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महिला टी20 एशिया कप 2026 का शेड्यूल जारी

Category Archives: खेल

महिला टी20 एशिया कप 2026 का शेड्यूल जारी

जानिए कब होगा भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला

नई दिल्ली। महिला टी20 एशिया कप 2026 का पूरा कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। एशियाई क्रिकेट परिषद (ACC) द्वारा घोषित शेड्यूल के अनुसार टूर्नामेंट का आयोजन 28 अगस्त से 13 सितंबर तक दुबई में होगा। भारतीय टीम अपने अभियान की शुरुआत थाईलैंड के खिलाफ करेगी, जबकि क्रिकेट प्रेमियों की नजरें भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले हाई-वोल्टेज मुकाबले पर टिकी रहेंगी।

एशियाई क्रिकेट परिषद (ACC) ने महिला टी20 एशिया कप 2026 के मुकाबलों का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। इस बार आठ टीमें खिताब के लिए चुनौती पेश करेंगी और सभी मुकाबले दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले जाएंगे। भारत को ग्रुप-ए में पाकिस्तान, थाईलैंड और हांगकांग (चीन) के साथ रखा गया है, जबकि ग्रुप-बी में मौजूदा चैंपियन श्रीलंका, बांग्लादेश, इंडोनेशिया और मेजबान संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) शामिल हैं।

भारतीय टीम अपने अभियान का आगाज 30 अगस्त को थाईलैंड के खिलाफ करेगी। इसके बाद 3 सितंबर को उसका मुकाबला हांगकांग (चीन) से होगा, जबकि बहुप्रतीक्षित भारत-पाकिस्तान मैच 5 सितंबर को खेला जाएगा। इस मुकाबले को टूर्नामेंट के सबसे बड़े आकर्षणों में से एक माना जा रहा है।

टूर्नामेंट में सभी आठ टीमों को दो समूहों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक ग्रुप से शीर्ष दो टीमें सेमीफाइनल में जगह बनाएंगी। पहला सेमीफाइनल 10 सितंबर और दूसरा 11 सितंबर को खेला जाएगा, जबकि चैंपियन का फैसला 13 सितंबर को होने वाले फाइनल मुकाबले में होगा।

टूर्नामेंट का उद्घाटन मैच 28 अगस्त को थाईलैंड और हांगकांग (चीन) के बीच खेला जाएगा। मौजूदा चैंपियन श्रीलंका अपने अभियान की शुरुआत 29 अगस्त को यूएई के खिलाफ करेगा, जबकि बांग्लादेश 31 अगस्त को इंडोनेशिया से भिड़ेगा। पाकिस्तान अपनी अन्य लीग मुकाबलों में 1 सितंबर को थाईलैंड और 7 सितंबर को हांगकांग (चीन) का सामना करेगा। वहीं श्रीलंका 2 सितंबर को इंडोनेशिया और 6 सितंबर को बांग्लादेश के खिलाफ मैदान में उतरेगा।

टूर्नामेंट के सभी 15 मुकाबले, जिनमें दोनों सेमीफाइनल और फाइनल भी शामिल हैं, फ्लडलाइट्स में दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले जाएंगे। सबसे सफल टीम भारत एक बार फिर खिताब जीतकर एशियाई महिला क्रिकेट में अपना वर्चस्व बरकरार रखने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेगी।


कॉमनवेल्थ 2026 के विजेताओं का सम्मान, खिलाड़ियों को खेल अकादमी खोलने की सलाह

मांडविया बोले- पदक के साथ नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को भी तैयार करें चैंपियंस

नई दिल्ली। राष्ट्रमंडल खेल 2026 में शानदार प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन करने वाले भारतीय खिलाड़ियों का नई दिल्ली में भव्य सम्मान किया गया। केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने बॉक्सिंग, जूडो और पैरा एथलेटिक्स के पदक विजेताओं को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया और उन्हें भविष्य में युवा खिलाड़ियों के मार्गदर्शक बनने का संदेश दिया।

नई दिल्ली में आयोजित सम्मान समारोह के दौरान केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में ऐतिहासिक सफलता हासिल करने वाले भारतीय खिलाड़ियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की उपलब्धियां पूरे देश के लिए प्रेरणा हैं और अब उनकी जिम्मेदारी अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों को तैयार करने की भी है। उन्होंने खिलाड़ियों से भविष्य में अपनी खेल अकादमियां शुरू करने और उभरती प्रतिभाओं को प्रशिक्षित करने का आह्वान किया।

