Drop Us An Email Any Enquiry Drop Us An Emailshailesh.lekhwar2000@gmail.com
Call Us For Consultation Call Us For Consultation +91 9818666272

भारत करेगा पहली महिला चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी, मुंबई-वडोदरा में होंगे मुकाबले

Category Archives: खेल

भारत करेगा पहली महिला चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी, मुंबई-वडोदरा में होंगे मुकाबले

6 टीमें दिखाएंगी दम

नई दिल्ली। महिला क्रिकेट के इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत होने जा रही है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने पहली महिला चैंपियंस ट्रॉफी के आयोजन की तारीख और मेजबानी की आधिकारिक घोषणा कर दी है। टूर्नामेंट का आयोजन 14 से 28 फरवरी 2027 तक भारत में होगा। प्रतियोगिता के सभी मुकाबले मुंबई के क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया और वडोदरा के वडोदरा इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले जाएंगे।

श्रीलंका की जगह भारत को मिली मेजबानी

पहले इस ऐतिहासिक टूर्नामेंट की मेजबानी श्रीलंका को सौंपी गई थी, लेकिन वहां क्रिकेट प्रशासन में सरकारी हस्तक्षेप को लेकर उठे मुद्दों के बाद आयोजन स्थल बदलने का फैसला किया गया। इसके बाद आईसीसी ने बांग्लादेश, भारत और दक्षिण अफ्रीका को वैकल्पिक मेजबान के तौर पर तय मानकों पर परखा। मूल्यांकन के बाद भारत को सबसे उपयुक्त विकल्प माना गया। आईसीसी बोर्ड ने 1 सितंबर को भारत की मेजबानी को मंजूरी दे दी।

जय शाह ने बताया महिला क्रिकेट के लिए अहम कदम

आईसीसी अध्यक्ष जय शाह ने महिला चैंपियंस ट्रॉफी को महिला क्रिकेट के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि पहली महिला चैंपियंस ट्रॉफी दुनिया की शीर्ष टीमों को एक प्रतिस्पर्धी मंच पर साथ लाएगी। इससे खिलाड़ियों को रैंकिंग में बेहतर प्रदर्शन करने और वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान मजबूत करने की प्रेरणा मिलेगी।

जय शाह के मुताबिक, आईसीसी के कैलेंडर में हर साल एक बड़ा महिला टूर्नामेंट होने से महिला क्रिकेट को निरंतरता और गति मिलेगी। इससे खिलाड़ियों के साथ-साथ दुनियाभर के प्रशंसकों के लिए भी इस खेल को और मजबूत आधार मिलेगा।

छह टीमें, टी20 फॉर्मेट में होगा मुकाबला

पहली महिला चैंपियंस ट्रॉफी में ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, भारत, न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका और श्रीलंका की टीमें हिस्सा लेंगी। प्रतियोगिता टी20 प्रारूप में खेली जाएगी। सभी छह टीमों के बीच राउंड-रॉबिन लीग चरण में मुकाबले होंगे, जिसके बाद अंक तालिका में शीर्ष दो स्थान हासिल करने वाली टीमें 28 फरवरी को होने वाले फाइनल में आमने-सामने होंगी।

मौजूदा समय में भारत के पास महिला वनडे विश्व कप का खिताब है, जबकि ऑस्ट्रेलिया महिला टी20 विश्व कप की मौजूदा चैंपियन है। ऐसे में पहली महिला चैंपियंस ट्रॉफी में दोनों टीमों के प्रदर्शन पर खास नजर रहेगी।


अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान, श्रेयस अय्यर को मिली कप्तानी

दिल्ली में होंगे तीनों मुकाबले

बुमराह समेत 4 खिलाड़ियों की फिटनेस पर फैसला बाकी

नई दिल्ली। अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की टी20 सीरीज के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने भारतीय टीम की घोषणा कर दी है। टीम की कमान श्रेयस अय्यर को सौंपी गई है, जबकि तिलक वर्मा उपकप्तान की भूमिका में नजर आएंगे। युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को भी 15 सदस्यीय टीम में शामिल किया गया है। वहीं, अनुभवी तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की उपलब्धता उनकी फिटनेस पर निर्भर करेगी।

दिल्ली में खेले जाएंगे तीनों मुकाबले

भारत और अफगानिस्तान के बीच टी20 सीरीज के सभी मुकाबले दिल्ली के अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित किए जाएंगे। सीरीज का पहला मैच 13 सितंबर, दूसरा मुकाबला 15 सितंबर और तीसरा टी20 17 सितंबर को खेला जाएगा। इस तरह पांच दिनों के भीतर तीनों मैच पूरे हो जाएंगे।

भारत और अफगानिस्तान के बीच हाल के वर्षों में क्रिकेट संबंध लगातार मजबूत हुए हैं। जून 2026 में दोनों टीमों के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज खेली गई थी। इससे पहले जनवरी 2024 में तीन टी20 मैचों की सीरीज भी हुई थी। आगामी सीरीज के साथ दोनों टीमें तीनों फॉर्मेट में एक-दूसरे के खिलाफ मुकाबला कर चुकी होंगी।

चार खिलाड़ियों की फिटनेस पर नजर

भारतीय चयनकर्ताओं ने टीम में चार ऐसे खिलाड़ियों को शामिल किया है, जिनकी अंतिम उपलब्धता फिटनेस क्लीयरेंस पर निर्भर करेगी। इनमें नीतीश कुमार रेड्डी, वाशिंगटन सुंदर, जसप्रीत बुमराह और हर्षित राणा शामिल हैं। बीसीसीआई की ओर से स्पष्ट किया गया है कि इन खिलाड़ियों के खेलने का फैसला उनकी फिटनेस रिपोर्ट के आधार पर होगा।

