Tuesday, September 29th, 2026

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अवैध निर्माणों पर एमडीडीए की कार्रवाई, दो भवन सील

Category Archives: उत्तराखंड

अवैध निर्माणों पर एमडीडीए की कार्रवाई, दो भवन सील

अवैध निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ लगातार जारी है एमडीडीए का अभियान

देहरादून – मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माण और बिना स्वीकृति किए जा रहे निर्माण कार्यों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। प्राधिकरण की ओर से शहर और आसपास के क्षेत्रों में निर्माण गतिविधियों की निगरानी के साथ-साथ नियमों का उल्लंघन करने वाले भवनों पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में देहरादून में दो अलग-अलग मामलों में भवनों को सील किया गया। एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी और सचिव मोहन सिंह बर्निया के निर्देशन में प्राधिकरण की टीम लगातार ऐसे निर्माणों को चिन्हित कर कार्रवाई कर रही है, जो स्वीकृत मानकों और प्राधिकरण के नियमों के अनुरूप नहीं हैं। प्राधिकरण का कहना है कि अवैध निर्माण और अनधिकृत व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

माजरा में भवन निर्माण पर कार्रवाई
पहली कार्रवाई लाल बहादुर शास्त्री मार्ग, माजरा, देहरादून में की गई। यहां इकराम द्वारा संबंधित स्थल पर भूतल एवं प्रथम तल पर भवन निर्माण किया जा रहा था। प्राधिकरण की ओर से इस निर्माण के संबंध में उत्तराखण्ड (उ.प्र.) नगर योजना एवं विकास अधिनियम, 1973 के संशोधन अधिनियम, 2009 की सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई की गई।इस मामले को वाद संख्या आर-0439/एस-1/2022 के रूप में दर्ज किया गया था। प्राधिकरण के अभिलेखों में यह वाद आनन्द बसेरा के नाम से दर्ज है। नियमानुसार प्रक्रिया के बाद सोमवार को संबंधित भवन को सील कर दिया गया।

बंगाली कोठी में व्यावसायिक निर्माण सील
दूसरी कार्रवाई बंगाली कोठी, मोधरोवाला रोड, देहरादून में की गई। यहां एम.एस. रावत द्वारा संबंधित स्थल पर व्यावसायिक निर्माण कार्य किया जा रहा था। प्राधिकरण की ओर से निर्माण गतिविधि के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई करते हुए उत्तराखण्ड (उ.प्र.) नगर योजना एवं विकास अधिनियम, 1973 के संशोधन अधिनियम, 2009 की सुसंगत धाराओं के तहत वाद दर्ज किया गया। यह मामला वाद संख्या सी-03076/एस-2/2026 के रूप में योजित किया गया है। प्राधिकरण की टीम ने सोमवार को मौके पर पहुंचकर संबंधित निर्माण को सील कर दिया।

नियमों का पालन करने की अपील
एमडीडीए की कार्रवाई का उद्देश्य प्राधिकरण क्षेत्र में नियोजित और व्यवस्थित विकास सुनिश्चित करना है। प्राधिकरण की ओर से भवन स्वामियों और निर्माणकर्ताओं से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य शुरू करने से पहले संबंधित स्वीकृतियां और मानचित्र की स्थिति सुनिश्चित करें। बिना अनुमति या स्वीकृत मानकों के विपरीत किए जाने वाले निर्माण पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।एमडीडीए अधिकारियों के अनुसार शहर के विभिन्न क्षेत्रों में निर्माण गतिविधियों की निगरानी जारी है। अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लाटिंग को लेकर प्राधिकरण की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लाटिंग के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। नियमों का उल्लंघन कर किए जा रहे निर्माण को किसी भी स्थिति में प्रोत्साहित नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि चिन्हित मामलों में नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। हमारा प्रयास है कि देहरादून का विकास सुनियोजित, सुरक्षित और निर्धारित मानकों के अनुरूप हो।

एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण की टीमें निर्माण गतिविधियों की लगातार निगरानी कर रही हैं। बिना स्वीकृति अथवा निर्धारित मानकों के विपरीत किए जा रहे निर्माण पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि क्षेत्र में नियोजित विकास व्यवस्था को मजबूत करना भी है। अवैध निर्माण और प्लाटिंग के मामलों में नियमों के अनुसार आगे भी सख्ती बरती जाएगी।


मंडलायुक्त दीपक रावत ने तहसील कार्यालय रामनगर का किया निरीक्षण

दाखिल-खारिज से संबंधित अधिकांश पत्रावलियों के 35वें दिन निरस्त होने पर तहसीलदार का स्पष्टीकरण लेने के दिए निर्देश

दो वर्ष से अधिक समय से लंबित खुर्रे से संबंधित पटवारियों से भी स्पष्टीकरण लेने के दिए निर्देश

रामनगर: मंडलायुक्त कुमाऊँ दीपक रावत ने सोमवार को तहसील कार्यालय रामनगर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने राजस्व अभिलेखों, न्यायालयीन प्रकरणों तथा जनसामान्य से संबंधित विभिन्न कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।

मंडलायुक्त ने न्यायालय में लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी वाद अनावश्यक रूप से लंबित न रहे। सभी वादों की नियमित सुनवाई करते हुए नियमानुसार एवं समयबद्ध रूप से उनका निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करने तथा जिन मामलों में कार्रवाई अपेक्षित है, उनमें अनावश्यक विलंब न करने के निर्देश दिए।

उन्होंने भू-उपयोग परिवर्तन से संबंधित धारा-143 के लंबित आवेदन पत्रों की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे सभी लंबित प्रकरणों का 10 दिन के भीतर नियमानुसार निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनसामान्य से जुड़े राजस्व प्रकरणों के निस्तारण में पारदर्शिता, नियमबद्धता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए।

दाखिल-खारिज से संबंधित अधिकांश पत्रावलियों के 35वें दिन निरस्त होने पर मंडलायुक्त ने नाराजगी व्यक्त करते हुए तहसीलदार का स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दाखिल-खारिज के मामलों का नियमानुसार परीक्षण करते हुए समयबद्ध निस्तारण किया जाए। साथ ही, दो वर्ष से अधिक समय से लंबित खुर्रे से संबंधित मामलों की समीक्षा करते हुए संबंधित पटवारियों का भी स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए।

मंडलायुक्त ने उप जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि तहसील स्तर पर लंबित सभी प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा आमजन को अपने कार्यों के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कार्यालयीय व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित रखते हुए राजस्व कार्यों के त्वरित, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल ने मंडलायुक्त से शिष्टाचार भेंट कर तहसील में एक अहलमद की तैनाती की मांग की। मंडलायुक्त ने कहा कि प्राथमिकता के आधार पर अहलमद की तैनाती की कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने अधिवक्ताओं से म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) के मामलों में जन-जागरूकता बढ़ाने में सहयोग का आह्वान किया।

इस दौरान उप जिलाधिकारी गोपाल सिंह चौहान, तहसीलदार मनीषा मकराना सहित तहसील के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने की मांग को अजय भट्ट का समर्थन, बोले—जनभावनाओं के साथ खड़ी है सरकार

हल्द्वानी। बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा दिए जाने की लंबे समय से चली आ रही मांग को नैनीताल-ऊधमसिंह नगर सांसद एवं पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री अजय भट्ट ने समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि बिंदुखत्ता की जनता की भावनाओं के साथ पूरी सरकार खड़ी है और इस दिशा में जल्द सकारात्मक परिणाम सामने आने की उम्मीद है।

सांसद अजय भट्ट ने बताया कि इस संबंध में उनकी वन मंत्री सुबोध उनियाल से दूरभाष पर वार्ता हुई है। वन मंत्री ने भी मामले में जल्द सकारात्मक कार्रवाई किए जाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द ही इसे कैबिनेट में लाकर प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने की तैयारी कर रही है।

