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सोमेश्वर में जन मिलन कार्यक्रम, कई ग्रामीणों ने थामा भाजपा का दामन

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सोमेश्वर में जन मिलन कार्यक्रम, कई ग्रामीणों ने थामा भाजपा का दामन

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने की विकास योजनाओं की घोषणा, राम कथा व आयुष भंडारे में लिया भाग

सोमेश्वर। कैबिनेट मंत्री और सोमेश्वर विधायक रेखा आर्या ने बुधवार को स्याहीदेवी मंडल के नौला, सल्ला रौतेला और बड़गल भट्ट गांवों का दौरा कर ग्रामीणों से संवाद किया। जन मिलन कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने क्षेत्र की विभिन्न समस्याएं और विकास कार्यों से जुड़ी मांगें मंत्री के सामने रखीं। रेखा आर्या ने कई मांगों पर विधायक निधि से धनराशि उपलब्ध कराने की घोषणा की।

मंत्री ने प्राथमिक विद्यालय में रेलिंग निर्माण, पेयजल लाइन बिछाने, सार्वजनिक स्थानों पर टीन शेड लगाने के साथ ही भंडार कक्ष और पेयजल टैंक निर्माण के लिए धनराशि जारी करने की बात कही। उन्होंने अधिकारियों और संबंधित प्रतिनिधियों को विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाने के निर्देश भी दिए।

दूरस्थ गांवों तक पहुंच रही सुविधाएं

कार्यक्रम में रेखा आर्या ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से पर्वतीय क्षेत्रों के दूरस्थ गांवों में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। उन्होंने कहा कि सड़क, पेयजल, शिक्षा और अन्य जरूरी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।

उन्होंने दावा किया कि सरकार की योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंच रहा है और विकास कार्यों को धरातल पर उतारा जा रहा है। इस दौरान क्षेत्र पंचायत सदस्यों, उप प्रधानों और ग्रामीणों समेत कई लोगों ने भाजपा की सदस्यता भी ग्रहण की।

राम कथा में शामिल हुईं मंत्री

जन मिलन कार्यक्रमों के बाद कैबिनेट मंत्री नैडी स्थित पिप्लेश्वर महादेव मंदिर पहुंचीं। यहां आयोजित श्री राम कथा ज्ञान यज्ञ में उन्होंने पूजा-अर्चना की और कथा व्यास आचार्य मोहन राम के श्रीमुख से संगीतमय राम कथा का श्रवण किया।

इसके बाद मंदिर परिसर में आयोजित आयुष भंडारे में मंत्री ने श्रद्धालुओं के साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम में भाजपा पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों ने हिस्सा लिया।

कई जनप्रतिनिधियों ने ली भाजपा की सदस्यता

कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र पंचायत सदस्य सुनीता देवी और नरेंद्र कुमार, उप प्रधान चंद्रा तथा बड़गल भट्ट के ग्राम प्रधान नवीन चंद्र भट्ट सहित कई ग्रामीणों ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। इनके अलावा गोपाल राम, प्रेम राम, भास्कर मेहरा, निकिता आर्या, हरीश जलाल, देवी मेहरा, पान सिंह मेहरा समेत कई ग्रामीण पार्टी में शामिल हुए।

इस मौके पर मंडल अध्यक्ष गणेश जलाल, विधायक प्रतिनिधि भुवन जोशी, ग्राम प्रधान किरण टम्टा, विपिन पाठक, हरीश बिष्ट, पूरन सिंह नेगी, भूपेंद्र सिंह, नरेंद्र बिष्ट, बीएल आर्य, राजू रावत, दिनेश वर्मा और मंदिर समिति अध्यक्ष भवन चंद्र समेत पार्टी कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे।


अंकिता भंडारी हत्याकांड में आरोपियों को फिर झटका, सभी की जमानत याचिकाएं खारिज

प्रदेश सरकार की मजबूत पैरवी के चलते दोषियों को नहीं मिली राहत, न्याय सुनिश्चित करने के लिए सरकार पूरी मजबूती से खड़ी

देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड में आरोपियों को एक बार फिर अदालत से राहत नहीं मिली है। न्यायालय ने सभी आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। प्रदेश सरकार ने इसे अभियोजन की मजबूत पैरवी का परिणाम बताते हुए कहा कि अंकिता को न्याय दिलाने और दोषियों को कानून के तहत सजा सुनिश्चित करने की दिशा में सरकार की कार्रवाई लगातार जारी है।

सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया कि मामले की शुरुआत से ही आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए। घटना सामने आने के बाद आरोपियों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर जेल भेजा गया और मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई।

मजबूत जांच और चार्जशीट पर जोर

जांच के दौरान करीब 500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की गई, जिसमें करीब 100 गवाहों के बयान और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों को शामिल किया गया। सरकार का दावा है कि अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में लगातार प्रभावी पैरवी की, जिसके चलते आरोपियों की जमानत अर्जियां खारिज होती रहीं और वे सुनवाई के दौरान जेल में रहे।

इसी मामले में अदालत ने दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। सरकार ने इसे जांच और अभियोजन की प्रक्रिया का परिणाम बताया है।

परिवार की मांगों के अनुसार लिए गए फैसले

सरकार के अनुसार, पूरे मामले में अंकिता के माता-पिता और परिवार की मांगों को प्राथमिकता दी गई। परिजनों की मांग के अनुसार सरकारी अधिवक्ताओं में तीन बार बदलाव किया गया। वहीं, परिवार की ओर से सीबीआई जांच की मांग किए जाने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मांग को स्वीकार करते हुए मामले की सीबीआई जांच के आदेश दिए।

परिवार को आर्थिक सहायता के तौर पर 25 लाख रुपये दिए गए। इसके अलावा अंकिता के भाई और पिता को रोजगार भी उपलब्ध कराया गया।

‘वीआईपी’ मामले पर सरकार ने कांग्रेस पर साधा निशाना

सरकार ने बयान में अंकिता हत्याकांड से जुड़े कथित ‘वीआईपी’ प्रकरण को लेकर कांग्रेस और अन्य संगठनों पर भी निशाना साधा। सरकार का कहना है कि यदि किसी के पास इस संबंध में ठोस तथ्य या साक्ष्य हैं तो उन्हें जांच एजेंसियों अथवा न्यायालय के सामने प्रस्तुत किया जाना चाहिए।

बयान में आरोप लगाया गया कि बिना ठोस प्रमाण के सार्वजनिक मंचों पर आरोप लगाकर मामले को राजनीतिक मुद्दा बनाना उचित नहीं है। सरकार ने कहा कि ऐसे संवेदनशील मामले में न्यायिक प्रक्रिया और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही आगे बढ़ना चाहिए।

सरकार ने गिनाईं अपनी कार्रवाई

प्रदेश सरकार ने कहा कि अंकिता भंडारी मामले में कार्रवाई केवल आश्वासनों तक सीमित नहीं रही। गिरफ्तारी, एसआईटी जांच, चार्जशीट, गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई, अभियोजन की पैरवी, परिवार की मांग पर अधिवक्ता बदलने, आर्थिक सहायता और रोजगार देने जैसे कदम उठाए गए।

सरकार ने दोहराया कि अपराधी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसे कानून के दायरे में लाकर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। अंकिता भंडारी मामले में भी सरकार ने परिवार के साथ खड़े रहने और न्यायिक प्रक्रिया में हरसंभव सहयोग जारी रखने की बात कही है।


एसजीआरआरयू के दीक्षारंभ का भव्य समापन, रेन डांस पर जमकर थिरके छात्र-छात्राएं

‘शिक्षा के साथ संस्कार और सेवा जरूरी’, महंत देवेंद्र दास ने नवप्रवेशी छात्रों को दिया संदेश

देहरादून। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय (एसजीआरआरयू) में नवप्रवेशी विद्यार्थियों के स्वागत के लिए आयोजित तीन दिवसीय ‘ज्ञानयात्रा-दीक्षारंभ’ कार्यक्रम का बुधवार को रंगारंग अंदाज में समापन हुआ। 17 से 19 अगस्त तक चले आयोजन में देशभर से पहुंचे विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, सांस्कृतिक और सहशैक्षणिक गतिविधियों से रूबरू कराया गया। अंतिम दिन श्री गुरु राम राय हैलीपैड ग्राउंड पर डीजे, रेन डांस और मनोरंजन से जुड़ी गतिविधियों ने विद्यार्थियों में खासा उत्साह भर दिया।

