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कृषि मंत्री गणेश जोशी से मिले प्रो. परविंदर कौशल

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कृषि मंत्री गणेश जोशी से मिले प्रो. परविंदर कौशल

आगामी दीक्षांत समारोह में प्रतिभाग करने हेतु कृषि मंत्री को दिया आमंत्रण

देहरादून। प्रदेश के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी से आज उनके कैंप कार्यालय में वीर चंद्र सिंह गढ़वाली उत्तराखंड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, भरसार के कुलपति प्रो. परविंदर कौशल ने शिष्टाचार भेंट की।

इस अवसर पर कुलपति प्रो. कौशल ने कृषि मंत्री को विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाले आगामी दीक्षांत समारोह में प्रतिभाग करने हेतु औपचारिक आमंत्रण दिया। उन्होंने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं अनुसंधान गतिविधियों की जानकारी भी साझा की।

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रदेश में कृषि, उद्यान एवं वानिकी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। उन्होंने दीक्षांत समारोह में सम्मिलित होने की सहमति व्यक्त की तथा विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।


मिलेट्स और कृषि गतिविधियां बन रहे सहकारिता के मजबूत आधार

रेशम, साइलेज व सामूहिक खेती से मजबूत होगी किसानों की आर्थिकी

देहरादून। उत्तराखंड में सहकारिता के माध्यम से बहुउद्देशीय सहकारी समितियों को सशक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से व्यापक कार्य किया जा रहा है। कृषि, मिलेट्स, रेशम उत्पादन, सब्जी क्रय, बायोफर्टिलाइजर वितरण, साइलेज विक्रय और सामूहिक सहकारी खेती जैसी गतिविधियों से समितियों की आय में भी निरंतर वृद्धि हो रही है तथा किसानों और ग्रामीण परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूती मिल रही है।

राज्य में मिलेट्स मिशन के अंतर्गत 214 क्रय केंद्रों के माध्यम से लगभग 53,000 कुंतल मंडुवा की खरीद की गई है। इस खरीद पर सहकारी समितियों को ₹100 प्रति कुंतल सेवा शुल्क के आधार पर लगभग ₹53 लाख की आय प्राप्त हुई है। इसी प्रकार मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण योजना के अंतर्गत सहकारी समितियों के माध्यम से साइलेज का वितरण किया जा रहा है। राज्य में कुल 181 केंद्रों (गढ़वाल में 96 और कुमाऊं में 85) के माध्यम से लगभग 20,000 टन उच्च गुणवत्ता का साइलेज विक्रय किया गया है, जिससे सहकारी समितियों को लगभग ₹63 लाख की आय प्राप्त हुई है।

उत्तराखंड सहकारी संघ के माध्यम से टिहरी और उत्तरकाशी जनपदों में पांच सहकारी समितियों द्वारा किसानों से सीधे सब्जियों की खरीद की जा रही है। वर्तमान वर्ष में अब तक किसानों से लगभग ₹1.50 करोड़ मूल्य की सब्जियों की खरीद की जा चुकी है, जिन्हें बाजार में बेहतर मूल्य पर विक्रय किया गया है। इस प्रक्रिया में सहकारी समितियों को लगभग ₹3 लाख की आय प्राप्त हुई है। आगामी 1 अप्रैल से 22 सहकारी समितियों के माध्यम से सब्जी क्रय कार्य का विस्तार किया जाएगा, जिससे समितियों को 2 प्रतिशत लाभांश प्राप्त होगा। इसके अतिरिक्त बायोफर्टिलाइजर के क्रय-विक्रय में भी सहकारी समितियां सक्रिय रूप से भागीदारी निभा रही हैं, जिससे 14 समितियों को लगभग ₹68.38 लाख की आय प्राप्त हुई है।

माधो सिंह भंडारी सामूहिक सहकारी खेती योजना के अंतर्गत अनुपयोगी भूमि को उपयोग में लाते हुए फूलों की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। वर्तमान में चमोली और पौड़ी जनपद में लगभग 500 नाली भूमि पर गुलाब और ग्लेडियोलस के फूलों की खेती सहकारी समितियों के माध्यम से की जा रही है। अब तक इस पहल से समितियों को लगभग ₹10 लाख की आय प्राप्त हो चुकी है और भविष्य में इसे व्यापक स्तर पर लागू करने के लिए मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है।
इसी क्रम में धान खरीद कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य की 115 गृह सहकारी समितियों को लगभग ₹63 लाख की आय प्राप्त हुई है।

