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वन मंत्री सुबोध उनियाल ने ‘हिमालयन काला भालू’ के नवीन बाड़े का किया उद्घाटन

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वन मंत्री सुबोध उनियाल ने ‘हिमालयन काला भालू’ के नवीन बाड़े का किया उद्घाटन

देहरादून। प्रदेश के वन मंत्री सुबोध उनियाल ने देहरादून जू स्थित मालसी परिसर में ‘हिमालयन काला भालू’ (रीख) के नवीन बाड़े का उद्घाटन कर उसे पर्यटकों के अवलोकनार्थ समर्पित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मानव-वन्यजीव संघर्ष को न्यूनतम करने तथा प्रकृति एवं मानवता के मध्य संतुलित समन्वय स्थापित करने हेतु निरंतर कार्य कर रही है।

वन मंत्री उनियाल ने कहा कि उत्तराखंड जैव-विविधता एवं वन्यजीव संपदा की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध राज्य है तथा वन्यजीव संरक्षण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि ‘फॉरेस्ट कंजर्वेशन’ के अंतर्गत वन्यजीव विनिमय कार्यक्रम को भविष्य में और अधिक गति प्रदान की जाएगी, जिससे वन्यजीव संरक्षण को नई दिशा मिलेगी।

उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार से परिवहन संबंधी आवश्यक अनुमति प्राप्त होने के उपरांत राज्य में पर्याप्त संख्या में उपलब्ध वन्यजीवों को अन्य राज्यों की मांग एवं वहां की पारिस्थितिक आवश्यकताओं के अनुरूप संबंधित नेशनल पार्कों एवं चिड़ियाघरों में स्थानांतरित किया जाएगा। इस पहल से न केवल वन्यजीव संरक्षण को मजबूती मिलेगी, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में जैव-विविधता के संतुलन को बनाए रखने में भी सहायता प्राप्त होगी।

उनियाल ने कहा कि राज्य सरकार वन्यजीवों के संरक्षण, संवर्धन एवं सुरक्षित आवास सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रभावी कदम उठा रही है। उन्होंने देहरादून जू प्रशासन एवं वन विभाग की टीम को इस नवीन बाड़े के निर्माण एवं व्यवस्थाओं के लिए बधाई देते हुए कहा कि इससे पर्यटकों एवं वन्यजीव प्रेमियों को हिमालयी वन्यजीवों के बारे में बेहतर जानकारी प्राप्त होगी।


अल्मोड़ा में दर्दनाक हादसा, गहरी खाई में गिरी कार, तीन लोगों की मौत

अल्मोड़ा। उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में गुरुवार तड़के एक भीषण सड़क हादसे में तीन लोगों की जान चल गयी। भतरोंजखान थाना क्षेत्र के रापड़ मोड़ से सोनी रानीखेत जाने वाले मोटर मार्ग पर एक ऑल्टो कार अनियंत्रित होकर करीब 150 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में कार सवार तीनों लोगों की मौत हो गई।

पुलिस के मुताबिक सुबह करीब चार बजे डायल 112 पर सूचना मिली कि भाटिया-भिकियासैंण मार्ग के पास वाहन संख्या यूके04एफ6683 की नंबर प्लेट सड़क किनारे पड़ी मिली है। मौके पर वाहन नहीं मिलने से उसके खाई में गिरने की आशंका जताई गई। सूचना मिलते ही थाना भतरोंजखान पुलिस, एसडीआरएफ, 108 एंबुलेंस सेवा, आपदा प्रबंधन, राजस्व और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर रवाना हुईं।

संयुक्त रेस्क्यू अभियान के दौरान दुर्घटनाग्रस्त कार सड़क से करीब 150 मीटर नीचे खाई में क्षतिग्रस्त हालत में मिली। राहत-बचाव कार्य के दौरान वाहन में सवार तीनों लोगों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।

मृतकों की पहचान भुवन पुत्र दीवान राम निवासी ग्राम सनेटी, तहसील रानीखेत और कैलाश चंद्र पुत्र बहादुर राम निवासी ग्राम दौड़ाखाल, तहसील रानीखेत के रूप में हुई है। तीसरे मृतक की पहचान के प्रयास जारी हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार तीनों युवक जागरी का कार्य करते थे और मंगलवार रात ग्राम चमोली पुसैला में आयोजित जागर कार्यक्रम से लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में यह दर्दनाक हादसा हो गया।

हादसे की सूचना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से शवों को खाई से बाहर निकाला गया। पुलिस ने सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए रानीखेत मोर्चरी भेज दिया है। प्रशासन ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में तेज रफ्तार और पहाड़ी मार्ग पर वाहन से नियंत्रण खोना हादसे की वजह माना जा रहा है।


