Monday, September 28th, 2026

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सांस्कृतिक कार्यक्रमों को लेकर फैलाई जा रही भ्रामक अफवाह को महाराज ने बताया आधारहीन

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सांस्कृतिक कार्यक्रमों को लेकर फैलाई जा रही भ्रामक अफवाह को महाराज ने बताया आधारहीन

देहरादून। श्री बद्रीनाथ धाम परिसर के पास आयोजित एक उत्सव में संगीत का वीडियो वायरल होने के पश्चात सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही भ्रामक सूचनाओं पर प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने अपनी स्पष्ट प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा यह अफवाह फैलाना कि श्री बद्रीनाथ धाम में संगीत, नृत्य या सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रतिबंधित हैं, सरासर गलत और तथ्यहीन है। उन्होंने कहा कि “जब श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलते हैं, उस पावन अवसर पर स्वयं भारतीय सेना का बैंड धार्मिक धुनों और मंगल संगीत की प्रस्तुति करता है। यह परम्परा वर्षों से चली आ रही है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि श्री बद्रीनाथ धाम केवल एक मंदिर ही नहीं, अपितु उर्वशी पीठ भी है। यहाँ संगीत के माध्यम से ही ईश्वर की आराधना और स्तुति की जाती है। संगीत यहाँ की आध्यात्मिक और वैदिक परम्परा का अभिन्न अंग रहा है, इस पर कोई प्रतिबंध नहीं है।

महाराज ने कहा कि हमारे सीमान्त गांव माणा में जब वैवाहिक कार्यक्रम होते हैं, तब भी वहां परम्परागत संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है। यह हमारी सनातन संस्कृति का हिस्सा है। उन्होंने श्री बद्रीनाथ की पौराणिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यहां नर और नारायण पर्वत विराजमान हैं और यहां की पूजा पद्धति परम वैष्णव पद्धति है। बद्रीनाथ मंदिर के अंदर शंख नहीं बजाया जाता है। यहाँ शंखनाद करना पूरी तरह वर्जित है। क्योंकि वह हड्डी का बना होता है परन्तु मंदिर परिसर के बाहर शंख बजाने पर किसी भी प्रकार का कोई प्रतिबंध नहीं है। यह हमारी पूजा पद्धति की विशेषता है, प्रतिबंध नहीं।

महाराज ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में भी श्री बद्रीनाथ धाम में अनेक अवसरों पर इस प्रकार के धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते रहे हैं। ऐसे में यह कहना कि श्री बद्रीनाथ में इस प्रकार के कार्यक्रम नहीं हो सकते, पूरी तरह से निराधार है।

उन्होंने प्रदेशवासियों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और देवभूमि की गरिमा को बनाए रखने में सहयोग करें। सरकार श्री केदारनाथ धाम सहित चारों धामों की पवित्रता, परम्परा और मर्यादा को बनाए रखने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।


जन शिकायतों के निस्तारण में किसी भी तरह की लापरवाही या अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं- डीएम

समाधान दिवस में 140 से अधिक शिकायतें प्राप्त, डीएम ने अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के दिए निर्देश

भूमि विवाद, अतिक्रमण, पारिवारिक उत्पीड़न, आर्थिक सहायता एवं मुआवजा संबंधी शिकायतें प्रमुखता से रहीं

वरिष्ठ नागरिकों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा एवं नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश

देहरादून। देहरादून में आयोजित जन समाधान दिवस में सोमवार को जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के सामने 140 से अधिक शिकायतें पहुंचीं। भूमि विवाद, अतिक्रमण, अवैध निर्माण, पारिवारिक उत्पीड़न, मुआवजा भुगतान और आर्थिक सहायता से जुड़ी शिकायतों पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जन शिकायतों के निस्तारण में किसी भी तरह की लापरवाही या अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जन समाधान दिवस के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का नियमानुसार और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए। साथ ही शिकायत पर की गई कार्रवाई की जानकारी संबंधित व्यक्ति को भी दी जाए।

बुजुर्ग महिलाओं ने की उत्पीड़न की शिकायत

जन समाधान दिवस में 73 वर्षीय रामप्यारी गोदियाल ने अपने पुत्रवधू और पौत्र पर गाली-गलौज, मारपीट और घर से निकालने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि उन पर मकान अपने नाम करने का दबाव बनाया जा रहा है। बुजुर्ग महिला ने अपनी सुरक्षा और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार कार्रवाई करने और महिला की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

