Tuesday, September 29th, 2026

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शहीद सैनिकों की पुण्य आत्माओं की शांति के लिए आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के समापन कार्यक्रम में प्रतिभाग करते सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी

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शहीद सैनिकों की पुण्य आत्माओं की शांति के लिए आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के समापन कार्यक्रम में प्रतिभाग करते सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी

देहरादून। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने आज नाइन पाम वेडिंग प्वाइंट, जोगीवाला में शहीद सैनिकों एवं राज्य आंदोलनकारियों की पुण्य आत्माओं की शांति के लिए आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के समापन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने अमर बलिदानियों की आत्मा की शांति एवं सद्गति के लिए विधिवत आहुति अर्पित की।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण भी किया तथा व्यासपीठ पर विराजमान कथा वाचक आचार्य श्यामसुंदर जी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर मंत्री गणेश जोशी ने आयोजन के लिए संस्था के पदाधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि शहीद सैनिकों और राज्य आंदोलनकारियों का बलिदान प्रदेश की अमूल्य धरोहर है। उनके त्याग और संघर्ष के कारण ही आज हम स्वतंत्र एवं सुरक्षित वातावरण में जीवन जी रहे हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से हम अपने अमर बलिदानियों को श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हैं और उनकी पुण्य स्मृतियों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का कार्य करते हैं।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखंड वीरभूमि है और यहां के हर परिवार का सेना से भावनात्मक जुड़ाव है। सैनिकों के सम्मान और कल्याण के लिए राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। शहीदों की स्मृति को चिरस्थायी बनाए रखने के साथ-साथ उनके परिवारों के हितों का संरक्षण सरकार की प्राथमिकता है। मंत्री जोशी ने कहा कि उत्तराखंड की देवभूमि की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराएं समाज को सदैव सेवा, त्याग, संस्कार और मानवता का संदेश देती हैं। श्रीमद्भागवत कथा जैसे धार्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा और आपसी सद्भाव को बढ़ावा देते हैं।

इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, सुभाष भट्ट, लक्ष्मण सिंह बिष्ट, बलवंत सिंह, ईरा कुकरेती, वंदना रावत, अनुज रावत, उमाकांत भट्ट सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।


आपदा न्यूनीकरण के लिए रिवर ड्रेजिंग पर जोर, टेंडर प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश

01 अक्टूबर से शुरू होगा खनन सत्रः अवैध खनन पर जीरो टॉलरेंस

खनन क्षेत्रों में सीसीटीवी और एंटी माइनिंग टास्क फोर्स होगी 24 घंटे एक्टिव

वाहनों में रेडियम और फॉग लाइट अनिवार्य, स्टोन क्रेशरों में लगेगा धर्मकांटा

पर्यावरण पहल- स्टोन क्रेशरों के लिए 1000 पौधे लगाना अनिवार्य-डीएम

देहरादून।  जनपद में आगामी खनन सत्र 2026-27 आगामी 1 अक्टूबर से प्रारंभ होने जा रहा है। खनन कार्य को सुचारू, नियमित और पारदर्शी ढंग से संचालित करने के लिए मंगलवार को जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में जिला खनन समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर पूर्ण रूप से अंकुश लगाने तथा शासन एवं न्यायालय के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि आबादी वाले क्षेत्रों में जनसुरक्षा और आपदा के प्रभाव को कम करने के लिए नदियों में रिवर ड्रेजिंग और चौनलाइजेशन का कार्य बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ है। उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा संभावित क्षेत्रों का तत्काल चिह्नीकरण कर उपखनिज की मात्रा का सही आंकलन किया जाए। साथ ही, नए चिन्हित लॉटों के लिए नियमानुसार टेंडर प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने अवैध खनन एवं परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए तहसील स्तर पर गठित एंटी माइनिंग टास्क फोर्स को सक्रिय करने तथा खनन क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों को क्रियाशील रखते हुए नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने खनन क्षेत्रों में वाहनों की फिटनेस, वाहन चालकों की पहचान तथा खनन कार्य में लगे श्रमिकों की सुरक्षा एवं सुविधाओं का विशेष ध्यान रखने को कहा।

