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भारतीय गेंदबाज इशांत शर्मा ने रचा इतहास, लिस्ट ए क्रिकेट में पूरे किए 200 विकेट

Category Archives: खेल

भारतीय गेंदबाज इशांत शर्मा ने रचा इतहास, लिस्ट ए क्रिकेट में पूरे किए 200 विकेट

ऋषभ पंत की गैरमौजूदगी में ईशांत को मिली दिल्ली की कमान

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के अनुभवी तेज गेंदबाज इशांत शर्मा ने घरेलू क्रिकेट में एक और अहम मुकाम हासिल कर लिया है। विजय हजारे ट्रॉफी के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में विदर्भ के खिलाफ खेलते हुए ईशांत ने लिस्ट ए क्रिकेट में अपने 200 विकेट पूरे किए। इस मैच में उन्होंने लंबे अंतराल के बाद दिल्ली टीम की कप्तानी भी संभाली और अपने अनुभव से टीम को मजबूती दी।

क्वार्टर फाइनल में रचा इतिहास

37 वर्षीय इशांत शर्मा ने मैच के 25वें ओवर में विदर्भ के सलामी बल्लेबाज अर्थव तायडे को आउट कर यह उपलब्धि हासिल की। इस विकेट के साथ ही उन्होंने लिस्ट ए क्रिकेट में 200 विकेटों का आंकड़ा छू लिया। घरेलू क्रिकेट में यह उपलब्धि उनके लंबे और अनुशासित करियर को दर्शाती है।

अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट का मजबूत रिकॉर्ड

इशांत के लिस्ट ए करियर के 200 विकेटों में से 115 विकेट वनडे अंतरराष्ट्रीय मैचों में आए हैं। उन्होंने 2007 में वनडे क्रिकेट में पदार्पण किया था और कई वर्षों तक भारतीय टीम के प्रमुख तेज गेंदबाज रहे। हालांकि 2016 के बाद से वह वनडे टीम का हिस्सा नहीं रहे, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने भारत के लिए 115 मैचों में 311 विकेट लेकर अपनी अलग पहचान बनाई। 2021 के बाद से वह टेस्ट टीम से बाहर हैं, लेकिन घरेलू क्रिकेट में उनका प्रदर्शन लगातार प्रभावशाली बना हुआ है।

सात साल बाद कप्तानी की जिम्मेदारी

इशांत शर्मा ने करीब सात साल बाद दिल्ली की कप्तानी संभाली। इससे पहले वह 2019 में सैयद मुश्ताक अली टी20 ट्रॉफी में टीम की कमान संभाल चुके थे। मौजूदा सीजन में भी उन्होंने गेंदबाजी में निरंतरता दिखाई है और सात मैचों में आठ विकेट लेकर टीम के लिए अहम योगदान दिया है। नॉकआउट चरण तक दिल्ली को पहुंचाने में उनका अनुभव निर्णायक साबित हुआ है।

क्यों सौंपी गई ईशांत को कप्तानी

दिल्ली टीम की कप्तानी इशांत को ऋषभ पंत की अनुपस्थिति में दी गई। पंत ग्रुप स्टेज के दौरान टीम का नेतृत्व कर रहे थे, लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के दौरान चोटिल होने के कारण वह आगे के मैचों से बाहर हो गए। वहीं, आयुष बदोनी के भारतीय टीम में चयन के चलते उपलब्ध न होने से टीम प्रबंधन ने अनुभवी ईशांत शर्मा पर भरोसा जताया।

घरेलू क्रिकेट में इशांत शर्मा की यह उपलब्धि न सिर्फ उनके अनुभव और फिटनेस को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि वह अब भी भारतीय क्रिकेट के एक मजबूत स्तंभ बने हुए हैं।


विराट कोहली ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पूरे किए 28,000 रन, ऐसा करने वाले दुनिया के तीसरे बल्लेबाज बने

नई दिल्ली। भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए पहले वनडे मुकाबले में टीम इंडिया की जीत के साथ-साथ विराट कोहली एक बार फिर रिकॉर्ड बुक में दर्ज हो गए। बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए कोहली ने जिम्मेदारी भरी पारी खेली और यह साबित कर दिया कि दबाव के हालात में वह आज भी भारत के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज हैं। वडोदरा में खेले गए इस मुकाबले में कोहली ने न सिर्फ टीम को लक्ष्य के करीब पहुंचाया, बल्कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली।

