Thursday, September 10th, 2026

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पौड़ी में रोजगार मेले में 18 अभ्यर्थियों का चयन, 90 द्वितीय चरण के साक्षात्कार के लिए चयनित

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पौड़ी में रोजगार मेले में 18 अभ्यर्थियों का चयन, 90 द्वितीय चरण के साक्षात्कार के लिए चयनित

पौड़ी- जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया के निर्देशन में सेवायोजन विभाग द्वारा जनपद के शिक्षित बेरोजगार युवक-युवतियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गुरुवार को राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) परिसर में रोजगार मेले का आयोजन किया गया। रोजगार मेले में निजी क्षेत्र की 10 प्रतिष्ठित कंपनियों ने प्रतिभाग कर विभिन्न पदों के लिए अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लिया।

क्षेत्रीय सेवायोजन अधिकारी लैंसडाउन अजय सिंह ने बताया कि रोजगार मेले में आरएसपीएल, युवा शक्ति फाउंडेशन, सी-पेट, मारुति सुजुकी, क्वेसकॉर्प, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस, कैम्प-108, वैभव ग्लोबल लिमिटेड, टीटीके टाइटन सहित कुल 10 कंपनियां शामिल हुईं। कंपनियों द्वारा ऑपरेटर, ट्रेनी, इंजीनियर, सेल्स एवं मार्केटिंग मैनेजर तथा फील्ड स्टाफ सहित विभिन्न पदों के लिए अभ्यर्थियों का चयन किया गया।

उन्होंने बताया कि रोजगार मेले में जनपद के कुल 300 अभ्यर्थियों ने प्रतिभाग किया। साक्षात्कार प्रक्रिया के उपरांत विभिन्न नियोजकों द्वारा 18 अभ्यर्थियों का अंतिम रूप से चयन किया गया, जबकि 90 अभ्यर्थियों को द्वितीय चरण के साक्षात्कार के लिए चयनित किया गया।

रोजगार मेले के माध्यम से स्थानीय शिक्षित बेरोजगार युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ ही अभ्यर्थियों और नियोजकों के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का प्रभावी मंच मिला। विभाग द्वारा युवाओं को उनकी योग्यता एवं कौशल के अनुरूप रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए इस प्रकार के आयोजनों को निरंतर बढ़ावा दिया जा रहा है।


पौड़ी में गूंजा गोविंद वल्लभ पंत के त्याग, संघर्ष और राष्ट्रसेवा का संदेश

पौड़ी में भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत की 139वीं जयंती पर विविध कार्यक्रमों की रही धूम, छात्र-छात्राओं और युवाओं ने बिखेरी प्रतिभा

जिलाधिकारी सहित अधिकारियों ने किया पंत जी को नमन, छात्र-छात्राओं ने प्रस्तुतियों से जीवंत किया उनका जीवन

पौड़ी- स्वतंत्रता आंदोलन के अग्रणी सेनानी, कुशल प्रशासक और उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत की 139वीं जयंती पर जनपद पौड़ी गढ़वाल में श्रद्धा, उत्साह और उमंग का माहौल रहा। जनपद में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में पंत जी के संघर्ष, त्याग, ईमानदारी और राष्ट्रसेवा को याद करते हुए उनके आदर्शों को आत्मसात करने का संदेश दिया गया। छात्र-छात्राओं ने लोकनृत्य, गीत, कविता और लघु नाटिका के माध्यम से उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को जीवंत किया, जबकि विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों और युवाओं को सम्मानित कर उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित किया गया।

जी.बी. पंत इंजीनियरिंग कॉलेज घुड़दौड़ी में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया, मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी, कॉलेज के प्राचार्य डॉ वी के बंगा सहित अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों और छात्र-छात्राओं ने पंडित गोविंद बल्लभ पंत की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान जिलाधिकारी ने कॉलेज के छात्र-छात्राओं द्वारा लगायी गयी चित्रकला प्रदर्शनी का अवलोकन किया और विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने चित्रों में आधुनिक तकनीक, पर्यावरण एवं समसामयिक विषयों के रचनात्मक प्रस्तुतिकरण की सराहना करते हुए विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा को निरंतर निखारने और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने के लिए प्रेरित किया।

