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मिशन मोड में मातृ मृत्यु दर घटाने की पहल, संस्थागत प्रसव और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष जोर

Category Archives: उत्तराखंड

मिशन मोड में मातृ मृत्यु दर घटाने की पहल, संस्थागत प्रसव और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष जोर

सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सचिन कुर्वे का फोकस- हर गर्भवती महिला तक समय पर पहुंचे स्वास्थ्य सेवाएं

देहरादून। उत्तराखंड सरकार मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार के लिए मिशन मोड में कार्य कर रही है। इसी क्रम में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा राज्य में मातृ मृत्यु दर (MMR) को कम करने के उद्देश्य से व्यापक रणनीति के तहत लगातार समीक्षा और सख्त मॉनिटरिंग की जा रही है। सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सचिन कुर्वे द्वारा बीते एक सप्ताह से राज्य के सभी जनपदों की गहन समीक्षा की जा रही है ताकि जमीनी स्तर तक स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित की जा सके।

जमीनी स्तर की समीक्षा से तैयार हो रही रणनीति

सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सचिन कुर्वे की अध्यक्षता में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में पहली बार फील्ड स्तर की वास्तविक स्थिति जानने के लिए एएनएम को भी जोड़ा गया। बैठक में विशेष रूप से हरिद्वार और पौड़ी जनपद की एएनएम ने सहभागिता कर जमीनी अनुभव साझा किए और ग्रामीण क्षेत्रों में आने वाली चुनौतियों की जानकारी दी।

बैठक के दौरान सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सचिन कुर्वे ने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार सतत विकास लक्ष्यों (SDG) के अनुरूप मातृ मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी लाने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। इसके लिए संस्थागत प्रसव को मजबूत बनाना, गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण एएनसी सेवाएं उपलब्ध कराना तथा प्रत्येक गर्भवती महिला तक समय पर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

शून्य होम डिलीवरी का लक्ष्य

समीक्षा बैठक में मातृ स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ टीबी उन्मूलन कार्यक्रम और PCPNDT अधिनियम के क्रियान्वयन की भी विस्तृत समीक्षा की गई। सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सचिन कुर्वे ने स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य में शून्य होम डिलीवरी और शून्य रोकी जा सकने वाली मातृ मृत्यु सुनिश्चित करने के लिए सभी जिलों को मिशन मोड में कार्य करना होगा। उन्होंने निर्देशित किया कि जिन क्षेत्रों में घरों पर प्रसव की घटनाएं अधिक हैं, वहां जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और उप जिलाधिकारी स्तर पर विशेष अभियान चलाया जाए। साथ ही मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को स्वयं फील्ड विजिट कर एएनएम, आशा कार्यकर्ताओं, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वित बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए गए।

गर्भवती महिलाओं की सटीक ट्रैकिंग पर जोर

बैठक में निर्देश दिए गए कि प्रत्येक गर्भवती महिला की सटीक लाइन लिस्टिंग और EDD आधारित ट्रैकिंग अनिवार्य रूप से की जाए। इसके साथ ही समयबद्ध कॉलिंग और फॉलो-अप के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी महिला स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रह जाए। सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सचिन कुर्वे ने 102 और 108 एम्बुलेंस सेवाओं के साथ विभागीय वाहनों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं के लिए निःशुल्क और समयबद्ध पिकअप एवं ड्रॉप सुविधा को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए।

ANC जांच और आवश्यक परीक्षण अनिवार्य

समीक्षा के दौरान सभी गर्भवती महिलाओं का शीघ्र पंजीकरण सुनिश्चित करने और कम से कम चार एएनसी जांच कराने पर विशेष जोर दिया गया। इसके साथ ही आवश्यक लैब परीक्षण और अल्ट्रासाउंड अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश दिए गए।

सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सचिन कुर्वे ने कहा कि गर्भवती महिलाओं की 100 प्रतिशत HBsAg जांच सुनिश्चित की जाए तथा पॉजिटिव मामलों में HBIG की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाए। उच्च जोखिम गर्भावस्थाओं की पहचान कर विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा उनकी नियमित निगरानी की व्यवस्था की जाएगी।

एनीमिया नियंत्रण के लिए विशेष अभियान

बैठक में एनीमिया नियंत्रण को भी मातृ स्वास्थ्य सुधार का महत्वपूर्ण घटक बताया गया। सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सचिन कुर्वे ने निर्देश दिए कि गर्भवती महिलाओं की नियमित ट्रैकिंग, समयबद्ध फॉलो-अप और आवश्यक उपचार सुनिश्चित किया जाए।

मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि गंभीर एनीमिया के मामलों की विशेष निगरानी करते हुए तत्काल चिकित्सकीय हस्तक्षेप किया जाए, ताकि मातृ मृत्यु के जोखिम को कम किया जा सके।

जन-जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी पर बल

सामुदायिक स्तर पर व्यवहार परिवर्तन को बढ़ावा देने के लिए व्यापक IEC और IPC गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए। आशा कार्यकर्ताओं को प्रत्येक माह प्रजनन आयु वर्ग की महिलाओं के साथ संवाद स्थापित करने और संस्थागत प्रसव के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए कहा गया।

टीबी उन्मूलन अभियान की समीक्षा

बैठक में टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की भी समीक्षा की गई। सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सचिन कुर्वे ने निर्देश दिए कि 100 दिवसीय अभियान के अंतर्गत राज्य के सभी हाई-रिस्क 4216 ग्रामों को अनिवार्य रूप से कवर किया जाए। उन्होंने कहा कि आयुष्मान आरोग्य शिविरों में जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करते हुए अधिकतम टीबी स्क्रीनिंग की जाए तथा प्रत्येक चिकित्सालय की कुल ओपीडी का कम से कम 10 प्रतिशत टीबी स्क्रीनिंग के लिए रेफर किया जाए।