बड़े रन चेज में विराट की बादशाहत
300 से अधिक रन के लक्ष्य का पीछा करने के मामले में विराट कोहली का रिकॉर्ड वनडे क्रिकेट में बेजोड़ बन चुका है। ऐसे मुकाबलों में उन्होंने लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए भारत को कई यादगार जीत दिलाई हैं। इस श्रेणी में उनका औसत और स्ट्राइक रेट दोनों ही उन्हें दुनिया के अन्य दिग्गज बल्लेबाजों से अलग पहचान दिलाते हैं। सात शतक और कई मैच जिताऊ पारियां इस बात की गवाही देती हैं कि बड़े लक्ष्य विराट के लिए चुनौती नहीं, बल्कि अवसर होते हैं।

रिकॉर्ड्स की लंबी कतार में नया अध्याय
इस मैच के दौरान विराट कोहली ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 28 हजार रन पूरे कर लिए। वह यह मुकाम हासिल करने वाले दुनिया के तीसरे बल्लेबाज बने। खास बात यह रही कि कोहली ने यह उपलब्धि बेहद कम पारियों में हासिल कर ली, जिससे उनकी निरंतरता और फिटनेस का अंदाजा लगाया जा सकता है। वनडे क्रिकेट में प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड के मामले में भी विराट सक्रिय खिलाड़ियों में सबसे आगे हैं और दिग्गजों की सूची में तेजी से ऊपर चढ़ते जा रहे हैं।

मैच का हाल
301 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत ज्यादा मजबूत नहीं रही और कप्तान रोहित शर्मा जल्दी पवेलियन लौट गए। हालांकि, इस दौरान उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। इसके बाद शुभमन गिल और विराट कोहली ने पारी को संभालते हुए दूसरे विकेट के लिए अहम साझेदारी की। दोनों बल्लेबाजों ने संयम और आक्रामकता का संतुलन बनाए रखा।

विराट ने तेजी से अर्धशतक पूरा किया और लंबे समय तक क्रीज पर टिके रहे। शतक की ओर बढ़ते हुए वह दुर्भाग्यवश नब्बे के आसपास आउट हो गए। उनके आउट होने के बाद भी भारतीय पारी लय में रही। श्रेयस अय्यर ने भी उपयोगी योगदान दिया, जबकि अंत में केएल राहुल ने धैर्य दिखाते हुए विजयी शॉट लगाकर भारत को जीत दिला दी।

न्यूजीलैंड की ओर से काइल जैमीसन सबसे सफल गेंदबाज रहे, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों के सामने मेहमान टीम लक्ष्य का बचाव नहीं कर सकी। इस जीत के साथ भारत ने सीरीज की शुरुआत शानदार अंदाज में की, वहीं विराट कोहली ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बड़े मुकाबलों में उनका कद सबसे ऊंचा है।


भारत–न्यूजीलैंड वनडे सीरीज से पहले टीम इंडिया की तैयारी पर नजर, पंत की चोट ने बढ़ाई चिंता

बड़ोदा। भारत और न्यूजीलैंड के बीच शुरू होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज से पहले टीम इंडिया के अभ्यास सत्र में हलचल देखने को मिली। सीरीज की शुरुआत से ठीक पहले विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को नेट अभ्यास के दौरान गेंद लग गई, जिससे टीम प्रबंधन की चिंता बढ़ गई है। चोट के बाद पंत को अभ्यास बीच में ही रोकना पड़ा और उन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ा।

बीसीए स्टेडियम में आयोजित वैकल्पिक ट्रेनिंग सेशन के दौरान पंत थ्रोडाउन गेंदबाजों के खिलाफ बल्लेबाजी कर रहे थे। इसी दौरान तेज गेंद उनके शरीर के ऊपरी हिस्से में लगी। दर्द के कारण वह असहज नजर आए, जिसके बाद सपोर्ट स्टाफ और मुख्य कोच गौतम गंभीर ने तुरंत स्थिति का जायजा लिया और प्राथमिक उपचार दिया। फिलहाल उनकी चोट की गंभीरता को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।

