Wednesday, October 7th, 2026

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राजधानी में बढ़ते अपराध पर कांग्रेस नाराज, मुख्य सचिव आनंद वर्धन को सौंपा मांग पत्र

Category Archives: उत्तराखंड

राजधानी में बढ़ते अपराध पर कांग्रेस नाराज, मुख्य सचिव आनंद वर्धन को सौंपा मांग पत्र

राजधानी की ध्वस्त कानून-व्यवस्था पर मुख्य सचिव से मिला कांग्रेसी प्रतिनिधिमंडल

अपराध घटित होने पर पुलिस की तय हो जवाबदेही – धस्माना

देहरादून। राजधानी देहरादून में लगातार सामने आ रही आपराधिक घटनाओं को लेकर कांग्रेस ने चिंता जताई है। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना के नेतृत्व में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को मुख्य सचिव आनंद वर्धन से सचिवालय स्थित उनके कार्यालय में मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी नाराजगी जताते हुए मुख्य सचिव को मांग पत्र सौंपा।

कांग्रेस ने मांग की कि प्रदेश में किसी भी गंभीर आपराधिक घटना के बाद पुलिस को चौकी, थाना, सर्कल और जिला स्तर पर जवाबदेह बनाया जाए। सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि इस साल की शुरुआत से ही राजधानी देहरादून में लगातार आपराधिक घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे लोगों में भय का माहौल बना हुआ है।

धस्माना ने कई आपराधिक घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि परेड ग्राउंड में प्रेस क्लब के सामने दिनदहाड़े युवक की हत्या, राजपुर रोड स्थित एसएसपी बंगले के पास सिल्वर सिटी मॉल में गोलीबारी में युवक की हत्या, जोहड़ी गांव में गैंगवार के दौरान रिटायर्ड ब्रिगेडियर की मौत, पल्टन बाजार में युवती की हत्या और भाजपा पार्षद अमिता सिंह के परिवार को नशीला पदार्थ खिलाकर घर में लूट जैसी घटनाएं चिंता बढ़ाने वाली हैं।

उन्होंने मंगलवार को रायपुर थाना क्षेत्र के विष्णु लोक में हुए तिहरे हत्याकांड का भी उल्लेख किया। कांग्रेस नेता ने कहा कि इन घटनाओं से राजधानी की कानून-व्यवस्था को लेकर लोगों की चिंता बढ़ी है और विशेष रूप से अकेले रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

धस्माना ने यह भी कहा कि पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों के अपराधियों के देहरादून में शरण लेने की शिकायतें सामने आती रही हैं। उन्होंने मांग की कि ऐसे मामलों में पुलिस की निगरानी और कार्रवाई को और प्रभावी बनाया जाए।

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव से मांग की कि गृह विभाग और पुलिस विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए जाएं कि किसी भी जघन्य आपराधिक घटना की स्थिति में संबंधित चौकी, थाना, सर्कल और जिला स्तर के अधिकारियों की जवाबदेही तय हो। साथ ही प्रत्येक थाना क्षेत्र में रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा के लिए पुलिस को विशेष व्यवस्था करने के निर्देश दिए जाएं।

मुख्य सचिव से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश कांग्रेस श्रम विभाग के अध्यक्ष दिनेश कौशल, पूर्व प्रदेश महासचिव जगदीश धीमान और युवा कांग्रेस के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष सुमित खन्ना शामिल रहे।


दो महीने में दो ऊंची चोटियां फतह, अंकुर रावत ने माउंट भागीरथी-II पर फहराया तिरंगा

माउंट कुन के बाद भागीरथी-II पर तिरंगा, अंकुर रावत ने दिया सुरक्षित पर्वतारोहण का संदेश

रुड़की/देहरादून। उत्तराखंड के पर्वतारोही और भारतीय सेना के सूबेदार अंकुर रावत ने हिमालय की ऊंचाइयों पर एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। दो बार एवरेस्ट फतह कर चुके अंकुर रावत ने 22 सितंबर 2026 को 6,512 मीटर ऊंची माउंट भागीरथी-II के शिखर पर तिरंगा फहराया। इससे पहले 17 जुलाई को उन्होंने 7,077 मीटर ऊंची माउंट कुन का सफल आरोहण किया था। महज दो महीने के भीतर दो ऊंची चोटियों पर सफल चढ़ाई ने उनके पर्वतारोहण अभियान को नई पहचान दी है।

