Friday, September 11th, 2026

Drop Us An Email Any Enquiry Drop Us An Emailshailesh.lekhwar2000@gmail.com
Call Us For Consultation Call Us For Consultation +91 9818666272

देहरादून बार एसोसिएशन को जल्द मिलेगा अपना प्रोफेशनल ऑफिस भवन

Category Archives: उत्तराखंड

देहरादून बार एसोसिएशन को जल्द मिलेगा अपना प्रोफेशनल ऑफिस भवन

बार एसोसिएशन भवन की डिजाइन और निर्माण योजना पर डीएम ने दिए जरूरी निर्देश

देहरादून। देहरादून बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं के लिए प्रस्तावित प्रोफेशनल ऑफिस भवन के डिजाइन एवं निर्माण योजना को लेकर जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने शुक्रवार को मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) एवं बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में प्रस्तावित भवन के सर्वे प्लान, की-प्लान, क्षेत्रफल, साइट प्लान, पार्किंग, प्रवेश एवं निकासी व्यवस्था सहित विभिन्न तकनीकी पहलुओं की विस्तार से समीक्षा की गई।

बैठक में एमडीडीए की सीनियर आर्किटेक्ट दृष्टि जैन ने प्रस्तावित भवन की डिजाइन एवं निर्माण योजना की जानकारी देते हुए बताया कि भवन निर्माण के लिए 8,881.28 वर्ग मीटर भूमि का सर्वेक्षण पूरा कर लिया गया है। प्रस्तावित भवन में ग्राउंड फ्लोर के अतिरिक्त सात मंजिलों का निर्माण किया जाएगा। भवन में अधिवक्ताओं के लिए 10×10 आकार के चैंबर प्रस्तावित किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि भवन के डिजाइन में अधिवक्ताओं एवं आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रवेश एवं निकासी के लिए समुचित व्यवस्था, वाहन पार्किंग तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं को शामिल किया गया है। भवन के स्वरूप एवं उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक तकनीकी पहलुओं का भी प्लान में समावेश किया गया है।

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भवन के डिजाइन एवं निर्माण योजना में फायर सेफ्टी प्लान, इमरजेंसी एग्जिट और लिफ्ट सिस्टम का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि भवन में अधिवक्ताओं के साथ ही आमजन का भी आवागमन रहेगा, इसलिए सुरक्षा, सुगम आवागमन एवं आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की व्यवस्थाएं मानकों के अनुरूप सुनिश्चित की जाएं और भवन निर्माण के फाइनल प्रस्ताव शीघ्र तैयार किया जाए।

बैठक में एमडीडीए के अधिशासी अभियंता एसएस रावत, सीनियर आर्किटेक्ट दृष्टि जैन, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल कुकरेती, सचिव अजय बिष्ट, सीनियर काउंसिल आरएस रावत, प्रेम चंद्र शर्मा, अनुराग गुप्ता एवं धर्मवीर नेगी उपस्थित रहे।


ऋषिकुल को आयुर्वेद, योग और भारतीय ज्ञान परंपरा के विशिष्ट केंद्र के रूप में विकसित किया जाए- मुख्यमंत्री

आयुर्वेद, मेडिकल टूरिज्म, योग, ज्योतिष और वैदिक गणित को मिले विशेष प्रमुखता

प्राच्य एवं पारंपरिक स्थापत्य स्वरूप के साथ आधुनिकतम व्यवस्थाओं का हो समन्वय

सभी कार्य चरणबद्ध और समयबद्ध तरीके से दो वर्ष में किए जाएं पूर्ण

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में हरिद्वार स्थित मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान, ऋषिकुल के समग्र विकास के लिए तैयार किए जा रहे मास्टर प्लान की समीक्षा की। इस दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष संस्थान के प्रस्तावित स्वरूप और यहां संचालित की जाने वाली विभिन्न शैक्षणिक एवं शोध गतिविधियों का प्रस्तुतीकरण किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋषिकुल को आयुर्वेद, योग और भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। उन्होंने संस्थान के विकास में आयुर्वेद, चिकित्सा पर्यटन, योग, ज्योतिष और वैदिक गणित को विशेष प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। इन क्षेत्रों में उच्च स्तरीय शिक्षा, अध्ययन और शोध की सुविधाएं विकसित करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि ऋषिकुल भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक शोध के बीच एक प्रभावी सेतु के रूप में विकसित हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष, योग और संस्कृत उत्तराखंड की विशिष्ट पहचान हैं। इसलिए ऋषिकुल के विकास में राज्य की इस सांस्कृतिक और ज्ञान परंपरा को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाना चाहिए। संस्थान में भारतीय ज्ञान, प्राच्य विद्याओं, आयुर्वेद और योग से जुड़े अध्ययन एवं शोध के लिए उत्कृष्ट वातावरण तैयार करने के साथ शैक्षणिक गतिविधियों का स्तर भी उच्च रखा जाए।