बद्रीनाथ धाम ‘स्प्रिचुअल हिल टाउन’ के रूप में होगा विकसित

बदरीनाथ मास्टर प्लान के कई पहलुओं पर कार्ययोजना बनेगी

देहरादून। बद्रीनाथ धाम में संचालित पुनर्निर्माण कार्यों के साथ ही अब बद्रीनाथ को स्प्रिचुअल हिल टाउन के रूप में विकसित किये जाने की कार्ययोजना भी तैयार की जा रही है। इस संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के समक्ष पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने बद्रीनाथ धाम के मास्टर प्लान के अंतर्गत चल रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी साझा की। बैठक में सचिव पर्यटन धीराज गर्ब्याल द्वारा प्रस्तुतिकरण के माध्यम से बताया गया कि बद्रीनाथ को एक आध्यात्मिक स्मार्ट हिल टाउन के रूप में विकसित करने के लिए बहु-आयामी और चरणबद्ध तरीके से कार्य किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य तीर्थयात्रियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ दिव्य और व्यवस्थित अनुभव प्रदान करना है।

उन्होंने बताया कि मास्टर प्लान के तहत क्षेत्र के सौंदर्यीकरण, सांस्कृतिक पहचान और आध्यात्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए विभिन्न स्थलों को विशेष रूप से विकसित किया जा रहा है। देव दर्शनी पॉइंट को इस प्रकार तैयार किया जा रहा है कि श्रद्धालुओं को यहां से बद्रीनाथ धाम के प्रथम दर्शन एक भव्य और दिव्य रूप में प्राप्त हो सकें। वहीं बद्रीनारायण चौक को एक प्रमुख आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं और आकर्षक सार्वजनिक स्थल उपलब्ध होंगे।

बद्रीनाथ धाम में आईएसबीटी वॉल पर स्थानीय कला एवं धार्मिक विषयों पर आधारित भित्ति चित्रों के माध्यम से क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया जायेगा। वसुधा वाटिका कलाकृति के माध्यम से प्रकृति, आध्यात्मिकता और उत्तराखंड की पारंपरिक कला का समावेश करते हुए आकर्षक लैंडस्केप तैयार किए जायेंगे।

मास्टर प्लान में भगवान विष्णु से जुड़े प्रतीकों को भी प्रमुखता दी गई है, जिनमें पाञ्चजन्य शंख, कौमोदकी गदा, सुदर्शन चक्र, वैकुंठ द्वार जैसी भव्य कलाकृतियों का निर्माण किया जायेगा, जो न केवल धार्मिक महत्व को दर्शायेंगे, बल्कि श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र भी बनेंगे। इसके साथ ही शेषनेत्र कलाकृति और पंच तत्व थीम पर आधारित संरचनाएं आध्यात्मिक ऊर्जा और भारतीय दर्शन को दर्शाने का कार्य करेंगी। भगवान राम एवं कृष्ण पर आधारित रामायण एवं महाभारत कालीन प्रतीकों का इसमें समावेश किया गया है। दिया आरती स्थल के विकास की योजना भी तैयार की गई है, ताकि यहां आयोजित होने वाली आरती श्रद्धालुओं के लिए एक दिव्य और अविस्मरणीय अनुभव बने। वहीं पूरे क्षेत्र में स्ट्रीटस्कैप का विकास कार्य किया जाना भी प्रस्तावित है, जिसके तहत आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल तरीके से पैदल मार्ग, प्रकाश व्यवस्था, बैठने की सुविधाएं, साइनेज और सौंदर्यीकरण से जुड़े कार्य कराये जायेंगे।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बद्रीनाथ धाम के दिव्य स्वरूप को और अधिक भव्य एवं आकर्षक बनाने के लिए इस मास्टर प्लान में सभी आवश्यक प्रावधान सुनिश्चित किये जायें। साथ ही स्थानीय संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि इन सभी कार्यों के माध्यम से बद्रीनाथ में न केवल आध्यात्मिक वातावरण सुदृढ़ होगा, बल्कि पर्यटन को भी नई दिशा दी जा सकेगी। परियोजना के पूर्ण होने पर बद्रीनाथ एक ऐसे आदर्श स्थल के रूप में स्थापित होगा, जहां आस्था, आधुनिकता और प्रकृति का संतुलित संगम देखने को मिलेगा।

इस अवसर पर सचिव शैलेश बगोली, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, संयुक्त सचिव अनिल जोशी एवं संबंधित अधिकारी मौजूद थे।