भारतीय सेना में सूबेदार अंकुर रावत, नारायण सिंह रावत और आनंदी देवी के पुत्र हैं। वह रुड़की के विनीत नगर, पनियाल रोड के निवासी हैं, जबकि उनका मूल गांव पीपला सुरलगांव, पट्टी असवालस्यूं, पौड़ी गढ़वाल है।

अंकुर रावत ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि पहाड़ दूर से जितना आसान दिखाई देता है, उसकी वास्तविक चढ़ाई उतनी ही चुनौतीपूर्ण होती है। भागीरथी-II के आरोहण के दौरान चट्टानों, बर्फ, बदलते मौसम और अधिक ऊंचाई के बीच हर कदम बेहद सावधानी और सोच-समझकर उठाना पड़ा।

आस्था और रोमांच का अनूठा संगम

गंगोत्री हिमालय का भागीरथी क्षेत्र धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्वतारोहण के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, राजा भगीरथ ने मां गंगा को पृथ्वी पर लाने के लिए कठोर तपस्या की थी। इसके बाद भगवान शिव ने गंगा के वेग को अपनी जटाओं में धारण किया।

गंगोत्री से गौमुख और आगे नंदनवन तक पहुंचने के बाद पर्वतारोहियों के सामने असली हिमालयी चुनौती शुरू होती है। यहां ग्लेशियर, मोरेन, चट्टानी भू-भाग और अत्यधिक ऊंचाई अभियान को कठिन बनाते हैं। भागीरथी पर्वत समूह के अभियानों में नंदनवन एक प्रमुख उच्च हिमालयी क्षेत्र है।

आखिरी 300 मीटर में सामने आई सबसे बड़ी चुनौती

माउंट भागीरथी-II के अंतिम हिस्से में कठिन चट्टानी चढ़ाई के बाद करीब 300 मीटर का बर्फीला क्षेत्र आया। पथरीले रास्ते को पार करने के बाद बर्फीले हिस्से में कदम रखना अपने आप में चुनौतीपूर्ण था। हालांकि शिखर नजदीक दिखाई देने लगा था, लेकिन मुश्किलें कम नहीं हुई थीं।

अंकुर रावत के मुताबिक, शिखर दिखाई देना इस बात की गारंटी नहीं है कि चुनौती खत्म हो गई। कई बार अंतिम कुछ मीटर ही सबसे कठिन साबित होते हैं। ऐसे समय में पर्वतारोही का अनुभव, धैर्य और सही निर्णय बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है।

शिखर से उन्हें माउंट शिवलिंग, नंदी पर्वत, थलय सागर, मेरु, केदारनाथ पर्वत, केदार डोम, चौखंबा, सतोपंथ, वासुकी, माना, कामेट, मुकुट और सुदर्शन पर्वत समेत हिमालय की कई प्रमुख चोटियों के दर्शन हुए।

सही मार्ग और टीम अनुशासन को मानते हैं सफलता की कुंजी

अंकुर रावत के अनुसार पर्वतारोहण में सही रूट का चयन, रूट ओपनिंग और रोप फिक्सिंग अभियान की सफलता की पहली सीढ़ी है। इसके बाद टीम का अनुशासन और सदस्यों के बीच आपसी विश्वास बेहद जरूरी होता है।

उन्होंने कहा कि सुरक्षित रास्ते का चुनाव करने के बाद पूरी टीम को अनुशासन और विश्वास के साथ उस मार्ग पर आगे बढ़ना होता है। यही सामूहिक प्रयास अंततः पर्वतारोहियों को शिखर तक पहुंचाता है।

नए पर्वतारोहियों को सुरक्षित पर्वतारोहण का संदेश देने का लक्ष्य

भागीरथी-II की सफलता के बाद अंकुर रावत का लक्ष्य उन ऊंची चोटियों पर तिरंगा फहराना है, जहां वह अभी तक नहीं पहुंच सके हैं। इसके साथ ही वह अपने अनुभव को नए ट्रेकर्स और पर्वतारोहियों तक पहुंचाना चाहते हैं।

