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जनता मिलन कार्यक्रम में 26 शिकायतें प्राप्त, डीएम ने समयबद्ध निस्तारण के दिए निर्देश

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जनता मिलन कार्यक्रम में 26 शिकायतें प्राप्त, डीएम ने समयबद्ध निस्तारण के दिए निर्देश

गोपेश्वर। जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को जिला सभागार गोपेश्वर में जनता मिलन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने कुल 26 शिकायतें एवं समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। जिलाधिकारी ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने और शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जनता मिलन में किशन सिंह रावत ने जोशीमठ-मलारी सड़क में भू-अधिग्रहण प्रतिकर से संबंधित समस्या रखी। जिलाधिकारी ने भूमि अध्याप्ति सहायक को किशन सिंह सहित सभी संबंधित प्रकरणों में प्रतिकर की कार्रवाई तत्काल जारी करने के निर्देश दिए।

देवग्राम निवासी राधिका देवी ने गांव के 27 परिवारों के अन्यत्र विस्थापन की मांग रखी। इस पर जिलाधिकारी ने जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी को प्रकरण की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वहीं उर्गम निवासी यादवेन्द्र सिंह ने कल्पेश्वर महादेव मंदिर की सुरक्षा एवं आपदा सुरक्षा से जुड़ी समस्या उठाई। जिलाधिकारी ने पीएमजीएसवाई अधिकारियों को संबंधित विभागों के साथ संयुक्त सर्वे कर आवश्यक सुरक्षा कार्य कराने के निर्देश दिए।

गोपेश्वर निवासी बलवंत सिंह ने वार्ड संख्या-1 में नाली निर्माण की समस्या रखी। जिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारी नगर पालिका को बरसात के बाद तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। उर्गम निवासी विक्रम ने विद्युत संयोजन हटाए जाने की शिकायत की, जिस पर अधिशासी अभियंता विद्युत को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

विकासनगर स्थित न्यू लॉ कॉलेज गोपेश्वर के मोहल्लावासियों ने निर्माण कार्य रोके जाने संबंधी शिकायत रखी। जिलाधिकारी ने तहसीलदार को भूमि की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। प्रेम सिंह, दर्शन नेगी एवं अन्य लोगों ने उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों से संबंधित विभिन्न मांगें रखीं, जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिए।

इसके अतिरिक्त विपिन सिंह, अतुल शाह, सुधा देवी, जय लाल, बुद्धि प्रसाद, गोपाल सिंह सहित अन्य लोगों ने भी अपनी समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखीं।

जिलाधिकारी गौरव कुमार ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता की समस्याओं के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। प्रत्येक प्रकरण में नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के साथ ही शिकायतकर्ता को की गई कार्रवाई से भी अवगत कराया जाए।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजीव पाल, मुख्य कृषि अधिकारी जय प्रकाश तिवारी, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं आमजन मौजूद रहे।


छात्रा से मारपीट के मामले में अतिथि शिक्षिका का अनुबंध समाप्त, डीएम ने दिए सख्त निर्देश

लमगड़ा(अल्मोड़ा): जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने राजकीय इंटर कॉलेज पुभाऊँ का निरीक्षण कर बीते शनिवार विद्यालय में एक अतिथि शिक्षिका द्वारा छात्रा की पिटाई के आरोप और इससे संबंधित वायरल वीडियो के मामले की जानकारी ली। उन्होंने प्रधानाचार्य से पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेने के साथ ही संबंधित छात्रा के माता-पिता से मुलाकात कर उनका पक्ष जाना। जिलाधिकारी ने विद्यालय के अन्य छात्र-छात्राओं से भी घटना के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

प्रकरण की जांच के लिए खंड शिक्षा अधिकारी लमगड़ा एवं उप खंड शिक्षा अधिकारी धौलादेवी की समिति गठित की गई थी। समिति की जांच रिपोर्ट में संबंधित अतिथि शिक्षिका का अनुबंध समाप्त करने की संस्तुति की गई। रिपोर्ट के आधार पर अतिथि शिक्षिका का अनुबंध तत्काल प्रभाव से समाप्त करते हुए उन्हें सेवा से हटा दिया गया है।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि विद्यालय में अनुशासन के नाम पर छात्र-छात्राओं के साथ किसी भी प्रकार की मारपीट अथवा दंडात्मक कार्रवाई स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने शिक्षकों को बच्चों में अनुशासन बनाए रखने के लिए काउंसलिंग, संवाद एवं अन्य सकारात्मक तरीकों को अपनाने के निर्देश दिए। आवश्यकता पड़ने पर अभिभावकों से बातचीत कर समस्या का समाधान करने को कहा।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सभी शिक्षकों से मुलाकात कर बच्चों की पढ़ाई, अनुशासन और विद्यालय से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की। उन्होंने विद्यालय में पढ़ाए जा रहे विषयों, शिक्षकों की उपलब्धता तथा संचालित व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की जानकारी ली।