वहीं, राजपुर के चन्द्रलोक बस्ती निवासी वृद्ध विधवा यशोदा देवी ने अपने बेटे और बहू पर मानसिक एवं शारीरिक उत्पीड़न, अभद्रता और धमकी देने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पहले भी पुलिस से शिकायत की जा चुकी है। इसके अलावा बेटे और बहू को अपनी चल-अचल संपत्ति से बेदखल करने का सार्वजनिक नोटिस भी प्रकाशित कराया गया है। इसके बावजूद संपत्ति पर उनका कब्जा बना हुआ है। महिला ने अपनी और परिवार की सुरक्षा की मांग की। इस पर जिलाधिकारी ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने और पुलिस को उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

छह महीने से लंबित मुआवजे का मामला पहुंचा डीएम के पास

विकासनगर के ईस्ट होपटाउन स्थित खसरा संख्या 868 और खाता संख्या 614 के भूमि धारकों ने मकान और जमीन के मुआवजे का भुगतान नहीं होने की शिकायत की। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, उन्होंने फरवरी 2026 में विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी कार्यालय में आवश्यक दस्तावेज जमा कराए थे, लेकिन छह महीने से अधिक समय बीतने के बाद भी मुआवजा नहीं मिला। तहसील विकासनगर से रिपोर्ट लंबित होने की बात भी सामने आई। इस पर जिलाधिकारी ने विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई कर लंबित मुआवजे के भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

जमीन की पैमाइश नहीं होने पर जताई नाराजगी

रेसकोर्स निवासी संजय कालरा ने विकासनगर तहसील के मौजा कोल्हूपानी में स्थित अपनी जमीन पर पड़ोसी द्वारा अतिरिक्त तारबाड़ किए जाने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि जमीन की पैमाइश के लिए उपजिलाधिकारी विकासनगर को प्रार्थना पत्र दिया गया था। इसके बाद तहसीलदार ने लेखपाल को पैमाइश के आदेश भी दिए, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई। जिलाधिकारी ने तहसीलदार विकासनगर को जमीन की पैमाइश और सीमांकन के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

अवैध निर्माण और अतिक्रमण की शिकायतें भी पहुंचीं

आईटी पार्क के पीछे स्थित दून डिवाइन आवासीय सोसायटी के वी.डी.जी. ग्रीन फ्लैट्स के निवासियों ने निर्माणाधीन बहुमंजिला भवन को लेकर शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि प्लॉट संख्या 75, खसरा संख्या 71ख, मजरा धोरणखास में नियमों के विपरीत उनके फ्लैट से सटाकर निर्माण किया जा रहा है। इससे भवन की सुरक्षा और वेंटिलेशन प्रभावित होने की आशंका है।

निवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि एमडीडीए की सील के बावजूद निर्माण कार्य जारी है और बिल्डर की ओर से उन्हें धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने निर्माण की जांच कर अवैध निर्माण पर रोक लगाने की मांग की। जिलाधिकारी ने मामले में एमडीडीए को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

इसी तरह जॉलीग्रांट के कोठारी मोहल्ले के निवासियों ने सरकारी भूमि पर अतिक्रमण और अवैध निर्माण की शिकायत की। जिलाधिकारी ने मामले का संज्ञान लेते हुए उपजिलाधिकारी डोईवाला और एमडीडीए के अधिकारियों को प्रकरण की स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

घरेलू हिंसा और दहेज उत्पीड़न की शिकायत पर कार्रवाई के निर्देश

जन समाधान दिवस में एक महिला ने ससुराल पक्ष पर दहेज की मांग को लेकर उत्पीड़न और पति पर मारपीट करने का आरोप लगाया। पीड़िता ने बताया कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह वकील और न्यायालय का खर्च उठाने में असमर्थ है। इस पर जिलाधिकारी ने जिला प्रोबेशन अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई करने और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) को पीड़िता के लिए निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन समाधान दिवस में आने वाली शिकायतों को केवल दर्ज करने तक सीमित न रखा जाए। प्रत्येक मामले में स्थलीय जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए और शिकायतकर्ताओं को समयबद्ध राहत उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने विशेष रूप से संवेदनशील और गंभीर मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने पर जोर दिया।