PCPNDT अधिनियम के सख्त अनुपालन के निर्देश

सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सचिन कुर्वे ने PCPNDT अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए भी सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जनपद में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में न्यूनतम छह अनिवार्य बैठकें आयोजित की जाएं तथा प्रत्येक 90 दिनों में सरकारी और निजी स्वास्थ्य संस्थानों का नियमित निरीक्षण किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि लिंग निर्धारण से संबंधित अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए डिकॉय ऑपरेशन चलाए जाएं और सूचना देने वाले व्यक्तियों को प्रोत्साहित तथा सम्मानित किया जाए।

वार रूम से हो रही रियल टाइम मॉनिटरिंग

राज्य स्तर पर स्थापित मातृ स्वास्थ्य वार रूम के माध्यम से प्रत्येक गर्भवती महिला विशेषकर उच्च जोखिम मामलों की रियल टाइम निगरानी की जा रही है। इस व्यवस्था के माध्यम से केस आधारित ट्रैकिंग, त्वरित निर्णय और समयबद्ध हस्तक्षेप सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे मातृ मृत्यु दर में कमी लाने की दिशा में प्रभावी प्रगति हो रही है।

समयबद्ध और परिणामोन्मुख कार्ययोजना पर जोर

बैठक के अंत में सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सचिन कुर्वे ने स्पष्ट कहा कि राज्य में कोई भी गर्भवती महिला एएनसी सेवाओं, आवश्यक परीक्षणों और संस्थागत प्रसव से वंचित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अनावश्यक होम डिलीवरी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी और सभी जनपदों को समयबद्ध तथा परिणामोन्मुख कार्ययोजना बनाकर तत्काल प्रभाव से क्रियान्वयन सुनिश्चित करना होगा।

सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सचिन कुर्वे ने कहा कि उत्तराखंड सरकार मातृ स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गर्भवती महिला तक समय पर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना और सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लिए संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने, समय पर जांच और उच्च जोखिम मामलों की पहचान कर विशेषज्ञ निगरानी सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो उसके प्रति शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

बैठक में निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. रश्मि पंत, सहायक निदेशक डॉ. अमलेश, सहायक निदेशक डॉ. उमा रावत, संबंधित जनपदों के मुख्य चिकित्सा अधिकारी सहित डॉ. नितिन अरोड़ा (सीनियर कंसल्टेंट) भी उपस्थित रहे।


मंत्री रेखा आर्या ने जन मिलन कार्यक्रम में सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं

सड़क, राशन कार्ड और आर्थिक सहायता की मांगों पर मंत्री ने दिया त्वरित समाधान का आश्वासन

अल्मोड़ा। सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र के गांव कंडोलिया मनान स्थित देवी मंदिर में आयोजित जन मिलन कार्यक्रम में प्रदेश की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने प्रतिभाग कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं।

इस दौरान ग्रामीणों ने सड़क निर्माण, राशन कार्ड में नाम जोड़ने और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को सहायता दिलाने जैसी प्रमुख मांगें मंत्री के समक्ष रखीं। मंत्री रेखा आर्या ने कई समस्याओं का मौके पर ही समाधान करते हुए शेष लंबित मामलों को शीघ्र निस्तारित करने का आश्वासन दिया।

कार्यक्रम में मंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि ग्रामवासियों की भावना के अनुरूप सड़क निर्माण एवं अन्य विकास कार्यों के लिए विधायक निधि से 13.50 लाख रुपये प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के समग्र विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान प्राथमिकता है।

इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष सुंदर राणा, विधायक प्रतिनिधि भुवन जोशी, ग्राम प्रधान मनोज कुमार, क्षेत्र पंचायत सदस्य संजय राम, मंडल महामंत्री कृष्णा भंडारी, पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख गोपाल खोलिया, महेश पांडे, प्रकाश पांडे, दीपक कुमार, अशोक कुमार, पंकज बरेली, दीवान, भूपाल मेहरा, कुंदन गिरी, श्याम सिंह रौतेला, प्रकाश नेगी, हिमांशु कोहली, प्रकाश बिष्ट, नवीन उप्रेती, भागवत राम, रमेश पांडे सहित अनेक लोग मौजूद रहे।


श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के 100 करोड़ से अधिक बकाया का भुगतान जल्द: समाज कल्याण मंत्री

कैबिनेट मंत्री खजान दास ने श्री दरबार साहिब में टेका मत्था

मंत्री ने दिया भरोसा, श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के सहयोग की सराहना, सरकार ने हरसंभव मदद का दिया आश्वासन

 श्री दरबार साहिब द्वारा राजपुर स्थित माँ अम्बिका देवी मंदिर के भव्य जीर्णोद्धार कार्य की खुलकर सराहना की

श्री दरबार साहिब के सज्जादे गद्दी नशीन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज से लिया आशीर्वाद, शिष्टाचार भेंट की

देहरादून। राज्य सरकार जल्द ही विभिन्न अनुबंधित स्वास्थ्य योजनाओं की 100 करोड़ रुपये से अधिक की बकाया राशि का भुगतान श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल को करेगी। समाज कल्याण मंत्री खजान दास ने श्री दरबार साहिब में दर्शन के दौरान कहा कि जहां अन्य अस्पतालों ने आयुष्मान, गोल्डन कार्ड और ईएसआई योजनाएं बंद कर दीं, वहीं श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल ने निरंतर सेवाएं जारी रखकर सरकार का हमेशा सहयोग किया, जिसके चलते सरकार भी श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल को हरसंभव सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने श्री दरबार साहिब द्वारा राजपुर स्थित माँ अम्बिका देवी मंदिर के भव्य जीर्णोद्धार कार्य की खुलकर सराहना करते हुए इसकी प्रशंसा की।