इसके बाद जिला प्रशासन एवं संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में जिला कार्यालय प्रांगण में मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां पंडित गोविंद बल्लभ पंत के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके स्वतंत्रता संग्राम, राष्ट्र निर्माण और प्रशासनिक योगदान को याद किया गया। कार्यक्रम में नेहरू मोंटेसरी स्कूल पौड़ी की छात्राओं ने पंत जी के जीवनवृत्त पर आधारित लोकनृत्य एवं गीत की मनमोहक प्रस्तुति दी। वहीं, जीजीआईसी पौड़ी की छात्राओं ने लघु नाटिका के माध्यम से उनके जीवन संघर्ष और राष्ट्रसेवा की प्रेरणादायी यात्रा को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। साथ ही आदर्श प्राथमिक विद्यालय संख्या-5 की नन्हीं बालिका ने कविता पाठ कर पंत जी को श्रद्धांजलि दी। छात्र-छात्राओं की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों में उत्साह और उमंग का संचार किया।

जिलाधिकारी ने सभी को पंडित गोविंद बल्लभ पंत जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पंत जी का जीवन त्याग, संघर्ष, ईमानदारी और राष्ट्रसेवा की प्रेरणादायी मिसाल है। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ ही प्रशासनिक एवं सामाजिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनका जीवन आज की युवा पीढ़ी को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित होकर आगे बढ़ने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की प्रेरणा देता है। उन्होंने शिक्षकों एवं अभिभावकों से बच्चों को महान व्यक्तित्वों के जीवन और आदर्शों से परिचित कराने तथा उनसे प्रेरणा लेने के लिए प्रोत्साहित करने की बात कही।

ज़िलाधिकारी ने कहा कि पंत जी की जयंती हम सभी के लिए गौरव का अवसर है। उनके आदर्शों को जीवन में अपनाकर समाज और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने सभी छात्र-छात्राओं की सहभागिता को सुनिश्चित करने के लिए उनके साथ संवाद करते हुए पंडित गोविंद बल्लभ पंत के जीवन एवं योगदान से संबंधित प्रश्न पूछे। सेंट थॉमस स्कूल की छात्रा आयत अंसारी तथा राजमती देवी सरस्वती विद्या मंदिर तिमली की छात्रा दीपिका रावत ने सही उत्तर देकर पुरस्कार प्राप्त किए।

जयंती के उपलक्ष्य में पौड़ी नगर के विद्यालयों में आयोजित चित्रकला, निबंध एवं भाषण प्रतियोगिताओं के जूनियर एवं सीनियर वर्ग के विजेता छात्र-छात्राओं को भी पुरस्कृत किया गया। सीनियर वर्ग की चित्रकला प्रतियोगिता में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज पौड़ी की मानवी ने प्रथम, शादमानी ने द्वितीय तथा राजमती देवी सरस्वती विद्या मंदिर तिमली के सक्षम रावत ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। निबंध प्रतियोगिता में राजमती देवी सरस्वती विद्या मंदिर तिमली के प्रियांशु जाटव प्रथम, राजकीय इंटर कॉलेज पौड़ी की पूनम द्वितीय तथा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज पौड़ी की मानसी मन्द्रवाल तृतीय रहीं। साथ ही भाषण प्रतियोगिता में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज पौड़ी की निहारिका प्रथम, राजकीय इंटर कॉलेज पौड़ी के मानव द्वितीय तथा राजमती देवी सरस्वती विद्या मंदिर तिमली की दीपिका रावत तृतीय रहीं।

जूनियर वर्ग की चित्रकला प्रतियोगिता में राजकीय इंटर कॉलेज पौड़ी के कार्तिक प्रथम, डीएवी पौड़ी की सौम्या जोशी द्वितीय तथा डीएवी इंटर कॉलेज पौड़ी की साफिया तृतीय रहीं। निबंध प्रतियोगिता में डीएवी इंटर कॉलेज पौड़ी की किरन प्रथम, नेहरू मोंटेसरी स्कूल पौड़ी की मिष्टी रावत द्वितीय तथा इसी विद्यालय की वंशिका डोभाल तृतीय रहीं।

