Monday, January 12th, 2026

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कर्तव्यनिष्ठ और अनुशासित बने युवा- रेखा आर्या

Monthly Archives: January 2026

कर्तव्यनिष्ठ और अनुशासित बने युवा- रेखा आर्या

राष्ट्रीय युवा दिवस पर युवक एवं महिला मंगल दल हुए सम्मानित

स्वामी विवेकानंद के आदर्शों पर चलने का लिया संकल्प

देहरादून। स्वामी विवेकानंद जयंती पर आयोजित राष्ट्रीय युवा दिवस समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में अच्छा काम करने वाले युवा मंगल दल और महिला मंगल दलों को सम्मानित किया गया । मुख्य आयोजन सोमवार को परेड ग्राउंड स्थित मल्टीपरपज हॉल में किया गया था। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने हमेशा युवाओं को प्रेरित करने की दिशा में काम किया और हमें उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए।

युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि किसी भी प्रदेश और देश के युवा को अगर सही दिशा मिले तो उसे विकसित होने से कोई रोक नहीं सकता। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति उत्तराखंड की धड़कन के समान है, इसी से प्रदेश में प्राण शक्ति का संचार होता है। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के जीवन से प्रेरणा लेकर युवा कर्तव्यनिष्ठ और अनुशासित बने तो 2047 में भारत को विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लक्ष्य को पाना मुश्किल नहीं है।

कार्यक्रम में प्रदेश भर से चुने गए तीन तीन युवक मंगल दल और महिला मंगल दलों को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही एनएसएस का राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त करने वाले दो युवाओं और नेशनल यूथ अवार्ड विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में राजपुर विधायक खजान दास, विशेष प्रमुख खेल सचिव अमित सिन्हा, खेल निदेशक आशीष चौहान व अन्य उपस्थित रहे।

वैभव शाह ने जीता बेस्ट रील अवार्ड

विभागीय मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि इस साल स्वामी विवेकानंद के जीवन दर्शन और उनके आदर्शों से अधिक से अधिक संख्या में युवाओं को जोड़ने के उद्देश्य से एक नई पहल करते हुए एक रील प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें प्रदेश भर से युवाओं ने भाग लिया। जिनमें से वैभव शाह की रील को प्रथम चुना गया। इसके अतिरिक्त सचिन कुमार सिंह दूसरे और शिव कैलाश सेमवाल तीसरे स्थान पर रहे। तीनों विजेताओं को समारोह में नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

यह हुए सम्मानित

युवक मंगल दल मोख मल्ला, चमोली – प्रथम

युवक मंगल दल सुंदरपुर रैक्वाल, नैनीताल – द्वितीय

युवक मंगल दल चौड़ीराय लोहाघाट चंपावत – तृतीय

महिला मंगल दल धापला नैनीताल – प्रथम

महिला मंगल दल सेमा चमोली – द्वितीय

महिला मंगल दल बनाली टिहरी गढ़वाल – तृतीय

एनएसएस अवॉर्ड विजेता

आलोक कुमार पांडे और आयुष वर्मा

राष्ट्रीय युवा पुरस्कार विजेता

प्रदीप महरा पिथौरागढ़, अजय ओली पिथौरागढ़, गुरदीप सिंह राणा उधम सिंह नगर, जगतार सिंह बाजवा उधम सिंह नगर, गीता बगासी चमोली, रमन रावत पौड़ी गढ़वाल, स्वराज विद्वान उत्तरकाशी, दिनेश सिंह रावत उत्तरकाशी, गुरमेल सिंह देहरादून।


डोनाल्ड ट्रंप ने खुद को बताया वेनेजुएला का ‘कार्यवाहक राष्ट्रपति’, मचा वैश्विक हलचल

