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कैलाश मानसरोवर यात्रा हुई महंगी, प्रति यात्री खर्च बढ़कर 2.09 लाख रुपये हुआ

Category Archives: राष्ट्रीय

कैलाश मानसरोवर यात्रा हुई महंगी, प्रति यात्री खर्च बढ़कर 2.09 लाख रुपये हुआ

यात्रा शुल्क में 35 हजार रुपये की बढ़ोतरी

इस साल 10 दलों में 500 श्रद्धालु करेंगे यात्रा

देहरादून। पवित्र कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए इस वर्ष बड़ा बदलाव सामने आया है। यात्रियों की संख्या बढ़ाने के साथ ही यात्रा खर्च में भी 35 हजार रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है। अब प्रति यात्री कुल खर्च 1.74 लाख रुपये से बढ़कर 2.09 लाख रुपये हो गया है। अधिकारियों के अनुसार, डॉलर की कीमत में बढ़ोतरी को इस वृद्धि का मुख्य कारण बताया गया है।

यात्रा के तहत भारतीय क्षेत्र में आवास, भोजन, परिवहन और गाइड जैसी व्यवस्थाएं कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) द्वारा की जाती हैं। केएमवीएन का शुल्क भी इस वर्ष 57 हजार रुपये से बढ़ाकर 65 हजार रुपये कर दिया गया है। वहीं तिब्बत क्षेत्र में वीजा और अन्य खर्चों के लिए यात्रियों को अलग से लगभग 1400 डॉलर का भुगतान करना होगा, जो विदेश मंत्रालय के माध्यम से लिया जाता है।

सरकार ने यात्रा शुल्क की आधिकारिक घोषणा कर दी है और पंजीकरण प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। इस वर्ष 50-50 यात्रियों के 10 दल यात्रा पर जाएंगे, जबकि पिछले वर्ष 10 दलों में कुल 250 श्रद्धालु शामिल हुए थे।

यात्रा के मार्ग में पिछले वर्ष बदलाव किया गया था और पहली बार चंपावत व टनकपुर के रास्ते यात्रा कराई गई थी। इस वर्ष भी यात्रा इसी मार्ग से आयोजित की जाएगी। इस दौरान श्रद्धालुओं को जागेश्वर और चितई जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर भी मिलेगा।

कैलाश मानसरोवर यात्रा का इतिहास भी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। स्वतंत्रता के बाद 1947 में शुरू हुई यह यात्रा 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान बंद कर दी गई थी। बाद में 1981 में इसे पुनः शुरू किया गया और 2019 तक जारी रही। कोरोना महामारी और भारत-चीन संबंधों में तनाव के चलते यह यात्रा कुछ वर्षों तक बाधित रही, जिसे 2025 में फिर से शुरू किया गया।

प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे बढ़े हुए खर्च और पंजीकरण प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए समय से तैयारी करें। यात्रा से संबंधित सभी औपचारिकताएं समय पर पूरी करना आवश्यक है, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।


प्रदेश के सभी शासकीय विद्यालयों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराएं- मुख्य सचिव

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने शिक्षा विभाग की समीक्षा की

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में शिक्षा विभाग की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने प्रदेश के सभी शासकीय विद्यालयों में सभी आवश्यक मूलभूत को सुविधाओं  उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने सचिव शिक्षा को स्कूलों में बुक बैंक बनाये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन बुक बैंक्स में कक्षा उत्तीर्ण करने के उपरांत बुक्स को वापस रखा जा सकेगा एवं अगले सत्र में छात्रों को वितरित किया जा सकेगा। जो बुक्स खराब हो गई या बच्चे किसी भी कारण से वापस नहीं कर पाए एवं नई डिमांड के अनुरूप बुक्स छपवाई जाएं। इससे प्रत्येक वर्ष हज़ारों बुक्स छपवाने का करोड़ों का खर्च बचेगा।