इसके उपरांत युवा कल्याण विभाग में डिजिटल युवा महोत्सव के अंतर्गत आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवाओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पुश-अप/स्क्वाट चैलेंज में जुबिन नौटियाल ने प्रथम, अक्षत ने द्वितीय तथा सार्थक बडोला ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। सांस्कृतिक चैलेंज की ‘माई उत्तराखण्ड माई प्राइड’ प्रतियोगिता में अंजू रावत प्रथम, वंशिका नेगी द्वितीय तथा तनुजा रावत तृतीय रहीं। स्किपिंग प्रतियोगिता में अरमान कुमार प्रथम, गौरी द्वितीय तथा साहिल तृतीय रहे। युवा फोटोग्राफी प्रतियोगिता में मानसी नेगी प्रथम, विकास चन्द्र द्वितीय तथा तनुजा तृतीय रहीं। फिटनेस फिनाले में मुस्कान नेगी प्रथम, अक्षत द्वितीय तथा हिमांशु रावत तृतीय रहे, जबकि ‘वन मिनट वन स्किल’ प्रतियोगिता में आयुष सिंह ने प्रथम, अंकित ने द्वितीय तथा सचिन सिंह ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

जिलाधिकारी ने सभी विजेता प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ ही स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, रचनात्मकता और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का मंच प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा और प्रतिभा को सकारात्मक दिशा देना समाज और राष्ट्र की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देने वाले छात्र-छात्राओं को भी जिलाधिकारी द्वारा सम्मानित किया गया। पंडित गोविंद बल्लभ पंत की जयंती के अवसर पर जनपद के विभिन्न विद्यालयों एवं अन्य स्थानों पर भी विविध कार्यक्रम आयोजित कर उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद किया गया।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी एफ.आर. चौहान, संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात, जिला शिक्षाधिकारी (प्राथमिक) अंशुल बिष्ट, भातखंडे हिंदुस्तानी संगीत महाविद्यालय के प्रधानाचार्य अनिरुद्ध सिंह बिष्ट, जिला आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी डॉ शैलेन्द्र पाण्डेय, जिला युवा कल्याण अधिकारी पंकज तिवारी, जिला खेल अधिकारी प्रदीप कुमार, जिला खेल समन्वयक योगंबर नेगी, संजय बलूनी, नरेंद्र टम्टा, विनय शर्मा, दीपेंद्र रावत सहित विभिन्न अधिकारी, कर्मचारी, शिक्षक, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।


पं. गोविंद बल्लभ पंत के आदर्शों को आत्मसात कर जनसेवा के दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करें- डीएम

स्वतंत्रता संग्राम, सामाजिक उत्थान एवं राष्ट्र निर्माण में पंत का योगदान सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा

देहरादून। महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, देश के पूर्व गृहमंत्री एवं उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री, भारत रत्न पं. गोविंद बल्लभ पंत की 139वीं जयंती के अवसर पर कलेक्ट्रेट परिसर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान सहित जिला स्तरीय अधिकारियों एवं कार्मिकों ने पं. गोविंद बल्लभ पंत के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। इस अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम, साहित्य, समाज सुधार एवं राष्ट्र निर्माण में उनके महत्वपूर्ण योगदान को स्मरण किया गया।

