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कल से शुरू हो रही भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज

Category Archives: खेल

कल से शुरू हो रही भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज

युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर रहेंगी सभी की नजरें

नई दिल्ली। आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ लगातार टी20 सीरीज में मिली हार के बाद भारतीय टीम अब जिम्बाब्वे के खिलाफ नई शुरुआत करने के इरादे से मैदान में उतरेगी। 23 जुलाई से हरारे में शुरू होने वाली तीन मैचों की टी20 सीरीज टीम इंडिया के लिए सिर्फ जीत दर्ज करने का ही नहीं, बल्कि आत्मविश्वास हासिल करने का भी बड़ा अवसर मानी जा रही है। वहीं मेजबान जिम्बाब्वे ने भी मुकाबले से पहले साफ कर दिया है कि वह भारत को कड़ी चुनौती देने के लिए पूरी तरह तैयार है।

सीरीज शुरू होने से पहले जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा ने कहा कि दोनों टीमों के पास सीरीज जीतने के बराबर अवसर हैं। उनका मानना है कि जिम्बाब्वे पिछले कुछ समय से प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेल रहा है और टीम बदलाव के दौर से गुजरते हुए लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही है। रजा ने भरोसा जताया कि यह सीरीज एकतरफा नहीं होगी और दर्शकों को रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की तरह जिम्बाब्वे भी नई टीम तैयार कर रहा है, इसलिए दोनों पक्षों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिलेगी।

भारतीय टीम की कमान एक बार फिर श्रेयस अय्यर के हाथों में होगी। कप्तान बनने के बाद अय्यर की अगुआई में भारत आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज गंवा चुका है, ऐसे में जिम्बाब्वे दौरा उनके लिए कप्तानी में पहली सीरीज जीत दर्ज करने का अहम मौका होगा। बल्लेबाज के तौर पर अय्यर का प्रदर्शन अच्छा रहा है, लेकिन अब उनसे कप्तानी में भी प्रभाव छोड़ने की उम्मीद की जा रही है।

टीम इंडिया के युवा खिलाड़ियों पर भी इस दौरे में खास नजर रहेगी। शीर्ष क्रम में वैभव सूर्यवंशी के पास खुद को साबित करने का सुनहरा अवसर होगा, जबकि मध्यक्रम में रिंकू सिंह की वापसी बल्लेबाजी को मजबूती दे सकती है। गेंदबाजी विभाग में चोट के बाद वापसी कर रहे तेज गेंदबाज मयंक यादव पर सभी की नजरें रहेंगी। इसके अलावा अशोक शर्मा और यश ठाकुर जैसे युवा तेज गेंदबाजों को भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा।

भारत और जिम्बाब्वे के बीच अब तक खेले गए 10 टी20 मुकाबलों में भारतीय टीम का पलड़ा भारी रहा है। भारत ने सात मैच जीते हैं, जबकि जिम्बाब्वे को तीन मुकाबलों में सफलता मिली है। हालांकि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए दोनों टीमें इस सीरीज को अपने लिए महत्वपूर्ण मान रही हैं।

तीन मैचों की टी20 सीरीज के मुकाबले 23, 25 और 26 जुलाई को हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले जाएंगे। सभी मैच भारतीय समयानुसार शाम 4:30 बजे शुरू होंगे।

जिम्बाब्वे दौरे के लिए भारतीय टीम:
श्रेयस अय्यर (कप्तान), वैभव सूर्यवंशी, तिलक वर्मा, अभिषेक शर्मा, रिंकू सिंह, शिवम दुबे, सूर्यांश शेडगे, हर्ष दुबे, ईशान किशन (विकेटकीपर), प्रभसिमरन सिंह, प्रिंस यादव, यश ठाकुर, मयंक यादव, अशोक शर्मा और रवि बिश्नोई।


3rd ODI- इंग्लैंड ने भारत को 27 रन से हराकर सीरीज की अपने नाम

टी20 के बाद भारत से वनडे सीरीज भी छीनी

नई दिल्ली। लॉर्ड्स में खेले गए रोमांचक तीसरे वनडे में भारत को जीत के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी, लेकिन रोहित शर्मा की शानदार शतकीय पारी भी टीम को जीत नहीं दिला सकी। इंग्लैंड ने 27 रन से मुकाबला जीतकर तीन मैचों की वनडे सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। टी20 सीरीज में दबदबा बनाने के बाद इंग्लैंड ने वनडे में भी भारत को मात देकर घरेलू सरजमीं पर अपना वर्चस्व कायम रखा।

लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर रविवार को खेले गए सीरीज के निर्णायक मुकाबले में इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवर में तीन विकेट के नुकसान पर 387 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में भारतीय टीम ने दमदार शुरुआत की और आखिरी तक संघर्ष किया, लेकिन सात विकेट पर 360 रन ही बना सकी। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने 2019 के बाद पहली बार भारत के खिलाफ वनडे सीरीज जीतने का कारनामा किया।

रोहित और गिल ने रखी जीत की मजबूत नींव

388 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को कप्तान शुभमन गिल और रोहित शर्मा ने शानदार शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 147 रन जोड़कर इंग्लैंड पर दबाव बनाया। गिल ने 77 रन की उपयोगी पारी खेली, जबकि रोहित ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए महज 84 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। उन्होंने 110 गेंदों पर 138 रन बनाए, जिसमें 17 चौके और पांच छक्के शामिल रहे। इस दौरान रोहित लॉर्ड्स में वनडे शतक लगाने वाले सबसे उम्रदराज बल्लेबाज भी बन गए।

कोहली ने उम्मीद जगाई, लेकिन अंत में बिखर गई पारी

गिल के आउट होने के बाद विराट कोहली ने रोहित के साथ दूसरे विकेट के लिए 113 रन की अहम साझेदारी निभाई। रोहित के आउट होने के बावजूद कोहली एक छोर संभाले रहे और लॉर्ड्स में अपना पहला वनडे अर्धशतक लगाया। उन्होंने 74 रन की शानदार पारी खेली, लेकिन उनके आउट होते ही भारतीय बल्लेबाजी लड़खड़ा गई। ईशान किशन, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल और अक्षर पटेल बड़ी साझेदारी नहीं बना सके, जिससे टीम लक्ष्य से 27 रन दूर रह गई। इंग्लैंड के लिए सैम करन सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने चार विकेट झटके, जबकि आदिल राशिद, जोफ्रा आर्चर और जैकब बेथेल को एक-एक सफलता मिली।

इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने बनाया रिकॉर्ड स्कोर

इससे पहले इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों पर जमकर रन बरसाए। बेन डकेट ने शानदार 141 रन की पारी खेली, जबकि जैकब बेथेल ने 91 रन बनाकर उनका बेहतरीन साथ निभाया। अंत में जो रूट ने नाबाद 74 रन और जोस बटलर ने सिर्फ 13 गेंदों में 41 रन की विस्फोटक पारी खेलकर टीम का स्कोर 387 रन तक पहुंचा दिया, जो लॉर्ड्स में इंग्लैंड का सर्वोच्च वनडे स्कोर भी बन गया। भारत की ओर से प्रसिद्ध कृष्णा ने दो और प्रिंस यादव ने एक विकेट हासिल किया।

सीरीज पर इंग्लैंड का कब्जा

तीसरे वनडे की जीत के साथ इंग्लैंड ने तीन मैचों की सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। इससे पहले मेजबान टीम ने पांच मैचों की टी20 सीरीज भी 4-0 से जीती थी। लगातार दो प्रारूपों में मिली सफलता ने इंग्लैंड की मजबूत फॉर्म को एक बार फिर साबित कर दिया, जबकि भारतीय टीम को अहम मौकों पर गेंदबाजी और मध्यक्रम की बल्लेबाजी में सुधार की जरूरत महसूस हुई।


महान ऑलराउंडर सर गारफील्ड सोबर्स का हुआ निधन, 89 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

खेल जगत में शोक की लहर

नई दिल्ली। विश्व क्रिकेट के सबसे महान ऑलराउंडरों में शुमार वेस्टइंडीज के दिग्गज क्रिकेटर सर गारफील्ड (गैरी) सोबर्स का 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत में शोक की लहर है। 28 जुलाई को वह अपना 90वां जन्मदिन मनाने वाले थे, लेकिन उससे पहले ही उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया। क्रिकेट वेस्टइंडीज ने भी आधिकारिक तौर पर उनके निधन की पुष्टि करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।

सर गैरी सोबर्स को क्रिकेट इतिहास का सबसे संपूर्ण ऑलराउंडर माना जाता है। उन्होंने अपने शानदार करियर में बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग—तीनों क्षेत्रों में असाधारण प्रदर्शन कर नई मिसाल कायम की। उनकी बहुमुखी प्रतिभा और मैच जिताने की क्षमता ने उन्हें क्रिकेट इतिहास के महानतम खिलाड़ियों में शामिल किया।

