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उत्तरकाशी पहुंचे मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार, पोलिंग बूथ हर्षिल का करेंगे निरीक्षण

Category Archives: उत्तराखंड

उत्तरकाशी पहुंचे मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार, पोलिंग बूथ हर्षिल का करेंगे निरीक्षण

उत्तरकाशी। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार सीमांत जनपद उत्तरकाशी दौरे पर पहुंचे, उनके वहां पहुंचने पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखंड डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने उनका स्वागत किया।

दौरे के दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त भारत-चीन सीमा से सटे सीमांत क्षेत्र के मतदान केंद्रों का निरीक्षण करेंगे। इसी क्रम में वह हर्षिल स्थित पोलिंग बूथ का स्थलीय निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं, मतदान व्यवस्था और पुनरीक्षण कार्यों की स्थिति का आकलन करेंगे। इस निरीक्षण का उद्देश्य दूरस्थ एवं सीमांत क्षेत्रों में निर्वाचन संबंधी व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाना तथा मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करना है।


मुख्यमंत्री धामी ने ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन 2026’ के काउंटडाउन रन कार्यक्रम का किया फ्लैग ऑफ

नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन, रोजगार और युवा उद्यमिता को देगा नई गति- मुख्यमंत्री

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन 2026 के काउंटडाउन रन कार्यक्रम का फ्लैग ऑफ किया और मशाल प्रज्ज्वलित कर प्रतीकात्मक दौड़ में हिस्सा लिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 31 मई 2026 को होने वाले नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन के शुभंकर “क्यालु- हिम तेंदुआ” का अनावरण भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि सीमांत क्षेत्रों में नई ऊर्जा, नए अवसर और नए विश्वास को जागृत करने का अभियान है।
उन्होंने कहा कहा कि कार्यक्रम में युवाओं का उत्साह, ऊर्जा और आत्मविश्वास यह दर्शाता है कि देवभूमि उत्तराखंड के युवाओं में साहस, संकल्प और देश के लिए कुछ बड़ा करने का जज्बा कूट-कूट कर भरा है। उन्होंने कहा कि आज यहां गूंज रहे युवाओं के कदम आने वाले समय में नीति घाटी की ऊंचाइयों पर इतिहास रचेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दौड़ केवल शारीरिक क्षमता की परीक्षा नहीं, बल्कि इच्छाशक्ति, धैर्य और आत्मविश्वास को मजबूत करने का माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि नीति घाटी जैसे दुर्गम एवं चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में दौड़ने के लिए बुलंद हौंसला, हिमालय जैसा अडिग विश्वास और चुनौतियों को स्वीकार करने का साहस आवश्यक है। उन्होंने प्रतिभागियों को देवभूमि उत्तराखंड के साहस, पर्यटन और सामर्थ्य का ब्रांड एंबेसडर बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तराखंड केवल प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक नहीं, बल्कि हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ता नया उत्तराखंड है। उन्होंने कहा कि नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन नए उत्तराखंड की शक्ति और सामर्थ्य के प्रदर्शन का प्रतीक बनेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह विजन कि सीमावर्ती गांव देश के अंतिम नहीं, बल्कि पहले गांव हैं, इस आयोजन के माध्यम से साकार हो रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह आयोजन सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन, रोजगार, होमस्टे, स्थानीय उत्पादों और युवा उद्यमिता को नई गति प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी 31 मई को नीति घाटी की पावन एवं दुर्गम धरती पर आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम उत्तराखंड के खेल एवं एडवेंचर टूरिज्म के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय लिखेगा। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि देश के 27 राज्यों और 2 अन्य देशों से 900 से अधिक प्रतिभागियों ने इस महाआयोजन के लिए पंजीकरण कराया है, जो युवाओं में इस आयोजन के प्रति बढ़ते आकर्षण का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में फिट इंडिया मूवमेंट, खेलो इंडिया एवं राष्ट्रीय खेलों जैसे अभियानों के माध्यम से खेल और फिटनेस को जनआंदोलन बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी उत्तराखंड को देश का अग्रणी एडवेंचर स्पोर्ट्स एवं स्पोर्ट्स टूरिज्म डेस्टिनेशन बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि वे पूरे आत्मविश्वास और ऊर्जा के साथ दौड़ में प्रतिभाग करें तथा सुरक्षित रूप से इसे पूर्ण कर 31 मई को नीति घाटी में नया इतिहास रचें। उन्होंने सभी प्रतिभागियों एवं आयोजकों को कार्यक्रम की सफलता के लिए शुभकामनाएं एवं बधाई दी।