मुख्य सचिव ने क्लस्टर विद्यालयों में कक्षा कक्षों एवं हॉस्टल आदि के भवन निर्माण कार्यों में तेज़ी लाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए नाबार्ड से फंडिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सभी विद्यालयों में बिजली पानी के साथ ही शौचालय आदि की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में शौचालयों की साफ़-सफाई का एक स्थायी समाधान निकाले जाने की आवश्यकता है। उन्होंने विद्यालयों में शौचालयों की सफाई व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने हेतु मैकेनिज्म तैयार किए जाने के निर्देश दिए, इसके लिए अलग से फंडिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

मुख्य सचिव ने विद्यालयों में डिजिटल पुस्तकालयों की व्यवस्था भी किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल पुस्तकालयों से विद्यार्थियों को अधिक से अधिक पुस्तकों को पढ़ने और ज्ञान अर्जित करने का अवसर प्राप्त होगा।

इस अवसर पर सचिव रविनाथ रमन एवं निदेशक माध्यममिक शिक्षा डॉ. मुकुल कुमार सती सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की आड़ में अपमानजनक टिप्पणी बर्दाश्त नहीं- कुसुम कंडवाल

महिला आयोग की अध्यक्ष ने सोशल मीडिया पर प्रसारित आपत्तिजनक एवं अशोभनीय टिप्पणियों टिप्पणियों का लिया स्वतः संज्ञान

देहरादून। उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल द्वारा सोशल मीडिया पर प्रसारित आपत्तिजनक एवं अशोभनीय टिप्पणियों के संबंध में स्वतः संज्ञान लिया गया है।

प्रकरण में संज्ञान में आया है कि वीरभद्र, ऋषिकेश निवासी शशि शरण नामक व्यक्ति द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसी टिप्पणियाँ की गई हैं, जो राजनैतिक रूप से सशक्त हो रही महिलाओं की गरिमा एवं सम्मान के प्रतिकूल हैं तथा सार्वजनिक जीवन में शिष्ट आचरण के मानकों का उल्लंघन करती हैं। साथ ही, उक्त टिप्पणियाँ  प्रधानमंत्री की छवि को धूमिल करने का प्रयास भी प्रतीत होती हैं।

उक्त प्रकरण के संबंध में आयोग की अध्यक्ष द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, देहरादून को पत्र प्रेषित कर यह निर्देशित किया गया है कि मामले का विधिसम्मत परीक्षण करते हुए संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध प्रचलित विधिक प्रावधानों के अंतर्गत आवश्यक एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

आयोग की अध्यक्ष ने यह भी उल्लेख किया है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त है, किन्तु यह अधिकार मर्यादाओं एवं विधिक सीमाओं के अधीन है। किसी भी प्रकार की अभद्र, अपमानजनक एवं भ्रामक टिप्पणी, जो राजनैतिक रूप से सशक्त हो रही महिलाओं की गरिमा या सार्वजनिक पदों की प्रतिष्ठा को आघात पहुँचाती हो, स्वीकार्य नहीं है। आज महिलाएं विभिन्न पदों पर हैं देश की बेटियां देश का नाम रोशन कर रही हैं ऐसे में इस प्रकार की टिप्पणी बहुत ही निंदनीय है।

इस क्रम में, उन्होंने निर्देशित किया है कि प्रकरण में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा कृत कार्रवाई से आयोग को अवगत कराया जाए । जिससे भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

आयोग ने पुनः स्पष्ट किया है कि राज्य में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं अधिकारों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उल्लंघन के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी।


खेल सशक्तिकरण का प्रतीक बन गया हिमाद्री आइस रिंक : रेखा आर्या

आइस रिंक जीर्णोद्धार का 1 साल पूरा होने पर भव्य कार्यक्रम आयोजित

मुख्यमंत्री और खेल मंत्री ने लांच की उत्तराखंड आइस हॉकी टीम की जर्सी

देहरादून । महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में आइस रिंक के जीर्णोद्धार के एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान आइस हॉकी मैच सहित विभिन्न खेल गतिविधियों का आयोजन हुआ, जिसमें खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड की आइस हॉकी टीम की नई जर्सी और आइस स्पोर्ट्स से संबंधित एक पुस्तिका का भी विमोचन किया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आधुनिक खेल अवसंरचना के विकास से उत्तराखंड के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान बना रहे हैं।