प्राचीन स्थापत्य के साथ आधुनिक सुविधाओं पर जोर

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि ऋषिकुल परिसर का वास्तुशिल्प प्राच्य एवं पारंपरिक स्थापत्य शैली पर आधारित हो। भवनों के बाहरी स्वरूप और मुखौटे में प्राचीन भारतीय स्थापत्य की झलक दिखाई दे, जबकि परिसर के भीतर उपलब्ध सुविधाएं आधुनिक मानकों के अनुरूप हों। उन्होंने कहा कि प्राचीनता और आधुनिकता के संतुलित समन्वय से ऋषिकुल की अलग पहचान विकसित की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि परियोजना के प्रत्येक हिस्से में इसकी मूल अवधारणा स्पष्ट रूप से दिखाई देनी चाहिए। परिसर को इस तरह विकसित किया जाए कि यहां पहुंचने वाले लोगों को भारतीय संस्कृति, ज्ञान और अध्यात्म की अनुभूति हो। हरिद्वार के धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए ऋषिकुल के विकास की पूरी अवधारणा तैयार करने के निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मां गंगा के कारण हरिद्वार का देश-दुनिया में विशेष धार्मिक महत्व है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं पर्यटक यहां पहुंचते हैं। ऐसे में ऋषिकुल को भारतीय ज्ञान परंपरा, आयुर्वेद, योग और अध्यात्म की समृद्ध विरासत से लोगों को परिचित कराने वाले प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।

दो साल में चरणबद्ध तरीके से पूरा होगा विकास कार्य

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को परियोजना के सभी कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक कार्य के लिए स्पष्ट चरण और समय-सीमा निर्धारित कर दो वर्ष के भीतर परियोजना को चरणबद्ध तरीके से पूरा करने को कहा। साथ ही कार्यों की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

प्रस्तुतीकरण में ऋषिकुल को योग एवं ध्यान, उच्च स्तरीय शिक्षा, आयुर्वेद एवं समग्र स्वास्थ्य, भारतीय दर्शन, वैदिक एवं शास्त्रीय अध्ययन, कला-संस्कृति और शोध गतिविधियों के समन्वित केंद्र के रूप में विकसित करने की परिकल्पना रखी गई। प्रस्तावित मास्टर प्लान में अकादमिक गतिविधियों के साथ योग एवं ध्यान, आयुर्वेदिक चिकित्सा और स्वास्थ्य-वेलनेस सुविधाओं के समग्र विकास पर भी जोर दिया गया है।

बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव धीराज गर्ब्याल, दीपक कुमार, युगल किशोर पंत, रंजना राजगुरू, हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष सोनिका, अपर सचिव अभिषेक रुहेला तथा वर्चुअल माध्यम से हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित उपस्थित रहे।


ज्योलिकोट क्षेत्र में जल जनित रोगों की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, सचल चिकित्सा वाहन तैनात

ज्योलिकोट क्षेत्र में जल जनित रोगों की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, सचल चिकित्सा वाहन तैनात

नैनीताल। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत के निर्देश पर ज्योलिकोट क्षेत्र में जल जनित रोगों की रोकथाम एवं प्रभावी नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार निगरानी, स्वास्थ्य परीक्षण एवं आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

ज्योलिकोट क्षेत्र में स्वास्थ्य टीमों द्वारा आज 105 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा 72 ब्लड सैंपल लिए गए। इसके साथ ही टीम द्वारा क्षेत्र से पानी के 7 सैंपल भी लिए गए, जिन्हें जांच के लिए भेजा जाएगा। इस दौरान आवश्यकतानुसार दवाएं, ओआरएस, जिंक एवं क्लोरीन की गोलियां वितरित की गईं तथा लोगों को स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक परामर्श दिया गया।

सचल चिकित्सा वाहन तैनात, घर के समीप मिलेगी स्वास्थ्य सुविधा

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुलभ बनाने के लिए सचल चिकित्सा वाहन तैनात किया गया है। इसके माध्यम से लोगों को घर के समीप ही स्वास्थ्य परीक्षण, आवश्यक जांच, दवाएं एवं चिकित्सकीय परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट की ओपीडी पर्ची निःशुल्क कर दी गई है।

