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यात्रियों की सुगम, सुखद, सुरक्षित यात्रा के लिए तैयार है सरकार- महाराज

Category Archives: उत्तराखंड

यात्रियों की सुगम, सुखद, सुरक्षित यात्रा के लिए तैयार है सरकार- महाराज

देहरादून। प्रदेश के पर्यटन धर्मस्व, संस्कृति, लोक निर्माण, सिंचाई एवं ग्रामीण निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने कहा है कि उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा 2026 को सुगम, सुखद और सुरक्षित बनाने के लिए अपनी सभी तैयारियां पूर्ण कर ली हैं।

पर्यटन धर्मस्व, संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने बताया श्री बद्रीनाथ, श्री केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री सहित चारधाम यात्रा में आने वाले सभी यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और सुगम यात्रा के लिए जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, पर्यटन विभाग, लोक निर्माण विभाग, पेयजल विभाग, होटल एसोसिएशन और टूर ऑपरेटर्स सभी एकजुट होकर काम कर रहे हैं। चारधाम यात्रा के सभी प्रमुख पड़ावों पर पर्याप्त आवास, साफ-सुथरे भोजनालय और विश्राम स्थल सुनिश्चित किए गए हैं।

महाराज ने बताया कि सड़कों की मरम्मत, अतिरिक्त बस सेवाएँ और ट्रैफिक प्रबंधन की पुख्ता व्यवस्था की गई है। प्रत्येक धाम पर मेडिकल कैंप, एम्बुलेंस, ऑक्सीजन सुविधा और आपातकालीन रेस्क्यू टीमें तैनात रहेंगी। इसके अलावा निरंतर विद्युत आपूर्ति, पेयजल, मोबाइल कनेक्टिविटी और शौचालयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा में आने से पूर्व सभी यात्री ऑनलाइन पंजीकरण अवश्य करवाएँ और प्रशासन के दिशा निर्देशों का पालन करने के साथ-साथ स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।

उन्होंने चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को विश्वास दिलाया कि उत्तराखंड सरकार ने प्रत्येक श्रद्धालु के लिए ‘सुगम, सुखद एवं सुरक्षित’ चारधाम यात्रा का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसलिए अधिक से अधिक संख्या में यात्री चारधाम यात्रा के दौरान पूजा अर्चना का लाभ उठा सकते हैं।


THE IMMIGRATION GURUS Pvt. Ltd. (TIG) : उत्तर भारत के छात्रों के लिए वैश्विक शिक्षा के द्वार खोलता एक दशक का भरोसा

करनाल / चंडीगढ़ / पंजाब – विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने का सपना देखने वाले हजारों छात्रों के लिए एक विश्वसनीय मार्गदर्शक के रूप में उभरा THE IMMIGRATION GURUS Pvt. Ltd. (TIG) पिछले 10 वर्षों से अधिक समय से निरंतर सफलता की नई कहानियाँ लिख रहा है। 12,000+ से अधिक छात्रों के सपनों को साकार करने वाली यह संस्था आज उत्तर भारत में विदेशी शिक्षा परामर्श के क्षेत्र में एक प्रमुख नाम बन चुकी है।

करनाल (मुख्यालय), नवांशहर और इंद्री में अपनी सशक्त उपस्थिति के साथ TIG उन छात्रों को विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्रदान कर रहा है, जो कनाडा, अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया, आयरलैंड और न्यूजीलैंड जैसे देशों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हासिल करना चाहते हैं। संस्थान की “करियर-फर्स्ट” सोच इसे अन्य कंसल्टेंसी से अलग बनाती है, क्योंकि यहाँ फोकस केवल वीजा प्राप्ति तक सीमित नहीं बल्कि छात्रों के दीर्घकालिक अंतरराष्ट्रीय करियर निर्माण पर होता है।

