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अलकनंदा में डूबे NIT के छात्र का शव बरामद

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अलकनंदा में डूबे NIT के छात्र का शव बरामद

SDRF और पुलिस की कड़ी मशक्कत के बाद मिला लापता छात्र का शव 

श्रीनगर। अलकनंदा नदी में नहाने के दौरान लापता हुए NIT श्रीनगर के छात्र का शव आखिरकार बरामद कर लिया गया है। घटना के बाद से कई दिनों तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद शव मिला, वहीं संस्थान और छात्र के परिजनों में शोक की लहर।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 26 अप्रैल की शाम करीब चार बजे बीटेक थर्ड ईयर (कंप्यूटर साइंस) के छात्र आनंद सोहन, निवासी तेलंगाना, SSB श्रीनगर के पास अलकनंदा नदी में नहाते समय अचानक तेज धारा की चपेट में आ गए थे। देखते ही देखते वह नदी में बह गए, जिसके बाद मौके पर हड़कंप मच गया।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और जल पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और तत्काल सर्च एवं रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। अधिकारियों के अनुसार, श्रीनगर से लेकर मूल्यगांव तक नदी किनारे संभावित स्थानों पर लगातार खोजबीन की गई। इसके अलावा मूल्यगांव से आगे भी एसडीआरएफ की टीमों ने अभियान को विस्तार दिया।

एसडीआरएफ इंस्पेक्टर मंजरी नेगी ने बताया कि तेज बहाव और गहराई के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन काफी चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन टीमों ने समन्वय और सतर्कता के साथ लगातार सर्च अभियान जारी रखा। उन्होंने बताया कि घटना स्थल से करीब 200 मीटर आगे नदी में छात्र का शव बरामद कर लिया गया।

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा व पोस्टमार्टम की प्रक्रिया की तैयार की जा रही है। वहीं, घटना की सूचना छात्र के परिजनों को दे दी गई है।

इस दुखद घटना के बाद NIT श्रीनगर परिसर में शोक का माहौल है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नदी-नालों के पास विशेष सावधानी बरतें और तेज धारा वाले क्षेत्रों में न जाने से बचें, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।


लूट के बाद पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़, एक आरोपी ढेर, इंस्पेक्टर नरेश राठौड़ घायल

देहरादून में हाई अलर्ट, फरार आरोपियों की तलाश में सर्च ऑपरेशन तेज

देहरादून। देहरादून शहर के प्रेमनगर क्षेत्र में बीती देर रात लूट की सनसनीखेज घटना के बाद पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में एक बदमाश मारा गया, जबकि थाना प्रभारी प्रेमनगर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे जिले में अलर्ट जारी कर सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।

पुलिस कंट्रोल रूम को देर रात सूचना मिली कि अज्ञात बदमाशों ने एक व्यक्ति के साथ लूटपाट की और उसे गोली मार दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी प्रेमनगर नरेश राठौर पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे, जहां घायल अवस्था में मिले व्यक्ति ने अपना नाम देवराज बताया। उसने पुलिस को बताया कि काले रंग की गुजरात नंबर की कार में सवार बदमाशों ने तमंचे के बल पर उससे करीब दो लाख रुपये, मोबाइल फोन, हिसाब-किताब की डायरी, आईडी और अन्य दस्तावेज लूट लिए और विरोध करने पर गोली मारकर फरार हो गए।

घायल को प्राथमिक उपचार दिलाने के बाद पुलिस टीम बदमाशों के बताए गए दिशा में पीछा करने निकली। कुछ दूरी पर जंगल क्षेत्र में संदिग्ध कार दिखाई दी। पुलिस के पीछा करने पर बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी और गाड़ी छोड़कर जंगल की ओर भागने लगे। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की।

मुठभेड़ के दौरान एक गोली थाना प्रभारी नरेश राठौर को लग गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश भी गोली लगने से घायल हो गया, जबकि अन्य आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।

घायल थाना प्रभारी, पीड़ित देवराज और घायल बदमाश को तत्काल प्रेमनगर अस्पताल ले जाया गया, जहां से तीनों को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान घायल बदमाश की मौत हो गई।

घटना की जानकारी मिलते ही एसएसपी देहरादून और एसपी सिटी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। पूरे जिले में नाकाबंदी कर दी गई है तथा सभी सीमाओं पर कड़ी निगरानी और चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। फरार बदमाशों की तलाश के लिए पुलिस की टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन में जुटी हुई हैं।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू पर जांच की जा रही है और जल्द ही फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।


मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने कुम्भ मेला – 2027 की तैयारियों को लेकर ली बैठक