उन्होंने खनिज वाहनों में रेडियम एवं फॉग लाइट अनिवार्य रूप से लगाने, स्टोन क्रशरों में धर्मकांटा की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा घोड़े-खच्चरों एवं ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की नियमित जांच के निर्देश दिए। साथ ही खनन क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण एवं बच्चों की शिक्षा से जुड़े प्रावधानों का भी गंभीरता से पालन सुनिश्चित करने को कहा। जिलाधिकारी ने स्टोन क्रशर संचालकों को कम से कम एक हजार पौधे लगाने के निर्देश जारी करने को भी कहा।

30 लॉटों पर खनन कार्य, 31.26 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्त
जिला खनन अधिकारी ने बताया कि जनपद में निजी नाप भूमि के 03, वन विकास निगम के 04, गढ़वाल मंडल विकास निगम लिमिटेड के 08, ई-निविदा के माध्यम से स्वीकृत 01 तथा मैसर्स कैलाश रिवर बैंड एलएलपी के 14 खनन पट्टे आवंटित किए गए हैं। इन लॉटों के अंतर्गत कुल 659.81 हेक्टेयर खनन क्षेत्र निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि कुल 69 लॉट में से वर्तमान में 30 लॉटों पर खनन कार्य संचालित है, जिससे अब तक 31.26 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। अन्य लॉटों में आवश्यक कार्रवाई गतिमान है।

जिला खनन समिति की बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशा) स्मृता परमार, एसपी स्वतंत्र सिंह, एसडीएम विनोद कुमार, एसडीएम रविन्द्र ज्वांठा, जिला खनन अधिकारी ऐश्वर्य शाह, प्रबंधक जीएमवीएन कुसुम चौहान, सीओ विवेक सिंह, आरटीओ से रोशनी पंत वर्चुअल माध्यम से सभी एसडीएम सहित खनन समिति के अन्य सदस्यगण एवं अन्य संबन्धित अधिकारीगण मौजूद थे।


विधानसभा चुनाव-2027 की प्रारंभिक तैयारियों की समीक्षा, चिन्हित मतदान केंद्रों पर आश्वस्त सुविधाएं सुनिश्चित करने को कहा

डीएम ने निर्वाचन कार्मिकों का डाटाबेस तैयार कर समयबद्ध तैनाती के दिए निर्देश, संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता पर जोर

पौड़ी- आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 के दृष्टिगत जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में जिला स्तरीय इंटेलिजेंस कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में निर्वाचन की तैयारियों, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान, कानून-व्यवस्था, मतदाता जागरूकता, मतदान केंद्रों पर सुविधाओं, कार्मिक व्यवस्था तथा विशेष गहन पुनरीक्षण सहित विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की गई।

बैठक में संवेदनशील एवं क्रिटिकल मतदान केंद्रों तथा व्यय संवेदनशील बूथों को लेकर आवश्यक तैयारियों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को पिछली निर्वाचन प्रक्रिया के आंकड़ों एवं अनुभवों के आधार पर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने चिन्हित संवेदनशील एवं क्रिटिकल मतदान केंद्रों पर निर्वाचन आयोग के मानकों के अनुरूप सभी आवश्यक आश्वस्त सुविधाएं समय से उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने मतदान केंद्रों पर बिजली, पेयजल, शौचालय, रैंप, फर्नीचर, छाया सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता का पूर्व से सत्यापन करने तथा जहां भी कमी हो, उसे समय रहते दूर करने के निर्देश दिए। मतदान केंद्रों तक पहुंच एवं परिसर की स्थिति का भी निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा गया।

जिलाधिकारी ने कानून-व्यवस्था की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निवारक कार्रवाई को प्रभावी बनाने तथा अवैध शराब, मादक पदार्थों एवं अन्य अवैध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने शस्त्र लाइसेंसों के सत्यापन के लिए विशेष अभियान चलाते हुए इसे आगामी एक माह के भीतर पूर्ण करने को कहा। सभी उपजिलाधिकारियों को संबंधित क्षेत्राधिकारियों एवं आबकारी निरीक्षकों के साथ समन्वय बैठक कर अपने-अपने क्षेत्रों में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सीमावर्ती तहसीलों में विशेष सतर्कता बरतने तथा संबंधित गतिविधियों की नियमित समीक्षा के साथ प्रतिमाह रिपोर्ट प्रस्तुत करने को भी कहा गया।

