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श्री बदरीनाथ धाम चढ़ावा हेराफेरी प्रकरण में दोषी को कानून के अनुसार मिलेगी सजा- हेमंत द्विवेदी

श्री बदरीनाथ धाम चढ़ावा हेराफेरी प्रकरण में दोषी को कानून के अनुसार मिलेगी सजा- हेमंत द्विवेदी

श्री बदरीनाथ धाम चढ़ावा हेराफेरी प्रकरण में दोषी को कानून के अनुसार मिलेगी सजा- हेमंत द्विवेदी

कांग्रेस अध्यक्ष को श्री बदरीनाथ तथा श्री केदारनाथ धामों में खुली बहस की चुनौती

देहरादून। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने आज बीकेटीसी के केनाल रोड स्थित कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में पत्रकारों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए स्पष्ट किया कि मंदिर समिति के चढ़ावा हेराफेरी से जुड़े प्रकरण में आरोपित व्यक्ति के विरुद्ध स्वयं बीकेटीसी द्वारा प्राथमिकी दर्ज कराई गयी है तथा आरोपी वर्तमान में न्यायिक प्रक्रिया के अंतर्गत जेल में है। उन्होंने कहा कि यदि किसी ने अपराध किया है तो उसे कानून के अनुसार दंड अवश्य मिलेगा बताया कि इस मामले में विभागीय जांच के पश्चात उच्चस्तरीय जांच गतिमान है।

उन्होंने कहा कि भगवान श्री बदरीविशाल और बाबा केदारनाथ की पवित्र परंपराओं, श्रद्धालुओं की भावनाओं तथा मंदिर समिति की गरिमा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की अनियमितता को स्वीकार नहीं किया जा सकता।

द्विवेदी ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल पर इस गंभीर विषय को राजनीतिक लाभ प्राप्त करने का माध्यम बनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि संबंधित कर्मचारी की अस्थायी नियुक्ति तथा बाद मे वैयक्तिक सहायक पद पर नियुक्ति से जुड़े निर्णय कांग्रेस शासनकाल में लिए गए थे। उन्होंने कहा कि तथ्यों का उत्तर देने के बजाय राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप करना दुर्भाग्यपूर्ण है। आरोप लगाया कि बीकेटीसी पूर्व अध्यक्ष गणेश गोदियाल के वर्ष 2012 से 2018 के कार्यकाल में बिंसर मंदिर चौथान ( पौड़ी ) निर्माण हेतु 4 करोड़ रूपये का व्यय किया गया।

प्रताप नगर टिहरी में निजी भूमि पर 9 लाख की लागत से सड़क निर्माण कराया, एक निजी फर्म को डाक्यूमेंट्री बनाने हेतु 12 लाख की धन राशि मंदिर कोष से खर्च की, पोखरी स्थित शिव मंदिर जीर्णोद्धार हेतु 39 हजार रूपये मंदिर समिति कोष से खर्च किया जिन मंदिरों का उनके कार्यकाल में जीर्णोद्धार उपरोक्त मंदिर समिति के अधीनस्थ 47 मंदिरों में शामिल नहीं है।

बीकेटीसी अध्यक्ष ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल को सार्वजनिक बहस की चुनौती दोहराते हुए कहा कि वह यदि वे चाहें तो श्री बदरीनाथ धाम अथवा श्री केदारनाथ धाम के पवित्र प्रांगण में खुली चर्चा के लिए उपस्थित हों और अपने कार्यकाल के दौरान मंदिर समिति की मर्यादाओं, परंपराओं तथा संसाधनों के उपयोग को लेकर जनता के समक्ष स्थिति स्पष्ट करें।

उन्होंने कहा कि यह विषय राजनीतिक बयानबाजी का नहीं बल्कि सार्वजनिक उत्तरदायित्व और पारदर्शिता का है। द्विवेदी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व तथा उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी सरकार के कार्यकाल में चारधामों के विकास, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और यात्रा प्रबंधन के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। केदारनाथ धाम पुनर्निर्माण परियोजना, बदरीनाथ धाम मास्टर प्लान तथा अन्य विकास कार्यों ने देश और विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए धामों को नई पहचान प्रदान की है।

उन्होंने कहा कि ऑल वेदर रोड परियोजना, बेहतर सड़क संपर्क तथा परिवहन सुविधाओं में सुधार के कारण चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इससे धार्मिक पर्यटन को नई दिशा मिली है तथा राज्य की अर्थव्यवस्था, स्थानीय व्यापार, रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों में भी व्यापक विस्तार हुआ है।

कहा कि बदरीनाथ और केदारनाथ धाम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, संस्कृति और सनातन परंपरा के प्रतीक हैं तथा इन पवित्र धामों को राजनीति का मंच बनाने के बजाय उनके संरक्षण, विकास और गरिमा को बनाए रखने के लिए सभी को मिलकर कार्य करना चाहिए। भारतीय जनता पार्टी और राज्य सरकार इसी भावना के साथ निरंतर कार्य कर रही है और भविष्य में भी धामों की गरिमा तथा श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहेगी।इस अवसर पर राज्य निर्माण आंदोलनकारी सम्मान परिषद के उपाध्यक्ष सुभाष बर्थ्वाल तथा भाजपा प्रवक्ता हनी पाठक भी उपस्थित रही।


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