सहकारिता क्षेत्र में रेशम उत्पादन भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उत्तराखंड को-ऑपरेटिव रेशम फेडरेशन अपने सदस्य कीटपालन सहकारी समितियों के माध्यम से कच्चे रेशम कोया का उत्पादन कराता है और जिन कीटपालकों को अपने उत्पाद के विपणन में कठिनाई होती है, उन्हें 100 प्रतिशत विपणन सुविधा और त्वरित भुगतान उपलब्ध कराया जाता है।

वर्तमान में राज्य में लगभग 6500 रेशम कीटपालक रेशम उत्पादन से जुड़े हुए हैं। इनमें से लगभग 4000 कीटपालकों से फेडरेशन द्वारा करीब 25,000 किलोग्राम कच्चे रेशम कोया की खरीद की जाती है। इस कच्चे रेशम को पूर्ण उत्पादन श्रृंखला में उपयोग करते हुए विभिन्न प्रकार के रेशमी उत्पाद तैयार किए जाते हैं।
फेडरेशन के माध्यम से वर्तमान में 150 से अधिक बुनकर परिवारों को रेशम बुनाई के कार्य से जोड़ा गया है, जिससे प्रतिवर्ष लगभग 15,000 से अधिक मानव दिवसों का रोजगार सृजित हो रहा है।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में उत्तराखंड को-ऑपरेटिव रेशम फेडरेशन द्वारा लगभग ₹6.30 करोड़ मूल्य के रेशम उत्पादों का उत्पादन किया गया, जबकि ₹2.53 करोड़ के रेशम वस्त्रों का विक्रय किया गया।

उत्तराखंड सहकारी संघ के प्रबंध निदेशक आनंद शुक्ला ने कहा कि सहकारिता के माध्यम से किसानों, कीटपालकों और बुनकरों को बाजार से जोड़ने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मिलेट्स, सब्जी क्रय, बायोफर्टिलाइजर, रेशम उत्पादन और सामूहिक खेती जैसी गतिविधियों से सहकारी समितियों की आय में वृद्धि हो रही है और भविष्य में इन गतिविधियों का और अधिक विस्तार किया जाएगा।

बयान-
राज्य सरकार लक्ष्य प्रदेश में सहकारी समितियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर सहकारिता आंदोलन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है। सहकारिता का सीधा लाभ किसानों, काश्तकारों, कारीगरों और युवा उद्यमियों को मिले इसके लिये ठोस नीतियां तैयाकर कर धरातल पर उतारी जा रही है। – डाॅ. धन सिंह रावत, सहकारिता मंत्री, उत्तराखंड।


कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने चैत्र नवरात्रि के षष्ठम दिन 251 कन्याओं का पूजन कर लिया आशीर्वाद

बेटियों की निश्छल मुस्कान में होता है ईश्वर का वास- गणेश जोशी 

देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने चैत्र नवरात्रि के षष्ठम दिन देहरादून के आर्यनगर स्थित मंदिर में मां कात्यायनी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उन्होंने 251 कन्याओं का पूजन कर उनका आशीर्वाद लिया और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।

मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि नवरात्रि के पावन पर्व पर कन्या पूजन का विशेष महत्व होता है। उन्होंने कहा कि बेटियों की निश्छल मुस्कान में ईश्वर का वास होता है और उनकी सेवा से आत्मिक शांति का अनुभव होता है। उन्होंने विश्वास जताया कि कन्या पूजन से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और परिवार में सुख, शांति व समृद्धि का वास होता है।

इस दौरान उन्होंने मां दुर्गा से प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना करते हुए कहा कि मां महागौरी सभी पर अपना आशीर्वाद बनाए रखें और सभी की मनोकामनाएं पूर्ण हों।


चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने दून अस्पताल का किया निरीक्षण

प्रदेश सरकार नागरिकों को सुलभ, सस्ती एवं उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है- सुबोध उनियाल