इस अवसर पर सचिव पर्यटन धीराज गर्ब्याल, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी, पर्यटन विकास परिषद नरेन्द्र भंडारी एवं अनेक प्रतिभागी मौजूद थे।


कैंसर पीड़ित विधवा महिला की मदद को आगे आया जिला प्रशासन

डीएम सविन बंसल की पहल से सुनीता कलवार के बच्चों की शिक्षा को मिला नया सहारा

देहरादून। जिला प्रशासन की संवेदनशील पहल से डोईवाला निवासी कैंसर पीड़ित विधवा महिला सुनीता कलवार और उनके बच्चों को बड़ी राहत मिली है। आर्थिक तंगी और गंभीर बीमारी से जूझ रही सुनीता की मदद के लिए जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर प्रशासन ने न केवल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई, बल्कि उनके बच्चों की शिक्षा को भी पुनः पटरी पर लाने का कार्य किया।

सुनीता कलवार ने जिलाधिकारी के समक्ष अपनी समस्या रखते हुए बताया था कि कैंसर के उपचार और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच बच्चों की पढ़ाई जारी रखना उनके लिए मुश्किल हो गया है। पति के निधन के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति और अधिक कमजोर हो गई थी। ऐसे में उन्होंने बच्चों की शिक्षा के लिए सहयोग और आर्थिक सहायता की मांग की थी।

मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने तत्काल सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए। जिला प्रशासन ने रायफल क्लब फंड से सुनीता कलवार को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई। साथ ही उनके पुत्र का विद्यालय में प्रवेश सुनिश्चित कराया गया, जबकि उनकी पुत्री की बाधित शिक्षा को प्रशासन की महत्वाकांक्षी पहल ‘प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा’ के माध्यम से दोबारा शुरू कराया गया।

जानकारी के अनुसार, सुनीता कलवार का वर्ष 2024 में कैंसर का ऑपरेशन हुआ था और वर्तमान में उनका उपचार जारी है। उपचार के दौरान परिवार को आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा था। जिला प्रशासन ने आर्थिक सहायता के साथ-साथ उनके उपचार और अन्य आवश्यकताओं के लिए भी लगातार सहयोग प्रदान किया है।

जिला प्रशासन का कहना है कि जरूरतमंद और संकटग्रस्त परिवारों की सहायता के लिए विभिन्न स्तरों पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। बीते वर्षों में भी अनेक परिवारों को आर्थिक सहायता, चिकित्सा सहयोग, ऋण राहत तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। वहीं ‘प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा’ के जरिए सैकड़ों जरूरतमंद बालिकाओं की शिक्षा को पुनर्जीवित कर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है।

जिला प्रशासन की यह पहल मानवीय संवेदनाओं और जनकल्याण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिससे जरूरतमंद परिवारों को नई उम्मीद और संबल मिल रहा है।


प्रदेश में चाय उत्पादन और टी टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा – गणेश जोशी

देहरादून। प्रदेश के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कैंप कार्यालय में कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारियों के साथ विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तार से जानकारी ली तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक में कृषि मंत्री गणेश जोशी ने प्रदेश में चाय उत्पादन की संभावनाओं को तलाशते हुए सुनियोजित कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि उत्तराखंड की चाय को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। इसके लिए मंत्री जोशी ने असम में चाय की टेस्टिंग कराने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि असम की तर्ज पर उत्तराखंड में भी वन विभाग की रिक्त भूमि पर चाय बागानों के विकास की संभावनाएं तलाशते हुए वन विभाग के साथ समन्वय बनाकर कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

विभागीय मंत्री गणेश जोशी ने प्रदेश के राजकीय उद्यानों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में टी टूरिज्म को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता और चाय बागानों को पर्यटन से जोड़कर प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा सकता है। उन्होंने चाय की ब्रांडिंग एवं विपणन के लिए टाटा ग्रुप सहित अन्य प्रतिष्ठित समूहों से समन्वय स्थापित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।

बैठक में अधिकारियों द्वारा जानकारी दी गई कि वर्तमान में प्रदेश के अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, रुद्रप्रयाग, पौड़ी, टिहरी, नैनीताल, चंपावत एवं पिथौरागढ़ जनपदों में लगभग 1500 हेक्टेयर क्षेत्रफल में चाय बागान स्थापित हैं। इन बागानों से लगभग 7 लाख किलोग्राम हरी चाय पत्तियों का उत्पादन किया जा रहा है, जिससे करीब 1.50 लाख किलोग्राम प्रसंस्कृत चाय का उत्पादन हो रहा है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि वर्तमान में चंपावत, घोड़ाखाल एवं कौसानी के चाय बागानों को टी टूरिज्म से जोड़ा गया है।

