Wednesday, September 30th, 2026

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टॉपर छात्र-छात्राओं को सरकार देगी लैपटॉप, डिग्री कॉलेज में प्रवेश पर मिलेंगे 51 हजार

Category Archives: उत्तराखंड

टॉपर छात्र-छात्राओं को सरकार देगी लैपटॉप, डिग्री कॉलेज में प्रवेश पर मिलेंगे 51 हजार

सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत “आंगन का मिलन” बनेगा सेवा, पोषण, स्वास्थ्य और जनसहभागिता का व्यापक अभियान – डॉ. धन सिंह रावत

छात्र संघ चुनावों में पहली बार बेटियों को 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व

देहरादून। प्रदेश के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बुधवार को प्राथमिक विद्यालय तल्ली, हल्द्वानी में “सेवा संकल्प” अभियान के अंतर्गत आयोजित “आंगन का मिलन” कार्यक्रम में शिरकत की। कार्यक्रम में भाजपा महिला युवा मोर्चा अध्यक्ष कंचन भट्ट द्वारा शिक्षा मंत्री का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया।

शिक्षा मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र केवल बच्चों की शिक्षा और पोषण का केंद्र न रहें, बल्कि माताओं, बच्चों और परिवारों के लिए जागरूकता एवं संवाद का सशक्त मंच बनें। उन्होंने कहा कि 7 अक्टूबर तक चलने वाला यह महाभियान सेवा, पोषण, स्वास्थ्य और जनसहभागिता का व्यापक अभियान बनेगा।डॉ. रावत ने कहा कि प्रदेश सरकार बेटियों के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने घोषणा की कि प्रत्येक टॉपर छात्र-छात्रा, चाहे वह लड़की हो या लड़का, को सरकार की ओर से लैपटॉप प्रदान किया जाएगा। साथ ही इंटरमीडिएट के बाद डिग्री कॉलेज में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को 51 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पहली बार छात्र संघ चुनावों में बेटियों को 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व दिया गया है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम का गंभीरता से क्रियान्वयन करते हुए इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, फोटो-वीडियोग्राफी कर विभागीय वेबसाइट पर अपलोड की जाए तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्तियों, सहायिकाओं एवं आशा कार्यकर्तियों को सम्मानित कर प्रोत्साहित किया जाए।कार्यक्रम के दौरान गौरा देवी कन्या धन योजना के अंतर्गत 2 लाभार्थियों को 51-51 हजार रुपये के चेक प्रदान किए गए। गोद भराई कार्यक्रम के अंतर्गत 4 लाभार्थियों का तिलक लगाकर स्वागत करते हुए फल वितरित किए गए तथा 4 लाभार्थियों को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट प्रदान की गई।

शिक्षा मंत्री ने प्राथमिक विद्यालय तल्ली हल्द्वानी को शीघ्र ही एक अतिरिक्त कक्ष स्वीकृत करने की घोषणा भी की।

इस अवसर पर निदेशक डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव बैंक निश्चल पांडे, भाजपा महिला युवा मोर्चा अध्यक्ष कंचन भट्ट, मंडल अध्यक्ष युगल शर्मा, पूर्व मंडी समिति अध्यक्ष मनोज शाह दिनेश खुल्बे,बाल विकास परियोजना अधिकारी किरन जोशी जिला प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी पुष्कर लाल टम्टा खण्ड शिक्षा अधिकारी तारा सिंह, प्रधानाचार्य प्राथमिक विद्यालय मीनाआर्य डॉ. रिचा शुक्ला, डॉ. कृष्ण मुरारी गुप्ता, जिला कार्यक्रम अधिकारी अनुलेखा बिष्ट सुपरवाइजर पूनम गोस्वामी सहित विभागीय अधिकारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्तियां, आशा कार्यकर्तियां, छात्र-छात्राएं एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।


सरकारी अस्पतालों की लैबों को ठेके पर देने की तैयारी का विरोध, मेडिकल लैब तकनीशियन संघ ने दी आंदोलन की चेतावनी