कुम्भ मेले से संबंधित निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली

तीन दिन में शासनादेश जारी करने के दिए निर्देश

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में कुम्भ मेला – 2027 की तैयारियों के सम्बन्ध में सम्बन्धित विभागों एवं अधिकारियों के साथ बैठक ली।
मुख्य सचिव ने कुम्भ मेले से संबंधित निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने विभिन्न निर्माण कार्यों के शासनादेश जारी ना होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए आपत्तियों का निराकरण कर अगले 3 दिनों में शासनादेश जारी किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि कुंभ मेले के लिए भूमि अधिग्रहण और भूमि आबंटन की प्रक्रिया तत्काल शुरू कर ली जाए। उन्होंने कहा कि विभागों और संस्थानों को आबंटित होने वाली भूमि को 30 जून तक आबंटित कर दिया जाए। उन्होंने आयुक्त गढ़वाल को भूमि अधिग्रहण एवं आवंटन प्रक्रिया कुम्भ मास्टर प्लान में शामिल किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि निर्माणदायी संस्थाओं द्वारा मेला क्षेत्र के अंतर्गत अपने कार्यालयों को मजबूत किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी आवश्यक तैनातियां शीघ्र से शीघ्र सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने अनिवार्य रूप से कराये जाने वाले अस्थायी प्रकृति के कार्यों को भी प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र से शीघ्र शुरू किए जाने की बात कही।

मुख्य सचिव ने कुम्भ मेला क्षेत्र के लिए रेलवे एवं सड़क मार्ग यातायात प्लान तैयार कर फाईनल किए जाने हेतु मेलाधिकारी कुम्भ, आईजी कुम्भ और डीआरएम मुरादाबाद को शीघ्र बैठक कर सभी बुनियादी आवश्यकताएं सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि हरिद्वार, नजीबाबाद और मैंगलोर की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एनएचएआई एवं लोक निर्माण विभाग के स्तर से होने वाले स्पर्र और जंक्शंस का निर्माण और मरम्मत कार्य शीघ्र पूर्ण कराया लिया जाए। उन्होंने कुम्भ क्षेत्र के आसपास के जनपदों में भी ट्रैफिक प्लान और पार्किंग सुविधाओं का विस्तार किए जाने के निर्देश जिलाधिकारियों को दिए।

मुख्य सचिव ने आकस्मिक यातायात प्लान भी तैयार रखे जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रवेश करने वाले स्थानों पर भी पार्किंग, रुकने, खाने एवं शौचालयों की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कुम्भ मेला क्षेत्र में चिह्नित पार्किंग स्थलों में भी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

मुख्य सचिव ने पूरे कुम्भ क्षेत्र के लिए सैनिटेशन का डेडिकेटेड प्लान तैयार किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कुम्भ मेले के दौरान देश विदेश से लाखों-करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित होते हैं। इस लिए कुम्भ क्षेत्र में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखे जाने के लिए विशेष सैनिटेशन प्लान शीघ्र तैयार किए जाने की आवश्यकता है।
उन्होंने उपयुक्त मात्रा में पर्यटक सूचना केंद्रों की स्थापना किए जाने पर भी जोर दिया, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा ना हो और समय पर उचित जानकारी मिल सके।

मुख्य सचिव ने कुम्भ मेला के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की विभिन्न लोक कलाओं के निपुण कलाकारों को इससे अपनी संस्कृति देश विदेश तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ के कारण महत्त्वपूर्ण दिवसों को छोड़कर प्रत्येक दिवस ऐसे पौराणिक, ऐतिहासिक एवं लोक संस्कृति से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए।

इस अवसर पर सचिव नितेश कुमार झा, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, बृजेश कुमार संत, विनय शंकर पाण्डेय, श्रीधर बाबू अद्दांकी, रणवीर सिंह चौहान, मेलाधिकारी सोनिका, आईजी कुम्भ योगेन्द्र सिंह रावत एवं रेलवे डिवीजन मुरादाबाद से वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


केन्द्रीय रेल मंत्री से मिले कैबिनेट मंत्री डाॅ. धन सिंह और सांसद अनिल बलूनी

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना को लेकर की विस्तृत चर्चा

देहरादून/नई दिल्ली। कैबिनेट मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत व सांसद अनिल बलूनी ने नई दिल्ली में केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से शिष्टचार मुलाकात की। मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने केन्द्रीय रेल मंत्री के साथ ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना को लेकर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान उन्होंने श्रीनगर में ऐतिहासिक जीएनटीआई मैदान के पुनर्निर्माण, श्रीनगर मेडिकल काॅलेज में रेन बसेरा बनाने तथा रेल परियोजना से प्रभावित परिवारों की समस्या को रखा। साथ ही डाॅ. रावत ने केन्द्रीय मंत्री को चार धाम यात्रा पर आने का आमंत्रण दिया, जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार किया।