रिंकू सिंह को फिर नहीं मिली जगह

अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज के लिए रिंकू सिंह को भारतीय टीम में जगह नहीं मिली है। इससे पहले वह इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई पांच मैचों की टी20 सीरीज से भी बाहर रहे थे। दूसरी ओर, युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को टीम में शामिल कर चयनकर्ताओं ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताया है। विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन और ईशान किशन भी टीम का हिस्सा हैं।

एशियाई खेलों से पहले अहम होगी सीरीज

सितंबर के अंत में भारतीय टी20 टीम को एशियाई खेलों में हिस्सा लेना है। ऐसे में अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली यह सीरीज खिलाड़ियों की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। भारत एशियाई खेलों में अपने स्वर्ण पदक का बचाव करने के इरादे से उतरेगा, लिहाजा इस सीरीज के जरिए टीम संयोजन और खिलाड़ियों की तैयारियों को परखने का मौका मिलेगा।

अफगानिस्तान के खिलाफ भारतीय टी20 टीम

श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा (उपकप्तान), शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह और हर्षित राणा।


दीप्ति शर्मा ने रचा इतिहास, टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज बनीं

नई दिल्ली। महिला एशिया कप 2026 में भारतीय टीम ने जीत के साथ अपने अभियान का आगाज किया। दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में भारत ने थाईलैंड को 94 रनों से हराकर टूर्नामेंट में शानदार शुरुआत की। भारत की जीत की सबसे बड़ी नायिका गेंदबाज दीप्ति शर्मा रहीं, जिन्होंने महज 7 गेंदों में बिना कोई रन दिए तीन विकेट हासिल किए और इसी के साथ टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।

टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज बनीं दीप्ति

दीप्ति शर्मा ने थाईलैंड के खिलाफ घातक गेंदबाजी करते हुए 1.1 ओवर में बिना रन दिए तीन विकेट झटके। इस प्रदर्शन के साथ ही वह महिला टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज बन गईं। दीप्ति के नाम अब इस फॉर्मेट में 171 विकेट हो गए हैं।

उन्होंने थाईलैंड की थिपाचा पुथावोंग को पीछे छोड़ा, जिन्होंने टी20 इंटरनेशनल में 170 विकेट लिए हैं। 164 विकेट के साथ रवांडा की हेनरीट इशिम्वे इस सूची में तीसरे स्थान पर हैं।

बिना रन दिए तीन विकेट लेकर बनाया भारतीय रिकॉर्ड

दीप्ति शर्मा ने अपनी शानदार गेंदबाजी के दम पर एक और उपलब्धि हासिल की। वह टी20 इंटरनेशनल में तीन या उससे अधिक विकेट लेने के दौरान भारत की ओर से सबसे किफायती स्पेल डालने वाली गेंदबाज बन गई हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड रेणुका सिंह के नाम था, जिन्होंने 2022 में पांच रन देकर तीन विकेट हासिल किए थे।

शेफाली के अर्धशतक से भारत ने बनाया 159 रन

मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने शुरुआती दौर में अच्छी बल्लेबाजी की, लेकिन बाद के ओवरों में विकेट लगातार गिरते रहे। भारत ने 20 ओवर में नौ विकेट खोकर 159 रन बनाए। शेफाली वर्मा ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 64 रन की पारी खेली। प्रतिका रावल ने 22 और स्मृति मंधाना ने 19 रन बनाए। मंधाना रन आउट होकर पवेलियन लौटीं।

कप्तान हरमनप्रीत कौर 5 रन और भारती फुलमाली 13 रन ही बना सकीं, जबकि ऋचा घोष खाता भी नहीं खोल पाईं। दीप्ति शर्मा ने बल्ले से पांच रन का योगदान दिया।

65 रन पर ढेर हुई थाईलैंड की टीम

160 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी थाईलैंड की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी और पूरी टीम 65 रन पर ऑलआउट हो गई। दीप्ति शर्मा के अलावा नंदनी शर्मा ने भी शानदार गेंदबाजी करते हुए 18 रन देकर तीन विकेट झटके। श्री चरणी को दो विकेट मिले।

इस तरह भारतीय टीम ने गेंद और बल्ले दोनों विभागों में दमदार प्रदर्शन करते हुए मुकाबला 94 रनों से अपने नाम किया और महिला एशिया कप में जीत के साथ अभियान शुरू किया।


वेलावन सेंथिलकुमार ने जीता बुडापेस्ट ओपन स्क्वाश खिताब, फाइनल में दर्ज की शानदार जीत

फाइनल में फरकास को हराया

नई दिल्ली। भारतीय स्क्वाश खिलाड़ी वेलावन सेंथिलकुमार ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए बुडापेस्ट ओपन स्क्वाश टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम कर लिया। हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट में खेले गए फाइनल मुकाबले में सेंथिलकुमार ने स्थानीय खिलाड़ी बालाज फरकास को सीधे गेमों में हराकर अपने करियर का पहला पीएसए कॉपर-लेवल खिताब हासिल किया।