सोबर्स ने वेस्टइंडीज के लिए 93 टेस्ट मैचों में 8,032 रन बनाए। इस दौरान उनका बल्लेबाजी औसत 57.78 रहा। उन्होंने 26 शतक, 30 अर्धशतक, दो दोहरे शतक और एक तिहरा शतक जड़ा। उनका नाबाद 365 रन का स्कोर लंबे समय तक टेस्ट क्रिकेट का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर रहा।

बल्लेबाजी के साथ-साथ गेंदबाजी में भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 235 विकेट अपने नाम किए। सर गैरी सोबर्स की सबसे बड़ी विशेषता उनकी बहुमुखी गेंदबाजी थी। वह जरूरत के अनुसार लेफ्ट आर्म फास्ट-मीडियम, लेफ्ट आर्म ऑर्थोडॉक्स स्पिन और लेफ्ट आर्म अनऑर्थोडॉक्स (चाइनामैन) स्पिन गेंदबाजी करने में सक्षम थे। यही गुण उन्हें क्रिकेट इतिहास के सबसे बेहतरीन ऑलराउंडरों में अलग पहचान दिलाता है।

सोबर्स ने अपने करियर में वेस्टइंडीज की कप्तानी भी की और कैरेबियाई क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। क्रिकेट में उनके अमूल्य योगदान के लिए उन्हें ‘नाइटहुड’ की उपाधि से सम्मानित किया गया। इसके अलावा उन्हें आईसीसी हॉल ऑफ फेम और विजडन क्रिकेटर्स ऑफ द सेंचुरी जैसी प्रतिष्ठित उपलब्धियों से भी नवाजा गया।

हालांकि उन्होंने केवल एक वनडे अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेला, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में उनका योगदान आज भी स्वर्णिम अध्याय माना जाता है। कई क्रिकेट विशेषज्ञ आज भी सर गैरी सोबर्स को दुनिया का सबसे महान ऑलराउंडर मानते हैं।

सर गारफील्ड सोबर्स के निधन के साथ क्रिकेट जगत ने एक ऐसे महान खिलाड़ी को खो दिया है, जिनकी उपलब्धियां और विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत बनी रहेंगी।


2nd ODI- इंग्लैंड ने भारत को 4 विकेट से हराकर सीरीज की 1-1 से बराबर

कोहली-अय्यर के अर्धशतक पड़े फीके

नई दिल्ली। कार्डिफ में खेले गए दूसरे वनडे में इंग्लैंड ने शानदार वापसी करते हुए भारत को चार विकेट से शिकस्त दी। अनुभवी बल्लेबाज जो रूट की नाबाद 99 रन की मैच जिताऊ पारी की बदौलत मेजबान टीम ने 234 रन का लक्ष्य आसानी से हासिल कर लिया। इस जीत के साथ तीन मैचों की वनडे सीरीज 1-1 की बराबरी पर पहुंच गई है और अब ट्रॉफी का फैसला लॉर्ड्स में होने वाले निर्णायक मुकाबले में होगा।

कार्डिफ के सोफिया गार्डन्स मैदान पर खेले गए मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 44 ओवर में 233 रन बनाए। जवाब में इंग्लैंड ने 44.1 ओवर में छह विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। जीत के सबसे बड़े नायक जो रूट रहे, जिन्होंने 133 गेंदों पर नाबाद 99 रन बनाकर टीम को जीत की मंजिल तक पहुंचाया। वह शतक से सिर्फ एक रन दूर रह गए, लेकिन गस एटकिंसन के विजयी चौके ने मुकाबला समाप्त कर दिया।

रूट ने दिखाई अनुभव की झलक

234 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड की शुरुआत अच्छी नहीं रही। जसप्रीत बुमराह ने बेन डकेट को जल्दी पवेलियन भेजा, जबकि प्रसिद्ध कृष्णा ने जैकब बेथल का विकेट लिया। हैरी ब्रूक भी बड़ी पारी नहीं खेल सके और गुरनूर बराड़ का शिकार बने। एक समय इंग्लैंड का स्कोर 125 रन पर पांच विकेट था, लेकिन इसके बाद जो रूट ने जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने विल जैक्स के साथ अहम साझेदारी निभाई और फिर सैम करन के सहयोग से टीम को जीत दिला दी।