देहरादून। उत्तराखंड सरकार में चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी मिलने के उपरांत मंत्री सुबोध उनियाल ने दून अस्पताल पहुंचकर स्वास्थ्य सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान मंत्री ने उपचाराधीन जनों से मिलकर उनके हाल-चाल जाने तथा उन्हें उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने रोगियों एवं उनके परिजनों से संवाद कर अस्पताल में मिल रही सुविधाओं पर फीडबैक भी लिया।

इस अवसर पर मंत्री उनियाल ने अस्पताल के चिकित्सकों एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों से चर्चा कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की और उन्हें बेहतर समन्वय एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए, ताकि प्रत्येक व्यक्ति को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सके।

मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार नागरिकों को सुलभ, सस्ती एवं उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को निर्देशित किया कि मरीजों की सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने हेतु निरंतर निरीक्षण एवं समीक्षा की जाएगी, जिससे आमजन को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।


वात्सल्य योजना के तहत 3 करोड़ 2 लाख रुपए लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर

महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने डीबीटी किया 2 महीने का पैसा

देहरादून। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के तहत लाभार्थियों को 3 करोड़ 2 लाख रुपए से ज्यादा की धनराशि जारी की।

कैंप कार्यालय पर धनराशि लाभार्थियों की खातों में डीबीटी करने के बाद कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि इस योजना में प्रदेश सरकार 2020 से ही कोरोना महामारी के समय अभिभावकों को खो देने वाले बेसहारा बच्चों को प्रति माह ₹3000 की सहायता राशि देती है। इस योजना के तहत जनवरी 2026 तक का धन पहले ही जारी कर दिया गया था।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि फरवरी में 5057 लाभार्थियों को कुल 1 करोड़ 51 लाख 71 हजार रुपए मंगलवार को जारी किए गए हैं। जबकि मार्च महीने के लिए कुल 5025 लाभार्थियों के 1 करोड़ 50 लाख 75 हजार रुपए की धनराशि जारी की गई है।

इस योजना के तहत लाभार्थी के 21 वर्ष के हो जाने या बालिका लाभार्थियों के विवाह या लाभार्थी के सेवायोजित हो जाने के बाद वह योजना से बाहर हो जाते हैं।

इस अवसर पर सीपीओ अंजना गुप्ता और डिप्टी सीपीओ राजीव नयन आदि उपस्थित रहे।


स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई देने के लिए प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ और राज्य सरकार एकजुट

संघ के अध्यक्ष डॉ कुंवर बोले— बेहतर समन्वय से ही मजबूत होगी प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था

देहरादून। प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ और प्रभावी बनाने के लिए सरकार और प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के बीच तालमेल लगातार मजबूत होता नजर आ रहा है। इसी क्रम में संघ के पदाधिकारियों ने स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल से शिष्टाचार भेंट कर उन्हें शुभकामनाएं दीं और आगामी अधिवेशन में शामिल होने का आमंत्रण दिया। मंत्री ने आमंत्रण स्वीकार करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

सरकार का सकारात्मक रुख, चिकित्सकों से सहयोग की अपेक्षा
मुलाकात के दौरान स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ की मांगों पर हमेशा सकारात्मक रुख अपनाया है और आगे भी संघ की जायज मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के हर नागरिक तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचें, विशेष रूप से पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने संघ से अपील करते हुए कहा कि चिकित्सक अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ करें, ताकि आमजन को गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सके।

स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने पर सरकार का जोर
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार चिकित्सकों की कार्य परिस्थितियों को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। अस्पतालों में सुविधाओं का विस्तार, संसाधनों की उपलब्धता और मानव संसाधन की मजबूती पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सशक्त होंगी और एक मॉडल के रूप में उभरेंगी।

चारधाम यात्रा और दूरस्थ क्षेत्रों में सेवा का संकल्प
संघ के पदाधिकारियों ने इस अवसर पर चारधाम यात्रा सहित प्रदेश के हर क्षेत्र में अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा से निभाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन चिकित्सक हर परिस्थिति में सेवा देने के लिए तैयार हैं। आमजन को बेहतर और समय पर उपचार उपलब्ध कराना ही उनका प्रमुख उद्देश्य है।

