Thursday, October 8th, 2026

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जनपद में चिन्हित 12,127 परिसंपत्तियों में से 6,219 की मैपिंग पूरी

Category Archives: उत्तराखंड

जनपद में चिन्हित 12,127 परिसंपत्तियों में से 6,219 की मैपिंग पूरी

राजकीय भूमि एवं परिसंपत्तियों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त

एडीएम प्रशासन ने विभागों को तेजी से Geo Referencing एवं Verification कार्य पूर्ण करने के दिए निर्देश

देहरादून। विभिन्न विभागों की राजकीय/शासकीय भूमि एवं परिसंपत्तियों की सुरक्षा एवं संरक्षा सुनिश्चित करने तथा उन पर होने वाले अतिक्रमण को प्रभावी रूप से रोकने एवं हटाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा निरंतर कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान के निर्देशानुसार जनपद में विभिन्न विभागों से संबंधित भूमि एवं परिसंपत्तियों की Geo Referencing, मैपिंग एवं Verification का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है।

इस संबंध में अपर जिलाधिकारी प्रशासन स्मृता परमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी सभागार में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों की राजकीय/शासकीय भूमि एवं परिसंपत्तियों की वर्तमान स्थिति, Geo Referencing एवं मैपिंग कार्य की प्रगति तथा Verification की स्थिति की समीक्षा की गई।

अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभाग अपने-अपने अधीन आने वाली समस्त राजकीय भूमि एवं परिसंपत्तियों का Geo Referencing एवं Verification कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि राजकीय भूमि एवं परिसंपत्तियों का सटीक डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से इनके सीमांकन, निगरानी एवं संरक्षण में प्रभावी मदद मिलेगी तथा भविष्य में अतिक्रमण की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी।

बैठक में अवगत कराया गया कि जनपद में विभिन्न विभागों की कुल 12,127 चिन्हित परिसंपत्तियों के सापेक्ष अब तक 6,219 परिसंपत्तियों की मैपिंग का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। इस प्रकार जनपद में कुल चिन्हित परिसंपत्तियों के सापेक्ष लगभग 51 प्रतिशत मैपिंग कार्य पूर्ण हो चुका है।

अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने शेष परिसंपत्तियों की मैपिंग एवं Geo Referencing कार्य में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने विभागवार प्रगति की नियमित समीक्षा करने तथा जिन परिसंपत्तियों का मैपिंग एवं Verification कार्य अभी लंबित है, उसे प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि राजकीय/शासकीय भूमि एवं परिसंपत्तियां सरकार की महत्वपूर्ण परिसंपत्तियां हैं। इनकी सुरक्षा एवं संरक्षा सुनिश्चित करना संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है। परिसंपत्तियों का अद्यतन डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध होने से उनकी वास्तविक स्थिति, सीमाएं एवं स्थान संबंधी जानकारी सुरक्षित रहेगी और अतिक्रमण जैसी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।
बैठक में जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी एस.के. गिरी सहित नगर निगम एवं विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


8 अक्टूबर से शुरू होगा मतदाता पंजीकरण का विशेष अभियान

पात्र नागरिकों का मतदाता सूची में नाम जोड़ने पर रहेगा विशेष फोकस

देहरादून : भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने बुधवार को प्रदेश के सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर 8 अक्टूबर से शुरू होने वाले विशेष अभियान की जानकारी दी।

इस दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने अभियान को सफल बनाने के लिए सभी राजनीतिक दलों से सक्रिय सहयोग की अपील की। विशेष अभियान के तहत पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। नए मतदाता पंजीकरण के लिए फॉर्म-6 की प्रक्रिया पर भी ध्यान दिया जाएगा।

बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास सहित भाजपा, कांग्रेस, बसपा, आम आदमी पार्टी और सीपीआई (एम) के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


पीएम मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूरे, हल्द्वानी में निकली मशाल सेवा ज्योति यात्रा

हल्द्वानी : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जनसेवा एवं सुशासन के 25 वर्ष पूर्ण होने पर जनपद नैनीताल में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किये गये। मुख्य कार्यक्रम शहीद पार्क स्थित ठंडी सडक में आयोजित किया गया।

नैनीताल रोड स्थित शहीद पार्क में प्रधानमंत्री मोदी के जनसेवा एवं सुशासन के 25 वर्ष पूर्ण होने पर सांसद अजय भटट ने कहा कि 25 वर्षों की इस ऐतिहासिक यात्रा को सेवा, सुशासन और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण के प्रतीक के रूप में मनाया गया।

उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी ने 07 अक्टूबर, 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में संवैधानिक पद की शपथ ली थी। मुख्यमंत्री के रूप में लगभग 13 वर्षों तक तथा मई 2014 से प्रधानमंत्री के रूप में निरंतर सेवा करते हुए उन्होंने सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण कर लिये हैं।

भटट ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में सुशासन, पारदर्शिता और जनकल्याणकारी योजनाओं का नया युग प्रारंभ हुआ है। जन-धन योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, किसान सम्मान निधि एवं गरीब कल्याण अन्न योजना जैसी योजनाओं ने अंतिम व्यक्ति तक विकास की पहुँच सुनिश्चित की है। उन्होंने कहा कि इन 25 वर्षों में प्रधानमंत्री ने सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास के मंत्र को साकार किया है। गुजरात मॉडल से लेकर विकसित भारत के संकल्प तक की यात्रा देश के प्रत्येक नागरिक के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लेकर आई है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जनसेवा एवं सुशासन के 25 वर्ष पूर्ण होने पर आज हल्द्वानी के शहीद पार्क में आयोजित कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में महिलाओं, स्कूली छात्र-छात्राओं एवं गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता की। इस दौरान प्रधानमंत्री के संदेश का सीधा प्रसारण सुना गया। कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीत एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित जनसमूह को अभिभूत कर दिया।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री के जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मशाल जुलूस के साथ रथ यात्रा निकाली गई। रथ यात्रा का शुभारम्भ सांसद अजय भट्ट एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों द्वारा किया गया। रथ यात्रा शहीद चौक नियर ठंडी सडक, से प्रारम्भ होकर नगर निगम सेवा ज्योति पार्क तक निकाली गई। मशाल सेवा ज्योति यात्रा में अन्तर्राष्ट्रीय धावक सुरेश पाण्डे एवं राष्ट्रीय धाविका ममता पाठक द्वारा प्रतिभाग किया गया।इस अवसर पर सांसद अजय भटट ने कहा कि नगर निगम पार्क का नाम परिवर्तित कर सेवा ज्योति यात्रा पार्क के नाम से जाना जायेगा।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सांसद अजय भटट एवं गणमान्य व्यक्तियों व आम जनमानस ने प्रधानमंत्री के जनसेवा के 25 वर्षों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए देश को आत्मनिर्भर एवं विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को दोहराया और सभी ने नरेन्द्र मोदी के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना करते हुये जनसेवा की उनकी यात्रा के 25 वर्ष पूर्ण होने पर शुभकामनायें दी।


मतदाता सूची को अधिक शुद्ध एवं त्रुटिरहित बनाने के लिए नैनीताल में विशेष अभियान

08 से 10 अक्टूबर तक प्रत्येक बूथ पर विशेष कैंप, 12 से 20 अक्टूबर तक होगा घर-घर सत्यापन

नैनीताल : भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में मतदाता सूची के पुनः सत्यापन एवं छूटे हुए पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल किए जाने को लेकर जनपद नैनीताल में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारी/ जिलाधिकारी की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाने में सहयोग की अपेक्षा की गई।

अभियान के तहत 08 से 10 अक्टूबर 2026 तक जनपद के प्रत्येक मतदान केंद्र पर विशेष कैंप आयोजित किए जाएंगे। कैंप के दौरान बीएलओ, संबंधित बीएजी सदस्य एवं बीएलए-2 द्वारा वर्तमान मतदाता सूची का पूर्व की मतदाता सूची से मिलान करते हुए छूटे हुए पात्र मतदाताओं की पहचान की जाएगी।

इसके उपरांत 12 से 20 अक्टूबर 2026 तक बीएलओ द्वारा बीएलए-2 के सहयोग से घर-घर जाकर चिन्हित मतदाताओं का सत्यापन किया जाएगा। पात्र पाए जाने वाले ऐसे मतदाता, जिनका नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं है, उनका फॉर्म-6 के माध्यम से पंजीकरण कराया जाएगा। साथ ही पहली बार मतदान करने वाले एवं युवा मतदाताओं को भी मतदाता सूची में शामिल करने की कार्रवाई की जाएगी।