ट्रुथ सोशल पर ट्रंप का विवादित पोस्ट, वेनेजुएला को लेकर नई सनसनी

वाशिंगटन। अमेरिकी राजनीति और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में उस वक्त हलचल तेज हो गई, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला को लेकर एक विवादित सोशल मीडिया पोस्ट साझा की। पहले ही वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी और सैन्य कार्रवाई के दावों से सुर्खियों में रहे ट्रंप ने अब खुद को वेनेजुएला का कार्यवाहक राष्ट्रपति बताकर वैश्विक राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक तस्वीर साझा की, जिसमें उन्हें वेनेजुएला का कार्यवाहक राष्ट्रपति दर्शाया गया है। यह तस्वीर डिजिटल रूप से संपादित बताई जा रही है, लेकिन इसके साथ किए गए दावे ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सनसनी फैला दी है। पोस्ट ऐसे समय में सामने आई है, जब ट्रंप लगातार वेनेजुएला के तेल भंडार को लेकर अमेरिकी तेल कंपनियों के साथ बैठकें कर रहे हैं और वैश्विक मामलों पर आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं।

पोस्ट में साझा की गई तस्वीर एक संपादित विकिपीडिया पेज जैसी प्रतीत होती है, जिसमें डोनाल्ड ट्रंप को जनवरी 2026 तक वेनेजुएला का मौजूदा राष्ट्रपति बताया गया है। ट्रंप इससे पहले भी यह दावा कर चुके हैं कि जब तक वेनेजुएला में सुरक्षित और व्यवस्थित सत्ता हस्तांतरण नहीं हो जाता, तब तक अमेरिका वहां की शासन व्यवस्था की निगरानी करेगा।

इसी कड़ी में ट्रंप ने हाल ही में व्हाइट हाउस में दुनिया की प्रमुख तेल और गैस कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात की थी। इस बैठक में उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वेनेजुएला में भविष्य का निवेश सीधे अमेरिका के माध्यम से होगा, न कि वहां की मौजूदा सरकार के साथ। ट्रंप ने अमेरिकी कंपनियों को सुरक्षा और स्थिरता का भरोसा दिलाते हुए बड़े पैमाने पर निवेश के लिए प्रोत्साहित किया।

ट्रंप का कहना है कि यदि अमेरिका ने समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया होता, तो चीन या रूस वेनेजुएला में अपनी मजबूत पकड़ बना सकते थे। उनका तर्क है कि अमेरिकी दखल का उद्देश्य वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था को दोबारा पटरी पर लाना और वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता सुनिश्चित करना है।

जानकारों के मुताबिक अमेरिका की रणनीति वेनेजुएला के विशाल तेल संसाधनों पर प्रभाव बनाए रखने, तेल उत्पादन और बुनियादी ढांचे को पुनर्जीवित करने और वैश्विक आपूर्ति पर नियंत्रण मजबूत करने से जुड़ी हुई है। हालांकि ट्रंप का यह कदम कूटनीतिक मर्यादाओं और अंतरराष्ट्रीय कानूनों को लेकर कई सवाल भी खड़े कर रहा है।


‘बॉर्डर 2’ का तीसरा गाना ‘जाते हुए लम्हों’ हुआ रिलीज

सनी देओल, वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी स्टारर फिल्म ‘बॉर्डर 2’ रिलीज से पहले ही दर्शकों के बीच खास उत्सुकता पैदा कर चुकी है। देशभक्ति और भावनाओं से भरी इस फिल्म के गानों को भी लगातार सराहना मिल रही है। पहले ‘घर कब आओगे’ और फिर रोमांटिक ट्रैक ‘इश्क दा चेहरा’ के बाद अब मेकर्स ने फिल्म का तीसरा गीत रिलीज कर दिया है, जो दर्शकों को पुराने दिनों की याद दिला रहा है।

नया गाना ‘जाते हुए लम्हों’ दरअसल सुपरहिट फिल्म ‘बॉर्डर’ के मशहूर गीत का रीक्रिएटेड वर्जन है। इस गीत को इस बार संगीतकार मिथुन ने नए अंदाज में तैयार किया है, जबकि इसे आवाज दी है लोकप्रिय गायक विशाल मिश्रा ने। खास बात यह है कि गाने में ओरिजनल वर्जन के सिंगर रूप कुमार राठौड़ की झलक भी सुनने को मिलती है, जिससे गीत की भावनात्मक गहराई और बढ़ जाती है।