कंपनी के प्रवक्ता धीरज गाँधी ने कहा, “हमारा उद्देश्य केवल छात्रों को विदेश भेजना नहीं, बल्कि उन्हें एक मजबूत और सफल भविष्य की दिशा में मार्गदर्शन देना है। 100+ वैश्विक संस्थानों के साथ हमारे मजबूत संबंध हमें छात्रों को सर्वोत्तम अवसर प्रदान करने में सक्षम बनाते हैं। हम पारदर्शिता, नैतिकता और व्यक्तिगत मार्गदर्शन के सिद्धांतों पर कार्य करते हैं।”

TIG की सबसे बड़ी विशेषता इसकी व्यक्तिगत (1:1) काउंसलिंग प्रक्रिया है, जिसके तहत प्रत्येक छात्र की शैक्षणिक पृष्ठभूमि, रुचियों और करियर लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए उन्हें उपयुक्त विकल्प सुझाए जाते हैं। यही कारण है कि संस्था की सफलता दर लगातार उच्च बनी हुई है और छात्रों व अभिभावकों के बीच इसका भरोसा मजबूत होता जा रहा है।

संस्थान की प्रमुख सेवायें :

स्टडी वीजा परामर्श :
कनाडा, अमेरिका, यूके, ऑस्ट्रेलिया, आयरलैंड और न्यूजीलैंड जैसे देशों के लिए विशेषज्ञ मार्गदर्शन, जहाँ छात्रों को नवीनतम वीजा नीतियों और आवश्यकताओं के अनुसार सहायता प्रदान की जाती है।

भाषा प्रशिक्षण:
अंतरराष्ट्रीय शिक्षा के लिए आवश्यक अंग्रेजी दक्षता को मजबूत बनाने हेतु IELTS, PTE और स्पोकन इंग्लिश की विशेष कोचिंग, अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा आधुनिक तकनीकों के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाता है।

संपूर्ण एडमिशन सहायता:
उपयुक्त विश्वविद्यालय और कोर्स चयन से लेकर आवेदन प्रक्रिया, दस्तावेज़ तैयारी और छात्रवृत्ति (Scholarship) के अवसरों की जानकारी तक हर चरण में सहायता।

वीजा फाइलिंग सपोर्ट:
सटीक और त्रुटिहीन वीजा आवेदन सुनिश्चित करने के लिए विशेषज्ञ टीम द्वारा संपूर्ण मार्गदर्शन, जिससे वीजा स्वीकृति की संभावना बढ़ती है।

प्रस्थान-पूर्व मार्गदर्शन (Pre-Departure):
छात्रों को विदेश जाने से पहले वहां के संस्कृति, जीवनशैली, आवास, और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में जानकारी देकर उन्हें आत्मविश्वास के साथ नई यात्रा के लिए तैयार किया जाता है।

अन्य वीजा सेवायें :
डिपेंडेंट वीजा और टूरिस्ट वीजा के लिए भी समर्पित सहायता प्रदान की जाती है, जिससे परिवार और व्यक्तिगत यात्राओं की प्रक्रिया आसान हो सके।

पिछले एक दशक में TIG ने न केवल छात्रों को वैश्विक अवसरों से जोड़ा है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और वैश्विक नागरिक बनने में भी मदद की है। संस्था की सफलता का आधार इसकी अनुभवी टीम, छात्र-केंद्रित दृष्टिकोण और अंतरराष्ट्रीय शिक्षा प्रणाली की गहरी समझ है।

आज के प्रतिस्पर्धी दौर में, सही मार्गदर्शन का होना अत्यंत आवश्यक है। THE IMMIGRATION GURUS Pvt. Ltd. (TIG) इस भूमिका को पूरी जिम्मेदारी के साथ निभा रहा है। संस्था का उद्देश्य आने वाले वर्षों में और अधिक छात्रों तक पहुँच बनाकर उन्हें विश्वस्तरीय शिक्षा के अवसर प्रदान करना है।

विदेश में पढ़ाई के सपने को साकार करने के इच्छुक छात्रों और अभिभावकों के लिए TIG एक भरोसेमंद साथी के रूप में स्थापित हो चुका है, जहाँ हर सपना एक स्पष्ट दिशा और मजबूत आधार पाता है।