खेल मंत्री रेखा आर्या ने अपने संबोधन में कहा कि एक वर्ष पूर्व शुरू किया गया “आइस ब्रेकिंग मूवमेंट” पूरी तरह सफल साबित हुआ है। उन्होंने कहा कि यह आइस रिंक अब केवल एक ढांचा नहीं, बल्कि प्रदेश के युवाओं के सपनों को साकार करने का मजबूत मंच बन चुका है।

खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि पिछले एक वर्ष में हजारों बच्चों ने यहाँ आकर आइस स्पोर्ट्स को सीखा और अपने करियर की नई दिशा तय की है। प्रदेश के खिलाड़ी अब राष्ट्रीय के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं, जो उत्तराखंड के लिए गर्व की बात है।

खेल मंत्री ने कहा कि यह आइस रिंक, जो कभी उपेक्षा का शिकार था,  प्रदेश की खेल शक्ति का प्रतीक बन गया है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय खिलाड़ियों की मेहनत, प्रशिक्षकों के समर्पण और सरकार की खेलोन्मुख नीतियों को दिया।

इस अवसर पर रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ, विशेष प्रमुख खेल सचिव अमित सिन्हा, खेल निदेशक आशीष चौहान, अपर निदेशक अजय अग्रवाल, महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के प्राचार्य राजेश मंमगाई आदि उपस्थित रहे।


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिले कृषि मंत्री गणेश जोशी, मसूरी क्षेत्र के विकास कार्यो पर की चर्चा

देहरादून । कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शिष्टाचार भेंट कर उन्हें पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक जीत पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने मसूरी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत विभिन्न विकास कार्यों की स्वीकृति प्रदान किए जाने पर मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देते हुए क्षेत्र के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। काबीना मंत्री ने कुठालगेट चौक में स्वामी रामतीर्थ जी की मूर्ति स्थापना, ग्राम पंचायत छमरोली के भैंसवाणसैंण में प्राथमिक विद्यालय के भवन और चाहरदीवारी निर्माण के साथ-साथ ग्राम पंचायत क्यारकुली भट्टा में प्राथमिक विद्यालय के भवन निर्माण की स्वीकृति पर भी आभार जताया।


जागेश्वर धाम परियोजना में रोपवे को किया जाए शामिल- मुख्य सचिव

मुख्य सचिव ने की प्रदेश के रोपवे प्रोजेक्ट की समीक्षा

देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने मंगलवार को प्रदेश में रोपवे निर्माण की प्रगति की समीक्षा की। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने विभिन्न रोपवे प्रोजेक्ट्स की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने रोपवे प्रोजेक्ट के लिए नियामक प्राधिकरण के रूप में ब्रिडकुल को मजबूत किए जाने के निर्देश दिए। इसके रोल और रेस्पोंसिबिलिटी का ड्राफ्ट शीघ्र तैयार किए जाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने जागेश्वर धाम योजना में रोपवे प्रोजेक्ट को शामिल किए जाने भी निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने रोपवे बनाने के लिए प्राथमिकता तय करने हेतु उपसमिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रमुख सचिव नियोजन की अध्यक्षता में सचिव पर्यटन, सचिव आवास, सचिव लोक निर्माण विभाग एवं नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण को उपसमिति में शामिल किया है। उन्होंने कहा कि यह उपसमिति प्रदेश में बनाए जाने वाले रोपवे की प्राथमिकता तय करेगी। उन्होंने कहा कि किसी भी शहर में बनने वाले रोपवे में किन स्थानों को शामिल किया जाना है, किनको नहीं, इसको लेकर शहर की आवश्यकता के अनुरूप पर्यटन विभाग एवं स्थानीय प्रशासन को तय करना होगा

