Tuesday, January 20th, 2026

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एमडीडीए का अवैध प्लॉटिंग पर करारा प्रहार, रानीपोखरी–थानों में बड़ी कार्रवाई, 22–27 बीघा में फैली अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त

Monthly Archives: January 2026

एमडीडीए का अवैध प्लॉटिंग पर करारा प्रहार, रानीपोखरी–थानों में बड़ी कार्रवाई, 22–27 बीघा में फैली अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त

देहरादून- मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत अनियोजित विकास एवं अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सख्त कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई प्राधिकरण के सक्षम प्राधिकारियों के निर्देशों के क्रम में, पूर्णतः वैधानिक प्रक्रिया का पालन करते हुए संपन्न कराई गई। जांच में पाया गया कि बिना स्वीकृत ले-आउट, बिना भूमि उपयोग परिवर्तन (सीएलयू) तथा बिना प्राधिकरण की अनुमति के कृषि एवं अन्य श्रेणी की भूमि पर अवैध रूप से प्लॉटिंग कर भू-खण्डों की बिक्री की जा रही थी।

प्राधिकरण द्वारा ऐसे मामलों का संज्ञान लेते हुए पूर्व में संबंधित स्थलों का निरीक्षण किया गया तथा नियमानुसार संबंधित व्यक्तियों को नोटिस जारी किए गए। निर्धारित समयावधि में संतोषजनक उत्तर प्राप्त न होने पर नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई, ताकि अनधिकृत कॉलोनियों के विकास पर प्रभावी रोक लगाई जा सके और क्षेत्र में सुनियोजित विकास सुनिश्चित किया जा सके।

घमंडपुर, रानीपोखरी क्षेत्र में कार्रवाई
प्राधिकरण की टीम द्वारा घमंडपुर, रानीपोखरी, देहरादून क्षेत्र में दिनेश सजवाण, अवतार सिंह एवं राजेन्द्र सिंह कैंतुरा द्वारा लगभग 15 से 20 बीघा भूमि में की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। मौके पर बिना किसी वैधानिक अनुमति के आंतरिक सड़कों का निर्माण, भू-खण्डों का सीमांकन तथा कॉलोनी विकसित करने की तैयारी की जा रही थी। कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से निर्मित सड़कों, पिलरों, सीमांकन एवं अन्य अस्थायी संरचनाओं को ध्वस्त किया गया।

थानों क्षेत्र में कार्रवाई
इसी क्रम में थानों, देहरादून क्षेत्र में सोनिका नेगी एवं विशाल द्वारा लगभग 07 बीघा भूमि में की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। जांच में यह तथ्य सामने आया कि बिना प्राधिकरण की स्वीकृति के प्लॉट काटे जा रहे थे तथा आम जनता को भू-खण्डों की बिक्री की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी थी। प्राधिकरण द्वारा मौके पर मौजूद सभी अवैध ढांचों एवं प्लॉटिंग से संबंधित निर्माण को ध्वस्त किया गया। उक्त कार्रवाई सहायक अभियंता प्रमोद मेहरा, अवर अभियंता स्वाति, संबंधित सुपरवाइजर तथा पर्याप्त पुलिस बल की उपस्थिति में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई गई।

उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान
प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग एवं अनधिकृत कॉलोनियों का विकास किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना स्वीकृत ले-आउट, भूमि उपयोग परिवर्तन एवं प्राधिकरण की अनुमति के की जा रही प्लॉटिंग न केवल नियोजन नियमों का उल्लंघन है, बल्कि आम नागरिकों के हितों के साथ भी गंभीर खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण समय-समय पर जनता से अपील करता रहा है कि किसी भी भू-खण्ड या संपत्ति को खरीदने से पूर्व उसकी वैधता की जांच अवश्य करें। नियमों की अनदेखी कर अवैध प्लॉटिंग करने वालों के विरुद्ध ध्वस्तीकरण के साथ-साथ नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। अनियोजित विकास के विरुद्ध यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।

सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान
प्राधिकरण के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि आज की गई कार्रवाई पूरी तरह वैधानिक प्रक्रिया का पालन करते हुए की गई है। संबंधित स्थलों पर पूर्व में निरीक्षण कर नोटिस जारी किए गए थे, इसके उपरांत नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि अवैध प्लॉटिंग के मामलों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जाएगी। मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण आम नागरिकों से अपील करता है कि किसी भी भूमि अथवा भू-खण्ड में निवेश करने से पूर्व प्राधिकरण से उसकी वैधता की पुष्टि अवश्य करें। प्राधिकरण द्वारा अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध सख्त अभियान आगे भी जारी रहेगा, ताकि क्षेत्र में सुनियोजित, सुरक्षित एवं सतत विकास सुनिश्चित किया जा सके।


बसंत पंचमी पर तय होगी बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि

धार्मिक अनुष्ठान के साथ घोषित होगी गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा की तिथि

देहरादून। उत्तराखंड में आगामी चारधाम यात्रा को लेकर तैयारियां गति पकड़ने लगी हैं। इसी क्रम में बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि परंपरागत धार्मिक विधि-विधान के अनुसार बसंत पंचमी के अवसर पर तय की जाएगी। यह तिथि 23 जनवरी, शुक्रवार को नरेंद्र नगर स्थित टिहरी राज दरबार में आयोजित विशेष धार्मिक समारोह में घोषित की जाएगी।

बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि कपाट खुलने की तिथि निर्धारण के साथ ही चारधाम यात्रा से जुड़ी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। तिथि घोषित होते ही यात्रा की कार्ययोजनाओं को मूर्त रूप दिया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को सुचारु और सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिल सके।

बीकेटीसी के मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने जानकारी दी कि नरेंद्र नगर स्थित टिहरी राजमहल में सुबह साढ़े दस बजे से धार्मिक अनुष्ठान प्रारंभ होंगे। इसी समारोह के दौरान बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि की विधिवत घोषणा की जाएगी। इसके साथ ही गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा की तिथि भी निर्धारित की जाएगी।

परंपरा के अनुसार टिहरी राज परिवार के महाराजा मनुजयेंद्र शाह की जन्म कुंडली का अवलोकन किया जाएगा। राजपुरोहित आचार्य कृष्ण प्रसाद उनियाल पंचांग की गणना के पश्चात शुभ मुहूर्त में श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि का निर्णय करेंगे। इस घोषणा के साथ ही चारधाम यात्रा के आधिकारिक शुभारंभ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम पूरा हो जाएगा।


‘VB-G RAM G’ को लेकर भ्रम फैला रहा विपक्ष- शिवराज सिंह चौहान

नई ग्रामीण रोजगार योजना पर सियासी घमासान, केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस पर साधा निशाना

नई पहल ग्रामीण क्षेत्रों में काम के अधिकार को कमजोर नहीं, बल्कि पहले से अधिक सशक्त बनाएगी- केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री

नई दिल्ली। केंद्र सरकार की प्रस्तावित नई ग्रामीण रोजगार योजना को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और सांसद राहुल गांधी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि विपक्ष ‘VB-G RAM G’ (विकसित भारत–रोजगार आजीविका मिशन) को लेकर जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह नई पहल ग्रामीण क्षेत्रों में काम के अधिकार को कमजोर नहीं, बल्कि पहले से अधिक सशक्त बनाएगी।

देश की हर पंचायत में लागू होगी योजना

एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विपक्ष यह गलत धारणा फैला रहा है कि नई योजना के तहत रोजगार सीमित पंचायतों तक ही रहेगा। उन्होंने दो टूक कहा कि ‘VB-G RAM G’ योजना देश की सभी पंचायतों में लागू की जाएगी। मंत्री ने यह भी कहा कि काम के अधिकार को खत्म किए जाने का दावा पूरी तरह निराधार और भ्रामक है। गौरतलब है कि कांग्रेस ने मनरेगा को समाप्त किए जाने के विरोध में 10 जनवरी से ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के तहत 45 दिन का देशव्यापी अभियान शुरू किया है।

रोजगार के दिनों में बढ़ोतरी का दावा

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार ने कागजों में नहीं, बल्कि धरातल पर काम के अधिकार को मजबूत किया है। उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था के तहत अब 100 दिनों के बजाय 125 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही, काम न मिलने की स्थिति में 15 दिनों के भीतर बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान भी किया गया है।