भारतीय गेंदबाजों ने दिलाई अच्छी शुरुआत

नई गेंद से भारतीय गेंदबाजों ने प्रभावशाली प्रदर्शन किया और शुरुआती विकेट लेकर इंग्लैंड पर दबाव बनाया। बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बराड़ ने शुरुआत में अच्छी गेंदबाजी की, लेकिन रूट की संयमित बल्लेबाजी के सामने भारतीय आक्रमण बेअसर साबित हुआ। गुरनूर बराड़ ने दो विकेट लिए, जबकि बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा, शिवम दुबे और अक्षर पटेल को एक-एक सफलता मिली।

कोहली और अय्यर ने संभाली पारी

भारतीय पारी की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही, लेकिन विराट कोहली और श्रेयस अय्यर ने टीम को संभाला। कोहली ने 66 गेंदों पर 65 रन की पारी खेली, जिसमें आठ चौके शामिल रहे। वहीं, श्रेयस अय्यर ने 71 गेंदों में 66 रन बनाकर अहम योगदान दिया। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 67 रन जोड़े, लेकिन उनके आउट होते ही भारतीय बल्लेबाजी लड़खड़ा गई और टीम बड़ा स्कोर खड़ा करने में नाकाम रही।

रोहित की फॉर्म बनी चिंता

कप्तान रोहित शर्मा एक बार फिर बड़ी पारी खेलने में असफल रहे। उन्होंने 47 गेंदों पर केवल 26 रन बनाए और संघर्ष करते नजर आए। शुभमन गिल ने 31 रन का योगदान दिया, जबकि ईशान किशन सिर्फ एक रन बनाकर आउट हो गए। निचले क्रम के बल्लेबाज भी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके, जिससे भारत की पारी 233 रन पर सिमट गई।

आर्चर और एटकिंसन ने किया कमाल

इंग्लैंड की ओर से जोफ्रा आर्चर और गस एटकिंसन ने शानदार गेंदबाजी की। दोनों ने तीन-तीन विकेट हासिल कर भारतीय बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। साकिब महमूद ने भी दो विकेट लेकर मेजबान टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।

अब लॉर्ड्स में होगा सीरीज का फैसला

दूसरे वनडे में जीत के साथ इंग्लैंड ने तीन मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर कर ली है। अब दोनों टीमें रविवार को लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर आमने-सामने होंगी, जहां जीतने वाली टीम सीरीज अपने नाम करेगी।


क्या लॉर्ड्स में खत्म होगा रोहित शर्मा का सफर? माता-पिता पहुंचे लंदन, संन्यास की अटकलें तेज

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह उनका बल्ला नहीं, बल्कि उनके इंटरनेशनल करियर को लेकर उठ रही अटकलें हैं। इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज का निर्णायक मुकाबला 19 जुलाई को लॉर्ड्स में खेला जाना है और इसी मैच को लेकर दावा किया जा रहा है कि यह रोहित शर्मा के करियर का आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला हो सकता है।

लंदन पहुंचे रोहित शर्मा के माता-पिता

रिपोर्ट्स के मुताबिक रोहित शर्मा के पिता गुरुनाथ शर्मा और मां पूर्णिमा शर्मा लंदन पहुंच चुके हैं। दावा किया जा रहा है कि वे लॉर्ड्स में होने वाला मुकाबला स्टेडियम से देखेंगे। इसी के बाद सोशल मीडिया पर यह चर्चा तेज हो गई कि शायद रोहित अपने परिवार की मौजूदगी में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह सकते हैं।

क्या BCCI ने दे दिया है संकेत?

कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि चयनकर्ताओं ने भविष्य की योजना को देखते हुए रोहित शर्मा को साफ संकेत दे दिया है कि टीम अब 2027 वनडे विश्व कप की तैयारी युवा खिलाड़ियों के साथ करना चाहती है। हालांकि BCCI की ओर से अभी तक ऐसा कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, इसलिए इसे फिलहाल केवल रिपोर्ट और अटकलों के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

लॉर्ड्स में हो सकता है भावुक पल

भारत और इंग्लैंड के बीच वनडे सीरीज फिलहाल 1-1 से बराबरी पर है। ऐसे में लॉर्ड्स का मुकाबला सिर्फ सीरीज का फैसला ही नहीं करेगा, बल्कि अगर रिटायरमेंट की खबरें सही साबित होती हैं तो यह रोहित शर्मा के शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर का भी यादगार अंत बन सकता है।

शानदार रहा है रोहित शर्मा का करियर

रोहित शर्मा दुनिया के सबसे सफल वनडे बल्लेबाजों में गिने जाते हैं। उनके नाम वनडे क्रिकेट में 33 शतक, 264 रन की विश्व रिकॉर्ड पारी और भारत के लिए कई ऐतिहासिक जीत दर्ज हैं। टी20 विश्व कप जीतने के बाद वह पहले ही टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं और अब उनके वनडे भविष्य को लेकर लगातार चर्चा हो रही है।