इस अवसर पर सचिव कृषि एसएन पांडेय, निदेशक कृषि दिनेश कुमार, निदेशक चाय विकास बोर्ड महेंद्र पाल, सीईओ ओद्यानिकी परिषद नरेंद्र यादव आदि उपस्थित रहे।


कमेड़ा गांव पहुंचीं जिलाधिकारी, जन चौपाल में सुनी ग्रामीणों की समस्याएं

ग्रामीण विकास योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण, कृषि-मत्स्य के इंटीग्रेटेड फार्मिंग मॉडल और महिला कृषकों के प्रयासों की सराहना

कमेड़ा चौपाल में जिलाधिकारी का जनसंवाद, किया पौधरोपण, सड़क-पेयजल से कृषि तक समस्याओं के समाधान के दिए निर्देश

पौड़ी। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया की अध्यक्षता में विकासखंड पौड़ी के अंतर्गत कमेड़ा गांव में जन चौपाल का आयोजन किया गया, जहां ग्रामीणों की समस्याओं एवं विकास संबंधी मांगों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। गांव पहुंचने पर स्थानीय ग्रामीणों द्वारा जिलाधिकारी का भव्य स्वागत किया गया।

चौपाल में कुल 17 शिकायतें एवं मांगें प्राप्त हुईं, जिनमें अधिकांश का निस्तारण संबंधित विभागों द्वारा मौके पर ही कर दिया गया। चौपाल में कंडारा गांव के प्रधान द्वारा बताया गया कि क्षेत्र में पेयजल लाइन बार-बार क्षतिग्रस्त की जा रही है। इस पर जिलाधिकारी ने प्रधान को पेयजल लाइन को हानि पहुंचाने वाले व्यक्ति को चिन्हित करने को कहा, साथ ही पहचान होने ही विभागीय अधिकारी को संबंधित के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। वहीं कोलापातल पंपिंग योजना का पानी कमेड़ा तक नहीं पहुंचने की शिकायत पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को स्थलीय निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इसके अलावा क्षेत्र के अन्य गांवों में पेयजल के स्थायी समाधान हेतु जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता को ग्रामवासियों के साथ मौका निरीक्षण कर तकनीकी समस्याओं को चिन्हित करने के निर्देश दिए।

चौपाल में ग्रामीणों ने पेयजल, सड़क, सिंचाई, कृषि एवं आपदा से जुड़ी समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। इस पर जिलाधिकारी ने रैदुल एवं रछुली गांव के आपदा कार्यों को एसडीएमएफ में तत्काल प्रस्तावित करने, मुर्गीबाड़े एवं गौशाला की लंबित धनराशि शीघ्र जारी करने, कंडारा इंटर कॉलेज में पेड़ कटान की कार्रवाई करने तथा दिव्यांग प्रमाण पत्र शिविर के माध्यम से बनवाने के निर्देश दिए। साथ ही घेरबाड़, चेकडैम एवं सोलर पंपिंग योजना को प्राथमिकता से संचालित करने और सुरक्षा बाड़ व सिंचाई व्यवस्था विकसित करने के निर्देश भी संबंधित विभागों को दिए गए।

इस दौरान “समलौंण आंदोलन” के तहत पौधरोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें जिलाधिकारी सहित ग्रामीणों ने सहभागिता की। क्षेत्रवासियों ने जिलाधिकारी के ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर समस्याएं सुनने एवं समाधान के प्रयासों की सराहना की। साथ ही जिलाधिकारी ने स्थानीय महिला कृषकों से संवाद कर उनकी कृषि गतिविधियों की जानकारी ली। महिला कृषकों द्वारा फूलों एवं सब्जियों के बीज उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया, जिस पर जिलाधिकारी ने कृषि एवं उद्यान विभाग को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पॉलीहाउस, मत्स्य तालाब एवं इंटीग्रेटेड फार्मिंग मॉडल का अवलोकन किया। प्रगतिशील कृषक प्रमोद खंडूरी ने बताया कि उन्हें मत्स्य विभाग से गिफ्ट तिलापिया प्रजाति की मत्स्य पालन इकाई हेतु सब्सिडी प्राप्त हुई है। उन्होंने जिलाधिकारी को मत्स्य पालन गतिविधियों का प्रदर्शन भी किया। जिलाधिकारी ने चकबंदी आधारित इंटीग्रेटेड फार्मिंग मॉडल की सराहना करते हुए इसे किसानों के लिए प्रेरणादायक बताया तथा विभागीय अधिकारियों को अधिक से अधिक किसानों को इससे जोड़कर सामूहिक खेती के माध्यम से स्वरोजगार और आयवृद्धि को बढ़ावा देने हेतु निर्देशित किया।