अधिवेशन से मिलेंगे नए सुझाव और दिशा
प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के अध्यक्ष डॉ रमेश कुंवर ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाना एक सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सरकार और चिकित्सकों के बीच बेहतर समन्वय से ही स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को नई दिशा दी जा सकती है। आगामी अधिवेशन में संघ स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार को लेकर ठोस सुझाव रखेगा और चिकित्सक हर परिस्थिति में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी प्रतिबद्धता के साथ करेंगे। डॉ कुंवर ने आगे कहा कि संघ का आगामी अधिवेशन स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुधार के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। इसमें विशेषज्ञों और चिकित्सकों के अनुभवों के आधार पर ऐसे सुझाव सामने आएंगे, जो नीति निर्माण में सहायक होंगे और जमीनी स्तर पर बदलाव लाने में मदद करेंगे।

डॉ तोमर बोले—हर क्षेत्र तक पहुंच रही सेवाएं
संघ के महासचिव डॉ यशपाल तोमर ने कहा कि प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ प्रदेश के हर क्षेत्र तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि चिकित्सकों की टीमें दूरस्थ इलाकों में भी सक्रिय रूप से सेवाएं दे रही हैं और भविष्य में भी इसी समर्पण के साथ कार्य जारी रहेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि अधिवेशन के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में ठोस पहल होगी।

इस अवसर पर महिला उपाध्यक्ष डॉ गरिमा भट्ट, संयुक्त सचिव डॉ नितिन मलिक एवं उपाध्यक्ष डॉ विनय शर्मा सहित अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।


उत्तराखंड में चार सालों में और सुदृढ़ हुई शिक्षा व्यवस्था

धरातल पर उतरी योजनाएं तो छात्रों के सपनों को लगे पंख

देहरादून। राज्य सरकार ने पिछले चार सालों में जिन क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किया है, उनमें विद्यालयी शिक्षा भी शामिल है। कैबिनेट मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत के मार्गदर्शन में प्रदेश में एक सुदृढ़ शिक्षा प्रणाली विकसित की गई। जिसका लाभ सूबे के प्रत्येक नौनिहाल को मिल रहा है। इन चार वर्षों में राजकीय विद्यालयों की न सिर्फ आधारभूत संरचना को मजबूत किया, बल्कि नवाचार पर फोकस कर नई शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापरक शिक्षा उपलब्ध कराई गई। विशेषकर माध्यमिक शिक्षा के लिये विगत चार वर्ष उपलब्धियों से भरे रहे।

छात्रों को मिली निःशुल्क किताबें
राज्य सरकार द्वारा माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत राजकीय एवं राजकीय सहायता प्राप्त (अशासकीय) विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा-9 से 12 तक के छात्र-छात्राओं को निःशुल्क पाठ्य पुुस्तकें उपलब्ध कराई जा रही है। इस योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2022-23 में 3,30,212 छात्र-छात्राओं को 34,25,644 निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराई गई। इसी प्रकार वर्ष 2023-24 में 3,67300 छात्रों को 3645939 पाठ्य पुस्तकें, वर्ष 2024-25 में 351072 छात्रों को 3518340 पाठ्य पुस्तकें, वर्ष 2025-26 में 324491 छात्रों को 3892916 पाठ्य पुस्तकें तथा वर्ष 2026-27 में लगभग 326794 छात्रों को लगभग 3801279 पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराई गई। इसके अलावा वर्तमान वित्तीय वर्ष में राजकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा-1 से 12 के लगभग 899763 छात्र-छात्राओं को निःशुल् नोट बुक्स उपलब्ध कराई जा रही है।

परिषदीय परीक्षाओं में उल्लेखनीय प्रदर्शन
माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत वर्ष 2022 से वर्ष 2025 तक की परिषदीय परीक्षाफल में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। बोर्ड परीक्षाओं का समय पर आयोजन, व्यवस्थित व पारदर्शी मूल्यांकन से समय पर परीक्षा परिणाम घोषित किये गये। वर्ष 2022 में हाईस्कूल का परीक्षाफल प्रतिशत जहां 77.47 था वहीं वर्ष 2025 में परीक्षाफल प्रतिशत 90.77 रहा। इसी प्रकार वर्ष 2022 में इंटरमीडिएट का परीक्षाफल प्रतिशत 82.63 था जो वर्ष 2025 में सुधरकर 83.23 हो गया है।