मुख्य सचिव ने मसूरी रोपवे की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने मसूरी रोपवे के लोअर टर्मिनल के पास सार्वजनिक सड़क मार्ग से सम्बन्धित मामले को अगले तीन दिन में निस्तारण कर निर्धारित समय सीमा के अंदर पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने हेमकुंड साहिब और केदारनाथ रोपवे की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा की केदारनाथ रोपवे के लिए लोजिस्टिक्स ड्राई रन करते हुए असुरक्षित स्थानों का चिन्हीकरण एवं सुधारीकरण कार्य तत्काल शुरू कराया जाए। उन्होंने कुंड ब्रिज और नई बाई पास को शीघ्र पूर्ण कराये जाने के निर्देश दिए। कहा कि जहाँ भी नए ब्रिज और बाई पास की आवश्यकता है उसका समय से सर्वे एवं निर्माण आदि का कार्य भी साथ साथ किया जाए।

मुख्य सचिव ने केदारनाथ रोपवे के लोअर टर्मिनल में पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पार्किंग के लिए भूमि चिन्हीकरण एवं भूमि हस्तांतरण आदि की प्रक्रिया को भी साथ -साथ शुरू किया जाए। उन्होंने हेमकुंड और केदारनाथ रोपवे निर्माण कार्य का पर्ट चार्ट तैयार कर उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कार्यों को समय से पूर्ण कराने के लिए पर्टचार्ट का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।

बैठक के दौरान बताया गया कि केदारनाथ रोपवे का एग्रीमेंट साइन हो चुका है, एलओए जारी हो चुका है। बताया गया कि प्रोजेक्ट का लिडार सर्वे पूर्ण हो गया है, तकनीकी सर्वे गतिमान है। स्टेशन एवं टावर्स के लिए विस्तृत टोपोग्राफी सर्वे गतिमान है। हेमकुंट साहिब का एलओए जारी हो चुका है, भूमि सर्वेक्षण का कार्य गतिमान है।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. आर. राजेश कुमार, सहित संबंधित विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


कृषि मंत्री गणेश जोशी से मिले पंतनगर विश्वविद्यालय के नव नियुक्त कुलपति प्रो. शिवेन्द्र कश्यप

देहरादून। प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी से आज उनके कैंप कार्यालय में गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर के नव नियुक्त कुलपति प्रो. शिवेन्द्र कुमार कश्यप ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान कृषि मंत्री गणेश जोशी ने प्रो. कश्यप को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं देते हुए उनके सफल कार्यकाल की कामना की।

बैठक के दौरान कृषि अनुसंधान, आधुनिक तकनीकों के विस्तार और किसानों तक नवाचार पहुंचाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य में कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए विश्वविद्यालयों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और इस दिशा में पंतनगर विश्वविद्यालय अग्रणी संस्थान रहा है।

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने विश्वास जताया कि प्रो. शिवेन्द्र कश्यप का शैक्षणिक एवं प्रशासनिक अनुभव, विशेषकर कृषि संचार, शिक्षण और संस्थागत विकास के क्षेत्र में उनकी विशेषज्ञता, विश्वविद्यालय को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सहायक सिद्ध होगी।


श्री मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान का कार्य जल्द शुरू किया जाए- मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री धामी ने हरिद्वार में श्री मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के समग्र विकास और विस्तार की योजनाओं की समीक्षा की