बीकेटीसी ने केदारनाथ के तीर्थ-पुरोहितों को बांटे 11 लाख, RTI खुलासे के बाद फंड दुरुपयोग के गंभीर आरोप

सीएम पुष्कर सिंह धामी से उच्चस्तरीय जांच की मांग

10 अक्टूबर को विरोध, 12 अक्टूबर को 11 लाख मंजूर, नोटशीट से लेकर भुगतान तक गड़बड़ी — विकेश नेगी

देहरादून। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) एक बार फिर विवादों में घिर गई है। आरोप है कि धामों में तीर्थ यात्रियों को मूलभूत सुविधाएं देने में नाकाम समिति, श्रद्धालुओं के दान-चढ़ावे की रकम का मनमाने ढंग से इस्तेमाल कर रही है। सामाजिक कार्यकर्ता व अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने एक बार फिर श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) को लेकर खुलासा करते हुए फंड दुरुपयोग सहित कई गंभीर आरोप लगाये हैं।

देहरादून कचहरी परिसर स्थित अपने कार्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने दावा करते हुए कहा कि कहा सूचना के अधिकार (RTI) के जरिए सामने आए दस्तावेजों के आधार पर वर्ष 2025 में केदारनाथ के तीर्थ-पुरोहितों की संस्था ‘केदार सभा’ को नियमों को दरकिनार कर 11 लाख रुपये का भुगतान किया गया। यह भुगतान ऐसे समय में हुआ जब केदार सभा ने बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के खिलाफ खुलकर विरोध जताया था, जिससे पूरे मामले पर सवाल खड़े हो गए हैं।

ढाई महीने बाद अचानक स्वीकृति, नोटशीट में भी कई खामियां
अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने कहा कि आरटीआई में सामने आया है कि केदारनाथ धाम में 25 जुलाई से 1 अगस्त 2025 के बीच श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन हुआ था। लेकिन आयोजन समाप्त होने के करीब ढाई महीने बाद, 12 अक्टूबर 2025 को बीकेटीसी के स्तर पर आनन-फानन में दो अलग-अलग नोटशीट तैयार कर 11 लाख रुपये की स्वीकृति दे दी गई। इन नोटशीट्स पर तत्कालीन मुख्य कार्याधिकारी विजय थपलियाल, उपाध्यक्ष विजय सिंह कप्रवाण और अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के हस्ताक्षर मौजूद हैं।

हैरानी की बात यह है कि पूरे भुगतान प्रक्रिया में वित्त नियंत्रक की कोई सहमति नहीं ली गई, जो वित्तीय नियमों का स्पष्ट उल्लंघन माना जा रहा है। इसके अलावा नोटशीट में यह तक स्पष्ट नहीं किया गया कि केदार सभा ने आर्थिक सहयोग के लिए लिखित आवेदन दिया था या केवल मौखिक अनुरोध किया गया था। संबंधित पत्र भी आरटीआई में उपलब्ध नहीं कराया गया, जिससे पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

विरोध के बाद भुगतान, ‘सेटिंग’ के आरोप
अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी के अनुसार, 10 अक्टूबर 2025 को केदार सभा ने बीकेटीसी अध्यक्ष की कार्यशैली के खिलाफ मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर आंदोलन की चेतावनी दी थी। इसके ठीक दो दिन बाद 12 अक्टूबर को 11 लाख रुपये की स्वीकृति मिलना कई तरह के संदेह पैदा करता है। नेगी का आरोप है कि यह पूरा मामला ‘विरोध शांत कराने’ के लिए धन के दुरुपयोग का संकेत देता है। इतना ही नहीं, कथा की लाइव स्ट्रीमिंग के लिए ‘तीतर मीडिया एंड एडवर्टाइजिंग कंपनी’ को 1.5 लाख रुपये का भुगतान भी सवालों के घेरे में है। आरोप है कि इस कार्य के लिए अपनाई गई कोटेशन प्रक्रिया संदिग्ध थी, तीनों कंपनियों के कोटेशन एक ही तारीख पर और लगभग एक जैसी भाषा में प्रस्तुत किए गए, जिससे मिलीभगत की आशंका और गहरा गई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से उच्चस्तरीय जांच की मांग
अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड की बात करते हैं लेकिन एक के बाद एक बीकेटीसी में घपले-घोटाले व भ्रष्टाचार के मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बीकेटीसी में सामने आ रहे घपले-घोटालों व भ्रष्टाचार को लेकर उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मामला प्रदेश में मंदिर प्रबंधन की विश्वसनीयता पर गंभीर असर डाल सकता है।