मुख्यमंत्री धामी ने दिवंगत रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी को दी श्रद्धांजलि

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर मुकेश जोशी के निधन पर उनके जोहड़ी, देहरादून स्थित आवास पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने इस दौरान उनके परिजनों से भेंट कर अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवारजनों को धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में शामिल दोषियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि आम जनता की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। अधिकारियों को प्रदेश में ऑपरेशन प्रहार चलाकर अवांछित और हुड़दंग करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी भी मौजूद थे।


मुख्यमंत्री धामी की मौजूदगी में ITBP और औद्यानिक परिषद के बीच MoU

‘वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम’ के तहत स्थानीय उत्पादों की आपूर्ति को बढ़ावा

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में ‘वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम’ के अंतर्गत भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (ITBP) की उत्तराखंड में तैनात वाहिनियों के लिए स्थानीय उत्पादों (ताज़े फल एवं सब्जियों) की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल और उत्तराखंड औद्यानिक परिषद के मध्य समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।

मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड औद्यानिक परिषद और आईटीबीपी के मध्य हुए इस समझौता ज्ञापन (MoU) को राज्य के किसानों, स्थानीय उत्पादकों एवं सीमावर्ती क्षेत्रों के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समझौते के माध्यम से राज्य में तैनात भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवानों को स्थानीय स्तर पर ताज़े फल एवं सब्जियों की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। इससे एक ओर हमारे जवानों को गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक खाद्य सामग्री उपलब्ध होगी, वहीं दूसरी ओर प्रदेश के किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल “स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा” देने के राज्य सरकार के संकल्प को सशक्त करेगी तथा किसानों को अपनी उपज के विपणन के लिए एक सुदृढ़ एवं स्थायी मंच प्रदान करेगी। इस व्यवस्था के तहत चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ एवं चंपावत जैसे दूरस्थ एवं सीमावर्ती क्षेत्रों के साथ ही देहरादून में भी स्थानीय उत्पादों की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समझौता सीमांत क्षेत्रों में किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने में सहायक होगा और उन्हें बाजार तक पहुँचने में आने वाली कठिनाइयों से भी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा एवं हमारे जवानों के कल्याण के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। यह समझौता दोनों पक्षों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा।

वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत उत्तराखंड सरकार और आईटीबीपी के मध्य स्थानीय उत्पादों की खरीद के लिए पहले भी समझौता किया गया, जिसके काफी अच्छे परिणाम रहे हैं। अभी तक आईटीबीपी 14 करोड़ 77 लाख रुपये के स्थानीय उत्पादों की खरीद कर चुका है, जिसे और बढ़ाने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं। उत्तराखंड में आईटीबीपी वार्षिक मांग की 25 प्रतिशत फल एवं सब्जियाँ भी खरीदती है, तो इससे स्थानीय किसानों को लगभग 6 करोड़ रुपये की आमदनी होगी।

इस अवसर पर कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, सचिव कृषि एस.एन. पाण्डेय, आईजी आईटीबीपी मनु महाराज, अपर सचिव आनन्द श्रीवास्तव, निदेशक उद्यान एस.एल. सेमवाल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी उत्तराखंड औद्यानिक परिषद नरेन्द्र कुमार यादव एवं आईटीबीपी के अन्य अधिकारी मौजूद थे।


पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने राजधानी में “ऑपरेशन प्रहार” चलाने के दिए निर्देश

कानून-व्यवस्था को लेकर उच्च स्तरीय बैठक, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश 

देहरादून। हालिया आपराधिक घटनाओं की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस मुख्यालय में कानून-व्यवस्था को लेकर उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने बैठक में अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए राजधानी में “ऑपरेशन प्रहार” चलाने के निर्देश दिए। बैठक में आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, आईजी एसटीएफ नीलेश आनंद भरणे, एसएसपी देहरादून प्रमेंद्र डोबाल, एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में अधिकारियों की जिम्मेदारियां स्पष्ट करते हुए डीजीपी ने कहा कि देहरादून में आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सभी अधिकारियों को मुस्तैदी, सतर्कता और जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

