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20 अगस्त को चमोली में क्षेत्रीय मीडिया कार्यशाला ‘वार्तालाप’ आयोजित करेगा पी.आई.बी देहरादून

Category Archives: उत्तराखंड

20 अगस्त को चमोली में क्षेत्रीय मीडिया कार्यशाला ‘वार्तालाप’ आयोजित करेगा पी.आई.बी देहरादून

ग्रामीण क्षेत्रों तक केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने पर होगा संवाद

कार्यशाला का उद्देश्य स्थानीय मीडिया और सरकार के बीच एक प्रभावी सेतु बनाए रखना है ताकि सरकारी योजनाओं की सही एवं प्रामाणिक जानकारी अंतिम छोर पर बैठे नागरिकों तक पहुंच सके

 इस वार्तालाप कार्यशाला में केंद्र सरकार द्वारा महिला, किसान सशक्तिकरण, युवा शक्ति, स्वास्थ्य सेवा एवं जीआई टैग पर चलाई जा रही योजनाओं पर विशेष फोकस रहेगा

 जिला पंचायत सभागार, गोपेश्वर, चमोली में आयोजित होगा ‘वार्तालाप’ कार्यक्रम

देहरादून – गुरुवार, 20 अगस्त 2026 को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत पत्र सूचना कार्यालय (पी.आई.बी), देहरादून द्वारा चमोली जिले के गोपेश्वर में ग्रामीण एवं सीमावर्ती क्षेत्रों के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया कर्मियों के लिए एक दिवसीय क्षेत्रीय मीडिया कार्यशाला ‘वार्तालाप’ का आयोजन किया जाएगा।

‘वार्तालाप’ पत्र सूचना कार्यालय का एक प्रमुख संवाद कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य दूर-दराज और ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत मीडिया कर्मियों को केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, नीतियों एवं उपलब्धियों की प्रमाणिक और तथ्यपरक जानकारी उपलब्ध कराना है। कार्यशाला स्थानीय मीडिया और सरकार के बीच एक प्रभावी सेतु के रूप में कार्य करती है, ताकि सरकारी योजनाओं की सही एवं प्रामाणिक जानकारी अंतिम छोर पर बैठे नागरिकों तक पहुंच सके।

केंद्र सरकार की जनसेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के गौरवशाली 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस विशेष ‘वार्तालाप’ कार्यक्रम में पिछले एक दशक से अधिक समय में देश के बुनियादी ढांचे एवं सामाजिक-आर्थिक क्षेत्र में हुए सकारात्मक बदलावों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

पीआईबी देहरादून के सहायक निदेशक श्री संजीव सुंद्रियाल ने बताया कि इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य सरकार के सूचना तंत्र और स्थानीय मीडिया जगत के बीच एक बेहतर और जीवंत संवाद स्थापित करना है ताकि केंद्र सरकार की जन-कल्याणकारी नीतियों को समाज के अंतिम छोर तक प्रभावी ढंग से पहुँचाया जा सके। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के सभी जिलों में इस तरह की कार्यशालाएं समय समय पर आयोजित की जाती रहेंगी, जिससे कि पत्रकारों को केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की प्रगति और उससे होने वाले लाभ के विषय में सटीक जानकारी मिल सके।

इस वार्तालाप कार्यशाला में केंद्र सरकार द्वारा महिला, किसान सशक्तिकरण, युवा शक्ति, स्वास्थ्य सेवा एवं जीआई टैग, वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट पर चलाई जा रही योजनाओं पर विशेष फोकस रहेगा। इस कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी तथा अनुभवी पत्रकार प्रतिभाग करेंगे, जो विकासात्मक पत्रकारिता की भूमिका को रेखांकित करते हुए अपने बहुमूल्य विचार साझा करेंगे।

कार्यशाला में देश के विकास के चार प्रमुख स्तंभों—गरीब/वंचित, किसान, युवा और महिला सशक्तिकरण—पर विशेष रूप से चर्चा होगी। इसके अंतर्गत ई-20 ईंधन, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, स्वयं सहायता समूह, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, आयुष्मान भारत योजना-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, नशा मुक्त भारत अभियान, जीआई टैग तथा वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं एवं पहलों की जानकारी दी जाएगी।