सुबह से ही हैलीपैड ग्राउंड पर विद्यार्थियों की चहल-पहल शुरू हो गई थी। हरियाली और प्राकृतिक वातावरण के बीच आयोजित कार्यक्रम में हजारों छात्र-छात्राओं ने जमकर मस्ती की। डीजे की तेज धुनों पर युवाओं ने नृत्य किया और रेन डांस का भी खूब आनंद लिया। संगीत, पानी की फुहारों और युवाओं के उत्साह से पूरा परिसर उत्सव के रंग में रंगा नजर आया।

शिक्षा के साथ संस्कार और सेवा पर जोर

विश्वविद्यालय के प्रेसीडेंट महंत देवेंद्र दास महाराज ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों को नए शैक्षणिक सफर के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व और चरित्र का निर्माण करना भी है। उन्होंने छात्रों से अनुशासन, संस्कार और समाज सेवा की भावना को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति प्रो. (डॉ.) के. प्रतापन और कुलसचिव डॉ. लोकेश गंभीर ने संयुक्त रूप से किया। कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय में प्रवेश विद्यार्थियों के जीवन के नए अध्याय की शुरुआत है। उन्होंने छात्रों से अपने लक्ष्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहते हुए समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान देने की अपील की।

डीजे और रेन डांस बना आकर्षण

समापन समारोह में डीजे साजी की प्रस्तुति ने माहौल को और जोशीला बना दिया। लोकप्रिय गीतों और हाई-वोल्टेज बीट्स पर छात्र-छात्राएं देर तक झूमते रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रेन डांस रहा। पानी की फुहारों के बीच संगीत पर विद्यार्थियों ने जमकर डांस किया और इस पल को यादगार बनाया।

हैलीपैड ग्राउंड की प्राकृतिक खूबसूरती, सजावट और बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की मौजूदगी ने कार्यक्रम की भव्यता बढ़ा दी।

मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन पर भी चर्चा

कार्यक्रम के दौरान श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के मनोरोग विभागाध्यक्ष एवं प्रोफेसर डॉ. शोभित गर्ग ने विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान तनाव और मानसिक दबाव से निपटने के उपाय बताए। उन्होंने छात्रों को तनाव प्रबंधन से जुड़े व्यावहारिक सुझाव दिए।

विद्यार्थियों को श्री गुरु राम राय एजुकेशन मिशन और विश्वविद्यालय की शैक्षणिक यात्रा एवं उपलब्धियों से संबंधित वीडियो प्रस्तुति के माध्यम से संस्थान की गतिविधियों की जानकारी भी दी गई।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

दीक्षारंभ कार्यक्रम में बॉलीवुड के साथ गढ़वाली, पंजाबी, भोजपुरी और नेपाली गीत-संगीत की प्रस्तुतियां भी हुईं। विद्यार्थियों ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। डॉ. जी. गणराजन ने विश्वविद्यालय के प्रेसीडेंट श्रीमहंत देवेंद्र दास जी महाराज का संदेश पढ़कर सुनाया, जबकि डॉ. कंचन नेगी ने प्रेरणादायक व्याख्यान दिया।

कार्यक्रम का समापन संयोजिका प्रोफेसर डॉ. मालविका कांडपाल के धन्यवाद ज्ञापन और राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस दौरान विश्वविद्यालय के पदाधिकारी, विभिन्न स्कूलों के डीन, विभागाध्यक्ष, शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।


ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे ठप: भल्लेगांव बागवान के पास पहाड़ी से भारी मलबा गिरने से बंद हुआ मार्ग

 देवप्रयाग। ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर भल्लेगांव-बागवान के पास पहाड़ी से अचानक भारी मात्रा में चट्टानी मलबा सड़क पर आ गिरा। मलबा सड़क पर जमा होने के कारण हाईवे पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई और दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