आईजी गढ़वाल को देहरादून की कानून-व्यवस्था की दैनिक मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। एसएसपी देहरादून को अधीनस्थ अधिकारियों की स्पष्ट टास्किंग कर उनकी जवाबदेही तय करने तथा क्षेत्र में प्रभावी पुलिसिंग बनाए रखने को कहा गया। क्षेत्राधिकारी और थाना प्रभारियों को फील्ड में सक्रिय रहकर चिन्हित हॉटस्पॉट क्षेत्रों में पुलिस की उपस्थिति बढ़ाने, बैरियर पर सघन चेकिंग करने और विशेष रूप से प्रातःकालीन समय में पुलिस बल की सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए गए।

सत्यापन अभियान तेज, बार-पब्स पर सख्त कार्रवाई

आईजी एसटीएफ और एसएसपी एसटीएफ को देहरादून में सक्रिय आपराधिक तत्वों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। साथ ही पीजी और किरायेदारों का सघन सत्यापन कराने तथा होम-स्टे में संचालित गतिविधियों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया। निर्धारित समय के बाद संचालित हो रहे बार और पब्स पर सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं।


ऋषिकेश बाईपास 4 लेन को ₹1105 करोड़ की मंजूरी, डा. नरेश बंसल ने पीएम और केंद्रीय मंत्री का जताया आभार

देहरादून। भाजपा राष्ट्रीय सहकोषाध्यक्ष एवं सांसद राज्यसभा डा. नरेश बंसल ने केंद्र सरकार द्वारा ऋषिकेश बाईपास 4 लेन हेतु ₹1105.79 करोड़ की तकनीकी, प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान करने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का सहृदय आभार जताया है।

डा. नरेश बंसल ने कहा कि यह परियोजना न केवल ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाएगी, बल्कि चारधाम यात्रा के सुचारू एवं सुरक्षित संचालन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे स्थानीय जनता को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी और पर्यटन एवं आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति प्राप्त होगी।

डा. नरेश बंसल ने कहा कि मोदी के औजस्वी मार्गदशर्न व मुख्यमंत्री पुष्कर सिहं धामी के नेतृव मे डबल इंजन की सरकार उत्तराखंड के सर्वागीण विकास को संकल्पित है।


मसूरी में अवैध निर्माण पर एमडीडीए का शिकंजा, कैमल बैक रोड स्थित भवन सील

बिना मानचित्र स्वीकृति निर्माण पर कार्रवाई, टीम के साथ पुलिस बल रहा मौजूद

देहरादून – मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माण के खिलाफ अपने अभियान को तेज करते हुए मसूरी के प्रमुख क्षेत्र कैमल बैक रोड में एक भवन को सील कर दिया। प्राधिकरण द्वारा की गई इस कार्रवाई से क्षेत्र में बिना अनुमति निर्माण कराने वालों में हड़कंप मच गया है। एमडीडीए ने स्पष्ट किया है कि नियमों की अनदेखी कर किए जा रहे निर्माण कार्यों पर सख्ती से कार्रवाई जारी रहेगी। प्राधिकरण को मिली शिकायतों और नियमित निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि कैमल बैंक रोड स्थित वेलमाउंट कॉटेज के पास, चाह इन्दारा जुबली के पीछे मकान संख्या 2152 में रेनु सिंह पत्नी हरि सिंह द्वारा बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण कार्य किया जा रहा है। जांच में यह पाया गया कि निर्माण कार्य प्राधिकरण की निर्धारित नियमावली के विपरीत है और इसके लिए आवश्यक अनुमतियां प्राप्त नहीं की गई थीं।

