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पैनेसिया हॉस्पिटल अग्निकांड- स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने जाना मरीजों एवं घायल पुलिसकर्मियों का हाल

Category Archives: उत्तराखंड

पैनेसिया हॉस्पिटल अग्निकांड- स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने जाना मरीजों एवं घायल पुलिसकर्मियों का हाल

संकट की घड़ी में सरकार प्रभावितों के साथ खड़ी- सुबोध उनियाल

देहरादून। स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने पैनेसिया हॉस्पिटल में आग लगने की दुखद घटना के उपरांत अस्पताल में भर्ती मरीजों को सुरक्षित रूप से कैलाश हॉस्पिटल, जोगीवाला शिफ्ट किए जाने के बाद अस्पताल पहुंचकर मरीजों एवं घायल पुलिसकर्मियों का कुशलक्षेम जाना।

उन्होंने चिकित्सकों से उपचाररत मरीजों के स्वास्थ्य की जानकारी लेते हुए सभी के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में पुलिस, प्रशासन, फायर सर्विस एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा तत्परता एवं साहस के साथ किया गया राहत एवं बचाव कार्य सराहनीय है।

उन्होंने राहत एवं बचाव अभियान के दौरान घायल हुए पुलिसकर्मियों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ प्रभावितों के साथ खड़ी है।


उत्तराखंड में हीट वेव से निपटने को स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

जिलों को जारी एडवाइजरी- हीटस्ट्रोक कक्ष, दवाओं की उपलब्धता और रोजाना रिपोर्टिंग अनिवार्य

हीट-सम्बंधित बीमारियों से होने वाली मौतों को रोकना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता- सचिन कुर्वे

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल के दिशा-निर्देशों में उत्तराखंड का स्वास्थ्य विभाग भीषण गर्मी और संभावित हीट वेव से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की ओर से जारी एडवाइजरी के तहत सभी जिलाधिकारियों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को हीट-सम्बंधित बीमारियों (HRI) की रोकथाम और प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। भारतीय मौसम विभाग द्वारा इस बार सामान्य से अधिक तापमान की संभावना जताए जाने के बाद राज्य सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए समय रहते व्यापक रणनीति लागू कर दी है, ताकि जनहानि को न्यूनतम रखा जा सके और स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह तैयार रहें।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की ओर से जारी निर्देशों में सभी जिलाधिकारियों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को हीट-सम्बंधित बीमारियों (HRI) की रोकथाम और प्रबंधन के लिए व्यापक तैयारियां सुनिश्चित करने को कहा गया है। भारतीय मौसम विभाग द्वारा मार्च से मई के बीच सामान्य से अधिक तापमान की संभावना जताए जाने के बाद यह एडवाइजरी और भी अहम हो गई है। सरकार का लक्ष्य है कि समय रहते ठोस कदम उठाकर हीट स्ट्रोक और इससे होने वाली मौतों को न्यूनतम किया जा सके।

अस्पतालों में विशेष इंतजाम

राज्य के जिला और उप-जिला अस्पतालों में हीटस्ट्रोक कक्ष स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। इन कक्षों में मरीजों को तत्काल राहत देने के लिए कूलिंग सिस्टम, आइस पैक, ठंडे IV फ्लूइड और पर्याप्त वेंटिलेशन की व्यवस्था अनिवार्य की गई है। “पहले ठंडा करें, फिर परिवहन करें” प्रोटोकॉल को सख्ती से लागू करने पर जोर दिया गया है, ताकि गंभीर मरीजों की जान बचाई जा सके। इसके अलावा ORS, इलेक्ट्रोलाइट्स और अन्य जरूरी दवाओं की 100 प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

रोजाना निगरानी और रिपोर्टिंग

हीट वेव के प्रभाव पर नजर रखने के लिए 1 मार्च 2026 से दैनिक रिपोर्टिंग अनिवार्य कर दी गई है। सभी जिला इकाइयों को IHIP प्लेटफॉर्म पर हीट-सम्बंधित मामलों की रिपोर्ट अपलोड करनी होगी। मरीज-स्तर की जानकारी संकलित करने के साथ-साथ संदिग्ध मौतों की जांच और ऑडिट भी किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने साफ किया है कि डेटा की गुणवत्ता और समयबद्ध रिपोर्टिंग में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