देहरादून। सरकारी चिकित्सालयों की लैबों को फिर ठेके पर देने की तैयारी का मेडिकल लैब तकनीशियनों ने विरोध किया है। मेडिकल लैब टेक्नोलॉजिस्ट संघ उत्तराखंड का आरोप है कि सरकार ने सरकारी लैबों का निजीकरण खत्म करने का आश्वासन दिया था, लेकिन राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के माध्यम से दोबारा निविदा प्रक्रिया शुरू की जा रही है। संघ ने निविदा प्रक्रिया रोकने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि ऐसा नहीं होने पर आंदोलन तेज किया जाएगा।

बुधवार को प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता में संघ के प्रदेश अध्यक्ष आशीष चंद्र और प्रदेश महासचिव मयंक राणा ने कहा कि सरकारी लैबों को सुदृढ़ करने और सभी जांचें इन-हाउस कराने के लिए पहले समिति गठित की गई थी। इसके बावजूद प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के बजाय अब सरकारी लैबों को फिर निजी एजेंसियों के माध्यम से संचालित कराने की तैयारी की जा रही है। संघ ने सवाल उठाया कि जब सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की बात हो रही है तो नियमित पदों पर नियुक्तियां करने के बजाय लैबों को ठेके पर क्यों दिया जा रहा है। संघ के अनुसार, बेरोजगार डिग्रीधारी लैब तकनीशियन अपनी मांगों को लेकर एकता विहार धरना स्थल पर 135 दिन से धरना दे रहे हैं। उनका आरोप है कि मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद भी शासन स्तर पर उनकी समस्याओं के समाधान के लिए बैठक की तारीख तय होने के बाद बार-बार स्थगित की जा रही है। इससे तकनीशियनों में रोष बढ़ रहा है।

संघ की प्रमुख मांगें
आइपीएचएस मानकों के अनुसार मेडिकल लैब तकनीशियनों के आवश्यक और रिक्त पदों का शीघ्र सृजन किया जाए।

वर्षवार मेरिट के आधार पर सेवा नियमावली लागू कर पारदर्शी नियमित भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए।

भर्ती नहीं होने के कारण आयु सीमा पूरी कर चुके अथवा करने वाले अभ्यर्थियों को एकमुश्त आयु सीमा में छूट दी जाए।

सरकारी चिकित्सालयों और प्रयोगशालाओं के निजीकरण पर रोक लगाकर नियमित पदों पर नियुक्तियां की जाएं।
इस दौरान बेरोजगार मेडिकल लैब टैक्नोलॉजिस्ट संघ से उपाध्यक्ष रणवीर बिष्ट, अखिलेश भट्ट, कुलभूषण गुसाईं, राजमोहन नेगी, सिद्धार्थ कुकरेती, लोकेंद्र भट्ट, राहुल देव, मुकेश सजवान, शैलेन्द्र गौड़, रजत नौटियाल, मुसवीर अली, आदि लोग उपस्थित रहे


मंत्री गणेश जोशी ने एमपीजी कॉलेज मसूरी के छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी के विजयी प्रत्याशियों को दी जीत की बधाई

मंत्री गणेश जोशी ने कहा, युवा देश और प्रदेश की शक्ति हैं

देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी से उनके कैंप कार्यालय में एमपीजी कॉलेज मसूरी के छात्रसंघ चुनाव 2026-27 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के विजयी प्रत्याशियों ने भेंट की। इस दौरान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने नवनिर्वाचित छात्रसंघ अध्यक्ष विधांत थापली, महासचिव आशुतोष जोशी एवं विश्वविद्यालय प्रतिनिधि करिश्मा डुमोगा को जीत की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को मिठाई खिलाकर एवं माला पहनाकर उनका स्वागत किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि छात्रसंघ चुनाव में मिली जीत विद्यार्थियों के विश्वास और संगठन के प्रति उनकी जिम्मेदारी को दर्शाती है। उन्होंने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों से छात्र-छात्राओं की समस्याओं के समाधान तथा कॉलेज के शैक्षणिक एवं रचनात्मक वातावरण को बेहतर बनाने के लिए सकारात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि युवा देश और प्रदेश की शक्ति हैं। विद्यार्थियों को अपनी शिक्षा के साथ-साथ समाज और राष्ट्र निर्माण में भी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने नवनिर्वाचित छात्रसंघ पदाधिकारियों को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे सभी छात्रों की अपेक्षाओं पर खरा उतरते हुए कॉलेज हित में कार्य करें।