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि बहुआयामी प्रतिभा के धनी भारत रत्न पं. गोविंद बल्लभ पंत प्रखर चिंतक, दूरदर्शी एवं कुशल राजनेता थे। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अंग्रेजी शासन के विरुद्ध संघर्ष करते हुए देश की आजादी के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई तथा स्वतंत्रता के पश्चात एक आदर्श जनप्रतिनिधि एवं राजनेता के रूप में समाज और राष्ट्र के विकास में उल्लेखनीय योगदान दिया। उनके विचार, आदर्श और जनसेवा के प्रति समर्पण आज भी हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में आवश्यकता है कि प्रत्येक नागरिक पं. पंत के आदर्शों एवं पदचिह्नों से प्रेरणा लेते हुए अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निर्वहन करे। राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं स्वतंत्रता को अक्षुण्ण बनाए रखने में प्रत्येक नागरिक की महत्वपूर्ण भूमिका है। अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करना ही पं. गोविंद बल्लभ पंत के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि जनसेवा के दृष्टिगत जिलाधिकारी कार्यालय एक महत्वपूर्ण संस्थान है। शासन की नीतियों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से आमजन तक पहुंचाने तथा जनता की समस्याओं एवं अपेक्षाओं को शासन तक पहुंचाने में जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कार्मिकों से जनहित को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा, पारदर्शिता एवं संवेदनशीलता के साथ निर्वहन करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली इतिहास और आजादी के महत्व से युवा पीढ़ी को अवगत कराना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। युवा पीढ़ी को देश के महान स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष, त्याग और राष्ट्र के प्रति समर्पण से प्रेरणा लेते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान अपर जिलाधिकारी (वि.रा) केके मिश्रा, अपर जिलाधिकारी (प्रशा) स्मृता परमार, सिटी मजिस्ट्रेट राकेश तिवारी, एसडीएम रविन्द्र ज्वांठा सहित कलेक्ट्रेट के समस्त अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।


नाबालिग के अपहरण-दुष्कर्म का आरोपी देहरादून से गिरफ्तार, पीड़िता सकुशल बरामद

देहरादून। नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में मोरी पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए नाबालिग को देहरादून से सकुशल बरामद कर आरोपी युवक को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार, 3 सितंबर 2026 को एक व्यक्ति ने थाना मोरी में अपनी नाबालिग पुत्री के बिना बताए घर से चले जाने और वापस नहीं लौटने की तहरीर दी थी। तहरीर के आधार पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 137(2) के तहत अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी  कमलेश उपाध्याय ने नाबालिग की शीघ्र बरामदगी और आरोपी की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस एवं एसओजी की संयुक्त टीम गठित की गई। पुलिस उपाधीक्षक बड़कोट चंचल शर्मा के पर्यवेक्षण और थानाध्यक्ष मोरी दीपक रावत के नेतृत्व में टीम ने सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और मैनुअल पुलिसिंग के जरिए जानकारी जुटाई।

पुलिस टीम ने 10 सितंबर 2026 को नाबालिग को नालापानी चौक, देहरादून से सकुशल बरामद कर लिया। साथ ही अपहरण और दुष्कर्म के आरोपी नीरज कुमार (20) पुत्र विजय कुमार, निवासी पुरोला गांव, हाल निवासी आर्यनगर, देहरादून को गिरफ्तार किया गया।

मामले में गवाहों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर बीएनएस की धारा 65(1) और पोक्सो अधिनियम की धारा 5(ठ) की बढ़ोतरी की गई है। आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई जारी है।


मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के तहत 4812 लाभार्थियों को 2.87 करोड़ रुपये की धनराशि जारी

PFMS के माध्यम से भेजी जाएगी लाभार्थियों के खातों में जुलाई और अगस्त 2026 की धनराशि

देहरादून। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने अपने शासकीय आवास में मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के तहत 4812 लाभार्थियों को 2.87 करोड़ की धनराशि जारी की।

कैंप कार्यालय पर धनराशि लाभार्थियों की खातों में डीबीटी करने के बाद कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि इस योजना में प्रदेश सरकार 2020 से ही कोरोना महामारी के समय अभिभावकों को खो देने वाले बेसहारा बच्चों को प्रति माह ₹3000 की सहायता राशि देती है। इस योजना के तहत जून 2026 तक का धन पहले ही जारी कर दिया गया हैं ।

विभागीय मंत्री ने बताया की मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के अंतर्गत जिला स्तरीय समितियों द्वारा अनुमोदित लाभार्थियों को जुलाई एवं अगस्त 2026 की सहायता राशि के वितरण का विवरण जारी किया गया है। जुलाई 2026 में प्रदेश के 4,812 लाभार्थियों के लिए कुल ₹1,44,36,000 तथा अगस्त 2026 में 4,779 लाभार्थियों के लिए कुल ₹1,43,37,000 की धनराशि प्रस्तावित/वितरित की गई है। दोनों माह को मिलाकर कुल ₹2,87,73,000 की सहायता राशि लाभार्थियों को आज प्रदान की हैं।

