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‘चार माह चलेगा हरिद्वार कुंभ’ — Samwad 2026 में उत्तराखंड सरकार ने शुरू की 2027 की तैयारी

‘चार माह चलेगा हरिद्वार कुंभ’ — Samwad 2026 में उत्तराखंड सरकार ने शुरू की 2027 की तैयारी

‘चार माह चलेगा हरिद्वार कुंभ’ — Samwad 2026 में उत्तराखंड सरकार ने शुरू की 2027 की तैयारी

पूजा भट्ट 

देहरादून में आयोजित अमर उजाला संवाद 2026 में हरिद्वार कुंभ 2027 की तैयारियों और उससे जुड़े बड़े धार्मिक व प्रशासनिक पहलुओं पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद वर्धन, श्रीबदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी और श्री गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम शामिल रहे।

मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने कहा कि हरिद्वार का कुंभ देश के अन्य कुंभ आयोजनों से अलग है क्योंकि यहां आयोजन लगभग चार महीने तक चलता है, जबकि अन्य स्थानों पर इसकी अवधि आमतौर पर एक से डेढ़ महीने रहती है।

उन्होंने बताया कि हरिद्वार की सामान्य आबादी करीब चार से पांच लाख है, लेकिन कुंभ के दौरान व्यवस्थाएं 20 से 25 लाख लोगों को ध्यान में रखकर की जाती हैं। वहीं प्रमुख स्नान पर्वों पर श्रद्धालुओं की संख्या डेढ़ से दो करोड़ तक पहुंच सकती है।

आनंद वर्धन ने कहा कि वर्ष 2027 में जनवरी से अप्रैल के बीच हरिद्वार कुंभ प्रस्तावित है और राज्य सरकार इसी पैमाने को ध्यान में रखकर तैयारियों को आगे बढ़ा रही है।मुख्य सचिव ने कहा कि कुंभ सिर्फ धार्मिक मेला नहीं, बल्कि सामाजिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है। उनके अनुसार, “मृत्यु से अमृत, बुराई से अच्छाई और पाप से पुण्य की ओर बढ़ने का भाव ही कुंभ की मूल भावना है।”

श्री गंगा सभा प्रबंध समिति के अध्यक्ष नितिन गौतम ने प्रयागराज कुंभ का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां करोड़ों श्रद्धालुओं ने भागीदारी की। उन्होंने कहा कि हरिद्वार कुंभ भी वैश्विक स्तर पर सनातन परंपरा का महत्वपूर्ण आयोजन है।उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उस सोच की सराहना की, जिसके तहत 2021 के कोरोना प्रभावित कुंभ के बाद 2027 आयोजन को अधिक भव्य और दिव्य बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने दुनिया भर के श्रद्धालुओं को हर की पौड़ी और ब्रह्मकुंड आने का आमंत्रण भी दिया।

BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि बदरीनाथ और केदारनाथ धाम देश की आध्यात्मिक धुरी हैं और इनकी व्यवस्थाएं भौगोलिक व प्राकृतिक चुनौतियों के बीच संचालित होती हैं।उन्होंने बताया कि इस वर्ष चारधाम यात्रा में अब तक रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं। केवल दो महीनों में बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में 26 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जबकि चारों धामों में यह संख्या 40 लाख के पार पहुंच चुकी है। पंजीकरण आंकड़ा 50 लाख तक पहुंच गया है।कार्यक्रम में जूना अखाड़ा के प्रेम गिरि महाराज ने भी उत्तराखंड को देवभूमि बताते हुए इसे सनातन परंपरा और साधना की भूमि बताया।


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