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परीक्षा संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी- अपर जिलाधिकारी

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परीक्षा संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी- अपर जिलाधिकारी

देहरादून के 32 परीक्षा केंद्रों पर होगी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा, 12,545 अभ्यर्थी होंगे शामिल

24 मई को दो पालियों आयोजित होगी परीक्षा

देहरादून। जनपद में 24 मई को आयोजित होने वाली सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। परीक्षा जनपद के 32 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में संपन्न कराई जाएगी, जिसमें कुल 12,545 परीक्षार्थी शामिल होंगे।

जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में परीक्षा के शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं सफल संचालन को सुनिश्चित करने के लिए अपर जिलाधिकारी (वि.रा) केके मिश्रा ने सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी ऑडिटोरियम में सभी जोनल मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट, नोडल अधिकारी पुलिस, केंद्र व्यवस्थापक एवं संबंधित अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

बैठक में अपर जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि परीक्षा संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी जोनल एवं सेक्टर मजिस्ट्रेटों को अपने-अपने परीक्षा केंद्रों का पूर्व में स्थलीय निरीक्षण करने तथा केंद्र व्यवस्थापकों के साथ समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही परीक्षा केंद्रों पर जैमर, सीसीटीवी कैमरे, फेस ऑथेंटिकेशन एप एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की सूक्ष्मता से जांच सुनिश्चित करने को कहा।

उन्होंने निर्देशित किया कि परीक्षा से एक दिन पूर्व सभी परीक्षा केंद्रों को पूर्ण रूप से सैनिटाइज किया जाए। इसके अतिरिक्त अधिकारियों को अपने मोबाइल नंबर संबंधित केंद्र व्यवस्थापकों को उपलब्ध कराने तथा परीक्षा अवधि के दौरान मोबाइल फोन सक्रिय रखने के निर्देश भी दिए गए।

उन्होंने जानकारी देते हुए बताया गया कि परीक्षा दो पालियों में आयोजित होगी। प्रथम पाली प्रातः 9ः30 बजे से 11ः30 बजे तक तथा द्वितीय पाली अपराह्न 2ः30 बजे से 4ः30 बजे तक संपन्न होगी। प्रथम पाली के प्रश्नपत्रों के सील्ड पैकेट प्रातः 07 बजे तथा द्वितीय पाली के प्रश्नपत्रों के सील्ड पैकेट प्रातः 11 बजे कोषागार के डबल लॉकर से प्राप्त कर नियत समय से पूर्व संबंधित परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाए जाएंगे।

अपर जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को परीक्षा की गोपनीयता, सुरक्षा व्यवस्था एवं समयबद्ध संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि परीक्षा को पूर्ण पारदर्शिता एवं अनुशासन के साथ संपन्न कराया जाए, ताकि अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

बैठक में पुलिस अधीक्षक सिटी प्रवीण कुमार, एसडीएम योगेश मेहरा, एसडीएम विनोद कुमार, एसडीएम अपूर्वा सिंह, एसडीएम कुमकुम जोशी, एसडीएम अपर्णा ढ़ौडियाल सहित जोनल मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट, पुलिस के नोडल अधिकारी, केंद्र व्यवस्थापक उपस्थित थे।


पर्यटन और आधारभूत ढांचे को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता- डॉ. आर. राजेश कुमार

डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में दो अहम परियोजनाओं की समीक्षा बैठक

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में राज्य के पर्यटन और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में सचिवालय में दो अहम परियोजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठकों में रुद्रप्रयाग जनपद के रतूड़ा गांव में प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह तथा चमोली जिले के जोशीमठ के रविग्राम में प्रस्तावित मल्टीलेवल पार्किंग परियोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाने और आवश्यक सुधारों के साथ संशोधित प्रस्ताव शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