उनका कहना है कि उत्तराखंड आने वाले नए ट्रेकर्स और पर्वतारोहियों को पहाड़ों के सही रूट, टेरेन और संभावित चुनौतियों की जानकारी मिलनी चाहिए। सुरक्षित पर्वतारोहण के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी उनके अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

माउंट कुन से लेकर भागीरथी-II तक अंकुर रावत का यह सफर बताता है कि पर्वतारोहण में केवल ऊंचाई तक पहुंचना ही उपलब्धि नहीं है। कठिन रास्तों को सही निर्णय, साहस, धैर्य और अनुशासन के साथ पार करना ही असली सफलता है।


चारधाम यात्रा ने रचा इतिहास, 56.18 लाख के पार पहुंची श्रद्धालुओं की संख्या

 2023 का रिकॉर्ड टूटा

देहरादून। उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा ने इस वर्ष नया ऐतिहासिक रिकॉर्ड कायम किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चल रही यात्रा में अब तक 56,18,497 से अधिक श्रद्धालु चारधामों के दर्शन कर चुके हैं। इसके साथ ही वर्ष 2023 में दर्ज सर्वाधिक श्रद्धालुओं के रिकॉर्ड को भी इस साल पीछे छोड़ दिया गया है।

केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में दर्शन के लिए देश के विभिन्न हिस्सों के साथ ही विदेशों से भी श्रद्धालुओं का पहुंचना लगातार जारी है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या उत्तराखंड के प्रति धार्मिक पर्यटन के बढ़ते आकर्षण और देवभूमि में आस्था रखने वाले लोगों के विश्वास को दर्शाती है।

राज्य सरकार की ओर से चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक स्तर पर इंतजाम किए गए हैं। यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य सेवाओं, यातायात प्रबंधन, पेयजल, स्वच्छता, पार्किंग और ठहरने की सुविधाओं को मजबूत किया गया है। इसके साथ ही आपदा प्रबंधन और आपात स्थिति से निपटने के लिए भी संबंधित विभागों को सक्रिय रखा गया है।

यात्रा के सफल संचालन के लिए प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, एसडीआरएफ और अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर विशेष जोर दिया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यात्रा मार्गों पर व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी भी की जा रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केदारनाथ और बदरीनाथ सहित उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर अवस्थापना सुविधाओं के विकास और कनेक्टिविटी में सुधार का भी चारधाम यात्रा पर सकारात्मक असर पड़ा है। यात्री सुविधाओं के विस्तार से श्रद्धालुओं का उत्तराखंड आने का रुझान लगातार बढ़ रहा है।

चारधाम यात्रा में नया रिकॉर्ड बनने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि देवभूमि आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु राज्य का अतिथि है और सरकार का प्रयास है कि उसकी यात्रा सुरक्षित, सुगम और सुखद हो। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड संख्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड में विकसित हो रही सुविधाओं और चारधाम यात्रा के प्रति बढ़ते विश्वास का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा के सफल संचालन में योगदान देने वाले प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, एसडीआरएफ, स्थानीय निकायों, तीर्थ पुरोहितों, स्थानीय निवासियों और यात्रा व्यवस्था से जुड़े सभी कार्मिकों के प्रयासों की सराहना की।


सीएम धामी ने उत्तरकाशी के काशी विश्वनाथ मंदिर में की पूजा-अर्चना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन और राष्ट सेवा के 25 वर्ष पूरे  

सीएम धामी ने बाबा विश्वनाथ से प्रधानमंत्री मोदी के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की 

उत्तरकाशी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन और राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को उत्तरकाशी स्थित पौराणिक श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचकर विशेष पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने बाबा विश्वनाथ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वस्थ, दीर्घायु और यशस्वी जीवन की कामना की।

इस दौरान मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 25 वर्षों का सार्वजनिक जीवन राष्ट्रसेवा, जनकल्याण और देश के विकास के प्रति समर्पण का प्रतीक रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में देश को नई दिशा, नई ऊर्जा और विकास की गति देने का काम किया है।