पत्रकारों के सवाल व अधिवक्ता विकेश सिंह नेेगी के जवाब
पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए सामाजिक कार्यकर्ता व अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने कहा सूचना के अधिकार के तहत हमने कई बिंदुओं पर BKTC से जानकारी मांगी थी। उनका बिंदुवार अध्ययन कर हम इसे सार्वजनिक कर रहे हैं। BKTC द्वारा हमें जो दस्तावेज उपलब्ध कराए हैं उनमें कई चौंकाने वाली जानकारी मिल रही है।

पिछले दिनों खुलासा किया था कि BKTC के एक उपाध्यक्ष विजय सिंह कप्रवाण द्वारा किस तरह से अपनी पत्नी को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी दिखा कर प्रतिमाह बारह हजार रूपये लिए जा रहे हैं। बदरीनाथ व केदारनाथ धाम करोड़ों- करोड़ों सनातनियों की आस्था व श्रद्धा के केंद्र हैं। मगर BKTC में श्रद्धालुओं के दान-चढ़ावे के पैसों की बंदरबांट चल रही है। RTI से प्राप्त दस्तावेजों में एक जानकारी यह भी मिली है कि विगत वर्ष 2025 में BKTC ने केदारनाथ के तीर्थ पुरोहितों की संस्था “केदार सभा” को 11 लाख रुपये की धनराशि दे दी। यह पैंसा केदार सभा को 25 जुलाई से 01 अगस्त, 2025 तक केदारनाथ धाम में श्रीमद भागवत कथा के आयोजन के नाम पर दिया गया।

विकेश सिंह नेगी ने कहा सवाल यह उठता है कि BKTC ने इतनी बड़ी धनराशि किस नियम अथवा प्रावधान के तहत तीर्थ पुरोहितों को दे दी? क्या BKTC ने इसके लिए प्रदेश शासन से अनुमति ली थी ? यदि अनुमति ली है तो उसे सार्वजनिक करें। एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि BKTC में वित्त नियंत्रक तैनात हैं। तीर्थ पुरोहितों को ग्यारह लाख रूपये देने की स्वीकृति देने वाली फाइल पर वित्त नियंत्रक की सहमति और स्वीकृति क्यों नहीं ली गई ? बिना वित्त नियंत्रक की सहमति के पैंसा जारी करना अपने आप में बड़ी वित्तीय अनियमितता है।

विकेश सिंह नेगी ने कहा तीर्थ पुरोहितों को मंदिर का पैंसा बांटने के पीछे ऐसा लगता है कि BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी अपना व्यक्तिगत प्रबंधन कर रहे हैं। क्योंकि पिछले वर्ष 10 अक्टूबर को तीर्थ पुरोहितों ने द्विवेदी की कार्यशैली को लेकर आक्रोश व्यक्त किया था और मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर द्विवेदी को हटाने की मांग की थी।

BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के विरोध के दो दिन बाद 12 अक्टूबर को BKTC ने आनन-फानन में तीर्थ पुरोहितों को 11 लाख रूपये देने की पत्रावली चलायी और उसी दिन स्वीकृति भी दे दी गयी। जबकि केदार सभा का भागवत कथा का आयोजन 25 जुलाई से 01 अगस्त, 2025 तक संपन्न हो चुका था। इससे यह आभास होता है कि BKTC अध्यक्ष ने तीर्थ पुरोहितों के विरोध को मैनेज करने के लिए उन्हें यह पैंसे दिए। अच्छा होता कि मंदिर समिति अध्यक्ष यात्री सुविधाओं और मंदिरों के प्रबंधन की ओर ध्यान देते। बजाय कि अपने व्यक्तिगत प्रबंधन पर।

पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने कहा जैसा कि अभी कुछ दिन पहले मीडिया व सोशल मीडिया के द्वारा भी जानकारी मिली थी कि BKTC ने केदार सभा के अध्यक्ष समेत एक अन्य तीर्थ पुरोहित को विशेष आमंत्रित सदस्य नियुक्त किया है। मंदिर समिति एक्ट में प्रावधान है कि विशेष आमंत्रित सदस्य नियुक्त करने के लिए पहले शासन नियम बनाएगा। उसके पश्चात BKTC विशेष आमंत्रित सदस्य नियुक्त कर सकती है। मगर BKTC ने नियम विरुद्ध तरीके से सदस्यों की नियुक्ति कर दी। इन सदस्यों की कोई वैधानिक मान्यता नहीं है। प्रदेश सरकार को मामलों का संज्ञान लेना चाहिए। BKTC में जिस प्रकार से नियम कानूनों को ताक पर रख कर कार्य हो रहे हैं सरकार को उनकी उच्चस्तरीय जांच करानी चाहिए।