जिलाधिकारी ने मतदाता जागरूकता के लिए जिला स्वीप कार्ययोजना को प्रभावी ढंग से लागू करने तथा भारत निर्वाचन आयोग के मैनुअल ऑन स्वीप-2024 के अनुरूप जागरूकता गतिविधियां संचालित करने को कहा। उन्होंने निर्वाचन संबंधी प्रचार-प्रसार के लिए आवश्यक सामग्री तैयार करने तथा विभिन्न माध्यमों से मतदाताओं को मतदान के प्रति जागरूक करने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

बैठक में निर्वाचन के लिए आवश्यक कार्मिकों की उपलब्धता एवं तैनाती की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर कार्मिकों का विस्तृत डाटाबेस पहले से तैयार रखने तथा आवश्यकतानुसार श्रेणीवार कार्मिकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने मतदान एवं मतगणना से जुड़ी व्यवस्थाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए।

बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पुनरीक्षण की प्रक्रिया पूरी करने तथा 3 अक्टूबर को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही अनुपस्थित, स्थानांतरित एवं मृत मतदाताओं से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए आवश्यक सत्यापन एवं नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा।

बैठक में निर्वाचन व्यय की दृष्टि से संवेदनशील विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों एवं स्थानों के चिन्हीकरण, संवेदनशील क्षेत्रों की वल्नरेबिलिटी मैपिंग, निवारक कानून-व्यवस्था संबंधी कार्रवाई तथा फील्ड स्टाफ से प्राप्त सूचनाओं की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों एवं मतदान केंद्रों के संबंध में निर्धारित प्रारूप में रिपोर्ट तैयार करने तथा आवश्यकतानुसार संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में एसएसपी सर्वेश पंवार, सीडीओ अशोक जोशी, एडीएम एफ.आर. चौहान, संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात, सीटीओ नमिता सिंह, राज्य कर अधिकारी वरुण रावत, बिलाल खान, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी मयंक शर्मा, सहायक निर्वाचन अधिकारी एस.एल. शाह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


ओएनजीसी में इंडिया एनर्जी वीक-2027 का कर्टेन रेजर, ऊर्जा सुरक्षा और नवाचार पर जोर

देहरादून। ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन लिमिटेड (ओएनजीसी) के देहरादून स्थित केडीएमआईपीई परिसर में इंडिया एनर्जी वीक-2027 के कर्टेन रेजर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान कोलकाता व वेबकास्ट भी दिखामें हुए मुख्य कर्टेन रेजर समारोह का लाइया गया। इंडिया एनर्जी वीक-2027 का मुख्य आयोजन 28 से 31 जनवरी 2027 तक कोलकाता के न्यू टाउन कन्वेंशन सेंटर में प्रस्तावित है।

कार्यक्रम में वैश्विक स्तर पर तेजी से बदल रहे ऊर्जा क्षेत्र, ऊर्जा सुरक्षा, तकनीकी बदलाव, अनुसंधान और नवाचार जैसे विषयों पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई तकनीकों के बढ़ते प्रभाव के बीच ऊर्जा क्षेत्र को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने के लिए विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, वैज्ञानिकों और युवा पेशेवरों को अनुसंधान व नवाचार पर ध्यान देना होगा। बढ़ती ऊर्जा मांग को देखते हुए पारंपरिक स्रोतों के साथ स्वच्छ और वैकल्पिक ऊर्जा के विकास को भी महत्व देने की जरूरत बताई गई।

कोलकाता में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ऊर्जा सुरक्षा को लेकर कहा कि इसका दायरा केवल तेल और गैस की उपलब्धता तक सीमित नहीं है। युद्ध, आपूर्ति मार्गों में व्यवधान, कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक संकटों के बीच अर्थव्यवस्था को सुचारु बनाए रखना भी ऊर्जा सुरक्षा का हिस्सा है।