इस अवसर पर भाजपा प्रदेश मंत्री नेहा जोशी, पूर्व मंडल अध्यक्ष राकेश रावत सहित एबीवीपी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


देहरादून में अवैध शराब बिक्री के खिलाफ आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, 2 आरोपी गिरफ्तार

143 पाउच और पव्वे बरामद

देहरादून। राजधानी देहरादून में अवैध शराब की बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए आबकारी विभाग ने विशेष प्रवर्तन अभियान के तहत कार्रवाई की। आबकारी विभाग की टीम ने बालावाला और नेहरूग्राम क्षेत्र में छापेमारी कर अवैध रूप से शराब बेचने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों के कब्जे से देशी और अंग्रेजी शराब के कुल 143 पाउच और पव्वे बरामद किए गए।

आबकारी आयुक्त और संयुक्त आबकारी आयुक्त गढ़वाल मंडल के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत प्रभारी सहायक आबकारी आयुक्त प्रेरणा बिष्ट और आबकारी निरीक्षक जयवीर सिंह के नेतृत्व में टीम ने पहली कार्रवाई बालावाला क्षेत्र में की। यहां एक दुकान पर छापेमारी के दौरान तलाशी लेने पर 56 पाउच माल्टा देशी शराब और अंग्रेजी शराब के 20 पव्वे बरामद हुए। टीम ने मौके से अवैध शराब बेचने के आरोप में राजू कुमार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के फतेहपुर कला का निवासी है और वर्तमान में बालावाला के कंट्रोल चौक स्थित सुशील नेगी के यहां रह रहा था।

इसके बाद आबकारी विभाग की टीम ने नेहरूग्राम स्थित दुर्गा बेकरी के समीप नलकूप की पानी की टंकी पर छापा मारा। तलाशी के दौरान यहां से 67 पव्वे माल्टा टेट्रा पैक देशी शराब बरामद हुई। टीम ने मौके से शराब बेचने के आरोप में सागर कटारिया को गिरफ्तार किया। आरोपी उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के दोघट थाना क्षेत्र के पुसार गांव का निवासी है और वर्तमान में नेहरूग्राम की अपर गढ़वाली कॉलोनी में रह रहा था।

आबकारी विभाग ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की है। सागर कटारिया के खिलाफ धारा 60 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया है। विभाग ने अवैध शराब की बिक्री के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रखने की बात कही है।


उत्तराखंड में सोलर बिजली महंगी करने की मांग खारिज, आयोग ने बरकरार रखा 19% सीयूएफ

यूपीसीएल और उरेडा ने जताई आपत्ति

देहरादून। उत्तराखंड में सोलर बिजली की दरें बढ़ाने की मांग को विद्युत नियामक आयोग ने खारिज कर दिया है। पहाड़ी क्षेत्रों में कम धूप और सोलर प्लांट से कम बिजली उत्पादन का हवाला देते हुए आरई पावर जनरेटर्स सोसाइटी ने सोलर बिजली का बेंचमार्क टैरिफ बढ़ाने की मांग की थी। हालांकि, उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने मौजूदा नियमों में बदलाव से इनकार करते हुए 19 प्रतिशत क्षमता उपयोग कारक (सीयूएफ) का मानक बरकरार रखा है।

पहाड़ी क्षेत्रों में कम उत्पादन का दिया था तर्क

आरई पावर जनरेटर्स सोसाइटी ने उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग में याचिका दायर कर वर्ष 2023 के नवीकरणीय ऊर्जा विनियमों के तहत निर्धारित 19 प्रतिशत सीयूएफ को घटाकर 17 प्रतिशत करने की मांग की थी। संस्था का तर्क था कि राज्य की भौगोलिक परिस्थितियां सौर ऊर्जा उत्पादन के अनुकूल नहीं हैं।