एमडीडीए का बड़ा एक्शन, ऋषिकेश-कुंआवाला में अवैध प्लॉटिंग पर चला बुलडोजर

20 बिघा से अधिक प्लॉटिंग ध्वस्त, कई बहुमंजिला इमारतें सील

कुंआवाला-हरिद्वार रोड से लेकर ऋषिकेश तक चला अभियान, प्रवर्तन टीम और पुलिस बल के साथ सख्त कार्रवाई

देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माणों और अनधिकृत प्लॉटिंग के खिलाफ बड़ा अभियान चलाते हुए देहरादून और ऋषिकेश क्षेत्र में व्यापक कार्रवाई की। प्राधिकरण की टीम ने कुंआवाला हरिद्वार रोड और रायपुर रोड समेत कई स्थानों पर 20 बिघा से अधिक क्षेत्र में की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया, जबकि कई बहुमंजिला इमारतों और व्यावसायिक निर्माणों को सील कर दिया गया। इस कार्रवाई से अवैध निर्माण करने वालों में हड़कंप मच गया है। प्राधिकरण की कार्रवाई के तहत किद्दूवाला-तुन्नुवाला क्षेत्र में करीब 7-8 बिघा में की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर बुलडोजर चलाया गया। वहीं कुंआवाला हरिद्वार रोड के पास लगभग 12 बिघा में विकसित की जा रही अवैध कॉलोनी को भी ध्वस्त कर दिया गया। मौके पर सहायक अभियंता प्रमोद मेहरा और अवर अभियंता मनीष मेहर सहित टीम मौजूद रही।

ऋषिकेश में बहुमंजिला इमारतों पर सीलिंग का शिकंजा
ऋषिकेश क्षेत्र में भी एमडीडीए ने सख्ती दिखाते हुए आमबाग, निर्मल बाग और गंगा विहार कॉलोनी सहित विभिन्न इलाकों में अवैध बहुमंजिला निर्माणों पर सीलिंग की कार्रवाई की। आमबाग गली नंबर 1 में दो निर्माण, निर्मल बाग ब्लॉक बी और सी में कई इमारतें, तथा गंगा विहार कॉलोनी में व्यावसायिक निर्माण को सील किया गया। इसके अलावा मनसा देवी क्षेत्र में भी अवैध व्यावसायिक निर्माणों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें सील किया गया। एमडीडीए ने स्पष्ट किया है कि प्राधिकरण क्षेत्र में किसी भी प्रकार के अवैध निर्माण या प्लॉटिंग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। प्राधिकरण ने आम जनता से भी अपील की है कि बिना स्वीकृति के निर्माण कार्य न करें और नियमों का पालन करें।

1. संजीव शर्मा, नवीन डोबरीयाल और संजय उपाध्यय द्वारा किद्दूवाला तुन्नुवाला रायपूर रोड में लगभग 7 से 08 बिघा में की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर कार्यवाही करते हुये ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की गयी।

2. रौबिन चौहान और प्रतीक जुयाल द्वारा निकट पम्किन रेस्टोरेन्ट कंुआवाला हरिद्वार रोड देहरादून में लगभग 12 बिघा में की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर कार्यवाही करते हुये ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की गयी। उक्त कार्यवाही में सहायक अभि0 प्रमोद मेहरा, अवर अभि0 मनीष मेहर सुपरवाईजर मौके पर मौजूद रहे।

3. जय राम सेमवाल द्वारा आमबाग गली न0 01 ऋषिकेश में किये गये अवैध बहुमंजिले निर्माण पर कार्यवाही करते हुये सीलिंग की कार्यवाही की गयी ।

4. लक्ष्मी भट्ट द्वारा आमबाग गलि न0 01 ऋषिकेश में किये गये अवैध बहुमंजिले निर्माण पर कार्यवाही करते हुये सीलिंग की कार्यवाही की गयी।

5. कृष्णा द्वारा गली न0 07 निर्मल बाग ब्लॉक बी ऋषिकेश में किये गये अवैध बहुमंजिले निर्माण पर कार्यवाही करते हुये सीलिंग की कार्यवाही की गयी।

6. भानू रावत गली न0 07 निर्मल बाग ब्लॉक सी ऋषिकेश में किये गये अवैध बहुमंजिले निर्माण पर कार्यवाही करते हुये सींलिंग की कार्यवाही की गयी।