मूल फिल्म ‘बॉर्डर’ में इस गीत को जावेद अख्तर ने लिखा था और अनु मलिक ने संगीत दिया था। नए संस्करण में पुराने एहसास को बरकरार रखते हुए आधुनिक टच देने की कोशिश की गई है। रिलीज होते ही यह गाना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है और फैंस इसे भावुक और दिल को छू लेने वाला बता रहे हैं।

‘जाते हुए लम्हों’ फिल्म ‘बॉर्डर 2’ का तीसरा गाना है। इससे पहले रिलीज हुए ‘घर कब आओगे’ ने देशभक्ति का जज्बा जगाया था, जबकि ‘इश्क दा चेहरा’ ने फिल्म के रोमांटिक पक्ष को सामने रखा। अब यह नया गीत कहानी के भावनात्मक पहलू को और मजबूती देता नजर आ रहा है।

अनुराग सिंह के निर्देशन में बनी ‘बॉर्डर 2’ 23 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। फिल्म में मुख्य कलाकारों के साथ मोना सिंह, सोनम बाजवा, आन्या सिंह और मेधा राणा भी अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगी। देशभक्ति और जज्बे से भरपूर इस वॉर ड्रामा का दर्शक लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं।

(साभार)


मुख्यमंत्री धामी ने स्वदेशी संकल्प दौड़ का किया शुभारंभ

युवाओं को स्वदेशी अपनाने का किया आह्वान

देहरादून। राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गांधी पार्क देहरादून में स्वदेशी संकल्प दौड़ का शुभारंभ किया। इस अवसर मुख्यमंत्री ने स्वामी विवेकानंद जी के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर उनको नमन किया। स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने वाली संस्थाओं को उन्होंने सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी का उठो, जागो और लक्ष्य की प्राप्ति तक रुको मत का संदेश देश की मजबूत नींव के लिए युवाओं को हमेशा प्रेरित करता रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विकसित राष्ट्र के संकल्प की ओर अग्रसर है तथा वर्ष 2047 तक भारत को विकसित बनाने में युवाओं की भूमिका निर्णायक होगी।

उन्होंने वोकल फॉर लोकल के संदेश को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टार्टअप, मेक इन इंडिया, स्किल इंडिया जैसे अभियान सबको मिलकर आगे बढ़ाने होंगे। मुख्यमंत्री ने युवाओं से नशे से दूर रहने, अनुशासन अपनाने, शिक्षा-कौशल विकास पर जोर देने तथा राष्ट्र कर्तव्यों का पालन करने का विशेष आह्वान किया।

इस अवसर पर विधायक खजान दास, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, भाजपा के संगठन मंत्री अजेय कुमार पार्टी पदाधिकारी एवं भाजपा युवा मोर्चा के पदाधिकारी मौजूद थे।


विराट कोहली ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पूरे किए 28,000 रन, ऐसा करने वाले दुनिया के तीसरे बल्लेबाज बने

नई दिल्ली। भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए पहले वनडे मुकाबले में टीम इंडिया की जीत के साथ-साथ विराट कोहली एक बार फिर रिकॉर्ड बुक में दर्ज हो गए। बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए कोहली ने जिम्मेदारी भरी पारी खेली और यह साबित कर दिया कि दबाव के हालात में वह आज भी भारत के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज हैं। वडोदरा में खेले गए इस मुकाबले में कोहली ने न सिर्फ टीम को लक्ष्य के करीब पहुंचाया, बल्कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली।

बड़े रन चेज में विराट की बादशाहत
300 से अधिक रन के लक्ष्य का पीछा करने के मामले में विराट कोहली का रिकॉर्ड वनडे क्रिकेट में बेजोड़ बन चुका है। ऐसे मुकाबलों में उन्होंने लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए भारत को कई यादगार जीत दिलाई हैं। इस श्रेणी में उनका औसत और स्ट्राइक रेट दोनों ही उन्हें दुनिया के अन्य दिग्गज बल्लेबाजों से अलग पहचान दिलाते हैं। सात शतक और कई मैच जिताऊ पारियां इस बात की गवाही देती हैं कि बड़े लक्ष्य विराट के लिए चुनौती नहीं, बल्कि अवसर होते हैं।