रतूड़ा में बनेगा आधुनिक पहाड़ी शैली का राज्य अतिथि गृह

बैठक में रुद्रप्रयाग जनपद के ग्राम रतूड़ा में प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) पर विचार-विमर्श किया गया। करीब 34.29 करोड़ रुपये लागत वाली इस परियोजना को मुख्यमंत्री घोषणा से जुड़ा महत्वपूर्ण कार्य बताया गया। प्रस्तुतीकरण के दौरान सचिव राज्य संपत्ति डॉ. राजेश कुमार ने कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि भवन का डिजाइन पारंपरिक पहाड़ी वास्तुकला को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाए ताकि स्थानीय संस्कृति और आधुनिक सुविधाओं का बेहतर समन्वय दिखाई दे। उन्होंने कहा कि अतिथि गृह में 20 आधुनिक कक्षों के साथ दो वीवीआईपी सुइट और आवश्यक घरेलू सुविधाओं का समुचित प्रावधान सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा परियोजना को अधिक उपयोगी और आकर्षक बनाने के लिए जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक संशोधन किए जाएं। बैठक में विद्युत कार्यों की अलग डीपीआर तत्काल प्रस्तुत करने तथा सभी आवश्यक सुविधाओं को शामिल करते हुए संशोधित आगणन शीघ्र शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।

केदारनाथ यात्रा क्षेत्र को मिलेगा नया लाभ

रतूड़ा क्षेत्र में आधुनिक सुविधाओं से युक्त राज्य अतिथि गृह बनने से केदारनाथ यात्रा मार्ग और आसपास के पर्यटन क्षेत्रों में आने वाले विशिष्ट अतिथियों, अधिकारियों तथा पर्यटकों को बेहतर आवासीय सुविधाएं मिल सकेंगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। राज्य सरकार इस परियोजना को पर्यटन अवसंरचना के विस्तार की दृष्टि से महत्वपूर्ण मान रही है।

जोशीमठ में पार्किंग संकट दूर करने की तैयारी

दूसरी बैठक में चमोली जिले के जोशीमठ स्थित रविग्राम में प्रस्तावित मल्टीलेवल पार्किंग परियोजना की समीक्षा की गई। औली देश-विदेश के पर्यटकों का प्रमुख आकर्षण केंद्र है और वर्षभर बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचते हैं। बढ़ती वाहनों की संख्या के कारण जोशीमठ और औली क्षेत्र में यातायात दबाव लगातार बढ़ रहा है। इसी समस्या के समाधान के लिए लगभग 5.69 करोड़ रुपये लागत से मल्टीलेवल पार्किंग निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया गया है। बैठक में बताया गया कि परियोजना के तहत लोअर ग्राउंड स्तर पर 51 तथा ग्राउंड फ्लोर पर 46 वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था प्रस्तावित है। इस प्रकार कुल 97 कारों के लिए पार्किंग सुविधा विकसित की जाएगी। पार्किंग परिसर तक पहुंचने के लिए सात मीटर चौड़ा मार्ग प्रस्तावित किया गया है। चयनित भूमि राज्य सरकार के नियंत्रणाधीन है तथा उसे जिला विकास प्राधिकरण के पक्ष में हस्तांतरित करने की प्रक्रिया जारी है।

सुरक्षा और सुगमता पर विशेष जोर

परियोजना पर विस्तृत चर्चा के बाद सचिव आवास विभाग डॉ. राजेश कुमार ने पार्किंग परिसर तक पहुंचने वाले मार्ग को और अधिक सुविधाजनक बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने मार्ग की चौड़ाई एक से दो मीटर तक बढ़ाने और प्रवेश तथा निकास मार्गों को अलग-अलग करने के लिए बैरिकेडिंग की व्यवस्था विकसित करने को कहा। इससे यातायात संचालन अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित हो सकेगा। साथ ही जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण को निर्देशित किया गया कि चयनित भूमि के हस्तांतरण की प्रक्रिया एक माह के भीतर पूरी कर शासन को अवगत कराया जाए।

पर्यटन और विकास को मिलेगी नई गति

सचिव आवास एंव राज्य संपत्ति डॉ आर राजेश कुमार ने कहा कि इन दोनों परियोजनाओं को उत्तराखंड में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और आधुनिक आधारभूत ढांचे के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। एक ओर रुद्रप्रयाग में अत्याधुनिक राज्य अतिथि गृह के निर्माण से केदारघाटी में सरकारी एवं पर्यटन सुविधाओं को मजबूती मिलेगी, वहीं दूसरी ओर जोशीमठ में मल्टीलेवल पार्किंग बनने से औली आने वाले पर्यटकों को बड़ी राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुरूप शासन इन परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए लगातार निगरानी कर रहा है, ताकि पर्यटन, रोजगार और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिल सके।

पर्यटन और आधारभूत ढांचे को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता

सचिव आवास एंव राज्य संपत्ति डॉ आर राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार राज्य में पर्यटन और आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। आज रुद्रप्रयाग के रडुआ गांव में प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह तथा चमोली जिले के जोशीमठ स्थित रविग्राम में प्रस्तावित मल्टीलेवल पार्किंग परियोजना की विस्तार से समीक्षा की गई। हमारा उद्देश्य है कि विकास कार्य स्थानीय जरूरतों, पहाड़ी भूगोल और पारंपरिक वास्तुकला के अनुरूप हों, ताकि सुविधाओं के साथ-साथ क्षेत्रीय पहचान भी बनी रहे। रडुआ में बनने वाला आधुनिक राज्य अतिथि गृह केदारघाटी आने वाले अतिथियों और पर्यटकों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। वहीं, जोशीमठ की मल्टीलेवल पार्किंग औली और आसपास के क्षेत्रों में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। सभी संबंधित विभागों को आवश्यक तकनीकी सुधारों के साथ परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और टिकाऊ आधारभूत ढांचा विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।


एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई, हरभजवाला से बाईपास तक अवैध निर्माण सील

बिना नक्शा स्वीकृति बनाए जा रहे व्यावसायिक निर्माणों पर बड़ी कार्रवाई, प्राधिकरण ने दिया सख्त संदेश

देहरादून। राजधानी में अवैध निर्माणों के खिलाफ मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए हरभजवाला और सिमला बाईपास क्षेत्र में कई व्यावसायिक निर्माणों को सील कर दिया। प्राधिकरण की इस कार्रवाई को शहर में अनियोजित विकास और नियमों की अनदेखी पर कड़ा संदेश माना जा रहा है। एमडीडीए ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति और स्वीकृत मानचित्र के किसी भी प्रकार का निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा ऐसे मामलों में आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

दो स्थानों पर एक साथ कार्रवाई
एमडीडीए की प्रवर्तन टीम ने हरभजवाला क्षेत्र में असरफ अली द्वारा निर्मित की जा रही लगभग छह दुकानों को सील किया। जांच में पाया गया कि निर्माण कार्य बिना प्राधिकरण की स्वीकृति के किया जा रहा था। वहीं सिमला बाईपास रोड स्थित तेलपुर चौक के निकट आभास कुबेर चांद द्वारा व्यावसायिक उपयोग के लिए बनाए जा रहे लगभग नौ कमरों के निर्माण को भी सील कर दिया गया। दोनों मामलों में निर्माणकर्ताओं को पहले नोटिस जारी कर जवाब देने का अवसर दिया गया था, लेकिन संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर सीलिंग की कार्रवाई अमल में लाई गई।

नोटिस के बाद भी नहीं माने निर्माणकर्ता
प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार संबंधित निर्माणकर्ताओं के खिलाफ पहले चालानी कार्रवाई की गई थी और उन्हें कार्यालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद नियमों का पालन नहीं किया गया। इसके बाद संयुक्त सचिव गौरव चटवाल ने नियमानुसार सीलिंग के आदेश जारी किए। आदेशों के अनुपालन में सहायक अभियंता विजय सिंह रावत, अवर अभियंता मुनेष राणा और अन्य कर्मचारियों की मौजूदगी में शांतिपूर्ण ढंग से कार्रवाई संपन्न कराई गई।

शहर के नियोजित विकास पर फोकस
एमडीडीए का कहना है कि अवैध निर्माण केवल भवन उपनियमों का उल्लंघन नहीं हैं, बल्कि वे शहर के सुनियोजित विकास के लिए भी गंभीर चुनौती बनते हैं। ऐसे निर्माणों के कारण यातायात व्यवस्था, जल निकासी तंत्र, पार्किंग और अन्य आधारभूत सुविधाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। यही वजह है कि प्राधिकरण लगातार निरीक्षण अभियान चलाकर अवैध निर्माणों की पहचान कर रहा है और उनके खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित कर रहा है।

नियम तोड़ने वालों को नहीं मिलेगी राहत
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य बिना स्वीकृति के नहीं किया जा सकता। लोगों को समय-समय पर नोटिस और जागरूकता के माध्यम से नियमों की जानकारी दी जाती है, लेकिन इसके बावजूद अवैध निर्माण जारी रखने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से भवन निर्माण शुरू करने से पहले मानचित्र स्वीकृत कराने की अपील की।