पुरी ने कहा कि पश्चिम एशिया में संकट और हॉर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े व्यवधानों के बावजूद भारत ने कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति से जुड़ी चुनौतियों का सामना किया। उन्होंने बताया कि पिछले एक दशक में भारत ने कच्चे तेल की खरीद के स्रोतों में विविधता बढ़ाई है। क्रूड सोर्सिंग वाले देशों की संख्या 27 से बढ़कर 41 हो गई है। रणनीतिक पेट्रोलियम भंडारण क्षमता 5.33 मिलियन टन तक पहुंच गई है, जबकि रिफाइनिंग क्षमता 215 मिलियन टन से बढ़कर 267 मिलियन टन प्रतिवर्ष हो गई है।

केंद्रीय मंत्री ने पश्चिम बंगाल में तेल और गैस क्षेत्र की परियोजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि राज्य में करीब 17,600 करोड़ रुपये की परियोजनाएं चल रही हैं। हल्दिया रिफाइनरी की क्षमता 2.5 मिलियन टन प्रतिवर्ष से बढ़कर 8 मिलियन टन प्रतिवर्ष हो चुकी है और वित्त वर्ष 2025-26 में यहां करीब 8.5 मिलियन टन का प्रसंस्करण किया गया।

उन्होंने अशोकनगर में वर्ष 2018 में हुई तेल खोज का भी जिक्र किया, जो अब व्यावसायिक उत्पादन के चरण में पहुंच चुकी है। ओएनजीसी के अशोकनगर क्षेत्र से कच्चे तेल की पहली खेप अगस्त 2026 में हल्दिया पहुंची थी। परियोजना में करीब एक हजार करोड़ रुपये के निवेश का उल्लेख किया गया।

इंडिया एनर्जी वीक-2027 को वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र के प्रमुख मंच के रूप में विकसित किया जा रहा है। आगामी आयोजन में 75 हजार से अधिक ऊर्जा पेशेवरों और 700 से ज्यादा प्रदर्शकों के शामिल होने की उम्मीद है। पिछले संस्करण में 120 से अधिक देशों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था। इस बार तेल एवं गैस के साथ हाइड्रोजन, जैव ईंधन, नवीकरणीय ऊर्जा, एलएनजी, डिजिटलाइजेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नेट-जीरो, ऊर्जा संक्रमण और तकनीकी नवाचार जैसे विषयों पर चर्चा होगी।

देहरादून के कार्यक्रम में ओएनजीसी के निदेशक (मानव संसाधन) मनीष पाटील, कार्यकारी निदेशक एवं प्रमुख GEOPIC सुश्री नेबुला बागची, कार्यकारी निदेशक एवं प्रमुख KDMIPE तरुण कुमार माथुरिया, कार्यकारी निदेशक एवं प्रमुख IDT अजय रतन और कार्यकारी निदेशक सुभोजित बोस समेत विभिन्न संस्थानों एवं निदेशालयों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

कार्यक्रम में निगमित संचार एवं सीएसआर के उपमहाप्रबंधक एवं प्रभारी विशाल शर्मा भी शामिल हुए। इसके अलावा ओएनजीसी के वरिष्ठ अधिकारियों, विशेषज्ञों और पेशेवरों के साथ ग्राफिक एरा तथा यूपीईएस के शिक्षाविदों ने भी भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान इंडिया एनर्जी वीक-2027 से संबंधित वीडियो प्रस्तुति, वरिष्ठ अधिकारियों के संबोधन और ‘समुद्र मंथन’ सहित ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न पहलों व तकनीकी गतिविधियों की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों, ऊर्जा पेशेवरों और अन्य हितधारकों को बदलते ऊर्जा क्षेत्र से जोड़ना तथा अनुसंधान, नवाचार और तकनीकी सहयोग को लेकर संवाद को बढ़ावा देना रहा। इसके बाद प्रतिभागियों ने कोलकाता से प्रसारित इंडिया एनर्जी वीक-2027 के मुख्य कर्टेन रेजर कार्यक्रम का लाइव वेबकास्ट देखा।


मुख्य सचिव ने की मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा

सीएम घोषणाओं को प्राथमिकता पर लेते हुए निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के दिए निर्देश