7. मीनीष अग्रवाल द्वारा गली न0 11 निर्मल बाग ब्लॉक सी में किये गये अवैध बहुमंजिले निर्माण पर कार्यवाही करते हुये सीलिंग की कार्यवाही की गयी ।

8. संजय चौधरी द्वारा आस्था पथ गंगा विहार कॉलोनी ऋषिकेश में किये जा रहे व्यवसायिक निर्माण पर कार्यवाही करते हुये सीलिंग की कार्यवाही की गयी।

9. नरेन्द्र , द्वारा मनषा देवी ऋषिकेश में के किये जा रहे अवैध बहुमंजिले व्यवसायिक निर्माण पर कार्यवाही करते हुये सीलिंग की कार्यवाही की गयी।

10. जय प्रकाश भद्री द्वारा मनषा देवी ऋषिकेश में किये जा रहे अवैध बहुमंजिले व्यवसायिक निर्माण पर कार्यवाही करते हुये निर्माण पर सीलिंग की कार्यवाही की गयी। उक्त कार्यवाही में पाधिकरण सहायक अभि0 अभिषेक भाद्वाज,सुरजीत रावत, विजय रावत व प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम और पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा।

प्लॉट या भवन को खरीदने से पहले उसकी वैधता अवश्य जांच लें- बंशीधर तिवारी
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लॉटिंग किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि लगातार मिल रही शिकायतों और निगरानी के आधार पर यह विशेष अभियान चलाया गया है। तिवारी ने कहा कि अवैध रूप से जमीन की खरीद-फरोख्त और बिना नक्शा पास कराए निर्माण करना कानूनन अपराध है और इसमें लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जनता से अपील की कि किसी भी प्लॉट या भवन को खरीदने से पहले उसकी वैधता अवश्य जांच लें, ताकि भविष्य में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।

नियमों के विपरीत निर्माण करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा- मोहन सिंह बर्निया
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम लगातार क्षेत्र में निगरानी बनाए हुए है और जहां भी अवैध निर्माण की सूचना मिलती है, तत्काल कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि नियमों के विपरीत निर्माण करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। बर्निया ने बताया कि आने वाले दिनों में भी ऐसे अभियानों को और तेज किया जाएगा, ताकि नियोजित विकास सुनिश्चित हो सके।


स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के सम्मान और उनके परिजनों की समस्याओं के निराकरण हेतु हुई अहम बैठक

डीएम ने स्मारकों के संरक्षण और परिजनों की समस्याओं के त्वरित समाधान के दिए निर्देश

पौड़ी। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के सम्मान और उनके परिजनों की समस्याओं के निराकरण हेतु आज जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में एनआईसी कक्ष में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का त्याग देश की धरोहर है, अतः उनके स्मारकों का रखरखाव और उनके परिवारों को दी जाने वाली सुविधाओं में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

​बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने पीडी डीआरडीए को जनपद के समस्त स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्मारकों और शिलापट्टों की स्थिति का भौतिक सत्यापन कर उनके व्यवस्थित रखरखाव के निर्देश दिए। उन्होंने शहीद भवानी सिंह रावत पार्क के सौंदर्यीकरण हेतु उपजिलाधिकारी कोटद्वार एवं पीडी डीआरडीए को तत्काल एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने को कहा। इसके साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में खंड विकास अधिकारियों और नगरीय क्षेत्रों में नगर निकायों को जिम्मेदारी दी गई कि वे अपने कार्यक्षेत्र के स्मारकों की मरम्मत सुनिश्चित करें और जिन शिलापट्टों पर सेनानियों के नाम अंकित नहीं हैं, उन्हें तत्काल चिन्हित कर नाम अंकित कराएं।

​परिजनों को मिलने वाली सुविधाओं के संबंध में जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी और सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि सेनानी परिवारों हेतु उपलब्ध स्वास्थ्य एवं अन्य सरकारी लाभों की जानकारी पोस्टरों के माध्यम से सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा की जाए। उन्होंने तहसील ऑपरेटरों को डिजिटल प्रमाण पत्रों के निर्गत करने में आ रही तकनीकी बाधाओं को दूर करने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि सभी राष्ट्रीय दिवसों और महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में सेनानी परिजनों को ससम्मान आमंत्रित किया जाए और इसकी सूचना उन्हें समय पूर्व दी जाए।

​प्रशासनिक जवाबदेही तय करते हुए जिलाधिकारी ने जनपद के समस्त उपजिलाधिकारियों को प्रत्येक तीन माह में अनिवार्य रूप से स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन के पदाधिकारियों के साथ बैठक करने के निर्देश दिए। उन्होंने मोटर मार्गों और विद्यालयों के नामकरण से संबंधित लंबित आवेदनों और आपत्तियों का समयबद्ध निस्तारण करने पर भी बल दिया।