जन समाधान दिवस में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) केके मिश्रा, अपर जिलाधिकारी प्रशासन स्मृता परमार, पुलिस क्षेत्राधिकारी अनुज कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता-2026 में उत्तराखंड का गौरवपूर्ण प्रदर्शन

सानिया जोशी एवं पार्थ वोहरा ने भारत के लिए जीते रजत पदक

देहरादून। चीन के शंघाई में 22 से 27 सितंबर तक आयोजित 48वीं वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता-2026 में भारत ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 6 रजत पदक एवं 20 मेडलियन फॉर एक्सीलेंस प्राप्त किए तथा वैश्विक स्तर पर 10वां स्थान हासिल किया। यह वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ वैश्विक प्रदर्शन है।

भारत की इस गौरवपूर्ण उपलब्धि में उत्तराखंड के प्रतिभाशाली युवाओं ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। उत्तराखंड की सानिया जोशी ने Retail Sales कौशल तथा पार्थ वोहरा ने Industrial Design Technology कौशल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए रजत पदक अर्जित किया।

विश्वस्तरीय मंच पर उत्तराखंड के युवाओं का परचम

वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता विश्व का प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय कौशल मंच है, जहां विभिन्न देशों के युवा प्रतिभागी अपने तकनीकी कौशल, दक्षता, नवाचार, सृजनात्मकता एवं व्यावसायिक उत्कृष्टता का प्रदर्शन करते हैं। वर्ष 2026 की प्रतियोगिता में विश्वभर से लगभग 1,400 प्रतिभागियों ने 64 विभिन्न कौशल विधाओं में प्रतिभाग किया। ऐसे प्रतिष्ठित वैश्विक मंच पर उत्तराखंड के दो युवाओं की उपलब्धि प्रदेश के लिए गौरव का विषय है।

इंडिया स्किल्स से वर्ल्डस्किल्स के वैश्विक मंच तक

उत्तराखंड के इन प्रतिभागियों की सफलता की महत्वपूर्ण कड़ी इंडिया स्किल्स 2025-26 की राज्य स्तरीय प्रतियोगिता एवं चयन प्रक्रिया रही। कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग तथा उत्तराखंड कौशल विकास समिति (UKSDS) द्वारा प्रदेश के युवाओं को विभिन्न कौशल विधाओं में प्रतिभाग करने तथा अपनी दक्षता प्रदर्शित करने के अवसर प्रदान किए गए।

इंडिया स्किल्स की राज्य, क्षेत्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के माध्यम से उत्कृष्ट प्रतिभागियों को अगले स्तर पर आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। इसी प्रक्रिया के माध्यम से चयनित प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने तथा अंतरराष्ट्रीय कौशल प्रतियोगिताओं के लिए आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त होता है।

इसी क्रम में सानिया जोशी एवं पार्थ वोहरा ने अपनी-अपनी कौशल विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए वर्ल्डस्किल्स के वैश्विक मंच तक पहुंच बनाई और भारत के लिए रजत पदक अर्जित कर उत्तराखंड का गौरव बढ़ाया।

यह उपलब्धि कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग तथा UKSDS द्वारा प्रदेश के युवाओं में कौशल उत्कृष्टता को बढ़ावा देने और उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय अवसरों से जोड़ने के लिए किए जा रहे प्रयासों का परिणाम है।


‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत नंदा की चौकी आंगनवाड़ी केंद्र में आयोजित हुआ ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम

आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां निभा रही सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका- रेखा आर्या

मंत्री रेखा आर्या ने लाभार्थियों को किया लाभान्वित

देहरादून। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने देहरादून स्थित आंगनवाड़ी केंद्र नंदा की चौकी में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत आयोजित ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने गर्भवती महिलाओं की गोद भराई कराई तथा लाभार्थी महिलाओं और किशोरियों को महालक्ष्मी किट, बेबी किट एवं पोषण किट वितरित किए।

मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण कड़ी हैं। आंगनवाड़ी केंद्र केवल पोषण वितरण के केंद्र नहीं बल्कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, बच्चो के विकास और किशोरियों के स्वास्थ्य एवं पोषण को मजबूत करने का मजबूत माध्यम हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गर्भवती एवं धात्री महिलाओं, नवजात शिशुओं तथा किशोरियों के पोषण और स्वास्थ्य के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं और बच्चों को बेहतर पोषण उपलब्ध कराने के साथ ही स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और जरूरतमंद परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।