कार्यशाला में स्थानीय मीडिया कर्मियों को संबंधित विभागों के विषय-विशेषज्ञों एवं अधिकारियों के साथ संवाद का अवसर भी मिलेगा, जिससे वे योजनाओं की कार्यप्रणाली और उनके स्थानीय स्तर पर प्रभाव को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे।


ऋषिकेश: अवैध निर्माण पर एमडीडीए की सख्ती, बिना मानचित्र निर्माण को किया सील

देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की ओर से अवैध निर्माण एवं अनधिकृत प्लाटिंग के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। प्राधिकरण उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के निर्देशों के क्रम में एमडीडीए की टीम ने ऋषिकेश क्षेत्र में बिना स्वीकृत मानचित्र के किए जा रहे निर्माण के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उसे सील कर दिया। सरला अग्रवाल, निवासी मनीराम मार्ग, गली नंबर-10, ऋषिकेश, जनपद देहरादून द्वारा बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण किया जा रहा था। प्रकरण का संज्ञान लेते हुए प्राधिकरण की ओर से नियमानुसार कार्रवाई की गई और निर्माण स्थल को सील कर दिया गया। एमडीडीए ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य स्वीकृत मानचित्र और निर्धारित नियमों के अनुरूप ही किया जाना चाहिए। बिना अनुमति निर्माण अथवा अनधिकृत प्लाटिंग पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण की टीमें विभिन्न क्षेत्रों में निर्माण गतिविधियों की निगरानी कर रही हैं।

नियमों का पालन नहीं करने वालों पर होगी कार्रवाई – बंशीधर तिवारी
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण के क्षेत्र में अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लाटिंग के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। किसी भी व्यक्ति को बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऋषिकेश में बिना स्वीकृत मानचित्र के किए जा रहे निर्माण को सील किया गया है। प्राधिकरण की टीमें नियमित रूप से क्षेत्र में निर्माण गतिविधियों की निगरानी कर रही हैं। आमजन से भी अपील है कि निर्माण शुरू करने से पहले मानचित्र स्वीकृत कराएं और प्राधिकरण के नियमों का पालन करें। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण करना नियमों का उल्लंघन – मोहन सिंह बर्निया
प्राधिकरण क्षेत्र में अनधिकृत निर्माण और प्लाटिंग के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण करना नियमों का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी। आमजन स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप ही निर्माण कार्य करें।


तमक नाले में लापता हवलदार पंकज की तलाश तेज, SDRF-NDRF समेत कई टीमें रेस्क्यू में जुटीं

50 से ज्यादा जवान रेस्क्यू में तैनात

चमोली। ज्योतिर्मठ तहसील के ग्राम लोंग सेगड़ी के पास तमक नाले में अतिवृष्टि के बाद आए तेज बहाव और मलबे की चपेट में आकर लापता हुए हवलदार पंकज की तलाश में रेस्क्यू अभियान तेज कर दिया गया है। जिला प्रशासन की निगरानी में पुलिस, SDRF, NDRF, सीमा सड़क संगठन और गढ़वाल राइफल्स की टीमें संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।

जानकारी के अनुसार, सीमा सड़क संगठन की 123 इकाई में तैनात चालक पंकज तमक नाले में अचानक बढ़े पानी के तेज बहाव की चपेट में आने के बाद लापता हो गए। घटना के बाद से ही रेस्क्यू टीमें नाले के आसपास मलबे, जलधाराओं, नदी के किनारों और अन्य संभावित स्थानों पर लगातार खोजबीन कर रही हैं।

50 से ज्यादा जवान और तीन एक्सकेवेटर जुटे

लापता हवलदार की तलाश में 123 इकाई और गढ़वाल राइफल्स के 50 से अधिक जवानों के साथ तीन एक्सकेवेटर लगाए गए हैं। इसके अलावा SDRF और NDRF की टीमें भी अभियान में सक्रिय हैं। दुर्गम इलाकों में सर्चिंग के लिए दो प्रशिक्षित सर्च एंड रेस्क्यू डॉग और ड्रोन की मदद ली जा रही है।