समाज कल्याण मंत्री खजान दास ने बुधवार को श्री दरबार साहिब पहुंचकर मत्था टेका और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान उन्होंने श्री दरबार साहिब के सज्जादे गद्दी नशीन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज से शिष्टाचार भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया। भेंट के दौरान दोनों के बीच प्रदेश के समसामयिक विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई, जिसमें विशेष रूप से पर्यावरण संरक्षण, जनस्वास्थ्य सेवाएं और सामाजिक कल्याण से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।

श्री दरबार साहिब की परंपरा के अनुसार कैबिनेट मंत्री का भव्य स्वागत किया गया। खजान दास ने श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल द्वारा प्रदान की जा रही उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान आमजन को सुलभ और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। वहीं, श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय द्वारा उच्च शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों की जानकारी साझा की। कैबिनेट मंत्री बनने के बाद यह खजान दास का श्री दरबार साहिब का पहला दौरा रहा।

समाज कल्याण मंत्री खजान दास ने इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि समाज कल्याण विभाग द्वारा वृद्धजन, दिव्यांगजन, महिलाओं एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए चलाई जा रही योजनाएं दीर्घकालिक लाभ प्रदान कर रही हैं और आमजन के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।


मसूरी को मिलेगी ‘हरित’ सौगात, 15.5 एकड़ में बनेगा प्रकृति उद्यान

पर्यटन विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा नया आयाम- बंशीधर तिवारी

देहरादून- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में पर्यटन नगरी मसूरी को पर्यावरणीय दृष्टि से और अधिक समृद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई है। मसूरी- देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा मसूरी के हुसैनगंज क्षेत्र में लगभग 15.5 एकड़ भूमि पर अत्याधुनिक प्रकृति उद्यान (ईको पार्क) का निर्माण किया जाएगा। यह परियोजना पर्यटन विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता देने वाली एक महत्वपूर्ण योजना मानी जा रही है।

मसूरी लंबे समय से उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल रही है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में पर्यटन के बढ़ते दबाव के बीच प्राकृतिक संतुलन बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए एमडीडीए ने यह पहल की है, ताकि मसूरी को एक पर्यावरण-अनुकूल और संतुलित पर्यटन मॉडल के रूप में विकसित किया जा सके।

प्रकृति के बीच आधुनिक सुविधाओं वाला उद्यान

प्रस्तावित प्रकृति उद्यान को पूरी तरह पर्यावरण-अनुकूल अवधारणा पर विकसित किया जाएगा। इसकी रूपरेखा इस प्रकार तैयार की गई है कि पहाड़ी क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और हरियाली को किसी प्रकार की क्षति न पहुंचे। उद्यान में कृत्रिम पहाड़ी जलाशय, घने पेड़ों के बीच से गुजरने वाले वन पथ, बच्चों के लिए आकर्षक बाल उद्यान तथा युवाओं के लिए साहसिक गतिविधियों वाला क्षेत्र विकसित किया जाएगा। इससे यह स्थान परिवारों, बच्चों और युवाओं के लिए एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र बनेगा।
इस परियोजना का उद्देश्य केवल मनोरंजन स्थल तैयार करना नहीं है, बल्कि लोगों को प्रकृति के करीब लाने और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का भी है। ऐसे प्रकृति उद्यान पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के महत्व को समझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

जैव विविधता को मिलेगा बढ़ावा

प्रकृति उद्यान में विभिन्न प्रजातियों के स्थानीय पेड़ों और पौधों का व्यापक रोपण किया जाएगा। इससे क्षेत्र में हरियाली बढ़ेगी और जैव विविधता को भी मजबूती मिलेगी। पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के हरित क्षेत्र न केवल प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में सहायक होते हैं, बल्कि स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण भी प्रदान करते हैं। इसके अलावा उद्यान में आगंतुकों के लिए आरामदायक बैठने की व्यवस्था, आकर्षक मंडप (गज़ीबो), योग पथ और भोजनालय जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इन व्यवस्थाओं से पर्यटक प्राकृतिक वातावरण में समय बिताने के साथ-साथ स्वास्थ्य और मनोरंजन से जुड़ी गतिविधियों का आनंद ले सकेंगे।

संस्कृति और प्रकृति से परिचित कराएगा संग्रहालय

परियोजना के अंतर्गत एक छोटा संग्रहालय भी स्थापित किया जाएगा। इसमें मसूरी और आसपास के क्षेत्रों की सांस्कृतिक विरासत, स्थानीय परंपराओं और जैव विविधता से जुड़ी जानकारियां प्रदर्शित की जाएंगी। इससे आने वाले पर्यटक न केवल प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेंगे, बल्कि इस क्षेत्र के इतिहास और पर्यावरणीय महत्व को भी समझ सकेंगे। यह पहल मसूरी को पर्यटन मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाने में भी सहायक साबित हो सकती है।

निर्माण में रखा जाएगा पर्यावरण संतुलन का ध्यान

प्रकृति उद्यान के निर्माण के दौरान पर्यावरण संतुलन बनाए रखने पर विशेष जोर दिया जाएगा। परियोजना में न्यूनतम कंक्रीट का उपयोग किया जाएगा तथा अधिकतम स्थानीय सामग्री को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे एक ओर पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को कम किया जा सकेगा, वहीं स्थानीय संसाधनों के उपयोग से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। यह उद्यान न केवल पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा, बल्कि स्थानीय निवासियों के लिए भी एक सुंदर सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित होगा, जहां वे प्रकृति के बीच सुकून के क्षण बिता सकेंगे।

मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में आगे बढ़ रही योजना: बंशीधर तिवारी

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में मसूरी को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हुसैनगंज में बनने वाला यह प्रकृति उद्यान मसूरी के पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। इस परियोजना में प्रकृति के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और स्थानीय वनस्पतियों तथा प्राकृतिक ढलानों को सुरक्षित रखते हुए सुविधाएं विकसित की जाएंगी। उनका कहना है कि यह उद्यान आने वाले समय में मसूरी के पर्यटकों के लिए एक नया आकर्षण बनेगा और स्थानीय लोगों को भी प्रकृति के बीच समय बिताने के लिए एक सुंदर एवं स्वच्छ सार्वजनिक स्थल उपलब्ध कराएगा।

विकास और संरक्षण के बीच संतुलन: मोहन सिंह बर्निया

एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि प्रकृति उद्यान की पूरी योजना पर्यावरणीय मानकों को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि परियोजना का उद्देश्य विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करना है। उद्यान के डिजाइन में प्राकृतिक ढलानों, हरियाली और स्थानीय संसाधनों को सुरक्षित रखने का विशेष ध्यान रखा गया है। उनका कहना है कि इस परियोजना के पूरा होने से मसूरी में पर्यावरण- अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और यह स्थान भविष्य में पर्यटकों के लिए एक महत्वपूर्ण आकर्षण का केंद्र बनेगा।


उत्तराखण्ड STF साइबर क्राइम का शिकंजा अब जम्मू-कश्मीर तक

श्रीनगर (बडगाम) से साइबर ठगी करने वाले दो शातिर अभियुक्त गिरफ्तार डिजिटल अरेस्ट और बैंक खातों के जरिए देशभर में ठगी करने वाला संगठित गिरोह बेनकाब, कई राज्यों में दर्ज शिकायतों के बाद पुलिस ने चलाया विशेष ऑपरेशन ।

  • उत्तराखण्ड STF की बड़ी कार्रवाई, श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर) से साइबर ठगी गिरोह के दो शातिर गिरफ्तार ।
  • गिरफ्तारी के दौरान स्थानीय भीड़ द्वारा थाना से न्यायालय तक दबाव बनाने का प्रयास, चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में टीम ने सफल कार्रवाई की।
  • संवेदनशील क्षेत्र व पूर्व ग्रेनेड हमलों के बावजूद उत्तराखण्ड STF साइबर क्राइम ने प्रभावी पैरवी कर अभियुक्तों का रिमांड प्राप्त किया।
  • बडगाम से 03 मोबाइल फोन, कई एटीएम कार्ड, आधार-पैन सहित महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद संदिग्ध ट्रांजेक्शन, कई राज्यों में फैली ठगी का खुलासा ।
  • देश के 07 राज्यों में दर्ज शिकायतों से संगठित साइबर ठगी नेटवर्क का हुआ पर्दाफाश ।
  • डिजिटल अरेस्ट व बैंक खातों के जरिए देशभर में ठगी करने वाले गिरोह पर उत्तराखण्ड पुलिस का बड़ा प्रहार ।

 पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड, दीपम सेठ के मार्गदर्शन में, साइबर पुलिस निरंतर लोगों के पैसे बचाने, जागरूकता अभियान चलाने और देश भर से गिरफ्तारियां करने में सक्रिय है। साथ ही, साइबर अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई कर साइबर पीड़ितों को न्याय दिलाने का काम भी प्रभावी रूप से किया जा रहा है। अभियोगों की समीक्षा ADG लॉ एवं आर्डर डॉ. वी. मुरुगेसन तथा IG एस0टी0एफ/साइबर डॉ. नीलेश आनंद भरने द्वारा समय-समय पर दिए जाने वाले दिशा-निर्देशों के अनुरूप की जाती है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ, श्री अजय सिंह द्वारा जानकारी दी गई कि एक प्रकरण देहरादून निवासी 71 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक द्वारा साइबर ठगी के संबंध में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, देहरादून में शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायतकर्ता ने बताया कि दिनांक 21 नवम्बर 2025 को अज्ञात व्यक्तियों द्वारा उनके मोबाइल पर कॉल कर स्वयं को टेलीकम्युनिकेशन विभाग का अधिकारी बताया गया तथा उनके विरुद्ध दिल्ली पुलिस में धोखाधड़ी का मामला दर्ज होने की जानकारी देकर भयभीत किया गया।अभियुक्तों द्वारा शिकायतकर्ता को अन्य मोबाइल नंबर पर संपर्क करने हेतु कहा गया, जहां स्वयं को सीबीआई/दिल्ली पुलिस अधिकारी बताते हुए उनके नाम से दिल्ली स्थित बैंक खाते के माध्यम से मनी लॉन्ड्रिंग होने की झूठी जानकारी दी गई। इसके बाद व्हाट्सएप वीडियो कॉल के माध्यम से पुलिस अधिकारी की वर्दी में फर्जी दस्तावेज एवं गैर-जमानती वारंट दिखाकर शिकायतकर्ता को डराया गया तथा बैंक खातों के सत्यापन के नाम पर धनराशि विभिन्न खातों करीब 65,00,000/- की धनराशि में स्थानांतरित कराई गई।कुछ समय पश्चात शिकायतकर्ता को स्वयं के साथ साइबर ठगी होने का आभास हुआ, जिस पर शिकायतकर्ता द्वारा शिकायत दर्ज करायी गयी।