जिलाधिकारी ने छात्र-छात्राओं से संवाद कर विद्यालय में उपलब्ध खेल सुविधाओं की भी जानकारी ली। बच्चों द्वारा फुटबॉल खेलने की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग पर उन्होंने विद्यालय में खेल सुविधाओं को विकसित करने तथा फुटबॉल खेलने के लिए आवश्यक मैदान उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

विद्यालय की मूलभूत सुविधाओं का जायजा लेते हुए जिलाधिकारी ने शौचालयों की व्यवस्था दुरुस्त करने और परिसर में स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क से विद्यालय तक पहुंच मार्ग की स्थिति में सुधार के लिए भी आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।

पेयजल व्यवस्था की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने विद्यालय में पर्याप्त एवं नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पानी के समुचित भंडारण के लिए टैंक लगाने तथा पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने के कार्य प्राथमिकता से कराने को कहा।

निरीक्षण के दौरान एसडीएम सौम्या गर्ब्याल, प्रभारी मुख्य शिक्षा अधिकारी श्री रवि मेहता सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।


समाधान दिवस में डीएम ने सुनीं 140 फरियादियों की शिकायतें, कई मामलों का मौके पर किया निस्तारण

अतिक्रमण पर कड़ा रुख, अधिकारियों को फील्ड में उतारा

देहरादून। आमजन की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और संवेदनशील समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में समाधान दिवस का आयोजन किया गया। जनसुनवाई में पहुंचे 140 फरियादियों ने अपनी समस्याएं रखीं, जिनमें से अधिकांश शिकायतों का जिलाधिकारी ने मौके पर ही निस्तारण कर दिया। शेष प्रकरणों पर संबंधित विभागीय अधिकारियों को निश्चित समयावधि के भीतर कार्रवाई करने के सख्त निर्देश जारी किए गए।

जनसुनवाई के दौरान मुख्य रूप से भूमि अतिक्रमण, नाला बंद होने से जलभराव, विधवा पेंशन में ठगी, घरेलू हिंसा, संपत्ति विवाद और विकास कार्यों में देरी से जुड़े मामले छाए रहे।

अतिक्रमण पर कड़ा रुख, अधिकारियों को फील्ड में उतारा
ग्राम पंचायत छरबा (लांघा रोड इंडस्ट्रियल एरिया) में मेसर्स हैब फार्मास्युटिकल एंड रिसर्च लिमिटेड द्वारा बरसाती नाले व ग्राम समाज की भूमि पर दीवार बनाकर जलभराव उत्पन्न करने तथा बबली देवी की जमीन के दो खसरा नंबरों पर अवैध कब्जे की शिकायत का जिलाधिकारी ने त्वरित संज्ञान लिया। उन्होंने तहसीलदार विकासनगर और प्रबंधक जिला उद्योग केंद्र को बैठक से सीधे मौका मुआयना करने और अवैध अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। वहीं, ग्राम लक्ष्मीपुर में ग्राम समाज की भूमि पर अवैध निर्माण की शिकायत पर एसडीएम विकासनगर को तुरंत जांच कर अतिक्रमण ध्वस्त करने को कहा गया।

पेंशन के नाम पर वसूली और ठगी पर पुलिस जांच
देवऋषि कॉलोनी निवासी जूली की शिकायत पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया। आरोप है कि सीएससी सेंटर संचालक ने विधवा पेंशन बनवाने के नाम पर 10 हजार रुपये मांगे और 4 हजार रुपये लेने के बाद भी उनके मूल दस्तावेज दबाकर बैठ गया। डीएम ने तहसीलदार, जिला कार्यक्रम अधिकारी और कोतवाली प्रभारी को संयुक्त रूप से जांच कर आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।

सामाजिक व पारिवारिक उत्पीड़न पर त्वरित कार्रवाई
ऋषिकेश निवासी 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला राधारानी द्वारा बहू-बेटे पर मारपीट करने, घर से निकालने और भरण-पोषण न देने के आरोप पर डीएम ने सीओ ऋषिकेश व महिला आयोग की टीम को तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए। सीमाद्वार निवासी नीमा टोलिया की सास व ननद द्वारा पति की मृत्यु के बाद संपत्ति हड़पने और शारीरिक-मानसिक उत्पीड़न करने के मामले को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भेजकर निधिक सहायता देने के निर्देश दिए गए। दो छोटे बच्चों के पिता की शिकायत पर, जिसकी पत्नी किसी अन्य व्यक्ति के साथ चली गई है और पुलिस कार्रवाई नहीं हो रही, सीओ को मामले में तेजी लाने को कहा गया।