नैनीताल में 6 लाख 97 से अधिक मतदाता

जिला निर्वाचन कार्यालय से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 03 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में जनपद नैनीताल में कुल 6,97,547 मतदाता दर्ज हैं।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों एवं बीएलए से अभियान में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज होने से वंचित न रहे और मतदाता सूची को अधिक विश्वसनीय एवं अद्यतन बनाया जा सके। इस दौरान उप जिला निर्वाचन अधिकारी विवेक राय, उप जिलाधिकारी नवाज़िश खलिक सहित विभिन्न राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।


संस्कृत ग्रामों में सालभर नियमित रूप से आयोजित हों संस्कृत आधारित गतिविधियां – मुख्यमंत्री

प्रमुख धार्मिक स्थलों पर संस्कृत के प्रचार-प्रसार के लिए प्रभावी पहल करने के निर्देश

आगामी कुंभ के दृष्टिगत हरिद्वार में संस्कृत के क्षेत्र में ठोस कार्यों की व्यापक कार्ययोजना बनाई जाए

देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में संस्कृत शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य में संस्कृत के संरक्षण, संवर्धन और व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि आदर्श संस्कृत ग्रामों में केवल विशेष अवसरों तक गतिविधियां सीमित न रहें, बल्कि सालभर नियमित रूप से संस्कृत संभाषण एवं संस्कृत आधारित विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को संस्कृत भाषा के अध्ययन के साथ ही वेद, उपनिषद, पुराण और अन्य महत्वपूर्ण संस्कृत ग्रंथों की अधिक से अधिक जानकारी दी जाए। इसके लिए बच्चों की आयु और रुचि के अनुरूप सरल एवं प्रभावी माध्यम विकसित किए जाएं। उन्होंने कहा कि संस्कृत हमारी समृद्ध ज्ञान परंपरा और संस्कृति का महत्वपूर्ण आधार है। बच्चों को संस्कारवान बनाने में भी संस्कृत की महत्वपूर्ण भूमिका है। नई पीढ़ी को अच्छी शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार मिलना भी आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की मूल भावना सदैव ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ की रही है। हमारी प्राचीन ज्ञान परंपरा ने सदैव विश्व कल्याण, सद्भाव और मानवता का संदेश दिया है। संस्कृत के माध्यम से नई पीढ़ी को भारतीय ज्ञान परंपरा, जीवन मूल्यों और सांस्कृतिक विरासत से और प्रभावी ढंग से जोड़ा जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चारधाम के साथ ही हर की पैड़ी, जागेश्वर धाम, आदि कैलाश, पूर्णागिरि, सुरकंडा देवी, धारी देवी, गर्जिया देवी मंदिर, वीरभद्र ऋषिकेश सहित राज्य के अन्य प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थलों पर संस्कृत के प्रचार-प्रसार के लिए प्रभावी पहल की जाए। इन स्थलों पर संस्कृत में प्रेरक वाक्य, श्लोक एवं उनसे संबंधित सरल अर्थ प्रदर्शित करने तथा संस्कृत को श्रद्धालुओं और पर्यटकों के बीच अधिक व्यापक रूप से पहुंचाने के लिए आवश्यक कार्यवाही की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्कृत उत्तराखण्ड की द्वितीय राजभाषा है। राज्य में संस्कृत शिक्षा और इसके प्रचार-प्रसार को तेजी से आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि संस्कृत के संरक्षण और संवर्धन से जुड़े प्रभावी कार्यों के लिए धनराशि की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने आगामी कुंभ के दृष्टिगत हरिद्वार में संस्कृत के क्षेत्र में किए जा सकने वाले ठोस कार्यों की व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुंभ में देश-दुनिया से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। ऐसे में संस्कृत और भारतीय ज्ञान परंपरा को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने के लिए अभिनव पहल की जाए।

सचिव संस्कृत शिक्षा दीपक कुमार ने राज्य में संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अभिनव प्रयासों एवं विविध क्रियाकलापों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 13 जनपदों में एक-एक आदर्श संस्कृत ग्राम का शुभारंभ किया जा चुका है। इन ग्रामों में संस्कृत को दैनिक बोलचाल और व्यवहार का हिस्सा बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। संस्कृत शिक्षा के विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए गार्गी संस्कृत बालिका छात्रवृत्ति, डॉ. भीमराव अंबेडकर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति संस्कृत छात्रवृत्ति तथा संस्कृत छात्र प्रतिभा सम्मान जैसी योजनाएं भी संचालित की जा रही हैं।