विश्व रैंकिंग में 54वें स्थान पर मौजूद और टूर्नामेंट में आठवीं वरीयता प्राप्त सेंथिलकुमार ने फाइनल में फरकास को 11-4, 11-2, 11-3 से मात दी। करीब 43,500 अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि वाले इस टूर्नामेंट में भारतीय खिलाड़ी ने पूरे मुकाबले के दौरान अपना दबदबा बनाए रखा। इस जीत के साथ उनके नाम पीएसए टूर के 11 खिताब हो गए हैं।

तीसरी भिड़ंत में भी सेंथिलकुमार का दबदबा

सेंथिलकुमार और फरकास के बीच यह तीसरा मुकाबला था। इससे पहले 2024 में हुई भिड़ंत में भी भारतीय खिलाड़ी ने जीत दर्ज की थी। बुडापेस्ट ओपन में खिताबी सफर के दौरान सेंथिलकुमार ने सेमीफाइनल में हमवतन वीर चोटरानी को कड़े मुकाबले में 9-11, 11-8, 11-7, 1-11, 12-10 से शिकस्त दी थी।

इससे पहले क्वार्टर फाइनल में उन्होंने मलेशिया के ईन यो को को हराकर अंतिम चार में जगह बनाई थी। लगातार मुश्किल मुकाबलों में जीत दर्ज करने के बाद सेंथिलकुमार ने फाइनल में भी अपनी लय बरकरार रखी और एकतरफा अंदाज में खिताब पर कब्जा जमाया।


भारत ने श्रीलंका को पहले टेस्ट मैच में 165 रन से हराया

मानव सुथार की फिरकी का कहर, 10 विकेट लेकर भारत को दिलाई शानदार जीत

नई दिल्ली। भारत ने अपने ऐतिहासिक 600वें टेस्ट मैच को यादगार बनाते हुए श्रीलंका को गॉल में खेले गए पहले टेस्ट में 165 रन से हरा दिया। भारत की ओर से मानव सुथार ने दूसरी पारी में शानदार गेंदबाजी करते हुए छह विकेट झटके और श्रीलंका की पूरी टीम 206 रन पर सिमट गई। इस जीत के साथ शुभमन गिल की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है।

भारत ने श्रीलंका के सामने जीत के लिए 372 रन का लक्ष्य रखा था। पांचवें दिन श्रीलंका ने चार विकेट पर 84 रन से आगे खेलना शुरू किया, लेकिन भारतीय गेंदबाजों के सामने उसकी पारी ज्यादा देर नहीं टिक सकी। कप्तान धनंजय डिसिल्वा और सोनल दिनुषा ने पांचवें विकेट के लिए 95 रन जोड़कर कुछ देर भारतीय टीम को परेशान जरूर किया, लेकिन उनके आउट होते ही श्रीलंका की पारी बिखर गई।

धनंजय 59 रन बनाकर रवींद्र जडेजा का शिकार बने, जबकि सोनल दिनुषा 84 रन की पारी खेलकर आउट हुए। इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने लगातार विकेट निकालते हुए श्रीलंका को 206 रन पर ऑलआउट कर दिया। मानव सुथार ने छह विकेट लिए, जबकि प्रसिद्ध कृष्णा को दो और जडेजा तथा मोहम्मद सिराज को एक-एक सफलता मिली।

भारत ने पहली पारी में बनाए थे 462 रन

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने पहली पारी में 462 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। देवदत्त पडिक्कल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 167 रन की बड़ी पारी खेली। उनके अलावा केएल राहुल ने 82 और ध्रुव जुरेल ने 51 रन बनाए।

जवाब में श्रीलंका की पहली पारी 284 रन पर समाप्त हुई। सोनल दिनुषा ने 100 और निरोशन डिकवेला ने 80 रन बनाकर टीम को फॉलोऑन से बचाया। भारत को पहली पारी में 178 रन की बढ़त मिली।

दूसरी पारी में पंत ने संभाला मोर्चा

भारत की दूसरी पारी 193 रन पर समाप्त हुई। ऋषभ पंत ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 66 रन बनाए, जबकि देवदत्त पडिक्कल ने 44 और केएल राहुल ने 35 रन का योगदान दिया। कप्तान शुभमन गिल आठ रन बनाकर आउट हुए।

पहली पारी की बढ़त को मिलाकर भारत ने श्रीलंका के सामने 372 रन का लक्ष्य रखा। श्रीलंकाई गेंदबाजों में असिथा फर्नांडो ने चार विकेट लिए, जबकि प्रभात जयसूर्या को तीन सफलता मिलीं।

गॉल में भारत ने दोहराया 2017 का प्रदर्शन

इस जीत के साथ भारत ने गॉल में लगातार दूसरी टेस्ट जीत दर्ज की है। इससे पहले भारतीय टीम ने जुलाई 2017 में इसी मैदान पर श्रीलंका को 304 रन से हराया था। गॉल में भारत और श्रीलंका के बीच अब तक छह टेस्ट हुए हैं, जिनमें दोनों टीमों ने तीन-तीन मुकाबले जीते हैं।

गौर करने वाली बात यह भी है कि 2014 के बाद गॉल में खेले गए 28 टेस्ट मैचों में केवल एक मुकाबला ड्रॉ रहा है। बाकी मैचों में हार-जीत का फैसला हुआ है।

मानव सुथार बने जीत के हीरो

भारत की जीत में मानव सुथार का प्रदर्शन सबसे खास रहा। उन्होंने पूरे मैच में 10 विकेट अपने नाम किए। पहली पारी में सुथार ने चार विकेट लिए थे, जबकि दूसरी पारी में छह बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा।