अजय भट्ट ने कहा कि बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा देने का मुद्दा वे पूर्व में लोकसभा सदन में भी उठा चुके हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों की मालिकाना हक को लेकर सरकार से की जा रही मांग जायज है और सरकार जनभावनाओं के अनुरूप इस मामले में आगे बढ़ रही है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा इस मामले के समाधान के लिए वन मंत्री की अध्यक्षता में समिति तथा मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक अन्य समिति गठित की गई है। दोनों समितियां मामले का परीक्षण कर सकारात्मक दिशा में कदम उठाएंगी।

सांसद ने कहा कि बिंदुखत्ता के ग्रामीणों की वर्षों पुरानी मांग के समाधान के लिए सरकार गंभीरता से प्रयास कर रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही इस मामले में ठोस और सकारात्मक निर्णय सामने आएगा।


उत्तराखंड में फंसे ट्रैकर्स-माउंटेनियर्स की सुरक्षित वापसी के लिए मुख्यमंत्री ने संभाली कमान

दिल्ली से लौटते ही सीधे राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचे सीएम धामी

उत्तरकाशी और पिंडारी ग्लेशियर में फंसे 179 ट्रैकर्स-माउंटेनियर्स के रेस्क्यू ऑपरेशन की सीएम ने ली जानकारी

देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने दिल्ली प्रवास से लौटते ही सीधे राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र, आईटी पार्क पहुंचे और प्रदेश के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हाई एल्टीट्यूड ट्रैकिंग के दौरान फंसे ट्रैकर्स एवं माउंटेनियर्स के लिए संचालित राहत एवं बचाव अभियान की स्वयं समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने आपदा की स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों से रेस्क्यू ऑपरेशन की अद्यतन जानकारी ली और फंसे हुए प्रत्येक व्यक्ति की सुरक्षित वापसी को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर विभिन्न जनपदों में फंसे ट्रैकर्स एवं माउंटेनियर्स की संख्या, उनके वर्तमान लोकेशन, अब तक किए गए रेस्क्यू तथा शेष लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए की जा रही व्यवस्थाओं की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रेस्क्यू ऑपरेशन में किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो और मौसम एवं भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए उपलब्ध सभी संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि राज्य के विभिन्न उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हाई एल्टीट्यूड ट्रैकिंग के दौरान कुल 179 ट्रैकर्स एवं माउंटेनियर्स के फंसे होने की जानकारी प्राप्त हुई थी। इनमें 136 लोग उत्तरकाशी तथा 43 लोग बागेश्वर जनपद के पिंडारी क्षेत्र में फंसे हुए थे।

मुख्यमंत्री ने उत्तरकाशी में संचालित रेस्क्यू ऑपरेशन की विशेष रूप से जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि उत्तरकाशी में फंसे 136 लोगों में से 40 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है। वहीं, 40 लोगों ने फिलहाल रेस्क्यू कराने से इनकार किया है और अपनी यात्रा जारी रखने की इच्छा व्यक्त की है। शेष लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान पुनः प्रारंभ किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि रेस्क्यू अभियान के दौरान ट्रैकर्स, माउंटेनियर्स एवं पोर्टर्स की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखी जाए। उन्होंने कहा कि आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त संसाधनों की तत्काल व्यवस्था की जाए और सभी संबंधित एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करें।

मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए कुल 8 हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आवश्यकता पड़ने पर उपलब्ध हवाई संसाधनों का तत्काल उपयोग किया जाए। उन्होंने हेली एंबुलेंस को भी स्टैंडबाय मोड में रखने के निर्देश दिए, ताकि रेस्क्यू के दौरान किसी व्यक्ति को चिकित्सकीय सहायता की आवश्यकता होने पर उसे तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी उत्तरकाशी से भी बात कर मौके की स्थिति की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री को बताया कि मौसम एवं परिस्थितियों को देखते हुए शेष ट्रैकर्स एवं माउंटेनियर्स को सुरक्षित निकालने के लिए सोमवार सुबह 6 बजे से रेस्क्यू ऑपरेशन दोबारा शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि रेस्क्यू टीमों को सभी आवश्यक सहयोग एवं संसाधन उपलब्ध कराए जाएं तथा अभियान की लगातार मॉनिटरिंग की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों के साथ ही उत्तराखण्ड आने वाले पर्यटकों, श्रद्धालुओं और ट्रैकर्स की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों एवं संबंधित विभागों को संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।

चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं की भी मुख्यमंत्री ने की समीक्षा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बैठक में चारधाम यात्रा की वर्तमान व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने चारधाम एवं यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, स्वच्छता और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को व्यवस्थाओं को लगातार बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से चारधाम सहित सभी प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की पुख्ता एवं स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा और धार्मिक पर्यटन के बढ़ते स्वरूप को देखते हुए केवल वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप व्यवस्थाएं करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक एवं स्थायी सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लान तैयार किया जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संबंधित विभाग आपसी समन्वय से ऐसी व्यवस्था तैयार करें, जिससे धामों एवं धार्मिक स्थलों की स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और श्रद्धालुओं की सुविधा एक साथ सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की धार्मिक और प्राकृतिक विरासत को संरक्षित रखते हुए यात्रा एवं पर्यटन व्यवस्थाओं को और अधिक व्यवस्थित एवं टिकाऊ बनाया जाना आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की परिस्थितियों में सरकार का प्रत्येक तंत्र पूरी तत्परता से कार्य करे और रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान किसी भी व्यक्ति की सुरक्षा में कोई कमी न रहे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ और अन्य संबंधित एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहें।

बैठक में सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन, आयुक्त गढ़वाल आनंद स्वरूप सहित आपदा प्रबंधन विभाग एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


कुष्ठ रोग मुक्त व्यक्तियों के लिए बहुउद्देशीय स्वास्थ्य शिविर आयोजित, 50 लोगों की हुई जांच

देहरादून: के.के.एम. कुष्ठ आश्रम, नालापानी, सहस्रधारा में कुष्ठ रोग मुक्त व्यक्तियों के लिए बहुउद्देशीय स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में कुल 50 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई।

शिविर में ईएनटी के 5, ऑर्थो के 12, नेत्र रोग के 11, महिला रोग के 15 तथा फिजिशियन के 10 मरीजों की जांच की गई। इसके अलावा हाई बीपी के 5 और मधुमेह के 2 मरीजों की भी जांच की गई।

शिविर के दौरान 50 लोगों के छाती के एक्स-रे किए गए, जिनमें 10 व्यक्तियों में टीबी के संदिग्ध लक्षण पाए गए। संबंधित व्यक्तियों को आवश्यक चिकित्सकीय जांच एवं आगे की कार्रवाई के लिए मार्गदर्शन दिया गया।

इस अवसर पर खाद्य आपूर्ति, समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण और शहरी विकास विभाग के अधिकारियों ने विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। वहीं NIEPVD की असिस्टेंट प्रोफेसर श्रीमती सुनंदा राणा ने संस्थान द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं के बारे में जानकारी दी।

कार्यक्रम में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हितेश कुमार शर्मा, वरिष्ठ क्षय रोग अधिकारी डॉ. मनोज वर्मा, बाबूराम तोमर, बी.पी. शर्मा एवं सूरज सिंह उपस्थित रहे।

शिविर की व्यवस्थाएं सत्य साईं सेवा संस्थान के उपाध्यक्ष कैप्टन अजय स्वरूप के नेतृत्व में 30 सेवा दल सदस्यों द्वारा सुचारू रूप से संपन्न कराई गईं।