लखवाड़ बांध प्रभावित ग्राम पंचायत की तकनीकी चूक से मुआवजे से वंचित किसानों की समस्या पर एसएलएओ को निस्तारण का जिम्मा सौंपा गया। पांववाला सौड़ा में वित्तीय स्वीकृति न मिलने से अटकी सड़क के लिए लोनिवि के अधिशासी अभियंता और बाला जी विहार में सिंचाई नाले से हो रहे भू-कटाव को रोकने के लिए सिंचाई विभाग व वन विभाग को कार्य शुरू करने के निर्देश मिले। मोहब्बेवाला में स्पायर स्पोर्ट्स अकादमी में काम करने वाले कर्मचारी की करंट से हुई संदिग्ध मृत्यु मामले में ईई यूपीसीएल को जांच सौंपी गई।

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों को केवल औपचारिकता न मानते हुए प्रत्येक प्रकरण का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता को समाधान का लाभ मिले और अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए विभागीय अधिकारी स्वयं जिम्मेदारी के साथ कार्रवाई करें।

समाधान दिवस के अवसर पर अपर जिलाधिकारी (एफआर) केके मिश्रा, अपर जिलाधिकारी (प्रशा) स्मृता परमार, एसडीएम अपर्णा सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी जीतेन्द्र कुमार सहित विभागों के अन्य जिला स्तरीय अधिकारी एवं वर्चुअल माध्यम से समस्त उप जिलाधिकारी मौजूद थे।


अगले वर्ष से रक्षाबंधन के 15 दिन पूर्व शुरू होगा ‘मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव’- मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने ‘मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना’ के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का किया शुभारंभ

देहरादून। उत्तराखंड की महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चल रहे ‘मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव’ का अगले वर्ष से विस्तार किया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय में उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का शुभारंभ और अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने घोषणा की कि अगले साल से रक्षाबंधन से 15 दिन पहले सशक्त बहना उत्सव शुरू कर पखवाड़े के रूप में आयोजित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने स्टॉलों पर महिला समूहों द्वारा तैयार राखियों और विभिन्न स्थानीय उत्पादों की जानकारी ली। उन्होंने प्रदेश के सभी जिलों से वर्चुअल माध्यम से जुड़ी स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से भी संवाद किया। उन्होंने कहा कि उत्सव की अवधि बढ़ने से महिलाओं को अपने उत्पाद बेचने के लिए अधिक समय और बेहतर बाजार मिल सकेगा, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी।

70 हजार से अधिक समूहों से जुड़े 5.20 लाख ग्रामीण परिवार

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2023 में ‘मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना’ की शुरुआत की थी, ताकि स्वयं सहायता समूहों के गुणवत्तापूर्ण स्थानीय उत्पाद गांवों तक सीमित न रहें और उन्हें व्यापक बाजार, उचित मूल्य तथा नई पहचान मिल सके।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 70 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूह कार्यरत हैं, जिनसे 5.20 लाख से अधिक ग्रामीण परिवार जुड़े हैं। इनके सहयोग के लिए 8 हजार से अधिक ग्राम संगठन और 615 क्लस्टर लेवल फेडरेशन भी कार्य कर रहे हैं।

4,480 स्टॉल से 12.50 करोड़ की बिक्री

सीएम धामी ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में योजना के तहत प्रदेश के 95 विकासखंडों में 4,480 स्टॉल लगाए गए। इनके माध्यम से करीब 12.50 करोड़ रुपये के उत्पादों की बिक्री हुई है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं को अवसर और बाजार उपलब्ध कराने से वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के साथ प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर सकती हैं।

3 लाख से ज्यादा महिलाएं बनीं ‘लखपति दीदी’

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अब तक 3 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। सरकार अब ‘सशक्त बहना उत्सव’ को आगे बढ़ाकर ‘सशक्त बहना बाजार’ के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रही है।

इसके तहत महिला समूहों के उत्पादों को पर्यटन स्थलों, धार्मिक यात्रा मार्गों, रेलवे स्टेशनों, एयरपोर्ट और होटल-रिसॉर्ट तक पहुंचाने की योजना है।

110 बिक्री केंद्र, 49 ग्रोथ सेंटर स्थापित

महिला समूहों के उत्पादों की मार्केटिंग को मजबूत करने के लिए प्रदेश में 49 ग्रोथ सेंटर, 17 सरस सेंटर, 33 नैनो पैकेजिंग यूनिट और 8 बेकरी यूनिट स्थापित की गई हैं। वहीं यात्रा मार्गों पर 110 बिक्री केंद्र संचालित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सचिवालय समेत अन्य स्थानों पर स्थायी बिक्री केंद्र और राज्य स्तरीय सरस मेलों के जरिए भी महिला समूहों के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है।

‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ से लोकल को मिलेगी ग्लोबल पहचान

सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों को ‘लोकल टू ग्लोबल’ पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को ई-कॉमर्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने के साथ महिलाओं को गुणवत्ता, पैकेजिंग, ब्रांडिंग, लेबलिंग, डिजिटल भुगतान और मार्केटिंग का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।

उन्होंने सचिवालय के अधिकारियों और कर्मचारियों से स्टॉलों से खरीदारी कर महिला समूहों को प्रोत्साहित करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय उत्पाद खरीदना ही ‘वोकल फॉर लोकल’ की वास्तविक भावना है। इससे महिलाओं के हुनर को सम्मान मिलने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की मातृशक्ति सामाजिक और आर्थिक विकास की मजबूत आधारशिला है। महिलाएं खेती, पशुपालन और अन्य आजीविका गतिविधियों के साथ अब उद्यमिता के क्षेत्र में भी आगे बढ़ रही हैं। सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, स्वाभिमान और आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए लगातार काम कर रही है।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, सचिव धीराज गर्ब्याल, अपर सचिव झरना कमठान, अनुराधा पाल, मुख्य विकास अधिकारी देहरादून अभिनव शाह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। विभिन्न जिलों के मुख्य विकास अधिकारी वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।


रक्षाबंधन पूर्व कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने किया प्रतिभाग

विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को किया सम्मानित

हल्द्वानी। विधानसभा अध्यक्ष उत्तराखंड एवं विधायक कोटद्वार ऋतु खण्डूडी भूषण ने रक्षाबंधन के पावन पर्व से पूर्व हल्द्वानी में ईजा बाबू फाउंडेशन ट्रस्ट द्वारा आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय एवं उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम संयोजक कोस्तुभानंद जोशी ने उपस्थित अतिथियों एवं महिलाओं का स्वागत करते हुए कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि समाज के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा, मेहनत और समर्पण से उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित करना एक प्रेरणादायी पहल है।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक मंचों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। कलाकारों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों के माध्यम से उत्तराखंड की लोक संस्कृति एवं परंपराओं की सुंदर झलक प्रस्तुत की, जिसका उपस्थित लोगों ने उत्साहपूर्वक आनंद लिया।

कार्यक्रम में वंदना आर्या को पत्रकारिता, नव्या पांडे एवं रितिका जोशी को खेल, मीनू अग्रवाल को नृत्य कला, दिव्यांशी गुसाईं को संगीत, खुशी डिगारी को लोक संस्कृति, रेवती कांडपाल को पर्यावरण तथा सरिता रावत को रक्तदान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

इसी क्रम में रेनू धारियाल को विश्व कीर्तिमान पुस्तिका में नाम दर्ज कराने, दिव्यांशी बिष्ट एवं कल्पना रावत को सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के रूप में, जयश्री तिवाड़ी को चिकित्सा, पुष्पा जोशी को सामाजिक क्षेत्र, ज्योति रावत को उत्कृष्ट आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा मीनाक्षी अरोड़ा को रासायनिक क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने कहा कि भारतीय संस्कृति में महिलाओं को सदैव सम्मान और विशेष स्थान दिया गया है। आज महिलाएं शिक्षा, खेल, पत्रकारिता, चिकित्सा, पर्यावरण, कला, संस्कृति और सामाजिक सेवा सहित प्रत्येक क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और क्षमता का प्रदर्शन कर रही हैं। महिलाओं का सम्मान केवल एक दिन तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उन्हें समान अवसर, सम्मान और सुरक्षा प्रदान करना हम सभी की जिम्मेदारी है।

उन्होंने महिलाओं के सम्मान, सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में किए जा रहे कार्यों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा महिलाओं को आगे बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए अनेक महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

ऋतु खण्डूडी भूषण ने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का पर्व नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और उनके अधिकारों के प्रति समाज को जागरूक करने का भी अवसर है। उन्होंने कार्यक्रम में सम्मानित सभी महिलाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनके कार्य समाज की अन्य महिलाओं और युवतियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

कार्यक्रम में प्रदेश संयोजक संस्कृत प्रकोष्ठ जितेंद्र मेहता, उपाध्यक्ष मत्स्य बोर्ड संदीप भोज, किशोर जोशी, कमल किशोर पांडे, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरमवाल, ब्लॉक प्रमुख मंजू गौड़, पूनम जोशी, रंजन बरगली आदि उपस्थित रहे।