प्रकरण की गम्भीरता के दृष्टिगत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एस0टी0एफ0 उत्तराखण्ड के दिशा निर्देशन में मामले का प्रवेक्षण अपर पुलिस अधीक्षक श्री विवेक कुमार, पुलिस उपाधीक्षक, श्री आर0बी चमोला एवं विवेचना श्री देवेंद्र नबियाल निरीक्षक , साईबर क्राईम पुलिस स्टेशन, देहरादून के सुपुर्द कर अभियोग के शीघ्र अनावरण हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये । साईबर क्राईम पुलिस द्वारा घटना में प्रयुक्त बैंक खातों/ रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बरों / व्हाट्सअप की जानकारी हेतु सम्बन्धित बैंकों, सर्विस प्रदाता कम्पनियों, मेटा कम्पनी से पत्राचार कर डेटा प्राप्त किया गया। प्राप्त डेटा के विश्लेषण से जानकारी मे आया कि साईबर अपराध अभियुक्त को चिन्ह्ति करते हुये अभियुक्त की तलाश जारी की । साईबर टीम द्वारा विधिक प्रावधानों के अन्तर्गत प्रकाश में आये अभियुक्तो 1- शौकत हुसैन मलिक पुत्र अली मोहम्मद मलिक निवासी पारिसाबाद थाना बड़गाम, जिला बड़गाम, थाना- बड़गाम, जम्बूकश्मीर, 2- बिलाल अहमद पुत्र अली मौहम्मद मल्ला निवासी ग्राम करीपोरा, थाना बड़गाम, जिला बडगाम, जम्मू एण्ड कश्मीर के रूप में की गई जो फर्जी व्हाट्सएप प्रोफाइल षड्यंत्रपूर्वक बैंक खाते उपलब्ध कराकर संगठित तरीके से साइबर धोखाधड़ी को अंजाम दिया जा रहा था। इसी क्रम में गिरफ्तारी के दौरान साइबर क्राइम पुलिस टीम को स्थानीय स्तर पर विषम परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। गिरफ्तारी के उपरांत स्थानीय व्यक्तियों द्वारा बड़ी संख्या में थाना परिसर से लेकर न्यायालय परिसर तक एकत्र होकर पुलिस टीम पर दबाव बनाने का प्रयास किया गया। इसके बावजूद पुलिस टीम द्वारा धैर्य एवं संयम बनाए रखते हुए आरोपी अभियुक्तो शौकत हुसैन मलिक पुत्र अली मोहम्मद मलिक व बिलाल अहमद पुत्र अली मौहम्मद,को थाना बड़गाम, जिला बडगाम, जम्मू एण्ड कश्मीर से गिरफ्तार किया गया व माननीय न्यायालय में भी विवेचक द्वारा प्रभावी ढंग से पक्ष प्रस्तुत किया गया, जिसके परिणामस्वरूप अभियुक्तों का पुलिस रिमांड प्राप्त किया गया। उल्लेखनीय है कि पूर्व में भी उक्त क्षेत्र के स्थानीय थाने पर ग्रेनेड से हमले की घटनाएं हो चुकी हैं, जिसके दृष्टिगत अभियान अत्यंत संवेदनशील परिस्थितियों में सफलतापूर्वक संपन्न किया गया ।

अपराध का तरीका – अज्ञात साइबर ठगों द्वारा बैंक खाते उपलब्ध कराकर संगठित तरीके से साइबर धोखाधड़ी को अंजाम दिया जा रहा था। विवेचना के दौरान बैंक खाते संख्या एवं उससे लिंक मोबाइल नंबर के माध्यम से संदिग्ध लेन-देन की जानकारी प्राप्त हुई। तकनीकी विश्लेषण में पाया गया कि अभियुक्त फर्जी बैंक खातों, मोबाइल सिम एवं एटीएम कार्ड का उपयोग कर साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि को विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर निकालते थे।अभियुक्तों द्वारा अलग-अलग राज्यों में साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि को उक्त खातों में जमा कर एटीएम कार्ड एवं मोबाइल फोन के माध्यम से निकासी की जाती थी। जांच में यह भी पाया गया कि संबंधित बैंक खाते के विरुद्ध उत्तराखण्ड सहित देश के 07 राज्यों में शिकायतें दर्ज हैं।इस प्रकार अभियुक्त संगठित गिरोह बनाकर डिजिटल अरेस्ट एवं अन्य साइबर अपराधों के माध्यम से देशभर में लोगों को ठगी का शिकार बना रहे थे। प्रारम्भिक पूछताछ में अभियुक्त ने साईबर अपराध हेतु जिस बैंक खातों का प्रयोग किया गया है उसमें मात्र कुछ माह में ही लाखों रूपयों का लेन-देन होना प्रकाश में आया है ।जांच में यह भी पाया गया कि संबंधित बैंक खाते के विरुद्ध उत्तराखण्ड सहित देश के 07 राज्यों में शिकायतें दर्ज हैं । जिसके सम्बन्ध में जानकारी हेतु अन्य राज्यों की पुलिस के साथ संपर्क किया जा रहा है ।

गिरफ्तार अभियुक्ता का नाम पता – 1-शौकत हुसैन मलिक पुत्र अली मोहम्मद मलिक निवासी पारिसाबाद थाना बड़गाम, जिला बड़गाम, थाना- बड़गाम, जम्बूकश्मीर, 2- बिलाल अहमद पुत्र अली मौहम्मद मल्ला निवासी ग्राम करीपोरा, थाना बड़गाम, जिला बडगाम, जम्मू एण्ड कश्मीर