यदि पंत सीरीज के शुरुआती मैचों से बाहर होते हैं, तो यह टीम इंडिया के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। पंत हाल के वर्षों में लगातार चोटों से जूझते रहे हैं और लंबे समय तक मैदान से दूर भी रहे हैं, ऐसे में उनकी फिटनेस को लेकर सतर्कता बरती जा रही है।

अभ्यास सत्र के दौरान कप्तान शुभमन गिल और मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर के बीच लंबी चर्चा भी देखी गई। माना जा रहा है कि यह बातचीत न्यूजीलैंड के खिलाफ टीम संयोजन और रणनीति को लेकर हुई। वहीं नेट्स के बाहर एक दिलचस्प दृश्य तब देखने को मिला, जब पूर्व कप्तान रोहित शर्मा तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज को बल्लेबाजी की बारीकियां समझाते नजर आए।

उप-कप्तान श्रेयस अय्यर ने केएल राहुल के साथ नेट्स में लंबा अभ्यास किया। रवींद्र जडेजा भी बल्लेबाजी में पूरी तरह सहज दिखाई दिए। खास बात यह रही कि पंत, अय्यर और सिराज हाल ही में विजय हजारे ट्रॉफी खेलकर आए हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि अधिकांश खिलाड़ी मैच फिटनेस में हैं।

तीन मैचों की यह वनडे सीरीज वडोदरा के बड़ौदा क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम से शुरू होगी, जो पहली बार किसी पुरुष अंतरराष्ट्रीय मुकाबले की मेजबानी करेगा। इसके बाद दूसरा मैच राजकोट और तीसरा मुकाबला इंदौर में खेला जाएगा। न्यूजीलैंड की टीम नए संयोजन के साथ भारत पहुंची है, जिससे सीरीज के कड़े और रोमांचक होने की उम्मीद है।


मलेशिया ओपन- सेमीफाइनल में हार के साथ पीवी सिंधु का सफर खत्म

वांग झीयी पहुंची फाइनल में

कुआलालंपुर। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु का मलेशिया ओपन 2026 में फाइनल में पहुंचने का सपना अधूरा रह गया। महिला एकल सेमीफाइनल में उन्हें चीन की दूसरी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी वांग झीयी के हाथों सीधे गेमों में हार का सामना करना पड़ा। मुकाबले में सिंधू दबाव के क्षणों में लय नहीं बना सकीं और अनावश्यक गलतियों के कारण 16-21, 15-21 से मैच गंवा बैठीं।

हार के साथ टूर्नामेंट में भारत की चुनौती खत्म
पैर की चोट से उबरने के बाद यह सिंधु का पहला अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट था। सेमीफाइनल तक पहुंचकर उन्होंने अच्छी वापसी के संकेत दिए, लेकिन निर्णायक मुकाबले में वह निरंतरता नहीं दिखा सकीं। सिंधू की हार के साथ ही मलयेशिया ओपन में भारत का अभियान समाप्त हो गया। इससे पहले क्वार्टर फाइनल में जापान की अकाने यामागुची के चोट के कारण हटने से सिंधू को सेमीफाइनल में प्रवेश मिला था।

पहले गेम में वांग की रणनीति भारी पड़ी
मैच की शुरुआत में सिंधू ने आक्रामक खेल दिखाया और अपने दमदार स्मैश तथा लंबी पहुंच का प्रभावी इस्तेमाल किया। उन्होंने शुरुआती बढ़त जरूर बनाई, लेकिन वांग झीयी की सधी हुई नेट प्ले और सटीक रिटर्न ने जल्द ही मुकाबले को बराबरी पर ला दिया। ब्रेक के बाद चीनी खिलाड़ी ने आक्रमण तेज किया और लगातार अंक बटोरते हुए पहला गेम अपने नाम कर लिया।

दूसरे गेम में बढ़त के बाद बिगड़ा खेल
दूसरे गेम में सिंधू ने बेहतर शुरुआत की और मध्यांतर तक 11-6 की बढ़त हासिल कर ली। हालांकि ब्रेक के बाद वांग ने तेज रैलियों और आक्रामक शॉट्स से दबाव बनाया। सिंधू लगातार गलतियां करने लगीं, जिससे स्कोर बराबर हो गया। निर्णायक क्षणों में चीन की खिलाड़ी ने मौके का पूरा फायदा उठाया और लगातार अंक हासिल कर मैच समाप्त कर दिया।