पर्वतीय गांवों में स्वास्थ्य-शिक्षा मजबूत होगी तो रुकेगा पलायन- दिनेश अग्रवाल

विकसित उत्तराखंड-2047 के लिए सेतु आयोग का रोडमैप तैयार, गांवों पर विशेष फोकस

देहरादून। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में पलायन रोकने और गांवों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वास्थ्य एवं शिक्षा सेवाओं को मजबूत करना जरूरी है। अवस्थापना विकास सलाहकार सेतु आयोग के सलाहकार दिनेश अग्रवाल ने कहा कि राज्य के प्रत्येक पर्वतीय गांव तक बेहतर स्वास्थ्य और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित होने से ही पलायन पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी।

सोमवार को सचिवालय मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस वार्ता में दिनेश अग्रवाल ने कहा कि गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के बेहतर अवसर उपलब्ध होने से युवा अपने ही क्षेत्र में भविष्य की संभावनाएं तलाश सकेंगे। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ‘विकसित उत्तराखंड’ के संकल्प को मजबूती मिलेगी।

पांच प्रमुख क्षेत्रों में काम कर रहा सेतु आयोग

उन्होंने बताया कि सेतु आयोग नीतिगत सुधारों के प्रस्ताव तैयार करते समय जमीनी जरूरतों और वास्तविक परिस्थितियों को प्राथमिकता दे रहा है। आयोग अर्थव्यवस्था एवं कौशल, अवसंरचना एवं कल्याण, शहरी एवं उप शहरी विकास, अनुश्रवण एवं मूल्यांकन तथा डेटा एनालिटिक्स जैसे पांच प्रमुख क्षेत्रों में काम कर रहा है।

आयोग का उद्देश्य राज्य की नीति-निर्माण प्रक्रिया को साक्ष्य आधारित और परिणाम केंद्रित बनाना है। यह कार्य मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन और प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प के अनुरूप किया जा रहा है।

बायोएनर्जी और सहकारिता नीति पर काम

दिनेश अग्रवाल ने बताया कि अर्थव्यवस्था एवं कौशल विकास के तहत उत्तराखंड बायोएनर्जी नीति-2026, वन पंचायत नियमावली-2026 और सहकारिता नीति-2026 के प्रारूप तैयार किए जा रहे हैं।

इसके साथ ही विभिन्न संस्थानों में फ्यूचर स्किल्स और डिजिटल कौशल विकास, 119 राज्य महाविद्यालयों में रोजगारपरक कौशल प्रशिक्षण, किसानों को संगठित खरीदारों से जोड़ने और विदेशों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए ओवरसीज प्लेसमेंट सेल की रूपरेखा पर भी काम चल रहा है।

पांच जिलों में बनेंगे 17 स्मार्ट ग्राम केंद्र

अवसंरचना एवं कल्याण के क्षेत्र में आयोग द्वारा पांच जिलों में 17 एकीकृत स्मार्ट ग्राम केंद्र स्थापित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसके अलावा देहरादून में जेईई उत्कृष्टता केंद्र, कुमाऊं विश्वविद्यालय के हॉस्पिटैलिटी कौशल केंद्र में शत-प्रतिशत प्लेसमेंट और स्वास्थ्य क्षेत्र में एनीमिया, स्टंटिंग तथा मातृ-शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए लक्षित हस्तक्षेप किए जा रहे हैं।

एम्स ऋषिकेश के सहयोग से ट्रॉमा केयर और टेलीमेडिसिन सेवाओं को मजबूत करने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।

शहरी विकास के लिए नया कानून तैयार करने की तैयारी

उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों से शहरों की ओर बढ़ते जनसंख्या दबाव और तेजी से हो रहे शहरीकरण को देखते हुए नगरीय स्थानीय निकायों को अधिकारों के हस्तांतरण पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को बेहतर बनाने के साथ प्रदेश के लिए नए शहरी अधिनियम का प्रारूप तैयार करने पर भी काम चल रहा है।

योजनाओं के मूल्यांकन पर जोर

दिनेश अग्रवाल ने कहा कि राज्य में लंबे समय से धीमी गति से चल रहे योजनाओं के मूल्यांकन कार्य को अब मजबूत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना, अमृत सरोवर योजना, सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम और मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना का मूल्यांकन विश्वविद्यालयों की भागीदारी से शुरू किया गया है।

उन्होंने बताया कि ‘विकसित उत्तराखंड-2047’ के लिए व्यापक इंडिकेटर फ्रेमवर्क तैयार किया गया है और इसे राज्य सरकार द्वारा अपनाने की प्रक्रिया जारी है।

‘एक पहचान, अनेक समाधान’ पर आधारित होगी डेटा नीति

डिजिटल एवं डेटा आधारित सुशासन को लेकर भी आयोग काम कर रहा है। राज्य डेटा शासन नीति तैयार की जा रही है, जिसका मार्गदर्शक सिद्धांत ‘एक पहचान, अनेक समाधान’ रखा गया है।