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय में उच्च स्तरीय बैठक कर ऋषिकुल, हरिद्वार में श्री मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के समग्र विकास और विस्तार की योजनाओं की समीक्षा की। बैठक में संस्थान को भारतीय ज्ञान परंपरा, प्राचीन विज्ञान, संस्कृति और आधुनिक शोध के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड केवल आस्था और अध्यात्म की भूमि नहीं, बल्कि ऋषियों, ज्ञान और वैज्ञानिक चिंतन की भी भूमि रही है। ऋषिकुल, हरिद्वार में इस महत्वपूर्ण संस्थान को नई पहचान देना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्री मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान का कार्य जल्द शुरू किया जाए। कुंभ शुरू होने से पहले यह कार्य पूर्ण किया जाए। पर्यटन विभाग इसमें नोडल विभाग के रूप में कार्य करेगा। उन्होंने प्रमुख सचिव आर.के.सुधांशु को निर्देश दिये कि इस संस्थान के कार्यों की नियमित प्रगति के लिए संबंधित विभागीय सचिवों के साथ पाक्षिक बैठकें की जाएं। इसमें विकास के साथ विरासत के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। राज्य के सभी जनपदों की लोक कला पर आधारित गतिविधियां भी इसमें शामिल की जाएं।

मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि संस्थान में वैदिक गणित, वेदों में निहित विज्ञान, उपनिषदों का दर्शन, भारतीय तर्कशास्त्र, पर्यावरण विज्ञान तथा जीवन मूल्यों पर आधारित शोध और अध्ययन की आधुनिक व्यवस्था विकसित की जाए। उन्होंने कहा कि भारत ने विश्व को शून्य, दशमलव प्रणाली, बीजगणित और त्रिकोणमिति जैसे महत्वपूर्ण गणितीय सिद्धांत दिए हैं। आर्यभट्ट, ब्रह्मगुप्त और वराहमिहिर जैसे महान विद्वानों के योगदान को शोध और शिक्षा से जोड़ा जाए। बैठक में संस्थान में खगोल विज्ञान, धातु विज्ञान, कृषि विज्ञान और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विषयों पर विशेष अध्ययन केंद्र स्थापित करने पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राचीन भारत में धातु विज्ञान, जल प्रबंधन, जैविक खेती और मौसम आधारित कृषि ज्ञान अत्यंत विकसित था, जिसे आधुनिक अनुसंधान से जोड़कर नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के समय में वेदों और उपनिषदों में वर्णित नैतिक शिक्षा, अनुशासन, कर्तव्यबोध और मानवीय मूल्यों को समाज तक पहुंचाना आवश्यक है। यह संस्थान शिक्षा के साथ संस्कार और राष्ट्र निर्माण का भी केंद्र बने। उन्होंने कहा कि संस्थान में डिजिटल पांडुलिपि संरक्षण केंद्र, आधुनिक पुस्तकालय, शोध प्रयोगशालाएं, संगोष्ठी केंद्र, ई-लर्निंग सुविधाओं की व्यवस्था भी की जाए।

बैठक के दौरान संस्थान में भारतीय विद्या शाखाओं के गहन अध्ययन को प्रोत्साहित करने के साथ ही पर्यटन, आयुर्वेद ज्योतिष और योग शिक्षा के रूप में विकसित करने पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में जानकारी दी गई कि ज्ञान, योग, ध्यान और भारतीय अध्यात्म की समृद्ध परंपराओं को संस्थान में वैश्विक केन्द्र के रूप में स्थापित किया जायेगा। जिसमें शैक्षणिक क्षेत्र के श्रुति केन्द्र में वेद, उपनिषद और शास्त्रीय ज्ञान की परंपरा, दर्शन केन्द्र में भारतीय दर्शन और चेतना के गहन विचार, आयु केन्द्र में आयुर्वेद और समग्र स्वास्थ्य विज्ञान के माध्यम से जीवन का संतुलन, विज्ञान केन्द्र में भारतीय ज्ञान प्रणालियों और पारंपरिक विज्ञान की विरासत और कला केन्द्र में भारतीय कला, संस्कृति एवं सौन्दर्य परंपरा की जीवंत अभिव्यक्ति के रूप में विकसित किया जायेगा।

बैठक में प्रमुख सचिव आर.के.सुधांशु, डाॅ. आर.मीनाक्षी सुदंरम, सचिव धीराज गर्ब्याल, दीपक कुमार,डाॅ. आर. राजेश कुमार, रंजना राजगुरू, उपाध्यक्ष हरिद्वार-रूड़की विकास प्राधिकरण सोनिका, अपर सचिव बंशीधर तिवारी एवं वर्चुअल माध्यम से जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित मौजूद थे।