ज्योलिकोट क्षेत्र के लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के क्रम में 10 सितंबर को नीलकंठ हॉस्पिटल से डॉ. मेघा रखोलिया एवं डॉ. सलीम द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट में ओपीडी कर मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया गया। वहीं 11 सितंबर को बृजलाल हॉस्पिटल हल्द्वानी की गैस्ट्रोलॉजिस्ट डॉ. श्रेया नेगी एवं साईं हॉस्पिटल हल्द्वानी के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोहन सती द्वारा ओपीडी सेवाएं प्रदान की जाएंगी।

इसके अतिरिक्त गांजा, वीरभट्टी, बेलवाखान, सरियाताल, ज्योलिकोट एवं भल्यूटी-चोपड़ा में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों में आज कुल 380 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। आवश्यक दवाएं वितरित करने के साथ ही जल जनित रोगों से बचाव के संबंध में लोगों को जागरूक किया गया।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर स्थानीय लोगों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। उन्होंने लोगों को आश्वस्त किया कि घबराने की आवश्यकता नहीं है, स्वास्थ्य विभाग पूरी तत्परता के साथ क्षेत्रवासियों के साथ खड़ा है।

आयुष्मान योजना के तहत उपचार में परेशानी होने पर सीधे सीएमओ से करें संपर्क

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि आयुष्मान योजना के तहत सूचीबद्ध (पैनल्ड) अस्पतालों में उपचार के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर वे सीधे मुख्य चिकित्सा अधिकारी से संपर्क करें। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मरीजों को आवश्यक सहयोग एवं सुविधा उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।

सीएमओ की अपील—पानी उबालकर ही पिएं

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने क्षेत्रवासियों से अपील की कि जल जनित रोगों से बचाव के लिए पानी को अच्छी तरह उबालकर ही पिएं, स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आवश्यक सावधानियों का पालन करें। किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या होने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र अथवा स्वास्थ्य टीम से संपर्क करें।

स्वास्थ्य टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में घर-घर सर्वे, स्वास्थ्य परीक्षण एवं आवश्यक दवाओं का वितरण निरंतर जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।


आयुष्मान योजना के तहत सूचीबद्ध और गैर-सूचीबद्ध अस्पताल में इलाज के दौरान कोई परेशानी हो तो सीएमओ से करें संपर्क

नैनीताल:  मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत द्वारा आयुष्मान कार्ड योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध निजी अस्पतालों की जानकारी साझा की गई है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान योजना के तहत सूचीबद्ध अथवा गैर-सूचीबद्ध निजी चिकित्सालय में उपचार के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर लाभार्थी सीधे मुख्य चिकित्सा अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।

आयुष्मान योजना के तहत सूचीबद्ध निजी अस्पताल, सेवाएं एवं संपर्क नंबर

आई विजन प्राइवेट लिमिटेड — नेत्र विज्ञान — 8126262643। बॉम्बे हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर — जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जरी, स्त्री एवं प्रसूति रोग, ऑर्थोपेडिक्स एवं पॉलीट्रॉमा — 9917466072।

वेदांता नेत्रालय — नेत्र विज्ञान — 9837362220।

रही केयर प्राइवेट लिमिटेड — जनरल मेडिसिन — 9779925382।

बृजेश अस्पताल — बर्न प्रबंधन, जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जरी, नवजात देखभाल, स्त्री एवं प्रसूति रोग, ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स, ईएनटी, बाल चिकित्सा एवं न्यूरोलॉजी — 6396261710।

बृजलाल अस्पताल एंड रिसर्च सेंटर — जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जरी, स्त्री एवं प्रसूति रोग, ऑर्थोपेडिक्स एवं ईएनटी — 8533838306।

बाबा नीम करोली मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल एवं ट्रॉमा सेंटर — जनरल मेडिसिन, स्त्री एवं प्रसूति रोग, ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स, पॉलीट्रॉमा एवं आपातकालीन सेवाएं — 7300919149।

साई अस्पताल — कार्डियोलॉजी, जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जरी, मेडिकल ऑन्कोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स एवं यूरोलॉजी — 9639929360।

आदर्श इंस्टीट्यूट ऑफ यूरोलॉजी एंड लेप्रोस्कोपी — जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जरी, यूरोलॉजी एवं लेप्रोस्कोपिक सर्जरी — 7087434647।

उजाला सिग्नस सेंट्रल अस्पताल — कार्डियोलॉजी, जनरल मेडिसिन, मेडिकल ऑन्कोलॉजी, नवजात देखभाल, नेत्र विज्ञान, ऑर्थोपेडिक्स, बाल चिकित्सा, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी एवं यूरोलॉजी — 8194005414।