इस व्यवस्था का उद्देश्य नागरिकों और फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं को बार-बार दस्तावेजी औपचारिकताओं से राहत देना है। साथ ही डिजिटल कनेक्टिविटी में आने वाली बाधाओं के बीच भी मजबूत डिजिटल ढांचा उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

दिनेश अग्रवाल ने कहा कि पर्वतीय गांवों में स्वास्थ्य, शिक्षा और आजीविका के मजबूत अवसर उपलब्ध कराना विकास की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सेतु आयोग की विभिन्न योजनाओं और नीतिगत कार्यों की प्रगति पर लगातार नजर रखी जाएगी, ताकि राज्य सरकार को ‘विकसित उत्तराखंड’ के लक्ष्य को हासिल करने में प्रभावी सहयोग दिया जा सके।

प्रेस वार्ता में निदेशक नियोजन मनोज पंत, विशेषज्ञ विशाल पराशर और हनुमंत रावत भी मौजूद रहे।


पौड़ी में जनता मिलन में 50 शिकायतों की सुनवाई, डीएम ने अधिकारियों को दिए समयबद्ध निस्तारण के निर्देश

पौड़ी। जनसमस्याओं को गंभीरता से सुनकर उनका त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने की दिशा में जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के नेतृत्व में जिला प्रशासन लगातार सक्रिय है। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में 50 शिकायतों की सुनवाई करते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनता की समस्या का समाधान केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि जनता के विश्वास को मजबूत करने का माध्यम भी है।

जिलाधिकारी ने जनसुनवाई के दौरान प्राप्त शिकायतों के साथ पूर्व में प्राप्त प्रकरणों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों के निस्तारण में अनावश्यक विलंब न हो और कार्रवाई के बाद शिकायतकर्ता को भी इसकी जानकारी दी जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन की कार्यप्रणाली का वास्तविक मूल्यांकन इस बात से होता है कि जरूरतमंद व्यक्ति तक राहत कितनी जल्दी और प्रभावी ढंग से पहुंचती है। आपदा से प्रभावित परिसंपत्तियों के सुधारीकरण कार्यों को भी प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए।

राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों को जनपद क्षेत्र में एनएच पर निर्मित सभी कलवर्टों की सफाई की तिथिवार जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। वहीं लोक निर्माण विभाग एवं पीएमजीएसवाई के कनिष्ठ अभियंताओं को क्षेत्र में उपास्थित रहने तथा वहां किए जा रहे कार्यों की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

जनता मिलन में ग्राम प्रधान धनाऊ कमल रावत ने कंडोलिया क्षेत्र में आवारा पशुओं के कारण यातायात बाधित होने की समस्या रखी। जिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारी नगर पालिका को तत्काल कार्रवाई करते हुए आवारा पशुओं को निर्धारित स्थलों पर भेजने के निर्देश दिए।

ग्राम ढुंगी निवासी यमुना देवी की मार्च 2026 से लंबित विधवा पेंशन की शिकायत पर जिलाधिकारी ने जिला समाज कल्याण अधिकारी को शिकायतकर्ता से समन्वय कर तत्काल समाधान सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही बकरोडा निवासी हेमंत चौहान की सफदरखाल क्षेत्र के लिए देवप्रयाग में श्मशान घाट हेतु भूमि तलाशने की मांग पर एसडीएम पौड़ी को शीघ्र भूमि चिन्हित करने तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सफदरखाल में एंबुलेंस उपलब्ध कराने के लिए सीएमओ को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

ग्राम पंचायत पाटली के प्रधान द्वारा मंगोलीगांव झूलापुल की मरम्मत की मांग पर जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। संबंधित जेई को मौके पर भेजकर स्थलीय निरीक्षण कराने तथा आवश्यकतानुसार मरम्मत कार्य सुनिश्चित करने को कहा गया।

पूर्व के जनता मिलन में ग्राम खोन, विकासखंड कोट निवासी सतेश्वरी देवी ने गांव की मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला पूनम गुसाईं के उपचार की समस्या रखी थी। जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संयुक्त मजिस्ट्रेट पौड़ी, स्वास्थ्य एवं पुलिस विभाग को समन्वय कर महिला को राजकीय मानसिक सेवा संस्थान, सेलाकुई, देहरादून भेजने के निर्देश दिए। निर्देशों के अनुपालन में महिला को उपचार के लिए सेलाकुई पहुंचा दिया गया है।