अभी आधिकारिक ऐलान नहीं

फिलहाल यह स्पष्ट करना जरूरी है कि रोहित शर्मा ने वनडे क्रिकेट से संन्यास की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। लॉर्ड्स वनडे उनके करियर का आखिरी मैच होगा या नहीं, इसका फैसला या पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए सोशल मीडिया पर चल रही खबरों को अंतिम सच मानने से पहले आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना चाहिए।


भारत और इंग्लैंड के बीच वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला आज

नई दिल्ली। इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे में दमदार जीत दर्ज करने के बाद भारतीय क्रिकेट टीम अब सीरीज अपने नाम करने के इरादे से दूसरे मुकाबले में उतरेगी। कार्डिफ के सोफिया गार्डन्स मैदान पर गुरुवार को होने वाला यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए अहम माना जा रहा है। भारत जहां जीत के साथ सीरीज में अजेय बढ़त बनाना चाहेगा, वहीं इंग्लैंड की कोशिश मुकाबले में वापसी कर सीरीज को बराबरी पर लाने की होगी। मुकाबले से पहले कप्तान शुभमन गिल की फिटनेस भी चर्चा का विषय बनी हुई है।

पहले वनडे में शानदार 80 रन की पारी खेलने वाले शुभमन गिल मांसपेशियों में खिंचाव के कारण रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान से बाहर चले गए थे। हालांकि उनकी चोट को लेकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की ओर से कोई आधिकारिक अपडेट जारी नहीं किया गया है। टीम प्रबंधन को उम्मीद है कि गिल दूसरे वनडे के लिए पूरी तरह फिट रहेंगे और टीम की अगुवाई करेंगे।

वहीं, अनुभवी बल्लेबाज रोहित शर्मा से इस मुकाबले में बड़ी पारी की उम्मीद रहेगी। पहले मैच में वह अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में नहीं बदल सके थे। टीम प्रबंधन चाहेगा कि शीर्ष क्रम के बल्लेबाज इस बार अधिक जिम्मेदारी निभाएं, क्योंकि इंग्लैंड की गेंदबाजी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भारत को कड़ी टक्कर दे सकती है।

गेंदबाजी विभाग में जसप्रीत बुमराह की लय में वापसी भारत के लिए राहत की खबर है। पहले वनडे में उन्होंने प्रभावशाली प्रदर्शन कर अपनी फिटनेस और धार दोनों का परिचय दिया। वहीं, ऑलराउंडर अक्षर पटेल और वाशिंगटन सुंदर ने बल्ले और गेंद दोनों से उपयोगी योगदान देकर टीम संतुलन मजबूत किया है।

कार्डिफ की पिच तेज गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती है। ऐसे में भारतीय टीम प्लेइंग इलेवन में बदलाव करते हुए गुरनूर बरार की जगह बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह को मौका दे सकती है। हालांकि अंतिम फैसला मैच से पहले पिच की स्थिति और गिल की फिटनेस को देखते हुए लिया जाएगा।

संभावित प्लेइंग-11

भारत: रोहित शर्मा, शुभमन गिल (कप्तान), विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, वाशिंगटन सुंदर, केएल राहुल (विकेटकीपर), अक्षर पटेल, शिवम दुबे, अर्शदीप सिंह/गुरनूर बरार, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा।

इंग्लैंड: जैकब बेथेल, बेन डकेट, जो रूट, हैरी ब्रूक (कप्तान), जोस बटलर (विकेटकीपर), सैम करन, विल जैक्स, लियाम डॉसन, जोफ्रा आर्चर, आदिल राशिद, जोश टंग।

मैच कब और कहां देखें?