सुभानु आई अस्पताल — नेत्र विज्ञान — 9068991180। अनाअर्जुन मेटरनिटी एंड रिसर्च सेंटर — जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जरी, नवजात देखभाल, स्त्री एवं प्रसूति रोग, ऑर्थोपेडिक्स, बाल चिकित्सा एवं पॉलीट्रॉमा — 9456169935।

द ब्राइट अस्पताल — कार्डियोलॉजी, जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स एवं यूरोलॉजी — 9997191805।

नीलकंठ मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल — कार्डियोलॉजी, जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जरी, नवजात देखभाल, स्त्री एवं प्रसूति रोग, ऑर्थोपेडिक्स एवं बाल चिकित्सा — 7534818002।

एसके गुप्ता नर्सिंग होम एंड अस्पताल — जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जरी, नवजात देखभाल, स्त्री एवं प्रसूति रोग, ईएनटी, बाल चिकित्सा एवं पॉलीट्रॉमा — 9759016789।

स्टार हॉस्पिटल मैटरनिटी एंड लेप्रोस्कॉपी सेंटर — जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जरी, प्रसूति, बाल चिकित्सा एवं लेप्रोस्कोपी — 7428323254।

संजीवनी अस्पताल — इमरजेंसी पैकेज, जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जरी, न्यूरोसर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स, पॉलीट्रॉमा एवं संक्रामक रोग — 8077125259।

अग्रवाल क्लिनिक एंड नर्सिंग होम — जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जरी एवं स्त्री एवं प्रसूति रोग — 9639371371।

डॉ. यतींद्र मोहन बहुगुणा — कार्डियोलॉजी एवं जनरल मेडिसिन — 8191018585।

ज्योति नेत्रालय — नेत्र विज्ञान — 9411327717।

चंदन अस्पताल — बर्न प्रबंधन, कार्डियोलॉजी, कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी, इमरजेंसी, जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जरी, ऑन्कोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, स्त्री रोग, प्लास्टिक एवं रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी, पॉलीट्रॉमा एवं यूरोलॉजी — 9415647116।

बजाज सुपर स्पेशलिटी अस्पताल — जनरल मेडिसिन, न्यूरोसर्जरी एवं ऑर्थोपेडिक्स — 9997708749।

दृष्टि सेंटर फॉर एडवांस्ड आई केयर — उन्नत नेत्र चिकित्सा — 9871576618।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने कहा कि आयुष्मान कार्डधारकों को योजना के तहत उपचार प्राप्त करने में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। यदि किसी लाभार्थी को सूचीबद्ध अथवा गैर-सूचीबद्ध निजी चिकित्सालय में उपचार के दौरान किसी प्रकार की समस्या आती है, तो वह तत्काल मुख्य चिकित्सा अधिकारी से संपर्क करें। स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिकायत का संज्ञान लेते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी से मिले लेखक मुकेश लाल

गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी के गढ़वाली गीतों और उनके बोलों का अंग्रेजी में अनुवादित ‘ब्रेडेड इमोशंस’ पुस्तक की भेंट

देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी से उनके कैंप कार्यालय में लेखक मुकेश लाल ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी के गढ़वाली गीतों और उनके बोलों का अंग्रेजी में अनुवादित अनूठा संग्रह ‘ब्रेडेड इमोशंस’ पुस्तक मंत्री गणेश जोशी को भेंट की।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने पुस्तक के लिए लेखक मुकेश लाल को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि नरेंद्र सिंह नेगी के गीत उत्तराखंड की लोक संस्कृति, परंपराओं, पहाड़ की जीवनशैली और सामाजिक सरोकारों को स्वर देते हैं। उनके गीतों का अंग्रेजी में अनुवाद होने से उत्तराखंड की लोकभाषा और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया के पाठकों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि ‘ब्रेडेड इमोशंस’ जैसे प्रयास उत्तराखंड की लोक संस्कृति और साहित्य को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने लेखक के इस प्रयास की सराहना करते हुए पुस्तक के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।


ऋषिकेश में अवैध शराब के खिलाफ आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, तीन गिरफ्तार

ऋषिकेश। अवैध शराब की तस्करी और बिक्री के खिलाफ आबकारी विभाग ने विशेष प्रवर्तन अभियान चलाते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आबकारी टीम ने ऋषिकेश के श्यामपुर, नकरौंदा और डोईवाला क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए कुल साढ़े 12 पेटी अवैध शराब बरामद की।

आबकारी निरीक्षक प्रेरणा बिष्ट के नेतृत्व में टीम ने श्यामपुर क्षेत्र में अवैध शराब का परिवहन करते हुए सूरज वर्मा पुत्र मनोज वर्मा, निवासी श्यामपुर बाईपास ऋषिकेश को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से मोटरसाइकिल संख्या UK 14 F 9018 पर 60 पाउच माल्टा देशी शराब बरामद हुए।