राज्य में संस्कृत शिक्षा, शोध, प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण एवं डिजिटलीकरण, भारतीय ज्ञान परंपरा, वैदिक एवं शास्त्रीय अध्ययन तथा आधुनिक तकनीक में संस्कृत के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए संस्कृत आयोग के गठन की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई गई है।

इस अवसर पर सचिव रणवीर सिंह चौहान, कुलपति संस्कृत विश्वविद्यालय हरिद्वार प्रो. रमाकांत पांडेय, अपर सचिव मनुज गोयल, कवीन्द्र सिंह,संयुक्त सचिव राजेंद्र सिंह पतियाल एवं संस्कृत शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


आधुनिक तकनीक से समृद्ध होंगे उत्तराखण्ड के 2 लाख से अधिक दुग्ध उत्पादक

प्रदेश के दुग्ध उत्पादकों को उपलब्ध कराया जाएगा ग्लोबल मार्केट

गेट्स फाउंडेशन द्वारा राज्य को दिया जाएगा वित्तीय सहयोग

देहरादून। उत्तराखण्ड में दुग्ध उत्पादन व्यवसाय से जुड़े छोटे किसानों के लिए राज्य सरकार ने एक विशेष पहल शुरु करने जा रही है। इस पहल का उद्देश्य छोटे एवं सीमांत डेयरी किसानों के लिए संसाधनों को सुदृढ़ करना है। इसके अंतर्गत राज्य में दुग्ध उत्पादन में बढ़ोत्तरी, राष्ट्रीय एवं अन्तराष्ट्रीय बाजार तक किसानों की पहुंच को और बेहतर करने के साथ ही किसानों की आय में वृद्धि पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस योजना के तहत प्रदेश के 2 लाख से अधिक छोटे बड़े दुग्ध पालकों को लाभ पंहुचाने का लक्ष्य रखा गया है।

उत्तराखण्ड सरकार की तरफ से शासन स्तर पर इसकी कार्ययोजना तैयार कर दी गई है। इसी सप्ताह सचिव पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग डॉ बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम की अध्यक्षता में इस कार्ययोजना पर बैठक भी अयोजित कर दी गई है। इस योजना में गेट्स फाउंडेशन द्वारा वित्तीय सहयोग दिया जाएगा तथा जीडीआई पाटनर्स द्वारा परामर्शी सहयोग दिया जाएगा।

कार्यक्रम के तहत कृत्रिम गर्भाधान (Artificial Insemination&AI), भ्रूण प्रत्यारोपण (Embryo Transfer&ET), पशु आहार एवं पोषण, पशु स्वास्थ्य तथा आंचल की सहकारी समितियों एवं बाजार व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके माध्यम से बेहतर प्रजनन व्यवस्था एवं अधिक दुग्ध उत्पादकता को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही, मिनी फीड मिलों की स्थापना, संतुलित पशु आहार तैयार करने को प्रोत्साहन, पशु स्वास्थ्य सेवाओं तक बेहतर पहुंच तथा सहकारी दुग्ध संग्रहण एवं प्रसंस्करण नेटवर्क के विस्तार की दिशा में कार्य किया जाएगा।

2 लाख किसानों तक पंहुच का लक्ष्य

इस कार्यक्रम में समग्र रुप से प्रदेश के 2 लाख से अधिक डेयरी किसानों तक पहुंच बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके माध्यम से बेहतर प्रजनन, पोषण, पशु स्वास्थ्य सेवाओं तथा बाजार तक पहुंच के जरिए किसानों को लाभान्वित किया जाएगा।

कार्यक्रम के अंतर्गत तकनीक आधारित नवाचार का व्यापक उपयोग किया जाएगा। इनमें पशु स्वास्थ्य संबंधी एडवाइजरी, गर्भधारण की जांच के लिए किट तथा कम लागत वाली कृत्रिम गर्भाधान (AI) सेवाएं शामिल हैं। इन तकनीकी समाधानों का उद्देश्य पशुधन संबंधी सेवाओं को किसानों के लिए अधिक सुलभ, प्रभावी और उपयोगी बनाना है।

शासन स्तर पर हुई बैठक में सचिव, पशुपालन, मत्स्य एवं डेयरी विकास, उत्तराखंड सरकार द्वारा की गई। बैठक में निदेशक पशुपालन डॉ. उदय शंकर, निदेशक, डेयरी विकास सुश्री इला गिरी, सीईओ पशुधन विकास बोर्ड डॉ. राकेश सिंह नेगी, गेट्स फाउंडेशन की प्रतिनिधि निधि जैन तथा प्रियंका काकडू उपस्थित रहे।