घटना की सूचना मिलते ही देवप्रयाग पुलिस मौके पर पहुंची और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वाहनों को तहसील क्षेत्र के अलग-अलग सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया। इससे यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो और जाम की स्थिति नियंत्रित रहे, इसके लिए पुलिस लगातार मौके पर निगरानी कर रही है।

मार्ग बंद होने के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की टीम ने सड़क को खोलने का काम शुरू कर दिया है। मौके पर जेसीबी मशीनों की मदद से पहाड़ी से आए मलबे और चट्टानों को हटाया जा रहा है।

पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के मुताबिक, सड़क से मलबा पूरी तरह हटने के बाद यातायात को दोबारा सुचारू किया जाएगा।


मुख्य सचिव ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के दिए निर्देश

सड़क सुरक्षा को लेकर गठित अनुश्रवण समिति की बैठक

देहरादून। उत्तराखंड में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए शासन ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में बुधवार को हुई सड़क सुरक्षा अनुश्रवण समिति की बैठक में दुर्घटनाओं के कारणों, ब्लैक स्पॉट, सड़क डिजाइन और जनपद स्तरीय सड़क सुरक्षा समितियों के कामकाज की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों को आपसी तालमेल के साथ समयबद्ध तरीके से कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

वैज्ञानिक तरीके से होगी हादसों की वजहों की जांच

मुख्य सचिव ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं के कारणों का केवल सामान्य आकलन करने के बजाय उनका वैज्ञानिक विश्लेषण किया जाना चाहिए। सड़क की डिजाइन, रोड ज्योमेट्री और तकनीकी खामियों की भी बारीकी से जांच हो। जिन स्थानों पर सड़क की संरचना या डिजाइन दुर्घटनाओं की वजह बन रही है, वहां तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।

उन्होंने रोड सेफ्टी ऑडिट को प्राथमिकता देने के साथ बस अड्डों का भी नियमित ऑडिट कराने के लिए टीम गठित करने को कहा। ऑडिट के दौरान सामने आने वाली कमियों और सुझावों पर संबंधित विभागों को गंभीरता से कार्रवाई करनी होगी।

हेलमेट और यातायात नियमों पर सख्ती

मुख्य सचिव ने दोपहिया वाहन चालकों और पीछे बैठने वाले यात्रियों के लिए हेलमेट के अनिवार्य इस्तेमाल को प्रभावी ढंग से लागू कराने के निर्देश दिए। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया।

उन्होंने परिवहन और पुलिस विभाग को प्रवर्तन कार्रवाई की नियमित समीक्षा करने तथा सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

ब्लैक स्पॉट का होगा थर्ड पार्टी ऑडिट

बैठक में ब्लैक स्पॉट और दुर्घटना संभावित स्थानों की पहचान कर वहां रोड सेफ्टी एवं थर्ड पार्टी ऑडिट कराने पर जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने शेष ब्लैक स्पॉट के सुधार कार्यों को भी तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए।

पर्वतीय क्षेत्रों में क्रैश बैरियर, पैराफिट और अन्य सुरक्षा उपायों को लेकर वन एवं लोक निर्माण विभाग की ओर से की गई कार्रवाई की भी समीक्षा की गई। साथ ही दूसरे राज्यों में अपनाई जा रही बेहतर सड़क सुरक्षा व्यवस्थाओं का अध्ययन कर उन्हें उत्तराखंड में लागू करने की संभावनाएं तलाशने को कहा गया।

हर दो-तीन माह में चलेगा जागरूकता अभियान

मुख्य सचिव ने सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियानों को महज औपचारिकता तक सीमित नहीं रखने के निर्देश दिए। उन्होंने हर दो-तीन महीने में व्यापक स्तर पर अभियान चलाने और इसके लिए सालभर का प्रचार-प्रसार कैलेंडर तैयार करने को कहा।

पुलिस, स्वास्थ्य और परिवहन विभाग को दुर्घटना के बाद रेस्क्यू और त्वरित उपचार से संबंधित संयुक्त वर्कशॉप आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा स्थानीय सिनेमाघरों में सड़क सुरक्षा से जुड़ी जागरूकता फिल्में प्रदर्शित कराने को कहा गया।