साथ ही बताया की योजना के तहत जुलाई 2026 में 21 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले 38 बच्चों तथा अगस्त 2026 में 33 बच्चों की संख्या दर्ज की गई थी । योजना प्रारंभ होने से अब तक 21 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले बच्चों की संख्या 1,513 है। वहीं माता-पिता के पुनर्विवाह, लाभार्थी की मृत्यु सहित अन्य कारणों से 252 बच्चे योजना से बाहर हुए हैं। इस प्रकार योजना के अंतर्गत अब तक कुल 1,765 बच्चे बाहर हुए हैं।

कैबिनेट मंत्री ने कहा की राज्य सरकार का उद्देश्य हैं की सरकार मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के तहत जो बच्चे कोविड महामारी के दौरान प्रभावित हुए हैं उन्हें हम आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ ही शिक्षा, पालन-पोषण एवं बेहतर भविष्य के लिए आवश्यक सहायता उपलब्ध करा सके।

इस अवसर पर सीपीओ अंजना गुप्ता और अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।


मुख्यमंत्री धामी ने शहीद स्मारक पर शहीदों को अर्पित की श्रद्धांजलि

वीर शहीदों के परिवारों के कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध- मुख्यमंत्री धामी

हल्द्वानी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी भ्रमण के दूसरे दिन शहीद स्मारक पहुंचकर देश की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर वीर सपूतों को नमन किया।

इस दौरान मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले वीर शहीदों का योगदान अतुलनीय है। उन्होंने कहा कि शहीदों के बलिदान की बदौलत ही आज देशवासी स्वतंत्र वातावरण में जीवन जी रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद स्मारक आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रभक्ति, त्याग और कर्तव्य के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शहीदों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा उनके हितों को प्राथमिकता दी जा रही है।

शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, क्षेत्रीय सांसद अजय भट्ट समेत विभिन्न जनप्रतिनिधि और अन्य लोग मौजूद रहे।


धामी सरकार की पहल से जरूरतमंद बच्चों के लिए संवर रहा सुरक्षित आशियाना

छत पर सौर ऊर्जा, कमरों में ठंडी हवा और बच्चों के सपनों को नई उड़ान

नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय छात्रावास में सुविधाओं का विस्तार, करीब 100 बच्चों को मिलेगा शिक्षा और संरक्षण का सहारा

देहरादून। किसी बच्चे के लिए घर सिर्फ चार दीवारें नहीं होता, बल्कि सुरक्षा, अपनापन और सपनों की पहली पाठशाला होता है। लेकिन जिन बच्चों के सिर से माता-पिता का साया उठ चुका हो, जिनके परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहे हों या जिन्हें जीवन की परिस्थितियों ने सामान्य पारिवारिक वातावरण से दूर कर दिया हो, उनके लिए एक सुरक्षित छत किसी वरदान से कम नहीं। ऐसे ही बच्चों के भविष्य को संवारने की दिशा में उत्तराखंड सरकार ने संवेदनशील पहल को धरातल पर उतारना शुरू किया है।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर जरूरतमंद बच्चों के लिए तैयार किए जा रहे नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय छात्रावास को अब आधुनिक और सुविधाजनक स्वरूप दिया जा रहा है। इस काम में मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। छात्रावास में बच्चों को बेहतर वातावरण देने के साथ-साथ ऊर्जा और मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।

सूरज की रोशनी से रोशन होगा बच्चों का आशियाना
छात्रावास की छत पर 10 केवीए क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित कर दिया गया है। यह पहल महज बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं, बल्कि छात्रावास को ऊर्जा के क्षेत्र में अधिक आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सौर ऊर्जा के इस्तेमाल से बच्चों के आवासीय परिसर में विद्युत सुविधा को मजबूती मिलेगी और भविष्य में ऊर्जा की बचत को भी बढ़ावा मिलेगा।

गर्मी से राहत, कमरों में पहुंचेंगे कूलर
बच्चों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए छात्रावास के कमरों के लिए करीब 10 कूलर उपलब्ध करा दिए गए हैं। इन्हें जल्द ही कमरों में स्थापित किया जाएगा। यानी छात्रावास में रहने वाले बच्चों को बेहतर आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने के साथ मौसम के अनुरूप आरामदायक वातावरण देने की भी तैयारी है।

