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उपलब्धियों का कालखंड रहे सरकार के चार साल- रेखा आर्या

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उपलब्धियों का कालखंड रहे सरकार के चार साल- रेखा आर्या

हल्द्वानी में आयोजित जन-जन की सरकार कार्यक्रम में बोली कैबिनेट मंत्री

हल्द्वानी। सोमवार को हल्द्वानी स्थित खंड विकास कार्यालय सभागार में जन-जन की सरकार जन-जन के द्वारा कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने सरकार के 4 साल के कार्यकाल को उपलब्धियां से भरा कालखंड बताया।

इस अवसर पर विभिन्न सरकारी विभागों के स्टॉल लगाकर लोगों के प्रमाण पत्र बनाने और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के बारे में सहायता प्रदान की गई। कैबिनेट मंत्री ने सभी स्टॉल का निरीक्षण किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रदेश सरकार ने महिला और युवाओं का सशक्तिकरण, रोजगार व विकास को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा है।

कार्यक्रम के दौरान 6 पात्र महिलाओं निशा जोशी, इंदिरा आर्या, ममता भट्ट, अर्चना नेगी राधा भंडारी और तारा सान्याल को महालक्ष्मी किट प्रदान की गई। इसके साथ ही रीप परियोजना के तहत विभिन्न महिलाओं को स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने पर सहायता राशि की चेक वितरित किए गए।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान चहुंमुखी विकास किया है और उत्तराखंड 2047 में भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में सहयोग करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

इस अवसर पर मेयर गजराज बिष्ट, राज्य मंत्री सुरेश भट्ट, रेनू अधिकारी, दीपक मेहरा, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, ब्लॉक प्रमुख मंजू गौड़, मुख्य विकास अधिकारी रविंद्र पांडे, भाजपा अनुसूचित मोर्चा जिला अध्यक्ष रविंद्र बाली आदि उपस्थित रहे।


जल्द साकार होगा खेल विश्वविद्यालय का सपना- रेखा आर्या

भवन निर्माण के लिए स्वीकृत भूमि का मंत्री ने किया निरीक्षण

हल्द्वानी। उत्तराखंड में प्रस्तावित खेल विश्वविद्यालय को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। खेल मंत्री रेखा आर्या ने हल्द्वानी के गौलापार स्थित उस भूमि का निरीक्षण किया, जहां इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण प्रस्तावित है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने इसे प्रदेश के खेल भविष्य के लिए ऐतिहासिक कदम बताया।

मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि यह स्थान केवल जमीन का एक टुकड़ा नहीं, बल्कि वर्षों के संकल्प, संघर्ष और समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने कहा, “यहां बनने वाला खेल विश्वविद्यालय प्रदेश के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को नई दिशा देगा और उन्हें राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का मंच प्रदान करेगा। यह आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव साबित होगा।”

उन्होंने आगे कहा कि खेल मंत्री के रूप में युवाओं और खिलाड़ियों के लिए जो सपना देखा गया था, वह अब साकार होता नजर आ रहा है। इस परियोजना को साकार करने में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने उनका आभार जताया।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालय का एकेडमिक ब्लॉक और प्रशासनिक भवन तैयार है और आगामी सत्र से कक्षाओं का संचालन शुरू करने की योजना है।

इस दौरान मंत्री ने सब जूनियर नेशनल चैंपियनशिप के प्रशिक्षण शिविर का भी निरीक्षण किया और खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनकी तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि बालक और बालिका टीमें 1 अप्रैल से शुरू होने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगी और बेहतर प्रदर्शन करेंगी।

निरीक्षण और कार्यक्रम के दौरान रविंद्र बाली, यशपाल आर्य, लता शाह, लीलावती जोशी, सुनील कुमार, राहुल यादव और गोविंद लटवाल सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

जनगणना बड़ी जिम्मेदारी का काम
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने सोमवार को काठगोदाम सर्किट हाउस स्थित सभागार में जनगणना 2027 के मास्टर ट्रेनर्स के तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि 2047 में विकसित राष्ट्र बनाने का जो लक्ष्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तय किया है, यह जनगणना ही उसका आधार तैयार करेगी। उन्होंने कहा कि समस्त विकास योजनाएं जनगणना के आंकड़ों पर ही आधारित होती है इसलिए यह बहुत जिम्मेदारी का कार्य है।