स्कूलों में बनेंगे सड़क सुरक्षा क्लब

शिक्षा और परिवहन विभाग के समन्वय से विद्यालयों में सड़क सुरक्षा क्लब स्थापित कर उन्हें सक्रिय रूप से संचालित करने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने कहा कि विद्यार्थियों और युवाओं के बीच यातायात नियमों और सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाना जरूरी है।

उन्होंने राहवीर योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने और हिट एंड रन के लंबित मामलों की सूची संबंधित जिलाधिकारियों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारियों को अपने-अपने जिलों में ऐसे मामलों की समीक्षा कर जल्द निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया।

मुख्य सचिव ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए केवल यातायात नियमों का प्रवर्तन पर्याप्त नहीं है। इसके लिए सड़क इंजीनियरिंग, वाहनों की स्थिति, चालक के व्यवहार, जन-जागरूकता और दुर्घटना के बाद त्वरित उपचार—सभी पहलुओं पर एक साथ काम करना होगा।

बैठक में सचिव रविनाथ रमन, डॉ. रणवीर सिंह चौहान समेत संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न जिलों के जिलाधिकारी मौजूद रहे।


सलेड़ी -खेरोला से खड़की-नौकुचियाताल(भीमताल) बाईपास मोटर मार्ग के निर्माण कार्य का शुभारम्भ

बाईपास का निर्माण होने के बाद स्थानीय जानता को मिलेगा रोजगार जाम से मिलेगा निजात- मंत्री कैड़ा

भीमताल। लंबे समय से सड़क सुविधा की मांग कर रहे भीमताल ब्लॉक के ग्रामीणों को अब राहत मिलने जा रही है। सलेड़ी, खेरोला, खड़की, सिलोटी और नौकुचियाताल को जोड़ने वाले प्रस्तावित बाईपास मोटर मार्ग का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। मंत्री राम सिंह कैड़ा ने विधिवत पूजा-अर्चना के बाद निर्माण कार्य का शुभारंभ किया।

ग्रामीण लंबे समय से इस मोटर मार्ग के निर्माण की मांग उठा रहे थे। सड़क सुविधा के अभाव में लोगों को रोजमर्रा का सामान मुख्य मार्ग तक पहुंचाने में परेशानी होती थी। वहीं मरीजों को घोड़े या कंधे के सहारे मुख्य सड़क तक लाने की मजबूरी बनी हुई थी। नौकुचियाताल आने-जाने वाले ग्रामीणों और पर्यटकों को भी भीमताल होकर लंबा रास्ता तय करना पड़ता था, जिससे भीमताल के तल्ली ताल क्षेत्र में अक्सर जाम की समस्या बनी रहती थी।

शासन से मंजूरी के बाद शुरू हुआ काम

ग्रामीणों की मांग पर मंत्री राम सिंह कैड़ा ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को राज्य योजना के तहत बाईपास मोटर मार्ग की डीपीआर तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए थे। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री से सड़क निर्माण के लिए बजट स्वीकृत करने का आग्रह किया। शासन से धनराशि स्वीकृत होने के बाद अब निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है।

मंत्री कैड़ा ने कहा कि बाईपास मार्ग बनने से क्षेत्र के ग्रामीणों और पर्यटकों का आवागमन आसान होगा। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि मार्ग के निर्माण से भीमताल के तल्ली ताल क्षेत्र में यातायात का दबाव और जाम की समस्या कम करने में भी मदद मिलेगी। इसका लाभ भीमताल विधानसभा के साथ ही कुमाऊं क्षेत्र के लोगों को भी मिलेगा।

गुणवत्ता के साथ जल्द काम पूरा करने के निर्देश

मंत्री ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्माण कार्य में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने और निर्धारित समय में सड़क का काम पूरा करने के निर्देश दिए। निर्माण शुरू होने पर ग्रामीणों ने मंत्री राम सिंह कैड़ा का फूल-मालाओं और ढोल-नगाड़ों के साथ स्वागत किया तथा लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होने पर आभार जताया।