​इस अवसर पर संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शिव मोहन शुक्ला, अधिशासी अभियंता लोनिवि विवेक सेमवाल, ईडीएम सचिन भट्ट सहित संगठन के अध्यक्ष यशपाल सिंह रावत, प्रांतीय संयुक्त सचिव बृजमोहन जोशी एवं अन्य विभागीय अधिकारी व पदाधिकारी उपस्थित रहे।


मुख्यमंत्री धामी ने ‘वन क्लिक’ से 7.56 लाख पेंशनर्स को जारी की धनराशि

अप्रैल माह की पेंशन के रूप में 111.82 करोड़ रुपये सीधे लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने, बुधवार को समाज कल्याण विभाग के पेंशनर्स को वन क्लिक के माध्यम से अप्रैल माह की पेंशन का भुगतान किया। जिसमें शत प्रतिशत राज्य पोषित योजनाओं के 756682 पेंशनर्स को कुल 111 करोड़ 82 लाख 52 हजार रुपए की धनराशि जारी की गई, इसमें वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग, किसान, परित्यक्ता, भरण पोषण अनुदान, तीलू रौतेली और बौना पेंशन शामिल है।

सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा सरकार अंत्योदय के लिए समर्पित है, इसलिए सरकार आर्थिक- सामाजिक रूप से कमजोर वर्ग के सशक्तिकरण पर विशेष जोर दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जरूरतमंद और पात्र व्यक्ति को समाज कल्याण विभाग की पेंशन का लाभ दिलाने के लिए लगातार कैम्प आयोजित किए जा रहे हैं, जिसके फलस्वरूप अब प्रत्येक वर्ष 60 हजार से अधिक नए लोग समाज कल्याण की पेंशन से जुड़ रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगे भी इस तरह के बहुउददेशीय कैम्प आयोजित किए जाएं। साथ ही प्रत्येक वर्ष 59 वर्ष की आयु पूरे करने वाले लोगों के बीच सर्वे कर पात्र लाभार्थियों के आवेदन पत्र सहित अन्य औपचारिकताएं पूरी कर लें, ताकि 60 साल की उम्र पूरी होते ही उन्हें योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक लोगों को योजनाओं का लाभ मिले, इसके लिए वार्षिक आय को व्यावहारिक बनाया जाए, साथ ही पेंशन योजनाओं सहित विभाग की अन्य योजनाओं की जानकारी एक जगह पर उपलब्ध कराने को कहा।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को नवाचार अपनाने के लिए निर्देश देते हुए कहा कि, विभाग समाज कल्याण के क्षेत्र में कुछ बेस्ट प्रैक्टिस कर अन्य विभागों के साथ भी साझा करें। साथ ही कॉल सेंटर के माध्यम से बुजुर्गों और पेंशनर्स से संवाद भी करें।

इस मौके पर विभागीय मंत्री खजान दास ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में विभाग, प्रत्येक जरूरतमंद का ख्याल रख रहा है। उन्होंने कहा कि पेंशन योजनाओं में पूरी तरह पारदर्शिता बरती जा रही है।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, सचिव शैलेश बगौली, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, निदेशक समाज कल्याण डॉ. संदीप तिवारी, अपर सचिव समाज कल्याण प्रकाश चंद्र एवं समाज कल्याण विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद थे।


कृषि मंत्री गणेश जोशी प्रमुख चाय उत्पादक राज्य असम के 5 दिवसीय भ्रमण पर हुए रवाना

उत्तराखंड में चाय उत्पादन बढ़ाने को लेकर असम के बागानों का करेंगे अध्ययन

देहरादून। प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी राज्य में चाय उत्पादन के विस्तार एवं बेहतर विपणन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से देश के प्रमुख चाय उत्पादक राज्य असम के 5 दिवसीय भ्रमण पर रवाना हुए।

इस दौरान कृषि मंत्री गणेश जोशी असम के प्रमुख चाय बागानों का दौरा कर उत्पादन क्षमता, प्रसंस्करण एवं विपणन प्रणाली का विस्तृत अध्ययन करेंगे। भ्रमण कार्यक्रम के अंतर्गत वे स्थानीय चाय उत्पादकों, निर्यातकों तथा विशेषज्ञों के साथ बैठक कर उत्तराखण्ड में चाय की गुणवत्ता सुधार एवं विपणन को सशक्त बनाने के लिए सुझाव प्राप्त करेंगे। भ्रमण के दौरान कृषि मंत्री असम की आधुनिक चाय फैक्ट्रियों का निरीक्षण कर वहां अपनाई जा रही नवीनतम तकनीकों का अवलोकन करेंगे तथा फैक्ट्री स्वामियों के साथ संवाद कर उत्तराखण्ड में तकनीकी उन्नयन की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे।