सामूहिक गतिविधियों के लिए बनेगा एक हॉल
छात्रावास में सामूहिक गतिविधियों और बच्चों की आवश्यकताओं के लिए एक नए हॉल का निर्माण भी प्रस्तावित है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। यह हॉल बच्चों की सामूहिक गतिविधियों, शैक्षणिक कार्यक्रमों, बैठकों और अन्य आयोजनों के लिए उपयोगी साबित होगा।

100 बच्चों के सपनों को मिलेगा सुरक्षित ठिकाना
इस आवासीय छात्रावास की क्षमता करीब 100 बच्चों की होगी। यहां पर छात्रों को भोजन रहने आदि की व्यवस्था की गई है। योजना का मूल उद्देश्य उन बच्चों को शिक्षा से जोड़ना है, जो सामाजिक अथवा आर्थिक रूप से बेहद कमजोर परिस्थितियों में जीवन बिता रहे हैं और जिन्हें सामान्य पारिवारिक एवं शैक्षिक वातावरण उपलब्ध नहीं हो पाता। यहां 6 से 18 वर्ष तक के बच्चों को हॉस्टल सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है। इसके दायरे में अनाथ बच्चे, जिनके एक या दोनों माता-पिता नहीं हैं, बेहद कम वार्षिक आय वाले परिवारों के बच्चे, अल्पसंख्यक वर्ग के बच्चे, दिव्यांग बच्चे, कूड़ा बीनने वाले, भिक्षावृत्ति में लगे तथा शहरी वंचित वर्ग के बच्चे शामिल होंगे। इसके अलावा ऐसे बच्चों को भी सुरक्षित आवास और संरक्षण देने का लक्ष्य है, जिन्हें विशेष देखभाल की आवश्यकता है।

छात्रावास नहीं, भविष्य गढ़ने का प्लेटफॉर्म
इस पूरी पहल की खासियत यह है कि इसे केवल आवास उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रखा गया है। इसके पीछे बड़ा उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित वातावरण, शिक्षा और बेहतर भविष्य का अवसर उपलब्ध कराना है। एक ओर जहां उन्हें रहने की सुविधा मिलेगी, वहीं दूसरी ओर शिक्षा से जुड़कर वे आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे। एमडीडीए की ओर से सोलर प्लांट, कूलर और हॉल जैसी सुविधाओं का विकास इस बात का संकेत है कि सरकारी परियोजनाओं को केवल निर्माण तक सीमित रखने के बजाय उनके वास्तविक उपयोग और लाभार्थियों की जरूरतों को भी केंद्र में रखा जा रहा है। यह पहल उन बच्चों के लिए एक ऐसी नई शुरुआत बन सकती है, जिनके जीवन में परिस्थितियों ने बहुत कुछ छीन लिया, लेकिन अब सरकार की कोशिश उन्हें एक सुरक्षित छत के साथ शिक्षा, सम्मान और अपने सपनों को पूरा करने का अवसर देने की है।

उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुरूप प्राधिकरण विकास कार्यों के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों से जुड़ी परियोजनाओं को भी प्राथमिकता दे रहा है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय छात्रावास में बच्चों की सुविधा के लिए 10 केवीए सोलर प्लांट स्थापित किया गया है और कमरों के लिए कूलर उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने कहा कि करीब 100 बच्चों की क्षमता वाला यह छात्रावास जरूरतमंद बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। प्राधिकरण का प्रयास है कि बच्चों को बेहतर सुविधाएं मिलें और वे शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनें।

सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि छात्रावास में बच्चों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। सोलर प्लांट की स्थापना के साथ कमरों में कूलर लगाए जा रहे हैं, जबकि एक हॉल के निर्माण की टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। हमारा प्रयास है कि यहां रहने वाले बच्चों को सुरक्षित, सुविधाजनक और सकारात्मक वातावरण मिले, ताकि वे बिना किसी बाधा के अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकें और भविष्य में आत्मनिर्भर बन सकें।


मुख्यमंत्री धामी ने महालक्ष्मी अष्टभुजा मंदिर में की पूजा-अर्चना

प्रदेश एवं देशवासियों की सुख-शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की