फाइनल में पहुंचीं वांग झीयी
लगातार दबाव और मजबूती से खेले गए शॉट्स के दम पर वांग झीयी ने फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। वहीं, सिंधू के लिए यह टूर्नामेंट सेमीफाइनल में ही समाप्त हो गया, हालांकि चोट के बाद उनकी वापसी को सकारात्मक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।


कल से हो रहा महिला प्रीमियर लीग 2026 का आगाज, जानिए मैच से जुडी सारी जानकारियां

नवी मुंबई और वडोदरा में खेले जाएंगे WPL के 22 मुकाबले

नई दिल्ली। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक उपलब्धियों के बाद अब देश में एक बार फिर टी20 का रोमांच लौटने जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के व्यस्त दौर के बाद फोकस महिला प्रीमियर लीग (WPL) 2026 पर शिफ्ट हो गया है, जो भारतीय महिलाओं की सबसे बड़ी घरेलू टी20 लीग मानी जाती है। इस सीजन की शुरुआत 9 जनवरी से होगी और फाइनल मुकाबला 5 फरवरी को खेला जाएगा।

इस बार महिला प्रीमियर लीग का आयोजन नवी मुंबई और वडोदरा में किया जाएगा, जहां चार हफ्तों में कुल 22 मुकाबले खेले जाएंगे। मुंबई इंडियंस और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु पहले ही खिताब जीत चुकी हैं, जबकि दिल्ली कैपिटल्स लगातार फाइनल में पहुंचने के बावजूद अब तक ट्रॉफी से दूर रही है। यूपी वॉरियर्स और गुजरात जाएंट्स ने पिछले सीजनों में अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन खिताब जीतने की तलाश अब भी जारी है।

इस सीजन का बदला-बदला अंदाज
भारतीय महिला टीम की हालिया सफलता के बाद इस बार लीग का माहौल पहले से कहीं ज्यादा जोशीला रहने की उम्मीद है। खिलाड़ियों की लोकप्रियता बढ़ी है और स्टेडियम में दर्शकों की मौजूदगी भी नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकती है। हरमनप्रीत कौर, स्मृति मंधाना, दीप्ति शर्मा और शेफाली वर्मा अब सिर्फ खिलाड़ी नहीं, बल्कि देशभर में युवा पीढ़ी की प्रेरणा बन चुकी हैं। इस बार खिलाड़ी आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरेंगी और विश्व चैंपियन जैसी मानसिकता के साथ प्रदर्शन करती नजर आएंगी।

टी20 विश्व कप की तैयारी का मंच बनेगी WPL
2026 में इंग्लैंड में होने वाले महिला टी20 विश्व कप को देखते हुए यह लीग चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट के लिए बेहद अहम होगी। यहां खिलाड़ियों का प्रदर्शन सीधे विश्व कप की तैयारियों को प्रभावित करेगा। पिछले सीजनों में कई नई प्रतिभाएं उभरकर सामने आई थीं और इस बार भी नए चेहरों के चमकने की पूरी संभावना है। इस तरह WPL अब सिर्फ एक लीग नहीं, बल्कि भविष्य की राष्ट्रीय टीम तैयार करने का मजबूत मंच बन चुकी है।

मैच टाइमिंग और लाइव प्रसारण
दोपहर के मुकाबले भारतीय समयानुसार 3:30 बजे शुरू होंगे, जबकि शाम के मैच 7:30 बजे खेले जाएंगे। टॉस मैच शुरू होने से आधे घंटे पहले होगा। महिला प्रीमियर लीग 2026 के मुकाबलों का सीधा प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर किया जाएगा, जबकि लाइव स्ट्रीमिंग जियो हॉटस्टार ऐप पर उपलब्ध रहेगी।

अब नजर खिताब की जंग पर
2023 में मुंबई इंडियंस और 2024 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु चैंपियन बनी थी। अब देखना दिलचस्प होगा कि 2026 में कौन सी टीम ट्रॉफी पर कब्जा जमाती है। लीग चरण में शीर्ष पर रहने वाली टीम सीधे फाइनल में पहुंचेगी, जबकि दूसरे और तीसरे स्थान की टीमों को एलिमिनेटर खेलना होगा। महिला क्रिकेट के इस महाकुंभ में एक बार फिर रोमांच अपने चरम पर रहने वाला है।