इस भ्रमणदल में उत्तराखण्ड से कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल, सल्ट विधायक महेश जीना, चाय बोर्ड के उपाध्यक्ष महेश्वर सिंह महरा, कृषि सचिव डा0 एस0एन0 पाण्डेय, चाय विकास बोर्ड के निदेशक महेन्द्र पाल तथा चाय उत्पादक किसान बंसत जोशी शामिल हैं।


“ऑपरेशन प्रहार” के तहत जुआरियों पर दून पुलिस की सर्जिकल स्ट्राइक

निजी अपार्टमेंट में चल रहे लाखों के जुए के खेल का पुलिस ने किया भंडाफोड़, 18 जुआरियों को किया गिरफ्तार

देहरादून। देहरादून में चल रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए कोतवाली नगर क्षेत्र में एक हाईप्रोफाइल जुआ रैकेट का भंडाफोड़ किया गया है। देर रात की गई इस कार्रवाई में 18 लोगों को मौके से गिरफ्तार किया गया, जबकि भारी मात्रा में नकदी और जुआ खेलने का सामान भी बरामद हुआ है।

पुलिस को गोपनीय सूचना मिली थी कि सहारनपुर चौक स्थित महावीर अपार्टमेंट के एक फ्लैट में बड़े स्तर पर अवैध जुआ संचालित किया जा रहा है। सूचना के आधार पर क्षेत्राधिकारी नगर के नेतृत्व में टीम गठित की गई और 5-6 मई की देर रात फ्लैट पर दबिश दी गई। छापेमारी के दौरान तीसरी मंजिल पर चल रहे जुए के अड्डे का खुलासा हुआ, जहां कई लोग ताश और डाइस के जरिए जुआ खेलते पकड़े गए।

पुलिस ने मौके से 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से 3 लाख 10 हजार 600 रुपये नकद, चार गड्डी ताश (208 पत्ते) और 20 डाइस बरामद किए गए हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ कोतवाली नगर थाने में जुआ अधिनियम की धारा 3/4/5 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

पूछताछ में सामने आया कि यह फ्लैट रोशन लाल बंसल का है, जो यहां जुआ खिलवाने के साथ खुद भी इसमें शामिल रहता था। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच कर रही है।

गिरफ्तार आरोपियों में राकेश उर्फ तिनका, रोशन लाल बंसल, सुजल, निक्कू कुमार, सन्नी पासवान, प्रीतम, सुनील, इंतजार, सौरभ जायसवाल, विकास कुमार, अरुण कुमार, मुकेश, वाजिद खान, सूरज पासवान, सुबोध पासवान, दिलबर, हरीश और कादिर शामिल हैं, जो देहरादून के विभिन्न क्षेत्रों के निवासी बताए जा रहे हैं।


कांवली रोड पर तेज रफ्तार डंपर की चपेट में आने से मजदूर की मौत

चालक फरार, आक्रोशित भीड़ ने किया जमकर हंगामा 

देहरादून। राजधानी के कांवली रोड पर बुधवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में 50 वर्षीय मजदूर की मौत हो गई। तेज रफ्तार डंपर ने पैदल जा रहे व्यक्ति को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया।

जानकारी के मुताबिक कांवली रोड निवासी सकल देव साहनी सुबह दिहाड़ी मजदूरी के लिए घर से निकले थे। इसी दौरान रेत से भरे तेज रफ्तार डंपर ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया।

हादसे की खबर मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए और आक्रोशित भीड़ ने जमकर हंगामा किया। लोगों ने पुलिस को शव उठाने से रोक दिया और सड़क पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। गुस्साए लोगों ने आसपास लगे पोस्टर और बैनर भी फाड़ दिए।

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि कांवली रोड पर सुबह के समय तेज रफ्तार डंपरों का संचालन लगातार जारी रहता है, लेकिन प्रशासन इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं करता। उन्होंने मृतक के परिजनों को मुआवजा देने और आरोपी चालक की जल्द गिरफ्तारी की मांग की।

सूचना मिलते ही नगर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को शांत कराने का प्रयास किया। कोतवाली प्रभारी हरिओम चौहान ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और फरार चालक की तलाश के लिए आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस ने जल्द आरोपी को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया है।


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