पदक विजेताओं को मिला नकद पुरस्कार

समारोह में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को 30 लाख रुपये, रजत पदक विजेताओं को 20 लाख रुपये और कांस्य पदक हासिल करने वालों को 10 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। खेल मंत्री ने कहा कि सरकार खिलाड़ियों को हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।

बॉक्सिंग में भारत का दबदबा

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 10 पदक अपने नाम किए। टीम ने 7 स्वर्ण और 3 रजत पदक जीतकर बॉक्सिंग की पदक तालिका में पहला स्थान हासिल किया।

स्वर्ण पदक विजेता

प्रीति पवार (54 किग्रा)
जैसमीन लम्बोरिया (57 किग्रा)
साक्षी चौधरी (51 किग्रा)
प्रिया घांघस (60 किग्रा)
अरुंधति चौधरी (70 किग्रा)
सचिन सिवाच (60 किग्रा)
अंकुश पंघाल (80 किग्रा)

रजत पदक विजेता

जादुमणि सिंह (55 किग्रा)
लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा)
नरेंद्र बेरवाल (90+ किग्रा)

महिला मुक्केबाजों द्वारा जीते गए सात स्वर्ण पदक भारत के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहे।

जूडो में पहली बार बना इतिहास

भारतीय जूडो टीम ने भी इस बार रिकॉर्ड प्रदर्शन करते हुए 2 स्वर्ण, 1 रजत और 1 कांस्य पदक जीते। खेलो इंडिया से जुड़े खिलाड़ियों अस्मिता डे और हर्ष सिंह ने भारत को जूडो में पहला कॉमनवेल्थ स्वर्ण दिलाकर नया इतिहास रचा। अस्मिता पहली भारतीय महिला और हर्ष सिंह पहले भारतीय पुरुष जूडोका बने जिन्होंने इस प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता।

पैरा एथलीटों की भी हुई सराहना

सम्मान समारोह में पैरा एथलेटिक्स खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया। खेल मंत्री ने ग्लासगो में भारतीय पैरा खिलाड़ियों के प्रदर्शन को भारतीय पैरा खेलों के विकास की दिशा में बड़ी उपलब्धि बताया।

युवा खिलाड़ियों को तैयार करने का आह्वान

डॉ. मांडविया ने कहा कि खिलाड़ियों का लक्ष्य केवल पदक जीतना या सरकारी नौकरी पाना नहीं होना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि खेल जीवन समाप्त होने के बाद अनुभवी खिलाड़ी देश में नई प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी निभाएं और अपने अनुभव का लाभ युवाओं तक पहुंचाएं।

उन्होंने बताया कि सरकार ने संशोधित खेलो इंडिया योजना के तहत 36 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया है, जिससे देशभर में खेलों का बुनियादी ढांचा और प्रशिक्षण व्यवस्था मजबूत की जा रही है।

एशियाई खेलों के लिए दिया नया लक्ष्य

खेल मंत्री ने खिलाड़ियों को एशियाई खेल 2026 में भी इसी तरह का प्रदर्शन दोहराने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने रजत और कांस्य पदक विजेताओं से स्वर्ण जीतने का लक्ष्य रखने और स्वर्ण पदक विजेताओं से अपने प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखने की अपील की।

कोचों के योगदान को बताया अमूल्य

उन्होंने खिलाड़ियों को अपने प्रशिक्षकों के योगदान को हमेशा याद रखने की सलाह देते हुए कहा कि किसी भी खिलाड़ी की सफलता के पीछे उसके गुरु का महत्वपूर्ण योगदान होता है।

सरकारी योजनाओं से मिला मजबूत समर्थन

कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को खेलो इंडिया, टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS), एनुअल कैलेंडर फॉर ट्रेनिंग एंड कॉम्पिटिशन (ACTC) और भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्रों में प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी और विशेषज्ञ कोचिंग जैसी विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिला, जिसने उनके प्रदर्शन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।


कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का शानदार प्रदर्शन, 39 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा देश

