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मानसून समाप्त होते ही प्रदेशभर में सड़क मरम्मत और सुधार कार्य युद्धस्तर पर शुरू किए जाएं- मुख्यमंत्री

Category Archives: उत्तराखंड

मानसून समाप्त होते ही प्रदेशभर में सड़क मरम्मत और सुधार कार्य युद्धस्तर पर शुरू किए जाएं- मुख्यमंत्री

देहरादून। प्रदेश में सड़कों की बदहाल स्थिति को सुधारने के लिए सरकार ने व्यापक स्तर पर अभियान चलाने की तैयारी शुरू कर दी है। मंगलवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों की स्थिति तथा उनके सुधार को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में लोक निर्माण विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) समेत विभिन्न विभागों और संस्थाओं के अधीन आने वाली सड़कों के सुधार के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी पुरानी पीएमजीएसवाई सड़कों, जिनकी अनुरक्षण अवधि समाप्त हो चुकी है और नियमित रखरखाव नहीं हो पा रहा है, उनकी मरम्मत के लिए राज्य सरकार आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराने पर विचार करेगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून समाप्त होते ही प्रदेशभर में सड़क मरम्मत और सुधार कार्य युद्धस्तर पर शुरू किए जाएं। इसके लिए संबंधित विभाग अभी से तैयारियां पूरी करें और निविदा प्रक्रिया समय से पूरी कर लें, ताकि बारिश थमते ही निर्माण कार्य शुरू करने में कोई देरी न हो।

बैठक में नगर निगम, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायत क्षेत्रों की सड़कों के सुधार पर भी विशेष जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय निकायों को सड़क सुधार के लिए आवश्यक संसाधन और धनराशि उपलब्ध कराई जाए, ताकि शहरी क्षेत्रों की सड़कों को भी प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त किया जा सके।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वह अक्टूबर से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों का सड़क मार्ग से भ्रमण करेंगे। उन्होंने अधिकारियों को विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए सड़क सुधार की समयबद्ध और प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की शहरी और ग्रामीण सड़कों को बेहतर, सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों को मिलकर काम करना होगा।


पटना में BPSC परीक्षा को लेकर जोरदार प्रदर्शन, सरकार से बातचीत की मांग पर अड़े अभ्यर्थी

परीक्षा में गड़बड़ी की जांच की उठी मांग

पटना। 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) परीक्षा को लेकर बिहार में छात्रों का आंदोलन एक बार फिर तेज हो गया है। मंगलवार को बड़ी संख्या में छात्र गांधी मैदान से राजभवन की ओर मार्च करने निकले। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की ओर से लगाए गए बैरिकेड पार कर आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस ने प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी।

छात्र 70वीं BPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों की जांच की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उनकी मांगों पर सरकार को स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए।

बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश

गांधी मैदान से मार्च शुरू होने के बाद प्रदर्शनकारी राजभवन की तरफ बढ़े। पुलिस ने रास्ते में बैरिकेड लगाकर उन्हें प्रतिबंधित क्षेत्र में जाने से रोकने का प्रयास किया। इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश की। स्थिति को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया।

पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से निर्धारित क्षेत्र में ही रहने की अपील की। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी स्थिति में प्रदर्शनकारियों को प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।

बातचीत के बाद भी नहीं बनी सहमति

DSP कामाख्या नारायण सिंह ने कहा कि छात्रों के प्रतिनिधियों के साथ वरिष्ठ अधिकारियों की बातचीत सकारात्मक रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रदर्शनकारी प्रशासन की अपील मानेंगे। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि छात्र आगे बढ़ने का प्रयास करते हैं तो पुलिस उन्हें रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी।

TRE-4 को लेकर भी छात्रों की नाराजगी

प्रदर्शन में शामिल छात्रों की मांगें केवल 70वीं BPSC परीक्षा तक सीमित नहीं हैं। कांग्रेस नेता सुशील कुमार ने कहा कि छात्र शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4.0 की प्रक्रिया में बदलाव की भी मांग कर रहे हैं। छात्रों की मांग है कि TRE-4 की परीक्षा सिंगल स्टेज में कराई जाए और नेगेटिव मार्किंग की व्यवस्था समाप्त की जाए।

उन्होंने सरकार से छात्रों के प्रतिनिधिमंडल को मुख्यमंत्री के साथ बातचीत का अवसर देने की मांग की। सुशील कुमार के मुताबिक, कई छात्र पिछले कुछ दिनों से भूख हड़ताल पर हैं और सरकार को उनकी समस्याओं पर तत्काल ध्यान देना चाहिए।