हल्द्वानी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को जनपद नैनीताल भ्रमण के दौरान बरेली रोड स्थित श्री महालक्ष्मी अष्टभुजा मंदिर, बेरीपड़ाव में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।

मुख्यमंत्री ने माँ महालक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त कर प्रदेश एवं देशवासियों की सुख-शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। उन्होंने प्रदेश की निरंतर प्रगति और जनकल्याण के लिए भी प्रार्थना की।

इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, सांसद अजय भट्ट, अनिल बलूनी, कैबिनेट मंत्री रामसिंह कैड़ा,विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं श्रद्धालु उपस्थित थे।


ग्रीन बिल्डिंग की धीमी प्रगति पर डीएम सख्त, कार्यदायी संस्था को लगाई फटकार

पर्याप्त धनराशि के बावजूद काम में तेजी न आने पर जांच के निर्देश, दोषियों से होगी वसूली

40.5 प्रतिशत ही हुआ निर्माण कार्य; हर 15 दिन में होगी प्रगति की समीक्षा

देहरादून। उत्तराखंड की पहली एकीकृत हरित इमारत के निर्माण में हो रही देरी को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। परियोजना की धीमी प्रगति पर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कार्यदायी संस्था के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। पर्याप्त बजट उपलब्ध होने के बावजूद निर्माण कार्य में देरी को लेकर उन्होंने केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता को उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं।

निर्माण कार्य की अब तक केवल 40.5 प्रतिशत भौतिक प्रगति होने पर जिलाधिकारी ने असंतोष जताया। उन्होंने कहा कि यह राज्य की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शामिल है और इसके निर्माण में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कार्यदायी संस्था को सभी लंबित औपचारिकताएं तत्काल पूरी करने और निर्माण स्थल पर पर्याप्त मानव संसाधन, मशीनरी और सामग्री उपलब्ध कराकर काम में तेजी लाने के निर्देश दिए।

डीएम ने स्पष्ट किया कि वह अब इस परियोजना की हर 15 दिन में स्वयं समीक्षा करेंगे। इसके बावजूद अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर कार्यदायी संस्था के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

21 करोड़ रुपये रोकने पर मांगा जवाब

समीक्षा बैठक में कार्यदायी संस्था द्वारा 21 करोड़ रुपये की धनराशि रोके जाने का मामला भी सामने आया। इस पर जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाते हुए जवाब तलब किया। उन्होंने कहा कि परियोजना के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध होने के बावजूद निर्माण कार्य में देरी गंभीर लापरवाही है।

उन्होंने कहा कि भवन का निर्माण निर्धारित समयसीमा में पूरा करना कार्यदायी संस्था की जिम्मेदारी है। बजट उपलब्ध होने के बावजूद काम में देरी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

लंबित कार्यों पर अधिकारियों को फटकार

जिलाधिकारी ने पाया कि बाहरी सीवरेज प्रणाली, टाइल कार्य, साइट पर संसाधनों की तैनाती और दरवाजों के शटर लगाने जैसे कई कार्य, जिन्हें जून तक शुरू हो जाना चाहिए था, अब तक शुरू नहीं किए गए हैं। इसके अलावा परियोजना के प्रगति चार्ट में भी गलत और भ्रामक जानकारी दिए जाने पर उन्होंने नाराजगी जताई।

डीएम ने संबंधित एजेंसियों और अधिकारियों के खिलाफ तत्काल दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परियोजना में लापरवाही या गलत जानकारी देने वालों की जवाबदेही तय की जाएगी और दोषी अधिकारियों से नियमानुसार वसूली की प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी।

ई-बसों के संचालन पर भी सख्ती

समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत संचालित ई-बसों की स्थिति की भी जानकारी ली। उन्होंने निर्धारित मार्गों पर ई-बसों का नियमित संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो बसें परिचालन में नहीं हैं, उनके बंद रहने का स्पष्ट कारण प्रस्तुत किया जाए।

बैठक में संयुक्त मजिस्ट्रेट हर्षिता सिंह, केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता देवेंद्र प्रकाश, स्मार्ट सिटी के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी तीर्थ पाल सिंह, एजीएम आईटी मनवीर जोशी और एजीएम वाटर वर्क केपी चमोला समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।