सिंचाई विभाग के चेकडैम निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सोलर पंपिंग योजना को जिला योजना के माध्यम से शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए। साथ ही क्षेत्र पंचायत सदस्य को महिलाओं को समूह आधारित खेती एवं मत्स्य पालन गतिविधियों से जोड़ने तथा कन्वर्जेंस के माध्यम से स्वरोजगार को बढ़ावा देने हेतु प्रेरित करने को कहा। गांव के पुल पर सुरक्षा की दृष्टि से रेलिंग लगाए जाने की मांग पर जिलाधिकारी ने बीडीओ को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने कृषि निवेश केंद्र का निरीक्षण कर वहां रखे पंजीयों का अवलोकन किया तथा किसानों को वितरित किए जा रहे बीजों, कृषि उपकरणों एवं अन्य कृषि सामग्रियों की जानकारी ली। उन्होंने फार्म मशीनरी बैंक के माध्यम से किसानों को उपलब्ध कराए जा रहे कृषि यंत्रों, उनके उपयोग एवं लाभार्थियों की संख्या की भी समीक्षा की तथा पंजिका में सभी लाभार्थी कृषकों को सम्पूर्ण जानकारी का रखरखाव करने के निर्देश दिए। साथ ही अधिकारियों को किसानों को समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से कृषि सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर क्षेत्र पंचायत सदस्य कुसुम खंडूरी, ग्राम प्रधान कंडारा शांति देवी, ग्राम प्रधान कमेड़ा सुमन प्रसाद, संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, बीडीओ दृष्टि आनंद, अधिशासी अभियंता विवेक सेमवाल, मुख्य कृषि अधिकारी ऋतु कुकरेती, जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन भंडारी, जिला मत्स्य अधिकारी अभिषेक मिश्रा, न्याय पंचायत प्रभारी कुसुम लिंगवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।


“देवभूमि में सड़कों पर नमाज़ नहीं होने देंगे, कानून से ऊपर कोई नहीं” — सीएम धामी

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड में सड़कों पर नमाज़ पढ़ने को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट कहा है कि देवभूमि उत्तराखंड में सार्वजनिक सड़कों को धार्मिक गतिविधियों के माध्यम से बाधित करने की अनुमति किसी भी कीमत पर नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि आस्था का सम्मान सभी को है, लेकिन कानून और व्यवस्था से ऊपर कोई नहीं हो सकता।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में प्रदेश में चारधाम यात्रा चल रही है और लाखों श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंच रहे हैं। ऐसे में राज्य का वातावरण शांत, व्यवस्थित और अनुशासित बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सड़कें आम जनता की आवाजाही के लिए हैं, उन्हें अवरोध या प्रदर्शन का माध्यम नहीं बनने दिया जाएगा।

सीएम धामी ने कहा कि नमाज़ मस्जिदों, ईदगाहों और निर्धारित स्थानों पर ही पढ़ी जानी चाहिए। सार्वजनिक मार्गों को बाधित कर लोगों को परेशानी में डालना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ लोग वोट बैंक की राजनीति के लिए सड़क पर नमाज़ का समर्थन कर रहे हैं, लेकिन उत्तराखंड सरकार की नीति पूरी तरह स्पष्ट है।

मुख्यमंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि सार्वजनिक सड़कों को बंधक बनाकर अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दोहराया कि देवभूमि की शांति, संस्कृति और अनुशासन से खिलवाड़ करने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी तथा राज्य में कानून का राज सर्वोपरि रहेगा।


स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रायपुर का किया औचक निरीक्षण

“डॉक्टर पूरी निष्ठा से निभाएं अपना दायित्व, मरीजों को बाहर से दवा खरीदने की न पड़े आवश्यकता”- मंत्री सुबोध उनियाल

देहरादून। उत्तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) रायपुर का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में सभी चिकित्सक उपस्थित मिले। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं का भी गहन निरीक्षण किया।