छात्रवृत्ति से युवा सपनों को लगे पंख
राज्य के राजकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों को प्रोत्साहन के लिये राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत कक्षा-6 से 12 तक के मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति का लाभ दिया जा रहा है। योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2023-24 में 4940 मेधावी छात्र लाभान्वित हुये। इसी प्रकार वर्ष 2024-25 में 13012, वर्ष 2025-26 में 12079 मेधावी छात्र-छात्राएं मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना से लाभान्वित हुये।

कलस्टर विद्यालयों से फैलेगा शिक्षा का उजियारा
प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रावधानों के तहत माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत कुल 559 कलस्टर विद्यालयों का चयन किया गया है। इन विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को आधुनिक तकनीकी का प्रयोग कर उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जायेगा। इन विद्यालयों में स्मार्ट क्लासेस, वर्चुअल क्लासेस, अटल ट्रीकिंग लैब, कम्प्यूटर लैब एवं आधुनिक पुस्तकालय की सुविधाएं रहेगी।

खेलों पर भी फोकस
राजकीय विद्यालयों में पढ़ाई के साथ ही छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास पर भी फोकस किया जा रहा है। छात्रों को विभिन्न खेलों में भी दक्ष किया जा रहा है। यही कारण है कि विगत चार वर्षों में माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत छात्र-छात्राओं ने राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न खेलों एथलेटिक्स, बाॅक्सिंग, जूडो, ताईकांडो, बाॅलीवाल, रेसलिंग प्रतियोगिता में कई पदक प्राप्त किये हैं। वित्तीय वर्ष 2022-23 में जहां विभिन्न प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने 2 रजत व 4 कांस्य पदक जीते वहीं वर्ष 2025-26 में 12 स्वर्ण, 13 रजत व 19 कांस्य पदक जीते। इस प्रकार खेलों में भी छात्र-छात्राओं को निखारा जा रहा है।

शैक्षिक भ्रमण से बढ़ रही समझ
राजकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को देशभर के विभिन्न उच्च शैक्षणिक संस्थानों, तकनीकी संस्ािानों एवं ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण कराया जा रहा है ताकि उनका बौद्धिक विकास हो सके। इसके लिये वर्ष 2024-25 में भारत-दर्शन शैक्षिक भ्रमण योजना का शुरू की गई है। इस योजना के तहत अब तक हाईस्कूल स्तर पर प्रत्येक विकासखण्ड से कुल 227 मेधावी छात्र-छात्राओं को विभन्न राज्यों के शैक्षिक भ्रमण पर भेजा गया।

माध्यमिक शिक्षा में 4415 शिक्षकों को मिली नियुक्ति
माध्यमिक शिक्षा के अंतर्गत विगत चार वर्षों में सहायक अध्यापक (एलटी) एवं प्रवक्ता संवर्ग के रिक्त पदों पर विभिन्न स्तर से 4415 शिक्षकों की नियुक्ति की गई। जिसमें वर्ष 2022-23 में 1570 शिक्षक भर्ती हुई। जिसमें सीधी भर्ती के माध्यम से 543 सहायक अध्यापक, 449 प्रवक्ता जबकि 578 अतिथि शिक्षक शामिल है। इसी प्रकार वर्ष 2023-24 में सीधी भर्ती से 596 एलटी शिक्षक जबकि 42 अतिथि शिक्षक नियुक्त किये गये। वर्ष 2024-25 में सहायक अध्यपक के 71 तथा 789 अतिथि शिक्षक तैनात किये गये। वर्ष 2025-26 में सीधी भर्ती के माध्यम से 1347 सहायक अध्यापकों की तैनाती गई। इसके अलावा सहायक अध्यापक एलटी विशेष शिक्षा शिक्षकों के 135 तथा प्रवक्ता संवर्ग में 808 पदों पर सीधी भर्ती हेतु अधियाचन आयोग को भेजा गया है।