विभागीय मंत्री ने कहा कि महालक्ष्मी किट, बेबी किट और पोषण किट जैसी योजनाओं के माध्यम से सरकार मातृत्व और बाल स्वास्थ्य को आवश्यक सहयोग प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी पात्र परिवारों तक पहुंचाया जा रहा है और राज्य सरकार इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए लगातार काम कर रही है।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं एवं किशोरियों से संवाद करते हुए उनकी जरूरतों और समस्याओं को सुना साथ ही उनके सुझाव भी प्राप्त किए।

विभागीय मंत्री ने कहा कि हमारी आंगनवाड़ी बहने दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों तक सरकार की योजनाओं को पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। वह बच्चों के पोषण, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं की देखभाल और किशोरियों में स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी जागरूकता बढ़ाने का काम करती हैं। कहा की सरकार आंगनवाड़ी बहनों के कार्य को और अधिक प्रभावी एवं सुविधाजनक बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

कार्यक्रम में इन गर्भवती महिलाओं की कराई गई गोद-भराई

यमनोत्री, रचना, नीरज और महिमा

महालक्ष्मी किट से लाभान्वित महिलाएं

सुनीता, कुसुम

गर्भधात्री(बेबी किट) से लाभान्वित महिलाएं

चांदनी, पूनम और संजीदा

पोषण किट से लाभान्वित किशोरियाँ

सोनाली, दिव्या और मनीषा

इस अवसर पर निदेशक बंशीलाल राणा, डिप्टी डायरेक्टर विक्रम सिंह, राज्य परियोजना अधिकारी मोहित चौधरी, जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेंद्र कुमार, नोडल अधिकारी उदय प्रताप सिंह, कार्यक्रम अधिकारी (निदेशालय) सरोज त्रिपाठी, आंगनबाड़ी कार्यकत्री रचना देवी सहित विभागीय अधिकारी, लाभार्थी महिलाएं, किशोरियां एवं नन्हे-मुन्ने बच्चे उपस्थित रहे।


कालिंदी ट्रेक पर फंसे 29 ट्रेकर्स का सफल रेस्क्यू, हेलीकॉप्टर से हर्षिल पहुंचाया

उत्तरकाशी। उत्तरकाशी जिले के कालिंदी ट्रेक स्थित ओडिन कॉल क्षेत्र में फंसे ट्रेकर्स को सुरक्षित निकालने के लिए चलाया गया रेस्क्यू अभियान सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। अभियान के तहत ओडिन कॉल से कुल 29 ट्रेकर्स को हेलीकॉप्टर के जरिए सुरक्षित रेस्क्यू कर हर्षिल पहुंचाया गया।

शासन से समन्वय स्थापित करते हुए सेनानायक एसडीआरएफ अर्पण यदुवंशी के दिशा-निर्देशन में रेस्क्यू ऑपरेशन संचालित किया गया। सेनानायक ने एसडीआरएफ कंट्रोल रूम के माध्यम से पूरे अभियान की लगातार निगरानी की और मौके पर तैनात टीमों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

रेस्क्यू अभियान में एसडीआरएफ, जिला पुलिस, भारतीय सेना, स्थानीय प्रशासन और यूकाडा की टीमें संयुक्त रूप से शामिल रहीं। इन टीमों के समन्वित प्रयासों से ओडिन कॉल क्षेत्र में फंसे सभी 29 ट्रेकर्स को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

रेस्क्यू के बाद सभी ट्रेकर्स को आर्मी बेस हर्षिल स्थित चिकित्सालय लाया गया है। यहां चिकित्सकीय टीम द्वारा सभी की प्राथमिक स्वास्थ्य जांच की जा रही है। फिलहाल सभी 29 ट्रेकर्स सुरक्षित हैं और उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।


चीड़बासा स्लाइडिंग जोन में संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाकर 1500 यात्रियों को सुरक्षित पहुंचाया गौरीकुंड

रुद्रप्रयाग: केदारनाथ यात्रा मार्ग पर चीड़बासा के पास देर रात स्लाइडिंग के चलते फंसे करीब 1500 यात्रियों को SDRF, NDRF और DDRF की संयुक्त टीमों ने सुरक्षित रेस्क्यू कर गौरीकुंड पहुंचाया।