यमनोत्री ट्रेक रूट के लिए सुधारीकरण की योजना की जाए तैयार- मुख्य सचिव

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को मुख्यमंत्री घोषणाओं को प्राथमिकता पर लेते हुए निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लंबे समय से लम्बित घोषणाओं का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन घोषणाओं का विलोपन या मर्ज किया जाना है, उनके सम्बन्ध में समय से विलोपन अथवा मर्ज की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही, घोषणाओं के मर्ज अथवा अन्य विभागों को हस्तांतरण से संबंधित मामलों में भी त्वरित कार्रवाई की जाए।

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में कुल 4611 मुख्यमंत्री घोषणाओं में से 2852 घोषणाएं पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि 1759 घोषणाएं लम्बित हैं और 447 का विलोपन या मर्ज किया गया है। लम्बित 1759 घोषणाओं में से 1397 पर विभिन्न स्तरों पर कार्यवाही गतिमान है, एवं इनमें से 59 आंशिक रूप से पूर्ण हो चुकी हैं। 303 घोषणाएं अभी भी लम्बित हैं। मुख्य सचिव द्वारा 11 अगस्त, 2026 की समीक्षा के समय 627 घोषणाएं लम्बित थी, जिनकी संख्या अब घटकर 303 रह गयी है।

मुख्य सचिव ने लम्बित घोषणाओं के सम्बन्ध में विभागवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को शीघ्र कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाओं के कार्यों में अनावश्यक विलम्ब न हो और विभिन्न स्तरों पर लम्बित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अगली समीक्षा बैठक अक्टूबर माह के मध्य में आयोजित किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि विभिन्न विभागों के मध्य आपसी तालमेल की कमी के कारण लंबित घोषणाओं को सम्बन्धित विभाग आपसी समन्वय के साथ पूर्ण करें। योजनाओं को समय से पूर्ण करने के लिए भूमि हस्तांतरण सहित अन्य प्रक्रियाओं के सम्बन्ध में विभागों के बीच निरन्तर संवाद एवं समन्वय पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि जहां तक संभव हो, विभिन्न कार्यों को समानांतर रूप से प्रारम्भ किया जाए, ताकि समय की बचत हो और योजनाओं को निर्धारित समय में पूरा किया जा सके। उन्होंने विभागों को मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति को लगातार पोर्टल पर अपडेट करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन विभागों के पास पोर्टल की यूजर आईडी एवं पासवर्ड उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें तत्काल उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने सचिव एवं अपर सचिव स्तर के अधिकारियों को घोषणाओं की गंभीरता से मॉनिटरिंग करते हुए कार्यों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने सम्पूर्ण यमुनोत्री ट्रैक रूट के सुधारीकरण की कार्ययोजना तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने इस सम्बन्ध में अगले 15 दिनों में विस्तृत प्रस्तुतिकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने ट्रैक रूट के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाओं की संभावनाओं पर भी कार्य करने को कहा। उन्होंने विभिन्न स्थानों पर ईको पार्क आदि की घोषणाओं के सम्बन्ध में कहा कि परिसंपत्ति निर्माण के बाद उसके संचालन एवं रखरखाव की व्यवस्था पूर्व में ही निर्धारित की जाए, ताकि परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने पौड़ी शहर में मुख्य बाजार धारा रोड से एजेंसी चौक तक हेरिटेज स्ट्रीट के कार्य को आवास विभाग से पर्यटन विभाग को हस्तांतरित करने तथा मल्टीस्टोरी पार्किंग से सम्बन्धित आवास विभाग को भेजे गए प्रस्तावों पर शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एक ही क्षेत्र में विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे अवस्थापना विकास एवं सौन्दर्यीकरण से सम्बन्धित कार्यों को आपस में समन्वित करते हुए एकीकृत रूप से किया जाए, ताकि सभी कार्यों का बेहतर प्रभाव दिखाई दे।

मुख्य सचिव ने फलों के भंडारण के लिए कोल्ड स्टोरेज निर्माण में भूमि की उपयुक्तता पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने कहा कि अनुपयुक्त सरकारी भूमि पर कोल्ड स्टोरेज बनाने के बजाय आवश्यकता के अनुरूप उपयुक्त भूमि क्रय कर कोल्ड स्टोरेज का निर्माण किया जाए, ताकि उसका बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो सके। उन्होंने प्रदेश के सभी शहरों में ओपन स्पेस, सिटी पार्क अथवा ईको पार्क जैसी सुविधाओं के विकास की दिशा में कार्य किया जाए। सरकारी भूमि की अनुपलब्धता की स्थिति में निजी भूमि क्रय कर ऐसी सुविधाओं के विकास की संभावनाओं पर भी विचार किया जाए।

बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, डॉ. आर. राजेश कुमार, विनोद कुमार सुमन, युगल किशोर पंत, धीराज सिंह गर्ब्याल, अपर सचिव रीना जोशी, मनुज गोयल, रोहित मीणा, नवनीत पाण्डेय, सम्बन्धित विभागों के सचिव, अपर सचिव एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों को लेकर प्रशासन सख्त, प्रमुख एवं आंतरिक मार्गों का होगा स्थलीय निरीक्षण

नामित अधिकारियों को दो दिन में गड्ढों एवं क्षतिग्रस्त हिस्सों की सूची तैयार कर फोटो सहित रिपोर्ट देने के निर्देश

देहरादून। मानसून के दौरान हुई भारी बारिश के कारण देहरादून की कई सड़कों को नुकसान पहुंचा है। प्रमुख मार्गों से लेकर आंतरिक सड़कों तक जगह-जगह गड्ढे होने से लोगों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने सड़कों की स्थिति सुधारने की कवायद शुरू कर दी है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देश पर शहर और आसपास के क्षेत्रों की 48 प्रमुख एवं आंतरिक सड़कों का स्थलीय निरीक्षण कराया जाएगा।

प्रशासन ने निरीक्षण के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों को अलग-अलग मार्गों की जिम्मेदारी सौंपी है। संबंधित अधिकारी अपने निर्धारित क्षेत्रों में जाकर सड़कों की स्थिति का जायजा लेंगे और क्षतिग्रस्त हिस्सों के साथ ही गड्ढों को चिह्नित करेंगे। इसके बाद संबंधित विभागों और कार्यदायी संस्थाओं के माध्यम से सड़कों की मरम्मत और गड्ढों को भरने की कार्रवाई कराई जाएगी।

देहरादून के इन प्रमुख मार्गों का होगा निरीक्षण

निरीक्षण के लिए निर्धारित मार्गों में देहरादून-मसूरी मार्ग, राजपुर रोड, हरिद्वार बाईपास, कांवली रोड, मातावाला से कारगी चौक, निरंजनपुर से रिमला बाईपास और बल्लीवाला चौक से आईएसबीटी तक के मार्ग शामिल हैं। इसके अलावा पटेलनगर, नेहरू रोड, धर्मपुर, रायपुर, सहस्रधारा रोड, जाखन, चकराता रोड, क्लेमेंटटाउन और प्रेमनगर समेत शहर के कई आंतरिक मार्गों का भी निरीक्षण किया जाएगा।

फोटो सहित दो दिन में देनी होगी रिपोर्ट

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि निरीक्षण के दौरान सड़कों पर मौजूद गड्ढों, क्षतिग्रस्त हिस्सों और मरम्मत की आवश्यकता वाले स्थानों की विस्तृत सूची तैयार की जाए। सभी नामित अधिकारियों को अपने आवंटित मार्गों की स्थिति की रिपोर्ट फोटो सहित दो दिनों के भीतर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए), देहरादून को उपलब्ध करानी होगी।

प्रशासन का उद्देश्य मानसून के बाद सड़कों की वास्तविक स्थिति का आकलन कर मरम्मत कार्यों में तेजी लाना है। इसके तहत संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि शहर की सड़कों को सुरक्षित और सुगम बनाया जा सके। इससे वाहन चालकों और आम लोगों को आवागमन में होने वाली परेशानियों से राहत मिलने की उम्मीद है।


छात्र संघ चुनावों में पुलिस के दुरुपयोग का कांग्रेस का आरोप, गणेश गोदियाल बोले- लोकतांत्रिक अधिकारों पर असर डालने की कोशिश

देहरादून। उत्तराखंड में चल रहे छात्र संघ चुनावों को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर पुलिस प्रशासन के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस समर्थित छात्र संगठनों के नेताओं और कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने तथा गिरफ्तार करने की कार्रवाई लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है।