राज्यों पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा

शिवराज सिंह चौहान ने यूपीए और मौजूदा सरकार की तुलना करते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने मनरेगा पर लगभग दो लाख करोड़ रुपये खर्च किए थे, जबकि वर्तमान सरकार ने ग्रामीण रोजगार पर करीब नौ लाख करोड़ रुपये खर्च किए हैं। उन्होंने बताया कि नई योजना को अगले छह महीनों में लागू किया जाएगा और तब तक मनरेगा जारी रहेगी। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि इस योजना से राज्यों पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। केंद्र सरकार पहले से अधिक संसाधन उपलब्ध करा रही है, जबकि राज्यों का निवेश ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में सहायक होगा।


अनियमित खान-पान और तनाव से बढ़ रही अपच की समस्या, सेहत पर पड़ रहा असर

तेज रफ्तार जिंदगी, काम का दबाव और बिगड़ी दिनचर्या आज लोगों की सेहत पर सीधा असर डाल रही है। खासतौर पर खान-पान की अनियमितता और तनाव के कारण पेट से जुड़ी परेशानियां तेजी से बढ़ी हैं। इन्हीं में से एक आम समस्या है अपच, जिसे चिकित्सकीय भाषा में डिस्पेप्सिया कहा जाता है। यह कोई बीमारी नहीं, बल्कि इस बात का संकेत है कि पाचन तंत्र सही ढंग से काम नहीं कर पा रहा है।

अक्सर लोग स्वाद या समय की कमी के चलते जरूरत से ज्यादा भोजन कर लेते हैं या जल्दबाजी में खाना खा लेते हैं। इसका नतीजा यह होता है कि पेट को भोजन पचाने में दिक्कत आने लगती है। इससे सीने में जलन, पेट फूलना, खट्टी डकारें और ऊपरी पेट में भारीपन जैसी समस्याएं सामने आती हैं। यदि समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो यह परेशानी आगे चलकर गैस्ट्राइटिस या अल्सर जैसी गंभीर स्थिति में भी बदल सकती है। अपच न केवल शरीर को असहज बनाती है, बल्कि काम करने की क्षमता और मानसिक शांति को भी प्रभावित करती है।

खान-पान और समय में सुधार जरूरी

पाचन को बेहतर रखने के लिए सबसे जरूरी है भोजन को अच्छी तरह चबाकर खाना। इससे लार में मौजूद एंजाइम्स पाचन की प्रक्रिया को आसान बना देते हैं। इसके साथ ही रात का भोजन सोने से कम से कम तीन घंटे पहले करना चाहिए। देर रात भारी खाना खाने से लेटने पर पेट का एसिड ऊपर की ओर आ सकता है, जिससे सीने में जलन की समस्या बढ़ जाती है।

इन चीजों से रखें परहेज

अत्यधिक मसालेदार, तले-भुने खाद्य पदार्थ और कैफीन युक्त पेय पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ये पेट में एसिड के असंतुलन का कारण बनते हैं। वहीं, कोल्ड ड्रिंक्स और कार्बोनेटेड पेय पेट में गैस बढ़ाते हैं। इनके बजाय छाछ, नारियल पानी और हल्की अदरक वाली चाय जैसे पेय पाचन के लिए अधिक लाभकारी माने जाते हैं।

सक्रिय दिनचर्या से मिलेगा लाभ

पाचन तंत्र का सीधा संबंध मानसिक स्थिति से भी होता है। ज्यादा तनाव लेने से पाचन प्रक्रिया धीमी पड़ जाती है। रोजाना हल्की-फुल्की एक्सरसाइज, पैदल चलना या भोजन के बाद वज्रासन जैसे योगासन करने से पाचन बेहतर होता है। सक्रिय जीवनशैली से रक्त संचार सुधरता है और पाचक अंगों को सुचारु रूप से काम करने में मदद मिलती है।

कब जरूरी है डॉक्टर से संपर्क

हल्की अपच की स्थिति में अजवाइन का पानी, हींग या काला नमक जैसे घरेलू उपाय राहत दे सकते हैं। लेकिन यदि लंबे समय तक परेशानी बनी रहे, अचानक वजन घटने लगे, मल में खून आए या निगलने में दिक्कत हो, तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें। संतुलित आहार और सही दिनचर्या अपनाकर अपच से काफी हद तक बचा जा सकता है।

नोट: यह लेख विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और सामान्य स्वास्थ्य जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।


एमबीबीएस छात्र रैगिंग प्रकरण- दून मेडिकल कॉलेज की प्राचार्या को दिए विस्तृत जांच करने के आदेश

शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने दून मेडिकल कॉलेज में घटित रैगिंग की घटना को बताया बेहद दुर्भाग्यपूर्ण 

कहा, शिक्षण संस्थानों में रैगिंग के खिलाफ उठाए जाएंगे कड़े कदम

देहरादून। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस छात्र के साथ हुए रैगिंग प्रकरण पर विभाग ने सख्त कार्यवाही अमल में लायी जायेगी। इस संबंध में कॉलेज की प्राचार्या को प्रकरण की विस्तृत जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दे दिए गए हैं, ताकि भविष्य में छात्रों के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार न हो।

प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने दून मेडिकल कॉलेज में घटित रैगिंग की घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने घटना की जानकारी मिलते ही कॉलेज प्रशासन को तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। डॉ रावत ने कॉलेज की प्राचार्या को प्रकरण से जुड़े सभी तथ्यों, परिस्थितियों एवं आरोपों की गहनता से जांच करने के निर्देश दिये। उन्होंने आवश्यकता पड़ने पर अन्य छात्रों एवं संबंधित व्यक्तियों से भी पूछताछ करने को कहा, ताकि सही तथ्य सामने आ सकें और दोषियों के विरुद्ध ऐसी कार्रवाई की जा सके जो भविष्य के लिए नजीर बने। उन्होंने जांच रिपोर्ट आने तक आरोपी छात्रों को डिबार करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये। डॉ रावत ने रैगिंग जैसी घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षण संस्थानों में रैगिंग की घटनाएं संस्थागत अनुशासन एवं व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाती हैं। उन्होंने कॉलेज प्रशासन को रैगिंग की रोकथाम के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुरूप सभी आवश्यक एवं प्रभावी कदम उठाने को कहा।

दून मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने बताया कि विभागीय मंत्री के निर्देशों के अनुरूप मामले की जांच की जा रही है। कॉलेज में गठित एंटी-रैगिंग कमेटी ने जांच प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। पीड़ित छात्र की शिकायत के आधार पर आरोपी छात्रों के बयान भी दर्ज कर लिए गए हैं। जांच रिपोर्ट शीघ्र ही सौंप दी जाएगी।


जर्जर स्कूलों की पहचान व ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया तेज, डीएम ने दिए सख्त निर्देश

मुख्यमंत्री के निर्देश पर बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च, 79 स्कूल भवन निष्प्रोज्य घोषित

देहरादून। जनपद में वर्षों से जर्जर अवस्था में पड़े विद्यालय भवनों को लेकर जिला प्रशासन ने पहली बार ठोस और निर्णायक कार्रवाई शुरू की है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के तहत नौनिहालों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। इसी क्रम में जर्जर एवं निष्प्रोज्य विद्यालय भवनों की पहचान, आकलन और ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

जिलाधिकारी की सख्ती का असर यह रहा कि महज 10 दिनों के भीतर 100 विद्यालयों के जर्जर भवनों की रिपोर्ट प्राप्त हो गई। रिपोर्ट में देरी को लेकर अपनाए गए कड़े रुख के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। शिक्षा विभाग ने सभी विद्यालयों की सूची पूर्ण रिपोर्ट के साथ जिला प्रशासन को सौंप दी है।

जिलाधिकारी के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग को निष्प्रोज्य एवं आंशिक निष्प्रोज्य विद्यालय भवनों के आंगणन तैयार करने के आदेश दिए गए हैं। इसके लिए ₹1 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है, ताकि ध्वस्तीकरण और आवश्यक सुरक्षा उपायों में कोई विलंब न हो। जांच में जनपद के कुल 79 विद्यालयों के भवन पूर्णतः निष्प्रोज्य पाए गए हैं, जिनमें 13 माध्यमिक और 66 प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं।

प्रशासन ने बताया कि 63 विद्यालयों में वैकल्पिक शिक्षण व्यवस्था पहले ही सुनिश्चित कर दी गई है, जबकि शेष 16 विद्यालयों में तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था के निर्देश जारी किए गए हैं। इसके अलावा 17 विद्यालयों को आंशिक रूप से निष्प्रोज्य घोषित किया गया है, वहीं 8 विद्यालयों में ध्वस्तीकरण की आवश्यकता नहीं पाई गई।