रिकॉर्ड्स की लंबी कतार में नया अध्याय
इस मैच के दौरान विराट कोहली ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 28 हजार रन पूरे कर लिए। वह यह मुकाम हासिल करने वाले दुनिया के तीसरे बल्लेबाज बने। खास बात यह रही कि कोहली ने यह उपलब्धि बेहद कम पारियों में हासिल कर ली, जिससे उनकी निरंतरता और फिटनेस का अंदाजा लगाया जा सकता है। वनडे क्रिकेट में प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड के मामले में भी विराट सक्रिय खिलाड़ियों में सबसे आगे हैं और दिग्गजों की सूची में तेजी से ऊपर चढ़ते जा रहे हैं।

मैच का हाल
301 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत ज्यादा मजबूत नहीं रही और कप्तान रोहित शर्मा जल्दी पवेलियन लौट गए। हालांकि, इस दौरान उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। इसके बाद शुभमन गिल और विराट कोहली ने पारी को संभालते हुए दूसरे विकेट के लिए अहम साझेदारी की। दोनों बल्लेबाजों ने संयम और आक्रामकता का संतुलन बनाए रखा।

विराट ने तेजी से अर्धशतक पूरा किया और लंबे समय तक क्रीज पर टिके रहे। शतक की ओर बढ़ते हुए वह दुर्भाग्यवश नब्बे के आसपास आउट हो गए। उनके आउट होने के बाद भी भारतीय पारी लय में रही। श्रेयस अय्यर ने भी उपयोगी योगदान दिया, जबकि अंत में केएल राहुल ने धैर्य दिखाते हुए विजयी शॉट लगाकर भारत को जीत दिला दी।

न्यूजीलैंड की ओर से काइल जैमीसन सबसे सफल गेंदबाज रहे, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों के सामने मेहमान टीम लक्ष्य का बचाव नहीं कर सकी। इस जीत के साथ भारत ने सीरीज की शुरुआत शानदार अंदाज में की, वहीं विराट कोहली ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बड़े मुकाबलों में उनका कद सबसे ऊंचा है।


कोटद्वार में 15 जनवरी से अग्निवीर भर्ती रैली, 13 हजार से अधिक अभ्यर्थी होंगे शामिल

रैली के दौरान सुरक्षा, स्वास्थ्य और परिवहन के व्यापक इंतजाम, रोज पहुंचेंगे 1100 अभ्यर्थी

देहरादून। भारतीय सेना में अग्निवीर के रूप में राष्ट्र सेवा का पहला चरण लिखित सामान्य प्रवेश परीक्षा (CEE) 2025 उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों के लिए अब अगला चरण प्रारंभ होने जा रहा है। अग्निवीर भर्ती रैली का आयोजन 15 जनवरी 2026 से 30 जनवरी 2026 तक गब्बर सिंह कैंप, कोटद्वार में किया जाएगा, जिसमें दौड़ एवं शारीरिक दक्षता परीक्षण आयोजित होंगे।

यह भर्ती रैली गढ़वाल क्षेत्र के 07 जिलों — चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, देहरादून एवं हरिद्वार के 13,000 से अधिक अभ्यर्थियों के लिए आयोजित की जा रही है। भर्ती अग्निवीर जनरल ड्यूटी (GD), अग्निवीर क्लर्क/एसकेटी, अग्निवीर टेक्निकल एवं अग्निवीर ट्रेड्समैन पदों के लिए की जाएगी।

अभ्यर्थियों को सूचित किया जाता है कि रैली स्थल पर पहुंचने पर उनका आधार सत्यापन किया जाएगा। इसके लिए अभ्यर्थी आधार से लिंक मोबाइल नंबर साथ लेकर आएं। सभी पात्र अभ्यर्थियों को अपना एडमिट कार्ड, सभी मूल प्रमाणपत्र एवं उनकी तीन-तीन स्वप्रमाणित छायाप्रतियां साथ लाना अनिवार्य है। आवश्यक दस्तावेजों में पैन कार्ड, आधार कार्ड, ऑनलाइन जनित पुलिस चरित्र प्रमाणपत्र, 20 पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो, शैक्षणिक योग्यता प्रमाणपत्र, स्थायी निवास प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र, विद्यालय चरित्र प्रमाणपत्र शामिल हैं। कक्षा 8 की अंकतालिका पर जिला शिक्षा अधिकारी के हस्ताक्षर अनिवार्य हैं, जबकि धर्म प्रमाणपत्र, चरित्र प्रमाणपत्र एवं अविवाहित प्रमाणपत्र पर सरपंच के हस्ताक्षर होने चाहिए। आवश्यकता होने पर रिलेशन सर्टिफिकेट, एनसीसी प्रमाणपत्र एवं खेल प्रमाणपत्र भी रैली अधिसूचना के अनुसार साथ लाएं। शपथ पत्र (Affidavit) रैली स्थल पर ही तैयार किया जाएगा।