गोदियाल ने जारी बयान में कहा कि विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के छात्र संघ चुनाव छात्रों की राजनीतिक भागीदारी, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़े महत्वपूर्ण मंच हैं। उनका आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए पुलिस प्रशासन का इस्तेमाल किया जा रहा है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि चुनावी माहौल में कांग्रेस समर्थित छात्र संगठनों के नेताओं और प्रत्याशियों पर दबाव बनाने के लिए गिरफ्तारियां, पूछताछ और मुकदमों की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि इससे छात्रों के बीच भय का वातावरण पैदा होने की आशंका है।

गोदियाल ने कहा कि छात्र अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग करते हुए अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करते हैं। उन्होंने मांग की कि छात्र संघ चुनावों में पुलिस और प्रशासन की भूमिका निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने तक सीमित रहनी चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी मशीनरी के राजनीतिक इस्तेमाल की प्रवृत्ति अब विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के छात्र संघ चुनावों तक पहुंच गई है। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए पुलिस एवं प्रशासन के दुरुपयोग के आरोप जारी रहे तो पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से इसका विरोध करेगी।

 


राजपुर रोड विधानसभा में विकास कार्यों की मंत्री खजान दास ने की समीक्षा, 15 दिन में सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश

देहरादून। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री खजान दास ने विधानसभा स्थित अपने कार्यालय कक्ष में राजपुर रोड विधानसभा क्षेत्र में लम्बित एवं गतिमान विकास कार्यों को लेकर संयुक्त विभागीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, यूपीसीएल, जल संस्थान समेत विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा की गई।

मंत्री ने नगर निगम की सफाई व्यवस्था, नालियों की सफाई, फॉगिंग और कूड़ा उठान की स्थिति पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि सफाई व्यवस्था को लेकर बार-बार निर्देश देने के बावजूद अपेक्षित सुधार नजर नहीं आ रहा है, जिसके कारण जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर सफाई व्यवस्था को सुचारू करने के निर्देश दिए।

लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए मंत्री ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार 15 अक्टूबर तक सभी सड़कों को गड्ढामुक्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से शीघ्र निविदाएं आमंत्रित कर निर्माण एवं मरम्मत कार्यों में तेजी लाने को कहा।

बैठक में यूपीसीएल की विद्युत लाइनों को भूमिगत करने, चौराहों के सौंदर्यीकरण, मॉडल कॉलोनी निर्माण, सीवर लाइन, हरिद्वार रोड पर फुटओवर ब्रिज, पेयजल कार्यों, परेड ग्राउंड और पलटन बाजार से जुड़े लंबित कार्यों पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ प्राथमिकता के आधार पर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।

बैठक में शामिल नहीं होने वाले स्मार्ट सिटी और पेयजल निगम के अधिकारियों पर भी मंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि दोनों विभागों की जवाबदेही तय की जाएगी।

मंत्री खजान दास ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की शुरुआत घर, आसपास के क्षेत्र, शहर और राज्य से करनी होगी।

बैठक में नगर आयुक्त आलोक कुमार पाण्डे सहित नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, यूपीसीएल और जल संस्थान के अधिकारी मौजूद रहे।


विभिन्न राज्यों की संस्कृति, नवाचार और बेहतर कार्यप्रणालियों को जानें उत्तराखण्ड के युवा- मुख्यमंत्री

उत्तराखण्ड और अन्य राज्यों के युवाओं के बीच संवाद और अनुभवों के आदान-प्रदान को दिया जाएगा बढ़ावा

सेवा संकल्प अभियान की भावना के अनुरूप युवाओं को संस्कृति, पर्यटन और विकास की पहलों से जोड़ने का प्रयास