महिला प्रीमियर लीग 2026 का पूरा कार्यक्रम-


IND VS SA अंडर-19 यूथ वनडे- बेनोनी में गरजा वैभव सूर्यवंशी का बल्ला, 63 गेंदों में जड़ा शतक

पांच अलग-अलग देशों में शतक लगाने वाले सबसे कम उम्र के बल्लेबाजों में हुए शामिल

नई दिल्ली। भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेली जा रही अंडर-19 यूथ वनडे सीरीज के निर्णायक मुकाबले में भारतीय कप्तान वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। अंतिम मैच में वैभव का बल्ला जमकर बोला और उन्होंने बेहद आक्रामक अंदाज में शतक जड़कर टीम इंडिया को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। टॉस जीतकर दक्षिण अफ्रीका ने भारत को पहले बल्लेबाजी का आमंत्रण दिया, जिसे भारतीय बल्लेबाजों ने पूरी तरह भुनाया।

भारतीय पारी की शुरुआत वैभव सूर्यवंशी और ऑरोन जॉर्ज ने की। दोनों ने पहले विकेट के लिए 227 रनों की शानदार साझेदारी कर टीम को ठोस आधार दिया। कप्तान वैभव ने मात्र 74 गेंदों में 127 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें नौ चौके और 10 छक्के शामिल रहे। उनकी इस पारी ने दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजी आक्रमण को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया।

यह वैभव सूर्यवंशी का सीरीज में पहला बड़ा प्रदर्शन नहीं है। इससे पहले दूसरे यूथ वनडे में भी उन्होंने तूफानी बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 24 गेंदों में 68 रन बनाए थे, जिसमें 10 छक्के और एक चौका शामिल था। उस मुकाबले में उनका स्ट्राइक रेट 283.33 रहा था, जिसने क्रिकेट जगत का ध्यान खींचा था।

दक्षिण अफ्रीका की धरती पर लगाया गया यह शतक वैभव के करियर की एक और बड़ी उपलब्धि साबित हुआ। महज 14 वर्ष की उम्र में वह पांच अलग-अलग देशों—भारत, यूएई, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और अब दक्षिण अफ्रीका—में शतक लगाने वाले सबसे कम उम्र के बल्लेबाजों में शामिल हो गए हैं।

गौरतलब है कि इसी सीरीज के लिए बीसीसीआई ने वैभव सूर्यवंशी को भारतीय अंडर-19 टीम की कप्तानी सौंपी थी। कप्तान बनते ही उन्होंने इतिहास रच दिया और यूथ वनडे क्रिकेट में सबसे कम उम्र में टीम की कमान संभालने वाले खिलाड़ी बन गए। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने पाकिस्तान के अहमद शहजाद का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 2007 में 15 साल 141 दिन की उम्र में अंडर-19 टीम की कप्तानी की थी।


जो रूट ने रचा इतिहास- टेस्ट क्रिकेट में 41 शतक लगाकर रिकी पोंटिंग की बराबरी की

टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाजों की सूची में संयुक्त रूप से चौथा स्थान किया हासिल

नई दिल्ली। सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर खेले जा रहे एशेज 2025-26 के निर्णायक पांचवें टेस्ट में जो रूट ने एक बार फिर साबित कर दिया कि क्यों उन्हें मौजूदा दौर के महानतम टेस्ट बल्लेबाजों में गिना जाता है। इंग्लैंड के अनुभवी बल्लेबाज ने दबाव भरे मुकाबले में शतक जमाकर न सिर्फ टीम को मजबूती दी, बल्कि अपने नाम कई ऐतिहासिक उपलब्धियां भी दर्ज कर लीं। रूट की यह पारी आंकड़ों से कहीं आगे जाकर उनके अनुभव, संयम और निरंतरता की कहानी बयां करती है।