हालांकि मैच में शानदार प्रदर्शन करने वाले देवदत्त पडिक्कल को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। उन्होंने पहली पारी में 167 रन बनाने के बाद दूसरी पारी में भी 44 रन की उपयोगी पारी खेली।

अब दोनों टीमों के बीच सीरीज का दूसरा और आखिरी टेस्ट 23 अगस्त से कोलंबो में खेला जाएगा। भारत की नजरें सीरीज जीतकर श्रीलंका दौरे का शानदार अंत करने पर होंगी।


उत्तराखंड में सितंबर से शुरू होगा खेल महाकुंभ-2026, न्याय पंचायत से राज्य स्तर तक होंगी प्रतियोगिताएं

खेल महाकुम्भ-2026 की विस्तृत कार्ययोजना जारी

देहरादून। उत्तराखंड में खेल प्रतिभाओं को मंच देने के लिए खेल महाकुंभ-2026 की तैयारियां शुरू हो गई हैं। युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत ‘खेल महाकुंभ-2026- मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी’ के आयोजन का कार्यक्रम तय कर दिया है। प्रतियोगिताएं न्याय पंचायत से लेकर विधानसभा, संसदीय क्षेत्र और राज्य स्तर तक आयोजित की जाएंगी।

न्याय पंचायत स्तर की स्थानीय जनप्रतिनिधि खेलकूद प्रतियोगिताएं 1 से 10 सितंबर तक होंगी। इसके बाद 11 से 20 सितंबर के बीच विधानसभा स्तर पर विधायक चैंपियनशिप ट्रॉफी, 21 से 30 सितंबर तक संसदीय क्षेत्र स्तर पर सांसद चैंपियनशिप ट्रॉफी और 10 सितंबर से 30 अक्टूबर तक राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।

इन खेलों में प्रतिभाग करेंगे खिलाड़ी

न्याय पंचायत स्तर पर अंडर-14 और अंडर-19 बालक-बालिका वर्ग में कबड्डी, एथलेटिक्स, खो-खो और मुर्गा झपट जैसी प्रतियोगिताएं होंगी। विधानसभा स्तर पर वॉलीबाल और पिट्टू सीधे तथा न्याय पंचायत स्तर से चयनित खिलाड़ियों के लिए प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।

संसदीय क्षेत्र स्तर पर मलखंभ, रस्साकशी, गोली-कंचा, फुटबाल और बैडमिंटन की प्रतियोगिताएं होंगी। इनमें कुछ प्रतियोगिताओं में सीधे प्रतिभागिता होगी, जबकि अन्य में विधानसभा स्तर से चयनित खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।

राज्य स्तर पर इन खेलों पर रहेगा फोकस

राज्य स्तर पर जूडो, बॉक्सिंग, टेबल टेनिस, ताइक्वांडो, कराटे, बास्केटबाल, हॉकी, हैंडबाल, योगासन, तैराकी, तीरंदाजी, फेंसिंग, कुश्ती, पेंचक सिलाट, पावरलिफ्टिंग, वेटलिफ्टिंग, बेसबाल और लॉन टेनिस समेत कई खेलों की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।

इसके अलावा महिला ओपन वर्ग और दिव्यांगजन महिला-पुरुष ओपन वर्ग के लिए भी विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं निर्धारित की गई हैं। निदेशक युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल दीप्ति सिंह की ओर से आयोजन को लेकर विस्तृत कार्ययोजना जारी की गई है। उन्होंने संबंधित विभागों से प्रतियोगिताओं के सफल आयोजन में सहयोग की अपेक्षा की है।

ग्रामीण प्रतिभाओं को मिलेगा मंच

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि खेल महाकुंभ का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं की खेल प्रतिभा को प्रोत्साहित करना है। इसके जरिए ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को बेहतर मंच उपलब्ध कराने के साथ ही खिलाड़ियों को राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।


भारत-श्रीलंका टेस्ट सीरीज का आगाज कल से, स्पिन ट्रैक पर टीम इंडिया के सामने बड़ी चुनौती

नई दिल्ली। भारत और श्रीलंका के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला 15 अगस्त से गॉल में शुरू होगा। इसके बाद दोनों टीमें 23 अगस्त से कोलंबो में दूसरे टेस्ट में आमने-सामने होंगी। गॉल टेस्ट भारतीय समयानुसार सुबह 10 बजे शुरू होगा। भारतीय टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती श्रीलंकाई परिस्थितियों और स्पिन गेंदबाजों से निपटने की होगी।

गॉल की पिच पर मैच आगे बढ़ने के साथ स्पिनरों को मदद मिलने की संभावना रहती है। ऐसे में भारतीय बल्लेबाजों की तकनीक और धैर्य की कड़ी परीक्षा होगी। हाल के टेस्ट मुकाबलों में भारतीय बल्लेबाजों को स्पिन के खिलाफ संघर्ष करना पड़ा है। न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में मिली निराशा के बाद टीम इंडिया अब श्रीलंका दौरे पर वापसी की कोशिश करेगी।

गंभीर के लिए भी अहम होगा दौरा

श्रीलंका के खिलाफ यह टेस्ट सीरीज मुख्य कोच गौतम गंभीर के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सीमित ओवरों के क्रिकेट में टीम इंडिया ने उनके कार्यकाल में कई बड़ी सफलताएं हासिल की हैं, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में प्रदर्शन उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा है।

विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के मौजूदा चक्र में भारत को अब अपने बचे हुए मुकाबलों में लगातार बेहतर प्रदर्शन करना होगा। ऐसे में श्रीलंका दौरा टीम के लिए अपनी टेस्ट रणनीति को मजबूत करने का अहम अवसर है।