धारावी में दिनदहाड़े मर्डर, युवक की उसके ही दोस्त ने की बेरहमी से हत्या

पुलिस ने आरोपी को मौके से किया गिरफ्तार

मुंबई। मुंबई के धारावी इलाके में दिनदहाड़े हुई एक निर्मम हत्या से सनसनी फैल गई। एक युवक की उसके ही दोस्त ने बेरहमी से हत्या कर दी, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

धारावी क्षेत्र में हुई इस वारदात में 20 वर्षीय युवक की उसके परिचित ने चाकू से हमला कर हत्या कर दी। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने युवक पर 20 से ज्यादा बार वार किए और गला रेतकर उसे मौत के घाट उतार दिया। घटना के समय मौजूद लोगों के अनुसार, आरोपी हमले के दौरान लगातार धमकियां दे रहा था, जिससे आसपास के लोग खौफ में आ गए।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को वहीं से हिरासत में ले लिया। घायल युवक को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी और मृतक एक-दूसरे को पहले से जानते थे और उनके बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी पुरानी रंजिश के चलते इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया।

पुलिस अब मामले की गहराई से जांच कर रही है और घटना के पीछे के सभी कारणों को खंगाला जा रहा है।

गौरतलब है कि मुंबई में हाल के दिनों में आपराधिक घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है। इससे पहले भी एक अन्य मामले में घरेलू विवाद के चलते एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी को चलती ट्रेन के सामने धक्का दे दिया था, जिसमें महिला की मौत हो गई थी। पुलिस ने उस मामले में भी आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।

कुल मिलाकर, लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने शहर में कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है।


पूरा हो रहा देवभूमि का गौरव पुनर्स्थापित करने का संकल्प- सीएम धामी

सरकार के चार वर्ष पूरे होने पर परेड ग्राउंड में आयोजित 4 साल बेमिसाल कार्यक्रम में बोले सीएम पुष्कर सिंह धामी

विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास, लोकार्पण के साथ ही विकास प्रदर्शनी का भी किया अवलोकन

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सरकार के चार वर्ष पूरा होने पर परेड ग्राउंड में आयोजित 4 साल बेमिसाल कार्यक्रम को संबोधित किया। इस मौके पर उन्होने विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को नवरात्र की शुभकामनाओं देने के साथ अपनी बात रखते हुए कहा कि आज से चार वर्ष पूर्व प्रदेश की जनता ने सभी मिथकों तोड़कर, उन्हें पुन: राज्य की सेवा का अवसर प्रदान किया था। इसके बाद इसी मैदान में शपथ ग्रहण के दौरान उन्होंने राज्य आंदोलनकारियों के सपनों के अनुसार देवभूमि के गौरव को पुनर्स्थापित करने का संकल्प लिया था। अब चार साल के बाद वो गर्व से कह सकते हैं कि वो संकल्प तेजी से सिद्धि की ओर बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2021 में बाबा केदारनाथ की दिव्य धरा से कहा था कि “21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा। इसलिए प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री के मुख से निकले इन शिवोमयी शब्दों को चरितार्थ करने के संकल्प को लेकर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार ने बीते चार वर्षों में जहां सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रेल एवं हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत कर नागरिकों के जीवन स्तर को ऊँचा उठाने का प्रयास किया है। वहीं, विभिन्न नीतियों और योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के समग्र विकास का विजन प्रस्तुत किया है। इन्हीं प्रयासों से बीते चार वर्षों में राज्य ऐसी कई ऐतिहासिक उपलब्धियों का साक्षी बना है जो किसी भी छोटे राज्य के लिए असंभव समझी जाती थीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली बार राज्य में जी-20 जैसे वैश्विक सम्मेलन की बैठकों का सफल आयोजन किया गया, वहीं राष्ट्रीय खेलों का भी भव्य आयोजन किया गया। इतना ही नहीं, पहली बार उत्तराखंड में ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट का आयोजन किया गया, जिसमें 3.76 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिसमें से 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश को धरातल पर उतारा जा चुका है।