इसी प्रकार, महिला मंगल दल थली की दूषित पेयजल संबंधी शिकायत पर जल संस्थान ने भी तत्काल कार्रवाई की। जलस्रोत के क्लोरीनेशन के लिए ग्राम पंचायत को हाइपोक्लोराइड उपलब्ध कराया गया तथा पानी के नमूने जांच के लिए जल परीक्षण प्रयोगशाला श्रीनगर भेजे गए। वर्तमान में ग्राम थली में पृथक पाइपलाइन से पेयजल आपूर्ति सुचारू एवं नियमित रूप से की जा रही है। वहीं कृषि भवन, श्रीनगर रोड पौड़ी निवासी बसंती देवी की गैस सिलेंडर उपलब्ध न होने की शिकायत का भी तत्काल संज्ञान लेते हुए उन्हें गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया गया।

जनता मिलन में शिकायत सुनने से लेकर समाधान तक की यह त्वरित कार्यप्रणाली प्रशासन के प्रति जनता के विश्वास को और मजबूत कर रही है। शिकायतकर्ता को यह भरोसा मिल रहा है कि उसकी समस्या केवल दर्ज नहीं की जा रही, बल्कि उसके समाधान के लिए संबंधित विभागों को तत्काल जिम्मेदारी भी सौंपी जा रही है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को इसी भावना के साथ कार्य करते हुए संवेदनशील, जवाबदेह और जनकेंद्रित प्रशासन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात, एडीएम एफआर चौहान, सीएमओ मेघना असवाल, डीएसटीओ राम सलोने, सीओ तपेश कुमार चंद, सीवीओ डॉ. विशाल शर्मा, मुख्य कृषि अधिकारी ऋतु कुकरेती जुयाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र थपलियाल, जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) अंशुल बिष्ट, अधिशासी अभियंता लोनिवि विवेक कुमार सेमवाल, रीना नेगी, विद्युत अभिनव रावत, जल संस्थान टीएस रावत, जल निगम नवनीत कटारिया, पीएमजीएसवाई परशुराम चमोली, ग्रामीण निर्माण विभाग विशाल चौहान, जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार वर्मा, जिला युवा कल्याण अधिकारी पंकज तिवारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित दुबड़िया, जिला परिवीक्षा अधिकारी अरविंद कुमार, जिला आबकारी अधिकारी तपन कुमार पांडेय, जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन सिंह भंडारी, परियोजना अधिकारी उरेडा चंद्रप्रकाश उपाध्याय, एडीपीआरओ प्रदीप सुंदरियाल, ईडीएम सचिन भट्ट सहित विभिन्न अधिकारी उपस्थित रहे।


राज्य स्थापना दिवस तक रोपवे परियोजनाओं के कार्य धरातल पर दिखें — मुख्यमंत्री

देहरादून। उत्तराखंड में प्रस्तावित और निर्माणाधीन रोपवे परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नाराजगी जताई है। सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को परियोजनाओं में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य स्थापना दिवस 9 नवंबर तक रोपवे परियोजनाओं के काम धरातल पर दिखाई देने चाहिए।

मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए कि वे 15 दिन के भीतर परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट मुख्य सचिव को उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट के आधार पर जल्द ही इन परियोजनाओं की दोबारा समीक्षा की जाएगी। उन्होंने साफ किया कि रोपवे परियोजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जिलाधिकारियों को नियमित निगरानी के निर्देश

मुख्यमंत्री ने संबंधित जिलाधिकारियों को अपने-अपने जिलों में प्रस्तावित और निर्माणाधीन रोपवे परियोजनाओं की नियमित निगरानी करने को कहा। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं के साथ लगातार समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।

परियोजनाओं में भूमि, वन भूमि हस्तांतरण, विभागीय स्वीकृतियों या अन्य स्तर पर आ रही अड़चनों का संबंधित विभागों और कार्यदायी संस्थाओं के बीच समन्वय से तत्काल समाधान करने को कहा गया।

केदारनाथ और हेमकुंड साहिब रोपवे पर विशेष जोर

बैठक में केदारनाथ और हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों के अनुसार केदारनाथ रोपवे की लंबाई 12.90 किलोमीटर, जबकि हेमकुंड साहिब रोपवे की लंबाई 12.40 किलोमीटर है। मुख्यमंत्री ने दोनों महत्वपूर्ण परियोजनाओं से जुड़ी प्रक्रियाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से श्रद्धालुओं को यात्रा में सुविधा मिलेगी और दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंच आसान होगी।

देहरादून-मसूरी और नैनीताल रोपवे को भी गति देने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने नैनीताल रोपवे परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित कार्यों में तेजी लाने को कहा। उन्होंने कहा कि नैनीताल में पर्यटकों की बढ़ती संख्या और यातायात दबाव को देखते हुए रोपवे बेहतर परिवहन विकल्प साबित हो सकता है।