70वीं BPSC परीक्षा रद्द करने की मांग

आंदोलनकारी छात्र 70वीं BPSC परीक्षा को रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने की मांग पर कायम हैं। उनका आरोप है कि परीक्षा में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं और पेपर लीक से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच जरूरी है। इसके साथ ही छात्र TRE-4 की परीक्षा प्रक्रिया और आधिकारिक विज्ञापन से जुड़ी स्थिति स्पष्ट करने की मांग भी कर रहे हैं।

तेजस्वी यादव ने सरकार से बातचीत की अपील की

BPSC विवाद के बीच बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखकर छात्रों की मांगों पर सकारात्मक पहल करने की अपील की है। उन्होंने सरकार से प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ बातचीत कर जल्द समाधान निकालने की मांग की।

तेजस्वी यादव ने TRE-4 परीक्षा को एक चरण में कराने के साथ BPSC सिविल सेवा मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू में हिंदी भाषी अभ्यर्थियों से जुड़े कथित भेदभाव को खत्म करने की मांग भी उठाई।

भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग

तेजस्वी यादव ने BPSC, BSSC, सब-इंस्पेक्टर और कांस्टेबल समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने पिछली परीक्षाओं में सामने आई कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही।

उन्होंने लंबित भर्ती परीक्षाओं की तारीखों को लेकर स्पष्ट और समयबद्ध कैलेंडर जारी करने की भी मांग की। इस बीच छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए पटना में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है और पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों को प्रतिबंधित क्षेत्र में जाने से रोकने की कोशिश कर रही है।


सहसपुर में फिर शुरू होगी बंद पड़ी सिलाई यूनिट, ग्रामीण महिलाओं को मिलेंगे रोजगार के नए अवसर

आधुनिक मशीनों से लैस होगा सहसपुर का कॉमन फैसिलिटी सेंटर

देहरादून। जिला प्रशासन देहरादून की पहल से सहसपुर में लंबे समय से बंद पड़ी कॉमन फैसिलिटी सेंटर की सिलाई यूनिट को अब दोबारा शुरू किया जा रहा है। आधुनिक मशीनों से लैस इस केंद्र के उद्घाटन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। केंद्र के संचालन की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सौंपी जाएगी, जिससे क्षेत्र की ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।

सहसपुर ब्लॉक के निकट जिला उद्योग केंद्र में वर्ष 2024 में स्थापित की गई सिलाई यूनिट को अब आस्था कलेक्टर लेवल फेडरेशन, सहसपुर ब्लॉक को सौंपा गया है। केंद्र में करीब 25 से 30 आधुनिक सिलाई मशीनें उपलब्ध हैं। योजना के तहत महिलाओं को सिलाई का प्रशिक्षण देने के साथ उन्हें उत्पादन और बाजार से जोड़ा जाएगा।

विभिन्न उत्पाद तैयार करेंगी महिलाएं

शुरुआत में यूनिट का इस्तेमाल ग्रामीण महिलाओं को सिलाई प्रशिक्षण देने के लिए किया जाता था, लेकिन कुछ समय बाद इसका संचालन बंद हो गया। अब जिला प्रशासन ने इसे फिर से सक्रिय करते हुए कॉमन फैसिलिटी सेंटर के रूप में विकसित किया है। यहां स्वयं सहायता समूह की महिलाएं जूट बैग, स्कूल ड्रेस, कार कवर, बाइक सीट कवर समेत कई अन्य उत्पाद तैयार करेंगी।

निजी कंपनियों से ऑर्डर दिलाने की तैयारी

प्रशासन की ओर से महिलाओं के उत्पादों की डिजाइन और गुणवत्ता को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही निजी कंपनियों से संपर्क कर स्वयं सहायता समूहों को नियमित ऑर्डर दिलाने की तैयारी है। भविष्य में सेलाकुई सहित आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों से बड़े स्तर पर बल्क ऑर्डर प्राप्त करने का प्रयास किया जाएगा। इससे महिलाओं को लगातार काम मिलने के साथ उनकी आमदनी बढ़ाने में मदद मिलेगी।