ऑस्ट्रेलिया 171 पदकों के साथ शीर्ष पर रहा

ग्लास्गो। राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारत ने दमदार प्रदर्शन करते हुए 39 पदकों के साथ अपना अभियान समाप्त किया। भारतीय खिलाड़ियों ने 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य पदक जीतकर पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। हालांकि अंतिम दिन भारतीय दल कोई नया पदक नहीं जोड़ सका, लेकिन पूरे टूर्नामेंट में मुक्केबाजी, जूडो और पैरा एथलेटिक्स में शानदार प्रदर्शन ने देश का गौरव बढ़ाया।

ग्लास्गो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेल 2026 का समापन रंगारंग समारोह के साथ हुआ। भारत ने प्रतियोगिता में कुल 39 पदक जीतकर ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और कनाडा के बाद चौथा स्थान हासिल किया। भारत के खाते में 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य पदक आए। अंतिम दिन जूडो और ट्रैक साइकिलिंग में भारतीय खिलाड़ियों से पदक की उम्मीद थी, लेकिन वे पोडियम तक पहुंचने में सफल नहीं हो सके।

इस बार भारतीय दल का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन मुक्केबाजी में देखने को मिला, जहां खिलाड़ियों ने रिकॉर्ड सात स्वर्ण सहित कुल 10 पदक जीते। जूडो में भी भारत ने पहली बार दो स्वर्ण पदक जीतकर नया इतिहास रचा। वहीं पैरा एथलेटिक्स और एथलेटिक्स में भी खिलाड़ियों ने कई यादगार प्रदर्शन किए, जिससे भारत का अभियान मजबूत रहा।

समापन समारोह में भारतीय संस्कृति की भव्य झलक दुनिया को देखने को मिली। सितार वादक ऋषभ रिखीराम और गायक शंकर महादेवन ने अपनी प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। समारोह के दौरान 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी का औपचारिक हस्तांतरण भारत को किया गया और दुनिया को अहमदाबाद आने का निमंत्रण दिया गया।

भारत की प्रस्तुति का मुख्य विषय ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ रहा, जिसमें देश की सांस्कृतिक विविधता, परंपराओं और आधुनिक भारत की झलक दिखाई गई। अभिनेत्री मानुषी छिल्लर के नेतृत्व में हुई प्रस्तुति और शंकर महादेवन के संगीत ने समारोह को यादगार बना दिया।

पदक तालिका में ऑस्ट्रेलिया 171 पदकों के साथ शीर्ष पर रहा, जबकि इंग्लैंड दूसरे और कनाडा तीसरे स्थान पर रहे। मेजबान स्कॉटलैंड और भारत दोनों ने 39-39 पदक जीते, लेकिन स्वर्ण पदकों के आधार पर भारत चौथे स्थान पर रहा।

हालांकि अंतिम दिन भारत को जूडो और ट्रैक साइकिलिंग में निराशा हाथ लगी, लेकिन पूरे टूर्नामेंट में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने यह साबित किया कि देश अब पारंपरिक खेलों के अलावा नए खेलों में भी लगातार अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। अब खेल प्रेमियों की निगाहें 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों पर हैं, जिनकी मेजबानी अहमदाबाद करेगा।


कॉमनवेल्थ गेम्स 2026- भारत के हर्ष सिंह का कमाल, जूडो में स्वर्ण पदक जीतकर बनाया नया रिकॉर्ड

जूडो में भारत को मिला पहला पुरुष गोल्ड

नई दिल्ली। ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के युवा हर्ष सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। जूडो के पुरुष वर्ग में 60 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के शीर्ष वरीय खिलाड़ी को हराकर उन्होंने स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस जीत के साथ हर्ष कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में जूडो के पुरुष वर्ग में गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए।

23 वर्षीय हर्ष सिंह की यह उपलब्धि भारतीय जूडो के लिए मील का पत्थर मानी जा रही है। वर्षों की मेहनत, अनुशासन और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार अनुभव हासिल करने के बाद उन्होंने ग्लास्गो में वह कर दिखाया, जिसका भारतीय जूडो लंबे समय से इंतजार कर रहा था।

हर्ष ने अपने खेल की शुरुआत कम उम्र में ही कर दी थी। राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार दमदार प्रदर्शन के बाद उन्हें भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में जगह मिली, जहां उनके खेल में और निखार आया। इसके बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए खुद को मजबूत दावेदार के रूप में स्थापित किया।

कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले हर्ष ने टोक्यो ग्रैंड स्लैम 2025, ताशकंद ग्रैंड स्लैम 2026 और एशियाई चैंपियनशिप जैसे बड़े टूर्नामेंटों में हिस्सा लिया। इन प्रतियोगिताओं ने उन्हें बड़े मुकाबलों का अनुभव दिया, जिसका फायदा ग्लास्गो में साफ दिखाई दिया।

ग्लास्गो में हर्ष का अभियान शानदार रहा। पहले मुकाबले में उन्होंने मलावी के चिकोंडी काथेवेरा को इप्पोन से हराया। इसके बाद क्वार्टर फाइनल में वानुआतु के एलन मोंथोएल को मात देकर अंतिम चार में जगह बनाई। सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के पेड्रो कार्लोस एंटुन नेटो के खिलाफ उन्होंने वाजा-आरी के दम पर जीत दर्ज कर फाइनल का टिकट हासिल किया।

स्वर्ण पदक मुकाबले में हर्ष का सामना ऑस्ट्रेलिया के शीर्ष वरीय जूडोका जोशुआ काट्ज़ से हुआ। कड़े मुकाबले के बीच भारतीय खिलाड़ी ने अंतिम चरण में शानदार तकनीक का प्रदर्शन करते हुए निर्णायक बढ़त बनाई और 10-0 के अंतर से मुकाबला जीतकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।

हर्ष सिंह की इस ऐतिहासिक जीत ने भारतीय जूडो को नई पहचान दिलाई है। इससे पहले महिला 48 किलोग्राम वर्ग में अस्मिता डे भी स्वर्ण पदक जीत चुकी थीं। दोनों खिलाड़ियों की सफलता के साथ भारत ने पहली बार किसी एक कॉमनवेल्थ गेम्स में जूडो में दो स्वर्ण पदक जीतने का रिकॉर्ड बनाया।

हर्ष की उपलब्धि पर देशभर में खुशी की लहर है। उनकी जीत को भारतीय जूडो के उज्ज्वल भविष्य की शुरुआत माना जा रहा है। खेल जगत के विशेषज्ञों का मानना है कि यह सफलता आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की दावेदारी को और मजबूत करेगी।


कॉमनवेल्थ गेम्स 2026- 17 पदकों के साथ 10वें स्थान पर भारत

ऑस्ट्रेलिया लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए तालिका में शीर्ष पर

नई दिल्ली। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के आठवें दिन भारत ने अपने पदकों की संख्या बढ़ाते हुए कुल 17 मेडल हासिल कर लिए हैं। भारोत्तोलन में लवप्रीत सिंह के रजत और एथलेटिक्स में सीमा कालीरामना के कांस्य पदक की बदौलत भारतीय दल ने पदक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत बनाए रखी है। फिलहाल भारत तीन स्वर्ण, 10 रजत और चार कांस्य पदकों के साथ 10वें स्थान पर है। वहीं, ऑस्ट्रेलिया लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए तालिका में शीर्ष पर बना हुआ है।

भारोत्तोलन में भारत के लवप्रीत सिंह ने पुरुष 110 किग्रा वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 388 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक अपने नाम किया। उन्होंने स्नैच में 176 किलोग्राम भार उठाकर राष्ट्रमंडल खेलों का नया रिकॉर्ड भी बनाया। हालांकि न्यूजीलैंड के डेविड एंड्रयू लिटी ने कुल 389 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीत लिया।

एथलेटिक्स में भी भारत को सफलता मिली। सीमा कालीरामना ने महिला डिस्कस थ्रो स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर देश की झोली में एक और मेडल डाला। वहीं उनकी साथी निधि रानी चौथे स्थान पर रहीं और पदक जीतने से मामूली अंतर से चूक गईं।

भारत के लिए अच्छी खबर पुरुष भालाफेंक से भी आई है। स्टार एथलीट नीरज चोपड़ा के साथ रोहित यादव और यशवीर सिंह ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बना ली है। इसके अलावा राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी प्रवीण चित्रावेल और सेल्वा प्रभु ने पुरुष ट्रिपल जंप के फाइनल के लिए क्वालिफाई कर लिया है, जिससे आने वाले मुकाबलों में भारत की पदक उम्मीदें और मजबूत हो गई हैं।