संवेदनशील वर्ग पर खास फोकस

एडवाइजरी में शिशुओं, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और बाहरी कार्य करने वाले श्रमिकों को सबसे अधिक जोखिम वाला वर्ग बताया गया है। इन समूहों के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों को दोपहर 12 से 3 बजे तक धूप से बचने, हल्के सूती कपड़े पहनने और नियमित रूप से पानी पीने की सलाह दी गई है। साथ ही ठंडे इलाकों से आने वाले लोगों को 10-15 दिन का अनुकूलन समय देने की बात भी कही गई है।

सार्वजनिक आयोजनों के लिए गाइडलाइन

गर्मी के दौरान होने वाले सामूहिक आयोजनों और खेल गतिविधियों के लिए भी सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। दोपहर के समय बाहरी कार्यक्रमों से बचने और हर व्यक्ति के लिए पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था अनिवार्य की गई है। बड़े आयोजनों में चिकित्सा टीमों की तैनाती, ORS और आइस बॉक्स की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।

अग्नि सुरक्षा पर भी जोर

बढ़ते तापमान के साथ बिजली के उपकरणों पर लोड बढ़ने की संभावना को देखते हुए अस्पतालों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। ICU सहित सभी संवेदनशील क्षेत्रों में विद्युत लोड ऑडिट, स्मोक डिटेक्टर और फायर फाइटिंग सिस्टम की कार्यशीलता सुनिश्चित करने को कहा गया है।

हीट-सम्बंधित बीमारियों से होने वाली मौतों को रोकना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता- सचिन कुर्वे

स्वास्थ्य सचिव सचिन कुर्वे ने कहा कि राज्य सरकार हीट वेव की चुनौती को लेकर पूरी तरह गंभीर है और सभी जिलों को समय रहते तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में हीटस्ट्रोक कक्ष, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता और प्रशिक्षित चिकित्सा स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित की जा रही है। कुर्वे ने स्पष्ट किया कि हीट-सम्बंधित बीमारियों से होने वाली मौतों को रोकना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए निगरानी तंत्र को और मजबूत किया गया है और सभी जिलों से रोजाना रिपोर्ट मांगी जा रही है। उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि वे स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, विशेषकर दोपहर के समय धूप में निकलने से बचें और पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें। कुर्वे ने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही इस चुनौती का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सकता है।

हीट वेव से निपटने के लिए राज्यभर में माइक्रो-लेवल प्लानिंग- मनुज गोयल

एनएचएम के मिशन निदेशक मनुज गोयल ने बताया कि हीट वेव से निपटने के लिए राज्यभर में माइक्रो-लेवल प्लानिंग की जा रही है। सभी स्वास्थ्य इकाइयों को अलर्ट पर रखा गया है और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि IHIP पोर्टल के माध्यम से रियल-टाइम निगरानी की जा रही है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई संभव हो सके। गोयल ने कहा कि जागरूकता ही बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है और इसके लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है, ताकि लोग समय रहते सावधानी बरत सकें।


हीट वेव से निपटने को DEOC 24×7 अलर्ट मोड पर, चिकित्सा एवं रेखीय विभागों को व्यापक दिशा-निर्देश जारी

हीट वेव अलर्ट : नागरिकों की सुरक्षा हेतु प्रशासन सक्रिय

मौसम विभाग का अलर्ट: दून और मैदानी क्षेत्रों में भीषण गर्मी के आसार; तापमान 40 डिग्री तक जाने की संभावना

डीएम की आमजन से अपील: भीषण गर्मी और लू में बरतें जरूरी सावधानियां, दोपहर की तेज धूप से बचें

देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर जनपद में लगातार बढ़ते तापमान एवं संभावित लू (हीट वेव) की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन पूर्ण सतर्कता के साथ कार्य कर रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग, देहरादून द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार आगामी दिनों में तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि होने तथा मैदानी क्षेत्रों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक पहुंचने की संभावना व्यक्त की गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने सभी विभागों को समन्वित कार्रवाई करते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं तत्काल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