‘लखपति दीदी’ बनने की दिशा में अहम पहल

जिला प्रशासन का उद्देश्य महिलाओं को केवल प्रशिक्षण तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें उत्पादन, बाजार और नियमित आय से जोड़ना है। आधुनिक मशीनों और बाजार की उपलब्धता से ग्रामीण महिलाएं अपने स्तर पर स्वरोजगार शुरू कर सकेंगी। प्रशासन को उम्मीद है कि यह केंद्र सहसपुर क्षेत्र की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने और उन्हें ‘लखपति दीदी’ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

आधुनिक मशीनों का होगा बेहतर उपयोग : सीडीओ

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने बताया कि सहसपुर का कॉमन फैसिलिटी सेंटर पहले प्रशिक्षण केंद्र के रूप में संचालित हो रहा था। अब इसे स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के माध्यम से संचालित किया जाएगा और इसके लिए क्लस्टर का चयन भी कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र में उपलब्ध आधुनिक मशीनों का बेहतर उपयोग होगा और महिलाओं को जूट बैग, स्कूल ड्रेस समेत विभिन्न उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी।

आधुनिक मशीनें बढ़ाएंगी महिलाओं की आय

जिला परियोजना प्रबंधक रीप सोनम गुप्ता ने बताया कि सहसपुर बैरियर के पास जिला उद्योग केंद्र की ओर से स्थापित इस कॉमन फैसिलिटी सेंटर में आधुनिक सिलाई मशीनें उपलब्ध हैं। जिला प्रशासन की पहल पर अब इन मशीनों को स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सौंपने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि सहसपुर ब्लॉक की कई ग्रामीण महिलाएं पहले से सिलाई के काम में दक्ष हैं। आधुनिक मशीनों और बेहतर बाजार उपलब्ध होने से उन्हें रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और उनकी आय में भी बढ़ोतरी होगी।


मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने पर जोर, डीएम ने ईआरओ और बीएलओ को दिए सख्त निर्देश

एसआईआर कार्य में पारदर्शिता एवं शुद्धता के साथ करें नोटिसों की सुनवाई- डीएम

देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग के निर्धारित कार्यक्रम के तहत 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर प्रदेश में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य की जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने समीक्षा की। कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित बैठक में मतदाताओं को जारी किए जा रहे नोटिस, उनकी सुनवाई, अनोमलीज और नो-मैपिंग से जुड़े मामलों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई।

जिलाधिकारी ने सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ) को निर्देश दिए कि वे राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ लगातार बैठक और समन्वय बनाए रखें, ताकि एसआईआर प्रक्रिया से संबंधित जरूरी जानकारी समय पर सभी पक्षों तक पहुंच सके। उन्होंने बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के कार्यों की नियमित और प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को भी कहा।

डीएम ने कहा कि अनोमलीज अथवा नो-मैपिंग की स्थिति सामने आने पर मतदाताओं को घबराने की जरूरत नहीं है। निर्धारित प्रक्रिया के तहत संबंधित मतदाताओं को अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर दिया जा रहा है। मतदाता आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत कर अपना पक्ष रख सकते हैं। दस्तावेजों के नियमानुसार परीक्षण और सत्यापन के बाद पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे।

उन्होंने अधिकारियों और बीएलओ को निर्देशित किया कि मतदाताओं को एसआईआर प्रक्रिया, नोटिस की स्थिति, सुनवाई की प्रक्रिया और आवश्यक अभिलेखों के संबंध में स्पष्ट एवं सही जानकारी उपलब्ध कराई जाए। किसी भी मतदाता को प्रक्रिया को लेकर अनावश्यक भ्रम या असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखने को कहा गया।

जिलाधिकारी ने दावे और आपत्तियों का निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एसआईआर की पूरी प्रक्रिया में भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जाए तथा कार्य में पारदर्शिता, शुद्धता और समयबद्धता बनाए रखी जाए।

बैठक में डीएम ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से भी एसआईआर अभियान में प्रशासन और निर्वाचन तंत्र का सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का शुद्ध एवं त्रुटिरहित होना निर्वाचन प्रक्रिया की विश्वसनीयता के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। सभी अधिकारी और कर्मचारी पूरी गंभीरता एवं जिम्मेदारी के साथ निर्धारित समयसीमा में एसआईआर से संबंधित कार्य पूरा करें।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नरेन्द्र देवली सहित सीपीआई(एम) से अनंत आकाश, कांग्रेस से डॉ. जसविन्दर सिंह, आम आदमी पार्टी से कमल राना और बहुजन समाज पार्टी से सतेन्द्र सिंह उपस्थित रहे। जनपद के सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से बैठक में जुड़े।