बयान-
नई शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप प्रदेश में विद्यालयी शिक्षा प्रणाली को निरंतर सुदृढ़ किया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि प्रत्येक छात्र-छात्रा को गुणवत्तापरक, समावेशी एवं व्यवहारिक शिक्षा उपलब्ध हो, इसके लिए विद्यालयों में आधुनिक संसाधनों का विस्तार, शिक्षण पद्धतियों में नवाचार तथा शिक्षकों के कौशल विकास पर विशेष बल दिया जा रहा है। राज्य सरकार संकल्पित है कि शिक्षा के माध्यम से प्रदेश के नौनिहालों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखी जाए। – डाॅ. धन सिंह रावत, विद्यालयी शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड।


सीएम धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा- प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चार वर्ष के कार्यकाल पर दी राज्य सरकार को बधाई

प्रधानमंत्री का संदेश – चार साल में विकास और सुशासन की नई पहचान बना उत्तराखंड

देहरादून- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार के चार वर्ष पूरे होने पर शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री को भेजे गए अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा है कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तराखंड की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि देवभूमि सदियों से आस्था, अध्यात्म, साहस और समृद्ध परंपराओं की भूमि रही है। यहां की विविध भाषाएं-बोलियां, लोक परंपराएं और सरल जीवनशैली प्रदेश को विशिष्ट पहचान देती हैं। उन्होंने कहा कि जब से केंद्र में हमारी सरकार बनी है, तब से उत्तराखंड ‘विकसित भारत’ के संकल्प के अनुरूप लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। चार धाम ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है, वहीं ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन के माध्यम से प्रदेश में रेल संपर्क को मजबूत किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने प्रदेश के सीमांत क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाने और शीतकालीन पर्यटन को प्रोत्साहित करने के प्रयासों को भी सराहा। उन्होंने कहा कि इन पहलों से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिला है, बल्कि पलायन रोकने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में भी मदद मिली है। अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा स्थानीय उत्पादों के प्रोत्साहन, महिला सशक्तिकरण, युवाओं के लिए रोजगार सृजन, स्टार्टअप्स को बढ़ावा तथा डिजिटल और हरित विकास जैसे प्रयासों को सराहनीय बताया। साथ ही, आपदा प्रबंधन की सुदृढ़ व्यवस्था और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता को राज्य की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण बताया।

प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि ‘अमृत काल’ में विकसित भारत के निर्माण में उत्तराखंड की भूमिका और मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर, समृद्ध और सुदृढ़ उत्तराखंड के निर्माण में प्रदेश के प्रत्येक नागरिक की सहभागिता अहम है।

अंत में प्रधानमंत्री ने राज्य के नागरिकों को भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि आने वाले वर्षों में उत्तराखंड विभिन्न क्षेत्रों में नई उपलब्धियां हासिल करेगा।


उद्यमिता को बढ़ावा देने हेतु दो दिवसीय नेतृत्व कार्यशाला का शुभारम्भ

पौड़ी। जिला उद्योग केन्द्र द्वारा आयोजित दो दिवसीय उद्यमिता नेतृत्व कार्यशाला का शुभारम्भ सोमवार को किया गया। कार्यशाला में उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए युवाओं एवं उद्यमियों को स्वरोजगार की दिशा में प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता महाप्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र द्वारा की गयी। कार्यशाला के विभिन्न सत्रों में विशेषज्ञों द्वारा प्रोजेक्ट स्थापना, भूमि संबंधी प्रक्रियाएँ, मैप अप्रूवल, वित्तीय प्रबंधन एवं वित्तीय साक्षरता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गयी। बैंक एवं विभागीय अधिकारियों ने प्रतिभागियों को उद्योग स्थापना से संबंधित आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करते हुए योजनाओं की जानकारी भी साझा की। कार्यशाला में प्रतिभागियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए अपने अनुभव भी साझा किए।

कार्यक्रम में प्रबंधक आर.पी. आर्य, उपासना सिंह, विवेक चौहान (सचिव, सिडकुल औद्योगिक निर्माता संघ), सुनील गुप्ता (अध्यक्ष, सिडकुल औद्योगिक निर्माता संघ), सुनील कुमार (वित्तीय विशेषज्ञ), भगत सिंह नेगी (जेई, सीडा), रोहित रौतेला (जेई, सिडकुल), कमल थापा (चेयरमैन, सिद्धबाबा कृषक उत्पादन संगठन), विवेक जदली (डिजिटल मार्केटिंग विशेषज्ञ) सहित अनेक उद्यमी एवं प्रशिक्षक उपस्थित रहे।