प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप उत्तराखण्ड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने उत्तरकाशी में सेवा ज्योति कलश यात्रा एवं सेवा संकल्प सभा में किया प्रतिभाग

प्रधानमंत्री के जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने पर विकसित भारत के निर्माण में उत्तराखण्ड की सक्रिय भागीदारी का लिया संकल्प

उत्तरकाशी : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को उत्तरकाशी स्थित पौराणिक श्री काशी विश्वनाथ मंदिर एवं शक्ति मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।

इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक रामलीला मैदान में सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित सेवा ज्योति कलश यात्रा एवं सेवा संकल्प सभा में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम के प्रसारण को भी देखा गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले ढाई दशक में जनसेवा, सुशासन और गरीब कल्याण को अपने सार्वजनिक जीवन का मूल आधार बनाया है। सेवा ज्योति यात्रा जनसेवा, राष्ट्रभाव और जनकल्याण के इसी संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जनधन योजना, जल जीवन मिशन, आयुष्मान भारत और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचा है। शासन को सरकारी कार्यालयों और फाइलों तक सीमित न रखकर लोगों के द्वार तक पहुंचाने का कार्य हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने बाबा केदार की धरती से 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखण्ड का दशक बताया था। राज्य सरकार उनके इस विजन को साकार करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। प्रदेश में सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार के साथ उद्योग, पर्यटन, रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था में डेढ़ गुना से अधिक वृद्धि हुई है और प्रति व्यक्ति आय में 41 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। प्रदेश में 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए हैं। होटल की संख्या में लगभग 25 प्रतिशत तथा होमस्टे में 50 प्रतिशत से अधिक वृद्धि हुई है। प्रदेश की तीन लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।

सतत विकास लक्ष्य सूचकांक में उत्तराखण्ड ने देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है तथा राज्य को लगातार चार वर्षों से मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट का सम्मान मिला है। उत्तराखण्ड ने पूर्ण साक्षर राज्य बनने की उपलब्धि भी हासिल की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित बनाने के प्रयासों के परिणामस्वरूप इस वर्ष अब तक 56 लाख से अधिक श्रद्धालु चारधाम यात्रा कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि उत्तरकाशी जनपद में 200 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 50 योजनाओं का शिलान्यास किया गया, जिनमें से 26 योजनाओं का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा 24 योजनाओं पर कार्य गतिमान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड देश में समान नागरिक संहिता लागू करने वाला पहला राज्य बना है। राज्य में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगा रोधी कानून, भू-कानून और नकल विरोधी कानून जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। पारदर्शी भर्ती व्यवस्था और सख्त नकल विरोधी कानून के परिणामस्वरूप पिछले लगभग पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियां मिली हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के संकल्प को हमें अपने कर्तव्यों और दायित्वों में उतारना होगा। प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप उत्तराखण्ड को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उत्तरकाशी में विश्वनाथ-शक्ति मंदिर कॉरिडोर बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बाबा विश्वनाथ और मां शक्ति का यह पवित्र स्थल श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। कॉरिडोर के निर्माण से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ धार्मिक पर्यटन और स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने गाजणा क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धौंतरी के उच्चीकरण की मांग का परीक्षण कराए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि भटवाड़ी में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना के लिए भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है और इसकी शीघ्र स्वीकृति के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएंगे। डोडीताल, अवाना बुग्याल एवं हरि महाराज सौड़ बुग्याल के विकास एवं सौंदर्यीकरण से संबंधित कार्यों को भी आगे बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी का नाम पूर्व विधायक स्वर्गीय गोपाल सिंह रावत के नाम पर रखे जाने की भी घोषणा की।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान, विधायक गंगोत्री सुरेश चौहान, विधायक पुरोला दुर्गेश्वर लाल, पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण एवं केदार सिंह रावत, जिलाधिकारी प्रशांत आर्य, पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय, मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।


गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली को मजबूत करने के लिए विभागीय स्तर पर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करें- मुख्य सचिव

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बीआईएस की राज्य स्तरीय समिति की बैठक आयोजित

प्रोक्योरमेंट में BIS एवं निर्धारित गुणवत्ता मानकों का अनिवार्य रूप से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए

क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर्स के प्रति जागरूकता एवं क्षमता निर्माण के लिए कार्यशालाएं आयोजित की जाएं: मुख्य सचिव

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) से सम्बन्धित राज्य स्तरीय समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में राज्य में मानकीकरण, गुणवत्ता प्रबंधन एवं उपभोक्ता हितों से सम्बन्धित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि राज्य में प्रोक्योरमेंट प्रक्रिया के दौरान निर्धारित प्रोक्योरमेंट रूल्स के साथ-साथ सम्बन्धित बीआईएस मानकों एवं गुणवत्ता मानकों का भी प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने भारतीय मानक ब्यूरो को सम्बन्धित विभागों के साथ वर्कशॉप आयोजित किए जाने के साथ ही इस सम्बन्ध में एडवाइजरी भी जारी किए जाने के निर्देश दिए, ताकि सरकारी खरीद में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न हो।

मुख्य सचिव ने बीआईएस को विभागीय अधिकारियों के साथ मिलकर क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर्स के सम्बन्ध में जागरूकता और क्षमता निर्माण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि इंडस्ट्री एवं ट्रेडर्स के साथ कार्यशालाएं आयोजित कर उन्हें बीआईएस मानकों एवं क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर्स के संबंध में जानकारी उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने बीआईएस को सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों एवं कार्मिकों के लिए नियमित कार्यशालाएं आयोजित किए जाने की बात कही। साथ ही उन्होंने कहा कि कार्यशालाओं में बीआईएस के विशेषज्ञ एवं सक्षम रिसोर्स पर्सन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि प्रतिभागियों को मानकों, गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों तथा उनके अनुपालन की प्रक्रिया की व्यावहारिक जानकारी मिल सके। उन्होंने कहा कि कपैसिटी बिल्डिंग को निरंतर प्रक्रिया के रूप में आगे बढ़ाए जाने कि आवश्यकता है।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिये कि बीआईएस से सम्बन्धित महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश एवं सूचनाएं सभी सम्बन्धित विभागों तक सर्कुलेट कराई जाएं तथा संबंधित सचिवों के साथ भी नियमित रूप से इंटरेक्शन किया जाए, ताकि बीआईएस मानकों के प्रभावी क्रियान्वयन में विभागीय स्तर पर आवश्यक समन्वय सुनिश्चित हो सके। उन्होंने बीआईएस द्वारा इस सम्बन्ध में जिलाधिकारियों के साथ आयोजित होने वाली बैठक में भी प्रस्तुतिकरण किए जाने कि बात कही, ताकि जनपद स्तर पर भी इन विषयों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा सके।

मुख्य सचिव ने कहा कि उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों एवं गुणवत्तापूर्ण उत्पादों के सम्बन्ध में जागरूक किया जाना आवश्यक है। इसके लिए बीआईएस केयर ऐप का व्यापक प्रचार-प्रसार किए जाने के निर्देश दिए, ताकि उपभोक्ता उत्पादों की गुणवत्ता एवं बीआईएस प्रमाणन से सम्बन्धित जानकारी प्राप्त कर सकें तथा आवश्यकतानुसार शिकायत अथवा सत्यापन की सुविधा का उपयोग कर सकें।

बैठक में बताया गया कि भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा विकसित बीआईएस केयर (BIS CARE) ऐप उपभोक्ताओं को उत्पादों की गुणवत्ता एवं प्रमाणिकता की जानकारी प्राप्त करने में उपयोगी डिजिटल माध्यम उपलब्ध कराता है। ऐप के माध्यम से उपभोक्ता उत्पादों पर अंकित आईएसआई मार्क एवं लाइसेंस नंबर की सत्यता, इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के आर-नंबर, स्वर्ण आभूषणों पर अंकित एचयूआईडी नंबर का सत्यापन कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, भारतीय मानकों से संबंधित जानकारी प्राप्त करने, बीआईएस कार्यालयों एवं प्रयोगशालाओं की जानकारी देखने तथा मानकों के उल्लंघन, नकली आईएसआई मार्क अथवा अन्य अनियमितताओं के संबंध में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की सुविधा भी उपलब्ध है। यह ऐप उपभोक्ताओं को जागरूक करने तथा सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण उत्पादों की खरीद में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव एल. फैनई, बीआईएस के उपमहानिदेशक नॉर्थ दीपक कुमार सिंघला, निदेशक एवं डीएचबीओ हेमंत बी. अदे, अपर सचिव नवनीत पाण्डेय, श्रीमती रुचि मोहन रयाल, सुश्री झरना कामठान, इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ उत्तराखण्ड से पंकज गुप्ता, सीसीआईआर-सीबीआरआई रुड़की से डॉ. नवल किशोर बंजारा एवं आईआईटी रुड़की से डॉ. आशुतोष शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