रिकॉर्ड बुक में रूट का नाम और गाढ़ा

इस शतक के साथ जो रूट ने टेस्ट करियर का 41वां शतक पूरा किया और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग की बराबरी कर ली। इसके साथ ही उन्होंने कुमार संगकारा को पीछे छोड़ते हुए टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाजों की सूची में संयुक्त रूप से चौथा स्थान हासिल कर लिया। रूट अब उस एलीट क्लब में शामिल हैं, जहां उनसे आगे सिर्फ सचिन तेंदुलकर और जैक कैलिस मौजूद हैं।

2021 के बाद शुरू हुआ रूट का स्वर्णिम दौर

जो रूट के करियर में 2021 के बाद एक नया अध्याय शुरू हुआ। इस अवधि में उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा 24 शतक जड़े हैं। मौजूदा पीढ़ी के कई दिग्गज बल्लेबाज इस दौरान रूट के आसपास भी नहीं पहुंच पाए। यह आंकड़े रूट की फिटनेस, तकनीकी मजबूती और मानसिक संतुलन को दर्शाते हैं, जिसने उन्हें लंबे समय तक शीर्ष स्तर पर बनाए रखा।

विदेशी एशेज में खास कारनामा

ऑस्ट्रेलिया की धरती पर शतक लगाना हमेशा इंग्लैंड के बल्लेबाजों के लिए कठिन चुनौती रहा है। जो रूट अब 1994/95 के बाद ऐसे चुनिंदा इंग्लिश बल्लेबाजों में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने एक ही अवे एशेज सीरीज में दो शतक लगाए हैं। यह उपलब्धि उन्हें माइकल वॉन, एलिस्टेयर कुक और जोनाथन ट्रॉट जैसे दिग्गजों की श्रेणी में खड़ा करती है।

50 को 100 में बदलने की बेहतर होती क्षमता

जो रूट के खेल में सबसे बड़ा बदलाव उनकी कन्वर्जन रेट में देखने को मिला है। शुरुआती वर्षों में जहां अर्धशतकों को शतकों में बदलने में वह संघर्ष करते नजर आए, वहीं 2021 के बाद उनकी यह क्षमता दोगुनी से भी ज्यादा हो गई है। यह बदलाव उनके मैच टेम्परामेंट और रणनीतिक सोच की परिपक्वता को दर्शाता है।

150+ स्कोर में भी महान खिलाड़ियों की कतार में

टेस्ट क्रिकेट में 150 से अधिक रन की पारियां खेलना किसी भी बल्लेबाज की महानता की पहचान मानी जाती है। जो रूट अब 17 बार यह कारनामा कर चुके हैं और इस मामले में वह डॉन ब्रैडमैन, ब्रायन लारा और सचिन तेंदुलकर जैसे दिग्गजों के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। यह उपलब्धि उन्हें सर्वकालिक महान बल्लेबाजों की सूची में और मजबूत करती है।


एशियाई खेलों के लिए एथलेटिक्स चयन नीति घोषित, 100 मीटर और पोल वॉल्ट में रिकॉर्ड प्रदर्शन जरूरी

नई दिल्ली- भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) ने जापान में 19 सितंबर से 4 अक्तूबर तक आयोजित होने वाले 20वें एशियाई खेलों के लिए खिलाड़ियों के चयन से जुड़े मानदंड जारी कर दिए हैं। इस बार चयन प्रक्रिया को पहले से अधिक सख्त बनाया गया है, खासतौर पर पुरुषों की 100 मीटर स्प्रिंट और पोल वॉल्ट स्पर्धा में।

एएफआई चयन समिति के अध्यक्ष आदिल सुमारीवाला के अनुसार, इन दोनों स्पर्धाओं में एशियाड टीम में जगह बनाने के लिए खिलाड़ियों को राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ना अनिवार्य होगा। महासंघ का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी प्रदर्शन सुनिश्चित करना है।

उन्होंने बताया कि मिश्रित 4×100 मीटर रिले और मैराथन वॉक जैसे नए शामिल किए गए इवेंट्स के लिए क्वालिफाइंग मानक फिलहाल तय नहीं किए गए हैं। इन स्पर्धाओं के मानदंड एशियाई रिले चैंपियनशिप और वर्ल्ड रिले प्रतियोगिता के बाद घोषित किए जाएंगे।