इस अवसर पर कर्नल आर.एस. पंवार, निदेशक, सेना भर्ती कार्यालय (ARO) लैंसडौन ने हमारे संवाददाता से बातचीत में श्रीमती स्वाति भदौरिया, जिलाधिकारी पौड़ी, छतर सिंह चौहान, उपजिलाधिकारी कोटद्वार एवं नागरिक प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने रैली की आवश्यकताओं को भली-भांति समझते हुए अत्यंत कुशलता से समुचित सहयोग प्रदान किया है। कर्नल पंवार ने अभ्यर्थियों को दलालों एवं एजेंटों से दूर रहने की सलाह दी और स्पष्ट किया कि सेना में चयन प्रक्रिया पूर्णतः निष्पक्ष एवं पारदर्शी है। दस्तावेज़ीकरण, शारीरिक परीक्षण एवं चिकित्सीय परीक्षण के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता।

अनुमान है कि प्रतिदिन लगभग 1100 अभ्यर्थी कोटद्वार पहुंचेंगे। दूरस्थ जिलों से आने वाले अभ्यर्थियों की सुविधा हेतु परिवहन निगम द्वारा अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की गई है। अभ्यर्थियों को सूचित किया जाता है कि मैदान में प्रवेश के लिए दो अलग-अलग प्रवेश द्वार होंगे—एक दौड़ में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों के लिए तथा दूसरा चिकित्सीय परीक्षण हेतु चयनित अभ्यर्थियों के लिए।

रैली के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। किसी भी अग्नि दुर्घटना से बचाव हेतु अग्निशमन विभाग के कर्मी मैदान में उपस्थित रहेंगे। इसके अतिरिक्त, चिकित्सा अधिकारी, स्वास्थ्य कर्मी एवं एंबुलेंस प्राथमिक उपचार हेतु उपलब्ध रहेंगे।


ठंड को देखते हुए देहरादून में स्कूलों के समय में बदलाव, 31 जनवरी तक सुबह 8:30 बजे के बाद खुलेंगे स्कूल

छह जिलों में घने कोहरे का येलो अलर्ट, 16 जनवरी तक मौसम रहेगा शुष्क

देहरादून। उत्तराखंड में भले ही इन दिनों बारिश और बर्फबारी का इंतजार बना हुआ है, लेकिन ठंड का असर कम नहीं हुआ है। पहाड़ी इलाकों में पाले की मार और मैदानी क्षेत्रों में चल रही शीतलहर के कारण सूखी ठंड लोगों को परेशान कर रही है। हालांकि दिन में खिल रही धूप से कुछ हद तक राहत जरूर मिल रही है।

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार सोमवार को राज्यभर में मौसम शुष्क बना रहेगा, लेकिन सुबह और देर रात को ठंड का प्रकोप जारी रहेगा। इसी को देखते हुए देहरादून समेत छह जिलों में घने कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वानुमान के मुताबिक देहरादून, ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार के साथ ही नैनीताल, चंपावत और पौड़ी में कोहरे की स्थिति बन सकती है, जिससे यातायात भी प्रभावित होने की आशंका है।

मौसम विभाग का कहना है कि 16 जनवरी तक प्रदेश में मौसम शुष्क ही बना रहेगा। इसके बाद 17 जनवरी को पहाड़ी जिलों में हल्की बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के संकेत मिल रहे हैं, जिससे ठंड और बढ़ सकती है।

इधर, बढ़ती ठंड और पाले की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। देहरादून जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्कूलों के समय में बदलाव के आदेश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार कक्षा एक से 12वीं तक के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में 31 जनवरी तक कक्षाएं सुबह साढ़े आठ बजे के बाद ही शुरू होंगी, ताकि बच्चों को ठंड से राहत मिल सके।