कैबिनेट मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने बताया कि केन्द्रीय मंत्री के साथ मुलाकात के दौरान उन्होंने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के निर्माण कार्यों एवं परियोजना का काम शीघ्र पूरा करने को लेकर विस्तृत चर्चा की। मुलाकात के दौरान डाॅ. रावत ने केन्द्रीय रेल मंत्री के समक्ष कई अहम मुद्दों को रखा। डाॅ. रावत ने बताया कि रेल परियोजना की निर्माणाधीन टनल से श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ऋषिकेश-बदरीनाथ राजमार्ग के ऊपर की ओर स्थित टीचर्स काॅलोनी में कई लोगों के निजी व व्यावसायिक भवन क्षतिग्रस्त हुई है, जिससे प्रभावित परिवार बेघर हो गये हैं साथ ही आर्थिक कठिनाईयों से भी जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जिलाधिकारी पौड़ी के स्तर पर गठित समिति की सर्वे व मूल्यांकन रिपोर्ट के तहत प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने के लिये समय-समय पर रेल विकास निगम को कहा गया लेकिन अभी तक उन्हें मुआवजा की राशि नहीं दी गई।

इसके अतिरिक्त काण्डई गांव के 9 परिवारों के पूर्णतः क्षतिग्रस्त भवनों का विषय भी केन्द्रीय रेल मंत्री के समक्ष रखा गया। डाॅ. रावत ने सभी प्रभावित परिवारों को शीघ्र उचित मुआवजा राशि देने का अग्रह केन्द्रीय मंत्री से किया। जिस पर केन्द्रीय मंत्री ने शीघ्र प्रभावितों को मुआवजा देने की बात कही।

मुलाकात के दौरान डाॅ. रावत ने रेलवे परियोजना से क्षतिग्रस्त जी.एन.टी.आई मैदान के सौन्दर्यीकरण एवं राजकीय मेडिकल काॅलेज श्रीनगर में तिमारदारों की सुविधा हेतु रेन बसेरा के निर्माण रेल विकास निगम की ओर से कराने का प्रस्ताव केन्द्रीय रेल मंत्री के समक्ष रखा। जिस पर केन्द्रीय मंत्री ने सकारात्मक आश्वासन दिया।


मेहुवाला माफी में 15 से 20 बीघा अवैध प्लॉटिंग पर चला एमडीडीए का बुलडोजर

अवैध निर्माणों पर एमडीडीए का सख्त अभियान जारी

जाखन और कुठाल गेट क्षेत्र में सीलिंग की कार्रवाई

देहरादून- मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ व्यापक अभियान लगातार जारी है। प्राधिकरण ने सेक्टरवार टीमों का गठन कर प्रत्येक दिन निरीक्षण और कार्रवाई सुनिश्चित की है, जिससे शहर के नियोजित विकास को गति मिल सके और अनियमितताओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। एमडीडीए के अधिकारियों के निर्देशों के तहत मेहुवाला माफी, राजपुर, जाखन तथा कुठाल गेट डोईवाला क्षेत्रों में अवैध निर्माण और प्लॉटिंग के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए। संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के आदेशों के अनुपालन में कई स्थानों पर ध्वस्तीकरण और सीलिंग की कार्रवाई की गई, जिससे अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों में हड़कंप मच गया।

जाखन और कुठाल गेट क्षेत्र में सीलिंग की कार्रवाई
प्राधिकरण द्वारा जाखन जोहड़ी रोड के निकट एसबीआई के पास मनीष कौशल द्वारा निर्मित अवैध बहुमंजिला भवन को सील किया गया। इसके अतिरिक्त, कुठाल गेट क्षेत्र में भी दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई की गई। दिलशाद हुसैन द्वारा बेस्ट ग्रीन वैली, मसूरी रोड के निकट किए गए अवैध निर्माण को सील किया गया। वहीं, कुलदीप सलूजा द्वारा कुठाल गेट के समीप किए गए दो अवैध निर्माणों पर भी सीलिंग की कार्रवाई की गई। इन सभी कार्रवाइयों को सहायक अभियंता शैलेन्द्र सिंह रावत, अवर अभियंता सचिन कुमार एवं सुपरवाइजर की मौजूदगी में विधिवत अंजाम दिया गया।