पौड़ी में ‘जन-जन की सरकार-चार साल बेमिसाल’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन

सरकार के चार साल पूरे: पौड़ी में योजनाओं का उत्सव, जनता की भागीदारी से कार्यक्रम रहा विशेष

चार साल बेमिसाल कार्यक्रम में गूंजा विकास का संदेश, लाभार्थियों को मिला सीधा लाभ

चार साल की उपलब्धियों का उत्सव, पौड़ी में उमड़ा जनसैलाब, अतिथियों ने किया विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन

पौड़ी। जनपद पौड़ी के प्रेक्षागृह में सोमवार को ‘जन-जन की सरकार-चार साल बेमिसाल’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं ज्ञान की देवी माँ शारदे के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर बी.आर. मॉडर्न पब्लिक स्कूल और सरस्वती विद्या मंदिर तिमली की बालिकाओं ने अत्यंत मनमोहक सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत कर वातावरण को उल्लासमय बना दिया। कार्यक्रम में बेमिसाल विकास तथा नयी पहल के चार वर्ष पर आधारित पत्रिका विमोचन भी किया गया। उपस्थित जनसमूह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के वर्चुअल सम्बोधन को भी सुना।

​मुख्य कार्यक्रम से पूर्व, स्थानीय विधायक राजकुमार पोरी, जिला पंचायत अध्यक्ष रचना बुटोला, ब्लॉक प्रमुख अस्मिता नेगी और जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया, मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत सहित अन्य विशिष्ट अतिथियों ने आयोजन स्थल पर लगाए गए विभिन्न विकासपरक स्टॉलों का गहन निरीक्षण किया। इन स्टॉलों में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, ग्रामोत्थान परियोजना, कृषि, उद्यान, समाज कल्याण, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास, एलोपैथिक व आयुर्वेदिक चिकित्सा तथा राजस्व विभाग द्वारा सरकार की जनहितकारी योजनाओं और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया था।

इस उत्सव के दौरान अतिथियों द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं के पात्र व्यक्तियों को भी लाभान्वित किया गया। महिला सशक्तिकरण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए दो लाभार्थियों को महालक्ष्मी किट वितरित की गई, साथ ही एक महिला की गोद भराई और एक शिशु का अन्नप्राशन संस्कार भी गरिमामय ढंग से संपन्न कराया गया। इसी क्रम में सामाजिक सरोकारों को प्राथमिकता देते हुए 9 दिव्यांग लाभार्थियों को सहायक उपकरण प्रदान किए गए, जिससे उनके जीवन में सुगमता आयी और चेहरों पर मुस्कान लौट आयी। इस अवसर पर अतिथियों ने सरकार की विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाणपत्र भी वितरित किए गए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने वर्चुअल संबोधन में सभी को नव संवत्सर तथा नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए अमर बलिदानियों और राज्य आंदोलनकारियों को सादर नमन किया। उन्होंने रेखांकित किया कि राज्य सरकार ने मजबूत अवसंरचना और प्रभावी नीतियों व योजनाओं के माध्यम से उत्तराखंड को प्रगति के पथ पर अग्रसर करने का निरंतर प्रयास किया है। मुख्यमंत्री ने उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए जी-20 बैठकों के सफल आयोजन, राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी, शीतकालीन यात्रा और ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट जैसे महत्वपूर्ण मील के पत्थरों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि राज्य की आर्थिकी में डेढ़ गुना और प्रति व्यक्ति आय में 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, साथ ही स्टार्टअप्स, बिजली उत्पादन और लखपति दीदी योजना में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। सतत विकास लक्ष्यों (SDG) में प्रथम स्थान प्राप्त करने के साथ-साथ उत्तराखंड रिवर्स पलायन, मत्स्य उत्पादन और किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। ‘मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट’ और ‘इंडिया इनोवेशन इंडेक्स’ के शीर्ष राज्यों में जगह बनाकर उत्तराखंड आज विभिन्न राष्ट्रीय सूचकांकों में अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है।