सोसाइटी के मुताबिक, पहाड़ी क्षेत्रों में ऊंचे पर्वतों और पहाड़ियों की वजह से सुबह और शाम के समय सोलर प्लांट तक पर्याप्त धूप नहीं पहुंच पाती। इसके अलावा, पहाड़ी ढलानों पर सोलर पैनलों को दक्षिण दिशा की ओर निर्धारित कोण पर स्थापित करना भी तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण है। इन परिस्थितियों के चलते राज्य में नए मोनोक्रिस्टलाइन सोलर प्लांट का औसत सीयूएफ 15 से 17 प्रतिशत के बीच रह रहा है।

संस्था ने दलील दी कि 19 प्रतिशत सीयूएफ के आधार पर 4.10 रुपये प्रति यूनिट की दर निर्धारित होने से सोलर परियोजनाओं का संचालन आर्थिक रूप से मुश्किल हो रहा है। कम बिजली उत्पादन के कारण परियोजना संचालक अपनी लागत तक नहीं निकाल पा रहे हैं। ऐसे में सीयूएफ का मानक घटाकर 17 प्रतिशत करने और इसके अनुरूप बिजली की दरों में वृद्धि करने की मांग की गई थी।

यूपीसीएल और उरेडा ने जताई आपत्ति

याचिका पर सुनवाई के दौरान उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) और उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (उरेडा) ने सोसाइटी की मांग का विरोध किया। दोनों संस्थाओं ने कहा कि सीयूएफ का मानक कम करने से सोलर बिजली की दरों में बढ़ोतरी होगी। इसका सीधा असर बिजली वितरण कंपनियों पर पड़ेगा और अंततः इसका आर्थिक बोझ आम उपभोक्ताओं को उठाना पड़ सकता है।

यूपीसीएल और उरेडा ने यह भी दलील दी कि आधुनिक तकनीक वाले मोनो-पर्क और बाइफेशियल सोलर पैनल पहले की तुलना में अधिक दक्ष हैं। राज्य में कई सोलर प्लांट कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद 19 प्रतिशत या इससे अधिक सीयूएफ हासिल कर रहे हैं।

यूपीसीएल ने यह भी कहा कि पांच साल की निर्धारित नियंत्रण अवधि के बीच सीयूएफ के मानक में बदलाव करने से नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में नियामक स्थिरता प्रभावित हो सकती है।

आयोग ने नियमों में बदलाव से किया इनकार

मामले की सुनवाई आयोग के अध्यक्ष एमएल प्रसाद, विधि सदस्य अनुराग शर्मा और तकनीकी सदस्य प्रभात किशोर डिमरी की पीठ ने की। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आयोग ने आरई पावर जनरेटर्स सोसाइटी की याचिका खारिज कर दी।

आयोग ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि किसी विशेष मामले में व्यक्तिगत कठिनाई दूर करने के लिए नियमों में छूट देने का प्रावधान हो सकता है, लेकिन इसका इस्तेमाल पूरे राज्य में लागू सामान्य नियमों को बदलने के लिए नहीं किया जा सकता।

आयोग के अनुसार, सीयूएफ एक सामान्य तकनीकी मानक है। इसमें बदलाव करने के लिए नियामक आयोग को अपनी विधायी शक्तियों के तहत मसौदा अधिसूचना जारी करनी होगी। इसके बाद संबंधित पक्षों से आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित करने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

आयोग के इस फैसले के बाद उत्तराखंड में सोलर बिजली के लिए 19 प्रतिशत सीयूएफ का मौजूदा मानक बरकरार रहेगा। साथ ही, सोसाइटी की मांग के आधार पर फिलहाल सोलर बिजली की दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी।

 


देहरादून में सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त, आशारोड़ी से मोहब्बेवाला तक सुरक्षा उपाय मजबूत

देहरादून – देहरादून में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की कवायद शुरू की है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई, जिसमें दुर्घटना संभावित क्षेत्रों, सड़क सुरक्षा साइनेज, स्ट्रीट एवं ट्रैफिक लाइट, मसूरी में रेस ड्राइविंग और क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत समेत कई मुद्दों की समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को दुर्घटना संभावित स्थानों को चिन्हित कर वहां पर्याप्त संख्या में स्पष्ट और प्रभावी जागरूकता साइनेज लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने आशारोड़ी टनल के आसपास सहित अन्य संवेदनशील स्थानों पर सड़क सुरक्षा के जरूरी इंतजाम प्राथमिकता से करने को कहा।