उक्त प्रकरण में एमडीडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर तत्काल प्रभाव से भवन को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता अजय मलिक, संबंधित सुपरवाइजर तथा पुलिस बल मौके पर मौजूद रहे। टीम ने आसपास के क्षेत्र का भी निरीक्षण किया और स्थानीय लोगों को अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त चेतावनी दी।प्राधिकरण ने कहा कि मसूरी जैसे पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र में अनियंत्रित और अवैध निर्माण न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे क्षेत्र की पारिस्थितिकी और प्राकृतिक सौंदर्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए एमडीडीए “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत लगातार कार्रवाई कर रहा है। एमडीडीए ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य शुरू करने से पहले विधिवत मानचित्र स्वीकृति और अन्य आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण करें। बिना अनुमति निर्माण करने पर सीलिंग, ध्वस्तीकरण सहित कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। प्राधिकरण ने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में मसूरी और देहरादून के अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में भी इसी प्रकार के अभियान जारी रहेंगे, जिससे नियोजित विकास सुनिश्चित किया जा सके।

बिना स्वीकृति निर्माण पर सख्त कार्रवाई तय— बंशीधर तिवारी
मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मसूरी जैसे संवेदनशील हिल स्टेशन में नियमों की अनदेखी कर निर्माण करना गंभीर विषय है, जो पर्यावरणीय संतुलन को भी प्रभावित करता है। एमडीडीए द्वारा लगातार निगरानी और निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत चिन्हित अवैध निर्माणों पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि जहां भी बिना स्वीकृति निर्माण कार्य पाया जाएगा, वहां सीलिंग और आवश्यकतानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। आम नागरिकों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि निर्माण शुरू करने से पहले प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत कराना अनिवार्य है। नियमों के अनुरूप विकास ही सुरक्षित और स्थायी विकास का आधार है। उन्होंने यह भी कहा कि अवैध निर्माण पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए भविष्य में कार्रवाई को और तेज किया जाएगा।

शिकायत और निरीक्षण के आधार पर हो रही कार्रवाई— मोहन सिंह बर्निया
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि प्राधिकरण द्वारा अवैध निर्माण के विरुद्ध नियमित अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मसूरी क्षेत्र में प्राप्त शिकायतों और फील्ड निरीक्षण के आधार पर संबंधित भवन में बिना अनुमति निर्माण की पुष्टि हुई, जिसके बाद नियमानुसार सीलिंग की कार्रवाई की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी और ऐसे मामलों में सख्त कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे प्राधिकरण के नियमों का पालन करें और किसी भी अवैध निर्माण की जानकारी तुरंत एमडीडीए को दें। प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में सुव्यवस्थित, सुरक्षित और नियमों के अनुरूप विकास सुनिश्चित करना है।


धामी सरकार की बड़ी उपलब्धि: ऋषिकेश बाईपास 4-लेन के लिए ₹1105 करोड़ की मंजूरी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयास रंग लाए, केंद्र से मिली बड़ी सड़क परियोजना को हरी झंडी

ऋषिकेश में जाम से मिलेगी राहत, 12.67 किमी बाईपास निर्माण को केंद्र की स्वीकृति

चारधाम यात्रा और पर्यटन को मिलेगा बूस्ट, धामी सरकार की पहल से बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट मंजूर

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निरंतर प्रयासों और प्रभावी पैरवी के फलस्वरूप ऋषिकेश बाईपास के 4-लेन निर्माण कार्य को भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से बड़ी स्वीकृति प्राप्त हुई है। मंत्रालय द्वारा इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए ₹1105.79 करोड़ की तकनीकी, प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी की गई है।

यह बहुप्रतीक्षित परियोजना राष्ट्रीय राजमार्ग-7 पर टीनपानी फ्लाईओवर (किमी 529.750) से लेकर खरासोटे पुल (किमी 542.420) तक विकसित की जाएगी। लगभग 12.670 किलोमीटर लंबा यह बाईपास भट्टोवाला एवं ढालवाला गांवों से होकर गुजरेगा और इसे EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एवं कंस्ट्रक्शन) मोड पर क्रियान्वित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस स्वीकृति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश बाईपास परियोजना के पूर्ण होने से क्षेत्र में यातायात का दबाव कम होगा, जाम की समस्या से राहत मिलेगी और स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ चारधाम यात्रा एवं पर्यटन गतिविधियों को भी बड़ी सुविधा प्राप्त होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा, “ यह परियोजना उत्तराखंड के समग्र विकास और बेहतर कनेक्टिविटी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हमारी सरकार राज्य के दूरस्थ और शहरी क्षेत्रों को मजबूत सड़क नेटवर्क से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।”