मेहुवाला माफी में अवैध प्लॉटिंग पर चला बुलडोजर
एमडीडीए ने मेहुवाला माफी क्षेत्र में भी बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 15 से 20 बीघा भूमि पर बिना स्वीकृत मानचित्र के की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया। यह प्लॉटिंग सुरेश कुमार एवं अन्य द्वारा दुर्गा विहार कॉलोनी के निकट विकसित की जा रही थी। इस कार्रवाई को सहायक अभियंता विजय सिंह रावत, अवर अभियंता मुनेश राणा, सुपरवाइजर तथा पुलिस बल की उपस्थिति में अंजाम दिया गया। प्राधिकरण की इस कार्रवाई से अवैध प्लॉटिंग में संलिप्त लोगों में स्पष्ट संदेश गया है कि नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अवैध निर्माण और प्लॉटिंग के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति- बंशीधर तिवारी
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और प्लॉटिंग के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देहरादून और आसपास के क्षेत्रों के संतुलित और सुव्यवस्थित विकास के लिए यह आवश्यक है कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित नियमों और स्वीकृत मानचित्र के अनुसार ही किए जाएं। उन्होंने बताया कि प्राधिकरण द्वारा सेक्टरवार टीमों का गठन कर नियमित निगरानी की जा रही है, जिससे किसी भी प्रकार की अनियमितता को प्रारंभिक स्तर पर ही रोका जा सके। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि अवैध निर्माण न केवल शहर की संरचना को प्रभावित करते हैं, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बनते हैं। इसलिए ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने आम जनता से अपील की कि किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य शुरू करने से पहले प्राधिकरण से स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें और नियमों का पालन करें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कार्रवाई से बचा जा सके।

अवैध प्लॉटिंग या निर्माण की सूचना प्राधिकरण को दें- मोहन सिंह बर्निया
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण द्वारा अवैध निर्माणों से सम्बन्धित गतिविधियों के खिलाफ निरंतर अभियान चलाया जा रहा है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि विभिन्न क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण कर अवैध निर्माणों की पहचान की जा रही है और प्रकरणों पर नियमानुसार तत्काल प्रभाव से सीलिंग व ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि प्राधिकरण की प्राथमिकता शहर का योजनाबद्ध विकास सुनिश्चित करना है। इसके लिए आम नागरिकों का सहयोग आवश्यक है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अवैध प्लॉटिंग या निर्माण में शामिल न हों और गतिविधि की सूचना प्राधिकरण को दें।


उत्तराखंड वन विकास निगम के 25 साल पूरे, देहरादून में रजत जयंती समारोह का भव्य आयोजन

मुख्यमंत्री धामी द्वारा कार्यक्रम का शुभारंभ, वन मंत्री सुबोध उनियाल सहित अनेक गणमान्य अतिथि रहे उपस्थित

डिजिटल प्लेटफॉर्म “Himkaashth” का शुभारंभ, महत्वपूर्ण पुस्तकों का विमोचन एवं निगम की उपलब्धियों पर आधारित डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन

देहरादून। उत्तराखंड वन विकास निगम के स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आज मुख्यमंत्री आवास, देहरादून में राज्य जयंती समारोह का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा किया गया। इस अवसर पर वन मंत्री सुबोध उनियाल सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में सांसद (राज्यसभा) नवीन बंसल, विधायक कैंट श्रीमती सविता कपूर, विधायक लालकुआँ मोहन बिष्ट, विधायक कपकोट सुरेश गढ़िया तथा विधायक रानीखेत प्रमोद नैनवाल भी उपस्थित रहे।

इसके उपरांत समारोह में अपर मुख्य सचिव (वन) आर. के. सुधांशु तथा उत्तराखंड वन विकास निगम की प्रबंध निदेशक श्रीमती नीना ग्रेवाल सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त प्रमुख वन संरक्षक (HoFF) उत्तराखंड रंजन मिश्रा, प्रमुख वन संरक्षक कपिल लाल, वन सचिव सी. रविशंकर सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारियों ने कार्यक्रम में सहभागिता की।

इस अवसर पर निगम के पूर्व प्रबंध निदेशक एवं विभिन्न उच्च पदों से सेवानिवृत्त अधिकारियों ने भी सहभागिता की। साथ ही निगम के स्टेकहोल्डर्स, क्रेता (Buyers) तथा प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए अधिकारी एवं कर्मचारी भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान निगम द्वारा प्रकाशित महत्वपूर्ण पुस्तकों, “उपवनिज खनन वन भूमि हस्तांतरण मार्गदर्शिका” एवं “उत्तराखंड वन विकास निगम हस्तपुस्तिका”, का विमोचन किया गया। साथ ही निगम की उपलब्धियों पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन किया गया तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म “Himkaashth” का शुभारंभ किया गया, जिससे ई-ऑक्शन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुलभ एवं प्रभावी बनाया गया है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड वन विकास निगम ने विगत 25 वर्षों में राज्य के वन संसाधनों के वैज्ञानिक एवं सतत प्रबंधन के साथ-साथ राज्य की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने निगम द्वारा अपनाई गई डिजिटल तकनीकों एवं पारदर्शी नीलामी प्रणाली की सराहना करते हुए इसे एक आदर्श मॉडल बताया।