भारत और इंग्लैंड के बीच दूसरा वनडे गुरुवार को कार्डिफ के सोफिया गार्डन्स में खेला जाएगा। भारतीय समयानुसार शाम 5:00 बजे टॉस होगा, जबकि 5:30 बजे मुकाबला शुरू होगा। मैच का सीधा प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर और लाइव स्ट्रीमिंग जियोस्टार पर उपलब्ध रहेगी।


महायुद्ध की घड़ी! एम्बाप्पे vs यामाल, दुनिया की निगाहें FIFA World Cup सेमीफाइनल पर

FIFA World Cup 2026 अपने सबसे रोमांचक दौर में पहुंच चुका है। मंगलवार रात फुटबॉल प्रेमियों की निगाहें स्पेन और फ्रांस के बीच खेले जाने वाले हाई-वोल्टेज सेमीफाइनल मुकाबले पर टिकी होंगी। यह मुकाबला सिर्फ दो टीमों के बीच नहीं, बल्कि दो पीढ़ियों के सुपरस्टार—किलियन एम्बाप्पे और लामिन यामाल—की सीधी टक्कर भी माना जा रहा है। दोनों टीमें अब तक टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल तक पहुंची हैं और अब विजेता टीम फाइनल में अपनी जगह पक्की करेगी।

फ्रांस की सबसे बड़ी ताकत उसके कप्तान किलियन एम्बाप्पे हैं, जो इस विश्व कप में लगातार गोल दाग रहे हैं और गोल्डन बूट की दौड़ में भी सबसे आगे हैं। उनकी रफ्तार, फिनिशिंग और बड़े मैचों का अनुभव फ्रांस के लिए सबसे बड़ा हथियार माना जा रहा है। टीम के कोच दिदिएर देशां ने भी संकेत दिए हैं कि एम्बाप्पे फिट हैं और सेमीफाइनल में खेलने के लिए तैयार हैं।

दूसरी ओर, महज़ किशोर उम्र में दुनिया भर का ध्यान अपनी ओर खींच चुके लामिन यामाल स्पेन के सबसे बड़े मैच विनर बनकर उभरे हैं। यूरो 2024 और नेशंस लीग में फ्रांस के खिलाफ शानदार प्रदर्शन के बाद एक बार फिर उनसे बड़ी उम्मीदें हैं। स्पेन का कब्ज़ा आधारित खेल और तेज़ अटैक फ्रांस के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।

रणनीतिक रूप से यह मुकाबला भी बेहद दिलचस्प रहने वाला है। फ्रांस स्पेन के मिडफ़ील्ड पर दबाव बनाकर उसके पज़ेशन गेम को रोकना चाहेगा, जबकि स्पेन गेंद पर नियंत्रण बनाए रखते हुए यामाल और अपने अन्य अटैकिंग खिलाड़ियों के जरिए फ्रांस की रक्षा पंक्ति को भेदने की कोशिश करेगा।

दोनों टीमें अब तक इस विश्व कप में बेहद प्रभावशाली रही हैं और किसी ने भी टूर्नामेंट में हार का स्वाद नहीं चखा है। ऐसे में यह मुकाबला छोटे-छोटे पलों, व्यक्तिगत प्रतिभा और दबाव में सही फैसलों पर निर्भर करेगा। फुटबॉल प्रेमियों को उम्मीद है कि यह सेमीफाइनल टूर्नामेंट के सबसे यादगार मुकाबलों में से एक साबित होगा।


भारत और इंग्लैंड के बीच वनडे सीरीज का पहला मुकाबला आज

रोहित, विराट और बुमराह की हुई वापसी

नई दिल्ली। इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद भारतीय टीम अब नए उत्साह के साथ वनडे क्रिकेट में वापसी के लिए तैयार है। मंगलवार से बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर शुरू हो रही तीन मैचों की वनडे सीरीज में भारत की नजर जीत के साथ नए अभियान की शुरुआत करने पर होगी। अनुभवी बल्लेबाज रोहित शर्मा, विराट कोहली और स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की वापसी से टीम का संतुलन मजबूत हुआ है, जबकि इंग्लैंड घरेलू मैदान पर अपनी लय बरकरार रखने के इरादे से उतरेगा।

अनुभवी खिलाड़ियों पर टिकी रहेंगी उम्मीदें

भारतीय बल्लेबाजी की सबसे बड़ी ताकत रोहित शर्मा और विराट कोहली का अनुभव होगा। दोनों दिग्गज बल्लेबाज इंग्लैंड की तेज और स्विंग वाली परिस्थितियों में टीम को मजबूत शुरुआत दिलाने की जिम्मेदारी निभाएंगे। कप्तान शुभमन गिल, श्रेयस अय्यर और केएल राहुल के साथ भारत का शीर्ष क्रम काफी मजबूत नजर आ रहा है।

वनडे में नई शुरुआत की तलाश

टी20 दौरे में मिली लगातार हार के बाद भारतीय टीम के सामने वनडे प्रारूप में खुद को साबित करने की चुनौती होगी। टीम प्रबंधन चाहेगा कि खिलाड़ी पुराने प्रदर्शन को पीछे छोड़ते हुए नई ऊर्जा के साथ मैदान पर उतरें और सीरीज में सकारात्मक शुरुआत करें।

