Drop Us An Email Any Enquiry Drop Us An Emailshailesh.lekhwar2000@gmail.com
Call Us For Consultation Call Us For Consultation +91 9818666272

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को भ्रष्टाचार के मामले में 10 साल की जेल की सजा

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को भ्रष्टाचार के मामले में 10 साल की जेल की सजा

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को भ्रष्टाचार के मामले में 10 साल की जेल की सजा

भ्रष्टाचार निरोधक आयोग की जांच के बाद आया कोर्ट का फैसला

ढाका। बांग्लादेश की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। देश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को भ्रष्टाचार से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में दोषी ठहराते हुए अदालत ने कुल 10 साल की जेल की सजा सुनाई है। यह फैसला ढाका की स्पेशल जज कोर्ट-चार ने सुनाया, जिसमें अदालत ने दोनों मामलों में पांच-पांच साल की सजा तय की है।

आवासीय परियोजना में जमीन आवंटन को लेकर मामला

अदालती कार्यवाही के अनुसार, ये मामले राजधानी ढाका के नजदीक पूर्बाचोल क्षेत्र में विकसित की जा रही राजुक न्यू टाउन आवासीय योजना से जुड़े हैं। आरोप है कि इस परियोजना के तहत 10-10 काठा के दो प्लॉट नियमों को ताक पर रखकर आवंटित किए गए। अभियोजन पक्ष का कहना है कि आरोपियों ने अपने पद और प्रभाव का गलत इस्तेमाल करते हुए जमीन आवंटन प्रक्रिया में अनियमितताएं कीं। यह परियोजना राजधानी विकास प्राधिकरण राजुक के अधीन आती है।

परिवार और अधिकारियों पर भी गिरी गाज

इन मामलों में शेख हसीना के साथ उनके परिवार के कई सदस्यों को भी दोषी ठहराया गया है। अदालत ने तुलिप सिद्दीकी को चार साल की जेल, रदवान मुजीब सिद्दीकी और अजमीना सिद्दीकी को सात-सात साल की सजा सुनाई है। वहीं, राजुक के सदस्य मोहम्मद खुर्शीद आलम को, जिन्होंने अदालत में आत्मसमर्पण किया था, दो साल की कैद दी गई है। सभी दोषियों पर एक-एक लाख टका का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में छह महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

भारत में रह रही हैं शेख हसीना

बताया जा रहा है कि शेख हसीना फिलहाल भारत में निवास कर रही हैं। अगस्त 2025 में बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद उन्होंने देश छोड़ दिया था। इससे पहले अदालत उन्हें भगोड़ा घोषित कर चुकी है।

भ्रष्टाचार निरोधक आयोग की जांच के बाद दर्ज हुए केस

इन दोनों मामलों को बांग्लादेश के भ्रष्टाचार निरोधक आयोग (एसीसी) ने दर्ज किया था। आयोग का आरोप है कि आवासीय योजना में जमीन आवंटन के दौरान सरकारी नियमों का उल्लंघन किया गया और सत्ता का दुरुपयोग हुआ।


Latest News in hindi

Call Us On  Whatsapp