पौड़ी में ‘गढ़देवा 2026-27’ का आगाज, 15 विकासखंडों के खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा

जिलाधिकारी ने किया शुभारंभ

पौड़ी। “विजयी भवः” के उद्घोष और खिलाड़ियों के उत्साह के बीच बुधवार को शहीद राइफलमैन महावीर चक्र जसवंत सिंह स्टेडियम रांसी में 76वीं जनपदीय विद्यालयी शीतकालीन क्रीड़ा प्रतियोगिता ‘गढ़देवा 2026-27’ का भव्य शुभारंभ हुआ। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने दीप प्रज्ज्वलित कर प्रतियोगिता का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने खेल ध्वज फहराया और जनपद के सभी 15 विकासखंडों से पहुंचे खिलाड़ी दलों की मार्चपास्ट की सलामी ली।

प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर खिलाड़ियों ने खेल भावना, अनुशासन और पूरी निष्ठा के साथ प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने की शपथ ली। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज पौड़ी की छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम में उत्साह का माहौल बना दिया।

7 से 10 अक्टूबर तक होंगी विभिन्न स्पर्धाएं

‘गढ़देवा 2026-27’ के तहत 7 से 10 अक्टूबर तक विभिन्न एथलेटिक्स स्पर्धाओं का आयोजन किया जा रहा है। प्रतियोगिता में 100, 200, 400, 800, 1500 और 5000 मीटर दौड़ के साथ क्रॉस-कंट्री तथा 4×100 मीटर रिले दौड़ आयोजित की जा रही हैं। इसके अलावा लंबी कूद, त्रिकूद, ऊंची कूद, भाला फेंक, गोला फेंक और चक्का फेंक जैसी स्पर्धाओं में भी छात्र-छात्राएं अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।

खेल बच्चों के व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण माध्यम : जिलाधिकारी

खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने कहा कि बच्चों का उत्साह और उमंग प्रेरणादायी है। पढ़ाई के साथ खेलों में भागीदारी बच्चों के सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। खेल बच्चों को शारीरिक रूप से स्वस्थ रखने के साथ ही चुनौतियों का सामना करने, दबाव को नियंत्रित करने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की क्षमता विकसित करते हैं।

उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि जीवन में समस्याएं और चुनौतियां आती रहती हैं। मेहनत और संघर्ष के बाद हासिल की गई सफलता का आनंद अलग होता है। उन्होंने कहा कि मैदान में संघर्ष की भावना के साथ खेल भावना को बनाए रखना जरूरी है। खेल में कोई वास्तव में हारता नहीं है, बल्कि या तो जीतता है या फिर कुछ नया सीखता है।

जिलाधिकारी ने कहा कि प्रतियोगिता के दौरान शुरुआती दबाव महसूस होना स्वाभाविक है, लेकिन उस दबाव को नियंत्रित कर आत्मविश्वास के साथ अपनी पूरी क्षमता से प्रदर्शन करना ही खिलाड़ी की असली पहचान है। उन्होंने कहा कि यही सिद्धांत परीक्षा और जीवन की दूसरी चुनौतियों पर भी लागू होता है।

खिलाड़ियों को दिया सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन का संदेश

जिलाधिकारी ने सभी खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि उन्हें मिले अवसर का पूरा लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने खिलाड़ियों से आत्मविश्वास और उत्साह के साथ प्रतियोगिता में हिस्सा लेने तथा खेल भावना को बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने “विजयी भवः” के उद्घोष के साथ सभी खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

शिक्षा विभाग के तत्वावधान में आयोजित प्रतियोगिता में जनपद के सभी 15 विकासखंडों से छात्र-छात्राएं प्रतिभाग कर रहे हैं। प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए विभाग की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। खिलाड़ियों को प्रशिक्षकों और शिक्षकों द्वारा संबंधित स्पर्धाओं के लिए मार्गदर्शन दिया जा रहा है। साथ ही खिलाड़ियों के अनुशासन, सुरक्षा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