त्योहारी सीजन में मिलावटखोरी पर प्रशासन सख्त, मिठाई की दुकानों और डेयरी पर ताबड़तोड़ छापेमारी

मिलावटखोरों पर होगी कड़ी कार्रवाई

देहरादून। त्योहारी सीजन को देखते हुए खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने और लोगों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक अभियान शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने संबंधित अधिकारियों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर कड़ी निगरानी रखने और मिलावटखोरी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि आमजन के स्वास्थ्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी क्रम में जिले के छोटे-बड़े सभी खाद्य प्रतिष्ठानों, मिठाई की दुकानों, डेयरी, कैंटीन और रेस्टोरेंट में नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से जुड़ी शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं।

जिलाधिकारी के निर्देश पर उप जिलाधिकारी सदर अपूर्वा सिंह के नेतृत्व में जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों में छापेमारी एवं निरीक्षण किया। टीम ने दुकानों में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, साफ-सफाई, रख-रखाव और खाद्य सुरक्षा मानकों का जायजा लिया। इस दौरान विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने भी लिए गए, जिन्हें नियमानुसार जांच के लिए भेजा जा रहा है।

अभियान के तहत आनंदम स्वीट्स, 5 स्टार, कोहली स्वीट्स, कालरा स्वीट्स समेत अन्य बड़े खाद्य एवं डेयरी प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। कार्रवाई के दौरान मिठाइयों और अन्य खाद्य सामग्री के नमूने संकलित किए गए।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि त्योहारी सीजन के दौरान सैंपलिंग और निरीक्षण की कार्रवाई लगातार जारी रखी जाए। जांच रिपोर्ट के आधार पर खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

जिला प्रशासन ने लोगों से भी अपील की है कि त्योहारी सीजन में मिठाई और अन्य खाद्य सामग्री खरीदते समय गुणवत्ता, स्वच्छता और प्रतिष्ठान की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। किसी भी प्रकार की मिलावट या अनियमितता की जानकारी मिलने पर संबंधित विभाग को इसकी सूचना दें।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा और मिलावटखोरी के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।


उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट, देहरादून समेत चार जिलों में येलो अलर्ट

देहरादून। उत्तराखंड में मानसून का असर लगातार बना हुआ है। मंगलवार को भी प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विज्ञान केंद्र ने देहरादून, पिथौरागढ़, नैनीताल और बागेश्वर के कुछ हिस्सों में तेज बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के अनुसार इन जिलों के अलावा प्रदेश के अन्य इलाकों में भी बारिश के तेज दौर देखने को मिल सकते हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर सड़क और यातायात प्रभावित होने की संभावना बनी हुई है।

पूर्वानुमान के मुताबिक अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में मौसम का मिजाज इसी तरह बना रह सकता है। 30 अगस्त तक कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। ऐसे में लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और जरूरी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।


लापरवाह अफसरों की तय होगी जिम्मेदारी, सीईओ ने SIR की समीक्षा में दिए सख्त निर्देश

देहरादून। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने सोमवार को कुमाऊं एवं गढ़वाल मंडल के आयुक्तों तथा देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर के जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक की। बैठक में दावे एवं आपत्तियों के निस्तारण की प्रगति और आगे की कार्ययोजना पर जिलेवार चर्चा की गई।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी दावे एवं आपत्तियों की नियमानुसार सुनवाई सुनिश्चित की जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय करते हुए यथोचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जिलाधिकारियों को राजनैतिक दलों और मीडिया के साथ नियमित संवाद बनाए रखने के भी निर्देश दिए।

समीक्षा के दौरान सभी जनपदों के जिला निर्वाचन अधिकारियों से फार्म-6, फार्म-7 और फार्म-8 के निस्तारण की प्रगति की जानकारी ली गई। सीईओ ने कहा कि जिन बूथों पर 4 प्रतिशत से अधिक परिवर्धन अथवा 2 प्रतिशत से अधिक अपमार्जन की संभावना है, वहां संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) व्यक्तिगत रूप से निरीक्षण एवं समीक्षा करते हुए नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत और गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप द्वारा हाल में किए गए जनपद भ्रमण का फीडबैक भी लिया। उन्होंने दोनों मंडलायुक्तों को लगातार फील्ड विजिट करते हुए SIR अभियान की प्रगति की निगरानी करने के निर्देश दिए।

बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चंद्र दुम्का, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास सहित दोनों मंडलायुक्त और संबंधित जिलाधिकारी मौजूद रहे।