मलबा हटाकर खंगाले जा रहे संभावित स्थान

रेस्क्यू टीमों द्वारा भारी बोल्डर और मलबे को एक्सकेवेटर की सहायता से हटाया जा रहा है। इसके बाद उन स्थानों की बारीकी से जांच की जा रही है, जहां लापता व्यक्ति के होने की संभावना हो सकती है। आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए Ground Penetrating Radar (GPR) समेत अन्य सर्च और डिटेक्शन उपकरणों से भी संभावित स्थानों की जांच की जा रही है।

नाले से आगे नदी के दोनों किनारों पर भी सर्च अभियान का दायरा बढ़ाया गया है। टीमें व्यवस्थित तरीके से एक-एक संभावित स्थान को चिन्हित कर उसकी जांच कर रही हैं, ताकि कोई क्षेत्र छूट न जाए।

प्रशासन की निगरानी में जारी है अभियान

जिला प्रशासन पूरे सर्च ऑपरेशन की लगातार निगरानी कर रहा है। मौके पर मौजूद रेस्क्यू टीमों को जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने के साथ अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। तमक नाले से लेकर नदी के किनारों तक लगातार सघन खोजबीन की जा रही है। प्रशासन की प्राथमिकता लापता हवलदार पंकज का जल्द से जल्द पता लगाना है।


मुख्य सचिव ने की चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय में चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा की वर्तमान स्थिति की जानकारी लेते हुए आमजन को गुणवत्तापरक उपचार एवं बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

जिला एवं बड़े उप जिला अस्पतालों का 31 मार्च, 2027 तक एनएबीएच प्रत्यायन कराने के दिए निर्देश

मुख्य सचिव ने अस्पतालों में उपचार एवं स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्रदेश के सभी चिकित्सालयों को नेशनल एक्रीडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स (एनएबीएच) से प्रत्यायन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों एवं बड़े उप जिला अस्पतालों का 31 मार्च, 2027 तक एनएबीएच प्रत्यायन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इसकी प्रक्रिया तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए, ताकि अस्पतालों को निर्धारित मानकों को पूरा करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में गुणवत्ता बनाए रखने के लिए एनएबीएच के माध्यम से नियमित निरीक्षण की व्यवस्था भी की जा सकती है।

स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण एवं ई-हॉस्पिटल पर जोर

मुख्य सचिव ने प्रदेश के अस्पतालों को डिजिटाइज करते हुए ई-हॉस्पिटल की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने एकीकृत स्वास्थ्य प्रबंधन प्रणाली को प्रदेश में तत्काल लागू करने को कहा। उन्होंने प्रणाली के प्रभावी संचालन के लिए आवश्यक प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग तथा वार्षिक रखरखाव अनुबंध (एएमसी) की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

रिक्त चिकित्सकीय पदों को शीघ्र भरने पर दिया जोर

मुख्य सचिव ने चिकित्सकों के रिक्त पदों को शीघ्र भरने के साथ ही गुणवत्तापरक स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न विकल्पों पर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे चिकित्सक जो सेवानिवृत्ति के बाद भी सेवाएं देने के इच्छुक हों, उनके संबंध में सेवानिवृत्ति से पूर्व ही आवश्यक औपचारिकताएं एवं पेपर वर्क पूरा किया जाए, ताकि पद रिक्त होने की स्थिति में उन्हें उनकी इच्छानुसार स्थान पर सेवाएं देने का अवसर दिया जा सके। इसके साथ ही निजी अस्पतालों में कार्यरत विशेषज्ञ चिकित्सकों को विजिटिंग डॉक्टर के रूप में जोड़ने की संभावनाओं पर भी कार्य करने को कहा।