इसके बाद शाम को नकरौंदा और डोईवाला क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री और भंडारण के खिलाफ छापेमारी की गई। नकरौंदा टी-पॉइंट से विजय सिंह पुत्र नरसिंह, निवासी नकरौंदा के कब्जे से दो पेटी अवैध शराब बरामद हुई।

वहीं, नकरौंदा स्थित पंवार एंक्लेव में एमपी रेस्टोरेंट की तलाशी के दौरान नौ पेटी अवैध शराब बरामद की गई। मौके पर शराब बिक्री करते हुए रिंकू सरोज पुत्र नियुक्त सरोज, निवासी मऊ, उत्तर प्रदेश, हाल निवासी पंवार एंक्लेव नकरौंदा को गिरफ्तार किया गया।

आबकारी विभाग ने तीनों आरोपितों के खिलाफ अवैध शराब की बिक्री और भंडारण के मामले में आबकारी अधिनियम के तहत अभियोग दर्ज किया है। कार्रवाई में उप आबकारी निरीक्षक पान सिंह राणा, आशीष प्रकाश, अर्जुन सिंह, आबकारी हेड कांस्टेबल दीपा डोबरियाल और आबकारी कांस्टेबल रीना, आशीष चौहान, रेशमा चौहान व सोनम पंवार शामिल रहे।


देहरादून में 14 से 30 सितंबर तक चलेगा विशेष नशामुक्ति शपथ अभियान

14 सितंबर को डीएम करेंगे नशा मुक्ति अभियान का शुभांरभ

देहरादून। जिले में नशीली दवाओं के बढ़ते दुरुपयोग के खिलाफ जनजागरूकता बढ़ाने के लिए 14 से 30 सितंबर 2026 तक विशेष शपथ अभियान चलाया जाएगा। ‘नशामुक्त भारत अभियान’ के तहत आयोजित होने वाले इस अभियान का शुभारंभ जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान 14 सितंबर को सुबह 11 बजे ऋषिपर्णा सभागार में करेंगे।

अभियान के दौरान जिलेभर के शैक्षणिक एवं कोचिंग संस्थानों, विश्वविद्यालयों, छात्रावासों, सरकारी और अर्द्धसरकारी कार्यालयों, औद्योगिक इकाइयों, ग्राम पंचायतों, स्थानीय निकायों, होटलों और होम स्टे समेत विभिन्न संस्थानों में ऑनलाइन और ऑफलाइन शपथ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

उच्च शिक्षा विभाग की ओर से महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, सरकारी व निजी शिक्षण संस्थानों, कोचिंग संस्थानों और छात्रावासों में छात्र-छात्राओं को नशीली दवाओं के दुष्परिणामों की जानकारी दी जाएगी। इसके बाद सामूहिक रूप से नशामुक्ति की शपथ दिलाई जाएगी।

इसी तरह सरकारी, अर्द्धसरकारी और निगम कार्यालयों में अधिकारी एवं कर्मचारी सामूहिक रूप से नशे से दूर रहने की शपथ लेंगे। ग्राम पंचायतों, नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों में स्थानीय नागरिकों के साथ महिला स्वयं सहायता समूहों को भी अभियान से जोड़ा जाएगा।

औद्योगिक इकाइयों और कारखानों में भी चलेगा अभियान

उद्योग विभाग औद्योगिक इकाइयों, कारखानों, निर्माण इकाइयों और निजी कार्यालयों के साथ समन्वय कर वहां कार्यरत श्रमिकों और कर्मचारियों को अभियान से जोड़ेगा। इन स्थानों पर सामूहिक शपथ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे और उनकी जानकारी निर्धारित प्रारूप में संकलित की जाएगी।

विद्यालयों में शत-प्रतिशत सहभागिता पर जोर

मुख्य शिक्षा अधिकारी के निर्देशन में जिले के सभी सरकारी, अशासकीय और निजी विद्यालयों, आवासीय विद्यालयों तथा कक्षा एक से 12 तक के विद्यार्थियों और कर्मचारियों को अभियान से जोड़ा जाएगा। सभी संबंधित लोगों को ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन शपथ दिलाने का लक्ष्य रखा गया है। खंड शिक्षा अधिकारी अपने-अपने विकासखंडों के विद्यालयों की जानकारी संकलित कर उपलब्ध कराएंगे।