आशारोड़ी क्षेत्र में अब तक 58 साइन बोर्ड, 485 मीटर रंबल स्ट्रिप्स, 1,880 मीटर मीडियन मार्कर और 500 मीटर सोलर स्टड्स लगाए जा चुके हैं। इन उपायों का उद्देश्य वाहन चालकों को सड़क पर मौजूद संभावित खतरों के प्रति पहले से सचेत करना है।

बैठक में शहर की खराब स्ट्रीट और ट्रैफिक लाइटों का भी संज्ञान लिया गया। जिलाधिकारी ने स्मार्ट सिटी के माध्यम से खराब लाइटों की तत्काल मरम्मत कराकर उन्हें चालू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था जरूरी है, इसलिए लाइटों के रखरखाव में लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

मसूरी क्षेत्र में रेस ड्राइविंग की घटनाओं पर भी प्रशासन ने सख्ती के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई करने और अधिक यातायात वाले संवेदनशील मार्गों पर निगरानी बढ़ाने को कहा।

मानसून और निर्माण कार्यों के कारण क्षतिग्रस्त हुई नगर निगम क्षेत्र की 92 सड़कों को गड्ढामुक्त कराने के लिए 46 जिला स्तरीय अधिकारियों की तैनाती की गई है। नामित अधिकारी अपने-अपने मार्गों का स्थलीय निरीक्षण कर गड्ढों, क्षतिग्रस्त हिस्सों और जरूरी मरम्मत कार्यों को चिन्हित करेंगे। निरीक्षण के दौरान फोटो सहित रिपोर्ट तैयार कर संबंधित सड़क विभाग और कार्यदायी संस्था को कार्रवाई के लिए उपलब्ध कराई जाएगी।

सभी अधिकारियों को निरीक्षण पूरा कर दो दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, देहरादून को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए यातायात नियमों के पालन के साथ सुरक्षित सड़क संरचना, पर्याप्त रोशनी, स्पष्ट साइनेज, निगरानी और समयबद्ध मरम्मत भी जरूरी है। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ प्राथमिकता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन स्मृता परमार, उप जिलाधिकारी मुख्यालय रविन्द्र ज्वांठा, पुलिस मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा, क्षेत्राधिकारी यातायात, अधीक्षण अभियंता लोनिवि ओमपाल सिंह, संभागीय परिवहन अधिकारी अनिता चमोला, अधिशासी अभियंता लोनिवि दीपक यादव एवं भृगु द्विवेदी, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ऋषभ कुमार सहित एनएच, एनएचएआई और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


रेंजर ग्राउंड में 5 अक्टूबर से सजेगा सरस फूड फेस्टिवल, 200 से ज्यादा स्टॉलों पर दिखेगा पहाड़ी स्वाद

देहरादून – देहरादून के रेंजर ग्राउंड में 5 से 11 अक्टूबर तक सात दिवसीय ‘सरस फूड फेस्टिवल’ आयोजित किया जाएगा। महोत्सव का शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी करेंगे। आयोजन में उत्तराखंड के पारंपरिक पहाड़ी व्यंजनों के साथ हस्तशिल्प, हथकरघा और स्थानीय स्वदेशी उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री की जाएगी।

महोत्सव की तैयारियों को लेकर विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने सभी विभागों को तय समयसीमा में तैयारियां पूरी करने और आयोजन को भव्य स्तर पर आयोजित करने के निर्देश दिए।

फेस्टिवल में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, स्वयं सहायता समूहों और विभिन्न विभागों के माध्यम से 200 से अधिक स्टॉल लगाए जाएंगे। इन स्टॉलों पर पहाड़ी पकवानों के अलावा स्थानीय हस्तशिल्प, हथकरघा और अन्य स्वदेशी उत्पाद लोगों के लिए उपलब्ध रहेंगे।