गिरफ्तारी का स्थान – जिला बडगाम, जम्मू एण्ड कश्मीर

गिरफ्तारी पुलिस टीम- 1-निरी0 श्री देवेंद्र नबियाल 2-निरी0 श्री राजेश सिंह 3-अपर उ0नि0 श्री मुकेश चंद्र 4- कानि0 श्री शादाब अली 5- कानि0 श्री नितिन रमोला

विशेष टेक्निकल सपोर्ट – हे0कानि0 श्री दिनेश पालीवाल

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एस0टी0एफ0 उत्तराखण्ड अजय सिंह द्वारा जनता से अपील की है कि डिजिटल अरेस्ट एक स्कैम है जो वर्तमान में पूरे भारत वर्ष में चल रहा है, कोई भी सी0बी0आई0 अफसर, मुम्बई क्राईम ब्रान्च, साइबर क्राइम, IT या ED अफसर या कोई भी एजेंसी आपको व्हाट्सएप के माध्यम से डिजिटल अरेस्ट करने हेतु नोटिस प्रेषित नहीं करती है। साथ ही कोई व्यक्ति आपको फर्जी दस्तावेज, अवैध सामग्री आदि के नाम पर आपको डरा धमका रहा है या पैसों की मांग कर रहा है तो इस सम्बन्ध में STF/साइबर थानों में अतिशीघ्र अपनी शिकायत दर्ज करायें। उक्त सम्बन्ध में ज्यादा से ज्यादा जागरुक हों। इसके अतिरिक्त किसी भी प्रकार के लोक लुभावने अवसरों/फर्जी साइट/धनराशि दोगुना करने व टिकट बुक करने वाले अंनजान अवसरो के प्रलोभन में न आयें । किसी भी प्रकार के ऑनलाईन कम्पनी की फ्रैन्चाईजी लेने, यात्रा टिकट आदि को बुक कराने से पूर्व उक्त साईट का स्थानीय बैंक, सम्बन्धित कम्पनी आदि से पूर्ण वैरीफिकेशन व भली-भाँति जांच पड़ताल अवश्य करा लें तथा गूगल से किसी भी कस्टमर केयर का नम्बर सर्च न करें व शक होने पर तत्काल निकटतम पुलिस स्टेशन या साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन से सम्पर्क करें । अगर आपको ऐसी ही कोई कॉल या मैसेज आए तो इसकी शिकायत जरूर करें। सरकार ने साइबर और ऑनलाइन धोखाधड़ी को रोकने के लिए संचार साथी वेबसाइट पर चाक्षु पोर्टल लॉन्च किया है। आप इस तरह की घटना की शिकायत 1930 साइबरक्राइम हेल्पलाइन पर या http://www.cybercrime.gov.in पर भी दर्ज करा सकते हैं।


खटीमा में सैनिक सम्मान समारोह की तैयारियां तेज, मंत्री गणेश जोशी ने किया निरीक्षण

खटीमा। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने आज खटीमा पहुंचकर सूबेदार स्व० शेर सिंह धामी की 6वीं पुण्यतिथि पर 09 अप्रैल को आयोजित होने वाले सैनिक सम्मान समारोह की तैयारियों के संबंध में कार्यक्रम स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने संबंधित अधिकारियों को सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यक्रम में आने वाले लोगों के बैठने, पेयजल एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।

इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा खटीमा स्थित सीएसडी कैंटीन का भी लोकार्पण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र के पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों को सीधा लाभ मिलेगा और उन्हें आवश्यक सामग्री सुलभता से उपलब्ध हो सकेगी। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि सैनिक सम्मान समारोह शहीदों और पूर्व सैनिकों के सम्मान का महत्वपूर्ण अवसर है, जिसे गरिमामय ढंग से आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा हमारी सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के कल्याण के लिए लगातार प्रयासरत है।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी संबंधित विभागीय अधिकारीगण एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।


उत्तराखंड STF का बड़ा खुलासा, म्यूल अकाउंट गिरोह का भंडाफोड़, तीन आरोपी गिरफ्तार

देहरादून। उत्तराखण्ड एसटीएफ और साइबर क्राइम पुलिस ने एक बड़े संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो साइबर अपराधियों को “म्यूल अकाउंट” उपलब्ध कराकर धोखाधड़ी को अंजाम देने में मदद करता था। इस गिरोह के सदस्य आम लोगों को झांसे में लेकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाते थे और बाद में इन्हीं खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी के लिए किया जाता था।

पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के निर्देशन और पुलिस महानिरीक्षक साइबर/एसटीएफ निलेश आनंद भरणे की निगरानी में चल रही कार्रवाई के तहत यह सफलता हासिल हुई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि साइबर पुलिस टीम ने गोपनीय सूचना और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर हरिद्वार से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में साइबर थाना देहरादून में विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

जांच में सामने आया कि आरोपी भोले-भाले लोगों को लालच देकर उनके नाम पर फर्जी फर्म तैयार करते थे और उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर बैंक में करंट अकाउंट खुलवाते थे। बाद में इन खातों को दिल्ली समेत अन्य स्थानों पर बेच दिया जाता था, जहां साइबर अपराधी इनका इस्तेमाल धोखाधड़ी से कमाए गए पैसों के लेन-देन में करते थे। इसके बदले गिरोह के सदस्य मोटा कमीशन लेते थे।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कई बैंक पासबुक, चेकबुक, डेबिट कार्ड, मोबाइल फोन, आधार कार्ड, पैन कार्ड और फर्जी फर्मों की मुहरें बरामद की हैं। साथ ही एक कार भी जब्त की गई है। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि इन खातों में देश के विभिन्न राज्यों के पीड़ितों से ठगे गए लाखों रुपये का लेन-देन हुआ है।