नई चयन नीति के तहत एथलीटों को राज्य स्तरीय चैंपियनशिप में भाग लेना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, चयन के लिए कम से कम तीन प्रतियोगिताओं—दो अंतर-राज्य प्रतियोगिताएं और एक राष्ट्रीय ओपन प्रतियोगिता—में हिस्सा लेना जरूरी होगा। खिलाड़ियों को शुरुआती दो स्पर्धाओं में मानक के करीब प्रदर्शन करना होगा, जबकि अंतिम प्रतियोगिता में निर्धारित मानक हासिल करना अनिवार्य रहेगा।

भाला फेंक के ओलंपिक और विश्व चैंपियन नीरज चोपड़ा को लेकर भी महासंघ ने स्थिति स्पष्ट की है। चयन समिति ने बताया कि नीरज और उनके कोच जैन जेलेज्नी 2026 के लिए प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं का कार्यक्रम तैयार कर चुके हैं। चोट से उबर रहे नीरज ने हालिया विश्व चैंपियनशिप में चोट के बावजूद हिस्सा लिया था।

एएफआई ने यह भी स्पष्ट किया कि एशियाई खेलों की तैयारी के लिए तीन घरेलू टूर्नामेंटों में भाग लेना सभी खिलाड़ियों के लिए अनिवार्य है, हालांकि विशेष परिस्थितियों में छूट दी जा सकती है। नीरज चोपड़ा को पहले भी डायमंड लीग जैसी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं के कारण ऐसी छूट मिल चुकी है। अंतिम फैसला चयन समिति के विवेक पर निर्भर करेगा।


विश्व ब्लिट्ज शतरंज में अर्जुन एरिगेसी ने जीता कांस्य पदक, भारत का बढ़ाया मान

सेमीफाइनल में हार के बावजूद अर्जुन एरिगेसी का दमदार प्रदर्शन

नई दिल्ली। भारतीय शतरंज के उभरते सितारे अर्जुन एरिगेसी ने विश्व ब्लिट्ज शतरंज चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया है। हालांकि सेमीफाइनल मुकाबले में उन्हें उज्बेकिस्तान के मजबूत खिलाड़ी नोदिरबेक अब्दुसातोरोव के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद अर्जुन ने वैश्विक मंच पर भारत का परचम लहराया। वहीं, नॉर्वे के दिग्गज खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन ने सभी चुनौतियों को पार करते हुए एक बार फिर खिताब जीत लिया।

सेमीफाइनल में अर्जुन एरिगेसी और नोदिरबेक अब्दुसातोरोव के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला, जिसमें उज्बेक खिलाड़ी ने जीत दर्ज कर फाइनल में प्रवेश किया। दूसरी ओर, गत चैंपियन मैग्नस कार्लसन ने अमेरिका के फाबियानो कारुआना को 3-1 से हराकर फाइनल का टिकट कटाया। खिताबी मुकाबले में कार्लसन ने अब्दुसातोरोव को मात देकर आठवीं बार विश्व ब्लिट्ज चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।

अर्जुन एरिगेसी के इस प्रदर्शन की देशभर में सराहना हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें बधाई देते हुए कहा कि शतरंज में भारत की प्रगति निरंतर जारी है। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि फिडे वर्ल्ड ब्लिट्ज शतरंज चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने के साथ-साथ रैपिड चैंपियनशिप में भी पदक हासिल करना अर्जुन के कौशल, धैर्य और समर्पण का प्रमाण है, जो युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा।

22 वर्षीय अर्जुन एरिगेसी के लिए यह टूर्नामेंट यादगार रहा। उन्होंने रैपिड और ब्लिट्ज दोनों प्रारूपों में विश्व स्तर पर कांस्य पदक जीतकर एक दुर्लभ उपलब्धि हासिल की है। क्वालिफाइंग राउंड में अर्जुन ने लगातार बेहतरीन खेल दिखाया और कई दिग्गज खिलाड़ियों को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया। दूसरे दिन के मुकाबलों में उन्होंने दमदार रणनीति और आत्मविश्वास के साथ जीत दर्ज कर नॉकआउट चरण में जगह बनाई।

हालांकि सेमीफाइनल की बाधा वह पार नहीं कर सके, लेकिन दो विश्व पदकों के साथ अर्जुन एरिगेसी का यह प्रदर्शन भारतीय शतरंज के उज्ज्वल भविष्य की ओर इशारा करता है।


