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चंद्रशिला ट्रेक पर आसमानी कहर: आकाशीय बिजली गिरने से युवक की मौत

चंद्रशिला ट्रेक पर आसमानी कहर: आकाशीय बिजली गिरने से युवक की मौत

चंद्रशिला ट्रेक पर आसमानी कहर: आकाशीय बिजली गिरने से युवक की मौत

आयुषी

उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध तुंगनाथ-चंद्रशिला ट्रेकिंग क्षेत्र में शुक्रवार को मौसम ने अचानक खतरनाक रूप ले लिया। तेज आंधी, बारिश और तूफान के बीच आकाशीय बिजली गिरने से एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसका एक साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) ने तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया और बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में पूरी रात अभियान चलाकर मृतक के शव को सुरक्षित नीचे पहुंचाया।प्राप्त जानकारी के अनुसार, 29 मई 2026 को राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र देहरादून को सूचना मिली कि तुंगनाथ-चंद्रशिला क्षेत्र में भ्रमण पर गए युवाओं का एक समूह खराब मौसम में फंस गया है। इसी दौरान आकाशीय बिजली गिरने से समूह के कुछ सदस्य इसकी चपेट में आ गए। सूचना मिलते ही SDRF मुख्यालय ने तत्काल कार्रवाई करते हुए रतूड़ा पोस्ट से एक विशेष रेस्क्यू टीम को घटनास्थल के लिए रवाना किया।निरीक्षक अनिरुद्ध भंडारी के निर्देशन में उप निरीक्षक संतोष परिहार के नेतृत्व में SDRF की टीम आवश्यक बचाव उपकरणों के साथ रवाना हुई। हालांकि मौसम लगातार खराब बना हुआ था और क्षेत्र में तेज बारिश तथा हवाएं चल रही थीं, फिर भी टीम ने बिना समय गंवाए राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।

बताया गया कि घटना के तुरंत बाद स्थानीय स्तर पर मौजूद अन्य एजेंसियों और राहतकर्मियों ने गंभीर रूप से घायल युवक को प्राथमिक उपचार देने के बाद 108 एम्बुलेंस सेवा के माध्यम से अस्पताल भिजवा दिया था। वहीं दो अन्य युवक सुरक्षित पाए गए। लेकिन आकाशीय बिजली की सीधी चपेट में आने से 19 वर्षीय अभिनव वाजपेई, पुत्र संजीत कुमार, निवासी लखनऊ की मौके पर ही मृत्यु हो गई थी।घटना के बाद SDRF के सामने सबसे बड़ी चुनौती दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र और खराब मौसम था। चोपता से चंद्रशिला तक लगभग 8 से 10 किलोमीटर का कठिन पैदल मार्ग, लगातार बारिश, फिसलन भरे रास्ते और सीमित दृश्यता के बीच टीम ने रात्रिकालीन अभियान जारी रखा। कठिन परिस्थितियों के बावजूद SDRF जवानों ने साहस और पेशेवर दक्षता का परिचय देते हुए रात करीब 11 बजे घटनास्थल तक पहुंच बनाई।रेस्क्यू टीम ने मृतक के शव को सुरक्षित अपने कब्जे में लिया और कठिन पहाड़ी रास्तों से होते हुए उसे नीचे चोपता तक पहुंचाया। इसके बाद शव को आवश्यक कानूनी और वैधानिक कार्रवाई के लिए जिला पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।

इस घटना ने एक बार फिर हिमालयी क्षेत्रों में मौसम की अनिश्चितता और पर्वतीय यात्राओं के दौरान सावधानी बरतने की आवश्यकता को उजागर कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम कुछ ही मिनटों में बदल सकता है और आकाशीय बिजली की घटनाएं विशेष रूप से खुले स्थानों, पहाड़ी चोटियों और ट्रेकिंग मार्गों पर मौजूद लोगों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती हैं।स्थानीय प्रशासन ने भी पर्यटकों और ट्रेकर्स से मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने तथा खराब मौसम के दौरान ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की है।


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