डायलिसिस सुविधा 24×7 एवं किडनी ट्रांसप्लांट सुविधा शीघ्र शुरू करने के निर्देश

मुख्य सचिव ने प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में वर्तमान में संचालित डायलिसिस सुविधा को 24×7 संचालित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रदेश में किडनी ट्रांसप्लांट सुविधा भी शीघ्र शुरू करने को कहा। बैठक में बताया गया कि किडनी ट्रांसप्लांट के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा तैयार कर लिया गया है तथा विशेषज्ञ की व्यवस्था भी कर ली गई है। इस पर मुख्य सचिव ने अगले तीन माह के भीतर किडनी ट्रांसप्लांट सुविधा शुरू करने के निर्देश दिए।

जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र की प्रक्रिया को सरल बनाने के निर्देश

मुख्य सचिव ने आमजन को जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र सहजता से उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जन्म प्रमाण पत्र के लिए माता-पिता को अस्पताल, नगर निगम अथवा अन्य कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें। ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए, जिसके माध्यम से माता-पिता को जन्म प्रमाण पत्र स्वतः उपलब्ध हो सके। इसी प्रकार मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए भी मृतक के परिजनों को अनावश्यक रूप से परेशान न होना पड़े। उन्होंने प्रक्रिया में आ रही व्यावहारिक समस्याओं को चिह्नित कर उनका तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिक से अधिक जनसेवाओं को सेवा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत लाए जाने पर भी जोर दिया।

मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी एवं सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं को मजबूत करने के निर्देश

मुख्य सचिव ने प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों को और अधिक सुदृढ़ किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने मेडिकल कॉलेजों में पर्याप्त फैकल्टी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने मेडिकल कॉलेजों के वार्डों की गुणवत्ता में सुधार लाने तथा सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास करने को कहा।

मुख्य सचिव ने मेडिकल कॉलेजों में इवनिंग ओपीडी शुरू किए जाने के भी निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक लोग स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सकें।

बैठक में सचिव विनय शंकर पाण्डेय, सीईओ स्टेट हेल्थ अथॉरिटी श्रीमती रीना जोशी, अपर सचिव रोहित मीणा, सौरभ गहरवार एवं महानिदेशक स्वास्थ्य श्रीमती सुनीता टम्टा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


सोमेश्वर के धौलाघाट में श्रम विभाग का विशाल किट वितरण कार्यक्रम आयोजित

280 पात्र महिला श्रमिकों, पुरुषों एवं बच्चों को वितरित की गईं पोषण, स्वच्छता व शैक्षणिक किट

अल्मोड़ा। सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र के धौलाघाट स्थित रामलीला मैदान में मंगलवार को श्रम विभाग की ओर से श्रमिक कल्याण कार्यक्रम आयोजित किया गया। उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के तत्वावधान में हुए कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की और दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

कार्यक्रम के दौरान श्रम विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत 280 पंजीकृत पात्र लाभार्थियों को आवश्यक सामग्री वितरित की गई। इनमें महिला और पुरुष श्रमिकों के साथ बच्चे भी शामिल रहे। लाभार्थियों को पोषण किट, स्वच्छता किट और शैक्षणिक सामग्री किट प्रदान की गई।

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रदेश के विकास और निर्माण कार्यों में श्रमिकों का योगदान बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि श्रमिक अपने परिश्रम से राज्य के विकास की आधारशिला मजबूत कर रहे हैं, ऐसे में उनके हितों की सुरक्षा और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना सरकार की प्राथमिकता है।

रेखा आर्या ने बताया कि उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के माध्यम से निर्माण श्रमिकों के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें विवाह सहायता, प्रसूति सहायता, मृत्यु के बाद आर्थिक सहायता, छात्रवृत्ति, कौशल विकास और श्रमिक स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य इन योजनाओं का लाभ दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले पात्र श्रमिकों तक भी पारदर्शी तरीके से पहुंचाना है।

कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी पात्र श्रमिक को सरकारी योजनाओं से वंचित न रहना पड़े। साथ ही उन्होंने श्रमिकों के पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाने पर भी जोर दिया।

कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष महेश नयाल, जिला श्रम अधिकारी आशा पुरोहित, मंडल अध्यक्ष गणेश जलाल, विधायक प्रतिनिधि भुवन जोशी सहित गोपाल खोलिया, विपिन पाठक, हरीश रौतेला, जगदीश आर्य, कैलाश गोस्वामी, नरेंद्र बिष्ट, देवेंद्र मेहरा और प्रीती जोशी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।


पीपलकोटी टनल हादसा: लापता दोनों श्रमिकों के शव बरामद, मृतकों की संख्या हुई 10

चमोली। पीपलकोटी में विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टीएचडीसी टनल में 13 अगस्त को हुए हादसे के बाद जारी रेस्क्यू अभियान में बड़ी सफलता मिली है। मंगलवार को सुरंग के भीतर सर्च ऑपरेशन के दौरान लापता दोनों श्रमिकों के शव बरामद कर लिए गए। शवों को जिला चिकित्सालय गोपेश्वर भेजा गया है।

हादसे के बाद से ही SDRF समेत अन्य रेस्क्यू एजेंसियां टनल के अंदर लगातार खोजबीन में जुटी थीं। सुरंग में जमा पानी को बाहर निकालने के साथ ही मलबे और अन्य बाधाओं के बीच श्रमिकों की तलाश की जा रही थी। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद रेस्क्यू टीमों ने अभियान जारी रखा।

बरामद शवों में एक की पहचान 31 वर्षीय लुकास टोपनो पुत्र बोयसा टोपनो के रूप में हुई है। वह ग्राम सीमरटोली, पोस्ट कामरा, जिला खूंटी, झारखंड के निवासी थे। दूसरे श्रमिक की पहचान की प्रक्रिया जारी है।

जानकारी के मुताबिक, हादसे के समय टनल के भीतर कुल 22 श्रमिक मौजूद थे। इनमें से 12 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था, जबकि आठ श्रमिकों की पहले ही मौत हो चुकी थी और दो श्रमिक लापता थे। मंगलवार को दोनों लापता श्रमिकों के शव मिलने के बाद हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है।


कृषि यंत्र सब्सिडी की फाइल बढ़ाने के नाम पर 10 हजार की रिश्वत, सहायक कृषि अधिकारी गिरफ्तार

हरिद्वार। कृषि यंत्र खरीदने के लिए मिलने वाली सब्सिडी की फाइल आगे बढ़ाने के बदले रिश्वत मांगना सहायक कृषि अधिकारी को भारी पड़ गया। सतर्कता अधिष्ठान की ट्रैप टीम ने कार्रवाई करते हुए सहायक कृषि अधिकारी हरिओम यादव को 10 हजार रुपये की कथित रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया।

जानकारी के अनुसार, हरिओम यादव प्रतापनगर, नजीबाबाद रोड कोटद्वार निवासी हैं और वर्तमान में हरिद्वार जिले के खानपुर विकासखंड में सहायक कृषि अधिकारी के पद पर तैनात थे। आरोप है कि उन्होंने शिकायतकर्ता के भाई को कृषि यंत्र खरीदने के लिए मिलने वाली सब्सिडी की फाइल आगे बढ़ाने के एवज में 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।

शिकायत मिलने के बाद सतर्कता अधिष्ठान की ट्रैप टीम ने मामले की जांच की और आरोपी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। तय योजना के तहत टीम ने सहायक कृषि अधिकारी को रिश्वत की रकम लेते हुए मौके पर गिरफ्तार कर लिया।


सीओ नीरज-निहारिका सेमवाल की मुसीबतें बढ़ी

हाईकोर्ट ने निहारिका से अनुसूचित जनजाति प्रमाणपत्र तलब किया

विजिलेंस कोर्ट ने सीओ नीरज सेमवाल को आय से अधिक संपत्ति मामले में नोटिस जारी किया