ऋण फर्जीवाड़े पर डीएम सख्त, संदिग्ध मामलों की होगी एसआईटी जांच

फर्जी तरीके से लोन दिलाने वाले एजेंटों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए जिला प्रशासन ने कसी कमर

देहरादून। जनपद में ऋण और ऋण बीमा के नाम पर लगातार मिल रही धोखाधड़ी की शिकायतों को जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि आमजन की आर्थिक मजबूरी का फायदा उठाकर फर्जी तरीके से ऋण दिलाने, अनावश्यक दस्तावेज तैयार कराने या एजेंटों के माध्यम से धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जनपद में संचालित गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) और आवास वित्त कंपनियों (एचएफसी) के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। बैठक में ऋण वितरण प्रक्रिया, एजेंटों की भूमिका, वसूली और फर्जीवाड़े से जुड़ी शिकायतों की विस्तृत समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने कहा कि ऋण फर्जीवाड़े से संबंधित शिकायतों को किसी भी स्तर पर नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। प्रभावी निगरानी और समन्वित कार्रवाई के लिए उन्होंने अग्रणी बैंक प्रबंधक को संबंधित विभागों और वित्तीय संस्थाओं के प्रतिनिधियों को शामिल करते हुए समिति गठित करने के निर्देश दिए। यह समिति संदिग्ध ऋण प्रकरणों, शिकायतों और एजेंटों की गतिविधियों की नियमित समीक्षा करेगी।

उन्होंने हर माह संबंधित संस्थाओं और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित करने तथा इसकी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए। गंभीर और संदिग्ध मामलों की आवश्यकता पड़ने पर विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच कराई जाएगी। जांच में किसी बैंक, वित्तीय संस्था, एजेंट या अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

ऋण लेने की क्षमता की जांच जरूरी

जिलाधिकारी ने कहा कि कुछ मामलों में एजेंटों के माध्यम से ऋण लेने वाले लोगों की वास्तविक आर्थिक स्थिति और पुनर्भुगतान क्षमता का उचित आकलन किए बिना ऋण स्वीकृत किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने ऐसी अनियमितताओं पर भी सख्ती बरतने के निर्देश दिए। किसी संस्था के प्रबंधन या जिम्मेदार अधिकारियों की संलिप्तता मिलने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

सभी एनबीएफसी और एचएफसी से वितरित ऋणों तथा लंबित वसूली मामलों की विस्तृत सूची उपलब्ध कराने को कहा गया है। प्रशासन इन सूचनाओं का परीक्षण कर संदिग्ध मामलों को चिन्हित करेगा और जरूरत के अनुसार जांच एवं कार्रवाई की जाएगी।

एसडीएम अपने क्षेत्रों में बनाएंगे टास्क फोर्स

जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में टास्क फोर्स गठित कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही क्षेत्र में संचालित एनबीएफसी और एचएफसी की सूची तैयार करने के अलावा सक्रिय साहूकारों तथा ऋण उपलब्ध कराने के नाम पर काम कर रहे एजेंटों का विवरण जुटाने को कहा गया है।

उन्होंने कहा कि ऋण दिलाने के नाम पर लोगों को भ्रमित कर उनकी मजबूरी का फायदा उठाने वाले एजेंटों और फर्जी एजेंसियों के पूरे नेटवर्क को चिन्हित कर तोड़ा जाएगा। भारतीय रिजर्व बैंक के प्रतिनिधि को भी संदिग्ध और फर्जी तरीके से संचालित एजेंसियों से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने तथा आवश्यक सूचनाओं का आदान-प्रदान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन आमजन के हितों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। आर्थिक धोखाधड़ी के मामलों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। सभी विभागों और वित्तीय संस्थाओं को आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए फर्जीवाड़े की रोकथाम और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, उप जिलाधिकारी मुख्यालय रविन्द्र ज्वांठा, अग्रणी बैंक प्रबंधक राजीव भाटिया, भारतीय रिजर्व बैंक के प्रतिनिधि भरत कुमार सहित विभिन्न एनबीएफसी और एचएफसी के प्रतिनिधि मौजूद रहे।


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