दिनांक 27 सितम्बर 2026 की देर रात DCR रुद्रप्रयाग से सोनप्रयाग पुलिस को सूचना मिली कि गौरीकुंड से करीब तीन किलोमीटर आगे चीड़बासा क्षेत्र में स्लाइडिंग के कारण कई यात्री मार्ग के दूसरी ओर फंस गए हैं। सूचना मिलते ही SDRF सोनप्रयाग की टीम सब इंस्पेक्टर आशीष डिमरी के नेतृत्व में तत्काल मौके के लिए रवाना हुई।

मौके पर पहुंचने पर टीम को चीड़बासा हैलीपैड के समीप मार्ग पर स्लाइडिंग के कारण मलबा जमा मिला। इसके साथ ही पहाड़ी से लगातार पत्थर गिर रहे थे, जिससे यात्रियों की आवाजाही बेहद जोखिमपूर्ण हो गई थी। हालात को देखते हुए SDRF, NDRF और DDRF की टीमों ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान शुरू किया।

रेस्क्यू टीमों ने यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्लाइडिंग जोन को सावधानीपूर्वक पार कराया। इस दौरान करीब 1500 यात्रियों को सुरक्षित दूसरी ओर पहुंचाकर गौरीकुंड रवाना किया गया।

लगातार पत्थर गिरने और स्लाइडिंग के खतरे के बावजूद रेस्क्यू टीमों ने समन्वय के साथ अभियान को पूरा किया।


दिल्ली में प्रवासी बुद्धिजीवियों से CM धामी का संवाद, कहा- उत्तराखण्ड के विकास में प्रवासियों की महत्वपूर्ण भागीदारी

देहरादून/नई दिल्ली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को नई दिल्ली स्थित उत्तराखण्ड निवास में उत्तराखण्ड के प्रवासी बुद्धिजीवियों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने राज्य के विकास की प्राथमिकताएं साझा कीं, वहीं विभिन्न संस्थानों से जुड़े प्रवासी उत्तराखण्डवासियों ने प्रदेश के विकास को लेकर अपने सुझाव दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की विकास यात्रा में प्रवासी उत्तराखण्डवासियों और प्रबुद्धजनों की महत्वपूर्ण भागीदारी है। कार्यक्रम में मिले सुझावों को राज्य के विकास के लिए तैयार की जाने वाली नीतियों में शामिल किया जाएगा।

रिवर्स पलायन और रोजगार पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने विकास को गति देने के लिए बजट को बढ़ाकर 1.12 लाख करोड़ रुपये किया है। ‘पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी’ को प्रदेश के विकास में उपयोगी बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। पर्यटन, स्वरोजगार और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों के विस्तार से रिवर्स माइग्रेशन को बढ़ावा मिल रहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार राज्य में रिवर्स माइग्रेशन में 44 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

कनेक्टिविटी और निवेश को बताया ताकत

मुख्यमंत्री ने दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर, हवाई सेवाओं और औद्योगिक क्षेत्रों को उत्तराखण्ड की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि देहरादून से देश के प्रमुख शहरों के लिए 50 से अधिक हवाई सेवाएं उपलब्ध हैं। हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर औद्योगिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र हैं, जबकि पंतनगर में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया।

उन्होंने कहा कि नीति आयोग की एसडीजी रैंकिंग में उत्तराखण्ड ने शीर्ष स्थान हासिल किया है और पर्वतीय एवं पूर्वोत्तर राज्यों की श्रेणी में निवेश के लिए बेहतर नीतिगत वातावरण तैयार करने की दिशा में भी राज्य अग्रणी रहा है।

35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी का दावा

युवाओं और रोजगार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता को प्राथमिकता दी है। पेपर लीक और नकल के मामलों में कठोर कार्रवाई की गई तथा नकल माफिया के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 100 से अधिक लोगों को जेल भेजा गया। मुख्यमंत्री के अनुसार 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति दी गई है।

उन्होंने कहा कि होमस्टे, छोटे होटल, कृषि, बागवानी और स्थानीय उद्यमों के माध्यम से युवा और महिलाएं स्वरोजगार की ओर आगे बढ़ रहे हैं।