रखी सरकार की प्रगति रिपोर्ट
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बीते चार साल में राज्य की आर्थिकी में डेढ़ गुना से अधिक की वृद्धि हुई है और बीते एक वर्ष में राज्य की जीएसडीपी में 7.23 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई, साथ ही प्रतिव्यक्ति आय में भी 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस दौरान राज्य में 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए हैं, वहीं स्टार्टअप की संख्या 7 सौ से बढ़कर साढ़े 17 सौ हो गई है। यही नहीं इस दौरान 2 लाख 65 हजार से अधिक माताएं-बहनें लखपति दीदी बनी हैं। राज्य सरकार के सतत प्रयासों से रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की है।

केंद्र ने भी सराहा
मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग द्वारा जारी वर्ष 2023-24 के सतत् विकास लक्ष्य इंडेक्स में उत्तराखंड को प्रथम स्थान प्राप्त होने से राज्य सरकार के प्रयासों पर मुहर लगी है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में भी उत्तराखंड को एचीवर्स तथा स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर्स की श्रेणी भी प्राप्त हुई है। नीति आयोग द्वारा जारी इंडिया इनोवेशन इंडेक्स रिपोर्ट में हिमालयी राज्यों की श्रेणी में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ। बीते चार वर्षों से लगातार देश में “मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट” होने का गौरव प्राप्त हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तराखंड को नेशनल लॉजिस्टिक्स इंडेक्स, स्टेट स्टार्टअप इकोसिस्टम, स्टेट एनर्जी एंड ग्रीन इंडेक्स जैसे कई राष्ट्रीय सूचकांकों में भी विभिन्न पुरुस्कार प्राप्त हुए हैं। राज्य को खनन क्षेत्र में किए गए सुधारों के लिए केंद्र सरकार द्वारा जारी “राज्य खनन तत्परता सूचकांक’’ में देशभर में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है, साथ ही, इसके लिए राज्य को 200 करोड़ रुपये का पुरस्कार भी प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा लिए गए सख्त और पारदर्शी निर्णयों का ही परिणाम है कि आबकारी और खनन जैसे विभागों से राज्य को पहले की तुलना में कई गुना अधिक राजस्व प्राप्त हो रहा है।

नई कार्य संस्कृति विकसित
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार देहरादून को एक आधुनिक और विकसित शहर बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य कर रहे हैं। आज देहरादून में लगभग 14 सौ करोड़ रुपये से अधिक लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय केवल घोषणाएं होती थी, तब केंद्र से भेजा गए 1 रुपए में से 15 पैसे ही लोगों तक पहुंच पाते थे। परंतु आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में नई कार्य संस्कृति का सूत्रपात कर शासन व्यवस्था से दलालों और बिचौलियों का सफाया करने का काम किया। इसलिए आज प्रदेश सरकार जिस कार्य का शिलान्यास करती है उसे तय समय में पूर्ण कर उसका लोकार्पण भी करती है।

30 हजार युवाओं को मिली सरकारी नौकरी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पहले प्रदेश में नकल और पेपर लीक के कारण प्रतिभावान युवाओं के सपने चूर-चूर हो जाते थे। इसलिए युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों पर अंकुश लगाने के लिए प्रदेश सरकार सख्त नकल विरोधी कानून लेकर आई। जिसके परिणामस्वरूप पिछले साढ़े 4 चार वर्षों में राज्य के 30 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्राप्त हुई है। आज 100 से अधिक नकल माफिया जेल की हवा खा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व में प्रदेश में भ्रष्टाचार के मामलों में केवल छोटी मछलियों पर ही कार्रवाई होती थी। लेकिन आज प्रदेश में बड़े आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जा रहा है।