फिलहाल पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है और बैंक खातों व डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है।

एसटीएफ की जनता से अपील
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा है कि अंजान नंबरों से आने वाली वीडियो कॉल से बचें, किसी भी तरह की व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें और फर्जी निवेश योजनाओं या ऑनलाइन प्रलोभनों से दूर रहें। किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन या नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

उत्तराखण्ड एसटीएफ और साइबर क्राइम पुलिस ने एक बड़े संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो साइबर अपराधियों को “म्यूल अकाउंट” उपलब्ध कराकर धोखाधड़ी को अंजाम देने में मदद करता था। इस गिरोह के सदस्य आम लोगों को झांसे में लेकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाते थे और बाद में इन्हीं खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी के लिए किया जाता था।

पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के निर्देशन और पुलिस महानिरीक्षक साइबर/एसटीएफ निलेश आनंद भरणे की निगरानी में चल रही कार्रवाई के तहत यह सफलता हासिल हुई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि साइबर पुलिस टीम ने गोपनीय सूचना और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर हरिद्वार से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में साइबर थाना देहरादून में विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

जांच में सामने आया कि आरोपी भोले-भाले लोगों को लालच देकर उनके नाम पर फर्जी फर्म तैयार करते थे और उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर बैंक में करंट अकाउंट खुलवाते थे। बाद में इन खातों को दिल्ली समेत अन्य स्थानों पर बेच दिया जाता था, जहां साइबर अपराधी इनका इस्तेमाल धोखाधड़ी से कमाए गए पैसों के लेन-देन में करते थे। इसके बदले गिरोह के सदस्य मोटा कमीशन लेते थे।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कई बैंक पासबुक, चेकबुक, डेबिट कार्ड, मोबाइल फोन, आधार कार्ड, पैन कार्ड और फर्जी फर्मों की मुहरें बरामद की हैं। साथ ही एक कार भी जब्त की गई है। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि इन खातों में देश के विभिन्न राज्यों के पीड़ितों से ठगे गए लाखों रुपये का लेन-देन हुआ है।

फिलहाल पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है और बैंक खातों व डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है।

एसटीएफ की जनता से अपील
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा है कि अंजान नंबरों से आने वाली वीडियो कॉल से बचें, किसी भी तरह की व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें और फर्जी निवेश योजनाओं या ऑनलाइन प्रलोभनों से दूर रहें। किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन या नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।


मुख्यमंत्री धामी ने 25वीं ऑल इंडिया पुलिस वाटर स्पोर्ट्स क्लस्टर चैंपियनशिप का किया शुभारंभ

टिहरी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को वाटर स्पोर्ट्स एंड एडवेंचर इंस्टीट्यूट, टिहरी गढ़वाल में आयोजित 25वीं ऑल इंडिया पुलिस वाटर स्पोर्ट्स क्लस्टर चैंपियनशिप का वर्चुअल शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से आए पुलिस बलों के खिलाड़ियों, अधिकारियों एवं खेल प्रेमियों का देवभूमि उत्तराखंड में स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि यह उत्तराखंड के लिए अत्यंत गौरव का विषय है कि राज्य को पहली बार इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी का अवसर प्राप्त हुआ है।

मुख्यमंत्री ने अखिल भारतीय पुलिस स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन न केवल खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच प्रदान करते हैं, बल्कि राज्य को साहसिक खेलों और पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता में देशभर की 19 टीमों के 440 से अधिक महिला एवं पुरुष खिलाड़ी प्रतिभाग कर रहे हैं, जो कैनोइंग, रोइंग एवं कयाकिंग की विभिन्न स्पर्धाओं में अपनी क्षमता का प्रदर्शन करेंगे।

मुख्यमंत्री ने प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पुलिस एवं अर्धसैनिक बलों के जवान देश की सुरक्षा, कानून व्यवस्था और जनविश्वास को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनका शारीरिक और मानसिक रूप से फिट रहना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि खेल न केवल फिटनेस को बढ़ाते हैं, बल्कि अनुशासन, टीम भावना और कठिन परिस्थितियों में कार्य करने की क्षमता भी विकसित करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वाटर स्पोर्ट्स जैसे खेल आपदा प्रबंधन, बाढ़ राहत, नदी बचाव और तटीय सुरक्षा जैसे कार्यों में भी अत्यंत उपयोगी सिद्ध होते हैं। इन खेलों में दक्षता कई बार जीवन रक्षक साबित होती है और आपात परिस्थितियों में लोगों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खेलो इंडिया और फिट इंडिया मूवमेंट जैसे अभियानों ने देश में खेल संस्कृति को मजबूत किया है और युवाओं में खेलों के प्रति नया उत्साह पैदा किया है। राज्य सरकार भी खेलों को बढ़ावा देने तथा खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है।उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ने हाल ही में 38वें राष्ट्रीय खेलों का सफल आयोजन कर अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया है और राज्य देवभूमि के साथ-साथ खेलभूमि के रूप में भी उभर रहा है। राज्य में आधुनिक खेल अवसंरचना का तेजी से विकास हो रहा है तथा भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के आयोजन राज्य के विकास, पर्यटन संवर्धन और खेल प्रतिभाओं के उन्नयन में सहायक सिद्ध होंगे।

इस अवसर पर विधायक किशोर उपाध्याय, जिला पंचायत अध्यक्ष टिहरी सुश्री इशिता सजवान, अध्यक्ष नगर पालिका टिहरी गढ़वाल मोहन सिंह रावत, विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, एडीजी आईटीबीपी संजय गुंज्याल, आईजी नॉर्दन फ्रंटियर आईटीबीपी मनु महाराज, आईजी सीआरपीएफ दिनेश उनियाल, आईजी आईटीबीपी एकेडमी गिरीश चंद्र उपाध्याय, जिलाधिकारी टिहरी श्रीमती नीतिका खण्डेलवाल और एसएसपी श्रीमती श्वेता चौबे मौजूद थे।