मुख्यमंत्री ने बाबा विश्वनाथ से प्रार्थना की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विकसित राष्ट्र बनने के संकल्प को निरंतर मजबूती मिले और देश प्रगति के पथ पर आगे बढ़ता रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की पावन धरती से प्रधानमंत्री के दीर्घ, स्वस्थ और सफल सार्वजनिक जीवन के लिए बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद लेना उनके लिए सौभाग्य की बात है।


मसूरी में शरदोत्सव का रंगारंग आगाज, लोक संस्कृति के रंग में रंगा गांधी चौक

डीएम डॉ. आशीष चौहान व पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी ने किया शरदोत्सव-2026 का शुभारंभ

पद्मश्री बसंती बिष्ट के जागर और पांडवाज बैंड की शानदार प्रस्तुति ने बांधा समां

देहरादून: पर्यटन नगरी मसूरी में मंगलवार को ‘मसूरी शरदोत्सव 2026’ का रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ भव्य आगाज़ हुआ। नगर पालिका परिषद द्वारा आयोजित यह 5 दिवसीय सांस्कृतिक व खेल मेला 06 से 10 अक्टूबर तक आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर गांधी चौक में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान एवं नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने शरदोत्सव का ध्वजारोहण कर मेले का विधिवत उद्घाटन किया।

उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और देवभूमि की परंपराओं को प्रदर्शित करने वाले इस उत्सव का आनंद स्थानीय लोगों के साथ-साथ पहुंचे पर्यटकों ने भी लिया। रिमझिम बारिश, घने कोहरे और ठंडी हवाओं के प्राकृतिक मिज़ाज ने उद्घाटन दिवस पर शरदोत्सव की सुंदरता में चार चांद लगा दिए।

पद्मश्री बसंती बिष्ट के जागर और ‘पांडवाज़’ के सुरों से गुंजायमान हुआ टाउन हॉल

उत्सव के पहले दिन नगर पालिका टाउन हॉल में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला का आगाज पद्मश्री बसंती बिष्ट के पारंपरिक जागर गायन से हुआ। उन्होंने अपनी सुरीली आवाज़ और प्रामाणिक जागर शैली से उपस्थित श्रोताओं को उत्तराखंड की अलौकिक देव-संस्कृति से भावविभोर कर दिया।

इसके बाद पांडवाज बैंड की शानदार प्रस्तुति ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। पांडवाज की टीम ने पारंपरिक उत्तराखंडी वाद्ययंत्रों और पाश्चात्य वाद्ययंत्रों के बीच शानदार जुगलबंदी प्रस्तुत करते हुए गढ़वाली गीतों की मनमोहक प्रस्तुति दी। दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।

शरदोत्सव के अंतर्गत खेल प्रतियोगिताओं का भी शुभारंभ हुआ। पहले दिन एमपीजी कॉलेज में मसूरी स्पोर्ट्स एसोसिएशन के तत्वावधान में स्नूकर प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।

शुभारंभ अवसर पर पूर्व पालिकाध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल, भाजपा मंडल अध्यक्ष रजत अग्रवाल, मोहन पेटवाल, महिला कांग्रेस अध्यक्ष जसबीर कौर, एसडीएम राहुल आनंद, भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष जसोदा शर्मा, पालिका अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन, सभासद गौरी थपलियाल, शिवानी भारती, पवन थलवाल, रणवीर कंडारी, होटल एसोसिएशन अध्यक्ष संजय अग्रवाल, कुशाल राणा सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, पर्यटक एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।


24 नवंबर से हल्द्वानी में राष्ट्रीय सरस मेला, सीडीओ ने अधिकारियों को दिए समयबद्ध तैयारियों के निर्देश

हल्द्वानी। एम.बी. इंटर कॉलेज मैदान में आगामी 24 नवंबर से 3 दिसंबर 2026 तक आयोजित होने वाले राष्ट्रीय स्तरीय सरस मेला 2026-27 की तैयारियों को लेकर विकास भवन भीमताल में मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पांडे की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई।

बैठक में मेले की सुरक्षा, यातायात, पार्किंग, चिकित्सा, अग्निशमन, पेयजल, विद्युत, साफ-सफाई, कचरा प्रबंधन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों सहित विभिन्न व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।