मंत्री कैड़ा ने कहा कि भीमताल विधानसभा क्षेत्र के ओखलकांडा, धारी, रामगढ़ और भीमताल ब्लॉक में क्षतिग्रस्त मोटर मार्गों के डामरीकरण और नए मार्गों के निर्माण का काम लगातार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने क्षेत्रीय जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विकास कार्यों को गति देने के लिए सरकार और विभागीय स्तर पर लगातार काम किया जा रहा है।


देहरादून में पुलिस और बदमाश के बीच हुई मुठभेड़, पैर में गोली लगने के बाद आरोपी गिरफ्तार

चेन स्नैचिंग का आरोपी मुठभेड़ के बाद दबोचा, तमंचा-कारतूस और लूटी गई चेन बरामद

देहरादून। राजधानी देहरादून में देर रात पुलिस चेकिंग के दौरान एक बदमाश ने भागने की कोशिश की और पीछा कर रही पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। बसंत विहार थाना क्षेत्र के हरबंसवाला बैरियर पर हुई इस घटना में पुलिस की जवाबी कार्रवाई के दौरान आरोपी के पैर में गोली लग गई। इसके बाद पुलिस ने उसे दबोच लिया।

पुलिस के अनुसार, हरबंसवाला बैरियर पर चेकिंग के दौरान बिना नंबर प्लेट की स्कूटी सवार युवक को रोकने का इशारा किया गया। युवक रुकने के बजाय स्कूटी लेकर टी-स्टेट की तरफ भागने लगा। पुलिस टीम ने पीछा किया तो उसने फायरिंग कर दी। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लगी।

घायल आरोपी की पहचान 27 वर्षीय आकाश उर्फ तमंचा, निवासी शिवाजी एन्क्लेव, जैन प्लॉट, रायपुर क्षेत्र, देहरादून के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे तत्काल उपचार के लिए प्रेमनगर चिकित्सालय पहुंचाया, जहां से चिकित्सकों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर भी आरोपी से जुड़ी जानकारी ली।

चेन स्नैचिंग के मामले में था वांछित

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी आकाश 14 अगस्त को बसंत विहार क्षेत्र में एक वृद्ध महिला से हुई चेन स्नैचिंग की वारदात में वांछित था। इस संबंध में बसंत विहार थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से .315 बोर का देशी तमंचा, एक खोखा कारतूस और एक जिंदा कारतूस बरामद किया है।

इसके अलावा बिना नंबर प्लेट की नीले रंग की एक्टिवा स्कूटी और वृद्ध महिला से छीनी गई सोने की चेन भी पुलिस के हाथ लगी है। पुलिस के मुताबिक बरामद स्कूटी कोतवाली नगर क्षेत्र से चोरी की गई थी।

एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य

मुठभेड़ के बाद फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जरूरी साक्ष्य जुटाए। पुलिस अब आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी जुटा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि वह किसी अन्य आपराधिक घटना में शामिल रहा है या नहीं।


हर महीने के पहले मंगलवार को होगी समन्वय बैठक, जिलों की समस्याओं का तेजी से होगा समाधान

मुख्य सचिव ने दिए निर्देश

देहरादून। प्रदेश के जिलों से शासन स्तर पर लंबित समस्याओं के समाधान में तेजी लाने के लिए सरकार ने नई व्यवस्था लागू करने का फैसला लिया है। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने निर्देश दिए हैं कि अब हर महीने के पहले मंगलवार को शासन और जनपद स्तर के अधिकारियों के बीच समन्वय बैठक आयोजित की जाएगी। इसका उद्देश्य जिलों की समस्याओं का त्वरित निस्तारण और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करना है।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होने वाली इस बैठक में जिलाधिकारी अपने-अपने जिलों से जुड़े उन मामलों को शासन के सामने रखेंगे, जिनके समाधान के लिए एक से अधिक विभागों के बीच समन्वय या शासन स्तर पर निर्णय की आवश्यकता है।

बैठक से पहले विभागों को दी जाएगी जानकारी

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जिलों द्वारा चिन्हित समस्याओं और लंबित प्रकरणों की जानकारी संबंधित विभागों को बैठक से पहले उपलब्ध करा दी जाए। इससे विभागीय अधिकारी आवश्यक दस्तावेज, तथ्यों और कार्रवाई की जानकारी के साथ बैठक में शामिल हो सकेंगे।