भारत–श्रीलंका महिला टी20 सीरीज का आखिरी मुकाबला आज, क्लीन स्वीप की तैयारी में टीम इंडिया

हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में इतिहास रचने उतरेगी भारतीय महिला टीम

नई दिल्ली। भारत और श्रीलंका की महिला टीमों के बीच खेली जा रही पांच मैचों की टी20 सीरीज का निर्णायक और अंतिम मुकाबला आज तिरुवनंतपुरम में खेला जाएगा। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारतीय टीम पहले ही सीरीज में अजेय बढ़त बना चुकी है और अब उसकी नजरें श्रीलंका के खिलाफ ऐतिहासिक क्लीन स्वीप दर्ज करने पर टिकी हैं। भारत को अब तक कभी भी श्रीलंका के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में सभी मुकाबले जीतने का मौका नहीं मिला है, ऐसे में आज का मैच खास माना जा रहा है।

ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में यह सीरीज का लगातार तीसरा मैच होगा। इससे पहले खेले गए दोनों मुकाबलों में दर्शकों को हाई-स्कोरिंग क्रिकेट देखने को मिला है। पिछले मैच में दोनों टीमों ने मिलकर 400 से ज्यादा रन बनाए थे, जिससे यह साफ संकेत मिलते हैं कि आज भी बल्लेबाजों का दबदबा देखने को मिल सकता है।

अब तक भारत का रहा दबदबा
इस मैदान पर खेले गए पहले मुकाबले में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका को 112 रन पर समेट दिया था। तेज गेंदबाज रेणुका सिंह ठाकुर ने घातक गेंदबाजी करते हुए चार विकेट झटके थे। लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम ने 13 ओवर से पहले ही मुकाबला अपने नाम कर लिया था, जिसमें शैफाली वर्मा की विस्फोटक पारी ने अहम भूमिका निभाई।

दूसरे मैच में भारतीय बल्लेबाजों ने टी20 क्रिकेट में अपना अब तक का सबसे बड़ा स्कोर खड़ा करते हुए श्रीलंका के सामने 222 रनों की चुनौती रखी। जवाब में श्रीलंकाई टीम संघर्ष करती नजर आई और 191 रन पर सिमट गई। इन दोनों मुकाबलों में भारतीय बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों ही विभागों में टीम का दबदबा साफ दिखाई दिया।

पिच रिपोर्ट और टॉस की भूमिका
ग्रीनफील्ड स्टेडियम की पिच बल्लेबाजों के लिए अनुकूल मानी जा रही है। अच्छी उछाल और तेज आउटफील्ड के चलते बड़े स्कोर की उम्मीद की जा रही है। ऐसे में टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी का फैसला कर सकती है, ताकि लक्ष्य का पीछा करते हुए परिस्थितियों का फायदा उठाया जा सके।

भारतीय महिला टीम में स्मृति मंधाना, शैफाली वर्मा, हरमनप्रीत कौर, ऋचा घोष, जेमिमा रोड्रिग्स और दीप्ति शर्मा जैसे अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का संतुलन देखने को मिलेगा। वहीं श्रीलंका की कप्तान चमारी अथापथु पर एक बार फिर टीम को सम्मानजनक प्रदर्शन दिलाने की जिम्मेदारी होगी।

आज का मुकाबला न सिर्फ सीरीज के नतीजे का फैसला करेगा, बल्कि यह भी तय करेगा कि क्या भारतीय महिला टीम इतिहास रचते हुए श्रीलंका के खिलाफ पहली बार पांच मैचों की टी20 सीरीज में क्लीन स्वीप कर पाएगी या नहीं।

तीसरे टी20 का पूरा शेड्यूल

भारत और श्रीलंका के बीच तीसरा टी20 मुकाबला तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा। मैच की शुरुआत शाम 7 बजे होगी, जबकि 6:30 बजे टॉस होगा।

लाइव प्रसारण की जानकारी

इस मुकाबले का सीधा प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर किया जाएगा। दर्शक इसे हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में देख सकेंगे। इसके अलावा जियोहॉटस्टार पर भी मैच की लाइव स्ट्रीमिंग उपलब्ध रहेगी।


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