स्थानीय विधायक ने उत्तराखंड सरकार के सफल 4 वर्ष पूर्ण होने पर बधाई देते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार के कार्यकाल में विकास कार्यों की गति में उल्लेखनीय तेजी आई है और इसका लाभ अब गांव-गांव तक स्पष्ट रूप से पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है तथा वर्ष 2047 तक देश को अग्रणी बनाने का लक्ष्य तभी साकार होगा, जब गांवों का समग्र विकास सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने समान नागरिक संहिता, नकल विरोधी कानून एवं भू-कानून जैसे महत्वपूर्ण निर्णयों को जनहितकारी बताते हुए प्रदेश के समग्र विकास में सहायक बताया। साथ ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने बताया कि क्षेत्र के विकास हेतु श्रीनगर पंपिंग पेयजल योजना, पौड़ी नगर में सीवर लाइन निर्माण तथा घंडियाल में झील निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य स्वीकृत हुए हैं, जो पेयजल, स्वच्छता, पर्यटन और रोजगार के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाएंगे।

जिलाधिकारी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अपने सफल चार वर्ष पूर्ण करते हुए जनकल्याण को केंद्र में रखकर कई महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय लिए हैं, जिनका प्रभाव अब स्पष्ट रूप से धरातल पर दिखाई दे रहा है। समान नागरिक संहिता और नकल विरोधी कानून जैसे कदमों के साथ जनपद पौड़ी में भी विकास कार्यों ने गति पकड़ी है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करते हुए पाबौ, सतपुली, यमकेश्वर एवं बीरोंखाल में अल्ट्रासाउंड सेवाएं शुरू की गयी हैं तथा 108 सेवा के साथ विभागीय एंबुलेंस की निःशुल्क परिवहन सेवा का आरंभ किया गया है। शिक्षा क्षेत्र में बोर्ड परीक्षाओं की बेहतर तैयारी, आंगनबाड़ी केंद्रों के सुदृढ़ीकरण हेतु 60 केंद्रों का चयन तथा कृषि विभाग द्वारा घेरबाड़ कार्यों के विस्तार के साथ जनपद में कई जनोपयोगी योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

जिलाधिकारी ने कहा कि छोटे-छोटे विकास कार्य भी आमजन के जीवन में बड़ा परिवर्तन लाते हैं। ‘जन-जन की सरकार’ कार्यक्रम के तहत आयोजित शिविरों में प्राप्त समस्याओं का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि समन्वय से ही योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन संभव हो पा रहा है, और इसी सहभागिता से विकास की गति निरंतर बनी रहेगी।

कार्यक्रम में विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया, जहां स्थानीय कलाकारों एवं स्कूली बच्चों ने अपनी रंगारंग प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। पारंपरिक लोकनृत्य एवं लोकगीत प्रस्तुतियों के माध्यम से सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिली। छोटे-छोटे बच्चों के उत्साह, आत्मविश्वास और ऊर्जा ने कार्यक्रम में विशेष आकर्षण पैदा किया, वहीं उपस्थित जनता की सक्रिय भागीदारी और उत्साह ने पूरे माहौल को जीवंत बना दिया, जिससे यह कार्यक्रम सभी के लिए एक यादगार अनुभव बन गया।

कार्यक्रम के अंत में मुख्य विकास अधिकारी ने सभी का धन्यवाद करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं आमजन के सहयोग से ही इस प्रकार के कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो पाते हैं। उन्होंने सभी की सक्रिय भागीदारी और सहयोग की सराहना करते हुए भविष्य में भी इसी समन्वय और सहभागिता के साथ जनकल्याणकारी योजनाओं को आगे बढ़ाने की अपेक्षा व्यक्त की।

इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य डॉ शिव प्रसाद नौडियाल व भरत सिंह रावत, पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष यशपाल बेनाम, राजेंद्र टम्टा, डीएफओ महातिम यादव, संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, पीडी डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शिवमोहन शुक्ला, मुख्य शिक्षाधिकारी अत्रेय सयाना, बीडीओ दृष्टि आनंद, उपप्रभागीय वनाधिकारी आयशा बिष्ट, लक्की शाह, भाजपा जिलाध्यक्ष कमल किशोर रावत सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी एवं भरी संख्या में जनसमुदाय उपस्थित रहा।


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