आयोजन के दौरान फूड स्टॉल संचालकों के बीच प्रतियोगिता भी कराई जाएगी। स्वाद और प्रस्तुतिकरण के आधार पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले पहले तीन स्टॉल संचालकों को नकद पुरस्कार दिया जाएगा। इसके साथ ही कृषि, उद्यान, उद्योग, पर्यटन, रेशम और सेवायोजन विभाग अपने लाभार्थियों के साथ निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार गोष्ठियां और संवाद आयोजित करेंगे।

सीडीओ ने पुलिस प्रशासन को रेंजर ग्राउंड के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन बेहतर रखने के निर्देश दिए हैं। नगर निगम को पूरे परिसर में नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने, जबकि फूड सेफ्टी और फायर सेफ्टी विभागों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। महोत्सव के दौरान प्रत्येक शाम सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

बैठक में परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, मुख्य कृषि अधिकारी देवेंद्र सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल, जिला पूर्ति अधिकारी के.के. अग्रवाल, जिला पर्यटन विकास अधिकारी जसपाल चौहान समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।


साधुराम इंटर कॉलेज में नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन, 153 मरीजों ने उठाया लाभ

देहरादून। यूपीएचसी सीमाद्वार द्वारा जीएमएस रोड स्थित साधुराम इंटर कॉलेज में एक दिवसीय नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का सफल आयोजन किया गया। शिविर में पहुंचे कुल 153 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें नि:शुल्क दवाइयां और स्वास्थ्य संबंधी परामर्श दिया गया।

इस दौरान 125 लोगों की एनसीडी स्क्रीनिंग, 30 लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड, 20 की आभा आईडी (ABHA ID), 53 लाभार्थियों की लैब जांच तथा 114 मरीजों का एक्स-रे किया गया। इसके अलावा बीपी, शुगर और हीमोग्लोबिन की जांचें भी नि:शुल्क की गईं। शिविर के दौरान 02 दिव्यांगजनों को दिव्यांगता प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए गए।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने स्वास्थ्य शिविर के संबंध में कहा कि स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता हर नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण और नि:शुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि आमजन को सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ दिलाने के लिए विभाग पूरी तरह प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी इस प्रकार के शिविरों का आयोजन निरंतर जारी रहेगा ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक बेहतर इलाज और जांच सुविधाएं पहुंच सकें।

शिविर में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रदीप राणा, यूपीएचसी सीमाद्वार से डॉ. सुषमा दत्ता, पीएचएम वैष्णवी, फार्मासिस्ट इरफान, एएनएम मीना, अर्चना, मूनी, आरज़ू तथा एक्स-रे तकनीशियन जितेन्द्र सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम उपस्थित रही।

सहसपुर ब्लॉक के आईटीआई झाझरा में नि:शुल्क स्वास्थ्य एवं परामर्श शिविर आयोजित

सहसपुर ब्लॉक के अंतर्गत राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) झाझरा में नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर के दौरान राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) टीम द्वारा 39 बच्चों की आरबीएसके स्क्रीनिंग की गई और उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य परामर्श (काउंसलिंग) प्रदान किया गया। इसके साथ ही कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (CHO) द्वारा संस्थान के 15 शिक्षकों की गैर-संचारी रोगों (NCD) के लिए स्क्रीनिंग एवं स्वास्थ्य जांच की गई। शिविर का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को समय पर स्वास्थ्य जांच और विभागीय योजनाओं का नि:शुल्क लाभ उपलब्ध कराना रहा।


आपदा प्रभावित परिवारों के क्षति का आंकलन करेगी उच्च स्तरीय टीम: डॉ धन सिंह रावत

क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलों व पेयजल लाइनों की तत्काल मरम्मत के निर्देश

कहा, पाबों में भू-धसाव का टीएचडीसी से कराया जाएगा स्थलीय सर्वेक्षण

देहरादून: श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र के पाबों विकासखंड के 29 आपदा प्रभावित परिवारों के क्षति की उच्च स्तरीय कमेटी द्वारा जांच की जायेगी, इसके लिए आपदा प्रबंधन विभाग को कार्यवाही करने के निर्देश दे दिये गये हैं। इसके अलावा क्षेत्र में आपदा से क्षतिग्रस्त मोटरमार्गों, पुलों व पेयजल लाइनों को शीघ्र मरम्मत करने के निर्देश भी विभागीय अधिकारियों को दिये।