मुख्यमंत्री ने सरखानु क्षेत्र में मधुमक्खी पालन (मधुपालन) एवं शहद उत्पादन को बढ़ावा देने पर बल दिया तथा कुमाऊँ क्षेत्र में उत्तराखंड वन विकास निगम के कार्यालय भवन की स्थापना की घोषणा की।

वन मंत्री सुबोध उनियाल ने अपने संबोधन में कहा कि निगम ने वन प्रबंधन, रोजगार सृजन एवं ग्रामीण आजीविका संवर्धन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं तथा भविष्य में कृषि वानिकी एवं इको-टूरिज्म को और अधिक बढ़ावा दिया जाएगा।

अपर मुख्य सचिव (वन) आर. के. सुधांशु ने निगम की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक एवं पारदर्शी व्यवस्थाओं के माध्यम से निगम ने सुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।

प्रबंध निदेशक द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार निगम ने विगत 25 वर्षों में निरंतर प्रगति करते हुए एक सशक्त एवं आत्मनिर्भर संस्था के रूप में स्वयं को स्थापित किया है। लॉगिंग कार्यों में जहाँ प्रारंभिक वर्षों में औसतन 1–1.25 लाख घनमीटर उत्पादन होता था, वहीं वर्तमान में यह बढ़कर लगभग 2.5 लाख घनमीटर प्रतिवर्ष तक पहुँच गया है। पिछले तीन वर्षों में लॉगिंग उत्पादन क्रमशः 2.649 लाख घनमीटर (2023-24), 2.457 लाख घनमीटर (2024-25) एवं 1.98 लाख घनमीटर (2025-26) रहा है।

खनन कार्यों में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2001 में जहाँ खनन की मात्रा 24.74 लाख घनमीटर थी, वहीं वर्ष 2026 में यह बढ़कर लगभग 84 लाख घनमीटर हो गई है। निगम द्वारा राजस्व अर्जन में भी निरंतर वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले तीन वर्षों में निगम का लाभ क्रमशः ₹112 करोड़ (2022-23), ₹163 करोड़ (2023-24) एवं ₹167 करोड़ (2024-25) रहा है। वर्ष 2024-25 में लकड़ी (प्रकाष्ठ) से लगभग ₹627 करोड़ तथा खनन से ₹158 करोड़ का व्यवसाय किया गया। निगम द्वारा ई-ऑक्शन प्रणाली, UVMS तथा KMS जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से कार्यों को पूर्णतः पारदर्शी एवं दक्ष बनाया गया है।

“Himkaashth” प्लेटफॉर्म के माध्यम से देशभर के क्रेता ऑनलाइन नीलामी में भाग लेकर लकड़ी क्रय कर सकते हैं। निगम द्वारा कृषि वानिकी, जड़ी-बूटी एवं वन उत्पादों के विपणन, इको-टूरिज्म तथा ग्रामीण आजीविका संवर्धन के माध्यम से राज्य के सामाजिक एवं आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा रहा है।

इस अवसर पर निगम के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के मेधावी बच्चों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।


सभी जनप्रतिनिधि दृढ़ संकल्प के साथ कार्य करते हुए क्षेत्र के विकास के बने साक्षी- सतपाल महाराज

जनपद के विभिन्न विकास योजनाओं के लिए 6735.60 लाख की जिला योजना अनुमोदित

जनपद प्रभारी मंत्री सतपाल महाराज की अध्यक्षता में आयोजित की गई जिला योजना समिति की बैठक