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में हरियाणा भ्रमण पर जा रहे उत्तराखण्ड के युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस प्रकार के अंतरराज्यीय भ्रमण युवाओं को देश के विभिन्न राज्यों की संस्कृति, जीवनशैली, विकास कार्यों और नवाचारी पहलों को निकट से समझने का अवसर प्रदान करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के युवा विभिन्न राज्यों में जाकर वहां की संस्कृति, स्थानीय विशेषताओं, विकास से जुड़ी पहलों और सरकारों द्वारा अपनाई जा रही अच्छी कार्यप्रणालियों को जानें तथा उपयोगी अनुभवों को उत्तराखण्ड के परिप्रेक्ष्य में भी साझा करें। इसी प्रकार अन्य राज्यों के युवाओं को भी उत्तराखण्ड आने और यहां की संस्कृति, पर्यटन, स्थानीय उत्पादों तथा राज्य में संचालित विभिन्न विकास एवं जनकल्याणकारी पहलों को जानने के अवसर दिए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस से प्रारंभ हुए सेवा संकल्प अभियान की भावना भी समाज के विभिन्न वर्गों, विशेष रूप से युवाओं को सेवा, जनभागीदारी और विकसित भारत के संकल्प से जोड़ने की है। युवाओं के बीच इस प्रकार का संवाद विभिन्न राज्यों की अच्छी पहलों को समझने और आपसी अनुभव साझा करने का प्रभावी माध्यम बन सकता है।

मुख्यमंत्री ने हरियाणा भ्रमण पर जा रहे युवाओं से कहा कि वे वहां की समृद्ध संस्कृति, गौरवशाली इतिहास, खान-पान, खेल परंपरा, कृषि और स्थानीय जीवनशैली को करीब से देखें। स्थानीय युवाओं, खिलाड़ियों, किसानों और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य कर रहे लोगों से संवाद कर उनके अनुभवों को जानें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के युवा राज्य के प्रतिनिधि के रूप में अन्य प्रदेशों में जाते हैं। ऐसे में वे देवभूमि की समृद्ध संस्कृति, लोकपर्वों, स्थानीय खान-पान, पर्यटन स्थलों, होम-स्टे, स्थानीय उत्पादों, मिलेट्स और हस्तशिल्प के बारे में भी लोगों को जानकारी दें। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में चारधाम के साथ ही आदि कैलाश, जागेश्वर, कैंची धाम, शीतकालीन पर्यटन, साहसिक पर्यटन तथा अनेक ऐसे पर्यटन स्थल हैं, जिनकी जानकारी देश के अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेष रूप से महिला स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय कारीगरों द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों की जानकारी भी अन्य राज्यों तक पहुंचाने में युवा महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम केवल भ्रमण तक सीमित न रहें, बल्कि विभिन्न राज्यों के युवाओं, संस्कृति, अनुभव और विचारों के आदान-प्रदान का माध्यम बनें। इससे युवाओं को देश की विविधता को समझने के साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे अच्छे कार्यों से सीखने का अवसर मिलेगा।


कालिंदी खाल से सभी 19 ट्रेकर्स का सकुशल रेस्क्यू, अभियान पूर्ण

बारिश और बर्फबारी के बीच चला रेस्क्यू अभियान

उत्तरकाशी। उत्तरकाशी के दुर्गम कालिंदी खाल ट्रेक में फंसे सभी 19 ट्रेकर्स को एसडीआरएफ की टीम ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। खराब मौसम, लगातार बारिश और बर्फबारी के बीच चलाया गया रेस्क्यू अभियान सफलतापूर्वक पूरा हो गया। सभी ट्रेकर्स को सुरक्षित हर्षिल पहुंचा दिया गया है।

सेनानायक एसडीआरएफ अर्पण यदुवंशी के निर्देश पर रेस्क्यू अभियान चलाया गया। इस दौरान एसडीआरएफ की विशेषज्ञ हाई एल्टीट्यूड रेस्क्यू टीम ने दुर्गम क्षेत्र में पहुंचकर पहले स्थिति का जायजा लिया और फिर ट्रेकर्स को सुरक्षित निकालने की कार्रवाई शुरू की।

रेस्क्यू अभियान के दौरान लगातार बारिश और बर्फबारी के कारण टीम को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। प्रतिकूल मौसम के चलते अभियान प्रभावित हुआ, लेकिन मौसम अनुकूल होने पर एसडीआरएफ की टीम ने दोबारा रेस्क्यू कार्य शुरू किया। टीम की कड़ी मेहनत और सूझबूझ से सभी 19 ट्रेकर्स को सुरक्षित निकालने में सफलता मिली।

सभी ट्रेकर्स के सुरक्षित बाहर निकलने के साथ ही कालिंदी खाल रेस्क्यू अभियान संपन्न हो गया है।


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