जिलाधिकारी ने कहा कि पूर्णतः निष्प्रोज्य विद्यालय भवनों में वैकल्पिक शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित होने के बाद तत्काल ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। आंशिक रूप से निष्प्रोज्य भवनों में सुरक्षा मानकों के अनुरूप आवश्यक मरम्मत अथवा प्रतिबंध लागू किए जाएंगे। उन्होंने दो टूक कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी जोखिमपूर्ण भवन में शिक्षण कार्य संचालित नहीं होगा। प्रशासन समयबद्ध, पारदर्शी और जवाबदेह तरीके से कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।


एनडीआरएफ के स्थापना दिवस पर सीएम धामी ने सभी जवानों को दी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं

आपदाओं में एनडीआरएफ का साहस और समर्पण अतुलनीय- मुख्यमंत्री धामी

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के स्थापना दिवस के अवसर पर बल के सभी साहसी, निष्ठावान एवं कर्तव्यनिष्ठ जवानों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों और भीषण आपदाओं के समय एनडीआरएफ के जवान जिस साहस, समर्पण और सेवा भावना के साथ देशवासियों की रक्षा में जुटे रहते हैं, वह वास्तव में अतुलनीय है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से लेकर विभिन्न आपातकालीन स्थितियों तक, हर मोर्चे पर एनडीआरएफ की तत्परता और मानवता के प्रति प्रतिबद्धता पूरे राष्ट्र के लिए प्रेरणास्रोत है। मुख्यमंत्री ने एनडीआरएफ के जवानों के उज्ज्वल भविष्य और सुरक्षित सेवाकाल की कामना भी की।


सीएम धामी के आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड विज़न को ऊर्जा दे रहा पिटकुल

महिला सशक्तीकरण से लेकर ऊर्जा अवसंरचना तक, कुमाऊं दौरे में पिटकुल की बहुआयामी पहल

सीएम धामी की महिला सशक्तीकरण नीति का मॉडल बना चंपावत का तकनीकी केंद्र

एमडी पीसी ध्यानी के आह्वान पर पिटकुल अधिकारियों- कर्मचारियों ने कहा “हम होंगे कामयाब, बनाएंगे कीर्तिमान”

हल्द्वानी। कुमाऊं दौरे के तीसरे दिन उत्तराखंड पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (पिटकुल) के प्रबंध निदेशक पी.सी. ध्यानी ने राज्य सरकार की महिला सशक्तीकरण और वोकल फॉर लोकल नीति के क्रियान्वयन से लेकर ऊर्जा अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण तक कई अहम कार्यक्रमों और परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। यह दौरा विकास, आत्मनिर्भरता और समयबद्ध परियोजना निष्पादन के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रबंध निदेशक पीसी ध्यानी ने यूकॉस्ट देहरादून के माध्यम से चंपावत जनपद के खर्ककार्की में स्थापित महिला सशक्तीकरण प्रौद्योगिकी केंद्र का भ्रमण किया। यह केंद्र मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की महिला सशक्तीकरण एवं वोकल फॉर लोकल नीति के अंतर्गत स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है। इस केंद्र की स्थापना में अन्य संस्थाओं के साथ-साथ पिटकुल द्वारा सीएसआर के अंतर्गत सहयोग दिया गया है।

केंद्र में महिलाओं को मंडुवा से मिलेट्स उत्पाद, बुरांश और माल्टा से जूस निर्माण, मंदिरों में चढ़ाए गए फूलों एवं ताजे फूलों से धूप और सुगंधित तेल बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त पिरूल से ब्रिकेट्स बनाकर उन्नत चूल्हों के उपयोग से ग्रामीण घरों में ऊर्जा संरक्षण के साथ पर्यावरण सुरक्षा को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। यह मॉडल ग्रामीण आजीविका, स्थानीय संसाधनों के उपयोग और सतत विकास का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है।

प्रबंध निदेशक पी.सी. ध्यानी का बयान

प्रबंध निदेशक पी.सी. ध्यानी ने कहा चंपावत का महिला सशक्तीकरण प्रौद्योगिकी केंद्र उत्तराखंड राज्य के लिए एक रोल मॉडल बनेगा। यह केंद्र दिखाता है कि स्थानीय संसाधनों और आधुनिक तकनीक के समन्वय से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। पिटकुल राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप केवल ऊर्जा क्षेत्र तक सीमित न रहकर सामाजिक दायित्वों का भी निर्वहन कर रहा है। हमारा प्रयास है कि महिला सशक्तीकरण, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक साथ मजबूत किया जाए, ताकि आत्मनिर्भर उत्तराखंड की संकल्पना साकार हो सके।