हरिद्वार। जनपद के विकास योजनाओं के लिए जनपद प्रभारी मंत्री सतपाल महाराज की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला योजना समिति की बैठक आयोजित की गई।जिसमें जनपद की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए वर्ष 2026-27 के लिए विभिन्न विभागों के माध्यम से संचालित विकास योजनाओं के लिए 6735.60 लाख (सड़सठ करोड़ पैंतीस लाख साठ हजार रूपये) का बजट समिति द्वारा अनुमोदित किया गया।वर्ष 2026-27 के लिए जिला योजना का परिव्यय अनुमोदित करते हुए प्रभारी मंत्री ने कही कि वार्षिक परिव्यय के अंतर्गत सामान्य मद में धनराशि रू0 5297.60 लाख (बावन करोड़ सतानवे लाख साठ हजार) अनुसूचित जाति मद में धनराशि रु० 1404.50 लाख (चौदह करोड़ चार लाख पचास हजार) एवं अनुसूचित जनजाति मद में धनराशि रू० 33.50 लाख (तैतीस लाख पचास हजार) निर्धारित की गयी है। उन्होंने कहा कि कुल परिव्यय लगभग 15 प्रतिशत से अधिक धनराशि स्वरोजगार तथा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने हेतु जैसे कृषि, उद्यान, पशुपालन सहकारिता, दुग्ध, रेशम, मत्स्य वानिकी, गन्ना आदि से सम्बन्धित रेखीय विभागों हेतु प्राविधानित की गयी है। उन्होंने कहा कि प्राथमिक शिक्षा को पहली बार सम्मिलित किया गया।अभिनव पहल के अंतर्गत ornamental मीठा जल, झींगा पालन एवं नवीन गतिविधियाँ सम्मिलित की गयी।

बैठक में जनपद प्रभारी मंत्री सतपाल महाराज ने सभी जिलास्तरीय अधिकारियों से कहा कि जो विकास योजनाएं संचालित की जा रही है,उन योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए संबंधित क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से बेहतर समन्वय करते हुए विकास योजनाओं को पात्र व्यक्ति तक पहुंचने के लिए धरातल पर कार्य करे।उन्होंने जनप्रतिनिधियों से भी अपेक्षा की है कि सभी जनप्रतिनिधि जनपद के विकास के लिए दृढ़ संकल्प के साथ कार्य करते हुए विकास कार्यों के साक्षी बने।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा की है कि जनप्रतिनिधियों द्वारा क्षेत्र की समस्याओं एवं किसी भी कार्यों लेकर उनसे दूरभाष के माध्यम से जानकारी चाही जाती है,यदि किन्ही कारण वश फोन रिसीव नहीं किया जा सकता है तो जनप्रतिनिधि से कॉल बैक अवश्य करे तथा उनसे बात करते हुए जो भी समस्या है उसका निराकरण करना सुनाश्चित करे।

जिला योजना के बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि जिला योजना में विकास कार्यों के लिए सभी जनप्रतिनिधियों के प्रस्ताव सम्मिलित किए गए है,यदि किसी प्रस्ताव में संशोधन करने की आवश्यकता पड़ती है तो उसमें संशोधन किए जाने का भी प्राविधान है।उन्होंने कहा कि जनपद का विगत वर्षों से जिला योजना का परिव्यय नहीं बढ़ा है जिसके लिए उन्होंने जिला योजना का परिव्यय बढ़ाने के लिए प्रभारी मंत्री से अपेक्षा की गई है। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बैठक में जो भी सुझाव एवं दिशा-निर्देश दिए गए है उनका संबंधित विभागों से अनुपालन सुनिश्चित कराया जायेगा।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ ललित नारायण मिश्र ने विभिन्न विभागों को प्रस्तावित किए गए वर्ष 2026-27 हेतु विभिन्न विभागों को प्रस्तावित किए गए परिव्यय 6735.60 के संबंध में स्लाइड शो के माध्यम से सदन को विस्तार से अवगत कराया गया। विभागों को अनुमोदित किए गए परिव्यय में कृषि विभाग को 190 लाख, उद्यान विभाग को 200 लाख,गणना विकास विभाग 130 लाख,पशुपालन विभाग 260 लाख,वानिकी विभाग 47 लाख, दुग्ध विकास 34 लाख, मत्स्य विभाग 115.20 लाख, रेशम विभाग 57.60 लाख, नलकूप खंड हरिद्वार 132 लाख,नलकूप खंड रूड़की 118 लाख,सहकारिता विभाग 30 लाख, सामुदायिक विकास 65 लाख, पंचायतीराज विभाग को 1636 लाख, लघु सिंचाई विभाग 95 लाख, राजकीय सिंचाई विभाग हरिद्वार 278 लाख ,राजकीय सिंचाई विभाग रुड़की 261, वैकल्पिक ऊर्जा(उरेड़ा) 125 लाख, लघु उद्योग विभाग 16.70 लाख,प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग हरिद्वार 269 लाख, प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग रुड़की 269.71 लाख,प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग लक्सर 110 लाख,पूल्ड आवास( लोनिवि) 60 लाख, पर्यटन विभाग 58लाख ,अर्थ एव संख्या 55 लाख,माध्यमिक शिक्षा 100 लाख,खेलकूद 135 लाख, युवा कल्याण 1234.19 लाख, एलोपैथिक चिकित्सा 100 लाख, आयुर्वेदिक चिकित्सा 11 लाख, होमियोपैथी चिकित्सा 23.51 लाख ,पेयजल निगम 163.89 लाख,जल संस्थान 216 लाख,सूचना विभाग 23.30 लाख,सेवायोजन विभाग 3.50 लाख, समाज कल्याण विभाग 27 लाख, प्राथमिक शिक्षा 80 लाख रूपये की धनराशि अनुमोदित की गई।

बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी,मेयर किरण जैसल, विधायक रानीपुर आदेश सिंह चौहान, जिलाध्यक्ष भाजपा आशुतोष शर्मा,सुशील त्यागी, उपाध्यक्ष लव शर्मा,सीएमओ डॉ.आरके सिंह ,जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश,उप जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, जिला पंचायतराज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह,जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी नलिनी ध्यानी सहित जिला योजना समिति के सदस्य व सम्बन्धित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने ऋषिकुल ग्राउंड स्थित पंजीकरण केंद्र का किया निरीक्षण

पेयजल, शौचालय और स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश

देहरादून। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने चारधाम यात्रा के लिए ऋषिकुल ग्राउंड स्थित पंजीकरण केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने यात्रा में आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने पेयजल, शौचालय, स्वास्थ्य जांच और स्वच्छता व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाएं समय रहते दुरुस्त कर ली जाएं, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी श्रद्धालु को असुविधा का सामना न करना पड़े।

महाराज ने कहा कि चारधाम यात्रा को सुचारू, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संचालित करना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए प्रशासन को हर स्तर पर सतर्क रहकर व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए हैं।


जिला प्रशासन का बड़ा एक्शन: नियम तोड़ने पर 17 होमस्टे का पंजीकरण निरस्त

“ऑपरेशन सफाई” के तहत कार्रवाई

देहरादून। जनपद में कानून-व्यवस्था सुदृढ़ बनाए रखने तथा आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशानुसार होमस्टे संचालन की गहन जांच कराई गई। जांच में मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रथम चरण में 17 होमस्टे का पंजीकरण निरस्त कर दिया है। संबंधित होमस्टे को विभागीय वेबसाइट से भी हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन सफाई” के तहत यह कार्रवाई की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आगे भी अवैध और नियमों के विपरीत संचालित होमस्टे के विरुद्ध अभियान जारी रहेगा। बीते कुछ महीनों में शहर में बढ़ती आपराधिक घटनाओं, नशाखोरी और ओवरस्पीड जैसी गतिविधियों के पीछे होमस्टे में रातभर अवैध बार संचालन और तेज आवाज में डीजे बजाने के मामले सामने आए हैं। कई स्थानों पर ये होमस्टे अय्याशी के अड्डे बनते जा रहे थे। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि आमजन की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और कानून से ऊपर कोई नहीं है। महज सात दिनों में मजिस्ट्रेट की पांच टीमें गठित कर इन अनियमितताओं का खुलासा किया गया।

निरीक्षण में पाया गया कि कई होमस्टे होटल की तरह संचालित हो रहे थे। इनमें अग्निशमन उपकरण उपलब्ध नहीं थे या उनकी वैधता समाप्त हो चुकी थी। कई स्थानों पर फूड लाइसेंस नहीं था, जबकि कुछ होमस्टे लीज पर संचालित हो रहे थे। निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना पर्यटकों और उपद्रवी तत्वों को ठहराया जा रहा था, जिससे कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती उत्पन्न हो रही थी।

जांच में यह भी सामने आया कि कई होमस्टे में रसोई की व्यवस्था नहीं थी, स्वामी का निवास नहीं पाया गया, निर्धारित क्षमता से अधिक कमरों का संचालन हो रहा था और विदेशी नागरिकों के ठहराव की सूचना (सी-फॉर्म) भी उपलब्ध नहीं कराई गई। कुछ मामलों में स्वामित्व परिवर्तन और नवीनीकरण न होने की अनियमितताएं भी मिलीं।

जिलाधिकारी ने कहा कि होमस्टे योजना का उद्देश्य स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक व्यंजनों का प्रचार-प्रसार तथा स्थानीय निवासियों की आय में वृद्धि करना है, लेकिन इसके विपरीत इनका व्यावसायिक दुरुपयोग किया जा रहा था। सभी होमस्टे संचालकों को नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। भविष्य में भी जांच अभियान जारी रहेगा और किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