अभियान आगे भी रहेगा जारी
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि अवैध निर्माणों के खिलाफ नियमित अभियान चलाया जा रहा है। नियमों का उल्लंघन करने वालों को पहले नोटिस देकर मौका दिया जाता है, लेकिन अनदेखी होने पर सीलिंग जैसी कार्रवाई अपरिहार्य हो जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजधानी में कानूनसम्मत और नियोजित विकास सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेगा।


एनडीए 2026 लिखित परीक्षा में उत्तराखण्ड डिफेंस एकेडमी के 3 विद्यार्थियों ने लहराया परचम

प्रदेश के सभी एनडीए लिखित परीक्षा में सफल अभियार्थियों को निःशुल्क एसएसबी इंटरव्यू प्रशिक्षण देगा उत्तराखंड डिफेंस एकेडमी देहरादून।

सफल अभ्यर्थियों को एकेडमी देगा नि:शुल्क एसएसबी इंटरव्यू प्रशिक्षण, चेयरमैन एडवोकेट ललित मोहन जोशी ने दी शुभकामनाएं

देहरादून। उत्तराखण्ड डिफेंस एकेडमी के लिए गर्व का विषय है कि एकेडमी के तीन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों—क्षितिज चवान, अनंत यादव एवं स्वास्तिक त्रिपाठी—ने एनडीए 2026 की लिखित परीक्षा उत्तीर्ण कर संस्थान का नाम रोशन किया है। विद्यार्थियों की इस उपलब्धि से एकेडमी परिवार में हर्ष का माहौल है।

सीआईएमएस एंड यूआईएचएमटी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के चेयरमैन एडवोकेट ललित मोहन जोशी ने सफल विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए घोषणा की कि एकेडमी की ओर से उन्हें नि:शुल्क एसएसबी इंटरव्यू प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि विद्यार्थी आगे भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए भारतीय सेना में अधिकारी बनने का अपना सपना अवश्य साकार करेंगे। उन्होंने कहा कि यह सफलता विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन एवं ट्रेनिंग स्टाफ के समर्पण का परिणाम है।

एकेडमी के डायरेक्टर मेजर (रिटा.) ललित सामंत ने कहा कि विद्यार्थियों की यह सफलता पूरी एकेडमी के लिए प्रेरणादायक और गौरवपूर्ण क्षण है। उन्होंने बताया कि लिखित परीक्षा में सफलता पहला महत्वपूर्ण पड़ाव है और उन्हें विश्वास है कि विद्यार्थी एसएसबी इंटरव्यू सहित आगामी सभी चरणों में भी श्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि एकेडमी आधुनिक तकनीकों एवं उन्नत प्रशिक्षण पद्धतियों के माध्यम से युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

एकेडमी के प्रशासनिक अधिकारी कर्नल (रिटा.) जे. एस. नेगी ने भी सफल विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी यह उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।


मासिक स्टाफ बैठक में जिलाधिकारी ने राजस्व वसूली से लेकर फार्मर रजिस्ट्री तक दिए कड़े निर्देश

चारधाम यात्रा, अवैध खनन, पेयजल, गैस आपूर्ति एवं जन शिकायतों पर अधिकारियों को किया जवाबदेह

लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण और जनहित कार्यों में पारदर्शिता पर दिया जोर

पौड़ी। जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित मासिक स्टाफ बैठक में जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने विभिन्न विभागों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध, पारदर्शी एवं जनहित केंद्रित कार्यप्रणाली अपनाने के निर्देश दिए। बैठक में राजस्व वसूली, चारधाम यात्रा व्यवस्थाएं, अवैध खनन एवं शराब पर कार्रवाई, फार्मर रजिस्ट्री, पेयजल आपूर्ति, जन शिकायतों के निस्तारण, प्रमाणपत्र सत्यापन तथा अन्य विभागीय योजनाओं की समीक्षा की गई।

खनन विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने जिला खान अधिकारी एवं राजस्व विभाग को गुमखाल-सतपुली मार्ग सहित संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण कर अवैध खनन एवं अवैध भंडारण पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध भंडारण गतिविधियों में संलिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए।

पूर्ति विभाग की समीक्षा में जिलाधिकारी ने गैस गोदामों एवं पेट्रोल पंपों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पेट्रोल, डीजल एवं रसोई गैस आमजन की मूलभूत आवश्यकताएं हैं, इसलिए इनके वितरण में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में रोस्टर के अनुसार आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी उन्होंने जोर दिया।