मौसम विभाग के अनुसार देहरादून नगर सहित आसपास के मैदानी क्षेत्रों में अत्यधिक गर्मी रहने तथा जौलीग्रांट एवं डोईवाला क्षेत्रों में तापमान 35 से 40 डिग्री सेल्सियस के मध्य रहने की संभावना है। इसके दृष्टिगत जिला प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य, पेयजल, विद्युत, नगर निकाय, शिक्षा, श्रम एवं आपदा प्रबंधन सहित सभी संबंधित विभागों को आवश्यक सतर्कता एवं राहत उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

जिलाधिकारी के निर्देशानुसार जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र (DEOC) को 24×7 सक्रिय रखा जाएगा। स्वास्थ्य विभाग को सभी अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाइयों, ORS, IV Fluids एवं चिकित्सा सुविधाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। हीट स्ट्रोक एवं डिहाइड्रेशन से प्रभावित मरीजों के उपचार हेतु विशेष चिकित्सा व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।

नगर निकायों को सार्वजनिक स्थलों, बाजारों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशन एवं प्रमुख चौराहों पर पेयजल, छायादार स्थल एवं वाटर टैंकर की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अस्थायी शेड एवं विश्राम स्थलों की व्यवस्था विकसित की जाएगी।

विद्युत विभाग को निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनाए रखने तथा पेयजल व्यवस्था प्रभावित न होने देने के निर्देश दिए गए हैं। जल संस्थान एवं पेयजल विभाग को नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने तथा जल संकट वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त टैंकर उपलब्ध कराने को कहा गया है।

निर्माण स्थलों, औद्योगिक इकाइयों एवं बाहरी कार्यस्थलों पर कार्यरत श्रमिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए कार्य अवधि को प्रातः एवं सायंकालीन समय तक सीमित रखने के निर्देश जारी किए गए हैं। श्रमिकों हेतु छाया, पेयजल एवं प्राथमिक उपचार की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।

शिक्षा विभाग को मौसम की परिस्थितियों के अनुरूप विद्यालय संचालन समय में आवश्यक परिवर्तन अथवा अवकाश के संबंध में निर्णय लेने हेतु निर्देशित किया गया है। आंगनबाड़ी केंद्रों एवं विद्यालयों में बच्चों के लिए पर्याप्त पेयजल एवं प्राथमिक उपचार व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

जिला प्रशासन द्वारा आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं ग्राम पंचायत स्तर के कार्मिकों के माध्यम से बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों एवं गंभीर रोगियों की नियमित निगरानी किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अतिरिक्त जनसामान्य को लू से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करने हेतु सोशल मीडिया, एफएम रेडियो, स्थानीय समाचार पत्र, मोबाइल मैसेज एवं सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली के माध्यम से नियमित एडवाइजरी जारी की जाएगी।

पशुपालन विभाग को पशुओं हेतु पेयजल एवं छायादार स्थानों की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा नगर निकायों एवं संबंधित विभागों को सफाई कर्मियों, होमगार्ड, पुलिसकर्मियों एवं फील्ड स्टाफ के लिए सुरक्षा उपाय एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

जिलाधिकारी ने सभी विभागों को समन्वय स्थापित करते हुए सतत निगरानी बनाए रखने तथा किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु पूर्ण तत्परता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।


11000 वोल्ट की हाईटेंशन लाइन में फंसा हेलीकॉप्टर, महिला पायलट की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा

सत्यो-सकलाना के खेतों में कराई सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग, सभी 6 यात्री सकुशल

टिहरी गढ़वाल। चम्बा-आराकोट क्षेत्र में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब ट्रांस भारत एविएशन कंपनी का एक हेलीकॉप्टर 11000 वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आ गया। हेलीकॉप्टर के पिछले रोटर में हाईटेंशन तार फंसने से वह हवा में बुरी तरह हिचकोले खाने लगा और अनियंत्रित होने लगा। इस दौरान हेलीकॉप्टर में सवार यात्रियों की सांसें थम गईं, लेकिन महिला पायलट की सूझबूझ, साहस और कुशलता से एक बड़ा हादसा टल गया।