गॉल में आसान नहीं होगी राह

गॉल में श्रीलंका का रिकॉर्ड मेहमान टीमों के लिए चिंता का विषय रहा है। यहां घरेलू टीम को स्पिन गेंदबाजों का फायदा मिलता रहा है। मुथैया मुरलीधरन और रंगना हेराथ के दौर के बाद भी श्रीलंका के पास प्रभात जयसूर्या और रमेश मेंडिस जैसे प्रभावी स्पिनर मौजूद हैं।

भारतीय बल्लेबाजों के लिए इन दोनों से निपटना बड़ी चुनौती होगी। टीम इंडिया के पास हालांकि श्रीलंका में अच्छे प्रदर्शन का अनुभव है। 2017 में विराट कोहली की कप्तानी में भारत ने श्रीलंका को टेस्ट सीरीज में 3-0 से हराया था।

गिल की कप्तानी में नई शुरुआत

शुभमन गिल की अगुआई वाली मौजूदा भारतीय टीम में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ कई युवा चेहरे भी शामिल हैं। कप्तान गिल खुद बल्लेबाजी क्रम में टीम के लिए अहम भूमिका निभाएंगे। उनके अलावा केएल राहुल, यशस्वी जायसवाल और देवदत्त पडिक्कल से बड़ी पारियों की उम्मीद होगी।

साई सुदर्शन के चोटिल होने के बाद पडिक्कल के नंबर तीन पर उतरने की संभावना मजबूत हुई है। अभ्यास मैच में शतक लगाकर उन्होंने अपनी दावेदारी भी मजबूत की है।

जुरेल या सरफराज पर नजर

मध्यक्रम में ध्रुव जुरेल और सरफराज खान के बीच चयन को लेकर भी चर्चा है। हालिया प्रदर्शन को देखते हुए टीम प्रबंधन जुरेल को मौका दे सकता है। ऋषभ पंत से भी टीम को बड़ी पारी की उम्मीद होगी। श्रीलंकाई स्पिनरों के खिलाफ मध्यक्रम का प्रदर्शन मैच का रुख तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

तीन स्पिनरों के साथ उतर सकती है टीम इंडिया

गॉल की परिस्थितियों को देखते हुए भारत तीन बाएं हाथ के स्पिनरों—रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव और मानव सुथार—के साथ मैदान में उतर सकता है। गेंदबाजी कोच मोर्ने मॉर्कल भी इस संयोजन को उपयोगी बता चुके हैं।

तेज गेंदबाजी में मोहम्मद सिराज का खेलना लगभग तय माना जा रहा है। उनके साथ प्रसिद्ध कृष्णा या गुरनूर बराड़ में से किसी एक को मौका मिल सकता है। अंतिम फैसला मैच के दिन लिया जाएगा।

श्रीलंका भी भारत को देने की कोशिश करेगा कड़ी टक्कर

मेजबान श्रीलंका भी इस सीरीज में मजबूत चुनौती पेश करना चाहेगा। टीम लंबे अंतराल के बाद टेस्ट क्रिकेट खेल रही है और कप्तान धनंजय डिसिल्वा पर टीम को एकजुट रखने की जिम्मेदारी होगी।

भारत और श्रीलंका दोनों ही टेस्ट क्रिकेट में खुद को मजबूत स्थिति में लाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में गॉल में होने वाला पहला मुकाबला दोनों टीमों के लिए सीरीज की दिशा तय करने वाला साबित हो सकता है।

भारत का स्क्वॉड: शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उपकप्तान), यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत, ध्रुव जुरेल, रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मानव सुथार, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बरार, देवदत्त पडिक्कल, सारांश जैन, आकिब नबी और सरफराज खान।

श्रीलंका का स्क्वॉड: धनंजय डिसिल्वा (कप्तान), लाहिरू उदारा, निशान मदुश्का, कामिंदु मेंडिस, दिनेश चांदीमल, पासिंदु सूरियाबंडारा, सोनल दिनूषा, निरोशन डिकवेला, रमेश मेंडिस, प्रभात जयसूर्या, केशारा नुवंथा, मिलन रत्नायके, असिथ फर्नांडो, लाहिरू कुमारा, विश्व फर्नांडो और दिलशान मदुशंका।


18 अगस्त से शुरू होगा सुब्रतो कप, दिल्ली-NCR और बेंगलुरु में सजेगा फुटबॉल का महासंग्राम

107 टीमें लेंगी हिस्सा

नई दिल्ली। देश के प्रतिष्ठित स्कूली फुटबॉल टूर्नामेंट सुब्रतो कप इंटरनेशनल फुटबॉल टूर्नामेंट का 65वां संस्करण इस बार बड़े स्तर पर आयोजित होने जा रहा है। प्रतियोगिता के मुकाबले 18 अगस्त से 24 सितंबर तक नई दिल्ली-एनसीआर और बेंगलुरु के विभिन्न मैदानों पर खेले जाएंगे। टूर्नामेंट के आयोजन की औपचारिक घोषणा एयर मार्शल एस. शिवकुमार वीएसएम की मौजूदगी में की गई। इस संस्करण में देशभर के राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों की 107 टीमें भाग लेंगी। इसके अलावा श्रीलंका की टीम अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागी के रूप में टूर्नामेंट में हिस्सा लेगी। तीन आयु वर्गों में 215 से अधिक मुकाबले खेले जाने हैं।