सपनों का भारत 2047 अभियान के तहत सीएनआई इंटर कॉलेज में रचनात्मक प्रतियोगिताएं आयोजित

देहरादून। समाज कल्याण मंत्री एवं प्रदेश संयोजक भाजपा उत्तराखंड तथा ‘सपनों का भारत 2047’ अभियान के संयोजक खजानदास ने सीएनआई इंटर कॉलेज, देहरादून में आयोजित सेवा कार्य, भाषण, चित्रकला, पेंटिंग प्रतियोगिता एवं प्रदर्शनी में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार वितरित किए।

मंत्री खजानदास ने विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा और उनके उत्कृष्ट कार्यों की सराहना करते हुए शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य युवाओं के मन में वर्ष 2047 तक भारत को सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने की सोच को मजबूत करना है। विद्यार्थियों ने चित्रकला और भाषण के माध्यम से विकसित भारत 2047 को लेकर अपने विचार प्रस्तुत किए। वहीं रंगोली और नुक्कड़ नाटक के जरिए महिला सशक्तिकरण सहित सामाजिक विषयों को भी रचनात्मक रूप से प्रदर्शित किया गया।

खजानदास ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के विजन में आत्मनिर्भरता, सेमीकंडक्टर निर्माण, रक्षा उत्पादन, हरित ऊर्जा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों पर विशेष जोर है। इसके साथ ही आधुनिक हाईवे, मजबूत रेलवे नेटवर्क और डिजिटल कनेक्टिविटी के विस्तार तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और समान अवसरों के माध्यम से सामाजिक उत्थान पर भी बल दिया जा रहा है।

कार्यक्रम में सीएनआई स्कूल की प्रधानाचार्य रीबिका, नगर निगम पार्षद अशोक डोबरियाल, विद्यालय के शिक्षकगण, नैन सिंह पंवार सहित अनेक कार्यकर्ता एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।


बच्चों के सर्वांगीण विकास में अहम भूमिका निभा रहे आंगनबाड़ी केन्द्रः डॉ. धन सिंह रावत

आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, माताओं-बहनों एवं ग्रामीणों से किया संवाद

चिपलघाट में बहुउद्देशीय शिविर व जनता दरबार में सुनीं जनसमस्याएं

पौड़ी/देहरादून: सूबे के कैबिनेट मंत्री एवं श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. धन सिंह रावत ने आज (सोमवार) को विकासखंड पाबो के जितोली, सांकरसैंण, चिपलघाट सहित विभिन्न दूरस्थ गांवों का पैदल जनसम्पर्क कर स्थानीय ग्रामीणों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विद्यालयों, आंगनबाड़ी केन्द्रों का निरीक्षण किया साथ ही बहुउद्देशीय शिविर एवं जनता दरबार में प्रतिभाग कर जनसमस्याओं को भी सुना।

डॉ. रावत ने जितोली स्थित आंगनबाड़ी केन्द्र में आयोजित ‘आंगन-मिलन सेवा’ कार्यक्रम में प्रतिभाग कर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, स्थानीय महिलाओं व ग्रामीणों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्र बच्चों के प्रारंभिक विकास, पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं संस्कार निर्माण की महत्वपूर्ण आधारशिला हैं। बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र परिवार तक पहुंचाना आवश्यक है।

उन्होंने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा आंगनबाड़ी केन्द्रों की गतिविधियों में आम लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ, शिक्षित और संस्कारवान बच्चों के निर्माण में परिवार के साथ-साथ आंगनबाड़ी केन्द्रों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है।

इसके उपरांत डाॅ. रावत ने सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत राजकीय इंटर कॉलेज सांकरसैंण में आयोजित चित्रकला प्रदर्शनी एवं भाषण प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया। उन्होंने छात्र-छात्राओं की रचनात्मक प्रतिभा और विचारों की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों को अपनी प्रतिभा और विचारों को अभिव्यक्त करने के पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी के सपनों को अवसर और उनकी प्रतिभा को सही दिशा देना ही सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य है।