पर्यटन को बताया अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार

मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा और आदि कैलाश क्षेत्र में बढ़ती गतिविधियों का उल्लेख करते हुए कहा कि धार्मिक एवं पर्यटन गतिविधियों से सीमांत क्षेत्रों में स्थानीय रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन के बाद उत्तराखण्ड की खेल क्षेत्र में बन रही नई पहचान का भी उल्लेख किया।

UCC और शिक्षा व्यवस्था पर भी रखी सरकार की बात

मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता को सुशासन और समान अधिकारों की दिशा में राज्य की महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने धर्मांतरण विरोधी और दंगा विरोधी कानूनों को राज्य की अस्मिता और डेमोग्राफी की रक्षा से जोड़ते हुए सरकार की नीति स्पष्ट की।

शिक्षा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने मदरसा बोर्ड समाप्त कर उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की व्यवस्था किए जाने का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक बच्चे को समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री के अनुसार निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित नहीं हो रहे 250 से अधिक मदरसों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों तक सड़क, रेल, रोपवे और हवाई कनेक्टिविटी का विस्तार, धार्मिक पर्यटन को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ना तथा युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पैदा करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

कार्यक्रम में प्रसून जोशी, प्रो. प्रदीप जोशी, अश्विनी लोहानी, प्रो. हर्ष वी. पंत, सुभाष धुलिया, प्रो. धनंजय जोशी, सुष्मिता रावत, डॉ. सरिता पाठक, कुलानंद जोशी, निर्मल पाठक, हरिसुमन बिष्ट, देव रतूड़ी, डॉ. सुषमा रावत, डॉ. निधि गुसाईं, देवेंद्र गुसाईं, डॉ. के.के. पाण्डेय, विनोद बछेती, डी.एस. रावत, डॉ. सरोज पाण्डेय, शंकर पाण्डेय, प्रो. दिनेश सकलानी, प्रो. पवन कुमार जोशी, वीरेंद्र सिंह नेगी, पवन कुमार मैठानी, हरेंद्र असवाल, संजय जोशी, डॉ. भुवन चंद्र पाण्डेय, विजय जोशी, डॉ. मेघा बिष्ट, लक्ष्मी रावत सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रो. गोविंद सिंह ने किया।


रेड-ऑरेंज अलर्ट पर मुख्य सचिव का बड़ा निर्देश, 24×7 अलर्ट मोड में रहें सभी विभाग

देहरादून। मौसम विभाग द्वारा जारी रेड और ऑरेंज अलर्ट के मद्देनजर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने रविवार देर शाम राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) पहुंचकर प्रदेश में बारिश से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनजीवन की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी विभाग पूर्ण समन्वय के साथ 24×7 अलर्ट मोड पर कार्य करें।

मुख्य सचिव ने प्रदेशभर में वर्षा, नदियों के जलस्तर, बंद सड़कों, भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों, राहत एवं बचाव कार्यों, विद्युत-पेयजल आपूर्ति और संचार व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने जिलाधिकारियों को वर्षा एवं अतिवृष्टि से हुए नुकसान का विस्तृत आकलन कर शीघ्र USDMA को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि राहत एवं पुनर्स्थापना कार्यों में तेजी लाई जा सके।

15 अक्टूबर तक सड़कें गड्ढामुक्त करने के निर्देश

मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों का उल्लेख करते हुए सभी जिलों को 15 अक्टूबर तक सड़कों को गड्ढामुक्त करने के अभियान को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने को कहा। उन्होंने क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों और जनहानि का आकलन कर प्रभावित लोगों को नियमानुसार मुआवजा जल्द उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।

मौसम देखकर ही संचालित हो चारधाम यात्रा

मुख्य सचिव ने कहा कि मौसम की वास्तविक स्थिति को देखते हुए ही चारधाम यात्रा संचालित की जाए। अत्यधिक बारिश या मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोककर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और स्थिति सामान्य होने के बाद ही यात्रा आगे बढ़ाई जाए।

नदियों के जलस्तर पर 24 घंटे निगरानी रखने तथा डैम और बैराज से पानी छोड़े जाने की स्थिति में डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को पहले से सूचना देकर सतर्क करने के निर्देश भी दिए गए।

संवेदनशील लोगों की विशेष निगरानी

गर्भवती महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों की विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं को आवश्यकता पड़ने पर समय रहते सुरक्षित स्थानों अथवा चिकित्सा सुविधाओं वाले स्थानों पर पहुंचाने तथा जरूरत के अनुसार हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध कराने को कहा गया।