धामी सरकार का विकास पर फोकस, मास्टर प्लान से अवैध निर्माण तक आवास विभाग की समीक्षा

सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने प्राधिकरणों के अधिकारियों के साथ की योजनाओं और विकास कार्यों की समीक्षा

देहरादून:  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के क्रम में सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार ने सोमवार को आवास विभाग से संबंधित राज्य के विभिन्न प्राधिकरणों के उपाध्यक्ष, सचिव एवं अन्य अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में शहरों के सुनियोजित विकास, मास्टर प्लान, प्रधानमंत्री आवास योजना, नागरिक शिकायतों के त्वरित निस्तारण, नजूल नीति, एकल समाधान योजना (OTS), अवैध निर्माण और RERA से जुड़े कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई।

सचिव ने अधिकारियों को विकास योजनाओं में तेजी लाने के साथ ही कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं का वास्तविक लाभ आम जनता तक पहुंचाने के लिए विभागीय स्तर पर प्रभावी मॉनिटरिंग आवश्यक है। किसी भी योजना के क्रियान्वयन में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।

मास्टर प्लान को मिलेगी गति

बैठक में विभिन्न जनपदों और नगरों के मास्टर प्लान की प्रगति और अद्यतन स्थिति पर विशेष चर्चा हुई। सचिव ने कहा कि शहरों के सुनियोजित और संतुलित विकास के लिए मास्टर प्लान महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मास्टर प्लान से जुड़े कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा करने तथा भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नियोजित विकास पर फोकस करने के निर्देश दिए।

पीएम आवास योजना की प्रगति पर जोर

प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा करते हुए सचिव ने पात्र लाभार्थियों तक आवासीय सुविधाओं का लाभ समय पर पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बनाए रखने और सभी प्रक्रियाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने पर जोर दिया।

नागरिक शिकायतों का हो त्वरित निस्तारण

सचिव ने नागरिक शिकायतों और आवंटियों से संबंधित प्रकरणों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आम जनता से जुड़े मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। प्रत्येक शिकायत एवं प्रकरण का नियमानुसार समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

नजूल नीति, OTS और अवैध निर्माण पर सख्ती

समीक्षा बैठक में नजूल नीति और एकल समाधान योजना (OTS) से जुड़े मामलों की जानकारी ली गई। इसके साथ ही अवैध निर्माण के खिलाफ की जा रही कार्रवाई की भी समीक्षा हुई। सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई की जाए।

उन्होंने शहरों में अनियोजित और अवैध निर्माण पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए लगातार निगरानी और प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

RERA के कार्यों की भी समीक्षा

बैठक में RERA से जुड़े कार्यों की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा की गई। रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता, परियोजनाओं की निगरानी और संबंधित प्रकरणों के समयबद्ध निस्तारण को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप आवास विभाग से जुड़ी योजनाओं और विकास कार्यों को गति देना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पूरे किए जाएं, ताकि आम जनता को बेहतर सुविधाओं का लाभ मिल सके।


नवीन आढ़त बाजार का निर्माण पूरा, सितंबर तक प्लॉट आवंटन के निर्देश

देहरादून। धर्मपुर विधायक विनोद चमोली ने एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के साथ आढ़त बाजार का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान प्राधिकरण की टीम ने बाजार में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी दी। वर्तमान में नवीन आढत बाजार का कार्य पूर्ण किया जा चुका है।

विधायक ने एमडीडीए की ओर से किए जा रहे कार्यों पर संतोष जताते हुए अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया को लेकर विशेष रूप से चर्चा हुई। विधायक विनोद चमोली ने निर्देश दिए कि आढ़त बाजार में आवंटन की प्रक्रिया को सितंबर माह तक हर हाल में पूरा कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि प्रक्रिया में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और संबंधित लोगों को समयबद्ध तरीके से सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

पार्किंग शुल्क हो निर्धारित
आढ़त बाजार में पार्किंग व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बाजार में पार्किंग शुल्क निर्धारित करने को कहा गया, ताकि पार्किंग व्यवस्था को व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा सके। साथ ही आसपास रहने वाले स्थानीय लोगों को राहत देते हुए उनके लिए पार्किंग सुविधा निशुल्क रखने के निर्देश दिए गए।