आबकारी विभाग की समीक्षा में जिलाधिकारी ने अवैध शराब के परिवहन, बिक्री एवं भंडारण पर विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दूरस्थ एवं संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित छापेमारी अभियान संचालित किए जाएं तथा निर्धारित मूल्य से अधिक दरों पर शराब बेचने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि कोई भी व्यक्ति अवैध रूप से शराब का भंडारण न करे, इसके लिए नियमित निरीक्षण एवं निगरानी सुनिश्चित की जाए।

बैठक में जिलाधिकारी ने परिवहन विभाग को ओवरलोडिंग, ओवरस्पीड तथा ड्रंक एंड ड्राइव के मामलों में कड़ी प्रवर्तन कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने लोनिवि एनएच को यात्रा मार्गों पर संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण स्थानों पर आवश्यक संकेतक लगाने तथा मार्गों को सुरक्षित बनाए रखने के निर्देश भी दिए।

जिला विकास प्राधिकरण की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि मानचित्र संबंधी कोई भी आवेदन जेई स्तर पर दस दिन से अधिक लंबित न रहे। उन्होंने उपजिलाधिकारियों को लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा कर त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही पुलिस एवं न्याय विभाग से संबंधित मामलों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने पुराने वादों के प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण पर जोर दिया। सिविल एवं राजस्व वादों, लंबित आरोप पत्रों तथा भू-राजस्व से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि पुराने वादों का निस्तारण 15 जून तक सुनिश्चित किया जाए तथा कोई भी मामला गैर सूचीबद्ध न रहने पाए।

पीपी एक्ट एवं विविध देय वसूली की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने वसूली कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि अमीन 31 मई तक अपेक्षित प्रगति नहीं करते हैं तो संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

अविवादित विरासत मामलों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने राजस्व एवं पंचायती राज विभाग को संयुक्त रूप से रोस्टर तैयार कर त्रैमासिक अभियान एवं शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि लंबित मामलों का त्वरित निस्तारण किया जा सके। साथ ही तहसीलों में निर्माणाधीन एवं मरम्मत योग्य चौकियों तथा आवासीय भवनों के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए।

जिलाधिकारी ने स्थायी, जाति, ईडब्ल्यूएस एवं अन्य प्रमाणपत्रों के सत्यापन कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रमाणपत्र जारी करने में अनावश्यक देरी न हो तथा सभी मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से संबंधित मामलों की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि तत्काल चेक वितरण कर समायोजन प्रस्तुत करें।

ई-ऑफिस की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ई-ऑफिस आईडी बन चुकी हैं, वे समस्त पत्राचार ई-ऑफिस के माध्यम से करना सुनिश्चित करें। जिनकी आईडी लंबित हैं, उन्हें शीघ्र तैयार किया जाए। साथ ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, जनता दरबार एवं तहसील दिवस से प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने विशेष रूप से 15 दिन से अधिक लंबित शिकायतों को प्राथमिकता से निपटाने को कहा।

खातेदारों के अंश निर्धारण कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने पटवारियों को अधिक से अधिक फील्ड भ्रमण कर राजस्व मामलों का मौके पर समाधान करने के निर्देश दिए।

फार्मर रजिस्ट्री की समीक्षा के दौरान आधार लिंकिंग की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी ने तहसील स्तर पर विशेष आधार शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक किसानों की आधार लिंकिंग कर फार्मर रजिस्ट्री की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी कॉमन सर्विस सेंटर द्वारा निर्धारित शुल्क से अधिक धनराशि वसूली जाती है तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में ग्रीष्मकालीन पेयजल व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारियों को क्षेत्र में नियमित निरीक्षण करने तथा पेयजल शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी स्वयं क्षेत्र में जाकर पेयजल योजनाओं का निरीक्षण करें तथा प्रत्येक 15 दिन में अधिशासी अभियंताओं के साथ समीक्षा बैठक आयोजित करें, ताकि पेयजल आपूर्ति सुचारु बनी रहे।

बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत बीएलओ प्रशिक्षण की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि रोस्टर तैयार कर प्रशिक्षण कार्यक्रम तत्काल प्रारंभ किया जाए, ताकि पुनरीक्षण कार्य समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से संपन्न हो सके।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि जनता से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा सभी विभाग समन्वय के साथ जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करना सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत एवं लंबित प्रकरण का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए।