डेंगू की रोकथाम के लिए जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में जांच किट, दवाइयां, रक्त, बेड और पर्याप्त चिकित्सा स्टाफ की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

28 सितंबर सुबह 6 बजे से शुरू होगा ट्रेकर्स रेस्क्यू

मुख्य सचिव ने उत्तरकाशी और बागेश्वर में हाई एल्टीट्यूड ट्रेकिंग के दौरान फंसे ट्रेकर्स के राहत एवं बचाव अभियान की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सोमवार, 28 सितंबर को सुबह 6 बजे से हेलीकॉप्टरों के माध्यम से रेस्क्यू अभियान शुरू किया जाए।
यूकाडा के माध्यम से पर्याप्त संख्या में हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराने और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त हेलीकॉप्टरों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। रेस्क्यू के दौरान ट्रेकर्स से लगातार संपर्क बनाए रखने तथा उनकी लोकेशन और स्वास्थ्य की जानकारी लेते रहने को कहा गया।

रेस्क्यू के बाद सभी ट्रेकर्स की तत्काल मेडिकल स्क्रीनिंग कराई जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर बेहतर उपचार के लिए एम्स ऋषिकेश और श्रीनगर मेडिकल कॉलेज को अलर्ट मोड पर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्य सचिव ने विशेष रूप से कहा कि रेस्क्यू अभियान में शामिल हर हेलीकॉप्टर में सैटेलाइट फोन अनिवार्य रूप से उपलब्ध होना चाहिए, ताकि ऊंचाई वाले और संचारविहीन क्षेत्रों में भी रेस्क्यू टीमों से लगातार संपर्क बना रहे।


परिणाम आधारित शिक्षा से विद्यार्थियों को रोजगार के साथ रोजगार सृजन के लिए तैयार करना जरूरी: कुलपति

नई शिक्षा नीति-2020, कौशल विकास, स्टार्टअप और नवाचार पर शिक्षकों ने किया मंथन

देहरादून। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय (एसजीआरआरयू) में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) की ओर से ‘परिणाम आधारित शिक्षा श्रृंखला-1’ के तहत कार्यशाला आयोजित की गई। एसबीएएस सभागार में आयोजित कार्यशाला में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, कौशल आधारित शिक्षा, स्टार्टअप, नवाचार, उद्यमिता और सामाजिक विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने विचार साझा किए।

विश्वविद्यालय के प्रेजीडेंट श्रीमहंत देवेंद्र दास जी महाराज ने कार्यशाला की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं। कुलपति डॉ. विपिन चंद्र घिल्डियाल ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा को केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं रखा जा सकता। विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ व्यावहारिक कौशल, दक्षता, नवाचार और उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि परिणाम आधारित शिक्षा विद्यार्थियों को रोजगार के लिए तैयार करने के साथ-साथ रोजगार सृजनकर्ता बनने के लिए भी प्रेरित कर सकती है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप कौशल आधारित और विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए उन्होंने शिक्षा और कौशल के बेहतर समन्वय की आवश्यकता बताई।

मुख्य विशेषज्ञ वक्ता डॉ. मीनाक्षी सूद, एसएमआईईईई, आईई एवं एसोसिएट डीन (आउटरीच एवं रिसोर्स जेनरेशन), एनआईटीटीटीआर चंडीगढ़ ने परिणाम आधारित शिक्षा के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए कोर्स आउटकम (CO), प्रोग्राम आउटकम (PO), शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया और मूल्यांकन के बीच प्रभावी समन्वय जरूरी है।

डॉ. सूद ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम पूरा करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में ऐसे ज्ञान, कौशल और दक्षताओं का विकास करना है, जिनका वे वास्तविक जीवन में प्रभावी उपयोग कर सकें।

कार्यशाला में शिक्षकों ने परिणाम आधारित शिक्षा, मूल्यांकन प्रणाली, कौशल विकास, स्टार्टअप, नवाचार और विद्यार्थियों के समग्र विकास से जुड़े विषयों पर विशेषज्ञ के साथ संवाद किया।

कार्यक्रम की शुरुआत आईक्यूएसी निदेशक प्रो. सोनिया गंभीर के स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने कहा कि आउटकम बेस्ड एजुकेशन का मूल उद्देश्य शिक्षा को बदलावकारी, मापन योग्य और सार्थक बनाना है।

