Wednesday, September 16th, 2026

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6000 बीघा सरकारी जमीन को लेकर कांग्रेस ने सरकार को घेरा, 90 साल की लीज पर उठाए सवाल

6000 बीघा सरकारी जमीन को लेकर कांग्रेस ने सरकार को घेरा, 90 साल की लीज पर उठाए सवाल

6000 बीघा सरकारी जमीन को लेकर कांग्रेस ने सरकार को घेरा, 90 साल की लीज पर उठाए सवाल

मुख्यमंत्री धामी के जन्मदिन पर कांग्रेस का बड़ा हमला, सरकारी जमीनों को निजी हाथों में देने का लगाया आरोप

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जन्मदिवस के अवसर पर कांग्रेस पार्टी ने बुधवार को सरकारी जमीनों और संपत्तियों को निजी हाथों में दिए जाने के आरोपों को लेकर पत्रकार वार्ता आयोजित की। देहरादून में आयोजित पत्रकार वार्ता को महानगर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. जसविंदर सिंह गोगी, प्रदेश महामंत्री संगठन राजेंद्र भंडारी और प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह ने संयुक्त रूप से संबोधित किया।

महानगर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. जसविंदर सिंह गोगी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जल्द ही रुद्रप्रयाग जिले के लोक निर्माण विभाग के तीन महत्वपूर्ण निरीक्षण भवनों—दुग्गल बिट्ठा, फाटा और गुप्तकाशी—को कम कीमत पर अपने चहेतों को नीलाम करने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर बोर्ड (यूआईआईडीबी) के माध्यम से प्रदेश की हजारों बीघा जमीन और संपत्तियों को 90 साल तक के लिए निजी हाथों में सौंपने जा रही है।

कांग्रेस के अनुसार, यूआईआईडीबी ने नैनीताल के पटुवा डांगर की 14 एकड़ भूमि पर प्रीमियम रिजॉर्ट विकसित करने के साथ ही हरिद्वार के अलकनंदा होटल और ऋषिकेश के लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण भवन को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मोड के तहत सितारा होटल के रूप में विकसित करने के लिए निविदाएं आमंत्रित की हैं।

डॉ. गोगी ने कहा कि सरकार के कथित फैसले को जनता तक पहुंचाने के लिए कांग्रेस ने प्रदेशभर में पत्रकार वार्ताएं आयोजित की हैं। उन्होंने कहा कि रुद्रप्रयाग जिले के दुग्गल बिट्ठा, फाटा और गुप्तकाशी स्थित निरीक्षण भवन ऐसे क्षेत्रों में हैं, जहां सड़क संपर्क और अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं, जबकि आसपास भूमि की उपलब्धता सीमित है। ऐसे में कांग्रेस ने इन संपत्तियों को केदार घाटी की महत्वपूर्ण धरोहर बताते हुए इन्हें निजी हाथों में सौंपे जाने का विरोध किया।

प्रदेश महामंत्री संगठन राजेंद्र भंडारी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अब तक यूआईआईडीबी को सरकारी विभागों की करीब 1200 एकड़ यानी 6000 बीघा से अधिक भूमि सौंपे जाने से संबंधित प्रस्तावों को मंजूरी दे चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि कई हजार बीघा भूमि के प्रस्ताव अभी मुख्यमंत्री की अनुमति के लिए लंबित हैं।

भंडारी ने कहा कि अब तक जारी तीन निविदाओं की शर्तों से कांग्रेस को आशंका है कि सरकार इन जमीनों और संपत्तियों को राज्य से बाहर के बड़े निजी समूहों को आसान शर्तों पर देने की तैयारी कर रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 90 साल की लीज अवधि पूरी होने के बाद संबंधित लीजधारक मालिकाना हक का दावा कर सकते हैं।

प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह ने आरोप लगाया कि सरकारी जमीनों के अलावा लोक निर्माण विभाग के करीब 25 निरीक्षण भवनों और पर्यटन विभाग के कुछ होटलों को भी जल्द निजी हाथों में लीज पर देने का सैद्धांतिक निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में मंत्रिमंडल ने राज्य की जमीनों और संपत्तियों को यूआईआईडीबी के माध्यम से निजी हाथों में देने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया था।

कांग्रेस नेताओं ने मसूरी के हाथीपांव स्थित पार्क एस्टेट का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2023 में करीब 142 एकड़ सरकारी भूमि को ‘राजस एरो स्पोर्ट्स एंड एडवेंचर प्राइवेट लिमिटेड’ को 15 साल की लीज पर दिया गया था। कांग्रेस ने भूमि के बाजार मूल्य और लीज राशि को लेकर भी सवाल उठाए।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि अक्टूबर 2018 में तत्कालीन सरकार के दौरान भू-कानून में किए गए बदलावों के बाद राज्य की निजी जमीनों की बिक्री का रास्ता आसान हुआ। पार्टी ने दावा किया कि बाद में पुष्कर सिंह धामी सरकार ने भी औद्योगिक प्रयोजन, होटल और शिक्षण संस्थानों आदि के लिए खरीदी गई भूमि की प्लॉटिंग कर बिक्री का रास्ता खोल दिया।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि निजी जमीनों के बाद अब सरकार की नजर राज्य के महत्वपूर्ण स्थानों पर स्थित सरकारी जमीनों और संपत्तियों पर है। पार्टी ने कहा कि वह सरकारी संपत्तियों को निजी हाथों में दिए जाने के खिलाफ प्रदेशभर में आंदोलन करेगी।

कांग्रेस ने बताया कि रुद्रप्रयाग जिला कांग्रेस कार्यकर्ता दुग्गल बिट्ठा, फाटा और गुप्तकाशी स्थित तीनों संपत्तियों पर रक्षा सूत्र बांधकर इन्हें निजी हाथों में दिए जाने के विरोध में आंदोलन शुरू करेंगे। पार्टी ने कहा कि वह केदार भूमि की जमीनों और संपत्तियों को निजी हाथों में जाने से रोकने के लिए संघर्ष जारी रखेगी।


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