देवभूमि के देवत्व बचाने का प्रयास
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार देवभूमि के दैवत्व की रक्षा के लिए डेमोग्राफी को भी संरक्षित रखने का प्रयास कर रही है। इसके लिए जहां एक ओर प्रदेश में सख्त धर्मांतरण विरोधी और दंगा विरोधी कानूनों को लागू किया। उन्होने कहा कि प्रदेश सरकार ने सख्त कार्रवाई करते हुए 12 हजार एकड़ से अधिक की सरकारी भूमि को मुक्त कराया है। साथ ही छद्म भेष धारण कर लोगों को ठगने वालों के खिलाफ ऑपरेशन कालनेमि संचालित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने समान नागरिक संहिता कानून लागू कर सभी धर्मों के नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू किया है, जिसे देशभर के राष्ट्रवादी सोच के लोगों ने सराहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी वर्ष से जुलाई से उत्तराखंड में सभी मदरसों में सरकारी बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम ही पढ़ाया जाएगा।

उपस्थिति
इससे पहले मुख्यमंत्री ने कनक चौक से कार्यक्रम स्थल तक रोड शो में प्रतिभाग किया, साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनियों का भी अवलोकन किया। समारोह में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, गणेश जोशी, खजान दास, राम सिंह कैडा, राज्य सभा सांसद नरेश बंसल, मेयर सौरथ थपलियाल, विधायक सहदेव पुंडीर, उमेश शर्मा काऊ, विनोद चमोली, सविता कपूर, मुन्ना सिंह चौहान, बृजभूषण गैरोला, मुख्य सचिव आनंद वदर्धन, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, प्रमुख सचिव डॉ आरके सुधांशु, श्री एल. फैनई,डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव एसएन पांडेय और आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पांडेय, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल उपस्थित रहे।


पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत को राहत, अमेरिका से मंगलूरू पहुंचा एलपीजी कार्गो जहाज

इससे एक दिन पहले ही रूसी तेल टैंकर एक्वा टाइटन एक लाख टन से अधिक क्रूड ऑयल लेकर मंगलूरू पहुंचा 

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच वैश्विक ऊर्जा संकट गहराता जा रहा है, लेकिन भारत ने अपनी रणनीतिक कूटनीति के दम पर राहत हासिल की है। अमेरिका और रूस से तेल और गैस की आपूर्ति देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती दे रही है।

पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास हालात बिगड़ने से वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो रही है। ऐसे में भारत ने अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। अमेरिका से एलपीजी लेकर कार्गो जहाज ‘पिक्सिस पायनियर’ मंगलूरू बंदरगाह पहुंचा, जिससे देश में गैस आपूर्ति को राहत मिली है।

इससे एक दिन पहले ही रूसी तेल टैंकर एक्वा टाइटन एक लाख टन से अधिक क्रूड ऑयल लेकर मंगलूरू पहुंच चुका है। लगातार मिल रही इन आपूर्तियों से भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल रही है।

दरअसल, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास कई जहाजों के फंसे होने से वैश्विक स्तर पर तेल सप्लाई प्रभावित हुई है। यह क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की आपूर्ति का अहम मार्ग माना जाता है। सप्लाई बाधित होने से कच्चे तेल और एलपीजी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है।

इसी बीच मंगलूरू का रणनीतिक महत्व भी बढ़ गया है। यहां देश की सबसे बड़ी भूमिगत एलपीजी स्टोरेज सुविधा मौजूद है, जो आपात स्थिति में गैस भंडारण के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और रूस से मिल रही आपूर्ति भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाए रखेगी।

कुल मिलाकर, वैश्विक संकट के बावजूद भारत अपनी कूटनीतिक सक्रियता और रणनीतिक तैयारियों के जरिए ऊर्जा आपूर्ति को संतुलित बनाए रखने में सफल होता दिख रहा है।


शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु का साहस और त्याग आने वाली पीढ़ियों को देता रहेगा प्रेरणा- सीएम

मुख्यमंत्री धामी ने अमर क्रांतिकारी भगत सिंह, सुखदेव थापर और शिवराम राजगुरु के बलिदान दिवस पर किया उन्हें याद 

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अमर क्रांतिकारी भगत सिंह, सुखदेव थापर और शिवराम राजगुरु के बलिदान दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि इन महान क्रांतिकारियों ने माँ भारती की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति दी, जिसे देश कभी भुला नहीं सकता। उन्होंने कहा कि इन वीरों का साहस, त्याग और राष्ट्र के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों को सदैव देशभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और बलिदान की प्रेरणा देता रहेगा।