होटल, होम स्टे और खेल केंद्र भी होंगे शामिल

जिला पर्यटन अधिकारी के माध्यम से होटल, होम स्टे और छात्रावासों में भी शपथ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के प्रमाण-पत्रों का संकलन किया जाएगा। वहीं, जिला क्रीड़ा अधिकारी के माध्यम से महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज रायपुर समेत अन्य खेल प्रशिक्षण केंद्रों में प्रशिक्षण ले रहे छात्र-छात्राओं के लिए भी सामूहिक ऑनलाइन और ऑफलाइन शपथ कार्यक्रम होंगे।

ऑनलाइन शपथ के बाद प्रमाण-पत्र डाउनलोड करना अनिवार्य

अभियान के तहत ऑनलाइन शपथ लेने के बाद प्रमाण-पत्र डाउनलोड करना अनिवार्य किया गया है। प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों और संस्थानों से अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा है। शपथ कार्यक्रमों के फोटोग्राफ और निर्धारित प्रारूप में जानकारी भी संबंधित विभाग को उपलब्ध करानी होगी।

जिला प्रशासन ने सभी विभागों, संस्थानों और आमजन से अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। प्रशासन का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक कर नशामुक्त और स्वस्थ समाज के निर्माण में सहभागिता सुनिश्चित करना है।


गड़ूल सूर्यधार में 150 बीघा अवैध भू-विन्यास पर एमडीडीए का शिकंजा, ध्वस्तीकरण की कार्रवाई

देहरादून – मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण ने अनाधिकृत भू-विन्यास और बिना स्वीकृति विकास कार्यों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में ग्राम गड़ूल, सूर्यधार, रानीपोखरी, देहरादून में लगभग *150 बीघा भूमि पर बिना तलपट मानचित्र स्वीकृत कराए किए गए अनाधिकृत भू-विन्यास, सड़क निर्माण एवं सीमांकन* के मामले में प्राधिकरण ने सख्त कार्रवाई की है। प्राधिकरण की ओर से संबंधित पक्ष के विरुद्ध उत्तराखण्ड नगर एवं ग्राम नियोजन तथा विकास अधिनियम के प्रावधानों के उल्लंघन के चलते वाद योजित किया गया। प्रकरण में विशाल मनवाल एवं कोठारी द्वारा प्रश्नगत स्थल पर प्राधिकरण से आवश्यक तलपट मानचित्र स्वीकृत कराए बिना भू-विन्यास संबंधी कार्य किए जाने की शिकायत/प्रकरण सामने आया था। प्राधिकरण ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्थल का निरीक्षण कराया। निरीक्षण के दौरान स्वीकृति के विपरीत बड़े भू-भाग में भू-विन्यास, सड़क सीमांकन सहित अन्य विकास कार्य किए जाने की स्थिति सामने आई।

प्राधिकरण के अनुसार इससे पहले भी उक्त स्थल पर किए गए अवैध निर्माण एवं विकास कार्यों के विरुद्ध कार्रवाई की जा चुकी है। संबंधित अवैध निर्माण को *7 जुलाई 2026* को ध्वस्त किया गया था। इसके बाद कराए गए स्थल निरीक्षण में पाया गया कि लगभग *50 बीघा के अतिरिक्त करीब 150 बीघा भूमि* में भी भू-विन्यास संबंधी कार्य किया गया है। निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर प्राधिकरण ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए अनाधिकृत विकास कार्यों के विरुद्ध ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की।

एमडीडीए ने स्पष्ट किया कि बिना स्वीकृत तलपट मानचित्र के भूमि का भू-विन्यास कर प्लॉटिंग, सड़क निर्माण, सीमांकन अथवा अन्य विकास कार्य किया जाना नियमानुसार अनुमन्य नहीं है। ऐसे मामलों में प्राधिकरण द्वारा दस्तावेजों एवं स्थल की स्थिति का परीक्षण करने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण की कार्रवाई का उद्देश्य अनियोजित और अनाधिकृत विकास पर प्रभावी अंकुश लगाना तथा देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में नियोजित विकास व्यवस्था को बनाए रखना है। अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में भी बिना स्वीकृति भू-विन्यास एवं निर्माण कार्य करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान
एमडीडीए क्षेत्र में बिना स्वीकृति भू-विन्यास, प्लॉटिंग अथवा निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। गड़ूल सूर्यधार प्रकरण में लगभग 150 बीघा भूमि पर बिना तलपट मानचित्र स्वीकृत कराए किए गए अनाधिकृत विकास कार्यों के संबंध में स्थल निरीक्षण और अभिलेखों के परीक्षण के बाद नियमानुसार कार्रवाई की गई है। जहां भी नियमों का उल्लंघन कर अनाधिकृत विकास किया जाएगा, वहां प्राधिकरण नियमानुसार सख्त कदम उठाएगा। आमजन से भी अपील है कि भूमि खरीदने से पहले संबंधित भू-विन्यास और मानचित्र की वैधता अवश्य जांचें।

सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान
गड़ूल सूर्यधार में प्रश्नगत स्थल के निरीक्षण के दौरान स्वीकृत तलपट मानचित्र के बिना बड़े भू-भाग में भू-विन्यास, सड़क सीमांकन सहित अन्य अनाधिकृत कार्य किए जाने की स्थिति सामने आई। प्राधिकरण द्वारा पूर्व में भी स्थल पर पाए गए अवैध निर्माण के विरुद्ध 7 जुलाई 2026 को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई थी। इसके बाद किए गए निरीक्षण में लगभग 50 बीघा के अतिरिक्त करीब 150 बीघा भूमि पर भू-विन्यास संबंधी कार्य पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की गई।


ज्योलिकोट एवं आसपास के क्षेत्रों में जलजनित रोगों की स्थिति पर स्वास्थ्य विभाग की सतत निगरानी : स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल

देहरादून। नैनीताल जनपद के ज्योलिकोट एवं आसपास के क्षेत्रों में जलजनित रोगों की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा निरंतर निगरानी, जांच, उपचार एवं आवश्यक रोकथाम की कार्रवाई की जा रही है। शासन स्तर से भी स्थिति की नियमित समीक्षा की जा रही है।

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में मरीजों को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा जलजनित रोगों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग को सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने, घर-घर सर्वेक्षण एवं जांच में तेजी लाने तथा जरूरतमंद मरीजों को तत्काल उपचार एवं रेफरल सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

18 अगस्त 2026 से अब तक प्रभावित क्षेत्रों में 1540 घरों का घर-घर सर्वेक्षण किया गया है। पीएचसी ज्योलिकोट की ओपीडी में 675 तथा स्वास्थ्य शिविरों की ओपीडी में 468 मरीजों को उपचार एवं परामर्श दिया गया है। वहीं 130 मरीजों को आईपीडी के माध्यम से उपचार उपलब्ध कराया गया है। प्रभावित क्षेत्रों में 673 व्यक्तियों को ओआरएस तथा 3,900 क्लोरीन टैबलेट वितरित की गई हैं।

आउटब्रेक प्रबंधन के लिए ज्योलिकोट क्षेत्र में सरकारी एवं निजी चिकित्सकों सहित कुल 53 कार्मिक तैनात/संलग्न किए गए हैं, जिनमें 26 चिकित्सक, 13 पैरामेडिकल स्टाफ, 5 सपोर्ट स्टाफ, 7 आशा कार्यकर्ता एवं 2 एएनएम शामिल हैं। ज्योलिकोट अस्पताल को 24×7 संचालित किया जा रहा है।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि अधिक से अधिक लोगों की जांच सुनिश्चित करने के लिए प्रतिदिन 100 से अधिक सैंपल लिए जा रहे हैं। रक्त नमूनों में HAV, HEV, कल्चर एवं LFT की जांच पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है तथा आवश्यकतानुसार स्टूल कल्चर भी कराया जा रहा है। साथ ही पेयजल में अवशिष्ट मुक्त क्लोरीन तथा फीकल कंटेमिनेशन की माइक्रोबायोलॉजिकल जांच भी नियमित रूप से की जा रही है।

उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल स्रोतों का नियमित क्लोरीनीकरण, क्लोरीन स्तर की निगरानी तथा सुरक्षित पेयजल के उपयोग को लेकर जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। प्रभावित ग्रामों में चिकित्सक, नर्स एवं आशा कार्यकर्ताओं की नियमित फील्ड विजिट सुनिश्चित की गई है। ORS एवं जिंक कॉर्नर की उपलब्धता भी लगातार बनाए रखी जा रही है।

आपातकालीन स्थिति में त्वरित उपचार एवं रेफरल के लिए 108 एंबुलेंस सेवा एवं मेडिकल मोबाइल यूनिट (MMU) को तैयार रखा गया है। आवश्यकतानुसार मरीजों को उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर किया जा रहा है। बी.डी. पांडे जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी, बेस अस्पताल हल्द्वानी एवं निजी चिकित्सालयों को भी ज्योलिकोट क्षेत्र के मरीजों को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। पात्र मरीजों को आयुष्मान योजना के अंतर्गत निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है।

स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने आमजन से अपील की है कि सुरक्षित अथवा उबला हुआ पेयजल ही प्रयोग करें तथा पीलिया, उल्टी-दस्त, बुखार अथवा अन्य संबंधित लक्षण दिखाई देने पर तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकीय परामर्श लें।