चिपलघाट में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर एवं जनता दरबार में डॉ. रावत ने ग्रामीणों की समस्याएं एवं सुझाव सुने। शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों द्वारा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों को दी गई। डॉ. रावत ने योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद कर उन्हें मिल रहे लाभ की जानकारी भी ली तथा अधिकारियों को पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने और जनसमस्याओं का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

डॉ. रावत ने विकासखंड पाबो में निर्माणाधीन खुण्डेश्वर स्टेडियम का स्थलीय निरीक्षण भी किया। उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति एवं गुणवत्ता की जानकारी अधिकारियों से ली। उन्होंने कहा कि स्टेडियम का निर्माण पूर्ण होने से क्षेत्र के युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा स्थानीय खेल प्रतिभाओं को अपनी क्षमता निखारने का मौका मिलेगा।


पशुलोक बैराज से अज्ञात महिला का शव बरामद, SDRF ने सिविल पुलिस को सौंपा

ऋषिकेश: पशुलोक बैराज में एक अज्ञात महिला का शव दिखाई देने की सूचना पर SDRF की टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को कड़ी मशक्कत के बाद बैराज से बाहर निकाला।

SDRF पोस्ट ढालवाला को सूचना मिलने के बाद उप निरीक्षक पंकज खरोला के नेतृत्व में टीम तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई। टीम ने पशुलोक बैराज पहुंचकर रेस्क्यू अभियान चलाया और शव को सुरक्षित बाहर निकाला।

बरामद शव लगभग 50 वर्षीय अज्ञात महिला का बताया जा रहा है। SDRF ने शव को आवश्यक कार्रवाई के लिए सिविल पुलिस के सुपुर्द कर दिया है। महिला की शिनाख्त सहित अन्य आवश्यक कार्रवाई सिविल पुलिस द्वारा की जा रही है।


सीएम हेल्पलाइन की फोर्स क्लोज शिकायत की डीएम ने मौके पर पहुंचकर जांची हकीकत

डीएम ने धरातल पर उतरकर जांची सड़कों की स्थिति, 15 अक्टूबर तक सभी सड़कों को गड्डामुक्त करने के निर्देश

शिकायतकर्ता से दूरभाष पर वार्ता कर जाना संतुष्टि का वास्तविक स्तर, निर्माण कार्यों में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी

देहरादून।जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने आज मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों  के निस्तारण एवं सड़कों की वास्तविक स्थिति परखने के लिए चकराता रोड, जीएमएस रोड एवं शिमला बाईपास रोड का स्थलीय निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने मौके पर पहुंचकर सड़कों की स्थिति, संचालित कार्यों की प्रगति तथा शिकायतों के निस्तारण की धरातलीय स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने संबंधित शिकायतकर्ताओं से दूरभाष पर वार्ता कर यह भी जाना कि विभाग द्वारा शिकायत के निस्तारण के संबंध में दी गई जानकारी वास्तविक रूप से धरातल पर कितनी प्रभावी है।

जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर फोर्स क्लोज की गई शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट किया कि केवल पोर्टल पर शिकायत को बंद करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिकायत का वास्तविक एवं संतोषजनक निस्तारण धरातल पर सुनिश्चित होना चाहिए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मेहूंवाला क्षेत्र में शिमला बाईपास रोड पर जगह-जगह गड्ढे पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को तत्काल गड्ढों को भरते हुए सड़क को सुचारु एवं सुरक्षित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क निर्माण एवं मरम्मत से संबंधित कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क की गुणवत्ता एवं आवागमन की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण किए जाएं।

जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिमला बाईपास चौक से सेंट जूड्स स्कूल होते हुए कमला पैलेस तक मार्ग की खराब स्थिति से संबंधित शिकायत का स्थलीय निरीक्षण किया। यह शिकायत शिकायतकर्ता पूजा भटगाईं द्वारा दर्ज की गई थी, जिसे विभाग द्वारा शिकायतकर्ता की संतुष्टि के आधार पर फोर्स क्लोज किया जाना दर्शाया गया था।

जिलाधिकारी ने मौके पर सड़क की स्थिति का निरीक्षण करने के साथ ही शिकायतकर्ता से दूरभाष पर वार्ता कर शिकायत के निस्तारण की वास्तविक स्थिति जानी। संबंधित अधिकारियों ने अवगत कराया कि उक्त मार्ग पर सड़क रिस्टोरेशन का कार्य अगले दिन से प्रारंभ किया जाएगा। जिलाधिकारी ने कार्य में किसी प्रकार की देरी न करने तथा निर्धारित समय में सड़क को ठीक करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान चकराता रोड पर बिना अनुमति दिन के समय सड़क खुदाई किए जाने का मामला सामने आने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित एडीबी अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सड़क खुदाई एवं निर्माण कार्य निर्धारित अनुमति, मानकों एवं शर्तों के अनुरूप ही किए जाएं। आमजन के आवागमन को बाधित करने वाले अथवा बिना अनुमति किए जाने वाले कार्यों पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

इसके उपरांत जिलाधिकारी ने जीएमएस रोड से आईटीबीपी सीमाद्वार की ओर जाने वाले मार्ग का निरीक्षण किया। होटल सन पार्क इन एवं राकवैली रेजीडेंसी के समीप पूर्व में जलभराव वाले स्थल का भी जायजा लिया। उन्होंने मौके पर किए गए सुधार कार्यों की स्थिति देखी तथा क्षेत्रवासियों से वार्ता कर समस्या के समाधान के संबंध में जानकारी ली।

क्षेत्र में सड़क पर जलभराव वाले स्थानों पर टाइल लगाए जाने तथा नालियों की सफाई का कार्य किया गया है। संबंधित लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जीएमएस रोड से सीमाद्वार तक सड़क के सुधार एवं निर्माण कार्य के लिए लगभग रू0 4 करोड़ धराशि से पूर्ण किए जाएगें जिसकी डीपीआर शासन को भेजी गई है। जिलाधिकारी ने क्षेत्रवासियों से सड़क, जलभराव एवं अन्य नागरिक सुविधाओं से संबंधित समस्याओं की जानकारी भी ली तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने सभी संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए कि 15 अक्टूबर  से पूर्व जिले की सड़कों को गड्डामुक्त किया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सड़क की खुदाई, निर्माण सामग्री रखने अथवा सड़क पर कार्य करने से पहले नियमानुसार अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बिना अनुमति सड़क की खुदाई, निर्माण सामग्री का अनधिकृत भंडारण अथवा सड़क को क्षतिग्रस्त करने की स्थिति पाई गई तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी ने सभी कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया कि वे अनुमति एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप निर्माण कार्य पूर्ण करें तथा कार्य पूर्ण होने के बाद सड़क की स्थिति को व्यवस्थित एवं सुरक्षित बनाना सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शिकायतों का निस्तारण केवल पोर्टल पर औपचारिक रूप से बंद न किया जाए, बल्कि मौके पर जाकर शिकायत के वास्तविक समाधान की पुष्टि की जाए।

निरीक्षण के दौरान एसई लोनिवि ओमपाल सिंह, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ऋषभ कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


जनता दर्शन में 10 शिकायतों पर सुनवाई, अपर जिलाधिकारी ने दिए त्वरित निस्तारण के निर्देश

जनता मिलन में आई शिकायतों का हुआ समाधान, लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण पर जोर