NHAI से समन्वय कर हो विकास
निरीक्षण के दौरान बाजार के आसपास यातायात व्यवस्था को लेकर भी चर्चा हुई। विधायक ने अधिकारियों को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के साथ आवश्यक सामंजस्य स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आढ़त बाजार और आसपास के क्षेत्र को इस तरह विकसित किया जाए, जिससे यातायात सुचारु रहे और स्थानीय लोगों के साथ व्यापारियों को भी बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

एमडीडीए के कार्यों पर जताया संतोष
विधायक विनोद चमोली ने कहा कि आढ़त बाजार के विकास को लेकर एमडीडीए द्वारा किए जा रहे कार्य संतोषजनक हैं। उन्होंने कहा कि बाजार के व्यवस्थित विकास से व्यापारियों और स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने अधिकारियों से विकास कार्यों की गुणवत्ता के साथ समयसीमा का भी विशेष ध्यान रखने को कहा।

समयबद्ध तरीके से होंगे कार्य
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि आढ़त बाजार का विकास प्राधिकरण की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाजार से संबंधित सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरे किए जाएं। पार्किंग, यातायात और अन्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा। एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों के अनुसार संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। आवंटन प्रक्रिया को सितंबर तक पूरा करने के साथ ही पार्किंग और यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

विधायक विनोद चमोली का बयान
धर्मपुर विधायक विनोद चमोली ने कहा कि आढ़त बाजार के विकास और पुनर्व्यवस्थापन को लेकर एमडीडीए द्वारा किए जा रहे कार्य संतोषजनक हैं। बाजार के विकास से स्थानीय व्यापारियों और क्षेत्रवासियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया सितंबर माह तक हर हाल में पूरी की जाए। पार्किंग शुल्क निर्धारित करने के साथ आसपास रहने वाले लोगों के लिए पार्किंग निशुल्क रखने के निर्देश दिए गए हैं। NHAI के साथ समन्वय स्थापित कर बाजार और आसपास के क्षेत्र को यातायात की दृष्टि से भी व्यवस्थित तरीके से विकसित किया जाए।

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि आढ़त बाजार को बेहतर और व्यवस्थित स्वरूप देने के लिए प्राधिकरण पूरी गंभीरता से काम कर रहा है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को सभी कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया सितंबर तक पूरी करने का लक्ष्य है। पार्किंग और यातायात व्यवस्था को सुविधाजनक बनाने के साथ स्थानीय लोगों की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा। NHAI समेत संबंधित विभागों से समन्वय कर बाजार का समग्र विकास सुनिश्चित किया जाएगा।

एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि आढ़त बाजार के विकास कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाएगा। आवंटन प्रक्रिया सितंबर तक पूरी करने के निर्देशों पर कार्रवाई की जा रही है। पार्किंग और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए भी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।


त्योहारी सीजन से पहले मिठाई-डेयरी दुकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी, कई खाद्य पदार्थों के लिए सैंपल

देहरादून। त्योहारी सीजन को देखते हुए खाद्य पदार्थों में मिलावट पर रोक लगाने और आमजन को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए देहरादून जिला प्रशासन ने बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखने और मिलावटखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

जिलाधिकारी के निर्देश पर उप जिलाधिकारी सदर अपूर्वा सिंह के नेतृत्व में जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न प्रतिष्ठित खाद्य प्रतिष्ठानों, मिठाई की दुकानों, डेयरी, कैंटीन और रेस्टोरेंट में छापेमारी एवं निरीक्षण किया।

अभियान के दौरान आनंदम स्वीट्स, 5 स्टार, कोहली स्वीट्स, कालरा स्वीट्स समेत अन्य बड़े खाद्य एवं डेयरी प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। टीम ने प्रतिष्ठानों में उपलब्ध खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, साफ-सफाई, रखरखाव और खाद्य सुरक्षा मानकों की जांच की। इस दौरान मिठाइयों एवं अन्य खाद्य पदार्थों के सैंपल भी लिए गए, जिन्हें नियमानुसार जांच के लिए भेजा जा रहा है।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर यदि किसी खाद्य प्रतिष्ठान में मिलावट अथवा खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि त्योहारी सीजन के दौरान सैंपलिंग और निरीक्षण का अभियान लगातार जारी रखा जाए। साथ ही आमजन से अपील की गई है कि मिठाई एवं अन्य खाद्य सामग्री खरीदते समय गुणवत्ता, स्वच्छता और पैकेजिंग का विशेष ध्यान रखें तथा मिलावट या किसी अन्य अनियमितता की जानकारी संबंधित विभाग को दें।


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