बीजिंग-दिल्ली के बीच सीधी उड़ान सेवाएं होंगी फिर से शुरू, चीनी दूतावास की प्रवक्ता यू जिंग ने दी जानकारी

गलवान घाटी झड़प के बाद अब सामान्य हो रहे संबंध

नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच हवाई संपर्क को लेकर एक अहम अपडेट सामने आया है। एयर चाइना जल्द ही बीजिंग और दिल्ली के बीच अपनी सीधी उड़ान सेवाएं फिर से शुरू करने जा रही है। इस कदम को दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग और रिश्तों में सुधार के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

सीधी उड़ानों से व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा
भारत में चीनी दूतावास की प्रवक्ता यू जिंग ने जानकारी देते हुए कहा कि बीजिंग-दिल्ली के बीच उड़ानों की बहाली केवल यात्रा सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे व्यापार, पर्यटन और आपसी भरोसे को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने इसे शंघाई सहयोग संगठन और ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग के लिहाज से भी सकारात्मक बताया।

बीते वर्षों में धीरे-धीरे बहाल हो रही सेवाएं
करीब पांच साल के अंतराल के बाद भारत और चीन के बीच हवाई सेवाएं दोबारा शुरू होने लगी हैं। इससे पहले Air India ने शंघाई-दिल्ली रूट पर सीधी उड़ान शुरू करने की घोषणा की थी। वहीं China Eastern Airlines ने भी शंघाई से दिल्ली के लिए उड़ानें शुरू कर दी हैं।

गलवान के बाद बिगड़े थे रिश्ते
साल 2020 में गलवान घाटी झड़प के बाद दोनों देशों के संबंधों में तनाव आ गया था। इस घटना में भारतीय सैनिकों के बलिदान के बाद कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर रिश्तों में खटास देखी गई।

राजनयिक स्तर पर बढ़ी बातचीत
हालांकि, हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच संवाद बढ़ा है। नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकातों के बाद रिश्तों को सामान्य करने के प्रयास तेज हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि उड़ानों की बहाली इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


वन संरक्षण सिर्फ पेड़ लगाना नहीं, बल्कि इसमें पूरे पारिस्थितिकी तंत्र का संरक्षण भी शामिल है- भूपेंद्र यादव

अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस के अवसर पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन 

देहरादून। भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद – वन अनुसंधान संस्थान में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस 2026 के अवसर पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का उद्घाटन किया। इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस “वन और अर्थव्यवस्थाएँ” विषय के तहत मनाया जा रहा है। जो आर्थिक समृद्धि को बढ़ावा देने और आजीविका को सहारा देने में वनों की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर करता है।

इस अवसर पर भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सहयोग से, 21-22 मार्च, 2026 को ICFRE, देहरादून में “वन-आधारित सतत जैव-अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना: मुद्दे और चुनौतियाँ” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन कर रहा है। भूपेंद्र यादव ने अपने संबोधन में इस बात पर ज़ोर दिया कि प्रकृति सर्वोपरि है और मानव अस्तित्व के लिए उसके साथ सह-अस्तित्व में रहना अनिवार्य है।

उन्होंने कहा कि वन संरक्षण का अर्थ केवल पेड़ लगाना ही नहीं है, बल्कि इसमें पूरे पारिस्थितिकी तंत्र का संरक्षण भी शामिल है। उन्होंने वानिकी के प्रति समग्र दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय का आह्वान किया, और वन संसाधनों को बनाए रखने में सांस्कृतिक मूल्यों, ग्रीन क्रेडिट प्रोग्राम (जीसीपी), और कार्बन क्रेडिट के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने अपने संबोधन का समापन इस बात के साथ किया कि वन केवल अर्थव्यवस्था के लिए ही नहीं, बल्कि शांति के लिए भी आवश्यक हैं।

इस अवसर पर पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEF&CC) के सचिव तन्मय कुमार; वनों के महानिदेशक एवं विशेष सचिव सुशील कुमार अवस्थी; ICFRE की महानिदेशक कंचन देवी; और वनों के अतिरिक्त महानिदेशक (वन्यजीव) रमेश कुमार पांडे भी उपस्थित रहे।