तीन आयु वर्गों में होगी खिताबी जंग

इस बार सुब्रतो कप में अंडर-17 जूनियर गर्ल्स, अंडर-15 सब-जूनियर बॉयज और अंडर-17 जूनियर बॉयज वर्ग में मुकाबले होंगे। सबसे पहले 18 अगस्त से नई दिल्ली-एनसीआर में जूनियर गर्ल्स अंडर-17 के मैच शुरू होंगे, जो 27 अगस्त तक चलेंगे।

इसके बाद 1 से 9 सितंबर तक बेंगलुरु में सब-जूनियर बॉयज अंडर-15 वर्ग के मुकाबले आयोजित किए जाएंगे। टूर्नामेंट का समापन चरण 15 से 24 सितंबर तक नई दिल्ली-एनसीआर में जूनियर बॉयज अंडर-17 वर्ग के मुकाबलों के साथ होगा।

युवा खिलाड़ियों को मिलेगा बड़ा मंच

एयर मार्शल एस. शिवकुमार, जो एयर ऑफिसर-इन-चार्ज एडमिनिस्ट्रेशन और सुब्रतो मुखर्जी स्पोर्ट्स एजुकेशन सोसाइटी के उपाध्यक्ष हैं, ने कहा कि भारतीय वायु सेना और एसएमएसईएस का उद्देश्य हर वर्ष प्रतियोगिता को नए स्तर तक ले जाना है। उन्होंने कहा कि सुब्रतो कप युवा फुटबॉल खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और आगे बढ़ने के लिए महत्वपूर्ण मंच उपलब्ध कराता है।

उन्होंने प्रतियोगिता के लिए क्वालिफाई करने वाली सभी टीमों को शुभकामनाएं दीं और खिलाड़ियों से खेल भावना तथा अनुशासन के साथ मैदान पर उतरने की अपील की। कार्यक्रम में भारतीय फुटबॉलर आशालता देवी लोइतोंगबम गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में मौजूद रहीं।

इन मैदानों पर होंगे मुकाबले

नई दिल्ली-एनसीआर में मुकाबले अंबेडकर स्टेडियम, तेजस फुटबॉल ग्राउंड, सुब्रतो पार्क फुटबॉल ग्राउंड, पिंटो पार्क फुटबॉल ग्राउंड और राजोकरी फुटबॉल ग्राउंड में खेले जाएंगे।

वहीं बेंगलुरु में एयर फोर्स स्कूल जलाहल्ली, एयर फोर्स स्कूल येलाहंका और सुब्रतो फुटबॉल ग्राउंड जलाहल्ली को मुकाबलों के लिए चुना गया है।

प्रतियोगिता का शेड्यूल
जूनियर गर्ल्स अंडर-17: 18 से 27 अगस्त
सब-जूनियर बॉयज अंडर-15: 1 से 9 सितंबर
जूनियर बॉयज अंडर-17: 15 से 24 सितंबर

इस संस्करण में बड़ी संख्या में टीमों की भागीदारी और 215 से अधिक मुकाबलों के चलते सुब्रतो कप युवा फुटबॉल प्रतिभाओं के लिए एक बड़ा प्रतिस्पर्धी मंच बनने जा रहा है।


मिचेल मार्श ने रचा इतिहास, एक साल में 1500 टी20 रन बनाने वाले पहले ऑस्ट्रेलियाई खिलाडी बने

नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के टी20 कप्तान मिचेल मार्श का बल्ला साल 2026 में लगातार जमकर बोल रहा है। दुनियाभर की टी20 लीग में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी का जलवा दिखा रहे मार्श ने अब एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। वह एक कैलेंडर वर्ष में 1500 टी20 रन का आंकड़ा पार करने वाले पहले ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने यह कारनामा द हंड्रेड में सनराइजर्स लीड्स की ओर से खेलते हुए किया।

वेल्श फायर के खिलाफ सोमवार को लीड्स में खेले गए मुकाबले में मार्श ने महज 34 गेंदों में 50 रन की तेज पारी खेली। उनकी इस पारी के साथ ही 2026 में उनके टी20 रनों की संख्या बढ़कर 1502 रन हो गई। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के टिम डेविड का पिछला रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया।

टिम डेविड का रिकॉर्ड हुआ ध्वस्त

ऑस्ट्रेलिया की ओर से एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा टी20 रन बनाने का रिकॉर्ड इससे पहले टिम डेविड के नाम था। उन्होंने 2022 में कुल 73 टी20 मुकाबले खेलते हुए सात अलग-अलग टीमों का प्रतिनिधित्व किया था और 1461 रन बनाए थे। अब मार्श ने इस आंकड़े को पार करते हुए नया ऑस्ट्रेलियाई रिकॉर्ड कायम कर दिया है।

मार्श ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए खेलने के अलावा दुनिया की कई बड़ी फ्रेंचाइजी टी20 प्रतियोगिताओं में भी नजर आते हैं। उनकी तेजतर्रार बल्लेबाजी और बड़े शॉट लगाने की क्षमता उन्हें टी20 क्रिकेट में एक प्रभावशाली खिलाड़ी बनाती है।

आईपीएल से लेकर द हंड्रेड तक मचाया धमाल

2026 में मिचेल मार्श के प्रदर्शन पर नजर डालें तो उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए सात टी20 मैचों में 230 रन बनाए हैं। वहीं आईपीएल 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स की तरफ से खेलते हुए उन्होंने 13 मुकाबलों में 563 रन बनाए।