मुख्य विकास अधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेले के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया जाए, जिसमें विद्युत, लोनिवि, जल संस्थान, पुलिस, फायर और वन विभाग समेत संबंधित विभागों की तैनाती सुनिश्चित हो। उन्होंने 30 अक्टूबर से पहले सभी टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश भी दिए।

उन्होंने कहा कि सरस मेला जनपद का महत्वपूर्ण राष्ट्रीय आयोजन है, जिसमें देशभर से स्वयं सहायता समूहों के प्रतिभागी हिस्सा लेंगे। मेले में करीब 250 स्टॉल लगाए जाएंगे। संभावित भीड़ को देखते हुए सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध और सुव्यवस्थित तरीके से पूरी की जाएं।

पुलिस एवं परिवहन विभाग को सुरक्षा और पार्किंग की कार्ययोजना तैयार करने, स्वास्थ्य विभाग को चिकित्सा शिविर एवं एंबुलेंस की व्यवस्था, जल संस्थान व विद्युत विभाग को निर्बाध पेयजल एवं विद्युत आपूर्ति तथा नगर निगम हल्द्वानी को साफ-सफाई और कचरा प्रबंधन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

वहीं पर्यटन एवं संस्कृति विभाग को सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने तथा मेले के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए जिला सूचना अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश दिए गए।

मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि मेले की तैयारियों की नियमित समीक्षा की जाएगी और सभी विभागों को सौंपे गए दायित्व निर्धारित समय सीमा में पूरे करने होंगे, ताकि राष्ट्रीय स्तर के इस आयोजन को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया जा सके।


कैंचीधाम में वीकेंड पर यातायात व्यवस्था होगी चाक-चौबंद, ओवररेटिंग पर भी लगेगी रोक

नैनीताल। कैंचीधाम में वीकेंड के दौरान बढ़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए यातायात एवं पार्किंग व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आयुक्त कुमाऊं एवं मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत ने मंगलवार को जिला विकास प्राधिकरण सभागार, नैनीताल में अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुविधा और सुगम यातायात के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

आयुक्त ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे होटल की अग्रिम बुकिंग कराने के बाद ही कैंचीधाम आएं, ताकि उन्हें ठहरने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने वीकेंड के दौरान सभी उपजिलाधिकारियों, सीओ, एआरटीओ एवं जिला पर्यटन अधिकारी को आपसी समन्वय से व्यवस्थाओं की लगातार समीक्षा करने के निर्देश दिए।

परिवहन विभाग को टैक्सी बाइक की नियमित चेकिंग करने तथा विकास भवन पार्किंग और सेनिटोरियम में विभागीय बूथ स्थापित करने के निर्देश दिए गए। कैंचीधाम क्षेत्र में ओवररेटिंग रोकने के लिए दुकानदारों को खाद्य एवं पेय पदार्थों की रेट लिस्ट प्रमुखता से प्रदर्शित करने को कहा गया।

आयुक्त ने शिप्रा नदी में श्रद्धालुओं के नहाने पर रोक लगाने के निर्देश जिलाधिकारी को दिए। वहीं मंदिर समिति को वीकेंड पर श्रद्धालुओं की संख्या की निगरानी के लिए हेड काउंट कैमरे लगाने तथा मंदिर के गेटों को श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए 15 दिन के भीतर स्वचालित रूप से खोलने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

बैठक में नैनीताल के बारापत्थर क्षेत्र में वीकेंड पर लगने वाले जाम की समस्या पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि टोल पास की कम चौड़ाई के कारण जाम की स्थिति बनती है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने वीकेंड पर जाम की स्थिति न बनने देने के लिए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

आयुक्त ने मंडल की सड़कों को गड्ढामुक्त करने के निर्देश भी दिए। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि डामरीकरण एवं पैचवर्क का कार्य जारी है। मंडलायुक्त ने सभी सड़कों के कार्य को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।

बैठक में आईजी कुमाऊं नवेदिता कुकरेती, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, एसई एनएच मनोहर सिंह, एसई लोनिवि राजेश पंत, आरटीओ (ई) अरविंद पांडे, एडीएम विवेक राय, प्राधिकरण सचिव मनीष कुमार सहित मंदिर समिति, व्यापारी संघ, टैक्सी यूनियन एवं केमू यूनियन के पदाधिकारी मौजूद रहे।