देहरादून। ऊधम सिंह नगर में तैनात सर्किल आफिसर (सीओ) नीरज सेमवाल और चम्पावत में तैनात उनकी पत्नी निहारिका सेमवाल की मुसीबतें बढ़ गयी हैं। नैनीताल हाईकोर्ट ने क्यू वारंटो के तहत दाखिल की गयी एक याचिका की सुनवाई करते हुए निहारिका सेमवाल से अनुसूचित जनजाति का प्रमाणपत्र दो सप्ताह में तलब किया है। याचिका में यह चुनौती दी गयी है कि निहारिका ब्राह्मण हैं और उन्होंने गलत तरीके से अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र हासिल किया है। इसके अलावा विजिलेंस कोर्ट ने सीओ नीरज सेमवाल को आय से अधिक संपत्ति के मामले में दाखिल एक शिकायत के आधार पर नोटिस जारी कर दिया है। इसके साथ ही निहारिका सेमवाल द्वारा सरोजबाला के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज मामले में नया मोड़ आ गया है।

उत्तराखंड पुलिस में कार्यरत एक महिला सरोजबाला रावत ने हाईकोर्ट में क्यू वारंटो के तहत याचिका दाखिल कर चुनौती दी कि सीओ निहारिका सिंबल सेमवाल अनुसूचित जनजाति की नहीं हैं और वो ब्राह्मण हैं। ऐसे में उन्होंने जौनसार क्षेत्र से जो अनुसूचित जनजाति का सर्टिफिकेट हासिल किया है वह अवैध है। उसने चुनौती दी है कि इसी अवैध प्रमाणपत्र के आधार पर निहारिका को पुलिस में नौकरी मिली है। इस मामले की सुनवाई सीजे मनोज कुमार गुप्ता और जस्टिस सुभाष उपाध्याय की अदालत में हो रही है। हाईकोर्ट ने इस मामले में निहारिका सेमवाल से जनजातीय प्रमाणपत्र तलब किया है। यह उत्तराखंड का इस तरह का पहला मामला है जिसकी हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है।

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गौरतलब है कि नीरज और निहारिका सेमवाल पति पत्नी हैं। सीओ निहारिका ने सरोजबाला के खिलाफ देहरादून में एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया है। इस मामले में सरोजबाला को जेल भी जाना पड़ा। सरोजबाला ने अदालत में कहा कि निहारिका चूंकि अनुसूचित जनजाति से नहीं हैं, इसलिए उसके खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज मुकदमा रद्द किया जाए और निहारिका ने गलत प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी हासिल की है तो उसे नौकरी से हटाया जाएं। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में 28 नवम्बर 2000 के बाद अनुसूचित जनजाति के तहत जारी किये गये सभी प्रमाणपत्र अवैध हैं। इस प्रमाण पत्र के आधार पर हासिल की गयी नौकरी और अन्य लाभ शून्य हैं।

एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज मामले की सुनवाई देहरादून की जिला अदालत में चल रही है। वहीं, सीओ नीरज सेमवाल के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में गढ़वाल क्षेत्र भ्रष्टाचार रोधी स्पेशल जज अंजलि बेंजवाल ने नोटिस जारी कर 9 सितम्बर को अदालत में अपने समर्थन में साक्ष्य जमा करने के आदेश दिये हैं। सीओ नीरज सेमवाल को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 2018 संशोधित की धारा 13 एक बी और 13 दो के तहत यह नोटिस जारी किया है।


अजमेरी बाजार में कई दुकानों लगी भीषण आग, करीब 20 मिनट बाद पहुंची दमकल टीम

दमकल ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पाया काबू

कलियर। साबिर पाक के सालाना उर्स के दौरान देर रात कलियर के अजमेरी बाजार में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। दरगाह पहाड़ी गेट के पास आर्टिफिशियल ज्वैलरी और खिलौनों की दुकानों में लगी आग देखते ही देखते तेज हो गई। बाजार में धुआं और ऊंची लपटें उठने से वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