बैठक के दौरान संबंधित जिले और विभाग के अधिकारियों के साथ प्रत्येक मामले पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। प्रयास रहेगा कि जिन प्रकरणों में तत्काल निर्णय संभव है, उनका निस्तारण बैठक में ही कर दिया जाए।

आमजन से जुड़े मामलों को प्राथमिकता

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने कहा कि इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य जिलों में सामने आने वाली समस्याओं के समाधान में होने वाली अनावश्यक देरी को खत्म करना है। साथ ही शासन और जिलों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर आमजन से जुड़े मामलों का तेजी से निस्तारण सुनिश्चित करना है।

उन्होंने सभी सचिवों को निर्देश दिए कि जिलों से प्राप्त प्रकरणों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाए और संबंधित मामलों के समाधान में अनावश्यक देरी न हो।

बैठक में प्रमुख सचिव एल. फैनई, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव शैलेश बगौली, नितेश कुमार झा, दिलीप जावलकर, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, चंद्रेश कुमार यादव, डॉ. वी. षणमुगम, डॉ. आर. राजेश कुमार, विनोद कुमार सुमन, ज्योति यादव, रणवीर सिंह चौहान, धीराज सिंह गर्ब्याल, राजेंद्र कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।


केदारनाथ यात्रा व्यवस्थाओं पर सरकार की पैनी नजर, प्रभारी सचिव डॉ. आर. राजेश ने की वर्चुअल समीक्षा

देहरादून। केदारनाथ धाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए राज्य सरकार लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी कर रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के तहत प्रभारी सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति विभाग डॉ. आर. राजेश कुमार ने  रुद्रप्रयाग जिले में संचालित केदारनाथ यात्रा व्यवस्थाओं की वर्चुअल समीक्षा की।

समीक्षा के दौरान उन्होंने जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग से यात्रा मार्ग, प्रमुख पड़ावों, श्रद्धालुओं को मिल रही सुविधाओं और मौजूदा व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इस दौरान यात्रा के दौरान सामने आ रही चुनौतियों और उनके समाधान को लेकर भी अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए।

यात्रा मार्ग पर व्यवस्थाएं सामान्य

जिलाधिकारी ने बताया कि फिलहाल केदारनाथ यात्रा सुचारु रूप से चल रही है। यात्रा मार्ग और प्रमुख पड़ावों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जरूरी व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं। जिले में पेयजल और बिजली आपूर्ति को लेकर भी कोई बड़ी समस्या नहीं है। संबंधित विभाग लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं।

प्रभारी सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग से लेकर केदारनाथ धाम तक सभी व्यवस्थाएं लगातार दुरुस्त रखी जाएं। यात्रियों से जुड़ी किसी भी छोटी समस्या को गंभीरता से लेते हुए उसका जल्द समाधान किया जाए।

विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर करने पर जोर

बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने बताया कि यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हैं, लेकिन कुछ स्थानों पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी महसूस हो रही है। इसके लिए अतिरिक्त विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती का अनुरोध किया गया है।

डॉ. आर. राजेश कुमार ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के निर्देश देते हुए कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों और विदेशों से भी श्रद्धालु केदारनाथ पहुंच रहे हैं। ऐसे में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह तैयार रहनी चाहिए। यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित निगरानी करने के भी निर्देश दिए गए।

घोड़ा-खच्चरों के स्वास्थ्य पर भी नजर

समीक्षा में यात्रा मार्ग पर घोड़ा-खच्चरों की व्यवस्थाओं और पशु कल्याण से जुड़े प्रबंधों पर भी चर्चा हुई। प्रभारी सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि घोड़ा-खच्चरों और अन्य पशुओं के साथ मानवीय व्यवहार किया जाए और निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित हो।

उन्होंने पशुओं के स्वास्थ्य की नियमित जांच, जरूरत पड़ने पर चिकित्सा सुविधा और उनके संचालन की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने को कहा।

सभी विभागों को समन्वय से काम करने के निर्देश

प्रभारी सचिव ने साफ-सफाई, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य, यातायात और सुरक्षा सहित सभी व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि केदारनाथ यात्रा राज्य के लिए महत्वपूर्ण धार्मिक यात्रा है और श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है।