कार्यक्रम का संचालन जयदीप रावत और मनोहर चमोली ‘मनु’ ने किया। इस अवसर पर अपर निदेशक, माध्यमिक शिक्षा गढ़वाल मंडल परमेंद्र बिष्ट, मुख्य शिक्षाधिकारी अत्रेश सयाना, खंड शिक्षाधिकारी मास्टर आदर्श, जिला खेल समन्वयक योगंबर सिंह नेगी समेत शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक, प्रशिक्षक, खिलाड़ी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।


बरसूण्ड देवता ग्राम समूह पम्पिंग पेयजल योजना से चालीस छोटे बडे़ गांव होंगे लाभान्वित- महाराज

पोखड़ा को मिली 275.63 लाख की सड़क की सौगात

सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित हुआ बहुउद्देशीय शिविर

पोखड़ा (पौड़ी गढ़वाल)। चौबट्टाखाल विधानसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सड़क, सिंचाई, पेयजल, पर्यटन, पंचायतों के सुदृढ़ीकरण और स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए अनेक लोक कल्याणकारी योजनाओं पर काम चल रहा है।

उक्त बात प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और चौबट्टाखाल विधायक सतपाल महाराज ने अपने क्षेत्र भ्रमण के दूसरे दिन बुधवार को विकासखण्ड पोखड़ा में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित बहुउदेशीय शिविर में प्रतिभाग करते हुए कही। उन्होंने कहा कि पोखड़ा विकासखण्ड में अनेकों विकास कार्य किए गए हैं। दूरस्थ कोला क्षेत्र में वर्षों से लम्बित बरसूण्ड देवता ग्राम समूह पम्पिंग पेयजल योजना के लिए 29 करोड़ 83 लाख रूपये स्वीकृत कराये गये। इस योजना से क्षेत्र के चालीस छोटे बडे़ गांव व तोकों की जनता पेयजल सुविधा से लाभान्वित होगी। इसके अलावा कोला-1 व कोला-2 को मोटर मार्ग से मिलाने के लिए 31 लाख 51 हजार रूपये स्वीकृत कराये गये। यह कार्य पूर्ण भी हो गये है। बिजोरापानी से कुण्जखाल आवश्यक स्थानों पर 56 लाख रूपये की लागत से मोटर मार्ग का नवीनीकरण कराया गया। विधायक निधि से इस क्षेत्र में एक करोड़ रूपये की लागत से हर ग्राम पंचायत में अनेकों कार्य सम्पन्न कराये है। इसके अतिरिक्त स्कूलों के भवन, क्षेत्र में सौर उर्जा, जल जीवन मिशन के अन्तर्गत हर ग्राम सभा में पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने के लिए दस करोड़ रूपये से अधिक कार्य सम्पन्न कराये गये है।

महाराज ने विकासखंड पोखड़ा में सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में स्टालों का अवलोकन करने के साथ साथ स्थानीय लोगों की समस्याओं को भी सुना और उनका निराकरण किया। इस दौरान उन्होंने पोखड़ा विकासखण्ड में 2 करोड़ 75 लाख 63 हजार की धनराशि से निर्मित बिजोरापानी-कुंज खाल-कोलाखाल-जयकोट मार्ग के 8 किमीग्राम से चिनवाड़ी तक ग्रामीण मोटर मार्ग का लोकार्पण भी किया। कार्यक्रम के दौरान श्री महाराज ने सेवा संकल्प अभियान के तहत अपने निवास स्थान विकास खंड पोखड़ा स्थित सेड़ियाखाल में मुख्यमंत्री कोष से लाभार्थियों को चेक भी वितरित करने के साथ-साथ एबीवीपी के युवाओं को सम्मानित भी किया।

कार्यक्रम के दौरान पोखड़ा भाजपा मण्डल अध्यक्ष शैलेन्द्र दर्शन,जिला महामंत्री महिपाल नेगी, भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सुयश रावत, विधायक प्रतिनिधि प्रभूरारण बुड़‌ाकोटी, ब्लाक प्रमुख संजय गुसाई, जिला पंचायत सदस्य बलवन्त सिंह नेगी, एसडीएम रेखा आर्य, सत्य प्रकाश शाह, सुनील, विकास, धर्मेन्द्र, मस्तराम बड़ोला, मधुवाला, नरेश विनोद बिन्जोला, सुन्दर सिंह, जगदीश जखमोला, सुभाष जोशी, महेशानन्द जोशी, हयात सिंह सहित विभागीय अधिकारी और कर्मचारी सहित क्षेत्रीय जनता उपस्थित थीं।


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