हालांकि कुछ स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ियों को निराशा भी हाथ लगी। शॉटपुट में तेजिंदरपाल सिंह तूर और समरदीप सिंह गिल पदक नहीं जीत सके, जबकि धावक अनिमेष कुजूर और विशाल टीके अपने-अपने इवेंट के फाइनल में जगह बनाने में असफल रहे। दूसरी ओर डेकाथलॉन में तेजस्विन शंकर शुरुआती पांच स्पर्धाओं के बाद दूसरे स्थान पर बने हुए हैं और उनसे पदक की उम्मीद कायम है।

अब नौवें दिन भारतीय दल की नजर पदक तालिका में और सुधार करने पर होगी। नीरज चोपड़ा जेवलिन थ्रो फाइनल में उतरेंगे, जबकि लवलीना बोरगोहेन समेत 10 भारतीय मुक्केबाज सेमीफाइनल मुकाबले खेलेंगे। इसके अलावा एथलेटिक्स, ट्रैक साइक्लिंग और डेकाथलॉन में भी भारत के पास पदक जीतने के अच्छे अवसर होंगे।

अब तक भारत के तीन स्वर्ण पदक मीराबाई चानू (भारोत्तोलन), शर्मिला धनखड़ (पैरा एथलेटिक्स) और दिलीप महादू गावित (पैरा एथलेटिक्स) ने दिलाए हैं। वहीं भारोत्तोलन भारत का सबसे सफल खेल साबित हुआ है, जहां भारतीय खिलाड़ियों ने अब तक आठ पदक जीते हैं।


अजिंक्य रहाणे ने क्रिकेट को कहा अलविदा, सभी प्रारूपों से संन्यास का किया ऐलान

20 साल का शानदार सफर खत्म

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज और पूर्व टेस्ट कप्तान अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट समेत सभी प्रारूपों से संन्यास लेने की घोषणा कर दी। सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक भावुक वीडियो के जरिए उन्होंने अपने दो दशक लंबे क्रिकेट सफर को विराम देने का फैसला सुनाया। रहाणे ने कहा कि हर सफर का एक अंत होता है और उनके लिए अब क्रिकेट को अलविदा कहने का यही सही समय है।

सोशल मीडिया पर साझा किया भावुक संदेश

संन्यास की घोषणा करते हुए रहाणे ने अपने प्रशंसकों, परिवार, साथियों और कोचों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने लिखा, “कैप नंबर 278… अब यहीं तक। वर्षों तक मिले प्यार और समर्थन के लिए दिल से धन्यवाद। मैं हमेशा आपका आभारी रहूंगा।” उन्होंने कहा कि भारत की जर्सी पहनना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा और उन्होंने हमेशा देश को खुद से ऊपर रखा।

2020-21 ऑस्ट्रेलिया दौरे की कप्तानी बनी पहचान

रहाणे के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में 2020-21 की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी शामिल रही। एडिलेड टेस्ट में भारत के 36 रन पर सिमटने और विराट कोहली के स्वदेश लौटने के बाद उन्होंने टीम की कमान संभाली। मेलबर्न टेस्ट में शतक जड़कर उन्होंने टीम का मनोबल बढ़ाया और युवा खिलाड़ियों के साथ भारत को ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक 2-1 टेस्ट सीरीज जीत दिलाई। इसी प्रदर्शन के कारण उन्हें मेलबर्न का हीरो भी कहा जाता है।

विदेशी पिचों पर रहे भारत के भरोसेमंद बल्लेबाज

अजिंक्य रहाणे लंबे समय तक भारतीय टेस्ट टीम के सबसे विश्वसनीय बल्लेबाजों में गिने गए। खासकर विदेशी परिस्थितियों में उनका प्रदर्शन टीम के लिए बेहद अहम रहा। उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी-20 मुकाबले खेले। टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम 5,077 रन और 12 शतक दर्ज हैं, जबकि तीनों प्रारूपों को मिलाकर उन्होंने 8,414 अंतरराष्ट्रीय रन बनाए।