खाद्य सुरक्षा को लेकर अलर्ट मोड में प्रशासन, होटल-ढाबों से लेकर मंडियों तक छापेमारी

फल-सब्जियों के 33 सैंपल जांच के लिए भेजे, रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई

देहरादून। चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन को देखते हुए प्रदेश में खाद्य सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने राज्यभर में सघन अभियान शुरू कर दिया है। विभाग के आयुक्त सचिन कुर्वे के मार्गदर्शन और अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी के नेतृत्व में टीमें सभी जनपदों में युद्धस्तर पर कार्रवाई कर रही हैं। खासतौर पर चारधाम यात्रा मार्गों, होटल-ढाबों, फल-सब्जी मंडियों और अस्थायी खाद्य दुकानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध हो सके।

यात्रा मार्गों पर कड़ी निगरानी

चारधाम यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु प्रदेश में पहुंचते हैं, ऐसे में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखना बड़ी चुनौती होती है। इसे देखते हुए विभाग ने यात्रा रूट पर विशेष टीमें तैनात की हैं, जो लगातार निरीक्षण कर रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और फूड स्टॉल्स में साफ-सफाई, खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और लाइसेंसिंग की गहन जांच की जा रही है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है।

फलों और सब्जियों पर विशेष अभियान

इसी कड़ी में 28 अप्रैल को पूरे प्रदेश में फल और सब्जियों में कीटनाशकों और कृत्रिम रूप से पकाने वाले रसायनों की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान विभिन्न जनपदों से कुल 33 नमूने एकत्रित किए गए। अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बाजार में बिक रहे फल और सब्जियां स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित हों और उनमें हानिकारक रसायनों का अत्यधिक उपयोग न किया गया हो।

इन जिलों से लिए गए नमूने

अभियान के तहत हरिद्वार जनपद से सर्वाधिक 12 नमूने लिए गए, जिनमें तरबूज, खरबूजा, आम, केला, सेब, पपीता, करेला, भिंडी और परवल शामिल हैं। ऊधमसिंह नगर से 3 नमूने (तरबूज, केला, लौकी), बागेश्वर से 3 (आम, केला, अंगूर) और पिथौरागढ़ से 2 नमूने (तरबूज, लौकी) एकत्र किए गए। टिहरी और अल्मोड़ा से 2-2 नमूने लिए गए, जिनमें आम, सेब, तरबूज और बैंगन शामिल हैं। रुद्रप्रयाग से 2 (भिंडी, सेम), नैनीताल से 5 (सेब, आम, मौसंबी, टमाटर, लौकी) और चमोली से 2 नमूने (खीरा, केला) जांच के लिए संग्रहित किए गए।

जांच के बाद होगी सख्त कार्रवाई

अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने बताया कि सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशालाओं में भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी नमूने में मानकों से अधिक कीटनाशक या कृत्रिम पकाने वाले रसायन पाए जाते हैं, तो संबंधित व्यापारियों और आपूर्तिकर्ताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसमें लाइसेंस निलंबन, जुर्माना और कानूनी कार्रवाई भी शामिल हो सकती है।

जनता से सतर्क रहने की अपील

अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने आमजन और यात्रियों से अपील की है कि वे फल और सब्जियां खरीदते समय सतर्कता बरतें। अत्यधिक चमकदार या अस्वाभाविक रूप से पके हुए फलों से बचें और किसी भी संदिग्ध खाद्य सामग्री की सूचना तुरंत विभाग को दें। विभाग का कहना है कि जनसहयोग से ही खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।

आयुक्त सचिन कुर्वे का बयान

खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के आयुक्त सचिन कुर्वे ने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान प्रदेश में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा राज्यभर में सघन अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें विशेष रूप से यात्रा मार्गों, होटल-ढाबों और खाद्य प्रतिष्ठानों की नियमित जांच की जा रही है। फल और सब्जियों में कीटनाशकों तथा कृत्रिम पकाने वाले रसायनों के उपयोग को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया गया है। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने आमजन से अपील की कि वे जागरूक रहें और संदिग्ध खाद्य पदार्थों की जानकारी विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने बताया कि विभाग की टीमें लगातार फील्ड में सक्रिय हैं और यात्रा मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि फल और सब्जियों के नमूने लेकर उनकी जांच कराई जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की मिलावट या हानिकारक रसायनों के उपयोग को रोका जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट में यदि कोई भी नमूना मानकों के अनुरूप नहीं पाया जाता है, तो संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। विभाग का उद्देश्य आमजन और यात्रियों को सुरक्षित और शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है।


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