गढ़वाल राइफल्स के स्थापना दिवस पर सीएम धामी ने सभी जवानों को दी शुभकामनाएं

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गढ़वाल राइफल्स के स्थापना दिवस के अवसर पर सभी जवानों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि गढ़वाल राइफल्स वीरता, अनुशासन, धैर्य और शौर्य का प्रतीक है। उन्होंने जवानों की निष्ठा, पराक्रम और राष्ट्र के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए इसे पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

सीएम धामी ने कहा कि गढ़वाल राइफल्स के सैनिकों ने देश की रक्षा में सदैव महत्वपूर्ण योगदान दिया है और उनका साहस व कर्तव्यनिष्ठा हर नागरिक को गर्व का अनुभव कराती है।


सभी लंबित घोषणाओं के शासनादेश 15 जून तक जारी किए जाएं- सीएम धामी

मुख्यमंत्री घोषणाएं सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं- सीएम धामी

बिना तैयारी बैठक में पहुंचे अधिकारियों पर सीएम धामी सख्त

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में आयोजित मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा बैठक में अधिकारियों के बिना तैयारी के पहुंचने पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस तरह की महत्वपूर्ण बैठकों में बिना तथ्यात्मक तैयारी के आना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि भविष्य में सभी अधिकारी पूरी तैयारी के साथ ही बैठक में उपस्थित हों।

मुख्यमंत्री ने विभागों के बीच समन्वय और संवाद की कमी पर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि तालमेल के अभाव में कई विकास कार्य अनावश्यक रूप से लंबित हो रहे हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है। सभी सचिवों को निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने विभागों से संबंधित घोषणाओं की गहन समीक्षा कर प्रगति सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाएं सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं और जनता से किए गए वादों को समयबद्ध तरीके से पूरा करना अनिवार्य है। उन्होंने सभी विभागों से यह रिपोर्ट मांगी कि कितनी घोषणाएं पूरी हो चुकी हैं और कितनी अभी लंबित हैं।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी लंबित घोषणाओं के शासनादेश 15 जून तक जारी किए जाएं और जिन कार्यों के आदेश पहले ही जारी हो चुके हैं, उन पर तत्काल कार्य शुरू किया जाए। उन्होंने साफ किया कि अनावश्यक देरी किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जिन कार्यों पर काम शुरू हो चुका है, वहां शिलापट्ट लगाना अनिवार्य है। इसमें लापरवाही पाए जाने पर संबंधित जिलाधिकारी जिम्मेदार होंगे। मुख्यमंत्री ने जिला स्तर के मामलों को अनावश्यक रूप से शासन स्तर पर लंबित रखने पर भी नाराजगी जताई और निर्देश दिए कि समस्याओं का समाधान उसी स्तर पर किया जाए, जहां वे उत्पन्न होती हैं।

मुख्यमंत्री ने 15 जून से पहले एक और समीक्षा बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए, जिसमें सभी लंबित घोषणाओं की अद्यतन स्थिति प्रस्तुत की जाएगी। बैठक के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अल्मोड़ा जिले के सल्ट, रानीखेत, सोमेश्वर और जागेश्वर विधानसभा क्षेत्रों की विकास योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की।उन्होंने कहा कि जनता से किए गए वादों को हर हाल में धरातल पर उतारा जाए और विकास कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए।

समीक्षा में विभिन्न क्षेत्रों की घोषणाओं की प्रगति पर चर्चा की गई। सोमेश्वर क्षेत्र की 90, सल्ट की 69, रानीखेत की 33 और जागेश्वर की 48 घोषणाओं की स्थिति का आकलन किया गया। मुख्यमंत्री ने पेयजल, सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, पर्यटन और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

बैठक में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु सहित सभी संबंधित विभागों के सचिव और जिलाधिकारी उपस्थित रहे।


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