चंपावत से प्रस्थान के उपरांत प्रबंध निदेशक ने निर्माणाधीन 132 केवी उपकेंद्र खटीमा का निरीक्षण किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उपकेंद्रों को समय से पूर्व ऊर्जीकृत करने के पिटकुल के संकल्प को पूरा करने के लिए ट्रांसफार्मरों की समय पर उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है। इस दौरान संबंधित अधिकारियों को क्वालिटी, क्वांटिटी और सेफ्टी का पूर्ण ध्यान रखने के निर्देश दिए गए। उपकेंद्रों की प्रगति की समीक्षा हेतु प्रबंध निदेशक स्वयं पिटकुल टीम के साथ ट्रांसफार्मर मैन्युफैक्चरर यूनिट पहुंचे। वहां निर्माणाधीन ट्रांसफार्मरों का मौके पर निरीक्षण किया गया और समीक्षा बैठक आयोजित की गई, ताकि बिना किसी विलंब के ट्रांसफार्मर समय से पूर्व उपकेंद्र निर्माण स्थल तक पहुंच सकें। मैन्युफैक्चरिंग कंपनी के अधिकारियों के साथ गहन चर्चा के बाद कंपनी प्रबंधन ने तय समय सीमा के भीतर सभी ट्रांसफार्मर यूनिट्स की आपूर्ति का आश्वासन दिया।

इसके बाद कुमाऊं क्षेत्र के अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेते हुए प्रबंध निदेशक ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से “वर्क इज़ वर्शिप” की भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने मुख्यमंत्री के मूल मंत्र “सरलीकरण, समाधान एवं संतुष्टि” को आत्मसात करते हुए विकल्प रहित संकल्प के साथ कार्य करने पर जोर दिया। लक्ष्य यह निर्धारित किया गया कि राज्य सरकार के “चार साल–बेमिसाल” की उपलब्धियों को और सशक्त बनाने हेतु चार वर्ष पूर्ण होने की तिथि पर कम से कम चार बिजलीघरों का समय से पूर्व लोकार्पण कर नया कीर्तिमान स्थापित किया जाए। प्रबंध निदेशक के आह्वान पर बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने एक स्वर में लक्ष्य प्राप्ति का संकल्प लेते हुए कहा— “हम होंगे कामयाब, बनाएंगे कीर्तिमान।” बैठक के अंत में पीसी ध्यानी ने सभी को नववर्ष 2026, बसंत पंचमी और 26 जनवरी की शुभकामनाएं देते हुए देहरादून मुख्यालय के लिए प्रस्थान किया।

देहरादून लौटते समय उन्होंने रात्रि लगभग नौ बजे बहादराबाद, हरिद्वार में प्रस्तावित 132 केवी बिजलीघर की भूमि का भी निरीक्षण किया। इस संबंध में अधीक्षण अभियंता ए.के. सिंह एवं अन्य अधिकारियों को जिलाधिकारी रुड़की से समन्वय स्थापित कर भूमि आबंटन और अधिग्रहण की आवश्यक कार्रवाई शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।कुमाऊं भ्रमण के दौरान मुख्य अभियंता हितेंद्र ह्यांकी, पंकज चौहान, अधीक्षण अभियंता ललित बिष्ट, प्रज्ज्वल भास्कर, महेश रावत सहित अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। वहीं बहादराबाद प्रस्तावित बिजलीघर भूमि निरीक्षण के समय मुख्य अभियंता पंकज चौहान, अधीक्षण अभियंता संजीव गुप्ता, ए.के. सिंह सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।


देवभूमि उत्तराखंड सत्यम, शिवम और सुंदरम के आदर्शों का प्रतीक— उपराष्ट्रपति

उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने देहरादून में आयोजित जागरण मंच का किया उद्घाटन