सूबे के कैबिनेट मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने आज अपने शासकीय आवास पर श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न क्षेत्रों में आपदा से हुये नुकसान को लेकर विभिन्न विभागों की बैठक ली। जिसमें आपदा प्रबंधन विभाग, लोक निर्माण विभाग, पेयजल निगम, जलसंस्थान, पीएमजीएसवाई तथा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में डॉ रावत ने पाबों ब्लॉक के 29 आपदा प्रभावित परिवारों के क्षति का आंकलन किया जायेगा, इसके लिये उच्च स्तरीय समिति गठित कर जांच के निर्देश आपदा प्रबंधन विभाग को दे दिये गए हैं।

इसके अलावा प्रभावितों को आपदा नीति के तहत शीघ्र उचित मुआवजा मुहैया करने को कहा। अलावा उन्होंने विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आपदा से क्षतिग्रस्त विभिन्न मोटरमार्गों का शीघ्र पुनर्निर्माण कर आवागमन बहाल करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये। साथ ही उन्होंने पाबों में हो रहे भू-धसाव का टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कार्पोरेशन (टीएचडीसी) से स्थलीय सर्वेक्षण कर ट्रीटमेंट करने के निर्देश दिये। डॉ रावत ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-309 (बुआखाल-बैजरों) कई जगहों पर क्षतिग्रस्त होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। इसके अलावा उन्होंने लोक निर्माण विभाग व पीएमजीएसवाई के अंतर्गत क्षतिग्रस्त सड़कों को भी शीघ्र मरम्मत कर आवाजाही बहाल करने के निर्देश दिये।

बैठक में आपदा से क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों को ठीक कर पेयजलापूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये साथ ही भिड़ाहस्यूडी, विडोलस्यूं एवं ढिक्वाल गांव पेयजल पम्पिंग योजना को शीघ्र पूरा कर क्षेत्र में पेयजलापूर्ति बहाल करने के निर्देश दिये।

बैठक में सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन, प्रमुख अभियंता एवं विभागाध्यक्ष लोक निर्माण विभाग राजेश चंद्र शर्मा, मुख्य अभियंता उत्तराखंड पेयजल निगम संजय सिंह, मुख्य वन संरक्षक (वनाग्नि एवं आपदा प्रबंधन) वन विभाग सुशांत पटनायक, अधीक्षण अभियंता जल संस्थान मनीष सेमवाल, मुख्य अभियंता एन.एस. बिष्ट, अधीक्षण अभियंता पेयजल निगम मोहम्मद मीसम, अनुपम रतन, राजेश सिंह, मोहित उनियाल सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

 


चीड़बासा स्लाइडिंग जोन में SDRF ने संभाला मोर्चा, करीब 9,000 यात्रियों को सुरक्षित कराया आर-पार

रुद्रप्रयाग। गौरीकुंड–आज दिनांक 29/09/26 को श्री केदारनाथ पैदल मार्ग पर स्थित चीड़बासा हेलीपैड के समीप स्लाइडिंग जोन में लगातार यात्रियों की आवाजाही को सुरक्षित बनाए रखने के लिए SDRF की टीम द्वारा राहत एवं सुरक्षा कार्य किया गया।

पोस्ट सोनप्रयाग से उप निरीक्षक आशीष डिमरी के नेतृत्व में SDRF टीम द्वारा लैंडस्लाइड प्रभावित क्षेत्र में मोर्चा संभालते हुए यात्रियों को सुरक्षित तरीके से स्लाइडिंग जोन पार कराया गया। अभियान के दौरान लगभग 9,000 यात्रियों को सुरक्षित रूप से मार्ग के आर-पार कराया गया।

उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी चीड़बासा स्लाइडिंग जोन में यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए SDRF द्वारा लगातार राहत एवं रेस्क्यू कार्य किया गया है। विषम भौगोलिक परिस्थितियों और प्रभावित मार्ग के बावजूद SDRF जवानों ने यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गयी।


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