उत्तराखंड में सूखे जैसे हालात, कम बारिश-बर्फबारी से खेती, पर्यटन और पर्यावरण पर संकट

देहरादून/चमोली/श्रीनगर। उत्तराखंड में इस सर्दी मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला नजर आ रहा है। सामान्य से बेहद कम बारिश और बर्फबारी ने राज्य की आर्थिकी, खेती और पर्यावरण तीनों को गंभीर चुनौती के सामने खड़ा कर दिया है। पहाड़ी इलाकों में जहां आमतौर पर दिसंबर में बर्फ की मोटी परत जम जाती थी, वहीं इस बार ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी जमीन सूखी पड़ी है।

सबसे चौंकाने वाली स्थिति 12 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित तुंगनाथ क्षेत्र में सामने आई है, जहां जनवरी के मध्य तक भी बर्फ नहीं गिरी। स्थानीय लोगों और वैज्ञानिकों के अनुसार यह पहली बार है जब तुंगनाथ क्षेत्र पूरी तरह बर्फविहीन रहा है। विशेषज्ञ इसे बदलते जलवायु चक्र का गंभीर संकेत मान रहे हैं।

खेती पर सबसे ज्यादा मार

बारिश न होने से पर्वतीय और मैदानी जिलों में सूखे जैसे हालात बनने लगे हैं। कृषि विभाग की रिपोर्ट बताती है कि गेहूं की फसल को कई जिलों में 15 से 25 प्रतिशत तक नुकसान पहुंच चुका है। उत्तरकाशी, चमोली, टिहरी, देहरादून, नैनीताल और पिथौरागढ़ जैसे जिलों में फसल की बढ़वार प्रभावित हुई है।
पर्वतीय क्षेत्रों में अधिकांश खेती असिंचित है और पूरी तरह वर्षा पर निर्भर रहती है। ऐसे में बारिश के अभाव ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कई जगह फसल का जमाव कमजोर है और पत्तियां पीली पड़ने लगी हैं।

बागवानी और सेब उत्पादन पर भी खतरा

विशेषज्ञों का कहना है कि बर्फबारी न होने से सेब और अन्य फलों की पैदावार पर भी असर पड़ सकता है। सेब की फसल के लिए 1000 से 1500 घंटे का शीतलन जरूरी होता है, जो इस बार पूरा होता नहीं दिख रहा। इससे आने वाले मौसम में उत्पादन घटने की आशंका जताई जा रही है।

जड़ी-बूटियों का प्राकृतिक चक्र प्रभावित

तुंगनाथ स्थित गढ़वाल विश्वविद्यालय के एल्पाइन रिसर्च सेंटर में दुर्लभ औषधीय पौधों पर हो रहे शोध भी प्रभावित हुए हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार अल्पाइन क्षेत्र की कई जड़ी-बूटियां शीतकालीन बर्फ पर निर्भर रहती हैं। बर्फ न होने से उनके अंकुरण, वृद्धि और औषधीय गुणों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

बढ़ती वनाग्नि ने बढ़ाई चिंता

बारिश और बर्फबारी के अभाव में जंगलों की नमी खत्म हो रही है, जिससे आग की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। वन विभाग के अनुसार नवंबर के बाद से प्रदेश में तीन दर्जन से अधिक वनाग्नि की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें कई हेक्टेयर वन क्षेत्र को नुकसान पहुंचा है।

मौसम विभाग ने दी उम्मीद

मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है और जनवरी के दूसरे सप्ताह के बाद बारिश व बर्फबारी की संभावना बन रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर जल्द मौसम में बदलाव नहीं हुआ तो इसका असर आने वाले महीनों में और गहरा हो सकता है।

कुल मिलाकर, उत्तराखंड इस समय मौसम की असामान्य परिस्थितियों से जूझ रहा है, जिसका असर सिर्फ वर्तमान पर ही नहीं, बल्कि भविष्य की आजीविका और पर्यावरण संतुलन पर भी पड़ सकता है।