नैनीताल में मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन, 6.97 लाख से अधिक मतदाता पंजीकृत

हल्द्वानी। जनपद नैनीताल में 01 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर चलाए गए विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (SIR) के तहत मंगलवार को मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया।

जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देशों के क्रम में सिटी मजिस्ट्रेट ए.पी. बाजपेयी ने बताया कि जनपद के सभी मतदान केंद्रों पर अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की गई है। अंतिम सूची की एक-एक प्रति संबंधित बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) के पास उपलब्ध रहेगी।

अंतिम प्रकाशन के बाद नैनीताल जिले में कुल 6,97,547 मतदाता पंजीकृत हैं। नियमानुसार मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को विधानसभा-वार मतदाता सूचियों की हार्ड कॉपी भी वितरित की गई।

सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि अंतिम प्रकाशन के बाद भी यदि कोई पात्र व्यक्ति 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुका है और उसका नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं है, तो वह संबंधित BLO से संपर्क कर अथवा निर्वाचन आयोग के ऐप/पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर नाम दर्ज करा सकता है।

बैठक में सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी हंसादत्त पांडे सहित भाजपा से मनीष पाल एवं हरिमोहन अरोड़ा, कांग्रेस से संजू उप्रेती, बहुजन समाज पार्टी से जगदीश कुमार, आईएनसी से मनोज शर्मा, शिवसेना से रूपेन्द्र नागर सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


मुख्य सचिव ने शासन स्तर पर लंबित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण के दिए निर्देश

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय में आयोजित बैठक में सभी जनपदों से संबंधित शासन स्तर पर लंबित प्रकरणों के निस्तारण की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सभी संबंधित विभागाध्यक्षों को आपसी समन्वय से लंबित मामलों का समयबद्ध एवं त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि जनपद स्तर पर किसी भी प्रकरण के निस्तारण में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। जिलाधिकारी संबंधित विभागाध्यक्षों से सीधे संवाद कर समस्याओं का समाधान कराएं। आवश्यकता पड़ने पर विभागीय उच्चाधिकारियों से समन्वय स्थापित कर प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने निर्देश दिए कि जनपदों से संबंधित विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी न हो। सड़क, पुल, भवन एवं अन्य निर्माण कार्यों से जुड़े लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता देते हुए शीघ्र पूरा किया जाए। जिन मामलों में विभागीय स्तर पर निर्णय लिया जाना है, उनमें समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों से कहा कि वे लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करें और जिन मामलों में विभागाध्यक्ष स्तर पर समन्वय की आवश्यकता है, उनमें सीधे संबंधित विभागाध्यक्ष से वार्ता कर समाधान कराएं। उन्होंने कहा कि शासन और जनपदों के बीच प्रभावी समन्वय से ही लंबित प्रकरणों का त्वरित निस्तारण संभव है।

उल्लेखनीय है कि जनपदों के शासन स्तर पर लंबित प्रकरणों के निस्तारण के लिए प्रत्येक माह के प्रथम मंगलवार को समीक्षा बैठक आयोजित की जा रही है। बैठक में जिलाधिकारियों ने इस पहल की सराहना करते हुए बताया कि इसके माध्यम से जनपदों के वर्षों से लंबित अनेक प्रकरणों का समाधान संभव हुआ है। नियमित समीक्षा और विभागीय उच्चाधिकारियों के साथ सीधे समन्वय से लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी आई है।

बैठक में प्रमुख सचिव एल. फैनाई, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव नितेश कुमार झा, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, रविनाथ रमन, चंद्रेश कुमार यादव, बृजेश कुमार संत, डॉ. वी. षणमुगम, डॉ. आर. राजेश कुमार, विनय शंकर पाण्डेय, विनोद कुमार सुमन,  ज्योति यादव, रणवीर सिंह चौहान, धीराज सिंह गर्ब्याल एवं राजेंद्र कुमार सहित विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, कमिश्नर कुमाऊँ श्री दीपक रावत, कमिश्नर गढ़वाल आनन्द स्वरूप एवं जिलाधिकारी उपस्थित रहे।


