों की जाति, लिंग एवं पहचान संख्या को भी संकलित किया जा रहा है, जिससे भविष्य में भू-अभिलेखों का समेकित डाटाबेस तैयार किया जा सकेगा।

भू-अनुमति पोर्टल के तहत प्रदेश में उद्योग एवं कृषि प्रयोजनों हेतु भूमि उपयोग/भूमि कार्य की अनुमति प्राप्त करने की प्रक्रिया को पूर्णतः ऑनलाइन किया गया है। इस पोर्टल के माध्यम से भू-कानून के अनुसार प्रदेश में उद्योग एवं जनपद हरिद्वार एवं उधमसिंहनगर में कृषि व बागवानी हेतु भूमि कय की अनुमति को पूर्णतः डिजिटलाईज किया गया है।

एग्रीलोन पोर्टल के तहत प्रदेश में उद्योग एवं कृषि प्रयोजनों हेतु भूमि उपयोग/भूमि कार्य की अनुमति प्राप्त करने की प्रक्रिया को पूर्णतः ऑनलाइन किया गया है। किसानों को बैंक से अपनी भूमि के सापेक्ष कृषि एवं कृषि संबंधित गतिविधियों हेतु ऋण लेने की प्रक्रिया को भी पूरी तरह ऑनलाइन किया गया है। अब किसान या भूमि स्वामी पोर्टल के माध्यम से ऋण के लिये आवदेन कर सकता है। और ऋण अदायगी के उपरान्त बैंक द्वारा एन.ओ.सी जारी करने पर स्वतः ही चार्ज रिमूव भी हो जायेगा।

ई-वसूली पोर्टल के माध्यम से राजस्व वसूली की प्रक्रिया को पूर्णः डिजिटल बनाते हुए बैंक अथवा संबंधित विभाग अब अपने बकायेदारों से वसूली हेतु प्रकरणों को ऑनलाइन माध्यम से कलेक्टर को भेज सकेंगे, जिसमें पूरी वसूली प्रकिया की प्रत्येक स्तर पर ट्रेकिंग की जा सकेगी एवं भू-नक्शा पोर्टल के तहत भूमि मानचित्र (कैडस्ट्रल मैप) को सार्वजनिक डोमेन में निःशुल्क देखने की सुविधा प्रदान की गई है।

इस अवसर पर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव राजस्व एस.एन पांडेय, सचिव एवं आयुक्त राजस्व परिषद रंजना राजगुरु, अपर सचिव आनंद श्रीवास्तव, स्टाफ ऑफिसर सोनिया पंत, एनआईसी के वरिष्ठ निदेशक (आईटी) मनीष वालिया, नरेंद्र सिंह नेगी, संयुक्त निदेशक (आईटी) चंदन भकुनी एवं राज्य के सभी जिला मुख्यालयों से जिलाधिकारी, मंडल आयुक्त तथा विभिन्न तहसीलों से संबंधित अधिकारीगण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।


सीएम धामी ने टिहरी में प्रथम खेलकूद एवं सांस्कृतिक महोत्सव के समापन समारोह में किया प्रतिभाग

राज्य में खेल, पर्यटन और लोकसंस्कृति को बढ़ावा देने पर जोर

नई टिहरी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को राजकीय इंटर कॉलेज छाम, टिहरी गढ़वाल में सांस्कृतिक विकास समिति द्वारा आयोजित प्रथम खेलकूद एवं सांस्कृतिक महोत्सव के समापन समारोह में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का निरीक्षण किया तथा यूसीसी के तहत पंजीकरण करवाने वाले लोगों को प्रमाण पत्र वितरित किए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भगवान नागराजा की पवित्र भूमि को नमन करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन हमारी लोक-संस्कृति एवं परंपराओं के संरक्षण और नई पीढ़ी को उनसे जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सांस्कृतिक पुनर्जागरण का कार्य किया जा रहा है।
अयोध्या में राम मंदिर, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, महाकाल कॉरिडोर तथा बद्रीनाथ–केदारनाथ धाम को भव्य रूप दिया गया है। राज्य सरकार भी राज्य में हरिद्वार – ऋषिकेश कॉरिडोर सहित विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य को खेलभूमि के रूप में विकसित किया जा रहा है। खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण देने के लिए स्पोर्ट्स अकादमी की स्थापना की जा रही है। उन्होंने कहा टिहरी झील को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के उद्देश्य से ट्रैकिंग, पैराग्लाइडिंग सहित विभिन्न साहसिक खेलों की प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं तथा झील के चारों ओर रिंग रोड निर्माण से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार रिवर्स पलायन को प्रोत्साहित करने, स्वरोजगार, होम-स्टे, स्वयं सहायता समूह, लखपति दीदी योजना एवं आयुष वेलनेस सेक्टर को बढ़ावा देने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्यों की सूची में उत्तराखंड को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। जिसे बनाए रखने के लिए सरकार संकल्पबद्ध है। उन्होंने कहा राज्य सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता लागू किया है। भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत दोषियों को जेल भेजा जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड को सुरक्षित, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार पूर्ण निष्ठा से कार्य कर रही है।राज्य सरकार ने अब तक 10 हजार से अधिक सरकारी भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाया है एवं 6 हजार से अधिक अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दंगारोधी कानून के तहत दंगाइयों से एक-एक पाई की वसूली की जाएगी। उन्होंने कहा सरकार किसी भी कीमत पर प्रदेश की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक मूल्यों से समझौता नहीं करेगी तथा देवभूमि के सम्मान की रक्षा के लिए पूरी दृढ़ता से कार्य करती रहेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हमेशा बहन स्व. अंकिता भंडारी के परिवार के साथ खड़ी थी और आज भी उनके साथ खड़े हैं। सरकार द्वारा एसआईटी का गठन किया गया, जिसने लगभग ढाई वर्ष तक गहन जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसके आधार पर तीनों आरोपियों को न्यायालय से आजीवन कारावास की सजा हुई। जब अंकिता के माता-पिता ने सीबीआई जांच की मांग की, तो सरकार ने उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए हर स्तर पर सहयोग दिया और आगे भी राज्य सरकार उनके साथ खड़े रहेगी।

विधायक प्रीतम सिंह पंवार, विधायक किशोर उपाध्याय ने भी मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कहा मुख्यमंत्री के कार्यकाल में राज्य में यूसीसी, नकल विरोधी कानून सहित अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं।

इस अवसर पर थौलधार ब्लॉक प्रमुख सुरेंद्र भंडारी, पूर्व प्रमुख ज्योत सिंह बिष्ट, संजय नेगी, विनोद उनियाल, ब्लाक भाजयुमो प्रदेश महामंत्री मुलायम सिंह रावत, पूर्व प्रमुख ख़ेम सिंह चौहान एवं अन्य लोग मौजूद रहे।


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