जानकारी के अनुसार, हेलीकॉप्टर बद्रीनाथ धाम से यात्रियों को लेकर देहरादून जा रहा था। हेलीकॉप्टर चम्बा-आराकोट क्षेत्र के ऊपर से गुजर रहा था, तभी अचानक उसका पिछला हिस्सा 11000 वोल्ट की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया।

प्रत्यक्षदर्शियों और यात्रियों के मुताबिक, तार रोटर में फंसते ही हेलीकॉप्टर तेज झटके खाने लगा और कुछ देर तक हवा में असंतुलित स्थिति में रहा। इस भयावह स्थिति में भी महिला पायलट ने धैर्य नहीं खोया और फंसे हुए बिजली के तार के साथ ही हेलीकॉप्टर को नियंत्रित करते हुए सत्यो-सकलाना क्षेत्र के खुले खेतों तक पहुंचाया, जहां सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई।

हेलीकॉप्टर का पिछला भाग क्षतिग्रस्त हो गया। बावजूद इसके, हेलीकॉप्टर में सवार सभी छह यात्री और पायलट पूरी तरह सुरक्षित हैं।

घटना की सूचना मिलते ही टिहरी पुलिस, प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं सुरक्षा कार्य शुरू किया। पुलिस ने क्षेत्र में सुरक्षा घेरा बनाकर लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।

इस घटना के बाद यात्रियों ने महिला पायलट की बहादुरी और सूझबूझ की जमकर सराहना करते हुए कहा कि उनकी हिम्मत और त्वरित निर्णय ने सभी की जान बचा ली।


देहरादून के पैनेसिया हॉस्पिटल में लगी भीषण आग, एक बुजुर्ग महिला की मौत

फायर ब्रिगेड ने कड़ी मशक्कत के बाद पाया आग पर काबू

देहरादून। हरिद्वार रोड स्थित पैनेसिया हॉस्पिटल में बुधवार को अचानक आग लगने से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हादसे में बीरावती नाम की एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों में दहशत फैल गई।

प्राथमिक जानकारी के अनुसार अस्पताल में आग एसी में हुए शॉर्ट सर्किट के कारण लगी। देखते ही देखते धुआं पूरे अस्पताल परिसर में फैल गया, जिससे आईसीयू और अन्य वार्डों में भर्ती मरीजों को बाहर निकालने के लिए तत्काल राहत अभियान चलाना पड़ा। उस समय आईसीयू में छह मरीज भर्ती थे। अस्पताल स्टाफ, पुलिस, फायर ब्रिगेड और राहत टीमों ने मिलकर सभी मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालकर दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट किया।

धुएं और आग की चपेट में आने से अस्पताल के कुछ कर्मचारी भी घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।

घटना की सूचना पर एसएसपी प्रमोद डोबाल भी मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्यों का निरीक्षण किया। पुलिस और प्रशासन की टीम आग लगने के कारणों की जांच में जुटी हुई है।


उत्तराखंड में भीषण गर्मी का कहर, दून में 40 डिग्री के करीब पहुंचा तापमान

प्रदेश में फिलहाल नहीं मिलेगी गर्मी से राहत, मौसम विभाग ने जताई तापमान बढ़ने की आशंका

देहरादून। उत्तराखंड में मई महीने की गर्मी लगातार लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही है। प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में तेज धूप और गर्म हवाओं का असर साफ दिखाई दे रहा है।

राजधानी देहरादून में तापमान इस सीजन के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है। मंगलवार को दून का अधिकतम तापमान 39.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से करीब चार डिग्री अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान भी 23.1 डिग्री दर्ज किया गया। दिनभर तेज धूप और उमस भरी गर्मी के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि फिलहाल प्रदेश में गर्मी से राहत मिलने के आसार कम हैं। आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे मैदानी इलाकों में लू का असर और तेज होने की संभावना है।


पूर्व सीएम खंडूड़ी के निधन पर उपराष्ट्रपति ने जताया शोक, आवास पर पहुंच कर दी भावभीनी श्रद्धांजलि

