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उत्तराखंड के 10 शहरों में भूकंप जोखिम का होगा बड़ा आकलन, भवनों की मजबूती परखेगा सीबीआरआई

उत्तराखंड के 10 शहरों में भूकंप जोखिम का होगा बड़ा आकलन, भवनों की मजबूती परखेगा सीबीआरआई

उत्तराखंड के 10 शहरों में भूकंप जोखिम का होगा बड़ा आकलन, भवनों की मजबूती परखेगा सीबीआरआई

पूजा भट्ट

उत्तराखंड के प्रमुख शहरों में भूकंप के खतरे को देखते हुए भवनों की सुरक्षा और उनकी संरचनात्मक मजबूती का व्यापक अध्ययन किए जाने की तैयारी है। इस दिशा में केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीबीआरआई), रुड़की ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) को एक विस्तृत प्रस्ताव भेजा है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद देहरादून सहित प्रदेश के दस महत्वपूर्ण शहरों में जोखिम मूल्यांकन का कार्य शुरू किया जाएगा।

दरअसल, सीबीआरआई इससे पहले नैनीताल, मसूरी और कर्णप्रयाग में भूकंप जोखिम का विस्तृत अध्ययन कर चुका है। इन शहरों में किए गए सर्वेक्षण में बड़ी संख्या में भवन भूकंप के लिहाज से संवेदनशील पाए गए थे। इसी अनुभव के आधार पर अब अन्य शहरों में भी वैज्ञानिक अध्ययन की योजना बनाई गई है।

सीबीआरआई के वैज्ञानिक डॉ. अजय चौरसिया के अनुसार, पूर्व में किए गए अध्ययन के दौरान प्रत्येक शहर में करीब 1100 से 1200 भवनों का सर्वेक्षण किया गया था। इसके लिए शहरों को अलग-अलग ग्रिड में बांटकर भवनों की स्थिति, निर्माण गुणवत्ता और स्थानीय भूगर्भीय परिस्थितियों का विश्लेषण किया गया।

अध्ययन में यह भी देखा गया कि भवन निर्माण में किस प्रकार की सामग्री का उपयोग किया गया है और क्या निर्माण के दौरान भूकंपरोधी मानकों का पालन किया गया है। विशेष रूप से आरसीसी संरचनाओं और अन्य सुरक्षा उपायों की भी जांच की गई थी।

सर्वेक्षण के दूसरे चरण में अलग-अलग तीव्रता के संभावित भूकंपों के प्रभाव का आकलन किया गया। इसमें यह अनुमान लगाया गया कि किसी बड़े भूकंप की स्थिति में भवनों को कितना नुकसान पहुंच सकता है और जनहानि का खतरा कितना रहेगा। इन आंकड़ों के आधार पर प्रत्येक शहर का जोखिम मानचित्र (रिस्क मैप) तैयार किया गया।

सूत्रों के अनुसार, हाल ही में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में भी इस विषय पर चर्चा हुई थी। माना जा रहा है कि प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने के बाद राज्य के शहरी क्षेत्रों में भूकंप जोखिम को लेकर अधिक वैज्ञानिक और विस्तृत तस्वीर सामने आ सकेगी, जिससे भविष्य की आपदा प्रबंधन रणनीतियों को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।


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