घटना रात करीब एक बजे की बताई जा रही है। आग की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने पुलिस के साथ मिलकर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। सूचना मिलने पर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक कमल मोहन भंडारी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तत्काल भीड़ को नियंत्रित किया और लोगों को आग वाले क्षेत्र से दूर किया।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, दमकल विभाग की टीम सूचना मिलने के करीब 20 मिनट बाद मौके पर पहुंची। तब तक आग कई दुकानों को अपनी चपेट में ले चुकी थी और आसपास की दुकानों तक आग पहुंचने का खतरा बना हुआ था। दमकल कर्मियों ने पहुंचते ही मोर्चा संभाला और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

उर्स के चलते इन दिनों कलियर में जायरीनों की भारी भीड़ है। बाजार में आग लगने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करते हुए लोगों को घटनास्थल से हटाया, जिससे राहत एवं बचाव कार्य में किसी तरह की बाधा न आए।

आग की चपेट में आने से दुकानों में रखा आर्टिफिशियल ज्वैलरी, खिलौने और अन्य सामान जलकर राख हो गया। दुकानदारों ने आग से लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई है। हालांकि, वास्तविक नुकसान का आकलन अभी नहीं किया गया है। आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है। शॉर्ट सर्किट समेत अन्य संभावित कारणों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

लोगों की सूझबूझ से बची खानकाह में रखे कबूतरों की जान

आग के बीच स्थानीय लोगों ने इंसानियत और सूझबूझ की मिसाल भी पेश की। दुकानों के पीछे स्थित खानकाह में पिंजरे के अंदर कई कबूतर रखे हुए थे। आग फैलने का खतरा देखते ही लोगों ने तत्काल पिंजरे को बाहर निकाला और कबूतरों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। समय रहते उठाए गए इस कदम से कबूतर आग की चपेट में आने से बच गए।


SDRF ने बीन नदी में फंसे दो यात्रियों और जंगल में फंसे छह छात्रों को सकुशल निकाला

6 किलोमीटर पैदल चलकर SDRF ने किया रेस्क्यू, बारिश में जंगल में फंसे थे UPES के छात्र

देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के बीच नदियों का जलस्तर बढ़ने से रेस्क्यू अभियान तेज हो गए हैं। ऋषिकेश और देहरादून में SDRF की टीमों ने अलग-अलग घटनाओं में नदी के तेज बहाव और दुर्गम जंगल क्षेत्र में फंसे आठ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।

ऋषिकेश में सोमवार देर रात एक मैक्स वाहन बीन नदी के तेज बहाव में फंस गया। वाहन में सवार दो यात्री अचानक बढ़े जलस्तर के कारण नदी के बीच फंस गए और उनके सामने बाहर निकलने का कोई सुरक्षित रास्ता नहीं था। सूचना मिलने के बाद रात करीब 10 बजे SDRF की टीम मौके पर पहुंची। जवानों ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर दोनों यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

वहीं, देहरादून के मिसरास पट्टी स्थित थान गांव क्षेत्र में स्वारना नदी के आसपास ट्रैकिंग के लिए गए UPES के छह छात्र अचानक तेज बारिश के बाद जंगल में फंस गए। 17 अगस्त को ट्रैकिंग के दौरान बारिश तेज होने से स्वारना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया, जिसके चलते छात्रों ने जंगल में ही रुकना पड़ा।

सूचना मिलते ही SDRF डाकपत्थर की रेस्क्यू टीम तत्काल मौके के लिए रवाना हुई। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और नदी के बढ़े जलस्तर के बीच जवानों ने करीब छह किलोमीटर पैदल ट्रैकिंग कर छात्रों तक पहुंच बनाई। इसके बाद सभी छह छात्रों को सुरक्षित रेस्क्यू कर जिला पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। सभी छात्रों की हालत सामान्य बताई गई है।

SDRF सेनानायक अर्पण यदुवंशी ने बारिश के मौसम में पर्यटकों और छात्रों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि नदी-नालों के आसपास जाने से बचना चाहिए और ट्रैकिंग या पर्यटन पर निकलने से पहले मौसम का पूर्वानुमान जरूर देख लेना चाहिए। खराब मौसम के दौरान जोखिम वाले इलाकों में जाने से बचना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है।


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