देहरादून। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने पूर्व सीएम मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी (सेनि.) के निधन पर गहरा शोक प्रकट किया। उन्होंने कहा कि देश के विकास में उनका योगदान मील के पत्थर के रूप में बना रहेगा। उनके निधन से देश एक विशिष्ट सैनिक, सक्षम प्रशासक और असाधारण सत्यनिष्ठ वाले राजनेता को खो दिया है।


मुख्यमंत्री धामी ने पूर्व सीएम भुवन चंद्र खंडूरी को दी श्रद्धांजलि

सादगी और अनुशासन के प्रतीक थे बीसी खंडूरी- मुख्यमंत्री धामी

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भाजपा प्रदेश कार्यालय, देहरादून पहुंचकर उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी (सेवानिवृत्त) के पार्थिव शरीर पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दौरान उन्होंने दिवंगत नेता को भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए उनके योगदान को याद किया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि मेजर जनरल खंडूरी ने सेना में रहते हुए माँ भारती की सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके बाद उन्होंने सार्वजनिक जीवन में प्रवेश कर राष्ट्रहित और जनसेवा को अपना उद्देश्य बनाया। भारतीय जनता पार्टी के माध्यम से उन्होंने प्रदेश और देश की राजनीति में ईमानदारी, अनुशासन और सादगी की मिसाल पेश की।

उन्होंने कहा कि खंडूरी जी का सादगीपूर्ण व्यक्तित्व, जनकल्याण के प्रति समर्पण और सिद्धांतों के प्रति अटूट निष्ठा हमेशा प्रेरणास्रोत बनी रहेगी। मुख्यमंत्री ने उनके निधन को भाजपा परिवार और उत्तराखंड के लिए अपूरणीय क्षति बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन में उनकी निर्भीक कार्यशैली, प्रखर नेतृत्व क्षमता और पारदर्शी छवि को सदैव याद किया जाएगा।


तेज बारिश के बीच प्रशासन की तत्परता, रातभर चले रेस्क्यू अभियान से हजारों श्रद्धालुओं को निकाला सुरक्षित

6.94 लाख श्रद्धालुओं ने किए बाबा केदार के दर्शन

रुद्रप्रयाग। श्री केदारनाथ धाम यात्रा में श्रद्धालुओं की भारी आस्था देखने को मिल रही है। 19 मई तक 6 लाख 94 हजार से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। वहीं, देर रात हुई तेज बारिश के चलते सोनप्रयाग–गौरीकुंड पैदल मार्ग पर तीन स्थानों पर भूस्खलन होने से यात्रा मार्ग कुछ समय के लिए बाधित हो गया।

भूस्खलन की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और अन्य राहत एवं बचाव टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। प्रशासन ने तत्काल राहत कार्य शुरू करते हुए यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए घटनास्थल की स्थिति का जायजा लिया और मौके पर तैनात अधिकारियों से लगातार अपडेट लेते रहे।

अधिकारियों ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग को जल्द से जल्द सुचारु किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। कठिन परिस्थितियों के बावजूद राहत टीमों ने महज 30 मिनट के भीतर पैदल यात्रियों के लिए मार्ग खोल दिया और फंसे यात्रियों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया।

रातभर चले राहत एवं बचाव अभियान के दौरान जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का कार्य लगातार जारी रहा। जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों और त्वरित कार्रवाई के चलते यात्रा मार्ग को दोबारा सुचारु कर दिया गया है।


ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर जिलाधिकारी सख्त, अवैध डंपिंग पर प्रभावी निगरानी के निर्देश