इसके अलावा बिग बैश लीग में पर्थ स्कॉर्चर्स के लिए मार्श ने आठ मैचों में 335 रन जोड़े। द हंड्रेड के मौजूदा सीजन में भी उनका बल्ला खूब चला है। अब तक सात मुकाबलों में वह 374 रन बना चुके हैं। इन सभी टूर्नामेंटों के प्रदर्शन को जोड़ने के बाद उनके 2026 के टी20 रनों का आंकड़ा 1500 के पार पहुंच गया है।

द हंड्रेड में भी बड़ा रिकॉर्ड निशाने पर

मिचेल मार्श के पास अब द हंड्रेड के एक सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम करने का भी मौका है। फिलहाल यह रिकॉर्ड इंग्लैंड के बल्लेबाज जेम्स विंस के नाम दर्ज है, जिन्होंने 2024 में सदर्न ब्रेव के लिए खेलते हुए एक सीजन में 424 रन बनाए थे।

मार्श मौजूदा सीजन में 374 रन बना चुके हैं और विंस के रिकॉर्ड से महज 50 रन दूर हैं। अगर वह आगामी मुकाबलों में 51 रन और जोड़ लेते हैं, तो द हंड्रेड के एक सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन जाएंगे।

इस तरह मिचेल मार्श के पास 2026 में दो बड़े रिकॉर्ड अपने नाम करने का शानदार मौका है। एक ओर वह ऑस्ट्रेलिया के लिए एक कैलेंडर वर्ष में सर्वाधिक टी20 रन बनाने वाले बल्लेबाज बन चुके हैं, वहीं अब उनकी नजर द हंड्रेड के सीजन रिकॉर्ड पर है।


55 साल, 5000 मैच और अनगिनत रिकॉर्ड… जानिए कैसे बदलता गया पुरुष वनडे क्रिकेट का रोमांच

भारत के नाम सबसे ज्यादा मुकाबले

नई दिल्ली। पुरुष वनडे क्रिकेट ने अपने इतिहास में एक बड़ी उपलब्धि दर्ज कर ली है। स्कॉटलैंड और कनाडा के बीच शुक्रवार को खेले गए मुकाबले के साथ ही वनडे क्रिकेट में 5000 मैच पूरे हो गए। जनवरी 1971 में शुरू हुआ यह फॉर्मेट अब 55 साल का सफर तय कर चुका है। इस दौरान वनडे क्रिकेट ने कई बदलाव देखे और कई बार इसके भविष्य को लेकर सवाल भी उठे, लेकिन यह आज भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अहम हिस्सा बना हुआ है।

टेस्ट क्रिकेट की शुरुआत वनडे से करीब 94 साल पहले, 1877 में हुई थी। वहीं टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट का पहला मुकाबला 2005 में खेला गया। जहां टेस्ट अभी 3000 मैचों के आंकड़े तक नहीं पहुंचा है, वहीं टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले 4000 का आंकड़ा पार कर चुके हैं। वनडे ने इस बीच 5000 मैचों का ऐतिहासिक पड़ाव छू लिया है।

24 साल में हुए पहले 1000 मैच

वनडे क्रिकेट के शुरुआती दौर में 1000 मुकाबले पूरे करने में 24 साल लगे। 1995 में इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के बीच नॉटिंघम में खेला गया मुकाबला 1000वां वनडे था। इसके बाद खेल की लोकप्रियता बढ़ती गई और अगले 4000 मैच महज 31 साल में खेले गए।

दूसरे 1000 वनडे पूरे होने में सिर्फ आठ साल लगे। 2007 में एक कैलेंडर वर्ष में 191 वनडे खेले गए थे। यह रिकॉर्ड 2023 में टूट गया, जब वनडे विश्व कप वाले साल में 218 मुकाबले खेले गए। हालांकि, पांचवें 1000 मैचों के दौर में 3065 दिन लगे। कोरोना महामारी, टी20 लीग की बढ़ती लोकप्रियता और द्विपक्षीय सीरीज के छोटे होने जैसे कारणों से वनडे मैचों की संख्या प्रभावित हुई।

बल्लेबाजों का बढ़ा दबदबा, स्कोरिंग रेट में इजाफा

समय के साथ वनडे क्रिकेट में रन बनाने की रफ्तार भी तेज हुई है। पहले 1000 मैचों में पहली पारी का औसत स्कोर 213.90 रन था, जो दूसरे दौर में बढ़कर 232.62 और तीसरे में 240.43 रन हो गया। चौथे 1000 मैचों में यह आंकड़ा 250.68 तक पहुंचा। हालांकि, पांचवें दौर में मामूली गिरावट के साथ औसत 249.97 रन रहा।

बड़े स्कोर भी अब वनडे का नियमित हिस्सा बन चुके हैं। हाल के 1000 मैचों में 300 या उससे ज्यादा रन के 321 स्कोर बने। इनमें 86 बार टीमों ने 350 रन का आंकड़ा पार किया, जबकि 14 बार स्कोर 400 के पार पहुंचा।

छक्कों की संख्या तीन गुने से ज्यादा

वनडे क्रिकेट में बल्लेबाजी के आक्रामक अंदाज का अंदाजा छक्कों के आंकड़ों से लगाया जा सकता है। शुरुआती 1000 मुकाबलों में 2729 से ज्यादा छक्के लगे थे, जबकि 4001 से 4998वें मैचों के दौर में यह संख्या बढ़कर 9274 हो गई।

हाल के 1000 मैचों में प्रति मुकाबला औसतन 9.29 छक्के लगे। वहीं शुरुआती दौर में यह आंकड़ा काफी कम था। बल्लेबाजी औसत भी पहले 1000 मैचों के 26.39 से बढ़कर हालिया दौर में 29.03 हो गया है। स्ट्राइक रेट 66.15 से बढ़कर 83.4 तक पहुंच चुका है।