स्वास्थ्य मंत्री ने सबसे पहले पर्चा काउंटर का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने अस्पताल की ओपीडी, दवा वितरण केंद्र, वार्ड, इमरजेंसी वार्ड तथा साफ-सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। मंत्री ने अस्पताल पहुंचे मरीजों से भी बातचीत कर उन्हें मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। इसी क्रम में उन्होंने शुक्रवार को संचालित ईसीजी ओपीडी का भी निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि चिकित्सकों को अपने कर्तव्यों का पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ निर्वहन करना चाहिए, ताकि मरीजों को बेहतर उपचार और समय पर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि अस्पतालों में ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए कि मरीजों को दवाइयां बाहर से खरीदने की आवश्यकता न पड़े।

उन्होंने अस्पताल परिसर में स्वच्छता व्यवस्था को उच्च स्तर पर बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया। मंत्री ने कहा कि मरीजों को सम्मानजनक एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

निर्माणाधीन नई बिल्डिंग का भी किया निरीक्षण
स्वास्थ्य मंत्री ने निरीक्षण के दौरान सीएचसी रायपुर की निर्माणाधीन नई बिल्डिंग का भी अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि नए भवन के निर्माण से क्षेत्रवासियों को आधुनिक एवं बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। अत्याधुनिक संसाधनों और सुव्यवस्थित चिकित्सा सेवाओं के माध्यम से अस्पताल की कार्यक्षमता में और अधिक सुधार आएगा।

मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को समय पर उपचार, दवाइयां तथा आवश्यक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि आमजन को राहत मिल सके।


डेंगू-चिकनगुनिया को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, सभी जिलों को व्यापक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश

अस्पतालों में बनाए जाएंगे विशेष डेंगू वार्ड

देहरादून। प्रदेश में डेंगू और चिकनगुनिया के संभावित खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों को सतर्क रहने के निर्देश जारी किए हैं। महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. सुनीता टम्टा ने सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को रोगों की रोकथाम, नियंत्रण और उपचार व्यवस्था को मजबूत करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में अंतर्विभागीय समन्वय बैठकें आयोजित करने को कहा है। इन बैठकों में स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, नगर निकाय, ग्राम पंचायतों और अन्य संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर डेंगू एवं चिकनगुनिया की रोकथाम के लिए संयुक्त कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

डॉ. टम्टा ने निर्देश दिए हैं कि मच्छरों के पनपने वाले जल जमाव वाले स्थानों को चिन्हित कर उन्हें समाप्त किया जाए। आवश्यकता के अनुसार लार्वीसाइड का छिड़काव किया जाए तथा अन्य निरोधात्मक गतिविधियां नियमित रूप से संचालित की जाएं। इसके साथ ही बुखार से पीड़ित मरीजों की जल्द पहचान के लिए व्यापक फीवर सर्विलांस अभियान चलाया जाएगा।

स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि डेंगू के संदिग्ध मामलों में तत्काल जांच सुनिश्चित की जाए। यदि किसी मरीज में डेंगू की पुष्टि होती है तो उसके घर और आसपास के क्षेत्रों में स्पेस एवं फोकल स्प्रे अनिवार्य रूप से कराया जाएगा। वहीं, जनपदीय रैपिड रिस्पॉन्स टीम (RRT) प्रभावित क्षेत्रों में विशेष निगरानी, फीवर सर्विलांस और स्रोत नियंत्रण अभियान चलाएगी।

निर्देशों में यह भी कहा गया है कि नगर निगम, नगर पालिकाओं और ग्राम पंचायतों के सहयोग से आवश्यकतानुसार फॉगिंग और लार्वीसाइड छिड़काव की कार्रवाई की जाए, ताकि मच्छरों के प्रजनन पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।

स्वास्थ्य संस्थानों की तैयारियों को लेकर भी विभाग ने विशेष निर्देश जारी किए हैं। जिला चिकित्सालयों, बेस अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में डेंगू रोगियों के लिए पृथक आइसोलेशन वार्ड, मच्छरदानी युक्त पर्याप्त बेड, आवश्यक दवाइयों और मानक उपचार सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। प्रत्येक डेंगू वार्ड के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे।

इसके अलावा चिकित्सकों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा गंभीर मरीजों के उपचार के लिए प्लेटलेट्स का पर्याप्त भंडार बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। डेंगू जांच केंद्रों पर एलाइजा (ELISA) जांच किट और अन्य जरूरी जांच सामग्री की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि वे अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखें, जल जमाव न होने दें और डेंगू-चिकनगुनिया से बचाव के उपायों को अपनाएं। साथ ही जनजागरूकता अभियान के माध्यम से लोगों को मच्छरजनित रोगों से बचाव के प्रति जागरूक किया जाएगा।