उन्होंने जिलाधिकारी सहित सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से काम करने और यात्रा के दौरान सामने आने वाली किसी भी समस्या का तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए। साथ ही व्यवस्थाओं की लगातार समीक्षा कर आवश्यकता के अनुसार सुधार करने को कहा।

डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुसार केदारनाथ यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाना सरकार की प्राथमिकता है। यात्रियों को किसी भी स्तर पर परेशानी न हो, इसके लिए सभी विभाग सक्रियता से काम करें। उन्होंने विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को दूर करने के साथ ही यात्रा मार्ग पर मूलभूत सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


सीमाद्वार जलभराव पर डीएम सख्त, 24 घंटे में सफाई और डिवाटरिंग के निर्देश

देहरादून। बारिश के बाद सीमाद्वार और आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की समस्या को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने आईटीबीपी रोड और सीमाद्वार क्षेत्र का औचक निरीक्षण कर जलभराव की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं और अधिकारियों को तत्काल राहत के साथ स्थायी समाधान की दिशा में तेजी से काम करने के निर्देश दिए।

डीएम ने नगर निगम को 24 घंटे के भीतर सड़क किनारे नालियों में जमा मलबा और कूड़ा हटाने के निर्देश दिए। साथ ही डिवाटरिंग पंप के जरिए जमा पानी की निकासी सुनिश्चित करने को कहा। लोक निर्माण विभाग को भी सड़क पर यातायात सुचारू रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने कहा कि जब तक जलभराव की समस्या का तत्काल समाधान नहीं हो जाता, तब तक पटवारी सीमाद्वार क्षेत्र में ही रहकर स्थिति की निगरानी करेंगे। डिवाटरिंग कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग के साथ स्थानीय स्तर पर सामने आने वाली समस्याओं का भी तुरंत निस्तारण किया जाएगा। जलभराव से राहत के लिए मौके पर ही आवश्यक बजट की स्वीकृति भी दी गई।

स्थायी समाधान के लिए बनेगी डीपीआर

डीएम ने लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता को सीमाद्वार क्षेत्र की जलनिकासी व्यवस्था का विस्तृत सर्वे करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए ड्रेनेज सिस्टम की डीपीआर तैयार की जाए। अधिकारियों को यह भी स्पष्ट किया गया कि योजना केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि उसका समयबद्ध तरीके से धरातल पर क्रियान्वयन भी सुनिश्चित किया जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि बरसात के दौरान लोगों को आवागमन में परेशानी न हो, इसके लिए जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि जनसमस्याओं के निस्तारण में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

न्यूकैंट रोड पर अवैध पार्किंग और अतिक्रमण पर कार्रवाई

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने न्यूकैंट रोड पर यातायात व्यवस्था का भी जायजा लिया। सेंट्रियो मॉल क्षेत्र में सड़क के दोनों ओर अवैध रूप से खड़े दोपहिया और चौपहिया वाहनों को देखकर उन्होंने नाराजगी जताई। डीएम के निर्देश पर पुलिस ने मौके पर अवैध रूप से पार्क वाहनों के चालान किए।

सड़क किनारे संचालित अवैध फड़-फेरी और अस्थायी दुकानों को हटाने के भी निर्देश दिए गए। इसके अलावा सड़क पर स्पष्ट नो-पार्किंग संकेतक लगाने को कहा गया, ताकि यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो।

लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता को न्यूकैंट रोड के चौड़ीकरण के लिए विस्तृत सर्वे कराने के निर्देश दिए गए। डीएम ने कहा कि सड़क चौड़ीकरण में बाधा बन रही पुलिस चेकपोस्ट और अन्य संरचनाओं को आवश्यकतानुसार शिफ्ट करने की कार्रवाई की जाए। उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय से अभियान चलाकर अतिक्रमण और अवैध पार्किंग के खिलाफ कार्रवाई करने तथा यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी सदर अपूर्वा सिंह, अधीक्षण अभियंता लोनिवि ओपी सिंह, तहसीलदार सुरेंद्र देव समेत पुलिस, नगर निगम और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


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