पैक्ड जूस और एनर्जी ड्रिंक बन रहे ‘मीठा जहर’, वैज्ञानिकों ने जारी किया अलर्ट

Sweet Poison Packaged Juices: आज की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में खान-पान की आदतें स्वास्थ्य के लिए सबसे बड़ा खतरा बनती जा रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि कई गंभीर बीमारियों की जड़ हमारी रोज़मर्रा की डाइट में छिपी है। खास तौर पर मीठे पेय पदार्थ—जैसे सॉफ्ट ड्रिंक्स, पैकेट बंद जूस, फ्लेवर्ड मिल्क और एनर्जी ड्रिंक्स—सेहत पर चुपचाप लेकिन गहरा असर डाल रहे हैं।

टीवी और डिजिटल विज्ञापनों में इन ड्रिंक्स को ताकत, फुर्ती और स्टैमिना बढ़ाने वाला बताया जाता है। वर्कआउट के बाद थकान दूर करने या खेल के दौरान ऊर्जा पाने के लिए युवा वर्ग इन्हें तेजी से अपना रहा है। लेकिन डॉक्टरों की चेतावनी है कि यही आदत भविष्य में गंभीर बीमारियों की वजह बन सकती है, खासकर लिवर से जुड़ी समस्याओं की।

वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि इन पेय पदार्थों में अत्यधिक मात्रा में मिलाई गई शुगर होती है, जिसमें फ्रक्टोज प्रमुख है। फ्रक्टोज का मेटाबॉलिज्म सीधे लिवर में होता है। जब शरीर को जरूरत से ज्यादा फ्रक्टोज मिलता है, तो लिवर इसे फैट में बदलकर जमा करने लगता है। लंबे समय तक ऐसा होने से फैटी लिवर डिज़ीज़ का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

अंतरराष्ट्रीय मेडिकल जर्नल्स में प्रकाशित अध्ययनों के अनुसार, जो लोग रोज़ाना मीठे पेय का सेवन करते हैं, उनमें फैटी लिवर की आशंका सामान्य लोगों की तुलना में कहीं अधिक पाई गई है। यह बीमारी आगे चलकर स्टीटोहेपेटाइटिस जैसे गंभीर लिवर रोग में बदल सकती है, जिसमें लिवर की कार्यक्षमता प्रभावित होने लगती है।

विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि अधिक शुगर वाली डाइट शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस और सूजन को बढ़ाती है। समय के साथ यह सूजन लिवर में स्थायी घाव (स्कार टिश्यू) बना सकती है, जिससे स्थिति और गंभीर हो जाती है।

लिवर ही नहीं, मीठे पेय शरीर के अन्य हिस्सों को भी नुकसान पहुंचाते हैं। शोध के मुताबिक, नियमित रूप से कोल्ड ड्रिंक या शुगर ड्रिंक्स पीने से पेट की चर्बी, मोटापा, टाइप-2 डायबिटीज और हृदय रोगों का जोखिम बढ़ जाता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि प्यास बुझाने के लिए पानी, नारियल पानी या बिना शक्कर वाले प्राकृतिक पेय को प्राथमिकता दी जाए। छोटी-सी यह सावधानी भविष्य में बड़ी बीमारियों से बचा सकती है।


खुटियाखाल में तेंदुए का हमला, महिला की मौत से गांव में दहशत

नैनीताल। धारी विकासखंड के खुटियाखाल क्षेत्र में रविवार को मानव-वन्यजीव संघर्ष की एक दर्दनाक घटना सामने आई।  एक महिला पर तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।

स्थानीय लोगों के अनुसार मृतका गंगा देवी थीं। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई दिनों से क्षेत्र में तेंदुए की गतिविधियां देखी जा रही थीं, जिसकी सूचना वन विभाग को दी गई थी, लेकिन समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए। महिला की मौत के बाद लोगों में गहरा आक्रोश है और वन विभाग की लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं।

सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम और प्रशासनिक अधिकारी मौके के लिए रवाना हो गए। धारी उपजिलाधिकारी अंशुल भट्ट ने बताया कि तेंदुए के हमले में महिला की मौत की पुष्टि हुई है। प्रशासन हालात का जायजा ले रहा है और क्षेत्र में सुरक्षा उपाय बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।


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