बैठक में संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, उपजिलाधिकारी नूपुर वर्मा, चतर सिंह चौहान, संदीप कुमार, शालिनी मौर्य, रेखा आर्य, कृष्णा त्रिपाठी, आरटीओ विमल चंद्र पांडेय, सीओ तुषार बोरा, जिला आबकारी अधिकारी तपन पांडेय, जिला खनन अधिकारी अंकित मुयाल, मुख्य कृषि अधिकारी ऋतु कुकरेती, जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार वर्मा, अधिशासी अभियंता विद्युत अभिनव रावत, आपदा प्रबंधन अधिकारी दीपेश काला, ईडीएम सचिन भट्ट सहित सभी तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


ऋषिकेश में विजिलेंस का बड़ा एक्शन, रिश्वत लेता जेई रंगे हाथ गिरफ्तार

टेंडर पेमेंट के बदले मांगी थी 50 हजार की रिश्वत

देहरादून। ऋषिकेश में विजिलेंस टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक जूनियर इंजीनियर (जेई) को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी जेई पर टेंडर की पेमेंट जारी करने के बदले 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है। कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप मच गया।

मिली जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने विजिलेंस के टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि वह सरकारी विभागों में ठेकेदारी का कार्य करता है और पशुलोक बैराज ऋषिकेश में उसके द्वारा किए गए टेंडर कार्य की पेमेंट लंबित थी। आरोप है कि संबंधित जेई फैसल खान भुगतान जारी करने के एवज में 50 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था।

शिकायत की पुष्टि होने के बाद विजिलेंस ने तत्काल ट्रैप टीम का गठन किया। योजनाबद्ध कार्रवाई के तहत टीम ने आरोपी जेई फैसल खान को शिकायतकर्ता से रिश्वत की रकम लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोपी की पहचान फैसल खान पुत्र लियाकत हुसैन निवासी कटोराताल, थाना काशीपुर, जनपद उधमसिंह नगर के रूप में हुई है।

विजिलेंस टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।


नैनीताल में दर्दनाक सड़क हादसा, गहरी खाई में गिरी कार, पांच की मौत

नैनीताल। भवाली-सेनिटोरियम मोटर मार्ग पर बृहस्पतिवार दोपहर दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। एक तेज रफ्तार कार अचानक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय लोग राहत एवं बचाव कार्य में जुट गए।

दोपहर करीब दो बजे भवाली-सेनिटोरियम रोड पर सामान्य दिनों की तरह यातायात चल रहा था। पर्यटक भी प्राकृतिक वादियों का आनंद लेते हुए अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे थे। इसी दौरान एक कार अचानक संतुलन खो बैठी और सड़क से सीधे गहरी खाई में जा गिरी। हादसे की जोरदार आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके की ओर दौड़े, लेकिन तब तक पांच लोगों की जिंदगी खत्म हो चुकी थी।

घटना की सूचना पर पुलिस और एसडीआरएफ की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से राहत एवं बचाव अभियान चलाकर खाई में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया। गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल भेजा गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।

कोतवाल प्रकाश सिंह मेहरा के अनुसार दुर्घटना बेहद भीषण थी। कार के खाई में गिरते ही उसमें सवार पांच लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। पुलिस मृतकों की पहचान करने में जुटी है और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।

इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। हादसे ने एक बार फिर पहाड़ी मार्गों पर सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की जरूरत को उजागर कर दिया है।


द्वितीय केदार श्री मदमहेश्वर मंदिर के कपाट श्रद्धा एवं वैदिक विधि-विधान से खुले

बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने श्रद्धालुओं को दी शुभकामनाएं

रुद्रप्रयाग। द्वितीय केदार के नाम से विख्यात श्री मदमहेश्वर मंदिर के कपाट आज 21 मई गुरुवार पूर्वाह्न 11.30 बजे कर्क लग्न में श्रद्धा, भक्ति उल्लास एवं वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत खोल दिए गए। कपाटोत्सव के अवसर पर मंदिर को फूलों से सजाया गया था, इस दौरान सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भगवान मदमहेश्वर के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।

कपाट खुलने के अवसर पर अपने जारी संदेश में श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने देश-विदेश के श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान मदमहेश्वर का आशीर्वाद सभी भक्तों पर बना रहे। वहीं बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि श्री मदमहेश्वर यात्रा हेतु समिति के स्तर पर व्यापक तैयारियां की गयी है।

बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि भगवान मदमहेश्वर जी की चल विग्रह डोली 19 मई को श्री ओंकारेश्वर मंदिर से प्रथम पड़ाव श्री राकेश्वरी मंदिर के लिए रवाना हुई थी। 20 मई को डोली हकहकूकधारियों के गांव गौंडार पहुंची तथा आज प्रातः गौंडार से प्रस्थान कर श्री मदमहेश्वर धाम पहुंची आज निर्धारित तिथि 21 नवंबर पूर्वाह्न समय 11.30 बजे भगवान मदमहेश्वर जी के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खुल गये।

यह भी ज्ञातव्य है कि 19 मई को श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ से समारोह पूर्वक रावल भीमाशंकर लिंग तथा श्री ओंकारेश्वर मंदिर प्रभारी बिजेंद्र बिष्ट ने भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह डोली को प्रस्थान कराया था। श्री ओंकारेश्वर मंदिर प्रभारी बिजेंद्र बिष्ट ने बताया कि आज 1135 श्रद्धालु श्री मदमहेश्वर धाम दर्शन को पहुंचे है।

कपाट खुलने की प्रक्रिया के अंतर्गत पुजारी शिवशंकर लिंग ने विधिवत पूजा-अर्चना एवं कपाट खुलने की प्रक्रिया संपन्न कराई। इस दौरान भगवान महेश्वर के स्वयंभू शिवलिंग को समाधि रूप से श्रृंगार रूप प्रदान किया इससे पहले भगवान मदमहेश्वर जी की चलविग्रह डोली ने भंडार कक्ष तक अवलोकन को पहुंची ।

इस अवसर पर मंदिर समिति सदस्य प्रह्लाद पुष्पवान, दानीदाता दिनेश कानोड़िया,डोली प्रभारी किशन त्रिवेदी, वीरेश्वर भट्ट,विशेश्वर भट्ट, दिनेश पंवार गणेश सेमवाल प्रकाश पंवार सहित स्थानीय हकहकूकधारी, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।


मुख्यमंत्री धामी ने पर्यावरणविद सुंदरलाल बहुगुणा की पुण्यतिथि पर किया उन्हें याद

मुख्यमंत्री ने कहा, बहुगुणा का प्रकृति संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और हिमालय की रक्षा के लिए किया गया संघर्ष देश और समाज के लिए प्रेरणास्रोत 

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रख्यात पर्यावरणविद्, चिपको आंदोलन के अग्रदूत और पद्म विभूषण से सम्मानित सुंदरलाल बहुगुणा की पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुंदरलाल बहुगुणा का प्रकृति संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और हिमालय की रक्षा के लिए किया गया आजीवन संघर्ष देश और समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सुंदरलाल बहुगुणा ने जनजागरण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप प्रदान किया और लोगों को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति बहुगुणा के विचार और संघर्ष आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करते रहेंगे।


भीषण गर्मी से तप रहा दून, तापमान हुआ 40 के पार

अगले सात दिन राहत के आसार नहीं

मौसम विभाग ने जारी किया लू का अलर्ट

देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून भीषण गर्मी की चपेट में है। बुधवार को शहर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, जिससे लोगों को तेज धूप और गर्म हवाओं का सामना करना पड़ा। मोहकमपुर क्षेत्र में अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का सबसे अधिक तापमान माना जा रहा है। मौसम विभाग ने आज भी तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताते हुए लू का अलर्ट जारी किया है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार राज्य के मैदानी इलाकों में गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। देहरादून के अलावा हरिद्वार, पौड़ी, नैनीताल और उत्तरकाशी के सीमावर्ती क्षेत्रों में भी लू चलने की आशंका है। वहीं पंतनगर में अधिकतम तापमान 40.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। पर्वतीय क्षेत्रों में भी तापमान सामान्य से काफी अधिक बना हुआ है। मुक्तेश्वर में 29.1 और टिहरी में 29.9 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया।

हालांकि, मौसम विभाग ने उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना जताई है, लेकिन बाकी जिलों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। लगातार बढ़ती गर्मी को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क हो गया है। देहरादून जिला प्रशासन ने आपदा परिचालन केंद्र को 24 घंटे सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अस्पतालों में ओआरएस, आईवी फ्लूड्स और जरूरी दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।

मौसम विभाग के सात दिन के पूर्वानुमान के मुताबिक फिलहाल गर्मी से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। आने वाले दिनों में देहरादून का तापमान 40 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रह सकता है। मौसम विशेषज्ञों ने लोगों से दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है।


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