हेंस और अकरम से लेकर होप और जैम्पा तक

वनडे के अलग-अलग दौर में अलग-अलग खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला। शुरुआती 1000 मैचों में डेसमंड हेंस 8648 रन के साथ शीर्ष बल्लेबाज रहे। इसके बाद सचिन तेंदुलकर ने 9149 रन बनाकर यह स्थान हासिल किया।

गेंदबाजी में शुरुआती दौर में वसीम अकरम 273 विकेट के साथ सबसे आगे थे। बाद में मुथैया मुरलीधरन ने उन्हें पीछे छोड़ा और आज भी वनडे में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं।

हालिया 1000 वनडे में शाई होप 5391 रन के साथ सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे, जबकि एडम जैम्पा 156 विकेट के साथ शीर्ष गेंदबाज रहे।

सबसे ज्यादा वनडे खेलने वाली टीम भारत

टीमों के रिकॉर्ड की बात करें तो भारत ने सबसे ज्यादा 1081 वनडे मुकाबले खेले हैं। इनमें टीम को 575 मैचों में जीत मिली है। ऑस्ट्रेलिया 1025 मैचों में 619 जीत के साथ सबसे सफल टीम है। पाकिस्तान ने 1002 मैचों में 529 जीत दर्ज की हैं।

विदेशी मैदानों पर भी भारत का रिकॉर्ड मजबूत रहा है। भारत ने 695 वनडे बाहर खेलते हुए 340 मुकाबले जीते हैं। वहीं घरेलू मैदान पर भारत ने 386 मैचों में 235 जीत हासिल की हैं।

विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया का दबदबा

वनडे विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया सबसे सफल टीम है। उसने अब तक छह बार विश्व कप का खिताब जीता है। ऑस्ट्रेलिया ने 1987, 1999, 2003, 2007, 2015 और 2023 में ट्रॉफी अपने नाम की।

भारत और वेस्टइंडीज दो-दो बार विश्व चैंपियन बन चुके हैं। इंग्लैंड, पाकिस्तान और श्रीलंका ने एक-एक बार विश्व कप जीता है।

रोहित शर्मा के नाम सबसे बड़ी पारी

वनडे क्रिकेट में सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी का रिकॉर्ड भारतीय बल्लेबाज रोहित शर्मा के नाम है। उन्होंने 2014 में श्रीलंका के खिलाफ 264 रन की ऐतिहासिक पारी खेली थी। यह रिकॉर्ड आज भी कायम है।

इस सूची में मार्टिन गप्टिल 237 नाबाद रन के साथ दूसरे, वीरेंद्र सहवाग 219 रन के साथ तीसरे और क्रिस गेल 215 रन के साथ चौथे स्थान पर हैं।

चामिंडा वास का गेंदबाजी रिकॉर्ड कायम

एक वनडे पारी में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी का रिकॉर्ड श्रीलंका के चामिंडा वास के नाम है। उन्होंने 2001 में जिम्बाब्वे के खिलाफ सिर्फ 19 रन देकर आठ विकेट लिए थे। वनडे में यह अब तक का इकलौता आठ विकेट वाला गेंदबाजी प्रदर्शन है।

सबसे ज्यादा वनडे विकेट लेने वालों की सूची में मुथैया मुरलीधरन 534 विकेट के साथ शीर्ष पर हैं। वसीम अकरम 502 विकेट के साथ दूसरे और वकार यूनिस 416 विकेट के साथ तीसरे स्थान पर हैं।

सबसे ज्यादा रन सचिन के नाम, शतकों में कोहली आगे

वनडे में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम है। उन्होंने 463 मैचों में 18,426 रन बनाए हैं। विराट कोहली 14,941 रन के साथ दूसरे स्थान पर हैं।

हालांकि, सबसे ज्यादा वनडे शतक लगाने के मामले में विराट कोहली अब सचिन तेंदुलकर से आगे निकल चुके हैं। कोहली के नाम 54 शतक हैं, जबकि सचिन ने 49 शतक लगाए हैं। रोहित शर्मा 34 शतकों के साथ तीसरे स्थान पर हैं।

31 गेंदों में शतक का रिकॉर्ड

वनडे में सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड दक्षिण अफ्रीका के एबी डिविलियर्स के नाम है। उन्होंने 2015 में वेस्टइंडीज के खिलाफ सिर्फ 31 गेंदों में शतक जड़ा था। इसी मुकाबले में उन्होंने 16 गेंदों में अर्धशतक भी पूरा किया था।

सबसे तेज अर्धशतक के मामले में भी डिविलियर्स 16 गेंदों के साथ शीर्ष पर हैं। मैथ्यू फोर्ड ने 2025 में 16 गेंदों में अर्धशतक लगाकर इस रिकॉर्ड की बराबरी की।

कप्तानी में पोंटिंग सबसे आगे

वनडे में कप्तान के तौर पर सबसे ज्यादा जीत का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के रिकी पोंटिंग के नाम है। उन्होंने 230 मैचों में ऑस्ट्रेलिया की कप्तानी करते हुए 165 मुकाबले जीते।

भारत की ओर से एमएस धोनी सबसे सफल कप्तान हैं। धोनी ने 200 वनडे में कप्तानी की और 110 मैचों में टीम को जीत दिलाई।


Latest News in hindi

Call Us On  Whatsapp