2023 में खेला था आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला

रहाणे ने भारत के लिए अपना अंतिम अंतरराष्ट्रीय मैच जुलाई 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला था। इसके बाद उन्होंने घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर वापसी की कोशिश की, लेकिन राष्ट्रीय टीम में दोबारा जगह नहीं बना सके। अंततः उन्होंने क्रिकेट के सभी प्रारूपों को अलविदा कहने का फैसला लिया।

क्रिकेट से रिश्ता रहेगा कायम

अपने संदेश में रहाणे ने कहा कि भले ही एक खिलाड़ी के तौर पर उनका सफर समाप्त हो रहा है, लेकिन क्रिकेट से उनका जुड़ाव हमेशा बना रहेगा। उन्होंने भविष्य में युवा खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करने और खेल को अपने अनुभव लौटाने की इच्छा भी जताई। रहाणे ने कहा कि जीत और हार से बढ़कर उनके लिए क्रिकेट से जुड़ी यादें और देश का प्रतिनिधित्व करने का गर्व हमेशा सबसे बड़ी उपलब्धि रहेगा।


श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय टेस्ट टीम घोषित, शुभमन गिल को मिली कप्तानी

भारतीय टेस्ट टीम में नया चेहरा, सारांश जैन को पहली बार मिला मौका

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए 15 सदस्यीय भारतीय टीम की घोषणा कर दी है। 15 अगस्त से शुरू होने वाली इस सीरीज में टीम की कमान एक बार फिर शुभमन गिल संभालेंगे, जबकि अनुभवी बल्लेबाज केएल राहुल को उपकप्तान बनाया गया है। इस बार टीम चयन में युवा ऑलराउंडर सारांश जैन को पहली बार टेस्ट टीम में शामिल कर बड़ा मौका दिया गया है।

घरेलू क्रिकेट में लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन करने वाले सारांश जैन को पहली बार सीनियर टीम का टिकट मिला है। विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी ऋषभ पंत और ध्रुव जुरेल के कंधों पर होगी। बल्लेबाजी विभाग में यशस्वी जायसवाल, साई सुदर्शन और देवदत्त पडिक्कल को भी जगह मिली है। वहीं ऑलराउंडर के तौर पर रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव और मानव सुथार टीम का हिस्सा हैं।

तेज गेंदबाजी आक्रमण की अगुआई जसप्रीत बुमराह करेंगे। उनके साथ मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बराड़ को भी टीम में शामिल किया गया है। हालांकि बीसीसीआई ने स्पष्ट किया है कि जसप्रीत बुमराह और साई सुदर्शन का चयन उनकी फिटनेस पर निर्भर करेगा। दोनों खिलाड़ियों को बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) से फिटनेस मंजूरी मिलने के बाद ही अंतिम रूप से खेलने की अनुमति मिलेगी।

चयनकर्ताओं ने यह भी बताया कि ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर पहले टेस्ट के लिए उपलब्ध नहीं थे, इसलिए उन्हें टीम में शामिल नहीं किया गया। पिछली टेस्ट टीम की तुलना में नीतीश रेड्डी, हर्ष दुबे और वॉशिंगटन सुंदर इस बार बाहर हैं, जबकि रवींद्र जडेजा और जसप्रीत बुमराह की वापसी हुई है। जडेजा लंबे अंतराल के बाद टेस्ट टीम में लौटे हैं, जबकि बुमराह की उपलब्धता फिटनेस रिपोर्ट पर निर्भर करेगी।

श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय टेस्ट टीम

कप्तान: शुभमन गिल
उपकप्तान: केएल राहुल
अन्य खिलाड़ी: यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), साई सुदर्शन, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मानव सुथार, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, देवदत्त पडिक्कल और सारांश जैन।

*साई सुदर्शन और जसप्रीत बुमराह का चयन फिटनेस मंजूरी के अधीन रहेगा।

भारत-श्रीलंका टेस्ट सीरीज का कार्यक्रम
पहला टेस्ट: 15 से 20 अगस्त 2026 – गॉल
दूसरा टेस्ट: 23 से 27 अगस्त 2026 – कोलंबो