कूड़ा निस्तारण, पृथक्करण और स्वच्छता व्यवस्था को लेकर जिला स्तरीय समिति बनेगी
लीगेसी वेस्ट, स्वच्छता कार्मिकों, वाहनों और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र की प्रगति की विस्तृत समीक्षा
पौड़ी। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया की अध्यक्षता में जनपद में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं नमामि गंगे कार्यक्रम से संबंधित समीक्षा बैठक आयोजित की गयी। बैठक में नगर निकायों, जिला पंचायत तथा संबंधित विभागों द्वारा संचालित स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन कार्यों की गहन समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी, वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनपद में किसी भी स्थान पर अनधिकृत रूप से कूड़ा डंप नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए तथा अवैध निस्तारण पर प्रभावी निगरानी रखी जाए। इसके लिए जिला स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा, जिसमें प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा। यह समिति विभिन्न क्षेत्रों में अपशिष्ट प्रबंधन कार्यों की नियमित निगरानी करेगी तथा यह सुनिश्चित करेगी कि कहीं भी अवैध अपशिष्ट निस्तारण स्थल विकसित न हो।
उन्होंने कूड़ा संग्रहण में लगाए गए वाहनों का सत्यापन एवं पंजीकरण अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि जिन वाहनों को स्वच्छता कार्यों हेतु दर्शाया गया है, उनकी वास्तविक उपलब्धता एवं संचालन की स्थिति का भौतिक सत्यापन भी सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में कूड़ा पृथक्करण व्यवस्था पर विशेष जोर देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि शासन के नए नियमों के अनुसार, केवल गीले एवं सूखे कचरे का पृथक्करण पर्याप्त नहीं है, बल्कि खतरनाक अपशिष्ट तथा सैनिटरी वेस्ट का भी अलग-अलग श्रेणियों में वैज्ञानिक तरीके से संग्रहण एवं निस्तारण किया जाए। उन्होंने सभी नगर निकायों एवं ग्राम पंचायतों को स्रोत स्तर पर कूड़ा पृथक्करण की व्यवस्था प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि ग्राम पंचायतों एवं नगर निकायों की मासिक प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से प्राप्त की जाएगी, ताकि स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन कार्यों की सतत निगरानी सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने बल्क वेस्ट जनरेटरों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रतिदिन 100 किलोग्राम या उससे अधिक कचरा उत्पन्न करने वाले संस्थानों, प्रतिष्ठानों एवं इकाइयों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा।
बैठक में लीगेसी वेस्ट मैनेजमेंट, स्वच्छता कार्मिकों की उपलब्धता, अपशिष्ट संग्रहण वाहनों की स्थिति, स्मार्ट शौचालयों की कार्यशीलता, स्वच्छता क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों तथा जमीनी स्तर पर आने वाली समस्याओं एवं चुनौतियों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की कार्ययोजना, समस्याओं तथा उनके समाधान के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
इसके अतिरिक्त नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत भी समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें सभी नगर निकायों के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र की प्रगति एवं संचालन व्यवस्था की समीक्षा की गयी। जिलाधिकारी ने नगर पालिका पौड़ी को लीगेसी वेस्ट का कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। नगर पंचायत थलीसैंण को कूड़ा डंपिंग स्थल से संबंधित निर्माण कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने को कहा गया। वहीं नगर पालिका दुगड्डा को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन हेतु वैकल्पिक भूमि ढूंढकर उसका चिन्हीकरण करने के निर्देश दिए गए।
कोटद्वार में निर्माणाधीन ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि केवल भौतिक प्रगति ही नहीं, बल्कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने संयंत्र तक पहुंच मार्गों की स्थिति सुधारने, उखड़ी हुई सड़कों के पुनर्स्थापन कार्य शीघ्र पूर्ण करने तथा संबंधित व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला पंचायत को भी स्वच्छता एजेंसियों की कार्यप्रणाली एवं संसाधनों की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए। अपर मुख्य अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि विकासखंडों में स्वच्छता कार्यों हेतु लगभग 80 कार्मिक कार्यरत हैं। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि स्वच्छता कार्यों में लगाए गए वाहनों एवं संसाधनों का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित किया जाए, जिससे व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
बैठक में डीएफओ महातिम यादव, नगर आयुक्त श्रीनगर नूपुर वर्मा, डीपीआरओ जितेंद्र कुमार, एएमए भावना रावत, ईओ नगर पालिका पौड़ी संजय कुमार, एसडीओ वन आयशा बिष्ट, पीएम स्वजल दीपक रावत सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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