वहीं देहरादून-मसूरी रोपवे परियोजना को लेकर भी मुख्यमंत्री ने लंबित कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यटन सीजन में मसूरी में सड़क यातायात का भारी दबाव रहता है। ऐसे में रोपवे यात्रियों को वैकल्पिक परिवहन सुविधा देने के साथ ही सड़कों पर वाहनों का दबाव कम करने में मददगार होगा।

यमुनोत्री, पूर्णागिरि और कुंजापुरी परियोजनाओं की भी समीक्षा

बैठक में यमुनोत्री, पूर्णागिरि और कुंजापुरी समेत अन्य प्रस्तावित रोपवे परियोजनाओं की स्थिति पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने लंबित प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए। भूमि और अन्य विभागीय मामलों में जिलाधिकारियों को प्रभावी समन्वय स्थापित कर जल्द समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया।

इसके अलावा हरिद्वार की इंटीग्रेटेड रोपवे परियोजना और त्रिवेणी घाट-नीलकंठ रोपवे से संबंधित प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई।

पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए रोपवे कनेक्टिविटी राज्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इससे धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होने के साथ ही सड़क मार्गों पर यातायात का दबाव कम होगा।

उन्होंने कहा कि रोपवे परियोजनाओं के विस्तार से पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजनाओं में यात्रियों की सुरक्षा, पर्यावरणीय संतुलन और भविष्य की जरूरतों को प्राथमिकता में रखा जाए।

बैठक में अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, धीराज गर्ब्याल समेत संबंधित विभागों और कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी मौजूद रहे। कई अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।


जनसुनवाई में 20 शिकायतें प्राप्त, अधिकांश का मौके पर ही निस्तारण

बागेश्वर। जिलाधिकारी अपूर्वा पाण्डे की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जनसुनवाई आयोजित की गई। जनसुनवाई में सड़क, बिजली, पेयजल, जंगली जानवरों के आतंक, पेंशन समेत विभिन्न समस्याओं से संबंधित 20 शिकायतें प्राप्त हुईं। अधिकांश शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि शेष शिकायतें संबंधित अधिकारियों को हस्तांतरित करते हुए समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए गए।

बिजली के बढ़े हुए बिल की शिकायत पर जिलाधिकारी ने एसडीओ यूपीसीएल को तत्काल बिल दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। पीएमजीएसवाई को बोरब्लड़ा मोटर मार्ग को एक सप्ताह के भीतर सुचारू करने को कहा गया। वहीं, दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सीएमओ को बोरब्लड़ा में एएनएम की ड्यूटी निर्धारित करने और सीएचओ की तैनाती के संबंध में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

नगर क्षेत्र में जलभराव की समस्या पर जिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारी को नालियों की सफाई और जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इस दौरान डीएम ने सीएम हेल्पलाइन एवं ‘हेलो बागेश्वर’ पर लंबित शिकायतों की भी समीक्षा की। यूपीसीएल की 36 दिन से अधिक समय से लंबित तीन शिकायतों पर संबंधित अधिकारियों को शिकायतकर्ताओं से वार्ता कर तत्काल निस्तारण के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी अपूर्वा पाण्डे ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत पर त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि आमजन को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।


चीनी की जमाखोरी और कालाबाजारी पर शिकंजा, पौड़ी में 11 टीमों ने की छापेमारी

पौड़ी। चीनी की जमाखोरी, अवैध भंडारण और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने निगरानी तेज कर दी है। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देश पर खाद्य एवं पूर्ति विभाग की 11 टीमों ने जिले के अलग-अलग बाजारों में अभियान चलाकर खाद्य दुकानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान दुकानों में चीनी के स्टॉक और उसकी उपलब्धता की जांच की गई।

जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार वर्मा ने बताया कि विभागीय टीमों ने कोटद्वार, पौड़ी, श्रीनगर, पाबौ, लैंसडाउन, सतपुली, लक्ष्मणझूला, चौबट्टाखाल, रिखणीखाल, दुगड्डा और उफरैंखाल के बाजारों में दुकानों की जांच की।

निरीक्षण के दौरान व्यापारियों को निर्धारित नियमों का पालन करने और जरूरत से अधिक चीनी का भंडारण नहीं करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यापारी के कालाबाजारी या अवैध बिक्री में शामिल पाए जाने पर उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि आम उपभोक्ताओं को आवश्यक खाद्य सामग्री की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए बाजारों में लगातार निगरानी की जा रही है।

उन्होंने कहा कि आगे भी नियमित जांच के साथ अचानक निरीक्षण अभियान जारी रहेगा। चीनी का अवैध भंडारण, जमाखोरी या कालाबाजारी करते पाए जाने वाले व्यापारियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


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