मीराबाई चानू ने रचा इतिहास, राष्ट्रमंडल खेलों में लगातार तीसरी बार जीता स्वर्ण

राजा मुथुपांडी ने जीता सिल्वर

नई दिल्ली। भारतीय वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेल 2026 में महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग में दमदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया। उन्होंने कुल 190 किलोग्राम (85 किग्रा स्नैच और 105 किग्रा क्लीन एंड जर्क) वजन उठाकर न केवल गोल्ड मेडल जीता, बल्कि राष्ट्रमंडल खेलों का नया रिकॉर्ड भी कायम किया। इस उपलब्धि के साथ मीराबाई गोल्ड कोस्ट 2018 और बर्मिंघम 2022 के बाद लगातार तीसरी बार राष्ट्रमंडल खेलों की चैंपियन बनने वाली भारतीय खिलाड़ी बन गईं।

स्वर्ण जीतने के बाद मीराबाई अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सकीं। उन्होंने कहा कि इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्हें लंबे समय तक चोटों, मानसिक दबाव और कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया कि उनका पूरा ध्यान सिर्फ अपने कोच की रणनीति के अनुसार हर लिफ्ट को सफल बनाने पर था और रिकॉर्ड बनाना उनकी प्राथमिकता नहीं थी।

वहीं, पुरुषों के 65 किलोग्राम वर्ग में भारत के राजा मुथुपांडी ने रजत पदक जीतकर देश को एक और सफलता दिलाई। हालांकि वह स्वर्ण पदक से चूकने का अफसोस भी जताते नजर आए। उन्होंने अपनी उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता और कोच विजय शर्मा को देते हुए कहा कि उनके सहयोग और मार्गदर्शन ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया।

ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों के चौथे दिन भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन ने पदक तालिका में भारत की स्थिति को और मजबूत किया। मीराबाई और राजा मुथुपांडी की उपलब्धियां युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनकर सामने आई हैं।


भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला आज

जिम्बाब्वे के लिए करो या मरो का मुकाबला

नई दिल्ली। भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला आज यानि शनिवार को हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेला जाएगा। पहले मैच में शानदार जीत दर्ज कर 1-0 की बढ़त बना चुकी टीम इंडिया की नजर अब सीरीज अपने नाम करने पर होगी। वहीं मेजबान जिम्बाब्वे वापसी की उम्मीद के साथ मैदान में उतरेगा।

श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम ने पहले टी20 मुकाबले में दमदार प्रदर्शन करते हुए जिम्बाब्वे को सात विकेट से हराया था। इस जीत में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की तेज़ अर्धशतकीय पारी ने अहम भूमिका निभाई। इस जीत के साथ भारत ने सीरीज में बढ़त हासिल कर ली और अब दूसरे मुकाबले में जीत दर्ज कर ट्रॉफी पर कब्जा जमाने का मौका होगा।

दूसरी ओर, सिकंदर रजा की कप्तानी वाली जिम्बाब्वे की टीम घरेलू मैदान पर सीरीज बचाने के इरादे से उतरेगी। ऐसे में मुकाबले के रोमांचक होने की पूरी उम्मीद है। दोनों टीमों के बीच यह मैच हरारे स्पोर्ट्स क्लब में भारतीय समयानुसार शाम 4:30 बजे शुरू होगा, जबकि टॉस आधे घंटे पहले यानी शाम 4 बजे होगा।

क्रिकेट प्रशंसक इस मुकाबले का सीधा प्रसारण Unite8 Sports चैनल पर देख सकेंगे। वहीं मैच की लाइव स्ट्रीमिंग FanCode ऐप और वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगी।

भारतीय टीम
अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा, श्रेयस अय्यर (कप्तान), शिवम दुबे, रिंकू सिंह, सूर्यांश शेडगे, प्रिंस यादव, यश ठाकुर, अशोक शर्मा, मयंक यादव, वैभव सूर्यवंशी, प्रभसिमरन सिंह, हर्ष दुबे, रवि बिश्नोई।

जिम्बाब्वे टीम
सिकंदर रजा (कप्तान), ब्रायन बेनेट, रयान बर्ल, तनाका चिवांगा, बेन कुरेन, ब्रैड इवांस, वेस्ली मधेवेरे, तदिवानाशे मारुमानी, वेलिंगटन मसाकाद्जा, ब्लेसिंग मुजाराबानी, डायोन मायर्स, रिचर्ड नगारवा, न्यूमैन न्यामुरी, मिल्टन शुंबा, तफदजवा त्सिगा।