वर्कशॉप में वन-आधारित जैव-उत्पाद और उनका व्यावसायीकरण, सतत वन प्रबंधन, नीतिगत ढाँचे, उद्यमिता, और जैव-अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में नवाचार की भूमिका जैसे मुख्य विषयों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। यह वन संसाधनों के सतत उपयोग को रेखांकित करता है, जिसका उद्देश्य मूल्य-वर्धित उत्पादों का निर्माण करना, स्थानीय आजीविका को सहारा देना और प्राकृतिक वनों पर पड़ने वाले दबाव को कम करना है।

तकनीकी सत्रों में कृषि-वानिकी, गैर-काष्ठ वन उत्पाद, इंजीनियर्ड काष्ठ उत्पाद, वन उद्योग, कार्बन बाज़ार, वन्यजीव संरक्षण, इको-टूरिज़्म और डिजिटल निगरानी जैसे विषय शामिल हैं।

यह कार्यशाला पूरे देश से वैज्ञानिकों, नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत के हितधारकों और वन प्रबंधकों को एक मंच पर लाती है, ताकि भारत की वन-आधारित जैव-अर्थव्यवस्था को मज़बूत बनाने पर विचार-विमर्श किया जा सके; इसका मुख्य उद्देश्य प्रमुख चुनौतियों की पहचान करना, अवसरों की तलाश करना और इस क्षेत्र में नीतिगत तथा रणनीतिक हस्तक्षेपों को दिशा देना है।


सेब काश्तकारों को बड़ी राहत, सरकार ने जारी किए ₹29.25 करोड़

पर्वतीय क्षेत्रों के सेब उत्पादकों को मिलेगा सीधा फायदा

देहरादून। प्रदेश सरकार ने सेब काश्तकारों को राहत देते हुए सेब की अति सघन बागवानी योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वीकृत ₹35 करोड़ के बजट के सापेक्ष ₹2925.00 लाख (₹29 करोड़ 25 लाख) की धनराशि अवमुक्त कर दी है। इससे प्रदेश के सेब उत्पादक किसानों को योजनाओं का लाभ मिलने की प्रक्रिया तेज होगी।

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में सेब की बागवानी योजना के लिए ₹35 करोड़ की बजट व्यवस्था की गई थी, जिसमें से ₹2925.00 लाख की धनराशि जारी कर दी गई है। मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि एप्पल मिशन और सेब की अति सघन बागवानी योजना के अंतर्गत किसानों को मिलने वाली लंबित राजकीय सहायता के भुगतान में अब तेजी आएगी। उन्होंने विभाग के जनपद स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 15 दिनों के भीतर लाभार्थी किसानों को उनकी लंबित सहायता राशि का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सेब उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और इस योजना से विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों के सेब काश्तकारों को सीधा लाभ मिलेगा। इससे किसानों की आय बढ़ाने और बागवानी को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।


चमोली में दर्दनाक हादसा, अनियंत्रित होकर गहरी खाई गिरी कार, पूर्व सैनिक की मौत

तीन घंटे की मशक्कत के बाद निकाला गया शव  

चमोली। नंदकेशरी-चिड़िगा मोटर मार्ग पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसमें एक पूर्व सैनिक की जान चली गई। कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

जानकारी के अनुसार, कोठी गांव निवासी 43 वर्षीय दर्शन सिंह अपनी कार से चिड़िगा गांव से घर लौट रहे थे। इसी दौरान नंदकेशरी से करीब एक किलोमीटर आगे उनकी कार लगभग 150 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के गांवों के लोग और पुलिस टीम मौके पर पहुंची।

घटना स्थल की दुर्गम परिस्थितियों के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन काफी चुनौतीपूर्ण रहा। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला गया। स्ट्रेचर और रस्सियों की सहायता से देर रात करीब 12 बजे शव को सड़क तक लाया गया।

इसके बाद 108 एंबुलेंस के माध्यम से शव को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थराली भेजा गया। परिजनों ने पोस्टमार्टम थराली में ही कराने की मांग की। दर्शन सिंह अपने पीछे माता-पिता, पत्नी और दो बेटों को छोड़ गए हैं।


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