बुमराह की वापसी से मजबूत होगा गेंदबाजी आक्रमण

भारतीय गेंदबाजी को जसप्रीत बुमराह की वापसी से बड़ा सहारा मिलेगा। उनके साथ अर्शदीप सिंह और प्रसिद्ध कृष्णा तेज गेंदबाजी की कमान संभालेंगे। स्पिन विभाग में कुलदीप यादव, अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर विपक्षी बल्लेबाजों को रोकने की जिम्मेदारी निभाएंगे। वहीं ऑलराउंडर शिवम दुबे टीम को अतिरिक्त गेंदबाजी विकल्प उपलब्ध कराएंगे।

इंग्लैंड भी पूरी तैयारी के साथ उतरेगी मैदान में

घरेलू टीम इंग्लैंड अपनी मजबूत बल्लेबाजी और आक्रामक खेल के दम पर सीरीज का विजयी आगाज करना चाहेगी। कप्तान हैरी ब्रूक के नेतृत्व में जो रूट, जोस बटलर, बेन डकेट और जैकब बेथेल जैसे बल्लेबाज शानदार फॉर्म में हैं। गेंदबाजी में जोफ्रा आर्चर, जोश टंग और अनुभवी स्पिनर आदिल रशीद भारतीय बल्लेबाजों की परीक्षा ले सकते हैं।

मुकाबले में रणनीति होगी अहम

भारत की कोशिश मजबूत बल्लेबाजी के दम पर बड़ा स्कोर खड़ा करने की होगी, जबकि इंग्लैंड शुरुआती विकेट हासिल कर भारतीय मध्यक्रम पर दबाव बनाने का प्रयास करेगा। दूसरी ओर भारतीय गेंदबाज पावरप्ले में इंग्लैंड के आक्रामक बल्लेबाजों को जल्द आउट कर मैच पर पकड़ बनाने की कोशिश करेंगे।

मुकाबले से जुड़े अहम आंकड़े
इंग्लैंड में खेले गए पिछले 10 वनडे मुकाबलों में भारत और इंग्लैंड ने पांच-पांच मैच जीते हैं।
दोनों टीमों के बीच एजबेस्टन में पिछला वनडे 2019 में खेला गया था, जिसमें इंग्लैंड ने जीत दर्ज की थी।
इंग्लैंड की धरती पर पिछली वनडे सीरीज 2022 में भारत ने अपने नाम की थी।
जसप्रीत बुमराह लंबे अंतराल के बाद वनडे टीम में वापसी कर रहे हैं, जिससे भारतीय गेंदबाजी को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

संभावित प्लेइंग-11

भारत: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल (विकेटकीपर), अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, जसप्रीत बुमराह।

इंग्लैंड: जैकब बेथेल, बेन डकेट, जो रूट, हैरी ब्रूक (कप्तान), जोस बटलर (विकेटकीपर), सैम करन, विल जैक्स, जोफ्रा आर्चर, लियाम डॉसन, जोश टंग, आदिल रशीद।

मैच से जुड़ी जरूरी जानकारी
मैच: भारत बनाम इंग्लैंड, पहला वनडे
तारीख: 14 जुलाई (मंगलवार)
स्थान: एजबेस्टन क्रिकेट ग्राउंड, बर्मिंघम
समय: दोपहर 3:30 बजे (भारतीय समयानुसार)
टॉस: दोपहर 3:00 बजे
लाइव प्रसारण: सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क
लाइव स्ट्रीमिंग: जियोस्टार ऐप


भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का आखिरी मुकाबला आज

नई दिल्ली। भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का अंतिम मुकाबला शनिवार को साउथम्प्टन में खेला जाएगा। सीरीज में पिछड़ चुकी भारतीय टीम के लिए यह मैच सम्मान बचाने का मौका होगा, जबकि इंग्लैंड की नजर शानदार जीत के साथ सीरीज को 4-0 से अपने नाम करने और आईसीसी टी20 रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल करने पर रहेगी।

श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम इस दौरे पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी। बारिश के कारण एक मुकाबला रद्द होने के बाद खेले गए मैचों में इंग्लैंड ने दबदबा बनाए रखा। अब आखिरी मुकाबले में भारत के सामने हार से बचने के साथ-साथ आत्मविश्वास हासिल करने की भी चुनौती होगी।