भारत और जिम्बाब्वे के बीच टी20 सीरीज का पहला मुकाबला आज

नई दिल्ली। इंग्लैंड और आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में मिली हार को पीछे छोड़ते हुए भारतीय टीम अब जिम्बाब्वे दौरे पर नई शुरुआत करने के इरादे से उतरेगी। तीन मैचों की टी20 सीरीज का पहला मुकाबला आज हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेला जाएगा, जहां कप्तान श्रेयस अय्यर की अगुआई में युवा भारतीय टीम जीत के साथ अभियान का आगाज करना चाहेगी। वहीं घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाने की कोशिश में जिम्बाब्वे भी भारत को कड़ी चुनौती देने के लिए तैयार है।

भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का पहला मुकाबला आज  हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेला जाएगा। हालिया टी20 सीरीज में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी भारतीय टीम इस दौरे को वापसी के बड़े अवसर के रूप में देख रही है। दूसरी ओर, घरेलू मैदान पर खेलने वाली जिम्बाब्वे की टीम अपने हालिया प्रदर्शन के दम पर आत्मविश्वास से भरी हुई है।

भारतीय टीम की कमान श्रेयस अय्यर के हाथों में होगी। टी20 अंतरराष्ट्रीय में कप्तान के तौर पर उन्हें अब तक पहली जीत का इंतजार है। ऐसे में इस सीरीज में उनकी कप्तानी और टीम संयोजन दोनों की परीक्षा होगी। बल्लेबाजी क्रम में ईशान किशन, अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, रिंकू सिंह और शिवम दुबे जैसे खिलाड़ियों से बड़ी पारियों की उम्मीद रहेगी।

इस दौरे पर युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पर भी खास नजर रहेगी। पिछले दौरे में वह अपनी क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सके थे, लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ उन्हें खुद को साबित करने का अच्छा मौका मिलेगा। वहीं तेज गेंदबाजी विभाग में मयंक यादव, प्रिंस यादव, यश ठाकुर और अशोक शर्मा जैसे युवा गेंदबाजों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल सकता है।

जिम्बाब्वे की टीम भी मजबूत लय में है। टी20 विश्व कप 2026 में प्रभावशाली प्रदर्शन के बाद उसने बांग्लादेश को टेस्ट और वनडे सीरीज में हराकर अपना आत्मविश्वास बढ़ाया है। कप्तान सिकंदर रजा के नेतृत्व में टीम एक बार फिर भारत के खिलाफ घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाने की कोशिश करेगी। वेस्ली मधेवेरे की वापसी से मेजबान टीम का बल्लेबाजी क्रम भी मजबूत हुआ है।

पिच रिपोर्ट:
हरारे स्पोर्ट्स क्लब की पिच पर शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को उछाल और स्विंग मिलने की संभावना है। हालांकि मैच आगे बढ़ने के साथ बल्लेबाज भी खुलकर रन बना सकते हैं। मौसम साफ रहने का अनुमान है, जिससे पूरे 20 ओवर का मुकाबला देखने को मिल सकता है।

संभावित भारतीय प्लेइंग इलेवन:
अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, रिंकू सिंह, शिवम दुबे, हर्ष दुबे, प्रिंस यादव, मयंक यादव, यश ठाकुर/अशोक शर्मा।

संभावित जिम्बाब्वे प्लेइंग इलेवन:
ब्रायन बेनेट, तादिवानाशे मरुमानी (विकेटकीपर), वेस्ली मधेवेरे/डियोन मायर्स, सिकंदर रजा (कप्तान), रियान बर्ल, ब्रैड इवांस, वेलिंगटन मसाकाद्जा, मिल्टन शुंबा, न्यूमैन न्यामहुरी, रिचर्ड नगरावा, ब्लेसिंग मुजरबानी।

कब और कहां देखें मैच?
भारत और जिम्बाब्वे के बीच पहला टी20 मुकाबला शाम 4:30 बजे (भारतीय समयानुसार) शुरू होगा, जबकि टॉस शाम 4:00 बजे होगा। मैच का सीधा प्रसारण डीडी स्पोर्ट्स पर फ्री-टू-एयर देखा जा सकेगा। इसके अलावा Unite8 Sports Network पर भी मुकाबले का प्रसारण उपलब्ध रहेगा।


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