मंत्रालय के अनुसार, इस परियोजना के लिए प्रारंभिक अनुमान ₹1151.18 करोड़ था, जिसे संशोधित कर ₹1139.40 करोड़ किया गया और अंततः ₹1105.79 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई है।

परियोजना को तीन वर्षों की समयावधि में पूरा किया जाएगा और कार्य में किसी प्रकार की लागत या समय वृद्धि स्वीकार नहीं की जाएगी। निविदाएं ई-टेंडरिंग प्रक्रिया के माध्यम से आमंत्रित की जाएंगी तथा सभी कार्य निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप किए जाएंगे।

इस परियोजना के लिए व्यय वित्त वर्ष 2025-26 में भारत सरकार के बजट प्रावधान (GBS) के अंतर्गत किया जाएगा। देहरादून स्थित क्षेत्रीय अधिकारी को इस कार्य के लिए ड्रॉइंग एवं डिस्बर्सिंग ऑफिसर (DDO) नामित किया गया है।

इस परियोजना के पूर्ण होने से ऋषिकेश क्षेत्र में यातायात व्यवस्था सुगम होगी, जाम की समस्या में कमी आएगी तथा राज्य के आर्थिक और पर्यटन विकास को नई गति मिलेगी।


मुख्यमंत्री धामी ने निर्माणाधीन अत्याधुनिक साइंस सेंटर का किया स्थलीय निरीक्षण

मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित वैज्ञानिक गैलरियों एवं चार मंजिला साइंस कैंपस सुविधा का किया अवलोकन

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को जनपद चम्पावत के भ्रमण के दौरान लगभग ₹55.52 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन अत्याधुनिक साइंस सेंटर का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, प्रगति एवं समयबद्धता का बारीकी से अवलोकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित वैज्ञानिक गैलरियों एवं चार मंजिला साइंस कैंपस सुविधा का अवलोकन किया। इस कैंपस में 40 विद्यार्थियों के लिए छात्रावास, स्टाफ क्वार्टर तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, जिससे यह केंद्र विद्यार्थियों के लिए आवासीय वैज्ञानिक शिक्षण का भी महत्वपूर्ण स्थल बनेगा।

इस अवसर पर यूकॉस्ट के महानिदेशक डॉ. दुर्गेश पंत ने अवगत कराया कि दो मंजिला साइंस गैलरी ब्लॉक में “फन साइंस गैलरी”, प्रदर्शनी कक्ष, विज्ञान एवं कृषि गैलरी, प्रशिक्षण हॉल तथा अत्याधुनिक एस्ट्रोनॉमी गैलरी विकसित की जा रही है। इसके अतिरिक्त परिसर में 120 क्षमता वाला ऑडिटोरियम, 71 सीटों वाला आधुनिक प्लैनेटेरियम (तारामंडल) — जिसमें इनर एवं आउटर डोम की सुविधा होगी — तथा स्टाफ के लिए कॉन्फ्रेंस एवं डेवलपमेंट हॉल जैसी विश्वस्तरीय व्यवस्थाएं भी स्थापित की जा रही हैं।