उन्होंने कहा कि सरकार स्थिति पर पूरी तरह नजर बनाए हुए है और मरीजों के उपचार तथा संक्रमण की रोकथाम के लिए सभी आवश्यक कदम लगातार उठाए जा रहे हैं।


भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत की 139वीं जयंती पर किया याद

नैनीताल। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री और देश के पूर्व गृहमंत्री भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत की 139वीं जयंती पर नैनीताल समेत पूरे जिले में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया गया। मुख्य कार्यक्रम मल्लीताल में आयोजित हुआ, जहां जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने पंडित पंत की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने पंडित गोविंद बल्लभ पंत के स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान और आजादी के बाद राष्ट्र निर्माण में निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि पंडित पंत ने कुमाऊं से निकलकर देश की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई और प्रशासन, शिक्षा, कृषि तथा सामाजिक सुधार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि पंडित गोविंद बल्लभ पंत का योगदान उत्तराखंड और देश के लिए सदैव प्रेरणादायी रहेगा। उन्होंने बताया कि अल्मोड़ा में पंडित पंत के नाम पर भव्य मंदिर, प्रतिमा और स्मारक का निर्माण पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि पंडित पंत ने संयुक्त प्रांत के मुख्यमंत्री और देश के गृहमंत्री के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं और राष्ट्र के प्रति उनकी सेवाओं को देखते हुए उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया।

कैबिनेट मंत्री ने निराश्रित बच्चों की मदद के लिए समाज से आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि किसी के आसपास या कस्बे में कोई बच्चा निराश्रित है तो इसकी जानकारी जिलाधिकारी को दी जाए। सरकार ने ऐसे बच्चों के लिए प्रत्येक जिले में छात्रावास की व्यवस्था की है, जहां उन्हें निशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।

उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रखने पर भी जोर दिया। मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश और राज्य में नशा मुक्ति अभियान चलाया जा रहा है। राज्य में करीब 28 लाख परिवार और लगभग 30 लाख बच्चे हैं, ऐसे में उत्तराखंड को नशामुक्त बनाने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।

कार्यक्रम के दौरान नगर पालिका अध्यक्ष सरस्वती खेतवाल ने उपस्थित लोगों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई। युवाओं को नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश देते हुए दूध का सेवन करने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम में मौजूद छात्र-छात्राओं और अन्य आगंतुकों को कैबिनेट मंत्री की ओर से दूध भी वितरित किया गया।

नैनीताल विधायक सरिता आर्या ने कहा कि पंडित गोविंद बल्लभ पंत ने कुमाऊं क्षेत्र के सामाजिक और राजनीतिक उत्थान के साथ देश के स्वतंत्रता आंदोलन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने किसानों, गरीबों और वंचित वर्गों के हितों के लिए लगातार कार्य किया। प्रशासन में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ काम करने में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा।

विधायक सरिता आर्या ने शिक्षा मंत्री के समक्ष अपने क्षेत्र के दो विद्यालयों के उच्चीकरण की मांग भी रखी। इस पर कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत ने स्वीकृति का आश्वासन दिया।

दर्जा राज्य मंत्री दिनेश आर्य ने कहा कि पंडित गोविंद बल्लभ पंत ने कुमाऊं और उत्तराखंड का नाम देश-दुनिया में रोशन किया। अल्मोड़ा के खुंट गांव से निकलकर उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान बनाया। आजादी के बाद उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने उद्योग, शिक्षा और कृषि के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए।

उन्होंने कहा कि कृषि शिक्षा और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए तराई क्षेत्र में कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना भी पंडित पंत के दूरदर्शी प्रयासों का परिणाम थी। इस संस्थान से कृषि क्षेत्र में शिक्षा और शोध को नई दिशा मिली तथा देश को कृषि के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान मिला।

कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत ने पत्रकारों, सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों और अन्य विशिष्ट व्यक्तियों को अंगवस्त्र एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। परीक्षा में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले खुर्पाताल निवासी नवल कुमार और कविता मेहरा को भी गोविंद बल्लभ पंत सम्मान प्रदान किया गया। इसके अलावा सांस्कृतिक और गायन प्रस्तुतियां देने वाले स्कूली छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में विधायक सरिता आर्या, दर्जा राज्य मंत्री शांति मेहरा व दिनेश चंद्र आर्या, नगर पालिका अध्यक्ष सरस्वती खेतवाल, सांसद प्रतिनिधि गोपाल रावत, भाजपा मंडल अध्यक्ष नितिन कार्की, पूर्व सांसद महेंद्र सिंह पाल, पूर्व विधायक नारायण जयंतवाल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, अधिकारी, शिक्षक और स्थानीय लोग मौजूद रहे।


Latest News in hindi

Call Us On  Whatsapp