14 अप्रैल को पीएम मोदी के उत्तराखंड दौरे की तैयारियां तेज, सीएम धामी ने की उच्चस्तरीय बैठक

कार्यक्रम को भव्य और जनभागीदारी से सफल बनाने के निर्देश

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में आगामी 14 अप्रैल को प्रस्तावित प्रधानमंत्री के उत्तराखण्ड आगमन एवं दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर (दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे) के शुभारम्भ कार्यक्रम की तैयारियों के संबंध में एक उच्चस्तरीय बैठक ली। मुख्यमंत्री ने इस अवसर को राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक बताते हुए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस भव्य आयोजन में समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि यह कार्यक्रम जन-उत्सव का रूप ले सके।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम की रूपरेखा को अत्यंत आकर्षक एवं सुव्यवस्थित बनाया जाए। उन्होंने विशेष रूप से सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भव्यता के साथ आयोजित करने पर बल देते हुए कहा कि उत्तराखण्ड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत—गढ़वाली, कुमाऊनी एवं जौनसारी लोकनृत्यों और संगीत की झलक इस आयोजन में भव्य रूप से दिखाई देनी चाहिए। कार्यक्रम स्थल को पारंपरिक एवं आधुनिक साज-सज्जा के समन्वय से सजाया जाए तथा कलाकारों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल एक सरकारी कार्यक्रम न होकर उत्तराखण्ड की संस्कृति, परंपरा और गौरव का प्रतीक बने।

मुख्यमंत्री धामी ने जनमानस से भी इस ऐतिहासिक अवसर में बढ़-चढ़कर सहभागिता करने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोग अपने घरों से निकलकर राष्ट्रीय ध्वज के साथ प्रधानमंत्री के रोड शो के दौरान कार्यक्रम में शामिल हों और पूरे राज्य में उत्सव जैसा माहौल बनाया जाए। साथ ही, कार्यक्रम से पूर्व प्रदेशभर में स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश देते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि, प्रशासन और आम नागरिक मिलकर इस आयोजन को स्वच्छ, सुंदर और यादगार बनाएं।

दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह परियोजना उत्तराखण्ड के विकास को नई दिशा देने वाली सिद्ध होगी। इस कॉरिडोर के माध्यम से दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी, जिससे पर्यटन को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही, प्रदेश में औद्योगिक और व्यवसायिक गतिविधियों का विस्तार होगा, जिससे युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह कॉरिडोर लॉजिस्टिक्स, परिवहन और निवेश के क्षेत्र में भी क्रांतिकारी परिवर्तन लाएगा, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय से प्रतीक्षित इस परियोजना का शुभारम्भ उत्तराखण्ड के विकास के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होगा और प्रदेश को राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा में और अधिक सशक्त बनाएगा।

बैठक में राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे, जिनमें सचिव शैलेश बगौली, कमिश्नर विनय शंकर पांडे, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून, अपर सचिव बंशीधर तिवारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी शामिल थे।


प्रधानमंत्री का दौरा “विकसित उत्तराखंड” के लक्ष्य को धरातल पर उतारेगा- महाराज

देहरादून। प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व संस्कृति, लोक निर्माण सिंचाई एवं ग्रामीण निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 14 अप्रैल के दौरे से उत्तराखंड को कई तरह के प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष लाभ होंगे। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के लोकार्पण से जहां एक ओर दिल्ली-दून की यात्रा सुगम होने के साथ-साथ मात्र 2.5 घंटे में यात्री अपने गंतव्य तक पहुंच जायेंगे वहीं दूसरी ओर राज्य के पर्यटन, व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव आएगा।

पर्यटन, धर्मस्व संस्कृति, लोक निर्माण सिंचाई एवं ग्रामीण निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आगमन उत्तराखंड के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा और उत्तराखंड “विकास मॉडल” के रूप में प्रोजेक्ट होगा। टिहरी पंप स्टोरेज प्लांट से ऊर्जा सुरक्षा, पंतनगर एयरपोर्ट विस्तार से हवाई कनेक्टिविटी और बनबसा लैंड पोर्ट से नेपाल-भारत व्यापार ये सभी परियोजनाएं “विकसित उत्तराखंड 2035” के लक्ष्य को धरातल पर उतारेंगी। देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे से चारधाम यात्रा, मसूरी, ऋषिकेश आने वाले पर्यटकों की संख्या में भी भारी इजाफा होगा।

कैबिनेट मंत्री महाराज ने कहा कि एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, पर्यटन से होटल, ट्रांसपोर्ट, लोकल व्यापार में नए अवसर बढ़ेंगे। बेहतर सड़क-हवाई संपर्क से IT, वेलनेस टूरिज्म, फिल्म शूटिंग, और सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम (MSME) सेक्टर में निवेश आएगा। हर जिले तक पर्यटक और उद्योग पहुंचेंगे तो पहाड़ से पलायन रुकेगा, स्थानीय युवाओं को यहीं रोजगार मिलेगा।

महाराज ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह दौरा सिर्फ एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि “विकसित उत्तराखंड के दशक” का शुभारंभ है। एक्सप्रेसवे से जो रफ्तार मिलेगी, वो 2026-2036 तक प्रदेश की अर्थव्यवस्था, पर्यटन और जीवन-स्तर को नई ऊंचाई देगी।


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