अंतिम मतदाता सूची एवं प्रथम स्तरीय जांच को लेकर जिलाधिकारी ने की राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक

अंतिम मतदाता सूची राजनीतिक दलों को उपलब्ध, 23 अक्टूबर से होगी ईवीएम-वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच

पौड़ी- विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 की तैयारियों के क्रम में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) तथा ईवीएम एवं वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) को लेकर मंगलवार को जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में विधानसभा निर्वाचक नामावली के अंतिम प्रकाशन की जानकारी देने के साथ ही अंतिम मतदाता सूची राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को उपलब्ध करायी गई। जिलाधिकारी ने प्रतिनिधियों से मतदाता सूची का परीक्षण करने तथा इस संबंध में प्राप्त सुझाव एवं फीडबैक साझा करने को कहा।

जिलाधिकारी ने कहा कि अंतिम मतदाता सूची राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराने का उद्देश्य सूची का व्यापक परीक्षण सुनिश्चित करना है, ताकि किसी पात्र मतदाता का नाम छूटने अथवा किसी मतदाता का नाम गलत स्थान पर दर्ज होने जैसी स्थिति की जानकारी समय पर प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में राजनीतिक दलों की सहभागिता महत्वपूर्ण है। उनकी उपस्थिति और सक्रिय भागीदारी से निर्वाचन संबंधी कार्यों की निगरानी के साथ ही पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहती है। उन्होंने अधिकारियों एवं राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के बीच निरंतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया।

03 अक्टूबर 2026 को अंतिम रूप से प्रकाशित विधानसभा निर्वाचक नामावली के अनुसार जनपद के छह विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 1,008 मतदान केंद्रों पर 5,07,135 सामान्य मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें 2,64,235 पुरुष, 2,42,890 महिला तथा 10 तृतीय लिंग मतदाता शामिल हैं। इसके अलावा 14,570 सर्विस मतदाता हैं, जिनमें 14,319 पुरुष एवं 251 महिला सर्विस मतदाता शामिल हैं। इस प्रकार जनपद में सामान्य एवं सर्विस मतदाताओं को मिलाकर कुल 5,21,705 मतदाता पंजीकृत हैं।

बैठक में ईवीएम एवं वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) के संबंध में भी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को विस्तृत जानकारी दी गई। जनपद में FLC का कार्य 23 अक्टूबर 2026 से ईवीएम गोदाम, वेयर हाउस छतरीधार, कोटद्वार रोड, पौड़ी गढ़वाल में प्रारंभ किया जाएगा। प्रथम स्तरीय जांच का कार्य प्रतिदिन प्रातः 09:00 बजे से सायं 07:00 बजे तक किया जाएगा तथा सार्वजनिक अवकाश के दिनों में भी प्रक्रिया जारी रहेगी। जांच कार्य इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड द्वारा नामित इंजीनियरों के माध्यम से किया जाएगा।

एफएलसी की प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं निगरानी के लिए मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के जिला स्तरीय पदाधिकारियों अथवा उनके अधिकृत प्रतिनिधियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। प्रत्येक राजनीतिक दल से प्रतिदिन दो अधिकृत प्रतिनिधि एफएलसी प्रक्रिया में उपस्थित रह सकेंगे। एफएलसी पूर्ण होने के बाद यादृच्छिक रूप से चयनित 5 प्रतिशत मशीनों पर मॉक पोल भी कराया जाएगा।

जिलाधिकारी ने एफएलसी के लिए अधिकृत प्रतिनिधियों के नाम एवं आवश्यक विवरण उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने कहा कि विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 से संबंधित सभी तैयारियां निर्धारित समयसीमा के अनुसार पूरी की जाएं। साथ ही राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ आवश्यक समन्वय बनाए रखते हुए निर्वाचन प्रक्रिया को पारदर्शी एवं व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाया जाए।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी पीआर चौहान, सहायक निर्वाचन अधिकारी एस एल शाह, खंड शिक्षाधिकारी मास्टर आदर्श, राजनीतिक दलों से एसएस रावत, भरत रावत, राजेंद्र सिंह रावत, महादेव प्रसाद बहुगुणा, क्रांति किशोर, संतोष चंदोला सहित अन्य उपस्थित थे।


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