निरीक्षण के उपरांत मुख्यमंत्री ने विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं द्वारा तैयार किए गए विज्ञान मॉडलों का अवलोकन किया तथा नन्हे वैज्ञानिकों से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह साइंस सेंटर भविष्य में प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा, अनुसंधान एवं नवाचार का प्रमुख केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि विज्ञान के बिना विकास की परिकल्पना अधूरी है और इस केंद्र के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को भी आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों एवं खगोल विज्ञान को समझने का अवसर प्राप्त होगा। राज्य सरकार का उद्देश्य युवाओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित कर उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए सक्षम बनाना है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यदायी संस्था को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य को निर्धारित समयसीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए। साथ ही उन्होंने निर्माण के दौरान पर्यावरणीय मानकों एवं श्रमिकों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने पर भी बल दिया।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, दर्जा राज्य मंत्री श्याम नारायण पांडे, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सिंह सामंत, भाजपा प्रदेश मंत्री निर्मल मेहरा, नगर पालिका अध्यक्ष प्रेमा पांडे, ब्लॉक प्रमुख अंचला बोहरा, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, अधिकारी, विभिन्न विद्यालयों के छात्र छात्राएं एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


प्रदेश में एलपीजी की कोई किल्लत नहीं, गड़बड़ करने वालों पर तुरंत होगी एफआईआर- रेखा आर्या

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने की हर जिले की स्थिति की समीक्षा

विभागीय अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट मोड में रहने के निर्देश

देहरादून। प्रदेश में घरेलू सिलेंडरों की पर्याप्त सप्लाई आ रही है और किसी भी जनपद में किल्लत जैसी स्थिति नहीं है। अगर कोई कृत्रिम अभाव पैदा करने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह बात खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रेखा आर्या ने मंगलवार को एलपीजी की मांग और सप्लाई को लेकर पूरे प्रदेश की समीक्षा करने के बाद कहीं।

यह समीक्षा बैठक विधानसभा स्थित सभागार में आयोजित की गई थी। इसमें विभागीय अधिकारियों के अलावा गैस सप्लाई करने वाली सभी कंपनियों के अधिकारियों को बुलाया गया था और सभी जनपदों के जिला पूर्ति अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से बैठक से जुड़े।

बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि प्रदेश में 3555559 घरेलू एलपीजी कनेक्शन है जबकि कमर्शियल कनेक्शन की संख्या 60976 है। वर्तमान में प्रदेश में 80861 घरेलू गैस सिलेंडर और 12146 कमर्शियल सिलेंडर का स्टॉक मौजूद है। इसके अलावा दैनिक रूप से पर्याप्त सप्लाई पहुंच रही है। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि घरेलू सिलेंडरों की डिलीवरी में कहीं कोई समस्या नहीं है। उन्होंने सभी जिला पूर्ति अधिकारियों को कहा कि किसी भी सूरत में गैस एजेंसी या स्टोर रूम से सिलेंडर न दिए जाएं बल्कि सभी उपभोक्ताओं को होम डिलीवरी सुनिश्चित की जाए।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित की गई एसओपी के मुताबिक अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थाओं को कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई नियमित रूप से हो रही है। जो व्यवसायी कमर्शियल सिलेंडर का कनेक्शन लेना चाहते हैं, उन्हें आवेदन के 24 घंटे के भीतर कमर्शियल कनेक्शन उपलब्ध कराने के निर्देश गैस कंपनियों को दिए गए हैं।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि प्रदेश सरकार कालाबाजारी, जमाखोरी और मुनाफाखोरी से कड़ाई से निपट रही है। अभी तक प्रदेश में 173 जगह छापेमारी की गई है और कुल 15 एफ आई आर दर्ज कराई गई है।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि प्रदेश में पीएनजी के कनेक्शन तेजी से बढ़ाने पर भी जोड़ दिया जा रहा है और वह इस बारे में केंद्र को पत्र लिखकर पीएनजी लाइन के लिए जल्द से जल्द एनओसी सुनिश्चित करने का अनुरोध करेगी।

कई जनपदों के जिला पूर्ति अधिकारियों ने बीपीसीएल से सप्लाई कम आने की शिकायत की थी जिसके बाद इस कंपनी के अधिकारियों को कैबिनेट मंत्री ने बैठक में स्थिति जल्द सुधरने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अगर इस निर्देश का पालन नहीं हुआ तो केंद्र सरकार से शिकायत की जाएगी।

बैठक में विभागीय सचिव एल फैनई अपर आयुक्त जीएस पांगती व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।


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