देहरादून। भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने उत्तराखंड के देहरादून में आयोजित जागरण मंच का उद्घाटन किया। राज्य के गठन के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति ने सकारात्मक राष्ट्र निर्माण से जुड़ी चर्चा को बढ़ावा देने का आह्वान किया और उत्तराखंड के रणनीतिक, आध्यात्मिक व विकासात्मक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने उत्तराखंड को त्याग, संकल्प और राष्ट्रसेवा का प्रतीक बताते हुए राज्यवासियों को रजत जयंती की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का गठन पर्वतीय जनमानस की लंबे समय से चली आ रही आकांक्षाओं का लोकतांत्रिक समाधान था, जिसने भारत की संघीय व्यवस्था को और सशक्त किया। उन्होंने लोकसभा सदस्य के रूप में उत्तराखंड राज्य गठन विधेयक के पक्ष में मतदान के अपने अनुभव को भी साझा किया।

उपराष्ट्रपति ने देवभूमि उत्तराखंड को भारत की सभ्यतागत चेतना का अभिन्न अंग बताते हुए कहा कि यह राज्य सत्यम, शिवम और सुंदरम के आदर्शों का प्रतीक है। उन्होंने राज्य के हिमनदों, नदियों और वनों को देश ही नहीं, बल्कि व्यापक क्षेत्र के जीवन के लिए आवश्यक बताया। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य में सड़क, रेल, हवाई और संचार कनेक्टिविटी में हुए उल्लेखनीय विकास की सराहना की।

विकास के साथ पर्यावरणीय संतुलन पर जोर देते हुए उपराष्ट्रपति ने हरित विकास और विशेष रूप से सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उत्तराखंड की पहलों की प्रशंसा की। उन्होंने सकल घरेलू उत्पाद के साथ-साथ सकल पर्यावरण उत्पाद की अवधारणा को अपनाने के लिए उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बताया।

राष्ट्रीय सुरक्षा में राज्य के योगदान का उल्लेख करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि उत्तराखंड ने देश को बड़ी संख्या में सैन्य अधिकारी दिए हैं। उन्होंने सीमावर्ती गांवों को अंतिम छोर नहीं, बल्कि राष्ट्र की शक्ति और विरासत की पहली पंक्ति बताया और प्रधानमंत्री के “भारत का पहला गांव” वाले दृष्टिकोण को दोहराया।

2047 तक आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लक्ष्य पर बोलते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा, जैविक कृषि, बागवानी, आयुष, पर्यटन, स्टार्टअप और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में उत्तराखंड की संभावनाएं अत्यंत व्यापक हैं।

मीडिया की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए उपराष्ट्रपति ने इसे लोकतंत्र का सशक्त स्तंभ बताते हुए कहा कि मीडिया शासन और जनता के बीच सेतु का कार्य करता है। उन्होंने सकारात्मक और विकासोन्मुखी समाचारों को बढ़ावा देने के लिए दैनिक जागरण की सराहना की और मीडिया संस्थानों से युवाओं को प्रेरित करने वाली रचनात्मक कहानियों को प्रमुखता देने का आग्रह किया।

कार्यक्रम में उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, दैनिक जागरण के प्रबंध संपादक तरुण गुप्ता, निदेशक सुनील गुप्ता सहित कई विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।


नई दिल्ली में ‘रैबार-7: ब्रांड उत्तराखंड’ कार्यक्रम का आयोजन

कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने किया कार्यक्रम का शुभारंभ

देहरादून/नई दिल्ली। उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने नई दिल्ली में प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान हिल मेल द्वारा आयोजित कार्यक्रम “रैबार-7: ब्रांड उत्तराखंड” में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि ऐसे आयोजन उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान, विकास संभावनाओं और वैश्विक ब्रांडिंग को मजबूती प्रदान करते हैं।

इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल उपस्थित रहे। कार्यक्रम में देश के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान, पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी, असम राइफल्स के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लाखेड़ा सहित कई विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे।

कार्यक्रम का उद्देश्य उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति, पर्यटन, निवेश संभावनाओं और समग्र विकास को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करना रहा। इस दौरान राज्य के विकास को गति देने वाले नए विचारों, योजनाओं और प्रेरणादायक पहलों पर विस्तृत चर्चा की गई।

वक्ताओं ने उत्तराखंड को एक सशक्त ब्रांड के रूप में स्थापित करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि नीति, नवाचार और जनभागीदारी के माध्यम से राज्य विकास के नए आयाम छू सकता है।


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