वन संपदाओं को नुकसान पहुंचाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए- मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री धामी ने वनाग्नि नियंत्रण, पेयजल व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं एवं मानसून तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की 

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में वनाग्नि नियंत्रण, पेयजल व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं एवं मानसून तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध और प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वन संपदाओं को नुकसान पहुंचाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए तथा वनाग्नि की घटनाओं पर नियंत्रण के लिए रिस्पॉन्स टाइम न्यूनतम रखा जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि वनाग्नि की सूचना मिलने के एक घंटे के भीतर संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचें।

वनाग्नि नियंत्रण के लिए शीतलखेत मॉडल अपनाने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने वनाग्नि पर प्रभावी नियंत्रण के लिए शीतलखेत मॉडल को प्रदेशभर में लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने फायर लाइन के आसपास छोटी-छोटी तलैया बनाने, वनाग्नि रोकथाम के लिए ठोस एक्शन प्लान तैयार करने तथा आग बुझाने वाले कार्मिकों को पर्याप्त उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए।

मुख्यमंत्री ने फॉरेस्ट गार्ड की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एक हजार नई नियुक्तियां करने के निर्देश दिए। साथ ही ग्राम समितियों एवं वन पंचायतों को वनाग्नि रोकथाम के लिए नियमानुसार आवश्यक बजट उपलब्ध कराने को कहा। मुख्यमंत्री ने मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को देखते हुए वन विभाग के प्रत्येक डिवीजन में पशु चिकित्सकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने मोबाइल अलर्ट प्रणाली के माध्यम से संबंधित क्षेत्रों में वनाग्नि की सूचना तत्काल उपलब्ध कराने पर बल दिया।

पेयजल और विद्युत व्यवस्था सुचारू रखने पर जोर

ग्रीष्मकाल को देखते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश में पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पेयजल टैंकरों की पूरी उपलब्धता बनी रहे तथा क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों को शीघ्र सुचारू किया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन को पेयजल के लिए किसी प्रकार की परेशानी न हो।
उन्होंने मैदानी क्षेत्रों के साथ-साथ तीर्थाटन एवं पर्यटन स्थलों पर भी पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में विद्युत आपूर्ति निर्बाध बनी रहे और ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने के लिए और अधिक प्रभावी प्रयास किए जाएं।

मानसून तैयारियों की समीक्षा, प्रभारी सचिव करेंगे स्थलीय निरीक्षण

मुख्यमंत्री ने मानसून सीजन को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनपदों के प्रभारी सचिव अपने-अपने जिलों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लें तथा संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाए।

अस्पतालों में फायर सेफ्टी ऑडिट और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने सभी अस्पतालों का फायर सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पतालों में साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। मुख्यमंत्री ने संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी गर्भवती महिलाओं का पूरा डाटा सुरक्षित रखा जाए तथा मानसून काल में उन्हें अस्पतालों तक पहुंचाने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा पर जाने वाले जिन श्रद्धालुओं को स्क्रीनिंग टेस्ट में स्वास्थ्य की दृष्टि से फिट नहीं पाया जा रहा है, उन्हें यात्रा न करने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षित एवं सकुशल यात्रा कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, प्रमुख वन संरक्षक रंजन मिश्रा, सचिव सचिन कुर्वे, सी. रविशंकर, रणवीर सिंह चौहान, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, अपर सचिव बंशीधर तिवारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।


सोनप्रयाग के पास हनुमान मंदिर मार्ग पर पत्थर गिरने से हादसा, एक की मौत, एक गंभीर घायल

ऋषिकेश- केदारनाथ यात्रा मार्ग पर सोनप्रयाग स्थित हनुमान मंदिर के समीप अचानक पहाड़ी से पत्थर गिरने से बड़ा हादसा हो गया। इस दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतक और घायल में एक नेपाली मूल का व्यक्ति तथा एक स्थानीय निवासी शामिल बताए जा रहे हैं।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और राहत-बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंच गए और बचाव कार्य शुरू किया गया। घायल को प्राथमिक उपचार के बाद नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

हादसे के बाद प्रशासन ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। साथ ही संवेदनशील स्थानों पर संचालित दुकानों और अस्थायी ढांचों को हटाने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।


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