पौड़ी- जनसमस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान के उद्देश्य से जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में अपर जिलाधिकारी एफ.आर. चौहान की अध्यक्षता में जनता दर्शन आयोजित किया गया। इस दौरान जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने सड़क, प्रधानमंत्री आवास योजना, आपदा सहित अन्य मामलों से संबंधित 10 शिकायतें दर्ज कराईं। अपर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को प्रकरणों का गंभीरता से परीक्षण कर नियमानुसार एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही पूर्व में प्राप्त शिकायतों की प्रगति की समीक्षा कर लंबित मामलों के शीघ्र समाधान पर जोर दिया।

कोटद्वार रोड निवासी पार्वती देवी ने अपनी शिकायत में अवगत कराया कि उनकी निजी भूमि पर विद्युत विभाग द्वारा ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया है तथा जल संस्थान द्वारा पानी का टैंक निर्मित किया गया है, जिसके एवज में उन्हें अब तक मुआवजा प्राप्त नहीं हुआ है। मामले का संज्ञान लेते हुए अपर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक जांच कर नियमानुसार मुआवजा भुगतान की कार्रवाई यथाशीघ्र सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
डंडापानी निवासी फतेह सिंह ने रोडसाइड एक्ट के तहत अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किए जाने की शिकायत पर अपर जिलाधिकारी ने संबंधित सड़क निर्माण विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।कलजीखाल के बैर गांव निवासी अनिल सिंह ने पिपला -टेका मोटरमार्ग के निर्माण मे गुणवत्ता की अनदेखी की शिकायत पर अपर जिलाधिकारी ने पीएमजीस्वाई सतपुली को

प्रत्येक सोमवार आयोजित होने वाले जनता मिलन कार्यक्रम में प्राप्त शिकायतों का संबंधित विभागों द्वारा प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जा रहा है। इसी क्रम में तहसील पौड़ी के ग्राम जसकोट निवासी मनमोहन सिंह ने गुडड़ी से सिंडी जसकोट मोटर मार्ग पर गड्डों का जेसीबी से भरण कर जाने की शिकायत का त्वरित समाधान लेते हुए पार्टी खंड लोक निर्माण विभाग द्वारा जेसीबी बेचकर गड्ढे मुक्त का कार्य किया गया। तहसील पौड़ी के कुखड गांव निवासी सुरेंद्र सिंह कि प्रधानमंत्री किसान निधि संबंधित शिकायत का संज्ञान लेते हुए कृषि विभाग द्वारा योजना का लाभ हेतु आवेदन भरवा कर शिकायत का समाधान सुनिश्चित किया गया।

इसी प्रकार विकासखंड पाबौ के ग्राम कोला निवासी बीना देवी द्वारा जनता मिलन कार्यक्रम में गांव के रास्तों पर झाड़ियों के कारण आवागमन में हो रही कठिनाइयों संबंधी शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत का संज्ञान लेते हुए संबंधित विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई की गई तथा ग्राम के मार्गों पर झाड़ी कटान का कार्य कराकर आवागमन को सुगम बनाया गया। इस प्रकार शिकायत का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया गया।

अपर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता दर्शन एवं जनता मिलन में प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने शिकायतकर्ताओं को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने तथा की गई कार्रवाई की जानकारी देने के निर्देश दिए। इस दौरान मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं विभागीय स्तर पर प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करते हुए उनके नियमित निस्तारण पर भी जोर दिया गया।

इस अवसर पर संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात, सीएमओ डॉ. मेघना असवाल, पुलिस उपाधीक्षक तपेश कुमार चंद, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विशाल शर्मा, पीडी डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, डीपीआरओ जितेंद्र कुमार, डीएसटीओ राम सलोने, अधिशासी अभियंता जल संस्थान टी.एस. रावत, मुख्य कृषि अधिकारी ऋतु कुकरेती जुयाल, परियोजना अधिकारी उरेडा चंद्रप्रकाश उपाध्याय, जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित दुबड़िया, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका संजय कुमार, एलडीएम किशन रावत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


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