सीरीज के दौरान भारतीय बल्लेबाजी लगातार संघर्ष करती रही। शीर्ष क्रम बड़े स्कोर खड़े करने में नाकाम रहा, जबकि तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर और जोश टंग ने अपनी रफ्तार से भारतीय बल्लेबाजों को परेशान किया। गेंदबाजी विभाग भी चोटों से प्रभावित रहा, जिससे टीम संयोजन पर असर पड़ा।

अंतिम मुकाबले में भारतीय टीम प्लेइंग-11 में बदलाव कर सकती है। युवा खिलाड़ियों को एक और मौका मिलने की संभावना है, वहीं संजू सैमसन की वापसी को लेकर भी चर्चा तेज है। टीम प्रबंधन संतुलित संयोजन के साथ मैदान पर उतरने की तैयारी में है।

दूसरी ओर इंग्लैंड पूरे आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरेगा। कप्तान हैरी ब्रूक, फिल सॉल्ट, जोस बटलर और जैकब बेथेल शानदार फॉर्म में हैं। गेंदबाजी में आदिल रशीद, सैम करन और जोफ्रा आर्चर ने भारतीय बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाया है। इंग्लैंड की कोशिश सीरीज का समापन बड़ी जीत के साथ कर आईसीसी टी20 रैंकिंग में नंबर-1 स्थान हासिल करने की होगी।

दोनों टीमों के बीच अब तक 34 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले गए हैं, जिनमें भारत ने 18 और इंग्लैंड ने 15 मैच जीते हैं, जबकि एक मुकाबला बेनतीजा रहा।

मैच से जुड़ी अहम जानकारी:

मुकाबला: भारत बनाम इंग्लैंड, पांचवां टी20
तारीख: 11 जुलाई (शनिवार)
स्थान: साउथम्प्टन
समय: शाम 7:00 बजे (भारतीय समयानुसार)
टॉस: शाम 6:30 बजे
लाइव प्रसारण: सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क
लाइव स्ट्रीमिंग: जियोस्टार ऐप और वेबसाइट


कौन हैं अर्णव पापरकर? विंबलडन में रचा इतिहास, 36 साल बाद भारत को मिली बड़ी कामयाबी

भारतीय टेनिस के लिए विंबलडन से बड़ी खुशखबरी सामने आई है। युवा खिलाड़ी अर्णव पापरकर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विंबलडन में इतिहास रच दिया है। भारत के युवा टेनिस खिलाड़ी अर्णव पापरकर विंबलडन के क्वार्टर फाइनल में पहुंच गए हैं। उनके दमदार खेल के साथ ही भारत का 36 साल पुराना इंतजार भी समाप्त हो गया। इस उपलब्धि के बाद अर्णव देशभर में चर्चा का विषय बन गए हैं और उन्हें भारतीय टेनिस का नया उभरता सितारा माना जा रहा है।

अर्णव पापरकर ने पूरे टूर्नामेंट के दौरान आत्मविश्वास और बेहतरीन तकनीक का परिचय दिया। बड़े मुकाबलों में दबाव के बावजूद उन्होंने संयम बनाए रखा और लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए उस मुकाम तक पहुंचे, जहां पिछले 36 वर्षों से कोई भारतीय खिलाड़ी नहीं पहुंच पाया था। उनकी इस उपलब्धि ने भारतीय टेनिस को नई उम्मीद दी है।

अर्णव की सफलता इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि हाल के वर्षों में भारतीय टेनिस को ग्रैंड स्लैम स्तर पर बड़ी व्यक्तिगत सफलताएं कम ही मिली हैं। ऐसे में विंबलडन जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन सकता है।

कम उम्र से ही टेनिस को अपना लक्ष्य बनाने वाले अर्णव ने कड़ी मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। कोचों का मानना है कि उनकी फिटनेस, तेज़ मूवमेंट और दबाव में सही फैसले लेने की क्षमता उन्हें अन्य खिलाड़ियों से अलग बनाती है।

अर्णव की इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद खेल जगत और सोशल मीडिया पर उन्हें लगातार बधाइयां मिल रही हैं। खेल प्रेमियों का मानना है कि यदि उनका यही प्रदर्शन जारी रहा तो आने वाले वर्षों में वह भारत के लिए ग्रैंड स्लैम स्तर पर और भी बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।

भारतीय टेनिस के लिए यह उपलब्धि केवल एक जीत नहीं, बल्कि भविष्य की नई शुरुआत मानी जा रही है। 36 साल बाद विंबलडन में मिली इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय युवा खिलाड़ी अब दुनिया के सबसे बड़े मंच पर भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकते हैं।


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