कार्यक्रम के अंत में आईक्यूएसी उपनिदेशक प्रो. अरुण कुमार ने विश्वविद्यालय के प्रेजीडेंट श्रीमहंत देवेंद्र दास जी महाराज, कुलपति डॉ. विपिन चंद्र घिल्डियाल, रजिस्ट्रार प्रो. सोनिका कंडारी, विशेषज्ञ वक्ता, शिक्षकों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर डॉ. ज्योति कालरा सहित विभिन्न स्कूलों के डीन और शिक्षक मौजूद रहे।


कार्यक्रम स्थगित कर आपदा प्रभावितों के बीच पहुंचे डॉ. धन सिंह रावत

डुंगरी तल्ली में 23 प्रभावित परिवारों से की मुलाकात, नुकसान का लिया जायजा

कहा—आपदा की घड़ी में प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है सरकार, राहत एवं पुनर्वास कार्यों में नहीं होगी कमी

पौड़ी/ देहरादून:कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने राठ क्षेत्र के दो दिवसीय भ्रमण के दौरान अपने निर्धारित कार्यक्रमों को स्थगित कर आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण विभिन्न गांवों में हुए नुकसान की जानकारी मिलने पर उन्होंने रविवार को पैठाणी में ‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रतिभाग करने के बाद चाकीसैंण तहसील के डुंगरी तल्ली गांव का रुख किया। यहां उन्होंने आपदा से प्रभावित 23 परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और नुकसान का जायजा लिया।

क्षतिग्रस्त रास्तों के बावजूद पैदल आपदा प्रभावित गांव पहुंचे मंत्री

आपदा के कारण कई स्थानों पर सड़क एवं संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त होने के बावजूद डॉ. रावत पैदल चलकर प्रभावित गांव तक पहुंचे। उन्होंने क्षतिग्रस्त मार्गों का स्थलीय निरीक्षण किया तथा ग्रामीणों से सीधे संवाद कर आपदा से उत्पन्न परिस्थितियों की जानकारी ली। ग्रामीणों ने सड़क एवं संपर्क मार्गों के क्षतिग्रस्त होने सहित अन्य समस्याओं से उन्हें अवगत कराया।

डॉ. रावत ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि आपदा से क्षतिग्रस्त रास्तों एवं संपर्क मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त कराया जाएगा। साथ ही, प्रभावित परिवारों को नियमानुसार मुआवजा एवं आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभागों के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

उन्होंने कहा कि आपदा की इस कठिन घड़ी में राज्य सरकार पूरी तरह प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। राहत, पुनर्वास और मूलभूत सुविधाओं की बहाली से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी।

राहत एवं पुनर्वास कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता

डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों की समस्याओं का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, संपर्क मार्ग और अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाओं को शीघ्र बहाल करने के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय किया गया है।

उन्होंने ग्रामीणों से भी प्रशासन के साथ सहयोग करने तथा आपदा के बाद आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की।

युवा संवाद कार्यालय में दिया नशे से दूर रहने का संदेश

आपदा प्रभावित क्षेत्रों के निरीक्षण के बाद डॉ. धन सिंह रावत ने पैठाणी में भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने युवाओं से संवाद करते हुए उन्हें खेलों से जुड़ने तथा अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाने के लिए प्रेरित किया।

डॉ. रावत ने कहा कि युवा समाज और राष्ट्र की महत्वपूर्ण शक्ति हैं। स्वस्थ एवं सशक्त समाज के निर्माण के लिए युवाओं को नशे से दूर रहकर खेल, शिक्षा और रचनात्मक गतिविधियों से जुड़ना चाहिए। उन्होंने युवाओं से स्वयं नशे से दूर रहने के साथ ही समाज में भी नशामुक्ति के प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में युवाओं ने विभिन्न विषयों पर कैबिनेट मंत्री के साथ संवाद किया और अपने विचार साझा किए।

इस अवसर पर युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष गणेश नेगी राठी, पैठाणी मंडल अध्यक्ष विजय रौथाण, वीरेन्द्र रावत, पंकज रावत, जिला पंचायत सदस्य डॉ. शिवचरण नौटियाल, ब्लॉक प्रमुख सुनीता रावत सहित भाजपा पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।

 

 


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